Home Blog Page 2305

विराट का तूफ़ान, T20 विश्व कप के मैच में भारत से हारा पाकिस्तान: मेलबर्न में भारत का शानदार आगाज़, दिवाली से पहले कोहली की आतिशी पारी

मेलबर्न में T20 विश्व कप के पहले मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 4 विकेट से मात दे दी। विराट कोहली ने 53 गेंदों में 4 छक्कों और 6 चौकों की मदद से 82 रन बनाए, जबकि हार्दिक पंड्या ने 37 गेंदों पर 2 छक्कों और 1 चौके की मदद से 40 रनों की पारी खेली। भारत को जीत के लिए अंतिम ओवर में 16 रन चाहिए थे। अंतिम ओवर की पहली ही गेंद पर हार्दिक पंड्या आउट हो गए, जिसके बाद विकेटकीपर दिनेश कार्तिक को उतरना पड़ा। हालाँकि, जब 2 गेंदों पर 2 रन चाहिए थे तब वो स्टंप आउट हो गए। फिर रविचंद्रन आश्विन स्ट्राइक पर आए।

पाकिस्तानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और दूसरे ही ओवर में अर्शदीप सिंह ने कप्तान बाबर आजम को चलता किया। मध्य प्रदेश के गुना में जन्मे अर्शदीप सिंह घरेलू क्रिकेट में पंजाब की तरफ से खेलते रहे हैं। चौथे ओवर में उन्होंने सलामी बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को भी चलता किया। हालाँकि, इफ्तिखार अहमद ने इसके बाद पारी को संभाल लिया और 34 गेंदों में 4 छक्कों और 2 चौकों की मदद से 51 रनों की अर्धशतकीय पारी खेल डाली।

गुजरात के लेफ्ट एआरएम ऑर्थोडॉक्स स्पिनर अक्षर पटेल मैच में जब अपना एकमात्र ओवर लेकर आए तो 12वें ओवर में उन्हें 21 रन लगे। ये सभी रन इफ्तिखार ने ही मारे। लेकिन, 13वें ओवर में मोहम्मद शमी ने उन्हें चलता किया। 14वें ओवर में हार्दिक पंड्या का कमाल चला। उन्होंने शादाब खान और हैदर अली के रूप में 2 बल्लेबाजों को पवेलियन वापस भेजा। 16वें ओवर में उन्होंने मोहम्मद नवाज को आउट किया। इसके बाद अर्शदीप सिंह ने आसिफ अली को वापस भेजा।

हालाँकि, तीसरे नंबर पर उतरे शान मसूद ने एक तरफ से मोर्चा संभाले रखा और पाकिस्तान को 159 के स्कोर तक पहुँचाया। अंत में शाहीन अफरीदी ने 8 गेंदों पर 16 रनों की पारी खेल कर उनका साथ दिया। जवाब में इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज केएल राहुल मात्र 4 रन बना कर नसीम शाह की गेंद पर चलते बने। रोहित शर्मा ने भी इतने ही रन बनाए और चौथे ओवर में हैरिस रउफ का शिकार बने।

भारतीय टीम की पारी शुरू से ही लड़खड़ाती हुई नजर आई और सूर्यकुमार यादव भी कोई कमाल नहीं दिखा सके। 10 गेंदों पर 15 रन बना कर वो राउफ का ही शिकार बने। अक्षय पटेल को चौथे नंबर पर उतारने का एक्सपेरिमेंट काम नहीं आया और वो 2 रन पर ही रन आउट हो गए। इसके बाद हार्दिक पंड्या ने विराट कोहली के साथ मिल कर पारी को संभाला।

‘संकल्प है मेरा… कभी कोई परेशानी नहीं आने दूँगा’ : कोरोना काल में जो बच्चे हुए अनाथ, उनके ‘मामा’ बन झूमे CM चौहान, डांस देख लोगों ने कहा- आपके होते कौन अकेला

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार (23 अक्टूबर 2022) को कोरोना महामारी के दौरान अनाथ बच्चों के साथ दीवाली मनाई है। सीएम चौहान के साथ उनकी पत्नी साधना चौहान भी थीं। इस मौके पर शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी ने बच्चों के साथ जमकर डांस किया। साथ ही, बच्चों को सीएम बाल आशीर्वाद योजना के तहत 5-5 हजार रुपए के चेक भी सौंपे हैं।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित मुख्यमंत्री आवास में आयोजित दीवाली के इस रंगारंग कार्यक्रम में सीएम शिवराज ने बच्चों के साथ दीवाली मनाकर उनका हौसला बढ़ाया है। इस मौके पर, सीएम शिवराज ने बच्चों से कहा है कि मामा का घर मस्ती करने के लिए होता है। इसलिए, खूब मस्ती करो और दीवाली मनाओ। किसी भी बच्चे को निराश होने और चिंता करने की जरूरत नहीं हैं।

कोविड-19 के कारण अनाथ हो चुके बच्चों के साथ दीवाली मनाते हुए मुख्यमंत्री ने ‘नदिया चले-चले रे धारा, तुझको चलना होगा…’ गाना भी गाया। उनके गाने पर बच्चे झूम रहे थे। बच्चों को नाचता देख वह खुद भी मंच से उतरकर नीचे आ गए और उनके साथ डांस करने लगे। इसके बाद, उन्होंने अपनी पत्नी साधना सिंह चौहान को भी बुला लिया और वह भी नाचती हुई दिखाई दीं।

खुद को मध्य प्रदेश के प्रत्येक बच्चे का मामा बताने वाले सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इस कार्यक्रम का वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, “किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार, किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार जीना इसी का नाम है। मैंने संकल्प लिया है कि इन बच्चों के जीवन में कभी भी कोई परेशानी नहीं आने दूँगा। यह मामा व पूरे मध्यप्रदेश की जिम्मेदारी है। मेरे बच्चों, तुम्हारी हर जरूरत तुम्हारा मामा पूरी करेगा।”

यही नहीं, इस कार्यक्रम के दौरान, सीएम शिवराज ने अधिकारियों को कोविड में अनाथ बच्चों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इन व्हाट्सएप ग्रुप में ही ये बच्चे अपनी समस्या बताएँगे। साथ ही, सीएम ने अनाथ बच्चों के लिए साल में एक बार खेल ओर सांस्कृति कार्यक्रम की प्रतियोगिता आयोजन करने का भी ऐलान किया है।

अनाथ बच्चों के साथ दीवाली मनाने को लेकर ट्विटर यूजर्स ने सीएम शिवराज सिंह चौहान की तारीफ की है। मोनू सिंह राठौर नामक यूजर ने लिखा “अनाथ बच्चों के साथ खुशियाँ इस प्रकार बाँटी जाती हैं। यह मामा जी का राज है। तुम सुखपूर्वक, आनंद के साथ अपना जीवन सुगमता से व्यतीत करो, यही तुम्हारे मामा शिवराज का संकल्प है।”

बृजेश जैन नामक यूजर ने लिखा “सीएम शिवराज सिंह चौहान का डांस देखिए। बच्चों के साथ मस्ती भरा डांस करते हुए मामा सीएम।”

वहीं, आकाश चंद साहू नामक यूजर ने ट्वीट कर कहा “मुझे लगता है आज मामा श्री दिल से हँसे हैं। बहुत बहुत धन्यवाद मामा श्री शिवराज सिंह चौहान जी।”

विकास सिंह राजपूत नामक यूजर ने ट्विटर पर लिखा “मामा के होते भला कौन अकेला है। बहुत सराहनीय, शिवराज सिंह चौहान जी।”

पहले Meta.. फिर Tek Fog: भारी फजीहत के बाद द वायर ने पोर्टल से हटाईं झूठी और मनगढ़ंत रिपोर्ट, सफाई में कहा- जाँच अब भी जारी है

वामपंथी मीडिया पोर्टल द वायर ने अपनी साइट से मेटा और टेक फॉग पर फैलाई झूठी रिपोर्टों को वापस ले लिया है। मेटा को लेकर फर्जी दावे करने पर पिछले दिनों द वायर की खूब फजीहत हुई थी। इसके बाद उन्होंने आंतरिक समीक्षा करने का निर्णय लिया और अंत में रिपोर्ट्स की सीरीज को रोकते हुए इन्हें वापस ले लिया।

द वायर द्वारा इन रिपोर्ट्स को वापस लेने का मतलब यह है कि उसने स्वीकार कर लिया है कि जो दावे किए गए थे उसको साबित करने के लिए उसके पास कोई सबूत नहीं है। साथ ही, यह भी कि ‘मेटा वर्सेज द वायर’ मामला पूरी तरह से झूठा और मनगढ़ंत था।

द वायर का कहना है कि इस मामले की ‘जाँच’ अभी भी जारी है। इस जाँच में उन्होंने पाया कि वे अपनी ‘रिपोर्टिंग टीम’ द्वारा उपयोग किए गए सोर्स का वेरिफिकेशन करने में असमर्थ हैं। द वायर ने कहा कि उपयोग किए गए कंटेंट में सब कुछ सामान्य नहीं था। इसमें, उसके रिसचर्स द्वारा मेटा के एंडी स्टोन और माइक्रोसॉफ्ट के उज्ज्वल कुमार द्वारा कथित रूप से भेजे गए ईमेल का वेरिफिकेशन न कर पाना भी शामिल है।

द वायर ने इन ‘ईमेल्स’ के आधार पर कई रिपोर्ट्स की थीं। द वायर ने मेटा अधिकारी के कथित ईमेल से यह साबित करने की कोशिश की थी कि अमित मालवीय इंस्टाग्राम को लेकर मेटा से कहीं अधिक पॉवरफुल हैं और द वायर की ‘स्टोरी’ 100 फीसदी सच है। यही नहीं, माइक्रोसॉफ्ट के अधिकारी के कथित ईमेल ने से यह वेरिफिकेशन किया गया था कि पहला ईमेल वेरिफाई है। हालाँकि, मेटा के एंडी स्टोन और माइक्रोसॉफ्ट के उज्जवल कुमार दोनों ने ही ईमेल लिखने की बात से इनकार कर दिया और कहा कि द वायर की पूरी कहानी मनगढ़ंत है।

तमाम फर्जी दावे करने के बाद अब द वायर ने कहा है कि चूँकि, इन दोनों व्यक्तियों ने इस तरह के ईमेल का स्पष्ट रूप से खंडन किया है, इसलिए अब इससे जुड़ी रिपोर्ट्स को वापस लेना उचित है। वामपंथी पोर्टल द वायर ने यह भी कहा है “अभी भी पूरे मामले की समीक्षा कर रहे हैं। जिसमें यह संभावना भी शामिल है कि जानबूझकर द वायर को गलत सूचना देने या धोखा देने की कोशिश की गई थी।”

द वायर ने एक अन्य सिक्योरिटी एक्सपर्ट के एक ईमेल का उपयोग करते हए दावा किया था कि उन्होंने मेटा के ईमेल को वेरिफाई किया था। हालाँकि, बाद में कनिष्क करण नामक सिक्योरिटी एक्सपर्ट ने कहा था कि उन्होंने ऐसे ईमेल नहीं भेजे थे और यह सब मनगढ़ंत है। द वायर की स्टोरी में भी कनिष्क करण का नाम नहीं है।

द वायर ने कहा, “संपादकीय पर्यवेक्षण में चूक के साथ-साथ संपादकों की जिम्मेदारियों की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि सोर्स के आधार पर होने वाली सभी प्रकार की रिपोर्टिंग की पुष्टता प्रमाणित करने के लिए ज़रूरी प्रक्रियाओं को लागू किया जा सके।”

दिलचस्प बात यह है कि द वायर अब अपनी ‘रिपोर्टिंग टीम’ को फर्जी रिपोर्ट्स के लिए जिम्मेदार ठहरा रहा है। जबकि वास्तविकता यह है कि इसके संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन को कुछ स्टोरीज में सह-लेखक के रूप में दिखाया गया था। यानी कि संपादक भी ‘रिपोर्टिंग टीम’ का हिस्सा थे।

द वायर ने यह भी कहा “यह हमारे मेटा कवरेज में शामिल तकनीकी टीम द्वारा की गई पिछली रिपोर्टिंग की गहन समीक्षा भी करेगा। साथ ही उस प्रक्रिया के पूरा होने तक रिपोर्ट्स को पब्लिक डोमेन से हटा दिया जाएगा।” 

याद दिला दें कि सोशल मीडिया में हेरफेर करने को लेकर भाजपा की क्षमता के बारे में इसी तरह के अजीबोगरीब दावों वाली एक और स्टोरी ‘टेक फॉग’ इस साल की शुरुआत में पब्लिश की गई थी जिनके ऊपर भी द वायर ने एक्शन लिया है।

टेक फॉग एप के नाम पर झूठ

दिलचस्प बात ये है कि मेटा और टेकफॉग- दोनों ही स्टोरीज पर देवेश कुमार ‘प्राइमरी टेक्निकल एक्सपर्ट’ थे। इन दोनों स्टोरीज पर एक जैसे दावे और एक जैसी ही खामियां सामने आई। द वायर ने दावा किया था कि ‘टेक फॉग’ नाम का रहस्यमयी ऐप बीजेपी को ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्सएप आदि जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सभी सुरक्षा उपायों को दरकिनार करने की अनुमति देता है। साथ ही यह ऐप एक क्लिक से दर्जनों अकाउंट्स बना और हटा सकता है। द वायर ने दावा किया कि बीजेपी सोशल मीडिया ट्रेंड को हाईजैक कर सकती है और ऐप का इस्तेमाल करने वाले पत्रकारों को भी टारगेट किया जा सकता है।

नेटिज़न्स ने मेटा स्टोरी की तरह ‘टेक फॉग’ स्टोरी में भी बड़े पैमाने पर खामियों को उजागर किया था। वह स्टोरी भी पूरी तरह से तथाकथित ऐप के ‘स्क्रीनशॉट’ पर निर्भर थी। ‘टेक फॉग’ स्टोरी में भी द वायर के पास कोई भी पुख्ता सबूत नहीं थे। मेटा स्टोरी की ही तरह, टेक फॉग स्टोरी पर भी कई टेक्निकल एक्सपर्ट्स ने सवाल उठाए थे।

द वायर ने मेटा पर स्टोरीज को हटाने के बाद अपनी टेक फॉग से जुड़ी तीन स्टोरीज को भी साइट से हटा लिया है। हालाँकि ऐप को लेकर बनाई वीडियो अब भी द वायर पर है। इस वीडियो में सोफी झांग, बिली पेरिगो, रॉबर्ट बैप्टिस्ट, तरुणिमा, प्रभाकर वी आनंद और सागरिका घोष शामिल थे।

टेक फॉग और मेटा दोनों झूठ पर आधारित रिपोर्ट

उल्लेखनीय है कि द वायर ने ‘मेटा’ और ‘टेक फॉग’ दोनों स्टोरीज में समान झूठ फैलाते हुए बीजेपी को बदनाम करने की कोशिश की। वहीं, मेटा जैसी दिग्गज कंपनी की भी निंदा करते हुए माइक्रोसॉफ्ट तक को इस मामले में घसीट लाए थे। जिसके बाद, द वायर के फर्जी ‘सबूतों’ की गहनता से जाँच हुई।  वहीं टेक फॉग में उन्होंने बीजेपी के साथ ही भारतीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शेयरचैट बदनाम किया था। मेटा स्टोरी के सामने आने के बाद शेयरचैट ने पहले ही द वायर से टेक फॉग स्टोरी को हटाने का आग्रह किया था।

दिवाली पर देश में खतरा बन छाया ‘सितरंग’, बंगाल और ओडिशा में अलर्ट जारी: बिहार-झारखंड में भी होगा असर, बंगाल की खाड़ी से बढ़ रहा चक्रवात

मौसम विभाग ने चक्रवात सितरंग के कारण अगले 12 घंटों में बंगाल, ओडिशा सहित कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तेज आँधी और तूफान आ सकता है। चक्रवाती तूफान के कारण धन-जन की होने वाली हानि को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।

इस दौरान 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चल सकती हैं। साल 2018 में बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवाती तूफान ‘तितली’ के बाद यह पहला तूफान है। इसलिए ओडिशा, बंगाल और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों को विशेष रूप से सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी में बना दबाव उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है। दबाव का केंद्र पोर्ट ब्लेयर से लगभग 580 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम, सागर द्वीप से 700 किलोमीटर दक्षिण में और बारिसल (बांग्लादेश) से 830 किलोमीटर दक्षिण में था।

इसके कारण बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और त्रिपुरा में भारी बारिश के साथ तेज हवाएँ चलने की आशंका जाहिर की गई है। IMD ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे मध्य बंगाल की खाड़ी के गहरे समुद्र क्षेत्र में न जाएँ।

IMD ने कहा है, “साइक्लोन सितरंग का केंद्र निम्न दबाव वाले क्षेत्र बंगाल की पूर्व-मध्य खाड़ी से सटे दक्षिण-पूर्व में है। यह 23 अक्टूबर की सुबह तक पूर्व-मध्य और इससे सटे बंगाल की दक्षिण-पूर्वी खाड़ी पर बड़ा असर डाल सकता है। 24 अक्टूबर की सुबह तक सितरंग के धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने और बंगाल की मध्य खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में तेज होने की संभावना है।”

क्या होता है चक्रवात

साइक्लोन शब्द ग्रीक भाषा के साइक्लोस (Cyclos) से बना है। इसका अर्थ होता है साँप की कुंडली। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में ट्रॉपिकल साइक्लोन (उष्णकटिबंधीय आँधी) समुद्र में कुंडली मारे साँप की तरह दिखाई देते हैं। 62 किमी/घंटे तक वाले ट्रॉपिकल स्टॉर्म कहलाते हैं। यदि हवा की रफ्तार 120 किमी/घंटे पहुँच जाती है तो ये चक्रवात बन जाते हैं।

चक्रवात समुद्र में कम दबाव के बाद बनते हैं और गर्म होकर ऊपर उठते हुए गोलाकार घुमते हुए एक घेरा बनाते हुए आगे बढ़ते हैं। जब ये चक्रवात जमीन पर पहुँचते हैं तो अपने तेज हवाओं के साथ भारी बारिश लेकर आते हैं। चक्रवात के रास्ते में आने वाले पेड़-पौधे, जीव-जंतु और घरों तक को तबाही का सामना करना पड़ता है।

स्टॉर्म को साइक्लोन, हरिकेन और टाइफून एक ही होते हैं और इन्हें ट्रॉपिकल साइक्लोन भी कहा जाता है। अटलांटिक और उत्तर-पश्चिम महासागरों में बनने वाले साइक्लोन हरिकेन कहलाते हैं। उत्तर-पश्चिम प्रशांत महासागर के साइक्लोन को टाइफून कहा जाता है।

दक्षिण प्रशांत महासागर और हिंद महासागर में उठने वाले तूफान साइक्लोन कहलाते हैं। इसी वजह से भारत के आसपास के इलाकों में आने वाले समुद्री तूफान साइक्लोन कहलाते हैं। वहीं, समुद्र के बजाय धरती पर बनने वाले चक्रवात को टॉरनेडो कहा जाता है और यह सबसे ज्यादा अमेरिका में आते हैं।

कैसे रखे जाते हैं नाम

दुनिया भर में साइक्लोन के नाम 18वीं सदी तक कैथोलिक संतों के नाम पर रखने का रिवाज। था। उसके बाद 19वीं सदी में महिलाओं के नाम पर भी इसके नाम रखे जाने लगे। इसके बाद 1979 से साइक्लोन के नाम में पुरुषों के नाम को भी जोड़ा गया।

साल 2000 से विश्व मौसम संगठन (WMO) और यूनाइटेड नेशंस इकोनॉमिक एंड सोशल कमीशन फॉर द एशिया पैसिफिक (ESCAP) ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र के तूफानों के नामकरण का एक तरीका निकाला। साइक्लोन के नाम रखने का काम दुनिया भर में मौजूद 6 रीजनल स्पेशलाइज्ड मेट्रोलॉजिकल सेंटर्स (RSMCS) और 5 ट्रॉपिकल साइक्लोन वॉर्निंग सेंटर्स (TCWCS) करते हैं।

6 रीजनल स्पेशलाइज्ड मेट्रोलॉजिकल सेंटर्स (RSMCS) में भारतीय मौसम विभाग (IMD) भी शामिल है। IMD इस रीजन के बंगाली की खाड़ी और हिंद महासागर में आने वाले चक्रवात से संबंधित एडवायजरी 13 देशों को जारी करता है।

हिंद महासागर के इलाके में आने वाले चक्रवात के नामकरण को लेकर साल 2004 में बने फॉर्मूले के तहत इलाकों में आने वाले साइक्लोन के नाम रखने के फॉर्मूले पर 2004 में सहमति बनी थी। इसके तहत हर साल साइक्लोन के नाम वर्णानुक्रम के तहत आने वाले देश तय करेंगे। एक नाम का दोबारा इस्तेमाल कम से कम 6 साल बाद ही हो सकता है।

आने वाले साइक्लोन का नाम सितरंग थाईलैंड ने तय किया है। इसके बाद UAE और उसके बाद यमन करेगा। इस रीजनल में जो 13 देश शामिल हैं, उनके नाम हैं- भारत, बांग्लादेश, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका थाईलैंड, ईरान, कतर, सऊदी अरब, यूएई और यमन।

साल 1970 में आए साइक्लोन का नाम भारत ने भोला रखा था। यह अब तक के सबसे खतरनाक चक्रवातों में से एक माना जाता है। कहा जाता है कि इस दौरान 3 लाख से 5 लाख लोगों की मौत हुई थी। बता दें कि जिन चक्रवातों की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक होती है, सिर्फ उन्हीं का नामकरण किया जाता है।

‘अल्लाह की लानत हो तुम पर’ : धनतेरस पर रुबिका लियाकत की तस्वीरें देख भड़के कट्टरपंथी, बोले- इससे बढ़िया किसी के घर के बर्तन साफ कर

धनतेरस का त्योहार मनाने के कारण एबीपी की एंकर रुबिका लियाकत को एक बार फिर कट्टरपंथी गाली दे रहे हैं। कट्टरपंथियों की परेशानी यही है कि आखिर रुबिका ने मुसलमान होकर हिंदू त्योहार को क्यों मनाया।

दरअसल 23 अक्टूबर 2022 को रुबिका ने अपने ट्विटर पर कुछ तस्वीरों को पोस्ट किया, जिसमें वो बर्तन खरीदते दिख रही थीं। रुबिका ने अपने अपने ट्वीट में लिखा था, “रामलला ने बुलाया और हम हाज़िर… धनतेरस पर अयोध्या में हुई बर्तनों की खरीदारी.. पहले माँ फ़ोन कर याद दिलाती थी इस बार बहन अंजुम लियाकत ने कहा- कोई धातु जरूर खरीदना।”

रुबिका का यही ट्वीट देख कई कट्टरपंथी भड़क उठे। अलीफा तौसीफ ने लिखा, “डिस्काउंट में बर्तन खरीदना था तो खरीद लेती! इतना ड्रामा करने की जरूरत क्या थी।”

मोहम्मद अली सिद्दीकी ने लिखा, “कितना मिलता होगा खुश करने के लिए।”

जमीर शेख ने लिखा, “कभी मुस्लिम बन जाती हो तो कभी हिंदू बन जाती हो, ये चल क्या रहा है।”

राशिद हाशमी कहते हैं, “अल्लाह की लानत हो तुम पर, नौकरी के लिए इमान को खराब करना सही है क्या?”

सफर ने कहा, “दलाली का जरूर थोड़ा बहुत फायदा तो मिला होगा आपको।”

हबीब ने लिखा, “कितनी लाचार होगी तुम ये सब करना पड़ रहा है। इससे अच्छा तुम घर पर किसी के बर्तन साफ करलो पर ऐसे गुलामी ठीक नहीं है।”

बता दें कि रुबिका लियाकत को मिलने वाली ऑनलाइन गालियाँ कोई नई नहीं है। उन्होंने जब जब हिंदू त्योहारों को लेकर अपनी राय रखी, तब हर बार उन्हें ऐसी ही ट्रोल किया गया। उनकी तरह अन्य हस्तियाँ भी हिंदू त्योहारों को मनाने की वजह से कट्टरपंथियों के निशाने पर रहते हैं।

‘वो सिर्फ मेरा प्यार चाहती थी’: जैकलीन को बचाने के लिए महाठग ने जेल से लिखा पत्र, कहा – उसे जबरन फँसाया जा रहा, उसे निर्दोष साबित करवाऊँगा

महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने 200 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस का बचाव करने के लिए दिल्ली के जेल से ही एक पत्र जारी किया है। इस मामले की जाँच ED (प्रवर्तन निदेशालय) कर रहा है। महाठग का कहना है कि इस पूरी घटना में जैकलीन फर्नांडिस का कोई किरदार नहीं है। उसने अपने वकील को पत्र में लिखा कि सभी वित्तीय लेनदेन, जिनमें गिफ्ट्स और कार भी शामिल हैं, वो इसीलिए दिए गए थे क्योंकि वो दोनों रिलेशनशिप में थे।

उसने दावा किया कि ‘RanBaxy’ कंपनी के पूर्व मालिक को जेल से छुड़ाने के लिए लॉबिंग के लिए उसे 200 करोड़ रुपए दिए गए थे। उसने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के इस केस में जैकलीन फर्नांडिस को फँसाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उसने कहा कि वो पहले भी बता चुका है कि दोनों रिलेशनशिप में थे और उसने अभिनेत्री को फैमिली गिफ्ट्स दिए। उसने पूछा कि उन लोगों की गलती क्या है? उसने कहा, “जैकलीन सिर्फ मेरा प्यार चाहती थीं, वो चाहती थीं कि मैं हमेशा उनके लिए खड़ा रहूँ।”

सुकेश चंद्रशेखर ने पत्र में लिखा, “जैकलीन फर्नांडिस और उनके परिवार पर खर्च किया गया एक-एक पैसा मेरी वैध तरीके से अर्जित की गई कमाई का हिस्सा था और अदालत की सुनवाई में ये बहुत जल्द साबित हो जाएगा।” सुकेश ने दावा किया कि उसका इंडोनेशिया में कोयला खदान कारोबार के साथ-साथ न्यूज़ चैनलों और होटलों में भी हिस्सेदारी थी, जिसे वो बेच चुका है। उसने आर्म्स और डिफेंस डील्स के लिए लॉबिंग की बात भी कबूली है।

सुकेश चन्द्रशेखर ने पत्र में लिखा है, “मुझे विश्वास है कि मैं एक दिन जैकलीन को वो सब कुछ लौटा दूँगा जो उसने खोया है, साथ ही उसे निर्दोष साबित करवाऊँगा। जो सब कुछ मेरे खिलाफ चल रहा है, वह सिर्फ एक राजनीतिक साजिश है। उसके और उसके परिवार की कोई गलती नहीं। उन्हें जबरदस्ती घसीटा जा रहा है। ED ने जैकलीन की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा है कि वह देश छोड़कर भागने की फिराक में थी। साथ ही जैकलीन ने कभी भी जाँच में सहयोग नहीं किया और सबूतों से छेड़छाड़ की है। कोर्ट ने जैकलीन की अंतरिम जमानत 10 नवंबर तक बढ़ा दी है।

‘कॉल पर निकालते थे गंदी आवाज’: सोना तस्करी वाली स्वप्ना सुरेश ने केरल के 3 पूर्व मंत्रियों पर लगाए संगीन इल्जाम, कहा- ‘मुझसे सेक्स के लिए कहते थे’

केरल के कुख्यात गोल्ड स्मगलिंग (Kerala Gold Smuggling) मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश (Swapna Suresh) ने राज्य के तीन वरिष्ठ माकपा नेताओं (CPM Leaders) पर यौन दुराचार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि माकपा के दो पूर्व मंत्रियों और एक पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने उनसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए कहा था।

स्वप्ना ने कहा कि माकपा नेता और पूर्व मंत्री कदकमपल्ली सुरेंद्रन और विधानसभा के पूर्व स्पीकर पी श्रीरामकृष्णन ने उनसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए कहा था। स्वप्ना ने यह भी कहा कि पूर्व वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने भी उनसे परोक्ष रूप में यही माँग की थी। स्वप्ना के इन आरोपों पर सत्ताधारी पार्टी की ओर से किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं आई है।

स्वप्ना ने टाइम्स नाऊ से बात कहते हुए कहा, “ये लोग बेहद नीच, असामाजिक और संस्कारहीन लोग हैं। संयुक्त अरब अमीरात के दूतावास में बेहद उच्च पद पर रहने के बावजूद इन लोगों ने शारीरिक संबंध बनाने की माँग की, क्योंकि ये सोचते थे कि ये बेहद ताकतवर लोग सोचते थे कि ये मंत्री हैं और सरकार में हैं तो कोई भी लड़की आसानी से तैयार हो जाएगी।”

सुरेंद्रन को लेकर स्वप्ना ने कहा, “कुमारापुरम के एक उद्घाटन समारोह में हमारी पहली मुलाकात हुई थी। अगले दिन सुबह-सुबह सीधा मंत्री जी ने अपने पर्सनल फोन से मुझे कॉल किया कि कहा कि वे सुरेंद्रन बोल रहे हैं और वे मंत्री हैं। उन्होंने दूतावास की बात की और फिर अपने बेटे को UAE में कहीं सेट करने के लिए कहा। इसके बाद फोन पर ही वे सेक्सुअल अडवांसमेंट की बात करने लगे और फोनो-सेक्स की तरह गंदी आवाजें निकालने लगे। इसके बाद मैंने फोन रख दिया।”

रामाकृष्णन को लेकर स्वप्ना ने बताया, “दूतावास में इफ्तार पार्टी के दौरान उनसे मुलाकात हुई थी। वे UAE के लिए वीसा आदि के बारे में जानकारी हासिल कर रहे थे। वे लगातार मुझे कॉल करते रहे। इसके बाद हम दोस्त बन गए, लेकिन वे अक्सर मुझे अपने सरकारी आवास पर बुलाते थे।”

स्वप्ना ने आगे बताया, “वे कहते थे कि अपने परिवार के साथ मेरे आवास पर आओ, मुझे कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन, उनके आने से 10 मिनट पहले अकेले आना, ताकि में तुम्हारे साथ कुछ क्वालिटी टाइम बीता सकूँ। वे बच्चों जैसी हरकतें और किसी कॉलेज स्टूडेेंट जैसा व्यवहार करते हुए मुझे आई लव यू का मैसेज और चुम्मा भेजते थे। एक दिन उन्होंने मुझे अपने फ्लैट पर बुलाया और मुझे इस्तेमाल करने की कोशिश की।”

स्वप्ना के नए आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। कॉन्ग्रेस और भाजपा ने वामपंथी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। केरल कॉन्ग्रेस के अध्यक्षके सुधाकरन और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने कहा कि इन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जाँच कराने की माँग की।

वहीं, भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि स्वप्ना सुरेश ने मीडिया के सामने जो खुलासे किए हैं, उन्हें कानूनी सबूत के तौर पर मान्यता देते हुए केरल सरकार आरोपित नेताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करे। हालाँकि, पार्टी या सरकार की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बता दें कि इससे पहले स्वप्ना ने कहा था कि सोना तस्करी में सीएम विजयन और उनका परिवार शामिल है। इसके साथ ही एक आरोपित का अपहरण करने का आरोप लगाया था। स्वप्ना ने यह भी कहा था कि केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने आतंकियों को भगाने में यूएई वाणिज्य दूतावास की मदद की थी। चार जुलाई 2017 को यूएई के एक नागरिक को सीआईएसएफ ने कोच्चि हवाई अड्डे पर भारत में प्रतिबंधित थुरया सैटेलाइट फोन के साथ पकड़ा था।

3 फ़िल्में, ₹2900 करोड़… यूँ ही कोई ‘बाहुबली’ और ‘डार्लिंग’ नहीं बन जाता: कहानी उस अभिनेता की, जिसके चाचा गोहत्या के खिलाफ संसद में बिल लेकर आए

उप्पलपति वेंकट सूर्यनारायण प्रभास राजू – ये उस अभिनेता का पूरा नाम है, जिसे आज दुनिया प्रभास के नाम से जानती है। वही, ‘बाहुबली’ वाले प्रभास। रविवार (23 अक्टूबर, 2022) को वो अपना 43वाँ जन्मदिन मना रहे हैं। रामायण पर आधारित उनकी फिल्म ‘आदिपुरुष’ भी संक्रांति 2023 के मौके पर रिलीज होने वाली है, लेकिन टीजर विवादों में फँसी हुई है। हालाँकि, बॉक्स ऑफिस पर कलेक्शंस के लिए प्रभास का नाम ही काफी होता है।

देश के पहले पैन-इंडिया स्टार कहलाए ‘बाहुबली’ प्रभास

2015 में आई ‘बाहुबली’ ने प्रभास को तेलुगु राज्यों में सुपरस्टार्स की उस पंक्ति से भी ऊपर खड़ा कर दिया, जिसमें वहाँ के बाकी के अभिनेता थे। 650 करोड़ रुपयों का कलेक्शन पूरी साउथ फिल्म इंडस्ट्री से न किसी ने किया गया, न ही सोचा था। तमिल अभिनेता रजनीकांत ने ज़रूर 2010 में अपनी फिल्म ‘रोबोट’ से तहलका मचाया था, लेकिन इसके लिए उन्हें 35 वर्षों का इंतजार करना पड़ा। हिंदी सिनेमा में वो जाना-पहचाना नाम थे ही।

लेकिन, प्रभास ने जो किया वो उस समय के फिल्म विशेषज्ञों की समझ से भी परे था। ‘बाहुबली’ फिल्म से निर्देशक एसएस राजामौली ने अपनी जादुई दुनिया पूरे भारत को दिखाई, लेकिन मुख्य अभिनेता के रूप में प्रभास के अभिनय, व्यक्तित्व और उनकी मेहनत ने इसमें जान डाल दी। अपने अधिकतर स्टंट्स उन्होंने खुद किए थे और इस कारण उन्हें शरीर पर ऐसे घाव भी मिले, जिसके दाग आजीवन उनके साथ रहेंगे। प्रभास को पैन-इंडिया प्रसिद्धि यहीं से मिल गई थी।

‘बाहुबली’ फिल्म को लोगों ने टीवी पर बार-बार देखा और ‘कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा’ सवाल एक ‘राष्ट्रीय प्रश्न’ सा बन गया। OTT से लेकर टीवी पर हिंदी भाषी दर्शक भी इस क्रेज का ऐसा हिस्सा बने कि 2017 में आए ‘बाहुबली’ के दूसरे हिस्से ने 1800 करोड़ रुपए से भी अधिक का कारोबार कर भारत की पिछली सभी फिल्मों को कोसों पीछे छोड़ दिया। देश को एक ऐसा सुपरस्टार मिल चुका था, जिसके लिए तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और हिंदी सहित सभी भाषाओं के दर्शक देख रहे थे।

फिल्म ने 1800 करोड़ रुपए का कारोबार किया। इस फिल्म ने हिंदी बॉक्स ऑफिस पर साउथ की फिल्मों के ले दरवाजा खोल दिया। आज हम ‘RRR’, ‘पुष्पा’ और ‘KGF’ सीरीज जैसी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाते हुए देखते हैं, उसकी शुरुआत बाहुबली सीरीज ने ही की। प्रभास भारत के सबसे महँगे स्टार्स में से एक बन गए और उनके पास ऑफर्स की ढेर लग गई। लेकिन, पिछले 5 वर्ष उनके लिए उतने अच्छे नहीं रहे।

‘बाहुबली 2’ के बाद अच्छे नहीं रहे 5 साल, ‘आदिपुरुष’ भी नहीं दोहरा पाएगी वो कामयाबी

‘बाहुबली 2’ के बाद उनकी 2 फ़िल्में आईं, जो बॉक्स ऑफिस पर बाहुबली वाले कमाल को दोहरा न सकीं। 2019 में आई उनकी एक्शन फिल्म ‘साहो’ को समीक्षकों ने नकार दिया, लेकिन फिर भी दुनिया भर में ये फिल्म 430 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार करने में सफल हुई। हालाँकि, 300 करोड़ रुपए के बजट के कारण इसे हिट का तमगा नहीं मिला। 2022 में आई ‘राधे श्याम’ मुश्किल से 200 करोड़ रुपए का कारोबार कर पाई और विजुअली ग्रैंड होने के बावजूद समीक्षकों द्वारा भी औसत ही ठहराई गई।

इन दो फिल्मों के औसत से नीचे के प्रदर्शन ने ये चर्चाएँ शुरू कर दीं कि क्या प्रभास की फ़िल्में तभी पैन-इंडिया पर धमाल मचाएँगी, जब उसका निर्देशन एसएस राजामौली करेंगे? आखिर 2500 करोड़ रुपए के कलेक्शन बाहुबली सीरीज की दोनों फिल्मों से ही तो आए। इससे पहले 2005 में ‘छत्रपति’ में वो एसएस राजामौली के निर्देशन में काम कर चुके थे। प्रभास को लेकर इन चर्चाओं पर ‘आदिपुरुष’ विराम लगा सकती थी, जिसमें रामायण की कहानी दिखाई गई है।

लेकिन, इस फिल्म में सैफ अली खान को ‘रावण’ के किरदार में लिए जाने के बाद विवाद बढ़ गया। लोगों ने पूछा कि ऐसे व्यक्ति को इस किरदार में क्यों लिया गया, जो अंग्रेजों से पहले भारत का अस्तित्व ही नहीं मानता। सैफ ने ये तक कह दिया कि ‘आदिपुरुष’ में सीता हरण की घटना को जायज ठहराया जाएगा। हिन्दुओं की भावनाएँ आहत थीं ही, रही-सही कसर फिल्म के टीजर ने पूरी कर दी। VFX नक्सली लगे और दृश्य हॉलीवुड से कॉपी-पेस्ट।

प्रभास के कंधे पर चढ़ कर फिल्म अच्छी ओपनिंग तो ले सकती है, लेकिन अब इसे ‘वर्ड ऑफ माउथ’ की परीक्षा से गुजरना होगा। ये ‘बाहुबली’ के पहले हिस्से के कलेक्शन को भी पार कर जाए तो बहुत बड़ी बात होगी। फिल्म के बजट को देखते हुए इसके हिट होने की संभावना कम ही है। हालाँकि, ‘KGF’ के निर्देशक द्वारा बनाई जा रही ‘सालार’ और दीपिका पादुकोण के साथ प्रभास की ‘प्रोजेक्ट के’ से काफी उम्मीदें हैं। उनके पास फिल्मों की लाइन लगी है, उनकी प्रतिभा और मेहनत को देखते हुए लगता है कि अपने ब्रांड को वो पुनः स्थापित करेंगे।

कुछ इस तरह तेलुगु दर्शकों के ‘डार्लिंग’ बने थे प्रभास

2002 में आई ‘ईश्वर’ प्रभास की पहली फिल्म थी। हालाँकि, ये फिल्म उन्हें लोकप्रियता नहीं दिला पाई। प्रभास के चाचा कृष्णम राजू खुद एक बड़े अभिनेता हुआ करते थे, जो अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में 4 साल केंद्रीय राज्यमंत्री भी रहे। वो काकीनाड़ा और नरसापुर से 2 बार लोकसभा सांसद रहे थे। वो 1967 से ही तेलुगु फिल्मों में सक्रिय थे। गोहत्या को प्रतिबंधित कराने के लिए वो संसद में बिल लेकर आए थे। उन्हें ‘राधे श्याम’ के तेलुगु वर्जन में प्रभास के गुरु के किरदार में देखा गया था।

उन्हें लोकप्रियता मिली 2004 में आई ‘वर्षम्’ से, लेकिन 2005 में आई एसएस राजामौली की ‘छत्रपति’ ने उन्हें तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में बतौर स्टार स्थापित कर दिया। 2012 में जब ‘रिबेल’ आई, तब तक उनकी फैन फॉलोविंग काफी बढ़ चुकी थी। मैं अपनी बात करूँ तो मैंने 2012 में उनकी दो फ़िल्में ‘चक्रम (2005)’ और ‘Mr. परफेक्ट (2011)’ देखी थी, जिसने मेरे मन पर गहरी छाप छोड़ी थी। उसी समय मुझे लगा था कि ये अभिनेता आगे जाकर कुछ बहुत बड़ा करने वाला है।

प्रभास के बारे में ये भी कहा जाता है कि वो ब्रांड्स के एंडोर्समेन्ट में दिलचस्पी नहीं रखते और 2020 में उनके द्वारा 150 करोड़ रुपयों के विज्ञापन ठुकराने की बात सामने आई थी। 2015 में उन्हें पहली बार महिंद्रा के विज्ञापन में टीवी पर देखा गया था। 2013 में आई ‘मिर्ची’ फिल्म भी उनकी सुपरहिट रही थी। उनका परिवार वेस्ट गोदावरी जिले के मोगलतुरु से ताल्लुक रखता है। उन्होंने हैदराबाद के नालंदा कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। कला की पढ़ाई उन्होंने विशाखापत्तनम स्थित ‘सत्यानंद फिल्म इंस्टिट्यूट’ से की।

रॉड नहीं, प्राइवेट पार्ट में खुद घुसाई थी जिभिया: गाजियाबाद में फर्जी गैंगरेप केस दर्ज कराने वाली गिरफ्तार, 3 साजिशकर्ता भी पकड़े गए

गाजियाबाद में 5 लड़कों के खिलाफ फर्जी गैंगरेप केस दर्ज कराने के आरोप में लड़की को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले पुलिस ने लड़की के साथ मिलकर पूरी साजिश रचने वाले 3 अन्य लोगों को पकड़ा था।

गाजियाबाद की एसपी निपुन अग्रवाल ने बताया कि आरोपित लड़की को दिल्ली से पुलिस ने पकड़ लिया है। उसे कुछ दिन पहले दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

बता दें कि 18 अक्टूबर की सुबह करीब साढ़े तीन बजे नंदग्राम थाने को सूचना मिली कि आश्रम रोड पर एक महिला पड़ी है। पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और महिला को अस्पताल ले गई। महिला ने दावा किया था कि उसे 5 लोगों ने अगवा किया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, जिन्हें वह जानती है।

इस मामले में पुलिस ने शाहरुख, शाहरुख के भाई जावेद, औरंगजेब, जहीर उर्फ ढोला और दीनू के खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज किया था। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार भी किया था।

हालाँकि जाँच के बाद सामने आया कि महिला के साथ कोई दुष्कर्म नहीं हुआ, बल्कि संपत्ति विवाद में उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर यह साजिश रची और सारे लड़को को फँसाया। महिला के पकड़े जाने से पहले उसके दोस्त आजाद, गौरव और अफजल को गिरफ्तार किया था।

ये बात भी सामने आई कि उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड नहीं घुसाई गई, हकीकत यह थी कि महिला ने साजिश के तहत अपने प्राइवेट पार्ट के अंदर टंग क्लिनर डाली थी। गाजियाबाद एसएसपी मुनिराज के मुताबिक जिभिया का साइज 5 से 6 सेंटीमीटर था।

कोई पूछे तो कहना चोट लगी है: उन्नाव में 5 साल के हिन्दू लड़के का मौलवी ने किया खतना, दादी मदरसे में पढ़ने भेजती थी

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक मौलवी द्वारा 5 साल के हिन्दू बच्चे के जबरन खतना किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप असलम नाम के एक मौलवी पर लगा है जिसके खिलाफ परिजनों ने पुलिस में शिकायत दी। मामले की जानकारी होते के बाद हिन्दू संगठनों ने नाराजगी जताई है। पुलिस ने मदरसे में पढ़ाने वाले मौलवी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में बच्चे की दादी की भी संलिप्तता का आरोप लगा है। शनिवार (22 अक्टूबर 2022) को पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक मामले में जाँच चल रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार घटना थानाक्षेत्र गंगाघाट के शुक्लागंज की है। यहाँ चम्पा पुरवा में 5 साल का एक हिन्दू बच्चा अपने पिता और दादा-दादी के साथ रहता है। बच्चे की माँ का देहांत हो चुका है। उसके पिता मजदूरी कर के उसे पालते हैं। बताया जा रहा है कि बच्चे को गाँव के ही एक मदरसे में पढ़ने के लिए भेजा जाता था। आरोप है कि यहाँ पढ़ाने वाले मौलवी असलम ने बच्चे को बहला-फुसला कर गाँव से बाहर ले जा कर उसका खतना कर दिया।

बताया जा रहा है कि पहले तो बच्चे के परिजनों को इसकी जानकारी नहीं हुई। बाद में उन्हें लगा कि बच्चे को चोट लगी है। इसके बाद बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाया गया जहाँ उन्हें बच्चे के खतना होने की जानकारी मिली। बच्चे ने इसे मौलवी असलम की करतूत बताया। घटना की जानकारी जब हिन्दू संगठन के सदस्यों को हुई तो उन्होंने पुलिस से असलम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की।

पुलिस ने पीड़ित परिजनों की तहरीर पर मौलवी असलम के खिलाफ केस दर्ज कर के उसे गिरफ्तार कर लिया। उन्नाव पुलिस के DSP के मुताबिक धर्मान्तरण के इस मामले में आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले में अभी जाँच जारी है और जो भी तथ्य निकल कर सामने आएँगे उस पर नियमनुसार कार्रवाई की जाएगी।

बच्चे की दादी पर भी आरोप

वहीं मामले से जुड़े एक अन्य वीडियो में शशि नाम की महिला बच्चे को अपनी जेठानी के बड़े लड़के का बेटा बता रही है। शशि के मुताबिक वो लोग हिन्दू हैं लेकिन न जाने बच्चे के दादा-दादी को क्या सूझी कि उन्होंने खुद से ही बच्चे का धर्मान्तरण करवा दिया। धर्मान्तरण में बच्चे की दादी को भी शामिल बताते हुए शशि ने कहा कि ये सब किसी के इशारे पर हुआ है लेकिन धर्मान्तरण उसी बच्चे के घर पर ही हुआ है। शशि ने आगे बताया कि बच्चे की दादी तीनों बच्चो को मदरसे में पढ़ने के लिए भेजती हैं।

शशि को कहते सुना जा सकता है कि कोई भी देख सकता है कि बच्चे के साथ क्या हुआ है। बताया जा रहा है कि असलम ने बच्चे से कहा था कि अगर कोई पूछे तो बता देना कि कहीं गिरने से ये चोट आई है।