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काबुल में एग्जाम की तैयारी में जुटे थे छात्र, अचानक बम धमाका: 19 की मौत, 27 घायल; पिछले जुमे मस्जिद पर हुआ था हमला

अफगानिस्तान (Afghanistan) की राजधानी काबुल (Kabul) में शुक्रवार (30 सितंबर 2022) को एक बार फिर फिदायीन हमला (Suicide Bomber Attack) हुआ। इस हमले में अब तक 19 लोगों के मरने और 27 लोगों के घायल होने की खबर है। यह हमला शिया इलाके के एजुकेशनल सेंटर में हुआ है।

सोशल मीडिया पर इस हमले का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। मरने वालों में ज्यादातर लड़कियाँ हैं। काबुल पुलिस ने सीएनएन को बताया कि यह हमला उस वक्त हुआ जब सुबह 7:30 बजे छात्र परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह धमाका आज काज एजुकेशन सेंटर (Kaaj education center) के बाहर हुआ है। यहाँ शिया और हजारा अल्पसंख्यक समुदाय के लोग रहते हैं। इस इलाके में अक्सर घातक हमले होते रहते हैं। अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता आने के बाद वहाँ इस तरह के एक के बाद कई हमले हुए हैं।

तालिबान द्वारा नियुक्त गृहमंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल नाफी ताकोर ने कहा, “हमले की जगह पर सुरक्षा दल को भेज दिया गया है।” वहीं, सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीरों और वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे हमले में घाल लोगों को वहाँ से ले जाया जा रहा है।

मालूम हो कि काबुल में बीते शुक्रवार (23 सितंबर 2022) को जुमे की नमाज के बाद एक मस्जिद के बाहर बम विस्फोट हुआ था। धमाके में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि बच्चों समेत 41 लोग घायल हो गए थे। जिस जगह यह धमाका हुआ था। उसके आसपास कई देशों के दूतावास भी हैं। धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर तक सुनी गई थी।

बता दें कि अफगानिस्तान की राजधानी काबुल (Kabul) में 29 अप्रैल 2022 को भी दो बम विस्फोट हुए थे। काबुल के छठे पुलिस जिले में पहला विस्फोट हुआ था, जिसमें कम-से-कम 30 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई थी। वहीं, बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए थे। वहीं, दूसरा ब्लास्ट काबुल के दारुल अमन इलाके के एक घर में हुआ था। अफगानिस्तान की न्यूज एजेंसी टोलो न्यूज के अनुसार, इसमें 10 लोगों के मारे जाने की खबर थी।

मुलायम यादव के गढ़ मैनपुरी में सपा के कार्यालय पर चला योगी सरकार का बुलडोजर: अखिलेश यादव के कार्यकर्ताओं का हंगामा, अब यहाँ बनेगा कॉम्पलेक्स

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) की अवैध इमारतों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई जारी है। माफियाओं से लेकर कब्जा करने वालों पर बुलडोजर का कहर जारी है। अब समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के कार्यालय पर योगी सरकार का बुलडोजर चला है।

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की पार्टी को गिराने के बाद प्रदेश सरकार वहाँ कॉम्प्लेक्स बनवाएगी। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के गढ़ कहे जाने वाले मैनपुरी में पार्टी के पुराने कार्यालय को प्रशासन ने खाली करा लिया था। उसके बाद गुरुवार (29 सितंबर 2022) को उस गिरा दिया।

इस संबंध में समाजवादी पार्टी ने हाईकोर्ट में याचिका भी डाली है, लेकिन फिलहाल कोर्ट की तरफ से भी उसे कोई राहत नहीं मिली है। इसी बीच मैनपुरी प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर भवन को गिरा दिया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया।

दरअसल, मैनपुरी के देवीनगर रोड पर बने सपा कार्यालय के लिए जिला पंचायत ने साल 2004 में भूमि आवंटित की थी। इसी बीच नगर सपा कार्यालय कहीं और बन गया। इसके बाद प्रशासन ने 9 सिंतबर को दो कमरों वाले सपा कार्यालय के भवन को एक नोटिस लगा दिया।

नोटिस में कहा गया कि कार्यालय अन्य जगह बन जाने के बाद इस लीज को रद्द कर दिया गया है। इसलिए इस जगह को खाली किया जाए। हालाँकि, सपाइयों ने इसे खाली नहीं किया। इसके बाद प्रशासन ने फोर्स लगाकर इसे खाली करा लिया और भवन में ताला लगा दिया।

जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ओपी सिंह का कहना है कि साल 1994 में इस जमीन को दस साल के लिए पट्टा दिया गया था। फिर इसे सपा कार्यालय के लिए 90 साल के लिए लीज पर दे दिया गया। तब पार्टी का नया कार्यालय नहीं बना था। अब कार्यालय दूसरी जगह बन गई है तो यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में नियमों का उल्लंघन किया गया है।

समाजवादी पार्टी का कार्यालय तोड़े जाने के बाद जिला पंचायत में इसका मलबा हटाने के लिए 3 लाख रुपए का टेंडर हुआ है। इस मलबे को 7 दिन के अंदर हटा दिया जाएगा। इसके बाद जिला पंचायत इस बेशकीमती जमीन पर कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराएगा।

कानपुर के हॉस्टल में स्वीपर बना रहा था नहाती छात्रा की अश्लील वीडियो: शिकायत के बाद पुलिस ने पकड़ा, फोन में कई और रिकॉर्डिंग मिली

पंजाब की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में लड़कियों के नहाने का वीडियो बनाने का मामला सामने आने के बाद आईआईटी बॉम्बे और तमिलनाडु के मदुरै में ऐसे ही मामले सामने आए थे। अब, उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित एक हॉस्टल में स्वीपर द्वारा लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। सबसे बड़ी बात यह है कि, इस हॉस्टल में एडिशनल एसपी सुरेंद्रनाथ तिवारी की नेम प्लेट लगी हुई है। फिलहाल, पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार (29 सितंबर 2022) को कानपुर के रावतपुर इलाके के एक गर्ल्स हॉस्टल में रह रही छात्राओं ने हॉस्टल के स्वीपर ऋषि पर अश्लील वीडियो बनाने का आरोप लगाया। लड़कियों का कहना है कि आरोपित स्वीपर वाशरूम के टूटे हुए हिस्से से एक छात्रा के नहाने का वीडियो बना रहा था। इसके बाद जब लड़कियों ने उसका मोबाइल छीन कर जाँच की तो पता चला कि उसके मोबाइल में कई लड़कियों के वीडियो हैं।

इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद हॉस्टल की छात्राओं ने रावतपुर पुलिस स्टेशन जाकर आरोपित स्वीपर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं पुलिस ने छात्राओं के बयान के आधार पर आरोपित को गिरफ्तार कर जाँच शुरू कर दी है। आरोपित के मोबाइल को फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजे जाने की बात कही जा रही है।

हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं का कहना है कि जब वह एफआईआर (FIR) दर्ज कराकर वापस लौटीं तब हॉस्टल के सभी पुरुष कर्मचारी हॉस्टल छोड़कर भाग चुके थे। छात्राओं ने हॉस्टल वार्डन पर इस मामले को दबाने का भी आरोप लगाया। इस घटना के बाद, सभी लड़कियाँ हॉस्टल छोड़कर अपने-अपने घर लौट चुकीं हैं।

इस मामले में ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है, इसलिए तत्परता से कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। एडीसीपी एंटी वूमेन क्राइम के नेतृत्व में टीम गठित की गई है, जो पूरे प्रकरण की जाँच करेगी। विवेचना महिला इंस्पेक्टर ही करेंगी। जिनकी भी इसमें संलिप्तता होगी उस पर बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, इस हॉस्टल में अपने नाम की नेम प्लेट लगे होने के आरोप में एडिशनल एसपी सुरेंद्र तिवारी ने कहा है, “मेरी कोई बिल्डिंग कानपुर में है, इसका मुझे पता ही नहीं। इस बिल्डिंग से मेरा कोई लेना देना नहीं है। कानपुर में जब पोस्टिंग थी, तब कई लोग मिलने आते थे। उसमें पता चला है कि किसी सोमानी नाम के व्यापारी ने मेरी नेमप्लेट लगाई थी। कानपुर के पुलिस अधिकारियों ने मुझसे फोन करके पूछा तो मैंने साफ कह दिया है कि ना मेरी कोई प्रॉपर्टी है और ना मैं पोस्टिंग से हटने के बाद दोबारा कानपुर गया हूँ। इसमें जिसने भी नेम प्लेट लगाई हो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाए।”

बता दें, इससे पहले ऐसा ही मामला पंजाब की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से सामने आया था। जहाँ, छात्रा पर हॉस्टल के वॉशरूम में नहा रही लड़कियों के वीडियो बनाने का आरोप लगा था। यह भी कहा गया था कि आरोपित छात्रा वीडियो बनाकर अपने बॉयफ्रेंड को भेजती है।

इस मामले में पुलिस ने आरोपित छात्रा समेत पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यानी पुलिस ने, आरोपित एमबीए की छात्रा, उसका बॉयफ्रेंड सनी मेहता और उसका दोस्त रंकज वर्मा व सेना के जवान संजीव सिंह को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अभी कुछ और गिरफ्तारी होने की बात कही जा रही है।

इसके अलावा, आईआईटी बॉम्बे में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। यहाँ, हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा ने हॉस्टल कैंटीन में काम करने वाले एक कर्मचारी पर वॉशरूम का वीडियो बनाने का आरोप लगाया था। जिसके बाद, पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था।

नॉर्थ-ईस्ट को भारत से काटने की बात करने वाले JNU छात्र शरजील इमाम को मिली बेल, देशद्रोह सहित कई मामलों में बंद उसे अभी जेल में ही रहना होगा

अपने भड़काऊ भाषणों से दिल्ली दंगों में खास भूमिका निभाने वाले शरजील इमाम (Sharjeel Imam) को एक मामले में दिल्ली की अदालत ने जमानत दे दी है। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने साल 2019 में हुए CAA-NRC विरोध के दौरान जामिया में दिए गए भड़काऊ भाषण के एक मामले में जमानत दी है। हालाँकि, वह 28 जनवरी 2020 से जेल में बंद शरजील को अभी जेल में ही रहना होगा।

मूल रूप से बिहार के रहने वाले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्र शरजील इमाम को कोर्ट ने 30,000 रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी है। हालाँकि, अन्य विभिन्न मामलों के कारण शरजील अभी भी जेल में ही रहेगा। उस पर देशद्रोह और UAPA के तहत कई और मामले लंबित हैं। इन मामलों में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है।

अपने भाषणों में शरजील ने बांग्लादेश, भूटान और चीन की सीमा से सटे असम के नजदीक ‘चिकन नेक’ को काटकर पूर्वोत्तर राज्यों को देश से अलग करने के लिए मुस्लिमों को उकसाया था। शरजील के आपत्तिजनक भाषणों को देखते हुए दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, असम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में उसके खिलाफ UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके पहले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में CAA कानून के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के मामले में उसे 27 नवम्बर 2021 जमानत मिल चुकी है।

शरजील पर आरोप लगाया गया था कि उसने अपना भाषण ‘अस-सलामु अलैकुम’ बोल कर शुरू किया था, जो यह दिखाने के लिए पर्याप्त है कि वह एक विशेष समुदाय को भड़काने का प्रयास कर रहा था। इमाम को 13 दिसंबर 2019 को जामिया मिलिया इस्लामिया में और 16 जनवरी, 2020 को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवसिर्टी में भड़काऊ भाषण देने के लिए 28 जनवरी 2020 को बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार किया गया था।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भड़काऊ भाषण देते हुए उसने कहा था, “अब वक्त आ गया है कि हम गैर-मुस्लिमों से बोलें कि अगर हमारे हमदर्द हो तो हमारी शर्तों पर आकर खड़े हो। अगर वो हमारी शर्तों पर खड़े नहीं होते तो वो हमारे हमदर्द नहीं हैं। अगर 5 लाख लोग हमारे पास ऑर्गेनाइज्ड हों तो हम नॉर्थ-ईस्ट और हिंदुस्तान को परमानेंटली काट कर अलग कर सकते हैं। परमानेंटली नहीं तो कम से कम एक-आध महीने के लिए असम को हिंदुस्तान से काट ही सकते हैं। मतलब इतना मवाद डालो पटरियों पर, रोड पर कि उनको हटाने में एक महीना लगे। जाना हो तो जाएँ एयरफोर्स से।”

उसने आगे कहा था, “असम को काटना हमारी जिम्मेदारी है। असम और इंडिया कटकर अलग हो जाए, तभी ये हमारी बात सुनेंगे। असम में मुस्लिमों का क्या हाल है, आपको पता है क्या? CAA-NRC लागू हो चुका है वहाँ। डिटेंशन कैंप में लोग डाले जा रहे हैं और वहाँ तो खैर कत्ले-आम चल रहा है। 6-8 महीनों में पता चलेगा कि सारे बंगालियों को मार दिया गया वहाँ, हिंदु हो या मुस्लिम। अगर हमें असम की मदद करनी है तो हमें असम का रास्ता बंद करना होगा फौज के लिए और जो भी जितना भी सप्लाई जा रहा है बंद करो उसे। बंद कर सकते हैं हम उसे, क्योंकि चिकन नेक जो इलाका है, वह मुस्लिम बहुल इलाका है।”

इस साल 24 जनवरी को पूर्वी दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने शरजील के खिलाफ राजद्रोह सहित IPC की कई संगीन धाराओं में आरोप तय कर दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि दिसंबर 2019 में दिए गए भड़काऊ भाषणों के लिए शरजील इमाम को ट्रायल का सामना करना होगा। शरजील का प्रतिबंधित PFI के साथ संबंधों की भी पुलिस कर रही है।

CAA-NRC की आड़ में शरजील इमाम ने यूपी के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) और दिल्ली के जामिया में आपत्तिजनक भाषण दिए थे। इन सब बातों को ध्यान रखते हुए कोर्ट के एडिशनल सेशन जज अमिताभ रावत ने शरजील पर IPC की धारा 124A (देशद्रोह), 153A, 153B, 505 और UAPA के सेक्शन 13 के तहत आरोप तय की थी।

सिर्फ सेक्स पर नहीं कर सकता पूरी बात: विवेक अग्निहोत्री ने बताई ‘कॉफी विद करण’ में कभी न जाने की वजह, बोले- वो बकवास और बनावटी शो है

‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) ने करण जौहर (Karan Johar) के चैट शो ‘कॉफी विद करण’ को लेकर बड़ा बयान दिया है। हाल ही में ब्रूट इंडिया को दिए गए एक इंटरव्यू में विवेक अग्निहोत्री ने ‘कॉफी विद करण’ को बेहूदा शो बताया। इसके साथ ही उन्होंने इस बात का भी खुलासा किया वह आज तक करण जौहर के इस शो में क्यों नजर नहीं आए।

बातचीत के दौरान विवेक अग्निहोत्री से पूछा गया कि क्या उन्हें इस शो में आने के लिए कभी आमंत्रित किया गया था? इस पर निर्देशक ने कहा, “यह निर्भर करता है। मेरा मतलब है कि यह जिस तरह का शो है, वहाँ मेरे पास बताने के लिए कुछ भी नहीं है। अब मेरी वो उम्र नहीं है। सेक्स अब मेरे जीवन की प्राथमिकता नहीं है। मेरे दो बच्चे हैं। यह शो बहुत आर्टिफिशियल है, वहाँ बैठकर मुझे काफी अजीब महसूस होगा।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं किसी भी टॉपिक पर बात कर सकता हूँ। फिर चाहे वह सेक्स हो या फिर कोई और मुद्दा। लेकिन, सिर्फ एक ही टॉपिक को केंद्र में रखना…मैं बहुत आध्यात्मिक हूँ। मैं सेक्स-सेंटर्ड व्यक्ति नहीं हूँ। मैं अपनी पत्नी के साथ सेक्स लाइफ एंजॉय करता हूँ। लेकिन कौन किसे छोड़ रहा है, कौन-किसके साथ सो रहा है, यह सब मेरी जिंदगी का हिस्सा नहीं हैं।”

विवेक अग्निहोत्री ने साथ ही कहा, “मुझे लगता है कि यह एक बकवास शो है। कोई भी इससे रिलेट नहीं कर पाता है। क्योंकि आप यह सब सिर्फ अपने इनर सर्किल के लिए, अपने दोस्तों के लिए और एक-दूसरे को खुश करने के लिए कर रहे हैं। कुछ चैनल इसके लिए भुगतान करते हैं।” इस इंटरव्यू में उन्होंने देश से जुड़े और भी कई मुद्दों पर बात की।

बता दें कि फिल्म निर्माता करण जौहर (Karan Johar) का चैट शो ‘कॉफी विद करण’ जितना चर्चा में रहता है, उतना ही अधिक विवादों के कारण सुर्खियों में रहता है। कई फिल्मी सितारे उनके इस शो को लेकर बड़े बयान दे चुके हैं।

सोनिया गाँधी के ‘वफादार’ मल्लिकार्जुन खड़गे लड़ेंगे अध्यक्ष पद का चुनाव, नाम सुनकर दिग्विजय सिंह पीछे हटे: G-23 समूह के मनीष तिवारी भी भर सकते हैं नामांकन

कॉन्ग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर रोज नई कहानियाँ सामने आ रही हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बाद पार्टी के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने भी खुद को पार्टी अध्यक्ष पद की रेस से अलग कर लिया है। अब इस पद पर कॉन्ग्रेस के एक अन्य दिग्गज नेता मल्लिकार्जुन खड़गे लड़ेंगे।

आज शुक्रवार (30 सितंबर 2022) को कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद के लिए के नामांकन का आखिरी दिन है। वहीं, नामांकन के बाद नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 8 अक्टूबर है। ऐसे में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और दिग्विजय सिंह के रेस से हटने के बाद मुकाबला मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के बीच होगा।

अध्यक्ष पद के नामांकन से पहले थरूर ने राजघाट जाकर महात्मा गाँधी की समाधि पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। खड़गे के मुकाबला में आने के बाद थरूर ने कहा कि खड़गे वरिष्ठ नेता हैं और उनके साथ अच्छे संबंध हैं। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव को लेकर अभी तक कुछ नहीं कहा है।

उधर खड़गे का नाम सामने आने के बाद दिग्विजय सिंह ने कहा, “मुझे पता चला है कि खड़गे अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे हैं। वे पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और मैं उनका काफी आदर भी करता हूँ। इसलिए मैंने तय किया है कि मैं उनका समर्थन करूँगा। मैं उनका प्रस्तावक बनूँगा।” दिग्विजय सिंह खड़गे के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात भी की

कहा जा रहा है कि सोनिया गाँधी के कहने पर ही मल्लिकार्जुन खड़गे अध्यक्ष पद के लिए आगे आए। ऐसे में जीत की अधिक संभावना 80 वर्षीय खड़गे की बन जाती है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस पार्टी के प्रदर्शन के बाद राहुल गाँधी द्वारा नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा देने के बाद भी अध्यक्ष पद के लिए खड़गे का नाम चर्चा में आया था।

मल्लिकार्जुन खड़गे को गाँधी परिवार का वफादार माना जाता है और गाँधी परिवार के वफादार नेताओं के साथ भी उनके अच्छे संबंध हैं। हाल ही में उन्होंने अपना 80वाँ जन्मदिन इसलिए नहीं मनाया था, क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोनिया गाँधी के खिलाफ जाँच शुरू की थी।

वहीं, यह बात भी सामने आई कि पार्टी में सुधार के नाम पर गाँधी परिवार की मुखालफत करने वाले जी-23 समूह के मनीष तिवारी भी इसके लिए नामांकन दाखिल करने पर विचार कर रहे हैं। इसके लिए जी-23 नेताओं ने गुरुवार (29 सितंबर 2022) की शाम को आनंद शर्मा के घर बैठक भी की। हालाँकि, दिग्विजय सिंह का नाम सामने आने और बाद में खड़गे द्वारा नामांकन करने की घोषणा तक इन ग्रुप की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

महिला से ‘गंदा काम’ करने में मारा गया मौलाना, जामिया टाइम्स ने लिखा- बजरंग दल कार्यकर्ता ने जलाया: ओवैसी ने मोदी सरकार को भी घसीटा

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के जंगल से 26 सितंबर 2022 को एक अधजली लाश मिली। मृतक की पहचान मौलाना अताउल्लाह कासमी के तौर पर हुई। इसी बीच जामिया टाइम्स नाम की एक प्रोपेगेंडा वेबसाइट ने इस हत्या को बजरंग दल से जोड़ दिया। पीएफआई पर बैन से भड़के असदुद्दीन ओवैसी ने इस मामले में मोदी सरकार को भी घसीट लिया। मौलाना की हत्या एक महिला के साथ अश्लील हरकत के कारण होने के बात सामने आई है। हत्या के आरोपित का बजरंग दल के साथ संबंध होने से भी पुलिस ने इनकार किया है।

मिली जानकारी के अनुसार मौलाना झाड़-फूँक करता था। पुलिस के अनुसार, शिव शंकर नाम का शख्स अपने परिवार की एक महिला की तबीयत खराब होने पर उसे कासमी के पास झाड़-फूँक के लिए ले गया था। लेकिन, मौलाना ने झाड़-फूँक की आड़ में महिला से अश्लील हरकतें की। इसका बदला लेने के लिए शिवशंकर ने उसे मौत के घाट उतार दिया। मौलाना झारखंड का रहने वाला था।

जामिया टाइम्स के ट्वीट का स्क्रीनग्रैब

जामिया टाइम्स ने इस घटना को लेकर ट्वीट करते हुए लिखा, झारखंड के रहने वाले मौलाना अताउल्लाह कासमी को बजरंग दल कार्यकर्ता ने जलाकर जंगल में फेंक दिया। जब पुलिस ने घटना से बजरंग दल का संबंध होने से इनकार किया तो प्रोपेगेंडा वेबसाइट ने लिखा, “डीएसपी शहडोल राघवेंद्र द्विवेदी ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि आरोपित बजरंग दल से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि वह झाड़-फूँक के सिलसिले में पहले भी आरोपित के घर आया करता था।”

जामिया टाइम्स के ट्वीट का स्क्रीनग्रैब

जामिया टाइम्स के प्रोपेगेंडा के बाद मुस्लिम नेताओं ने भी हिंदू संगठनों के खिलाफ जहर उगलना शुरू कर दिया। कट्टरपंथी इस्लामवादी संगठन पीएफआई (PFI) पर बैन लगाने से नाराज एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM chief Asaduddin Owais) ने फर्जी खबरों के आधार पर बजरंग दल पर बैन लगाने की माँग की। उन्होंने ट्वीट कर पूछा, “क्या मोदी सरकार इस समूह पर बैन लगाएगी?”

असम के कॉन्ग्रेस विधायक अब्दुल खलीक ने लिखा, “क्या हमारे पीएम मोदी जी में आतंक फैलाने वाले इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने की हिम्मत है?”

बांग्लादेश (जहाँ हिंदुओं का दमन आम है) के जहीर शमसेरी ने भी दुष्प्रचार को आगे बढ़ाते हुए ट्वीट किया, “अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटना पर ध्यान दे। झारखंड (भारत) निवासी मौलाना अताउल्लाह कासमी साहब को बजरंग दल/आरएसएस ने जला दिया और जंगल में फेंक दिया।”

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार, मृतक अताउल्लाह कासमी झारखंड के पलामू जिले का निवासी था। वह मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में झाड़-फूँक का काम करता था। कासमी 21 सितंबर से लापता था और उसे आखिरी बार शहडोल जिले के पड़मनिया गाँव की ओर अपने परिचित की बाइक पर जाते हुए देखा गया था। अगले दिन (22 सितंबर 2022) को थाना गोहपारू में अताउल्लाह की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। शहडोल जिले के सिंहपुर थाना अंतर्गत ग्राम पड़मनिया के जंगल में 26 सितंबर 2022 को अताउल्लाह खान की अधजली लाश बरामद करने के बाद पुलिस ने इस मामले में शिवशंकर यादव नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया किया।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट

पुलिस ने बुधवार (29 सितंबर 2022) को बताया कि शिवशंकर यादव (28 वर्ष) ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपित ने बदला लेने के लिए अताउल्लाह खान की हत्या की थी। दैनिक भास्कर के मुताबिक, आरोपित अपने परिवार की एक महिला की तबीयत खराब होने पर उसे अताउल्लाह खान के पास झाड़-फूँक के लिए ले गया था। लेकिन, उसने झाड़-फूँक की आड़ में महिला से अश्लील हरकतें की। इसका बदला लेने के लिए शिवशंकर ने उसे मौत के घाट उतार दिया और बाइक के पेट्रोल से उसको जला दिया। इसके बाद उसकी बाइक नवलपुर सोन नदी में फेंक दी।

शिवशंकर यादव पेशे से ड्राइवर। ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है जो यह बताती हो कि वह बजरंग दल से जुड़ा था। ‘द जामिया टाइम्स’ ने यह भी माना कि उसके पास बजरंग दल के साथ यादव के जुड़े होने के दावे की पुष्टि करने के लिए कोई सबूत नहीं है। बावजूद उसने हिंदू संगठन के खिलाफ प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाया।

‘PFI के खिलाफ बोलना बंद करो, वरना तुम्हारा वजूद खत्म कर देंगे’: प्रतिबंध का सम​र्थन करने वाले मौलाना को जबान काटने की धमकी

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर प्रतिबंध का समर्थन करने वाले बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी को जुबान काटने की धमकी मिली है। मौलाना ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि धमकी भरा कॉल गुरुवार (29 सितंबर 2022) को किया गया था। फोन करने वाले ने उन्हें पीएफआई का विरोध करने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मौलाना को धमकी देने वाले ने अपना नाम अब्दुल समद बताया। यह भी बताया कि वह दिल्ली के शाहीन बाग का रहने वाला है। उसने मौलाना से कहा, “ज्यादा बोल रहे हो। बोलना कम कर दो, नहीं तो जबान काट दी जाएगी।”

मौलाना ने अपने ट्वीट में कहा है, “PFI की कट्टरपंथी विचारधारा के खिलाफ आवाज बुलंद करने पर आज (गुरुवार) दोपहर मुझे एक फोन आया। मुझे जान से मारने की धमकी दी गई। फोन करने वाले ने कहा- PFI के खिलाफ बोलना बंद कर दो मौलाना, वरना हम तुम्हारा वजूद खत्म कर देंगे।” बरेली पुलिस ने इस ट्वीट का जवाब देते हुए कहा है कि मामले की जाँच की जा रही है।

मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी, दरगाह आला हजरत से जुड़े संगठन ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष भी हैं। उनका एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें धमकी मिलने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा है कि वे खामोश बैठने वालों में से नहीं हैं। वे गीदड़ भभकियों से डरने वाले नहीं हैं।

मौलाना शहाबुद्दीन का यह भी कहना है कि जब उन्होंने राजस्थान के उदयपुर में हुई घटना (कन्हैयालाल हत्याकांड) पर फतवा जारी किया था, तब भी उन्हें धमकियाँ मिली थी। उन्होंने उस समय पुलिस-प्रशासन पर सुरक्षा नहीं देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि उस समय मिली धमकियों की जानकारी मैंने प्रशासनिक अधिकारियों को देते हुए सुरक्षा माँगी थी। लेकिन, किसी प्रकार की सुरक्षा नहीं दी गई।

मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने PFI पर बैन को मोदी सरकार का अच्छा कदम बताया था। उन्होंने कहा था कि सरकार ने कट्‌टरपंथी संगठन PFI पर बैन लगाकर अच्छा कदम उठाया है। भारत की कट्‌टरपंथी विचारधारा की धरती नहीं है। इस देश की एकता और अखंडता पर संकट पैदा करने वाले संगठन पर प्रतिबंध लगाना उचित है।

गौरतलब है कि असदुद्दीन ओवैसी और लालू यादव जैसे नेताओं ने PFI पर बैन को लेकर आपत्ति जताई है। केरल से कॉन्ग्रेस सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने भी इस फैसले का विरोध किया है। विरोध करने वालों में सपा सांसद शफीकुर्रहमान भी शामिल हैं।

अब अमेरिका में भारतीय को चाकू मारा: इससे पहले भारतीय महिलाओं पर हुआ था नस्लीय हमला, कहा था- आई हेट इंडियंस

अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ घृणा अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ताजा घटना न्यूयॉर्क की है। यहाँ एक भारतीय-अमेरिकी उबर ईट्स डिलीवरी ब्वॉय (Indian-American Food Delivery Boy) पर धारदार हथियार से कई बार हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। द न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, डिलीवरी ब्वॉय का नाम भरतभाई पटेल (Bharatbhai Patel) है। अपराधी ने न्यूयॉर्क के लोअर ईस्ट साइड में उन पर बेरहमी से कई बार चाकू से वार किया। यह घटना 27 सितंबर की है। आरोपित शॉन कूपर उर्फ सुपर पर्प (Super Perp) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

36 वर्षीय उबर ईट्स डिलीवरी ब्वॉय ने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि हमलावर ने बिना कुछ कहे उसे चाकू मार दिया। इस दौरान वहाँ मौजूद लोगों में से किसी ने भी उसकी मदद नहीं की। बताया जा रहा है कि 47 वर्षीय आरोपित शॉन कूपर पेशेवर अपराधी है। उस पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

अपने घावों की ओर इशारा करते हुए पटेल ने बताया, “उसने मुझ पर चाकू से कई जगह वार किए। उस वक्त मैं डिलीवरी करने के लिए अपनी बाइक से जा रहा था। शायद उसे मेरी बाइक या कुछ और चाहिए होगा, लेकिन उस आदमी ने मुझसे कुछ भी नहीं पूछा। तड़के तीन बजे मुझ पर हमला किया गया। उस दौरान आसपास मैंने करीब तीन लोगों को देखा था, लेकिन उन्होंने मेरी मदद नहीं। मैंने खुद 911 नंबर पर फोन कर पुलिस को बुलाया।”

पटेल ने कहा कि अपराधी शायद नशे में था। हमलावर के अलावा उस जगह पर जो तीन लोग थे और वे शराब पी रहे थे। एक महिला भी थी। पुलिस के हवाले से द न्यूयॉर्क पोस्ट ने बताया है कि पटेल एक 6 वर्षीय बेटे के पिता हैं। वह क्वींस में रहते हैं।

‘आई हेट इंडियंस…’

बता दें कि इससे पहले अगस्त 2022 में अमेरिका में भारतीय महिलाओं पर नस्लीय हमले का मामला सामने आया था। यह घटना टेक्सास के डेल्लास शहर के प्लानो की थी। डिनर के लिए एक होटल में आईं चार भारतीय-अमेरिकी महिलाएँ आपस में भारतीय लहजे (Accent) में बात कर रही थीं। यह देख एक मेक्सिकन-अमेरिकन महिला ने उन पर नस्लीय टिप्पणियाँ और मारपीट की। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में मेक्सिकन-अमेरिकन महिला भारतीय मूल की महिलाओं को गालियाँ दे रही थी और उन्हें भारत वापस जाने के लिए कह रही था। आरोपित महिला ने एक भारतीय महिला को थप्पड़ भी मारा। इसके अलावा उसने ‘आई हेट यू इंडियंस, गो बैक’ के नारे भी लगाए।

5000 रुपए का ईनाम रख पैगंबर मुहम्मद पर निबंध प्रतियोगिता करा था हेडमास्टर अब्दुल: प्रशासन ने किया निलंबित, अभिभावक बोले- छात्रों के धर्मांतरण का प्रयास

कर्नाटक के धरवाड़ क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में गुप्त रूप से इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद (Prophet Muhammad) पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित करने के कारण कार्रवाई की गई है। गडक जिले में स्थित सरकारी स्कूल के हेडमास्टर अब्दुल मुनाफ को निलंबित कर दिया गया है।

कर्नाटक सरकार की ओर इसे इस तरह की प्रतियोगिता आयोजित करने का किसी तरह का निर्देश नहीं दिया गया था। इसके बावजूद हेडमास्टर ने पैगंबर पर गुप्त रूप से प्रतियोगिता आयोजित की। लोक निर्देश के अतिरिक्त आयुक्त सिद्रमप्पा एस. बिरादर ने बताया, “प्रारंभिक जाँच के दौरान हेडमास्टर के खिलाफ आरोप सही साबित हुए। यही वजह है कि उन्हें निलंबित कर दिया गया है।”

घटना नागवी के सरकारी हाईस्कूल की है। मामले का खुलासा हिंदू संगठन श्रीराम सेना के सदस्यों द्वारा प्रधानाध्यापक के विरोध के बाद हुई। इसके बाद बुधवार (28 सितंबर 2022) को घटना की जाँच शुरू की गई। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि एक शिकायत दर्ज की गई थी और वह शिकायत की एक प्रति राज्य शिक्षा विभाग के उप-निदेशक को भेजेंगे।

जाँच में पाया गया कि प्रधानाध्यापक मुनाफ ने अन्य शिक्षकों या विभाग को बताए बिना कक्षा 8 के 43 छात्रों को पैगंबर मुहम्मद पर एक पुस्तक देकर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया था। प्रधानाध्यापक अब्दुल मुनाफ ने कथित तौर पर बच्चों को किताबें दीं और इस प्रतियोगिता के लिए 5,000 रुपए के नकद पुरस्कार की भी घोषणा की।

एक अभिभावक शरणप्पा गौड़ा हापलाद ने कहा, “मुझे पता चला कि स्कूल के प्रधानाध्यापक निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित करके और 5,000 रुपए का नकद पुरस्कार घोषित कर छात्रों के दिमाग में इस्लाम थोपने की कोशिश कर रहे थे। लड़के और लड़कियों को 5,000 रुपए जीतने की उम्मीद में निबंध लिखने के लिए कहा गया था।”

उन्होंने छात्रों का धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाते हुए आगे बताया, “हेडमास्टर अब्दुल मुनाफ का इरादा छात्रों का धर्म परिवर्तन कराना था। इसलिए मैंने श्रीराम सेना के कार्यकर्ताओं को सूचित किया। मैं जानना चाहता हूँ कि पैगंबर मुहम्मद पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित करने के पीछे और क्या इरादा हो सकता है।”