Home Blog Page 2358

बाइक पर भगवा झंडा, नाम आरिफ उर्फ़ तनवीर… लड़की से मिला अमित बन कर, रेप करने के बाद धर्म बदल निकाह का दबाव

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में एक मुलिस्म युवक पर हिन्दू लड़की से रेप का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि आरिफ उर्फ़ तनवीर मिर्ज़ा ने खुद को अमित बताते हुए पीड़िता की नौकरी लगवाने का वादा किया और फिर होटल में ले जाकर दुष्कर्म किया।

पुलिस ने रविवार (2 अक्टूबर 2022) को पीड़िता की तहरीर पर आरिफ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि आरिफ के परिवार वाले उस पर धर्म परिवर्तन करके निकाह का दबाव बना रहे हैं। आरिफ पर हिन्दू छात्राओं को फँसाने के लिए बाइक पर भगवा झंडा लगा कर चलने का भी आरोप है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना सदर कोतवाली थानाक्षेत्र की है। यहाँ B.Sc. की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि मियांगंज के नाहरघाटी में रहने वाले आरिफ उर्फ तनवीर मिर्जा ने न सिर्फ रेप किया है बल्कि उनका आपत्तिजनक वीडियो भी बना कर वायरल करने की धमकी दी है।

पीड़िता के मुताबिक मई 2021 में उसे आरिफ ने फोन कर खुद को अमित बताया और रेलवे विभाग में नौकरी लगवाने का लालच दिया। दोनों के बीच लगभग 6 महीने तक बात होती रही। इस दौरान आरिफ ने अपनी पहुँच बड़े अधिकारियों से बता कर पीड़िता को झाँसे में ले लिया।

बताया जा रहा है कि विश्वास में लेने के बाद अमित बने आरिफ ने पीड़िता को सभी कागज़ात के साथ रेलवे स्टेशन के एक होटल में बुलाया। तब उसने बताया कि उसी होटल में सभी बड़े अधिकारी रुके हुए हैं। पीड़िता का आरोप है कि जब वो कमरे में पहुँची तब आरिफ ने कमरा बंद करके उसके साथ रेप किया और उसकी आपत्तिजनक वीडियो बना ली।

अपनी शिकायत में पीड़िता ने यह भी बताया कि बाद में आरिफ के परिजन नूरआलम, शाहनवाज और भाभी बेबी उस पर धर्म परिवर्तन और आरिफ से निकाह का दबाव बना लगे। पीड़िता ने बताया कि उसके इनकार करने पर आरिफ द्वारा बनाई गई उसकी आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी दी जा रही है।

पुलिस ने केस में आरिफ के साथ नूरआलम, शाहनवाज़ और बेबी को भी नामजद किया है। मामले की जाँच शुरू कर दी गई है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाया जा रहा है।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक आरिफ अपनी बाइक पर भगवा झंडा लगा कर चलता था। कहा जा रहा है कि ऐसा वो हिन्दू लड़कियों को झाँसे में लेने के लिए करता था। आरोप है कि 2 माह पहले उसने एक अन्य हिन्दू लड़की से छेड़छाड़ की थी, जिस पर हिन्दू संगठन से जुड़े लोगों ने उसकी पिटाई भी की थी। इस केस में पुलिस ने आरिफ का इलाज करवा कर उसे छोड़ दिया था।

थाईलैंड में छोटे बच्चों के स्कूल में अंधाधुंध फायरिंग, 36 की मौत: हमलावर ने खुद के बीवी-बच्चे को भी गोली मारी, खुद भी मरा

थाईलैंड के पूर्वोत्तरी इलाके में गुरुवार (6 अक्टूबर 2022) को एक चाइल्ड केयर सेंटर में अंधाधुंध गोलियाँ चलीं। घटना में 36 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में कई बच्चे और कुछ औरतें हैं। पुलिस ने आरोपित की पहचान एक पूर्व पुलिसकर्मी के तौर पर की। बताया जा रहा है कि उसने हमले में खुद की बीवी और बच्चे को भी गोली मार दी। इसके बाद खुद की जान भी ले ली।

सामने आई वीडियोज में लोग फायरिंग से बचते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। वहीं कुछ लोग घायलों को संभाल रहे हैं। पुलिस के अनुसार, 34 साल के हमलावर (पूर्व पुलिसकर्मी) की पहचान पन्या कामराब के तौर पर हुई है। कथिततौर पर ड्रग्स केस में शामिल होने के कारण उसे नौकरी से निकाला गया था।

इसके बाद वह गुरुवार को सफेद रंग की टोयोटा गाड़ी से चाइल्ड सेंटर पर आया। गाड़ी पर बैंकॉक का नंबर था। यहाँ उसने बच्चों पर गोलियाँ चलाईं। साथ ही कुछ रिपोर्ट्स बता रही हैं कि उसने बच्चों पर चाकू से भी हमले किए। पुलिस का कहना है कि अभी मरने वालों की संख्या का ठीक से नहीं पता चल पाया है।जो मालूम हुआ है उसके अनुसार 24 बच्चों समेत 36 लोग इस गोलीबारी में मारे गए हैं। संख्या के बढ़ने का अनुमान है।

घटना की जानकारी होते ही सरकारी प्रवक्ता ने और प्रधानमंत्री ने हर एजेंसी को अलर्ट कर दिया है। लांफू प्रांत में भी सेना को भी अलर्ट दिया गया है। पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। कुछ रिपोर्ट्स कह रही हैं कि हमलावर ने खुद को गोली मार ली है जबकि कुछ में कहा जा रहा है कि पुलिस आरोपित को जल्द गिरफ्तार करने की बात कह रही है।

बता दें कि थाईलैंड में इससे पहले साल 2020 में एक सिपाही ने प्रॉपर्टी डील के मामले में 29 लोगों की हत्या कर दी थी। इस घटना में कुल 57 लोग घायल हुए थे।

दुर्गा माँ देखने जा रही लड़की पर कट्टरपंथी मुस्लिम गैंग का ‘एसिड अटैक’, अस्पताल में भर्ती: जबलपुर में सभी 10 आरोपित हिरासत में

मध्य प्रदेश के जबलपुर (Jabalpur, Madhya Pradesh) में नवरात्रि के दौरान अपनी माँ के साथ माता दुर्गा का दर्शन करने गई युवती पर मुस्लिम समुदाय के बदमाशों ने ज्वलनशील स्प्रे डाल दिया। इसके बाद युवती की त्वचा में जलन होने लगी और वह चिल्लाने लगी। इसके बाद आसपास लोग मौके पर पहुँचकर युवती को अस्पताल भेजा। घटना के बाद इलाके में तनाव हो गया है। इस मामले में पुलिस ने सभी 10 बदमाशों को गिरफ्तार किया है।

इस घटना की जानकारी जैसे ही हिंदू संगठनों को मिली, वे मौके पर पहुँच गए। हिंदूवादी संगठनों के अलावा सराफा एसोसिएशन के कार्यकर्ता भी कोतवाली थाने पहुँचकर आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की माँग की। घटना को लेकर थाने में सुबह तक हंगामे का माहौल बना रहा। भाजपा कार्यकर्ता आशीष जैन का कहना है कि मुस्लिम लड़कों ने हिंदू युवती पर तेजाब डाल दी, जिसकी शिकायत लेकर वे थाने पहुँचे।

घटना मंगलवार-बुधवार (4-5 अक्टूबर 2022) की रात की है। सराफा स्थित सुनरहाई इलाके में माता दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई थी। युवती अपने माँ के साथ रात लगभग 12:30 बजे दर्शन करने वहाँ गई थी। इसी दौरान झुंड बनाकर घूम रहे 10 बदमाशों ने उस पर ज्वलनशील पदार्थ स्प्रे कर दिया। युवती को चिल्लाने पर लोगों ने उसे अस्पताल पहुँचाया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस युवती से मिलने पहुँची और उसकी शिकायत पर भारतीय दण्ड संहिता (IPC) की धारा 354 तथा 324 के तहत मामला दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि अगर मेडिकल रिपोर्ट में उस पर एसिड अटैक की पुष्टि होती है तो FIR में अन्य धाराएँ भी जोड़ी जाएँगी।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपित सहित 10 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी लोग एक विशेष समुदाय के हैं। कहा जा रहा है कि घटना के बाद इन 10 बदमाशों में से तीन को दुर्गा समिति के कार्यकर्ताओं ने पकड़ लिया और उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया था।

पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर रही है और पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस युवती की पहचान करके निशाना बना गया था या यह युवती पर रैंडम अटैक था। पुलिस युवती पर हमले के पीछे की वजह की भी जाँच कर रही है। आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस ने उनके नामों का खुलासा नहीं किया है।

8 महीने की बच्ची के साथ माँ-बाप और चाचा को भी मार डाला, अमेरिका में किडनैप किए गए सिख परिवार के चारों सदस्यों की लाश एक बगीचे में

अमेरिका में कैलिफोर्निया के मर्सिड काउंटी से अगवा किए गए सिख परिवार के चार सदस्य एक बगीचे में मृत मिले हैं। परिवार के सदस्यों की पहचान 8 महीने की आरुही, उसकी माँ जसलीन कौर (27), पिता जसदीप सिंह (36) और जसदीप के भाई अमनदीप सिंह (39) के तौर पर हुई है। साउथ हाइवे 59 के 800-ब्लॉक से 3 अक्टूबर 2022 को इनका अपहरण किया गया था।

कैलिफोर्निया में मर्सिड काउंटी के शेरिफ (Sheriff of Merced County) ने गुरुवार (6 अक्टूबर 2022) को कहा है कि बंदूक की नोक पर अगवा की गई एक बच्ची और परिवार के तीन अन्य सदस्य मृत पाए गए हैं। इन सभी के शव मर्सिड काउंटी के एक बगीचे में मिले हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “हमें जिस बात का सबसे अधिक डर था, वही हुआ।”

अधिकारियों ने सैन फ्रांसिस्को के दक्षिण-पूर्व में सैन जोकिन घाटी के मर्सिड से 8 महीने की बच्ची और उसके परिवार के तीन अन्य सदस्यों का एक व्यक्ति द्वारा अपहरण किए जाने का वीडियो सोमवार (3 अक्टूबर 2022) को जारी किया था, जिसके बाद शेरिफ ने यह घोषणा की है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार (4 अक्टूबर 2022) की सुबह मर्सिड काउंटी शेरिफ ऑफिस को सूचना मिली थी कि अगवा किए गए परिवार के एटीएम कार्डों में से एक का इस्तेमाल एटवाटर में एक एटीएम में किया गया है। जाँच कर रहे अधिकारियों ने एटीएम कार्ड इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की तस्वीर सीसीटीवी फुटेज से निकाली। वह तस्वीर अपहृतों के ऑफिस से प्राप्त अपहरणकर्ता की तस्वीर के जैसे थी।

इसके बाद अन्य स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर शेरिफ कार्यालय ने उस व्यक्ति को पकड़ लिया। उसकी पहचान यीशु मैनुअल सालगाडो (48) के रूप में की गई। शेरिफ कार्यालय के मुताबिक गिरफ्तारी के दौरान आरोपित ने खुदकुशी का प्रयास किया था। हिरासत में उसका इलाज चल रहा है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

पीड़ित परिवार के एक पड़ोसी चरणजीत सिंह ने बताया कि अमनदीप और जसदीप के माता-पिता 29 सितंबर 2022 को ही अमेरिका से अपने गाँव हरसी लौटे हैं। गाँव पहुँचने के बाद वे हेमकुंड साहिब जाने के लिए ऋषिकेश निकले थे। जब वह ऋषिकेश पहुँचे तो उन्हें अमेरिका से बहू जसप्रीत कौर का फोन आया, जिसने उन्हें पति अमनदीप सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों के अपहरण की घटना के बारे में बताया।

अमनदीप और जसदीप के माता-पिता के पड़ोसी ने बताया कि घटना के बारे में पता चलते ही रणधीर सिंह और उनकी पत्नी मंगलवार (4 अक्टूबर 2022) शाम को ही अपने गाँव वापस आ गए और उसी रात अमेरिका के लिए रवाना हो गए।

बता दें कि सिख परिवार पंजाब के होशियारपुर के टांडा के हरसी गाँव का रहने वाला है। उनका अमेरिका में ट्रांसपोर्ट बिजनेस है। परिवार का अपहरण 3 अक्टूबर 2022 को किया गया था और इनकी गाड़ी बीच सड़क पर जली हुई मिली थी।

‘200 बर्गर बाँटो, FIR रद्द कर देंगे’ : दिल्ली HC ने ‘फर्जी’ रेप मामले पर दिया फैसला; पति ‘दोषी’ नहीं, पर देना पड़ा ₹4.5 लाख का जुर्माना

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक फर्जी रेप केस मामले में आरोपित बनाए गए व्यक्ति के खिलाफ हुई FIR रद्द करने के लिए एक अजीबोगरीब शर्त रखी। कोर्ट ने कहा कि वो आरोपित के खिलाफ हुई एफआईआर खारिज कर देंगे लेकिन उसे 100 से ज्यादा बच्चों वाले 2 अनाथालयों में बढ़िया क्वालिटी के 200 बर्गर देने होंगे।

कोर्ट ने अपना फैसला देते हुए पुलिस को निर्देश दिए कि वो देखें कि सभी बर्गर बढ़िया से और सुरक्षित माहौल में कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान देते हुए बनाए गए हों। कोर्ट ने ‘आरोपित’ को 4.5 लाख रुपए का जुर्माना ‘पीड़ित’ को एक दिन के अंदर भरने को भी कहा।

जस्टिस जसमीत सिंह की एकल पीठ ने इसे वैवाहिक विवाद कहा। जस्टिस सिंह बोलीं कि आईपीसी की धारा 376 के तहत अपराध को सरलता से निपटाने की अनुमति नहीं है लेकिन इस मामले में अजीबोगरीब तथ्य और परिस्थितियाँ हैं। दोनों पार्टियों नें एक दूसरे से शादी की थी और दोनों के बीच मनमुटाव था। इसके चलते दोनों ने अलग होने का फैसला लिया। सिंह ने कहा- ये वैवाहिक विवाद का मामला है।

जस्टिस सिंह ने आगे कहा कि एफआईआर पीड़ित को दी गई गलत सलाह और गलतफहमी की वजह से दर्ज की गई। जिसके बाद से ये पूरा मामला 2020 से चल रहा है। पुलिस और न्यायपालिका इतना समय किन्हीं महत्वपूर्ण मामलों को दे सकती थीं, जो कि अब बर्बाद हो गया।

कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को कुछ पुण्य का काम करना चाहिए। याचिकाकर्ता के मुताबिक वो नोएडा और मयूर विहार में रेस्ट्रां चलाता है जिनके नाम बर्गर सिंह और वॉट-अ-बर्गर है। उसे साफ-सुथरे ढंग से अच्ची क्वालिटी के 200 बर्गर बनाकर दो अनाथालयों में देने होंगे जहाँ कम से कम 100 बच्चे हों।

कोर्ट के ऐसे आदेश के बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर झूठा केस करने वाली महिला पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। NCM इंडिया काउंसिल फॉर मेन अफेयर्स ने इस जानकारी को साझ करते हुए कहा,

“दिल्ली हाईकोर्ट ने एक फर्जी एफआईआर को खारिज करतदे हुए आरोपित को 200 बर्गर बाँटने का आदेश दिया। औरत को कोई सजा नहीं। बल्कि उसे 4.5 लाख का मुआवजा मिला है। मैरिटल रेप कानून आने के बाद तो आप कंबल, बिरयानी, कंडोम बाँटने को भी कह सकते हो।”

कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को कहा ‘चमचा’: भाजपा ने आपत्ति जताते हुए कहा- उनकी मानसिकता दलित-आदिवासी विरोधी

अपने विवादित बयानों के लिए पहचाने जाने वाले कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ‘नमक’ वाले बयान पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर बवाल मचा दिया है। राजनीतिक मर्यादा को पार करने के बाद भाजपा ने उदित राज और कॉन्ग्रेस पर निधाना साधा है और कहा है कि उनकी टिप्पणी आदिवासी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब उदित राज ने इस तरह की शब्दों का इस्तेमाल किया हो। उदित राज ने ट्विटर पर लिखा था कि किसी भी देश को द्रौपदी मुर्मू जी जैसा राष्ट्रपति ना मिले। चमचागिरी की भी हद होती है।

संबित पात्रा ने कहा कि राष्ट्रपति के लिए कॉन्ग्रेस नेता उदित राज द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। यह पहली बार नहीं है, जब उन्होंने ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया है। इससे पहले कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी ऐसा किया था। संबित पात्रा ने कहा कि कॉन्ग्रेस की मानसिकता ही दलित-आदिवासी विरोधी है।

उदित राज की इस बयान की हर तरफ आलोचना हो रही है। उनका बयान राष्ट्रपति पद की गरिमा गिराने वाला बताया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट किया कहा कि राष्ट्रपति के लिए उनके मन में पूरा सम्मान है और उनका बयान कॉन्ग्रेस का नहीं, बल्कि निजी है।

उदित राज के बयान पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लिया है और कॉन्ग्रेस नेता से इसके लिए माफी माँगने की बात कही है। आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने ट्वीट कर कहा, “देश की सर्वोच्च शक्ति और अपनी कड़ी मेहनत से इस मुकाम तक पहुँची महिला के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक बयान। उदित राज को अपने अपमानजनक बयान के लिए माफी माँगनी चाहिए। @NCWIndia उन्हें नोटिस भेज रहा है।”

मूर्ति विसर्जन के दौरान नदी में आई बाढ़, 8 लोगों की मौत: पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी हादसे में अभी भी तलाशी अभियान जारी

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी (Jalpaiguri) जिले में दुर्गा विसर्जन के दौरान बुधवार (5 अक्टूबर 2022) रात को बड़ा हादसा हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जलपाईगुड़ी में माल नदी (Mal River) में विसर्जन के दौरान अचानक आई बाढ़ से 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग लापता हैं।

जलपाईगुड़ी की जिला मजिस्ट्रेट मौमिता गोदारा बसु ने कहा, “एक बच्चे सहित आठ लोगों की मौत हो गई है। 13 अन्य घायल हो गए। 50 से अधिक लोगों को बचा लिया गया है। डाउनस्ट्रीम में अभी भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। वहाँ अभी भी बारिश हो रही है।”

एसपी देवर्षि दत्ता के मुताबिक, कई लोग नदी में बह गए हैं। एनडीआरएफ और नागरिक सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। बचाव कार्य जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग मूर्ति विसर्जन के लिए नदी के तट पर जमा हुए थे। अचानक आई बाढ़ के कारण चंद सेकेंड में ही पानी का स्तर 6 इंच से बढ़कर 3.5 फुट हो गया। बाढ़ में कई वाहन भी बह गए हैं, जिनमें मूर्तियों को लेकर आया गया था। इसके साथ ही कई घरों को भी नुकसान पहुँचा है। प्रशासन के अनुसार सभी पीड़ितों की पहचान कर ली गई है।

एक स्थानीय निवासी राजेन मुर्मू ने कहा, “अगर प्रशासन ने भारी बारिश और जल स्तर में वृद्धि की संभावना के बारे में चेतावनी दी होती, तो यह दुर्घटना टल सकती थी।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इस घटना पर दुख जताया है। पीएम ने कहा, “पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान हुए हादसे से दुखी हूँ। इस हादसे में अपनों को खोने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ।”

घटना का वीडियो शेयर करते हुए बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वह इस खबर से दुखी हैं कि माल नदी में अचानक आई बाढ़ में कई लोगों की मृत्यु हो गई है। उन्होंने अधिकारियों से बचाव प्रयासों को तेज करने और संकट में फँसे लोगों को सहायता प्रदान करने को कहा है। ट्वीट में उन्होंने लिखा “मैं जलपाईगुड़ी के डीएम और मुख्य सचिव पश्चिम बंगाल से अनुरोध करता हूँ कि वे बचाव के प्रयासों को तत्काल तेज करें और संकट में पड़े लोगों को सहायता प्रदान करें।”

मुकेश अंबानी की फैमिली को जान से मारने की धमकी, दो बार आया फोन: रिलायंस अस्पताल को बम से उड़ाने की भी बात कही

रिलायंस ग्रुप के मुखिया मुकेश अंबानी और उनके पारिवारिक सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी गई है। धमकी देने वाले ने मुंबई स्थित HN रिलायंस फॉउन्डेशन अस्पताल को भी बम से उड़ाने की बात कही है। बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को रिलांयस हॉस्पिटल में 5 घंटे के अंतराल में 2 बार फोन के जरिए धमकी दी गई। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक HN रिलायंस फॉउंडेशन अस्पताल के लैंडलाइन पर पहली कॉल दोपहर 12 बज कर 57 मिनट पर आई। लगभग 5 घंटे बाद शाम 5 बज कर 4 मिनट पर दुबारा फोन आया। कॉलर ने रिलायंस अस्पताल उड़ाने की बात कही। साथ ही मुकेश अंबानी, उनकी पत्नी नीता और बेटों आकाश तथा अनंत को भी मार की धमकी दी।

इन फोन कॉल को लेकर डीबी मार्ग थाने में शिकायत की गई। इसके बाद मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस के मुताबिक धमकी एक मोबाइल नंबर से दी थी, जिसे एक विशेष टीम बना कर ट्रेस करने की कोशिश कर रही है। मुकेश अंबानी को 29 सितम्बर 2022 को सरकार ने Z+ सुरक्षा दी थी।

गौरतलब है कि अंबानी परिवार को इस प्रकार की धमकी पहली बार नहीं मिली है। इससे पहले 15 अगस्त को भी एक व्यक्ति ने फोन पर मुकेश और नीता अंबानी को जान से मारने की धमकी दी थी। तब धमकी भरे 8 फोन रिलायंस अस्पताल में किए गए थे। उस समय आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया था।

इसके अलावा फ़रवरी 2021 में अंबानी के घर एंटीलिया के पास एक कार में विस्फोटक मिला था। इस केस में मुंबई पुलिस के इंस्पेक्टर सचिन वाजे का नाम आया था। मामले की जाँच NIA कर रही है। सितम्बर 2021 में एक टैक्सी ड्राइवर ने पुलिस को सूचना दी थी कि उर्दू में बात करने वाले 2 संदिग्धों ने मुकेश अंबानी के घर का पता पूछा था।

‘अब भी PFI के 2 लाख मेंबर एक्टिव, औरतों का भी दस्ता’: रिपोर्ट में बताया- स्थायी सदस्यों को निकाह की इजाजत नहीं, चार स्टेज की ट्रेनिंग

कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से इस कट्टरपंथी इस्लामी संगठन को लेकर लगातार नई जानकारी सामने आ रही है। इसके मुताबिक पीएफआई ने ग्रामीण इलाकों तक अपनी पैठ बना रखी है। उसके करीब 2 लाख मेंबर अभी भी एक्टिव हैं। औरतों का अलग दस्ता है। साथी संगठन के स्थायी सदस्यों को निकाह की इजाजत नहीं थी।

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट से ये तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन सूचनाओं को इकट्ठा करने के लिए पीएफआई की जाँच से लंबे समय से जुड़े अधिकारियों से बात की गई है। कट्टरपंथी संगठन के महत्वपूर्ण ठिकानों की पड़ताल की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार PFI में चार स्टेज में ट्रेनिंग दी जाती थी। जो तीसरे स्टेज की ट्रेनिंग हासिल करने के लिए चुने जाते थे, वे स्थायी सदस्य होते थे। इन्हें कट्टरपंथी विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए अपने घरों से दूर जाना पड़ता था। इन्हें सैलरी मिलती थी। साथ ही अन्य खर्चे भी संगठन उठाता था। सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद उनकी पैरवी के लिए सुप्रीम कोर्ट के वकील तक लगाए जाते थे।

दूसरे चरण ट्रेनिंग में कट्टरपंथी फॉलोवर बनाने का काम मिलता था। पुलिस से निबटने की ट्रेनिंग मिलती थी। इस दौरान कैडरों को सैलरी भी मिलने लगती थी। अकेले बिहार में 15000 कैडरों के ट्रेनिंग लेने का खुलासा फुलवारी शरीफ में छापेमारी के बाद पटना पुलिस ने किया था।

ट्रेनिंग के लास्ट स्टेज में केवल 5% खासमखास कैडरों को विदेशी नेटवर्क बनाने के काम पर लगाया जाता था। इन्हे दूसरे देशों के पैसे जुटाने आदि के काम सौंपे जाते थे। एक जाँच में पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया पर सीरिया में चल रही लड़ाई के लिए भारत में भर्ती अभियान चलाने का आरोप लगा था। इस भर्ती अभियान में कैडरों को हथियार चलाने और बम बनाने की ट्रेनिंग दी जाती थी। PFI पर साल 2047 तक भारत को इस्लामी मुल्क में तब्दील करने की साजिश रचने का आरोप है।

‘आदिपुरुष गरिमा के खिलाफ, इस पर लगे प्रतिबंध’: अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी बोले- विवाद पैदा करने के लिए न हो फिल्मों का निर्माण

500 करोड़ के बजट में बनी फिल्म ‘आदिपुरुष’ के टीजर पर विवाद जारी है। फिल्म में भगवान राम, हनुमान और रावण के गलत चित्रण को लेकर इस पर तत्काल बैन लगाने की माँग की गई है। उत्तर प्रदेश में अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को कहा कि भगवान राम, हनुमान और रावण का चित्रण महाकाव्य के अनुसार नहीं है। ये फिल्म उनकी गरिमा के खिलाफ है। मुख्य पुजारी ने आगे कहा कि फिल्म बनाना कोई अपराध नहीं है, लेकिन उन्हें सुर्खियों में लाने के लिए जानबूझकर विवाद पैदा करने के लिए नहीं बनाया जाना चाहिए।

दरअसल, प्रभास (Prabhas), सैफ अली खान (Saif Ali Khan) और कृति सेनन (Kriti Sanon) स्टारर ‘आदिपुरुष’ का 1.46 मिनट का टीजर 2 अक्टूबर 2022 को अयोध्या में रिलीज किया गया था। उसके बाद से ही यह फिल्म विवादों में है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी इस टीजर की निंदा की है। उन्होंने कहा कि हिंदू देवी-देवताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पाठक ने कहा, “संतों ने जो कुछ भी कहा है, उस पर ध्यान देने की जरूरत है। फिल्मों ने अक्सर हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाई है। जब भी हमारी संस्कृति पर हमला हुआ, इन्हीं संतों और अखाड़ों ने हमारी संस्कृति को बचाया है। हमें अपनी संस्कृति पर गर्व है।”

वहीं, इस फिल्म को लेकर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “मैंने अभी तक टीजर नहीं देखा, लेकिन अगर इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है, तो इसे दर्शकों को दिखाने से पहले ठीक करने की जरूरत है।”

इससे पहले भाजपा प्रवक्ता मालविका अविनाश ने रावण के चित्रण को लेकर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था, “मैं इस बात से दुखी हूँ कि निर्देशक ने रामायण को लेकर कोई शोध नहीं किया। वाल्मीकि की रामायण, कम्बा रामायण या तुलसीदास की रामायण को लेकर की गईं कई व्याख्याएँ हैं, जो पूरी दुनिया में उपलब्ध है। वे रामायण का सुंदर चित्रण करते हैं। कम से कम वे हमारे देश में पहले से बनी फिल्मों पर तो शोध कर ही सकते थे।’ अविनाश ने कहा, “टीजर में दिखाई देने वाला रावण मुझे भारतीय नहीं दिखता। वह नीली आँखों वाला, चमड़े की जैकेट पहने हुए है। रचनात्मक और स्वतंत्रता की आड़ में ये हमारे इतिहास को इस तरह से पेश नहीं कर सकते।” मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी फिल्म के आपत्तिजनक दृश्यों को नहीं हटाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।