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बाल ठाकरे का बेटा सीएम शिंदे के साथ मंच पर, ‘गर्व से कहो हिंदू हैं’ के लगे नारे: दशहरा रैली में ‘उद्धव की गद्दारी’ पर चर्चा

महाराष्ट्र (Maharashtra) में शिवसेना (Shiv Sena) के दोनों गुटों ने आज बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को दशहरा रैली का आयोजन कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) गुट ने बाला साहेब की कुर्सी को श्रद्धांजलि दी और 51 फीट लंबी तलवार की पूजा की। इस दौरान सीएम शिंदे ने कहा कि उनका बेटा सीएम पद का उत्तराधिकारी नहीं होगा, बल्कि जो उत्तराधिकारी होगा, वही उनका बेटा होगा।

शिंदे गुट की रैली में बाला साहेब ठाकरे (Bala Saheb Thackeray) के बेटे जयदेव ठाकरे (Jaidev Thackeray) और उनकी पूर्व पत्नी स्मिता ठाकरे (Smita Thackeray) भी उपस्थित रहीं। इसके अलावा, बाला साहेब के निजी सहायक चंपा सिंह थापा भी उपस्थित थे। इस दौरान लोगों की मौजूदगी में तलवार की शस्त्र पूजा की गई।

रैली से पहले शिंदे कवि हरिवंश राय बच्चन की पंक्ति ‘मेरा बेटा उत्तराधिकारी नहीं होगा, उत्तराधिकारी ही मेरा बेटा होगा’ ट्वीट किया। अपने ट्वीट में उन्होंने उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे पर निशाना साधते हुए लिखा, “मेरे बेटे, बेटे होने से मेरे उत्तराधिकारी नहीं होंगे, जो मेरे उत्तराधिकारी होंगे, वो मेरे बेटे होंगे – हरिवंशराय बच्चन।”

रैली में बोलते हुए शिंदे ने कहा कि महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार में उद्धव कॉन्ग्रेस (Congress) और एनसीपी (NCP) की धुन पर नाचते रहे। उन्होंने कहा कि गद्दारी हुई थी, लेकिन 2019 में। महाविकास अघाड़ी की सरकार बनाकर गद्दारी की गई थी।

इस दौरान एकनाथ शिंदे ने कहा, “बाला साहेब ठाकरे के विचार हमारे साथ हैं।” बाला साहेब के विचारों को समर्थन देने के लिए उन्होंने रैली में आए लोगों का आभार व्यक्त किया। सीएम शिंदे ने मंच से ‘शिवाजी महाराज की जय’, ‘बाला साहेब जिंदाबाद’ और ‘गर्व से कहो हम हिंदू हैं‘ के नारे लगवाए।

बता दें कि आज रैली से पहले दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट की घटना सामने आई थी। घटना नासिक-आगरा हाईवे पर इगतपुरी-कसरा शिवारा की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ठाकरे गुट के समर्थकों को ले जा रही बस को शिंदे गुट वाली बोलेरो ने ओवरटेक किया। इसके बाद शिंदे गुट के समर्थकों ने ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं की ओर इशारे किया। इसके बाद महिला कार्यकर्ताओं ने बोलेरो को रोकर शिंदे समर्थकों की पिटाई कर दी।

ठाकरे गुट के 2 सांसद और 5 विधायक टूटने का दावा

उधर शिंदे शिवसेना के लोकसभा सदस्य कृपाल तुमाणे ने बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को दावा किया कि उद्धव ठाकरे गुट के 2 सांसद और 5 विधायक शाम को दशहरा रैली में मुख्यमंत्री शिंदे की लीडरशिप में शामिल होंगे। शिवसेना के जिन 2 सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने की बात कही जा रही है, उनमें एक मुंबई और एक मराठवाड़ा क्षेत्र से बताए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि इस साल जून में शिवसेना दो फाड़ हो गई थी। इस समय शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट के साथ पार्टी के 40 विधायक और 12 लोकसभा सांसद हैं। वहीं, उद्धव ठाकरे गुट के साथ 15 विधायक और 6 लोकसभा सदस्य बचे हुए हैं।

जिस गेट में अंदर से लगा ताला, वहाँ महबूबा मुफ्ती हो गईं नजरबंद: ‘कहीं भी जाने लिए स्वतंत्र’ लिख श्रीनगर पुलिस ने दिया जवाब

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) के कश्मीर दौरे के दौरान उन्हें नजरबंद कर दिया गया है। हालाँकि, पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया है।

महबूबा मुफ्ती ने बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को ट्विटर पर एक बंद गेट की तस्वीर शेयर की है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा:

“एक ओर गृहमंत्री अमित शाह कश्मीर में सब कुछ सामान्य होने का दावा करते हुए घूम रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री को घर में ही बंद कर दिया गया है। मुझे एक कार्यकर्ता की शादी के लिए पट्टन जाना था। अगर एक पूर्व सीएम के मौलिक अधिकारों को इतनी आसानी से छीना जा सकता है, तो आम आदमी की दुर्दशा के बारे में सोच भी नहीं सकते हैं।”

महबूबा मुफ्ती के दावे का खंडन करते हुए श्रीनगर पुलिस ने इसका जवाब दिया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “उनके द्वारा ट्वीट की गई तस्वीर गेट के अंदर की है, जिसमें बंगले में रहने वाले लोगों ने अपना ताला लगाया है। वह कहीं भी जाने लिए स्वतंत्र हैं।” इसके आगे श्रीनगर पुलिस ने लिखा, “हमें बताया गया था कि वो पट्टन के लिए 1 बजे रवाना होंगी। उनकी यात्रा पर कोई प्रतिबंध नहीं है।”

इसके बाद महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर पुलिस के ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बारामूला के एसपी रईस मोहम्मद भट्ट का नाम लेते हुए लिखा, “मुझे मंगलवार (4 अक्टूबर 2022) रात बताया गया कि मैं पट्टन नहीं जा सकती हूँ। आज जम्मू-कश्मीर पुलिस ने खुद ही मेरे गेट को अंदर से लॉक कर दिया और अब वह झूठ बोल रहे हैं। यह दुखद है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ बड़ी ही बेशर्मी से अपनी गलतियाँ छिपाने के लिए इस तरह का झूठ बोल रही हैं।”

आपको बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर 2022 से 3 दिन के जम्मू-कश्मीर दौरे पर हैं। अमित शाह ने राजौरी में मंगलवार (4 अक्टूबर 2022) को एक रैली को संबोधित करते हुए गाँधी, मुफ्ती और अब्दुल्ला परिवार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा:

“70 साल तक जम्मू-कश्मीर पर 3 परिवारों ने राज किया। लोकतंत्र सिर्फ अपने परिवारों में बना दिया था। तीन परिवारों ने लोकतंत्र और जम्हूरियत का मतलब सिर्फ पीढ़ियों तक शासन करना बना दिया था। पहले जो हक 3 परिवारों के पास था, आज वह अधिकार 30 हजार लोगों को मिला है।”

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रैली में मोदी-मोदी के नारे लगने पर कहा कि यह उन लोगों के लिए जवाब है, जो कहते थे कि अनुच्छेद-370 हटेगा तो आग लग जाएगी… खून की नदियाँ बह जाएँगी।

PKMKB ट्वीट शेयर किया शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने: घेरने चली थीं शिंदे सरकार को, लोगों ने लिए मजे

पूर्व कॉन्ग्रेस नेता और फिलहाल शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी (Priyanka Chaturvedi) ने महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) सरकार पर हमला करने के चक्कर में अपनी ही किरकिरी करा ली। बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर पीकेएमकेबी (PKMKB) का स्क्रीनशॉट साझा किया है, जिसमें शिंदे सरकार की प्रशंसा की गई है।

महाराष्ट्र में शिवसेना (Shiv Sena) नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर एकनाथ शिंदे ने राकांपा-शिवसेना-कॉन्ग्रेस की महाआघाड़ी सरकार को गिरा दिया था। ऐसे में प्रियंका चतुर्वेदी ने शिंदे सरकार पर हमला करने के लिए उनकी प्रशंसा करने वाले ‘पीकेएमकेबी’ (@OfficialPKMKB) के ट्वीट का सहारा लिया। मतलब कॉमन सेंस को कोने में डाल दिया, जो समझ में आए-ना आए… ट्वीट कर दिया।

प्रियंका चतुर्वेदी का PKMKB वाला ट्वीट

इस ट्वीट पर किस-किस तरह के रिएक्शन आए हैं, जरा उनको भी देखा जाए:

अब बात करते हैं ‘पीकेएमकेबी’ हैंडल की। दरअसल, यह एक पैरोडी अकाउंट है। इन दिनों ट्विटर पर पैरोडी अकाउंट्स को काफी पसंद किया जा रहा है। मजाकिया लहजे में खबरें परोसने वाले इन अकाउंट्स में यूजर्स कई बार असली और नकली का फर्क करने में गच्चा खा जाते हैं और फेक न्यूज को असली मानकर शेयर किया जाने लगता है।

पैरोडी अकाउंट्स के ट्वीट को सही समझने की यही गलती शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी की। हालाँकि, उनका ध्यान ट्विटर हैंडल के बायो पर नहीं गया होगा, ऐसी उम्मीद कर सकते हैं आप। अगर गया होता तो वह आसानी से समझ सकतीं कि यह एक ट्रोल अकाउंट है और इसका स्क्रीनशॉट साझा नहीं करतीं।

ध्यान देने लायक बात यह भी है कि ‘पीकेएमकेबी’ हैंडल का स्थान कराची, पाकिस्तान की बजाए कराची, भारत लिखा हुआ है। यह तो हर कोई जानता है कि कराची अभी पाकिस्तान का हिस्सा है न कि भारत का। लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि पीकेएमकेबी वास्तव में भारतीयों द्वारा पाकिस्तानियों का मजाक उड़ाने के लिए बनाया गया पैरोडी अकाउंट है।

14 फरवरी 2019 को पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान बलिदान हो गए थे। इसके बाद सीमा पार आतंकी शिविरों को नष्ट करने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी। तब से भारतीय ट्विटर यूजर्स अक्सर ‘पीकेएमकेबी’ का इस्तेमाल यहाँ पाकिस्तान से जुड़ी खबरों को मजाकिया लहजे में शेयर करने के लिए करते हैं, जैसे पाकिस्तान की हार हो, या फिर क्रिकेट मैच हो या फिर कोई और खबर।

पैरोडी अकाउंट और रियल अकाउंट में फर्क न कर पाना प्रियंका चतुर्वेदी के सामान्य ज्ञान पर प्रश्न उठाता है कि वह देश में चल रही गतिविधियों से कितनी अंजान हैं।

प्रियंका चतुर्वेदी और उनका गणित

इससे पहले भी प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने खराब गणित का परिचय देते हुए मोदी सरकार पर हमला किया था। कोरोना वायरस के कारण लगाए गए लॉकडाउन के दौरान उन्होंने झूठा दावा किया था कि मोदी सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के लिए विशेष ट्रेनें चलाकर भारी मुनाफा कमाया है। तब शिवसेना नेता ‘अर्जित राजस्व’ और ‘लाभ’ के बीच के अंतर को समझने में विफल रही थीं।

उस समय प्रियंका चतुर्वेदी के दावों भारतीय रेलवे ने भारी मुनाफा कमाया है, के विपरीत रेलवे ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने पर 2142 करोड़ रुपए खर्च किए थे। लेकिन सिर्फ 429 करोड़ रुपए का राजस्व कमाया था और कोई लाभ नहीं हुआ था। वास्तव में, मोदी सरकार को श्रमिक ट्रेनें चलाने के बाद लगभग 1700 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था।

इससे पहले 2014 की शुरुआत में, उन्हें संख्याओं को गलत तरीके से पढ़ते हुए और मोदी सरकार पर हमला करते हुए भी देखा गया था।

प्रियंका चतुर्वेदी का 2014 वाला ट्वीट

उस समय प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा था कि उपभोक्ता वस्तुओं के लिए औद्योगिक उत्पादन का सूचकांक जून 2014 में 23.4 से जुलाई 2014 में 20.9 हो गया, जो वास्तव में सूचकांक में वृद्धि है। प्रियंका ने इसके जरिए मोदी सरकार पर कटाक्ष करने की कोशिश की थी। जब गलती समझ में आई तो उन्होंने यह ट्वीट डिलीट कर दिया था।

महिलाओं को अपना प्राइवेट पार्ट दिखाने वाले साजिद खान को Bigg Boss में लेने पर भड़कीं मंदाना करीमी, कहा- इंडस्ट्री में महिलाओं का कोई सम्मान नहीं है

बॉलीवुड अभिनेत्री मंदाना करीमी (Mandana Karimi) ने सीजन-16 (Bigg Boss 16) में साजिद खान (Sajid Khan) को एक प्रतिभागी के रूप में लेने पर बिग बॉस के निर्माताओं के प्रति नाराजगी जाहिर की है। करीमी उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने साजिद खान पर MeeToo का आरोप लगाया था।

एक अंग्रेजी दैनिक को दिए साक्षात्कार में मंदाना करीमी ने कहा कि फिल्म उद्योग में ‘महिलाओं के लिए कोई सम्मान नहीं’ है। मंदाना ने कहा कि बॉलीवुड में अब काम करने का उनका कोई इरादा नहीं है। मंदाना करीमी अंतिम बार एकता कपूर की सीरियल लॉकअप में दिखी थीं।

मंदाना ने कहा, “लोगों के लिए जीवन ऐसा बन गया है कि अगर इससे मुझे फायदा होने वाला है और मैं पैसा कमा सकती हूँ तो कौन परवाह करता है? इंडस्ट्री एक ऐसी जगह है, जहाँ कोई किसी की माँ, प्रेमी, प्रेमिका या पति होता है। यह ऐसा है कि ‘तुम मेरी पीठ खुजलाओ और मैं तुम्हारी पीठ खुजलाऊंगा।”

बता दें कि सिर्फ मंदाना करीमी ने ही नहीं, बल्कि BB OTT फेम उर्फी जावेद ने भी साजिद खान के बिग बॉस में भाग लेने की आलोचना की है। वहीं, साजिश पर आरोप लगाने वाली सोना महापात्रा ने भी निर्माताओं की आलोचना की है।

उर्फी ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर लिखा है, “बिग बॉस आपने ऐसा क्यों किया? जब आप जब आप सेक्सुअल प्रिडेटर्स का सपोर्ट करते हैं, तब आप उनको बताते हैं कि जो उन्होंने किया वो ठीक है। इन आदमियों को यह जानना जरूरी है कि यह व्यवहार ठीक नहीं है। वे इससे बच नहीं सकते। यौन शिकारियों के साथ काम करना बंद कीजिए।”

उर्फी ने आगे कहा, “यह कॉन्ट्रोवर्शियल नहीं, बहुत शर्मनाक है। साजिद खान ने जो किया उसके लिए उसने कभी माफी नहीं माँगी। सोचिए, जिन लड़कियों को उसने प्रताड़ित किया वे क्या महसूस कर रही होंगी।”

सेक्सुअल हैरेसमेंट का जिक्र करते हुए उर्फी ने लिखा, “साजिद पर आरोप है अपने प्राइवेट पार्ट्स लड़कियों को दिखाना। एक्ट्रेस बनने की चाहत रखने वाली लड़कियों को फिल्म में लेने के लिए न्यूड्स भेजने को कहना। महिलाओं से भद्दी और अश्लील भाषा का इस्तेमाल करना। महिला साथियों के सामने पोर्न कॉन्टेंट देखना।”

उर्फी ने कश्मीरा शाह और शहनाज गिल को भी नहीं बख्शा। शहनाज की साजिद के सपोर्ट पर उर्फी ने लिखा कि कोई सेक्सुअल प्रिडेटर की तारीफ कैसे कर सकता है। उन्होंने कहा, “आप सब उसे हीरो बना रहे हैं। इसने स्क्रिप्ट से क्या हँसाया, असल जिंदगी में इसने जाने कितनी लड़कियों को रूलाया है।”

बता दें कि दिवंगत जिया खान की बहन करिश्मा का एक वीडियो क्लिप भी सामने आया था, जिसमें साजिद की करतूत दिखती है। क्लिप बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री का एक हिस्सा है। इसमें करिश्मा कहती हैं, “मुझे याद है कि मैं अपनी बहन (जिया) के साथ साजिद खान के घर गई थी। उस समय मैं शायद सिर्फ़ 16 साल की थी। हम लोग किचन टेबल के पास थे। मैंने पतली स्ट्रिप वाला टॉप पहना था और टेबल पर झुकी हुई थी।” 

वीडियो में आगे जिया की बहन कहती हैं, “वो मुझे लगातार देख रहा था और उसने अचानक कहा- “ओह इसे मेरे साथ सेक्स करना है।” मेरी बहन जिया फौरन मेरे पक्ष में आई और कहा, “तुम क्या कह रहे हो।”

साजिद खान ने कहा, “देखो, ये कैसे बैठी है।” इस पर मेरी बहन ने कहा, “अरे नहीं। ये मासूम है और छोटी भी। वो ये सब नहीं चाहती।” इसके बाद करिश्मा ने बताया कि वो अपनी बहन के साथ वहाँ से चली आई। लेकिन उन्होंने वीडियो में बताया कि उन्हें बहुत हैरानी और घिनौना महसूस हो रहा था। जिया की बहन कहती हैं कि जब साजिद खान ने उनकी बहन से टॉप उतारने को कहा था, तब वह घर आकर बहुत रोईं थीं।

करिश्मा ने कहा था, “वो रिहर्सल का समय था। वह स्क्रिप्ट पढ़ रही थी, तभी उसने (साजिद) ने उससे उसका टॉप और ब्रा हटाने को कहा। उसे नहीं समझ आया कि वो क्या करे। उसने कहा था कि अभी तो फिल्म शुरू भी नहीं हुई और ये सब अभी से हो रहा है। वो घर आकर बहुत रोई थी। उसका कहना था कि उनके पास कॉन्ट्रैक्ट हैं। अगर मैंने छोड़ा तो मुझ पर मुकदमा होगा। अगर नहीं छोड़ा तो मेरा यौन उत्पीड़न होगा। हर स्थिति हारने वाली है।’”

बॉयफ्रेंड रॉकी जायसवाल के साथ हिना खान ने लिया माँ दुर्गा का आशीर्वाद: अल्लाह, इस्लाम, फतवा… मिल रही हर तरह की धमकी-गाली

बॉलीवुड अभिनेत्री और टीवी इंडस्ट्री का जाना माना चेहरा हिना खान (Hina Khan) नवमी के दिन माँ दुर्गा के दरबार में आशीर्वाद लेने पहुँची। उन्होंने माँ के दरबार में पहुँच कर वहाँ अपनी तस्वीरें भी क्लिक करवाईं। यही उनकी तकलीफ का कारण बनी। कट्टरपंथी इस्लामी अब उनके पीछे पड़े हैं।

‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में अक्षरा की भूमिका निभाकर घर-घर में अपनी अलग पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस ने अपने 4 अक्टूबर 2022 को इंस्टाग्राम पर भी ये तस्वीरें शेयर कीं। जहाँ कुछ लोगों को उनका ट्रेडिशनल लुक पसंद आ रहा है, वहीं कुछ मुस्लिम यूजर्स ऐसे भी हैं, जो उन्हें माँ के दरबार में हाजिरी लगाने पर ट्रोल कर रहे हैं।

फोटो साभार: हिना खान इंस्टाग्राम

एक यूजर ने लिखा, “शर्म तो आ नहीं रही होगी आपको। बेशर्म एक्ट्रेस मेरी इतनी फेवरेट थी आप।”

इजहार अंसारी नाम के यूजर ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि बिग बॉस की सना को देखो और इनको देखो। अल्लाह इनको हिदायत दे, खैर। इसके बाद नावेद खान लिखता है, “इस पर फतवा लगाना जरूरी है।” समीर अजीज भी हिना खान पर भड़कते हुए लिखता है, “कम से कम अल्लाह के खौफ से डरो।”

फोटो साभार : हिना खान इंस्टाग्राम

इसके अलावा खातिजा मलिक ने लिखा, ‘‘यार कैसी मुस्लिम हैं आप। हमारा रब हमें इस बात की इजाजत नहीं देता यार। आप एक मुस्लिम हो।” एक और यूजर ने लिखा, “हिना ये सब मत करो। अपने पिता के लिए मगफिरा (God’s Forgiveness) का जरिया बनो। उन्हें आपकी दुआओं की जरूरत है। अगर आप ऐसी चीजों में शामिल होंगी, तो आप ये सब नहीं कर पाएँगी।”

हिना खान के फोटो शेयर करते ही मुस्लिम यूजर्स उन्हें इस्लाम की दुहाई देने लगे। एक अन्य यूजर ने कहा, “यदि आप मानती हैं कि आप मुस्लिम हैं तो आप गलत हैं। आप मुस्लिम होती तो ऐसा नहीं करती। अपना नाम बदल कर कोई हिंदू नाम रख लें ओके।”

फोटो साभार : हिना खान इंस्टाग्राम

इन मुस्लिम यूजर में लड़कियाँ भी शामिल हैं। मरियम कादरी लिखती हैं, “अल्लाह इसे हिदायत दे। मुस्लिम होकर पूजा में शामिल हो रही है।”

फोटो साभार : हिना खान इंस्टाग्राम

खान उजेर ने लिखा, “तुम पर शर्म आती है… तुम ऐसा कैसे कर सकती हो… यह गलत है… पता होते हुए हुए भी काफिरों के त्योहारों में जा रही तू… तेरी हिम्मत कैसे हुई… गणपति में भी तुमने पैर पर माथा टेका था। समझ वगैरा है कि नहीं सिर्फ अल्लाह के सामने सिर झुकाओ… अल्लाह हिदायत दे।”

आपको बता दें कि हिना खान अपने बॉयफ्रेंड रॉकी जायसवाल के साथ दुर्गा माँ का आशीर्वाद लेने गई थीं। हिंदू बॉयफ्रेंड के कारण भी कट्टरपंथी मुस्लिमों को मिर्ची लगी होगी, ऐसा कयास लगाया जा सकता है।

ठाकरे गुट के 2 MP और 5 MLA के शिंदे कैंप में आने का दावा: महाराष्ट्र में दशहरा रैली से पहले दोनों गुटों के समर्थकों के बीच मारपीट, अश्लील इशारे का आरोप

महाराष्ट्र (Maharashtra) में शिवसेना (Shivsena) में टूट के बाद पहली बार दोनों गुट के लोग दशहरा रैली का आयोजन कर रहे हैं। इस दौरान के दौरान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Ex-CM Uddhav Thackeray) गुट के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट हुई। वहीं, ठाकरे गुट के कुछ सांसद-विधायकों के शिंदे गुट में शामिल होने की बात कही जा रही है।

दरअसल, कोर्ट के आदेश ने उद्धव ठाकरे को दादर के शिवाजी पार्क में रैली की इजाजत दी थी। यहाँ पर शिंदे गुट ने भी रैली का दावा पेश किया था। इसके बाद मामला कोर्ट में चला गया। बाद में शिंदे गुट को BKC मैदान में दशहरा रैली के आयोजन की अनुमति मिली।

दोनों गुटों की रैली को देखते हुए पुलिस चप्पे पर तैनात रही। हालाँकि, इसके बावजूद दोनों गुटों में मारपीट हो गई। कहा जा रहा है कि शिंदे समर्थक एक कार्यकर्ता ने ठाकरे समर्थक एक महिला कार्यकर्ता को इशारा कर दिया। इसके बाद ठाकरे गुट के समर्थकों ने शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं की पिटाई कर दी।

घटना नासिक-आगरा हाईवे पर इगतपुरी-कसरा शिवारा की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ठाकरे गुट के समर्थकों को ले जा रही बस को शिंदे गुट वाली बोलेरो ने ओवरटेक किया। इसके बाद शिंदे गुट के समर्थकों ने ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं की ओर इशारे किया। इसके बाद महिला कार्यकर्ताओं ने बोलेरो को रोकर शिंदे समर्थकों की पिटाई कर दी।

बता दें कि उद्धव ठाकरे ने इस रैली में 50,000 कार्यकर्ताओं को शामिल करने का लक्ष्य रखा है। मुंबई के 227 वार्डों में से प्रत्येक वार्ड से 4 बसों से कार्यकर्ताओं को लाने का जिम्मा सभी विभाग प्रमुखों को सौंपा गया है। वहीं, शिंदे गुट ने रैली के लिए 10,000 कार्यकर्ताओं का लक्ष्य रखा है और इसके लिए सभी विधायकों को निर्देश दिए गए हैं।

ठाकरे गुट के 2 सांसद और 5 विधायक टूटने का दावा

उधर शिंदे शिवसेना के लोकसभा सदस्य कृपाल तुमाणे ने बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को दावा किया कि उद्धव ठाकरे गुट के 2 सांसद और 5 विधायक शाम को दशहरा रैली में मुख्यमंत्री शिंदे की लीडरशिप में शामिल होंगे। शिवसेना के जिन 2 सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने की बात कही जा रही है, उनमें एक मुंबई और एक मराठवाड़ा क्षेत्र से बताए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि इस साल जून में शिवसेना दो फाड़ हो गई थी। इस समय शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट के साथ पार्टी के 40 विधायक और 12 लोकसभा सांसद हैं। वहीं, उद्धव ठाकरे गुट के साथ 15 विधायक और 6 लोकसभा सदस्य बचे हुए हैं।

ऑफिस में हस्तमैथुन, ब्रिटेन में ऐसा करने वाले 74 लाख लोग: सर्वे में 22% मर्दों, 7% महिलाओं ने दिल खोल कर बात की

लोग ऑफिस जाते हैं, काम करते हैं… घर वापस आकर खाना खाते हैं, सो जाते हैं। यह आम जिंदगी है। ब्रिटेन के लोग ऐसी आम जिंदगी शायद पसंद नहीं करते। मेंटॉस वाली ‘बिंदास जिंदगी’ की तरह वहाँ ऑफिस में लोग काम के दौरान हस्तमैथुन भी करना पसंद करते हैं।

चौंकिए मत। ब्रिटेन के लोगों ने खुद ही बताया है अपनी पसंद के बारे में। Chemist4U नाम की एक संस्था ने सर्वे किया। ब्रिटेन के 2000 लोगों ने इसमें भाग लिया। इनमें से 14% लोगों ने स्वीकार किया कि वो ऑफिस में काम के दौरान हस्तमैथुन करते हैं।

प्रतिशत को संख्या में समझने की कोशिश कीजिए। ऑफिस में काम के दौरान हस्तमैथुन वाले सर्वे से निकले आँकड़ों के अनुसार 74 लाख ब्रिटिश लोग ऐसा करते हैं। इनमें 22 प्रतिशत पुरुष जबकि 7 प्रतिशत महिला होती हैं।

ऑफिस में हस्तमैथुन का उम्र और कमाई से रिश्ता

इस सर्वे में भाग लेने वाले 25 से 34 साल के लोगों में से 27 प्रतिशत ने माना कि वो ऑफिस में हस्तमैथुन करते हैं। 25 से 34 साल के लोगों में यह प्रतिशत 18 रहा जबकि 45 से 54 वालों ने खुद को 15 प्रतिशत तक सीमित रखा।

कमाई की बात करें तो जितनी ज्यादा कमाई, उतना ही ज्यादा प्रतिशत देखने को मिला। 25000 से लेकर 35000 ब्रिटिश पाउंड (23 लाख से 32 लाख रुपए) की औसत कमाई वाले लोगों में से 24 प्रतिशत ने माना कि वो ऑफिस में हस्तमैथुन करते हैं। 15000 से लेकर 25000 ब्रिटिश पाउंड (14 लाख से 23 लाख रुपए) की कमाई वालों का इसमें प्रतिशत रहा 18… जबकि 35000 से लेकर 45000 ब्रिटिश पाउंड (32 लाख से 42 लाख रुपए) की औसत कमाई वाले सबसे आगे रहे।

कोरोना, लॉकडाउन और हस्तमैथुन

Chemist4U नाम की एक संस्था के सर्वे से पहले कोरोना काल में ब्रिटिश लोगों ने कैसे समय बिताया, इसे जानने के लिए 2 विश्वविद्यालयों ने सर्वे किया था। इस सर्वे में सैकड़ों लोगों ने बताया था कि इस दौरान उन्होंने सामान्य से ज्यादा हस्तमैथुन किया। ब्रिटेन में पुरुष हफ्ते में औसतन 2 बार हस्तमैथुन करते हैं, वहीं ब्रिटिश महिलाऐं हफ्ते में एक बार ऐसा करती हैं। कुछ युवकों ने इस दौरान पोर्न देख कर समय बिताने की बात स्वीकारी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सर्वे में कुल 25% ब्रिटिश लोगों ने कोरोना के दौरान लगे लॉकडाउन में अधिक हस्तमैथुन करने, 19.5% लोगों ने सामान्य से अधिक पोर्न देखने और 8.5% लोगों ने सेक्स टॉय का ज्यादा प्रयोग की जानकारी दी। सर्वे में एक चौथाई युवकों ने बताया कि उन्होंने साल 2020 के पहले लॉकडाउन में सबसे ज्यादा बार हस्तमैथुन किया। ये वो समय था जब कोरोना काल का प्रतिबंध सबसे चरम पर था और किसी को भी किसी से मिलने की इजाजत नहीं थी। यह सर्वे 18 से 32 साल के बीच आयु वाले 565 युवाओं पर किया गया।

मोहम्मद जुबैर नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार… ‘सर तन से जुदा’ का आतंक फैलाने वाले के लिए TIME मैगजीन की चाहत

TIME मैगज़ीन ‘बौद्धिक’ लोगों का मंच होने की आड़ में प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए कुख्यात रही है। अस्तित्व में आने के बाद से ही इसने वामपंथी मुखपत्र के रूप में काम किया है, जो ऐसी मिथकों और नैरेटिव को गढ़ने की कोशिश की है, जो वास्तविकता से बहुत दूर रही है। पाखंड की सीमा को पार करते हुए इसने ऑल्ट न्यूज़ (ALT News) के मोहम्मद जुबैर (Mohammad Zubair) और प्रतीक सिन्हा (Pratik Sinha) को नोबेल शांति पुरस्कार 2022 के लिए योग्य उम्मीदवार बता दिया है।

हालाँकि, नोबेल शांति पुरस्कार बहुत पहले ही अपनी विश्वसनीयता खो चुका है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के 2009 में जीतने के बाद मध्य-पूर्व में बम गिराकर सैकड़ों लोगों की जान लेने के बावजूद उन्हें ‘उदार’ पेश करते हुए यही अवॉर्ड दिया गया था।

TIME मैगज़ीन खुद को फैक्ट चेकर कहने वाले मोहम्मद जुबैर और प्रतीक सिन्हा को इस साल के नोबेल शांति पुरस्कार के संभावित विजेताओं की सूची में रखा है। इस सूची में अन्य नाम वलोडिमिर ज़ेलेंस्की, डब्ल्यूएचओ, डेविड एटनबरो, ग्रेटा थुनबर्ग, एलेक्सी नवलनी सहित कई नाम हैं।

मोहम्मद जुबैर वही शख्स है, जिसके कारण कट्टरपंथियों ने देश में ‘सर तन से जुदा’ का आतंक फैला रखा था। इस हिंसा के कारण उदयपुर के कन्हैया साहू और अमरावती के उमेश कोल्हे सहित कम-से-कम 6 हिंदुओं को जान गँवानी पड़ी। ऐसे व्यक्ति को नोबेल शांति पुरस्कार 2022 की सूची में स्थान देना अत्यंत निंदनीय है और यह टाइम मैगज़ीन के निम्न मानकों को भी दर्शाता है।

TIME मैगज़ीन ने वही किया है, जो पश्चिमी मीडिया भारत के बारे में समाचारों को कवर करने के लिए जाने जाते हैं: अश्लीलता का सहारा लेना, तथ्यों को विकृत करना और एकतरफा स्टोरी प्रस्तुत करना। इसने सिन्हा और जुबैर को ऑनलाइन गलत सूचनाओं से जूझ रहे धर्मयुद्ध के रूप में वर्णित किया है। हालाँकि, ये नहीं बताया कि इन दोनों को फर्जी खबरें और झूठ फैलाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था।

TIME ने अपने आर्टिकल में लिखा है, “भारतीय फैक्ट-चेक वेबसाइट AltNews के सह-संस्थापक और पत्रकार प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद जुबैर भारत में गलत सूचनाओं से लगातार जूझ रहे हैं, जहाँ हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी भाजपा पर मुस्लिमों के खिलाफ अक्सर भेदभाव के आरोप लगाए जाते हैं। यह एक तरह से भारत को बदनाम करने की भी कोशिश है।

दोनों शॉर्टलिस्ट नहीं

एक तरफ दोनों के नामों का अफवाह है तो दूसरी तरफ इन दोनों से सहानुभूति रखने वालों ने गलत सूचनाएँ फैलाना शुरू कर दिया कि जुबैर और सिन्हा नोबेल शांति पुरस्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए हैं। जुबैर और सिन्हा के कई समर्थकों ने सोशल मीडिया पर फेक न्यूज फैलाने का काम किया है।

जिस तरह से अफवाह उड़ाई जा रही है, उसमें शांति नोबेल पुरस्कार पाने वालों की आधिकारिक सूची जैसा कुछ भी नहीं है। यह टाइम मैगजीन द्वारा उल्लेखित कुछ नाम हैं, जिसको लेकर उसने सिर्फ अटकलें लगाई हैं। वहीं, जुबैर और सिन्हा के चीयरलीडर्स एक मीडिया संस्था की अटकलों और शॉर्टलिस्ट की सूची के बीच अंतर नहीं कर पा रहे हैं।

जुबैर ने न सिर्फ मुस्लिमों को भड़काकर कई हत्याएँ करवाईं, बल्कि वह फैक्ट और अपने ट्वीट के जरिए हिंदू देवी-देवताओं और हिंदू धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी भी करता रहा है। उसके अतीत के ट्वीट इस बात के गवाह हैं। हिंदू भगवान का मजाक उड़ाने के लिए उस पर भारतीय कानून के तहत उस पर कार्रवाई भी जारी है।

इस्लामवादियों के समर्थन में जुबैर के साथ TIME भी

इसमें आश्चर्य की बात नहीं है कि टाइम मैगजीन ने इस साल के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अपने पसंदीदा मोहम्मद जुबैर को चुना, क्योंकि दोनों का इतिहास और पाखंड लगभग एक जैसा है। टाइम मैगजीन का कट्टरपंथी विचारधारा और इस्लामवादियों को बचाने और उन्हें महिमामंडित करने का लंबा इतिहास है, जबकि उनके पीड़ितों को उसने हमलावर के रूप में चित्रित है।

कन्हैया लाल की निर्मम हत्या के बाद टाइम मैगजीन ने एक लेख प्रकाशित किया था, जिसमें इस्लामवादियों की करतूत को छिपाकर पीड़ित को उनकी दुर्दशा के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया। कन्हैया लाल की हत्या पर टाइम में लिखते हुए सान्या मंसूर ने कहा था कि गरीब हिंदू दर्जी ने पूर्व भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा की ‘अपमानजनक टिप्पणियों’ का समर्थन करके इस्लामवादियों का गुस्सा मोल ले लिया था।

TIME मैगजीन द्वारा हिंदुओं के खिलाफ प्रदर्शित ऐतिहासिक पूर्वाग्रह और इस्लामवादियों के प्रति इसके पक्षपात को देखते हुए यह आश्चर्यजनक नहीं है कि मोहम्मद जुबैर को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चुना। यह भारत के संदर्भ में उसके प्रोपेगेंडा को और मजबूत करने वाला एक तरह आधार बनाने की जैसा है।

दुर्गा पूजा में भक्ति गीत क्यों बजाया, आयोजन में क्यों जा रही हो: हिंदू महिलाओं और लड़की को कट्टरपंथी मुस्लिमों ने बेरहमी से मारा

मंदिर में भक्ति गीत बजाने और आयोजन में शामिल होने पर हिंदू महिलाओं और लड़की को पीटने का मामला सामने आया है। बिहार के गोपालगंज में मुस्लिम समुदाय के लोगों पर हनुमान मंदिर में महिलाओं की पिटाई का आरोप लगा है। वहीं, मध्य प्रदेश के खरगोन में एक मुस्लिम युवक ने हिंदू युवती के साथ सिर्फ इसलिए मारपीट की, क्योंकि वह उसकी मर्जी के खिलाफ एक आयोजन में शामिल होना जा रही थी। युवती को मुँह और नाक पर काफी चोट आई है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोपालगंज मामले में गोल्डन अहमद, सोबराती और सदीदन खातून पर नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। मुस्लिम समुदाय के लोगों पर आरोप है कि उन्होंने मंदिर में पूजा करने गई तीन महिलाओं को पीटा। तीनों महिलाओं को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बताया जा रहा है कि दुर्गा पूजा के दौरान इस मंदिर में सुबह-शाम भक्ति गीत बज रहा था, जिसका मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध किया था। उन्होंने लाउडस्पीकर बंद नहीं करने पर 3 महिलाओं को बेरहमी से पीटा, जिससे उन्हें काफी चोटें आई हैं। जख्मी बुजुर्ग महिला गुलाबी देवी ने बताया कि जब लड़कियाँ मंदिर में पूजा करने के लिए आती हैं, तो ये लोग उनके साथ छेड़खानी करते हैं।

इस घटना को लेकर गोपालगंज सदर एसडीपीओ संजीव कुमार ने कहा कि आरोपितों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। एसडीपीओ ने यह भी कहा कि एक ही समाज और गाँव में रहने वाले लोगों के दिमाग में ऐसा विचार कैसे पनप सकता है कि आप आरती मत गाइए, आप भजन मत गाइए।

हिंदू लड़की को मारा क्योंकि वो आयोजन में जा रही थी

बिहार से दूर मध्य प्रदेश है तो क्या हुआ… हिंदू-घृणा कट्टरपंथी इस्लामियों के नस-नस में समाया हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खरगोन की 21 वर्षीय युवती रविवार (2 अक्टूबर 2022) को एक आयोजन में शामिल होने के लिए जा रही थी। तभी आरोपित मोईन (उम्र 21 साल, अब्बा का नाम दिलावर खान) ने उसे शिवशक्ति नगर में रोका और आयोजन में जाने से मना किया।

हिंदू युवती ने उसकी बात मानने से मना कर दिया। इसके बाद मोईन ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। वहाँ मौजूद लोगों ने आरोपित को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह वहाँ से भाग गया। युवती पहले हिंदू संगठन में शामिल रह चुकी है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

PM मोदी ने हिमाचल को दी ₹3650 करोड़ की सौगात, बोले- ‘मैं राज्य का बेटा… यहाँ की रोटी खाई है तो कर्ज चुकाऊँगा’

विजया दशमी के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में 3650 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। बिलासपुर में लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने प्रदेश की वीर भूमि की रोटी खाई है और अब उन्हें इसका ऋण चुकाना है। उन्होंने हिमाचली में अपने संबोधन की शुरुआत की।

पीएम मोदी ने बिलासपुर में 1,470 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बने एम्स (AIIMS, Bilaspur) का उद्घाटन किया। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (Jairam Thakur) की प्रशंसा की। पीएम मोदी ने कहा कि हिमाचल देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने ड्रोन नीति बनाई है और आने वाले समय में लोगों को इसका बहुत लाभ मिलेगा। अब किसान-व्यापारी आलू, फल आदि ड्रोन से बड़ी मंडी में पहुँचा सकते हैं।

हिमाचल प्रदेश को वीरों की भूमि बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं हिमाचल का बेटा हूँ, हिमाचल को कैसे भूल सकता हूँ। मैंने यहाँ की रोटी खाई है। अब मुझे यहाँ का कर्ज चुकाना है।” उन्होंने राज्य को मेडिकल टूरिज्म का हब बनाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि जब लोग विदेशों से उपचार कराने हिमाचल आएँगे तो आरोग्य होकर भी जाएँगे और यहाँ की खूबसूरत वादियां भी देखेंगे। इस तरह हिमाचल के दोनों हाथों में लड्डू है।  

पीएम मोदी ने कहा कि पूर्व की सरकारों की सोच विकृत थी। शिलान्यास का पत्थर लगाती थी और चुनाव के बाद भूल जाती थी। अटकना, लटकना और भटकना का जमाना चला गया। उन्होंने एक वाकये को याद करते हुए कहा, “ऊना के पास रेलवे लाइन बिछानी थी। रिव्यू कर रहा था तो देखा कि 35 साल पहले यह फैसला हुआ था।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि AIIMS, Bilaspur अस्पताल की आधारशिला साल 2017 में उन्होंने रखी थी। इस दौरान पीएम मोदी ने 1,611 करोड़ रुपए के अन्य परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास भी किए। पीएम ने बिलासपुर में हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज, बंदला का उद्घाटन किया। इसके अलावा, बद्दी मेडिकल डिवाइस पार्क और भारतमाला परियोजना के तहत पिंजौर से नालागढ़ के बीच बनने वाले 31 किलोमीटर लंबे फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग का भी वर्चुअल शिलान्यास किया।  

इस दौरान सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्य को 10,000 करोड़ रुपए की परियोजनाएँ मिलीं। उन्होंने कहा कि केंद्र में जब कॉन्ग्रेस की सरकार थी, उस दौरान हिमाचल को कोई अहमियत नहीं दी गई। पीएम मोदी ने देश में रिवाज बदल दिया है।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय हिमाचल प्रदेश के दौरे पर हैं। वे आज कुल्‍लू में दशहरा महोत्‍सव में शामिल होंगे। इसके साथ ही वे अंतरराष्‍ट्रीय कुल्‍लू दशहरा में भगवान रघुनाथ जी व अन्‍य देवी-देवताओं का दर्शन कर उनका आशीर्वाद लेंगे।