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‘स्क्रीन के टुकड़े-टुकड़े कर देंगे’: PS-1 की रिलीज से पहले कनाडा में थिएटर मालिकों को मिली धमकियाँ, मेल में लिखा- ये आखिरी वॉर्निंग है

500 करोड़ रुपए में बनी डायरेक्टर मणिरत्नम की फिल्म ‘पोन्नियिन सेल्वन-1’ (Ponniyin Selvan-1) शुक्रवार (30 सितंबर 2022) को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। भारत में इस फिल्म की रिलीज को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है। वहीं, विदेशों में इस फिल्म को काफी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ऐश्वर्या राय की इस फिल्म को कनाडा और लंदन में रिलीज नहीं करने की धमकियाँ दी जा रही हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कनाडा में रहने वाले कुछ समूहों में तमिल फिल्मों को लेकर नफरत का माहौल है। कनाडा और लंदन के थिएटर मालिकों को धमकी भरे मेल्स आ रहे हैं। कनाडा में मणिरत्नम की फिल्म ‘पोन्नियन सेल्वन 1’ के डिस्ट्रीब्यूटर ने 26 सितंबर 2022 को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। फिल्म की रिलीज से एक दिन पहले ये ट्वीट वायरल हो गया है।

डिस्ट्रीब्यूटर ने अपनी पोस्ट में केडब्ल्यू टॉकीज के मेल का स्क्रीनशॉट भी साझा किया है। मेल में केडब्ल्यू टॉकीज को फिल्म न रिलीज करने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा, “मेरे पास हैमिल्टन, किचनर और लंदन से अपडेट हैं। सभी थिएटर मालिकों को धमकी दी गई है कि अगर PS1 तमिल या KW टॉकीज की कोई फिल्म रिलीज हुई, तो वो थिएटरों में हमला करेंगे।”

मेल में आगे लिखा है, “सभी थिएटर मालिकों और कर्मचारियों के लिए वॉर्निंग है। अगर आप KW टॉकीज की फिल्म PS1 या चुप अपने हॉल्स में रिलीज करते हैं, तो आप सभी के स्क्रीन्स के टुकड़े-टुकड़े कर दिए जाएँगे। इस हमले में घायल आपके कई कर्मचारी अस्पताल जाने की हालत तक में नहीं में होंगे।”

इसके अलावा उन्होंने लिखा, “हम केवल इंडियन फिल्में ही नहीं, बल्कि अंग्रेजी फिल्मों के साथ भी यही करने वाले हैं। हम ऐसा तब तक करते रहेंगे, जब तक आप KW टॉकीज की फिल्में दिखाना बंद नहीं कर देते हैं। क्रिसमस ज्यादा दूर नहीं है। आने वाले समय में हम सभी इंडियन और इंग्लिश फिल्मों के साथ ऐसा ही करने वाले हैं। हमारे लोकल थिएटर्स से कुछ सीखिए। इन्होंने ये फिल्में दिखाना बंद कर दी हैं। यह आप सभी के लिए आखिरी वार्निंग है।”​​​​​​

बता दें कि पोन्नियन सेल्वन 1 फिल्म में विक्रम, कार्थी, जयराम रवि, ऐश्वर्या राय और तृषा कृष्णन मुख्य भूमिका में नजर आएँगे। यह फिल्म तमिल, तेलुगु के अलावा हिंदी, कन्नड़ और मलयालम में भी रिलीज होने वाली है।

‘लोगों का जीवन खतरे में डालने वालों को भुगतना पड़ेगा खामियाजा’: केरल हाईकोर्ट ने PFI पर ठोका ₹5.20 करोड़ का जुर्माना, 2 हफ्ते में करना होगा इंतज़ाम

केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार (29 सितंबर 2022) को पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) को विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुए सार्वजनिक सम्पत्ति के नुकसान की भरपाई करने का आदेश दिया। उच्च न्यायालय ने PFI को 2 सप्ताह में 5 करोड़ 20 लाख रुपए रुपए जुर्माने के तौर पर भरने के लिए कहा है। कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर कहा कि आम लोगों का जीवन खतरे में नहीं डाला जा सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि विरोध प्रदर्शन की इजाजत संविधान देता है, लेकिन अचानक हड़ताल करना सही नहीं है। आदेश में इसके आगे कहा गया कि हड़ताल में की गई तोड़फोड़ निंदनीय है। यह सुनवाई न्यायमूर्ति एके जयशंकरन नांबियार और न्यायमूर्ति मोहम्मद नियास सीपी की पीठ ने की। बेंच ने कहा कि लोगों का जीवन खतरे में डालने वालों को खामियाजा भुगतना पड़ता है।

उच्च न्यायालय ने जिला स्तर के अदालतों को भी ये आदेश दिया कि तोड़फोड़ में शामिल PFI कार्यकर्ता जहाँ भी जमानत की अर्जी दाखिल करें वहाँ उनकी जमानत की शर्तों में नुकसान की उन्हीं से भरपाई शामिल हो। कोर्ट ने PFI के प्रदर्शन में हुई हिंसा का स्वतः संज्ञान लेते हुए इस मामले में आदेश जारी किया। हालाँकि, केरल राज्य सड़क परिवहन निगम ने भी उच्च न्यायालय से अपने हुए नुकसान की भरपाई PFI से करवाने की माँग की है।

साल 2019 में केरल हाईकोर्ट ने हड़ताल के मानक तय करते हुए उसकी सूचना 7 दिन पहले प्रशासन को देने का निर्देश दिया था। तब कोर्ट ने इस नियम का उल्लंघन करके हुई हड़ताल को असंवैधानिक करार दिया था। कोर्ट ने PFI से सवाल किया कि हड़ताल से आम आदमी का क्या वास्ता, जो इस हरकत से डर में जी रहा है? हाईकोर्ट ने पूछा कि ऐसी हरकतों से आम आदमी परेशानी क्यों झेले?

गौरतलब है कि PFI के ठिकानों पर केंद्रीय एजेंसियों द्वारा 22 सितम्बर 2022 को हुई राष्ट्रव्यापी छापेमारी के बाद अगले दिन 23 सितंबर को PFI ने केरल में हड़ताल बुलाई थी। इस हड़ताल में बड़े पैमाने पर हिंसक हरकतें हुई थीं। आरोप है कि PFI के कार्यकर्ताओं ने सरकारी बसों को भी नुकसान पहुँचाया था।

कई पीड़ित तो अब जिंदा भी नहीं… : जिस प्रोफेसर का 12 साल पहले कट्टरपंथियों ने काटा था हाथ, उन्होंने PFI बैन होने पर कहा- ‘अब मैं बस मौन रहना चाहता हूँ’

मोदी सरकार द्वारा हाल ही में कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) पर 5 सालों का प्रतिबंध लगाए जाने के बाद उस प्रोफेसर का बयान सामने आया है, जिनका 12 वर्ष पूर्व 4 जुलाई 2010 को पीएफआई के लोगों ने हाथ काट दिया था। प्रोफेसर का नाम टीजे जोसेफ है। पैगंबर मोहम्मद के अपमान के आरोप में उन पर हमला हुआ था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रोफेसर टी जे जोसेफ ने पीएफआई प्रतिबंधित होने पर कहा, “मैं कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता हूँ। PFI के कई पीड़ित तो आज जिंदा भी नहीं रहे होंगे। मैं उन पीड़ितों को याद करते हुए मौन रहना चाहता हूँ।”

उन्होंने आगे कहा कि कभी-कभी चुप रहना बोलने से बेहतर होता है। शांत और सरल स्वभाव वाले प्रो जोसफ ने कहा कि एक नागरिक के तौर पर वे केंद्र सरकार की मंशा भली-भांति समझ रहे हैं, पर अभी कोई नजरिया व्यक्त नहीं करना चाहेंगे। उन्होंने अपने बयान में आगे कहा कि वे इस मामले में खुद भी पीड़ित रहे हैं।

पैगंबर मोहम्मद के अपमान के आरोप में काटा हाथ

साल 2010 में प्रोफेसर टीजे जोसेफ न्यूमैन कॉलेज में पढ़ाते थे। यह केरल के लडुक्की जिले के थोडूपुझा क्षेत्र में आने वाला एक नामी कॉलेज है। कट्टरपंथियों का आरोप था कि प्रोफेसर ने परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र में पैगंबर मोहम्मद के नाम का इस्तेमाल करके उनका अपमान किया। हालाँकि प्रोफेसर ने सफाई देते हुए कहा था कि पेपर में जिस प्रश्न पर बवाल हुआ उसे प्रसिद्ध लेखक पीटी कुंजू मोहम्मद की किताब से लिया गया था।

टीजे जोसेफ की सफाई के बावजूद भी कट्टरपंथीयों ने 4 जुलाई 2010 को एक हमले में उनका हाथ काट दिया। उन पर 7 लोगों ने हमला किया था, जिसमें से मुख्य आरोपित का नाम नजीब था। इस मामले में साल 2015 में इस केस में PFI के 13 सदस्यों को NIA कोर्ट ने सजा सुनाई थी।

उलटे हाथ से लिखी आत्मकथा

आपको बताते चलें कि टी जे जोसेफ राइट हेंडर थे, लेकिन जब उनका सीधा हाथ काटा गया। उसके बाद से ही वे बाएँ हाथ से लिखने की प्रेक्टिस करने लगे थे। उन्होंने हमले के 10 साल बाद एक आत्मकथा अपने उलटे हाथ से लिखी। उनकी आत्मकथा को इंग्लिश में भी ‘ए थाउजेंड कट्स’ नाम से प्रकाशित किया गया।

इस आत्मकथा में प्रोफेसर ने बताया है कि कैसे उस समय कॉलेज प्रशासन से लेकर उनके तमाम सहयोगियों और यहाँ तक कि चर्च ने भी उनका साथ छोड़ दिया था और उसी डिप्रेशन में उनकी पत्नी ने भी आत्महत्या कर ली थी। बताया यह भी जा रहा है कि प्रोफेसर जोसेफ ने ‘भ्रान्तनु स्तुति’ नाम से दूसरी किताब भी प्रकाशित की है। यह किताब उनके द्वारा तैयार किए गए प्रश्न पत्र में पूछे गए विवादित सवाल पर आधारित है।

‘व्रत में यहाँ आना कठिन, खाना खाए बगैर जाना पड़ता है’: PM मोदी ने हँसते-हँसाते सूरत में किया ₹3400 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ, 4-P मॉडल का जिक्र भी

अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव से गुजरने वाले गुजरात (Gujarat) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गुरुवार (29 सितंबर 2022) को सूरत में 3,400 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखी और जनता को समर्पित किया। पीएम मोदी गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं।

पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं और खानपान की बात की। उन्होंने कहा, “वैसे नवरात्रि के समय मेरे जैसे व्यक्ति के लिए सूरत आना… सूरत आना आनंदायक है… अच्छा लगता है, लेकिन नवरात्रि का व्रत चल रहा हो तब सूरत आना कठिन लगता है। सूरत आओ और सूरती खाना खाए बिना जाओ….। बता दें कि गुजरात दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार हो रहे 36वें राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन अहमदाबाद में करेंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद घरों के निर्माण में भी तेजी आई और सूरत में गरीब एवं मध्यम वर्ग को सुविधाएँ मुहैया कराई जा रही हैं। पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र की आयुष्मान भारत योजना के तहत देश भर में करीब 4 करोड़ गरीब मरीजों का मुफ्त इलाज किया जा चुका है। इनमें से 32 लाख गुजरात से और 1.25 लाख सूरत से हैं।

सूरत को मिनी इंडिया बताते हुए पीएम मोदी ने कहा, “सूरत जनभागीदारी, एकजुटता और एकता का महान उदाहरण है। यह मिनी इंडिया है, यहाँ पूरे भारत के लोग रहते हैं। नवरात्रि के चल रहे समारोहों के दौरान गुजरात में बुनियादी ढाँचे, खेल और आध्यात्मिक स्थलों की आधारशिला रखना मेरा सौभाग्य है।”

पीएम मोदी ने सूरत के विकास की सराहना की और कहा, “सूरत को हवाई अड्डे से जोड़ने वाली सड़क शहर की संस्कृति, समृद्धि और आधुनिकता को दर्शाती है। आज यहाँ से कितनी उड़ानें निकलती हैं।” उन्होंने कहा कि सूरत के विकास में 4पी मॉडल ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

पीएम मोदी ने कहा कि इस सदी के शुरुआती दशकों में जब 3पी मॉडल यानी सार्वजनिक, निजी और साझेदारी पर चर्चा होती थी तो सूरत का 4पी मॉडल यानी लोग, सार्वजनिक, निजी और साझेदारी मॉडल सूरत को विशेष बनाता था।

अपनी गुजरात यात्रा से पहले पीएम मोदी ने बुधवार को ट्विटर पर अहमदाबाद में एक ड्रोन शो की तस्वीरें साझा की थी। अहमदाबाद में राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन की तैयारी से यह संबंधित था। बात दें कि अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे पर पीएम मोदी गुरुवार और शुक्रवार को अहमदाबाद, गाँधीनगर, सूरत, भावनगर और अंबाजी का दौरा करेंगे। इन जगहों पर विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे या उसका लोकार्पण करेंगे।

‘क्या कंडोम भी देना पड़ेगा मुफ्त’: IAS अफसर की विवादित टिप्पणी पर महिला आयोग ने 7 दिन में जवाब माँगा, बिहार छात्राओं के ‘सैनिटरी पैड’ माँगने पर भड़की थीं

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने पटना में आयोजित ‘सशक्त बेटी समृद्ध बिहार’ वर्कशॉप में छात्राओं को संवेदनहीन जवाब देने वाली आईएएस अधिकारी हरजोत कौर बम्हरा से स्पष्टीकरण माँगा है। एक स्कूली छात्रा द्वारा सैनिटरी पैड की माँग करने पर बिहार महिला बाल विकास निगम की एमडी ने कहा था, “कंडोम भी चाहती हैं।” इस टिप्पणी के लिए हरजोत कौर (IAS Harjot Kaur) से लिखित स्पष्टीकरण माँगा गया है। आईएएस अधिकारी को सात दिनों के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है।

दरअसल, बिहार की बेटियों को जागरूक करने के लिए 27 सितंबर, 2022 को पटना में ‘सशक्त बेटी समृद्ध बिहार’ वर्कशॉप का आयोजन किया गया था। वर्कशॉप का उद्देश्य लैंगिक असमानता मिटाने वाली सरकारी योजनाओं से बच्चियों को जागरूक कराना था। इस कार्यशाला में सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली कक्षा 9 और 10 की लड़कियाँ शामिल हुईं थीं। इस दौरान जब एक छात्रा ने महिला आईएएस (IAS) ऑफिसर हरजोत कौर बम्हरा से बिहार सरकार की योजनाओं से जुड़े सवाल पूछे तो वह आगबबूला हो गईं।

‘कंडोम भी मुफ्त में देना पड़ेगा’

छात्रा ने पूछा था कि क्या सरकार 20-30 रुपए का सैनिटरी पैड नहीं दे सकती? इसके जवाब में महिला एवं बाल विकास निगम की एमडी हरजोत कौर बम्हरा ने कहा था कि इस माँग का कोई अंत नहीं है। उन्होंने कहा, “आज आप 20-30 रुपए का सैनिटरी पैड माँग रही हो। कल को आप कहेंगी जींस-पैंट भी दे दो। परसों सुंदर जूते क्यों नहीं दे सकते हैं? जब परिवार नियोजन की बात आएगी तो निरोध भी मुफ्त में भी देना पड़ेगा।”

वह अपनी बात को जारी रखते हुए लड़कियों से आगे कहती हैं, “खुद सक्षम बनो। आपको सरकार से कुछ भी लेने की जरूरत क्यों है? यह सोचने का गलत तरीका है। आप लोग खुद से कुछ करने का सोचो, खुद से कुछ पैसे कमाने का तरीका सीखो, स्वावलंबी बनो।” इस पर छात्रा कहती है कि जो सरकार के हित में है, कम से कम उसे तो दे। सरकार को पैसा इसलिए देना चाहिए, क्योंकि वह हमसे वोट लेने आती है। इस पर आगबबूला होते हुए हरजोत कौर ने कहा था, “बेवकूफी की भी हद होती है। मत दो वोट। चली जाओ पाकिस्तान। वोट तुम पैसों के लिए देती हो क्या! सुविधाओं के बदले में देती हो क्या! बताओ!”

‘एबॉर्शन कराने के लिए शादीशुदा होना जरूरी नहीं’ : SC ने MPT Act के तहत सुनाया फैसला, कहा- 20 से 24 हफ्ते तक का गर्भ गिरवाया जा सकता है

एक महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अविवाहित महिलाओं को भी गर्भपात का अधिकार दिया है। कोर्ट ने विवाहित और अविवाहित महिलाओं के बीच अंतर को मिटाते हुए कहा कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी ऐक्ट (MPT Act) के तहत अविवाहितों महिलाओं को भी गर्भपात का अधिकार है। कोर्ट का यह निर्णय MTP एक्ट के नियम 3B में विस्तार है।

सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद अब किसी कारणवश गर्भवती हुई अविवाहित महिलाएँ अपने 24 सप्ताह तक के गर्भ को चिकित्सकों को सहायता से गिरवा सकती हैं। इससे पहले सामान्य हालातों में 20 सप्ताह से अधिक और 24 सप्ताह से कम के गर्भ के एबॉर्शन का अधिकार अब तक विवाहित महिलाओं को ही था।

सुप्रीम कोर्ट ने विवाहित और अविवाहित महिलाओं के बीच गर्भपात के अधिकार को मिटाते हुए अपने फैसले मे कहा है कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट से अविवाहित महिलाओं को लिव-इन रिलेशनशिप से बाहर करना असंवैधानिक है। कोर्ट ने कहा कि एक अविवाहित महिला को हक है कि वह विवाहित महिला की तरह एक बच्चे को जन्म दे ना नहीं।

शीर्ष अदालत ने कहा, “विवाहित महिलाएँ भी यौन उत्पीड़न या बलात्कार के पीड़ितों के वर्ग का हिस्सा बन सकती हैं। एक महिला अपने पति के साथ गैर-सहमति वाले यौन संबंधों के कारण गर्भवती हो सकती है।”

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 20 से 24 सप्ताह का गर्भ रखने वाली अविवाहित महिला को गर्भपात से रोकना और विवाहित महिला को यही अधिकार देना, संविधान में दिए गए अनुच्छेद 14 की आत्मा का उल्लंघन है। कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक स्थिति एक महिला के अधिकार को नहीं छिन सकता।

कोर्ट ने हालात को देखते हुए असुरक्षित गर्भपात पर भी चिंता व्यक्त की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “असुरक्षित गर्भपात मातृ मृत्यु का तीसरा प्रमुख कारण है। भारत में किए जाने वाले 60% गर्भपात असुरक्षित हैं। सुरक्षित गर्भपात सेवाओं तक पहुँच से इनकार करने से प्रतिबंधात्मक गर्भपात प्रथाएँ असुरक्षित हो जाती हैं।”

‘सरकारी अधिकारी से लेकर PHD होल्डर, लाइब्रेरियन से लेकर तकनीशियन तक’: PFI में शामिल थे कई नामी लोग; ट्विटर ने अकॉउंट बंद किया, वेबसाइट भी ब्लॉक

PFI पर प्रतिबंध लगने के बाद उसके गिरफ्तार हुए शीर्ष नेताओं के बैकग्राउंड के बारे में जानकारी निकल कर सामने आ रही हैं। देश विरोधी गतिविधियों के आरोपित इस समूह के शीर्ष पर पूर्व सरकारी कर्मचारी और प्राइवेट कंपनियों को चलाने वाले लोग शामिल थे। PFI में कई ऐसे लोग भी शामिल थे जो प्रतिबंधित संगठन सिमी (SIMI) के सदस्य हुआ करते थे। वहीं सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफार्मों पर PFI के एकाउंट बंद हो गए हैं।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक PFI का चेयरमैन ओएमए सलाम केरल सरकार के बिजली विभाग में कर्मचारी था जो साल 2020 में सस्पेंड हो गया था। इसका उपाध्यक्ष ई एम अब्दुल रहिमान रिटायर्ड लाइब्रेरियन है जो कोचीन यूनिवर्सिटी के विज्ञान और प्रद्योगिकी विभाग में कार्यरत था। सलाम रिहैब इंडिया फॉउंडेशन से भी जुड़ा था जिसे PFI के साथ ही बैन किया गया है। पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया का राष्ट्रीय महासचिव वी पी नज़रुद्दीन जमात ए इस्लामी हिन्द का क्लर्क रह चुका है। PFI का राष्ट्रीय एक्सक्यूटिव काउंसिल मेंबर पी कोया, क़तर की एक प्राइवेट कम्पनी में काम करता था। कोया केरल में कोझिकोड के एक सरकारी स्कूल में प्रवक्ता के भी पद पर काम कर चुका है।

इन सभी के अतिरिक्त कर्नाटक से गिरफ्तार एक अन्य राष्ट्रीय काउंसिल का एक्सक्यूटिव मेंबर अनीस अहमद एक नामी परिवार से संबंध रखता है। उसका परिवार बेंगलुरु में है जो एक बड़ी कम्पनी चलाता है जिसमें टैली ERP और अन्य सॉफ्टवेयर संबंधी काम होते हैं। अनीश एरिक्शन नाम की कम्पनी में बेंगलुरु में ही ग्लोबल टेक्निकल मैनेजर के पद पर भी काम कर चुका है। सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय अनीस ही TV चैनलों पर PFI का विभिन्न मुद्दों पर पक्ष रखता था।

PFI का पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष मिनारुल शेख अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से MA और इतिहास में पीएचडी है। वो कोचिंग क्लास चलाया करता था। राजस्थान में PFI का प्रदेश अध्यक्ष आसिफ पहले प्रतिबंधित संगठन CFI (कैम्पस फ्रंट ऑफ़ इंडिया) से जुड़ा था। बाद में आसिफ ग्रेजुएशन के दौरान ही PFI का प्रदेश अध्यक्ष बन गया। केरल का प्रदेश अध्यक्ष ई अबूबकर साल 1982 में सिमी से जुड़ा था। वह प्रतिबंधित रिहैब इंडिया फाउंडेशन का भी फाउंडर मेंबर है।

PFI का ट्विटर हैंडल और वेबसाइट बंद

मोदी सरकार द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) को बैन किए जाने के बाद 29 सितम्बर 2022 (गुरुवार) को उसका ट्विटर एकाउंट भी बंद कर दिया गया है। ट्विटर ने यह कदम भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा इसी माह 27 सितम्बर को जारी अधिसूचना के बाद उठाया। अब PFI का ट्विटर हैंडल @PFIOofficial खोलने पर ‘कानूनी माँग पर एकाउंट को भारत में रोक दिया गया है’ की जानकारी सामने आती है। इसी के साथ PFI की वेबसाइट, फेसबुक अकाउंट और यूट्यूब प्रोफाइल को भी ब्लॉक कर दिया गया है।

हालाँकि PFI द्वारा राज्य स्तर पर बनाए गए हैंडल और उसके साथ बैन हुए उनके सहयोगी संस्थानों के कई खाते सोशल मीडिया पर अभी भी सक्रिय हैं। जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार ने PFI के सहयोगी संस्थानों की भी वेबसाइट और उसके सोशल हैंडलों को बंद करने के निर्देश दिए हैं। हिंदुस्तान टाइम्स को एक अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया है कि PFI के सहयोगी संस्थानों के एकाउंट बंद करने की प्रक्रिया चल रही है जिसके निर्देश विभिन्न कंपनियों को पहले ही भेजे जा चुके हैं।

‘सादे कपड़े पहनने पर अंडरगारमेंट्स पहनना होगा अनिवार्य, एयर होस्‍टेस की ड्रेस से खराब हो रही इमेज’: पाकिस्तानी एयरलाइंस का फरमान, शिफ्ट इंचार्ज रखे नजर

पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (Pakistan International Airlines) ने एयर होस्‍टेस के सादे कपड़े पहनने पर आपत्ति जताई है। फ्लाइट सर्विसेज के जनरल मैनेजर की तरफ से एयर होस्टेस की ड्रेस को लेकर अटपटा आदेश जारी किया गया है। PIA के इस आदेश में कहा गया है, “एयर होस्‍टेस को सादे कपड़े पहनने पर अंडरगारमेंट्स पहनना अनिवार्य है।”

जनरल मैनेजर आमिर बशीर ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि उनको एयर होस्‍टेस के बारे में कई शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों में कहा गया था कि जब वे ऑफिस पहुँचती हैं, होटल में रुकती हैं या दूसरे शहरों के लिए सफर करती हैं, तो ठीक ढंग से कपड़े नहीं पहनती हैं। उनके मुताबिक, फ्लाइट अटेंडेंट्स के सलीके से कपड़े नहीं पहनने की वजह से PIA की इमेज खराब हो रही है।

ग्रूमिंग इंस्‍ट्रक्‍टर्स और शिफ्ट इंचार्ज को फ्लाइट अटेंडेंट्स यानि एयर होस्टेस की ड्रेस पर नजर रखने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही फ्लाइट सर्विसेज जनरल मैनेजर की तरफ से आगाह किया गया है कि दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने और सलीके से कपड़े नहीं पहनने वाली एयर होस्टेस खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इससे इतर इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन ने PIA पायलटों और फ्लाइट अटेंडेंट की एक्स्ट्रा ड्यूटी टाइमिंग पर चिंता व्यक्त की है। फेडरेशन ने इस मामले को लेकर पीआईए के सीईओ आमिर हयात (PIA CEO Aamir Hayat) को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि काम के घंटे बढ़ाने से केबिन क्रू की प्रोडक्टिविटी और परफॉरमेंस पर असर पड़ रहा है। यह कदम नियमों का उल्लंघन करता है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मामले को जल्द-से-जल्द हल किया जाना चाहिए, क्योंकि पायलटों और एयर होस्टेस द्वारा लंबे समय तक काम करने से दुर्घटनाएँ हो सकती हैं। फेडरेशन ने दो साल पहले भी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के महानिदेशक को इसी तरह का पत्र भेजा था।

बता दें कि पीआईए की एयरहोस्‍टेस की यूनिफॉर्म सबसे पहले मशहूर फ्रेंच डिजाइनर पियरे कार्डिन ने तैयार की थी। सन् 1950 में सफेद सलवार और दुपट्टे के साथ एक सफेद कफ्स और कॉलर वाली लंबी ग्रीन ड्रेस को लाया गया था। इसके साथ हरे रंग की कैप भी थी। इसके बाद कई बार बदलाव हुए। इनकी ड्रेस में अंतिम बदलाव साल 2016 में हुआ।

‘पूजा करती है… इसे परिवार के साथ जिंदा जला दो’: दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने वाली मुस्लिम महिला को बताया काफिर, घर के बाहर लगाया पोस्टर

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हिंदू देवी-देवताओं की पूजा करने वाली मुस्लिम महिला रूबी आसिफ खान को जान से मारने की धमकी दी गई है। रूबी के घर के बाहर उन्हें परिवार सहित जिंदा जलाने की धमकी का पोस्टर चिपकाने का मामला सामने आया है। पीड़िता भाजपा नेत्री हैं। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। पोस्टर मंगलवार (27 सितम्बर 2022) की रात चिपकाए गए थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना रोरवर थानाक्षेत्र के मामूदनगर शाहजमाल इलाके की है। यहाँ की रहने वाली भाजपा प्रदेश मंत्री रूबी आसिफ खान गणेश चतुर्थी के समय भगवान गणेश की पूजा कर चर्चा में आईं थीं। तब उनके खिलाफ फतवा जारी हुआ था। इस बार नवरात्रि में रूबी ने अपने घर में माँ दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की है। 9 दिनों का व्रत भी रखा हुआ है।

पुलिस को दी गई शिकायत में रूबी ने अपने घर के बाहर लगे पोस्टर का जिक्र किया है। इस पोस्टर में लिखा है, “रूबी आसिफ खान काफिर बन गई है। पूजा करती है। हवन करती है। वन्देमातरम कहती है। इसे इस्लाम से ख़ारिज कर दो। परिवार समेत जिन्दा जला दो। हम सच्चे मुसलमान जामतउल मुसलमान। नारे तकबीर अल्लाह है अकबर।” पुलिस ने पोस्टर जब्त कर लिया है। आसपास के CCTV कैमरों की जाँच कर रही है।

अलीगढ़ के SP सिटी कुलदीप गुणावत के मुताबिक आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास के साथ रूबी के परिवार की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। रूबी के घर के आगे लगे पोस्टर में रूबी का हिन्दू देवताओं की पूजा करते फोटो भी लगाया गया है। अपनी शिकायत में रूबी ने खुद को धमकी की वजह हिन्दू के लिए अपने द्वारा जताया जाने वाला सम्मान और पूजा-पाठ बताया है। इससे पहले रूबी आसिफ खान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाने और उसी दौरान उनकी तस्वीर का खून से तिलक करने के चलते चर्चा में आईं थीं।

शौहर की प्रताड़नाओं से तंग आकर सकीना बन गई प्रिया: इस्लाम छोड़ पंकज के साथ बिता रही जिंदगी, 1 साल से खोज रही थी UP पुलिस

जिस मुस्लिम महिला को उत्तर प्रदेश की पुलिस करीब सालभर से खोज रही थी, वह अब हिंदू बन चुकी है। इस्लाम छोड़ सकीना ने हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया है। उसका नया नाम प्रिया है। उसने पंकज नाम के एक हिंदू युवक से शादी भी कर ली है। उसने पुलिस से कहा है कि वह पंकज के साथ खुश है और अब अपनी पुरानी जिंदगी तथा मजहब में नहीं लौटना चाहती है।

मामला महराजगंज जिले का है। सकीना ने शौहर अब्दुल की प्रताड़नाओं से तंग आकर घर छोड़ा था। प्रिया बन चुकी महराजगंज जिले के सोनौली की सकीना का कहना कि वह अपनी नई जिंदगी और पहचान से बेहद खुश है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला साल 2021 का है। ससुराल से गायब हुई सकीना की पुलिस पिछले एक वर्ष से तलाश कर रही थी। मिलने के बाद सकीना उर्फ प्रिया ने पुलिस को बताया 2020 में उसका निकाह उसके ही रिश्तेदार अब्दुल से हुआ था। निकाह के कुछ महीनों बाद ही झगड़ा शुरू हो गया। अब्दुल उसे मारता-पीटता था।

सकीना ने अब्दुल को कई बार समझाने का प्रयास किया। लेकिन हालात नहीं बदले। उसने इस बात की शिकायत कई बार अपने परिवार वालों से भी की। लेकिन उसे हर बार समाज और इज्जत का हवाला देकर चुप करा दिया जाता था। आखिरकार तंग आकर सकीना ने जनवरी 2021 में अब्दुल का घर छोड़ दिया। सोनौली कोतवाली में 2 फरवरी 2021 को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

पुलिस ने सकीना की तलाश में ऑपरेशन शुरू किया। जब वह मिली तो प्रिया बन चुकी थी। अब्दुल के घर से 33 किलोमीटर दूर उसका नया ससुराल है। वह अब पंकज के साथ ही रहना चाहती है।