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महबूबा मुफ़्ती ने फिर गाए Pak के गुण: पाकिस्तानी PM के जिस बयान पर भारत ने लगाई थी लताड़, उसका किया समर्थन

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी (पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती का पाकिस्तान प्रेम एक बार फिर सामने आया है। कश्मीर मुद्दे पर महबूबा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सुर में सुर मिलाती नजर आईं।

शनिवार (24 सितंबर 2022) को महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत की वकालत की। साथ ही कहा कि यदि पाकिस्तान के पीएम ने कश्मीर समस्या को हल करने और दोनों देशों के रिश्तों को अच्छा करने की बात कही है तो भारत को भी प्रयास करना चाहिए।

महबूबा ने कहा, “अगर पाकिस्तान के पीएम ने जम्मू-कश्मीर के मसले को हल करने और दोनों देशों के रिश्तों को अच्छा करने की बात कही है तो यह होना चाहिए। जैसे वाजपेयी जी के समय दोनों देशों ने बैठकर बात की थी वैसे ही दोनों देश जम्मू-कश्मीर का हल निकालें तो यह देश के लिए भी अच्छा होगा।”

उन्होंने यह भी कहा, “पिछले 75 साल से कश्मीर मसला लटका हुआ है। यह दिन प्रतिदिन जटिल होता जा रहा है। इस मसले के कारण जम्मू-कश्मीर की क्या हालत हो चुकी है, सभी जानते हैं। हमारे हजारों नौजवान न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि मुल्क की विभिन्न जेलों में मुश्किल की जिंदगी बिता रहे हैं। यह बात करना मुश्किल हो चुका है। आए दिन कहीं न कहीं मुठभेड़ होती है, आम नागरिक मुसीबत में है। हमारी आर्थिक स्थिति बर्बाद हो चुकी है। इसलिए कश्मीर मसले को यथाशीघ्र हल करना जरुरी है।”

शहबाज शरीफ ने अलापा था कश्मीर राग…

बता दें, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार (23 सितंबर) को संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्र को संबोधित करते हुए कहा था कि पाकिस्तान भारत सहित सभी पड़ोसी देशों के साथ शांति चाहता है। उन्होंने यह भी कहा था, “मैंने विश्व मंच को आश्वासन दिया है कि पाकिस्तान दक्षिण एशिया में शांति के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर कायम हैं। भारत को उपयोगी वार्ता के लिए माहौल बनाने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।”

शहबाज शरीफ ने यह भी दावा किया था, “जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को बदलने के लिए 5 अगस्त, 2019 को भारत के अवैध और एकतरफा कदम ने शांति की संभावनाओं को और कम किया है। भारत के इस कदम ने क्षेत्रीय तनाव को भड़काया है।”

भारत ने लगाई पाकिस्तान को लताड़…

शहबाज शरीफ के इस बयान के बाद संयुक्त राष्ट्र में भारत मिशन के प्रथम सचिव मिजिटो विनिटो ने कहा था कि यह बेहद खेदजनक है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इस सभा में भारत पर झूठे आरोप लगाए। उन्होंने अपने देश में दुष्कर्मों को छिपाने और भारत के खिलाफ कार्रवाई को सही ठहराने के लिए ऐसा किया। विनिटो ने जवाब देते हुए पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों और महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर अपने गिरेबान में झाँकने के लिए भी कहा था।

फॉलोवर्स बढ़ाने के लिए चैट करती थी DU छात्रा, तंजीम अहमद ने वायरल कर दी अश्लील तस्वीरें: दिल्ली पुलिस ने दबोचा, फोन में कई लड़कियों की फोटो

दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली एक छात्रा की आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में उत्तरी जिले की साइबर थाना पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान मोहम्मद तंजीम अहमद के रूप में हुई है। तंजीम पर आरोप है कि उसने छात्रा से पहले करीबियाँ बढ़ाईं। उसके बाद उससे उसकी पर्सनल तस्वीरें माँगकर उन्हें वायरल कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आरोपित मोहम्मद तंजीम अहमद पेशे से एक स्केच आर्टिस्ट हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने जानकारी दी है कि पिछले दिनों दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक नामी कॉलेज की 19 वर्षीय छात्रा ने साइबर थाना पुलिस को इस मामले में शिकायत दी थी।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपित की लोकेशन को ट्रेस किया। फिर उसकी गिरफ़्तारी की गई। आरोपित ने पुलिस को बताया कि वह झारखंड का रहने वाला है और उसने वर्ष 2022 में जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी (Jamia Millia University) के एडमिशन का टेस्ट दिया था। आरोपित के मुताबिक उसका बायोटेक्नालॉजी प्रथम वर्ष में दाखिला हुआ था।

ये है पूरा मामला

तंजीम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए पीड़िता ने पुलिस को बताया कि फरवरी 2022 में उसकी इंस्टाग्राम के माध्यम से स्केच आर्टिस्ट मोहम्मद तंजीम से दोस्ती हुई थी। मोहम्मद तंजीम के सोशल मीडिया पर काफी फॉलोवर्स भी थे। तंजीम ने छात्रा को सोशल मीडिया पर फॉलोवर्स बढ़ाने का झाँसा दिया। जिसके बाद छात्रा उससे नित्य चैट करने लगी।

धीरे-धीरे दोनों के बीच करीबियाँ बढ़ गईं। फिर एक दिन आरोपित तंजीम ने छात्रा से उसकी पर्सनल फोटो और वीडियो माँगे। युवती ने भी उसे अपनी कुछ पर्सनल फोटो शेयर कर दिए। इसके बाद दोनों की एक बार मुलाकात हुई। तभी छात्रा ने तंजीम का फोन देखा और पाया कि उसके फोन में तो और भी लड़कियों की तस्वीरें हैं।

इन्हीं फ़ोटोज़ और वीडियो को लेकर जब छात्रा ने अहमद से सवाल पूछा तो वह बुरा मान गया और भड़क उठा। लड़की को भी उसका ये बर्ताव पसंद नहीं आया। उसने उससे दोस्ती तोड़ ली। लड़की के फैसले पर तंजीम को इतना गुस्सा आया कि उसने अपनी भड़ास निकालने के लिए युवती की सभी पर्सनल फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

जम्मू कश्मीर में पहली बार आधिकारिक रूप से मनाई गई महाराजा हरि सिंह की जयंती, अवकाश का भी ऐलान: भगवा पगड़ी और तलवार के साथ जुटे लोग

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से कई मामलों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इसी सिलसिले में यहाँ पहली बार आधिकारिक रूप से जम्मू कश्मीर के अंतिम राजा, महाराजा हरि सिंह की जयंती मनाई जा रही है। महाराज हरि सिंह की जयंती (23 सितंबर) पर उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने वार्षिक अवकाश की भी घोषणा की थी।

महाराजा हरि सिंह का जन्म 23 सितंबर, 1885 को हुआ था। यानी, यह उनकी 127वीं जयंती है। उनकी जयंती जम्मू कश्मीर में बेहद धूमधाम से मनाई जा रही है। इसके लिए कई शहरों में कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।

इन कार्यक्रमों में केसरिया पगड़ी, हाथों में तलवार, दिल में जोश, उमंग और उत्साह के साथ लोग महाराजा हरि सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए नजर आ रहे हैं। जम्मू के डोगरा चौक व तवी ब्रिज में आयोजित कार्यक्रमों में अलग-अलग संगठनों और आम लोगों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर महाराजा को श्रद्धांजलि दी है। इस श्रद्धांजलि सभा में ‘महाराजा हरि सिंह अमर रहें’ के नारे लगातार गूँजते रहे।

महाराजा हरि सिंह की जयंती पर जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, “मैं महाराजा हरि सिंह को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देता हूँ। वह एक समाज सुधारक और उच्च आदर्शों वाले व्यक्ति थे।” वहीं जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने कहा “सच्चे दूरदर्शी, देशभक्त और जम्मू-कश्मीर के अंतिम डोगरा शासक महाराजा हरि सिंह जी को आज उनकी जयंती पर नमन।”

महाराजा हरि सिंह की जयंती पर उनके पोते और पूर्व विधायक युवराज विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि किसी को यह नहीं भूलना कि महाराजा ने जनता के लिए क्या-क्या कदम उठाए थे। महाराजा पाकिस्तान के दबाव के आगे नहीं झुके थे। उन्होंने बताया कि कैसे महाराजा ने भारत के साथ अपनी रियासत का विलय किया था और दलित समाज के उत्थान के लिए कई कदम उठाए छुआछूत को खत्म किया। युवराज विक्रमादित्य ने यह भी कहा कि वह पीएम मोदी व उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा का धन्यवाद करते हैं।

बता दें कि साल 1961 में महाराजा हरि सिंह के निधन के बाद से जम्मू कश्मीर के लोग महाराजा की जयंती पर अवकाश की माँग कर रहे थे। लेकिन, किसी भी सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया था। हाल ही में भाजपा नेताओं व कई संगठन के के लोगों ने उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा से अवकाश की माँग की थी। जिसके बाद, केंद्र सरकार ने एक आदेश जारी किया था और फिर महाराजा हरि सिंह की जयंती 23 सितंबर को वार्षिक अवकाश के रूप में घोषित किया गया था।

भारत-नेपाल सीमा पर लगेंगे थर्मल कैमरे: ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट का असर – ताला लगा कर गायब हुए कई मदरसा संचालक, पकड़ा गया पुजारी का हत्यारा कासिम

भारत नेपाल सीमा पर बढ़ रही मुस्लिम आबादी और इबादतगाहों की मीडिया रिपोर्ट्स की जमीनी हकीकत जानने के लिए ऑपइंडिया की टीम ने 20 से 27 अगस्त 2022 तक भारत नेपाल सीमा का दौरा किया। इस दौरान हमने श्रावस्ती, बलरामपुर, महराजगंज और सिद्धार्थनगर जिलों के साथ नेपाल के दांग और कपिलवस्तु जिलों की जानकारी जुटाई। अपने द्वारा जुटाई इन तमाम जानकारियों को हमने 3 सितम्बर 2022 से प्रत्येक दिन एक-एक कर के प्रकाशित करना शुरू किया।

शनिवार (24 सितंबर, 2022) तक इस सीरीज की 21 कड़ियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं। हमारी इन खबरों का शासन और प्रशासन स्तर पर भी बड़ा असर हुआ है, जिसे न सिर्फ भारत बल्कि नेपाल तक भी देखा जा सकता है।

यह रिपोर्ट एक सीरीज के तौर पर है। इस पूरी सीरीज को एक साथ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

श्रावस्ती बॉर्डर पर मदरसों में लगे ताले

ऑपइंडिया ने 6 सितम्बर, 2022 को ‘बौद्ध आस्था के केंद्र हों या तालाब… हर जगह मजार: श्रावस्ती में घरों की छत पर लहरा रहे इस्लामी झंडे’ शीर्षक के साथ श्रावस्ती जिले में बढ़ रही इबादतगाहों पर अपनी रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट में हमने श्रावस्ती जिले के सार्वजनिक स्थलों पर मज़ारों और दरगाहों की जानकारी दी थी। अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान हमने नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों को छूती हुई सड़क का दौरा किया, जिसमें हमने दरगाहों के खादिमों तक के बयान लिए थे।

अब हमारी इस ग्राउंड रिपोर्ट का बड़ा असर हुआ है। ‘ABP न्यूज़’ में 23 सितम्बर, 2022 को प्रकाशित खबर के मुताबिक, जब श्रावस्ती जिले के प्रशासनिक अधिकारी नेपाल सीमा के मदरसों का दौरा करने गए, तब कई मदरसों के संचालक ताला लगा कर गायब मिले। जिला प्रशासन की टीमों ने श्रावस्ती के अलग-अलग हिस्सों के मदरसों का दौरा किया, लेकिन उनमें से कई मदरसे बंद मिले। यहाँ तक कि उनके संचालकों से भी प्रशासन का संपर्क नहीं हो पाया। रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि इन मदरसों में कइयों के पास वैध कागज़ नहीं है तो कई अंतरराष्ट्रीय नो मैन्स लैंड पर बने हुए हैं।

नेपाल बॉर्डर पर लगेंगे थर्मल कैमरे

5 सितम्बर, 2022 को ऑपइंडिया ने भारत नेपाल सीमा पर एक देश से दूसरे देश में हो रही तस्करी पर रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसमें हमने बहराइच, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर जिले की कुछ घटनाओं का जिक्र किया था, जब नेपाल के अंदर भारत के और भारत के अंदर नेपाल के अपराधियों और तस्करों की सक्रियता को प्रमाणों के साथ बताया गया था। तब हमने कई घटनाओं का जिक्र तिथिवार किया था, जिसमें अपराधी अथवा तस्कर एक वर्ग विशेष से थे।

इसके अलावा 21 सितम्बर, 2022 को ऑपइंडिया ने नेपाल सीमा पर निचलौल बॉर्डर महाराजगंज जिले में पोस्टेड DSP सुनील दत्त दुबे के बयानों पर रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट में उन्होंने भारत-नेपाल सीमा पर CCTV कैमरे लगवाने की जरूरत पर बल दिया था। उनका मानना था कि सीमा पर सर्विलांस सिस्टम मजबूत करने पर बल दिया था।

इसी दिन ‘अमर उजाला’ द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया गया कि सीमावर्ती बहराइच जिले के पुलिस अधीक्षक केशव चौधरी ने भारत नेपाल सीमा पर थर्मो सेंसर कैमरे लगवाने की घोषणा की है। तब उन्होंने बताया था कि इस काम के लिए तार आदि बिछाने का काम जल्द शुरू होने जा रहा है। रिपोर्ट में बताया गया कि यह फैसला भारत सरकार द्वारा लिया गया है।

DM और SP पहुँचे बॉर्डर पर

ऑपइंडिया ने नेपाल बॉर्डर से जुड़ी अपनी तमाम रिपोर्टों बलरामपुर जिले का खास तौर पर जिक्र किया है। इन रिपोर्टों में न सिर्फ जरवा बॉर्डर, बल्कि अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों की तरफ जाने वाली सड़कों और शहर के अंदर मंदिरों तक की जमीनों पर हुए कब्ज़े के बारे में विस्तार से बताया गया है।

हमारी रिपोर्ट के 21 भाग प्रकाशित होने के बाद बलरामपुर जिले के जिलाधिकारी और SP ने सामूहिक रूप से बॉर्डर इलाकों का दौरा किया। बलरामपुर पुलिस द्वारा अपने आधिकारिक हैंडल पर इस दौरे की जानकारी प्रकाशित की गई है और इसे दौरे को सुरक्षा के दृष्टिकोण से किया गया बताया गया है।

नेपाल में मंदिर के पुजारी का हत्यारा 2 साल बाद गिरफ्तार

ऑपइंडिया ने 3, 4 और 5 सितम्बर 2022 की रिपोर्टों में नेपाल के अंदर बढ़ रही मुस्लिम आबादी के साथ वहाँ बढ़ रही इबादतगाहें और मज़हबी चरमपंथ का जिक्र किया था। तब हमने बताया था कि कैसे नेपाल में ‘लव जिहाद‘ और लैंड जिहाद जैसे मामले बढ़ रहे हैं। इसके लिए ऑपइंडिया की टीम ने दांग और कपिलवस्तु जिले का दौरा भी किया था।

12 सितम्बर, 2022 को नेपाली मीडिया संस्थान ‘राष्ट्र संदेश’ में प्रकाशित खबर के मुताबिक, नेपाल के रौतहट जिले में अगस्त 2020 में हनुमान मंदिर के 68 वर्षीय पुजारी सियाराम शाह की गोली मार कर हत्या करने वाले मोहम्मद कासिम नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया। मोहम्मद कासिम की गिरफ्तारी हत्या के 2 साल बाद पुलिस ने सघन अभियान चला कर की। इस हत्या में देवाही गोनाही नगरपालिका के तत्कालीन वार्ड अध्यक्ष नरुल्लाहहलाई ने प्रमुख साजिशकर्ता की भूमिका निभाई थी।

पढ़ें पहली रिपोर्ट : कभी था हिंदू बहुल गाँव, अब स्वस्तिक चिह्न वाले घर पर 786 का निशान: भारत के उस पार भी डेमोग्राफी चेंज, नेपाल में घुसते ही मस्जिद, मदरसा और इस्लाम – OpIndia Ground Report

पढ़ें दूसरी रिपोर्ट : घरों पर चाँद-तारे वाले हरे झंडे, मस्जिद-मदरसे, कारोबार में भी दखल: मुस्लिम आबादी बढ़ने के साथ ही नेपाल में कपिलवस्तु के ‘कृष्णा नगर’ पर गाढ़ा हुआ इस्लामी रंग – OpIndia Ground Report

पढ़ें तीसरी रिपोर्ट : नेपाल में लव जिहाद: बढ़ती मुस्लिम आबादी और नेपाली लड़कियों से निकाह के खेल में ‘दिल्ली कनेक्शन’, तस्कर-गिरोह भारतीय सीमा पर खतरा – OpIndia Ground Report

पढ़ें चौथी रिपोर्ट : बौद्ध आस्था के केंद्र हों या तालाब… हर जगह मजार: श्रावस्ती में घरों की छत पर लहरा रहे इस्लामी झंडे, OpIndia Ground Report

पढ़ें पाँचवीं रिपोर्ट : महाराणा प्रताप के साथ लड़ी थारू जनजाति बहुल गाँव में 3 मस्जिद, 1 मदरसा: भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी का ये है ‘पैटर्न’ – OpIndia Ground Report

पढ़ें छठी रिपोर्ट : बौद्ध-जैन मंदिरों के बीच दरगाह बनाई, जिस मजार को पुलिस ने किया ध्वस्त… वो फिर चकमकाई: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी – OpIndia Ground Report

पढ़ें सातवीं रिपोर्ट : हनुमान गढ़ी की जमीन पर कब्जा, झारखंडी मंदिर सरोवर में ताजिया: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी, असर UP के बलरामपुर में – OpIndia Ground Report

पढ़ें आठवीं रिपोर्ट : पुरातत्व विभाग से संरक्षित जो जगह, वहाँ वक्फ की दरगाह-मजार: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी, मुसीबत में बौद्ध धर्मस्थल – OpIndia Ground Report

पढ़ें नौवीं रिपोर्ट : 2 मीनारों वाली मस्जिदें लोकल, 1 मीनार वाली अरबी पैसे से… लगभग हर गाँव में मदरसे: नेपाल बॉर्डर के मौलाना ने बताया इसमें कमीशन का खेल – OpIndia Ground Report

पढ़ें दसवीं रिपोर्ट : SSB बेस कैंप हो या सड़क, गाँव हो या खेत-सुनसान… हर जगह मस्जिद-मदरसे-मजार: UP के बलरामपुर से नेपाल के जरवा बॉर्डर तक OpIndia Ground Report

पढ़ें 11वीं रिपोर्ट : हिंदू बच्चों का खतना, मंदिर में शादी के बाद लव जिहाद और आबादी असंतुलन के साथ बढ़ते पॉक्सो मामले: नेपाल बॉर्डर पर बलरामपुर जिले में OpIndia Ground Report

पढ़ें 12वीं रिपोर्ट : गाँवों में अरबी-उर्दू लिखे हुए नल, UAE के नाम की मुहर: ज्यादा दाम देकर जमीनें खरीद रहे नेपाली मुस्लिम – OpIndia Ground Report

पढ़ें 13वीं रिपोर्ट : नए बने ओवरब्रिज के नीचे मज़ार-कर्बला, सड़क किनारे मस्जिद-मदरसे-दरगाह: नेपाल के बढ़नी बॉर्डर हाइवे पर ‘हरा रंग’ हावी – OpIndia Ground Report

पढ़ें 14वीं रिपोर्ट : 4 और 14 वाली नीति से एकतरफा बढ़ रही आबादी… उस गाँव में मस्जिद बनाने की कोशिश, जहाँ नहीं एक भी मुस्लिम’ : UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 15वीं रिपोर्ट: फ़ारसी में ‘गरीब नवाज स्कूल’ का बोर्ड, उस पर बने चाँद-तारे… घरों-दुकानों में लहरा रहे इस्लामी झंडे, सड़क से सटी हुई मजारें: UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 16वीं रिपोर्ट: ’10 km में 20 गाँव मुस्लिम बहुल, हिन्दू दब कर मनाते हैं अपने त्योहार’: नेपाल सीमा के ग्राम प्रधान ने बताया – गरीब दिखने वाले मुस्लिमों के पास भी बहुत पैसे: UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 17वीं रिपोर्ट: 150 मदरसे, 200 मस्जिदें… नेपाल सीमा से 15 km के दायरे का हाल, जानिए बॉर्डर के उन गाँवों की स्थिति जो बन गए हैं मुस्लिम बहुल: UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 18वीं रिपोर्ट: ‘संयुक्त अरब अमीरात एसोसिएशन’ के नल से UP-नेपाल बॉर्डर पर पानी, सिद्धार्थनगर का मुस्लिम बहुल बाजार डुमरियागंज है सप्लायर: OpIndia Ground Report

पढ़ें 19वीं रिपोर्ट: ‘नेपाल से अपराधी को पकड़ कर लाना Pak से लाने के बराबर’: सीमा पर तैनात रहे DSP ने बताया – नेपाल पुलिस नहीं दिखाती हमारे जैसी सक्रियता – OpIndia Ground Report

पढ़ें 19वीं रिपोर्ट: रामजन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष का मंदिर लैंड जिहाद का शिकार: बॉर्डर UP-नेपाल का… लेकिन जमीन कब्जा के लिए फिलिस्तीनी मॉडल – OpIndia Ground Report

पढ़ें 20वीं रिपोर्ट: ‘मस्जिद-मदरसे-मजार हैं ठिकाने, बाहरी लोगों से भरे पड़े’ : भारत-नेपाल बॉर्डर के 5 Km दोनों तरफ साजिश की पट्टी – OpIndia Ground Report

‘मॉडल बनाने के नाम पर बुलाया, फ्लैट में रेप किया’ : गुजरात में AAP नेता पर कास्टिंग काउच का इल्जाम, केस दर्ज

गुजरात के वेरावल में आम आदमी पार्टी के नेता भागू वाला के विरुद्ध रेप मामले में एफआईआर दर्ज हुई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे भागू वाला की ‘विश्वास फिल्म क्रिएशन कंपनी’ ने काम का लालच देकर अपने जाल में फँसाया और फिर उसका रेप हुआ। कंप्लेन मिलने के बाद लड़की को मेडिकल चेक अप के लिए ले जाया गया। वहीं मामले में आप नेता को आरोपित बनाकर आईपीसी की धारा 376 के तहत दर्ज किया गया।

बता दें कि भागू वाला पहले कॉन्ग्रेस में उपाध्यक्ष पद पर थे और उसके बाद उन्होंने हाल में आम आदमी पार्टी ज्वाइन की। उनके नाम एक फिल्म प्रोडक्शन कंपनी है जिसका नाम विश्वास फिल्म क्रिएशन है। भागू वाला पर आरोप है कि उन्होंने इसी के बूते एक मॉडल को कास्टिंग का लालच दिया। उसके बाद फ्लैट पर बुलाकर उसका रेप किया।

शिकायत में ये उल्लेख है कि आरोपित ने युवा महिला को लालच दिया कि वो उसे मॉडलिंग का काम दिलवाएँगे। इसके बाद लड़की को उन्होंने अपने फ्लैट पर बुलाया और उसका रेप किया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज करके पड़ताल शुरू कर दी है।

गुजरात में आम आदमी पार्टी के नेता और उनके विवादित बयान

इससे पहले गुजरात में आम आदमी पार्टी के एक अन्य नेता जगमाल वाला चर्चा में आए थे। उनकी एक वीडियो वायरल हुई थी। इस वीडियो में दारू का बखान कर रहे थे। उनका कहना था कि दारू कोई बुरी बात नहीं है। अगर शरीर में ताकत है तो इसे पी लेना चाहिए।

उनसे पहले गुजरात AAP के प्रमुख गोपाल इटालिया ने भगवान श्री कृष्ण को राक्षस बताते हुए उनका अपमान किया था। द्वारका में एक रैली को संबोधित करते हुए इटालिया ने गुजराती में कहा, “अब भगवान श्री कृष्ण और भाजपा के इन राक्षसों से सभी को छुटकारा दिलाने के लिए, अरविंद केजरीवाल अर्जुन के रूप में आए हैं।”

‘पर्यटन क्षेत्र से बढ़ेगा रोजगार, हिमाचल में बल्क ड्रग पार्क भी’: PM मोदी ने चुनाव से पहले राज्य के युवाओं को साधा, पहाड़ी गाँधी बाबा को किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (24 सितंबर, 2022) को हिमाचल प्रदेश के मंडी में ‘युवा विजय संकल्प रैली’ को संबोधित किया। राज्य में नवंबर 2022 में चुनाव भी होने हैं। मौसम खराब होने की वजह से प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ही इस जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने इसके लिए जनता से क्षमा भी माँगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल की युवा शक्ति ने हमेशा अलग-अलग मोर्चों पर देश को गौरवान्वित होने का अवसर दिया है।

पीएम मोदी ने कहा कि पहाड़ी गाँधी बाबा कांशी राम समेत हिमाचल के अनेक सेनानियों ने आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पीएम मोदी ने आजादी के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर से लेकर कारगिल युद्ध तक हिमाचल के जांबाजों के सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने माँ भारती का सिर ऊँचा रखा है। पीएम ने समझाया कि युवाओं को ज्यादा से ज्यादा अवसर देना, हमेशा से भाजपा की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।

उन्होंने बताया कि कैसे मुख्यमंत्री हों, सांसद हों या मंत्री हों – भाजपा देश का वो राजनीतिक दल है जिसमें हर जगह युवाओं का प्रतिनिधित्व सबसे अधिक है। इसका कारण बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा देश के युवाओं पर, हिमाचल के युवाओं पर, सबसे अधिक भरोसा करती है। उन्होंने कहा कि अब देश की युवा शक्ति मिलकर ‘आजादी के अमृत काल’ में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प पूरा करेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हिमाचल के लोग, हिमाचल के युवा भी, भाजपा सरकार की वापसी का मन बना चुके हैं। हिमाचल के युवा जानते हैं कि साफ नीयत के साथ, ईमानदार नीयत के साथ हिमाचल का विकास कोई कर सकता है, तो वो भाजपा ही है। देश में दवाओं के रॉ-मैटेरियल में आत्मनिर्भरता के लिए आज जो काम चल रहा है, उसके लिए तीन राज्यों को चुना गया है, जिसमें से एक है अपना हिमाचल प्रदेश। यहाँ बल्क ड्रग्स पार्क बनाया जा रहा है। देश के चार राज्यों में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाए जा रहे हैं, उसमें भी हिमाचल एक राज्य है।”

पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि अमृत काल में भारत की अर्थव्यवस्था को देश में रोजगार निर्माण को एक बड़ा बल जिस सेक्टर से मिलने वाला है, वो है हमारा टूरिज्म सेक्टर। उन्होंने बताया कि वो खुद भी हिमाचल की देव संस्कृति और हिमाचल के हस्तशिल्पियों से बहुत अभिभूत रहते हैं। बकौल पीएम मोदी, ‘जल जीवन मिशन’ के तहत पिछले तीन वर्ष में देश के सात करोड़ से अधिक नए घरों को नल से जल मिलने लगा है और हिमाचल प्रदेश के आठ लाख से ज्यादा परिवारों को भी नल से जल की सुविधा मिली है।

कुछ दिन पहले अपनी सरकार द्वारा लिए गए एक फैसले के बारे में जानकारी देते हुए पीएम मोदी ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हिमाचल के हाटी समुदाय को एसटी सूची में जोड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और सिरमौर के गिरीपार क्षेत्र में रहने वाले हाटी समुदाय के हजारों युवा साथियों को इस निर्णय से अनेक अवसर मिलने वाले हैं। पीएम मोदी ने कहा कि बीते 8 वर्षों में देश में उच्च शिक्षा के लिए अनेक नए संस्थान शुरू किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि हर बड़े सेक्टर से जुड़े देश के जितने प्रीमियम संस्थान हैं, वो आज हिमाचल में भी हैं।

नेपाल में ISI एजेंट को दौड़ा-दौड़ा कर मारी गोली, वीडियो में देखें कैसे हुई लाल मोहम्मद की हत्या: भारत में फैला रहा था जाली नोटों का कारोबार, दाऊद से भी संबंध

नेपाल की राजधानी काठमांडू में सोमवार (19 सितंबर, 2022) को एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या को लेकर अब बड़ा खुलासा हुआ है। ख़ुफ़िया एजेंसियों ने अपने खुलासे में मारे गए शख्स का नाम लाल मोहम्मद बताया है। साथ ही उसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI (आईएसआई) का एजेंट, जाली नोटों (नकली नोट) का सप्लायर और दाऊद इब्राहिम की D कम्पनी का सदस्य भी बताया गया है।

दरअसल, जब सोमवार को हत्या हुई थी, तब इस व्यक्ति की पहचान कपड़ा व्यवसायी के रूप में हुई थी। लेकिन, अब यह सामने आया है कि मृतक लाल मोहम्मद उर्फ मोहम्मद दर्जी (उम्र 55 वर्ष) था, जो कि पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी के एजेंट के रूप में नेपाल से भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। यही नहीं, उसके अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ भी कनेक्शन सामने आए हैं।

बता दें कि इससे पहले 2007 में काठमांडू के अनामनगर में जाली नोटों के कारोबारी पटुवा की हत्या के मामले में नेपाल पुलिस ने लाल मोहम्मद को गिरफ्तार किया था। इस मामले में लाल मोहम्मद के साथ ही दाऊद इब्राहिम की डी कम्पनी के शार्प शूटर इल्ताफ हुसैन अंसारी उर्फ मुन्ना खान को भी गिरफ्तार किया था। जाली नोटों के कारोबारी की हत्या के इस मामले में दोनों आरोपियों को 10 साल की सजा हुई थी। उसे साल 2017 में उसे जेल से रिहा किया कर दिया गया था।

जेल से रिहा होने के बाद लाल मोहम्मद ने कपड़े का व्यापार शुरू किया था। इस व्यापार की आड़ में ही वह आईएसआई और डी कम्पनी के इशारों पर काम करता था और उसने पूरा रैकेट बनाया हुआ था।

दौड़ा-दौड़ा कर मारी गई गोलियाँ

नेपाल के गोथार इलाके में दर्जी मोहम्मद के नाम से रहने वाले आईएसआई एजेंट लाल मोहम्मद की हत्या उस वक्त की गई, जब वह कार से उतर कर घर की ओर जाने वाला था। इसी दौरान घात लगाकर बैठे हुए बाइक सवार हमलावरों ने उस पर गोलियाँ चला दीं। गोलियाँ चलते ही वह भागने लगा लेकिन हमलावरों ने उस पर गोलियाँ चलाना बंद नहीं की। इस हमले में लाल मोहम्मद के सिर, पेट और पैर में गोलियाँ लगीं थीं।

आईएसआई एजेंट लाल मोहम्मद की हत्या करने वाले हमलावर अब भी फरार बताए जा रहे हैं। नेपाल पुलिस इन हमलावरों की तलाश में जुटी है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि लाल मोहम्मद की हत्या गैंगवार के चलते की गई है।

24 घंटे में RSS कार्यकर्ताओं पर 3 बार हमले: घर से लेकर कार्यालय पर ‘PFI आतंकियों’ ने फेंके पेट्रोल बम, CCTV में कैद हुए

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद अब पीएफआई के ‘आतंकी’ बौखलाए हुए हैं। तमिलनाडु से खबर है कि वहाँ एक और आरएसएस पदाधिकारी के घर बम फेंका गया। 24 घंटे में ये आरएसएस कार्यकर्ताओं पर पेट्रोल बम फेंके जाने की तीसरी घटना है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, चेन्नई के पास तांबरम में चितलापक्कम में आरएसएस के डिस्ट्रिक्ट सेक्रेट्री सीतारमन के आवास पर पेट्रोल बम फेंका गया। पुलिस अब ये पेट्रोल बम फेंकने वाले अज्ञात लोगों को ढूँढने का प्रयास कर रही है।

सीतारमन ने बताया, “सुबह के 4 बजे हमें एक तेज आवाज सुनाई दी और देखा तो बाहर आग लगी हुई थी। हमें लगा कोई शॉर्ट सर्किट हुआ है लेकिन ऐसा नहीं था। हमने आग को बुझाया और पुलिस को कॉल किया। पुलिस को आरोपितों की फुटेज दे दी गई है।”

इससे पहले कोयंबटूर के कोवईपुदुर में इसी तरह की एक घटना हुई थी। वहाँ भी अज्ञात लोगों ने आरएसएस के एक पदाधिकारी के आवास पर पेट्रोल बम फेंका थे। घटना में कोई घायल नहीं हुआ था लेकिन फिर भी इलाके में सुरक्षा को बढ़ा दिया गया था।

केरल के कन्नूर से भी आरएसएस के कार्यालय पर हमले की खबर आई थी। वहाँ ये घटना तब हुई, जब पीएफआई ने केरल बंद का आह्वान किया। इसके बाद दो लोग बाइक पर आए और आरएसएस कार्यालय पर बम फेंक गए। पुलिस मामले में अपनी जाँच कर रही है। आरोपित की फोटो सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई है।

उल्लेखनीय है कि NIA की पीएफआई ठिकानों पर रेड के बाद से ही देश के कई इलाकों में हिंसा हो रही है। केरल में तो कई जगह पत्थरबाजी करके लोगों को घायल किया गया, कई वाहन क्षतिग्रस्त किए गए व पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया। आज पुणे से भी खबर है कि वहाँ पीएफआई के बौखलाए सदस्यों ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए हैं।”

PFI की रैली में ‘अल्लाहु अकबर’ और ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ के नारे, पुणे में जुटे थे उपद्रवी: वीडियो वायरल, पुलिस ने कट्टरपंथी रियाज़ सैय्यद को दबोचा

बीते कुछ दिनों से कट्टरपंथी संगठन PFI के खिलाफ प्रशासन द्वारा चल रहे राष्ट्रव्यापी एक्शन के बाद संगठन के समर्थकों में काफी विरोध देखने के मिल रहा है। इसी क्रम में पुणे में कुछ आपत्तिजनक नारे लगने की खबरें सामने आई हैं। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर संगठन के लोगों द्वारा ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाते हुए सुना जा सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगने के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने तुरंत प्रभाव कार्रवाई करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। इसके साथ-साथ बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में 60-70 लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है। नारों वाली घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो में ‘अल्लाह हु अकबर’ और ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे भी सुनाई दे रहे हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपित की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान रियाज सैय्यद के रूप में हुई है। ध्यान दिला दें कि ये सब प्रदर्शन पीएफआई पर हो रही कानून कार्रवाई के कारण किए जा रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों में कई वाहनों को फूँक दिया

कट्टरपंथी संगठन के लोगों की गिरफ़्तारी पर भड़की हिंसा के बाद कई जगहों पर वाहनों के साथ तोड़-फोड़ और आगजनी की खबरें सामने आने लगी। इसके अलावा कुछ इलाकों में तो पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया। खबर ये भी आ रही है कि भाजपा कार्यालय और आरएसएस के दफ्तर पर भी बम फेंके गए हैं।

सबसे ज्यादा हिंसा की घटनाएँ केरल राज्य से सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि इस हिंसा के दौरान तिरुवनंतपुरम और कोट्टयम में बंद का समर्थन कर रहे PFI के उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की और सरकारी बसों, ऑटो-रिक्शा और एक कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं केरल के कोल्लम, पठानमथिट्टा, अलाप्पुझा, एर्नाकुलम, कोझीकोड और वायनाड जिलों में भी वाहनों पर पथराव किया गया।

गौरतलब है कि इन हिंसक प्रदर्शनों के क्रम में उपद्रवियों ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया। वहाँ कुछ लोगों ने ऑफिस में पेट्रोल बम भी फेंके। इनके अलावा कन्नूर के मट्टनूर में दो लोगों द्वारा आरएसएस के ऑफिस पर पेट्रोल बम फेंकने की खबर आई है।

आरएसएस पर क्यों नहीं होती कार्रवाई

PFI के खिलाफ जाँच एजेंसियों की कार्रवाई पर प्रदर्शनकारियों द्वारा RSS को बदनाम करने की कोशिश किए जाने पर संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “इतिहास में कई बार सरकारों के द्वारा RSS पर भी प्रतिबंध लगाया, लेकिन इसके बावजूद संघ ने कभी भी हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया।”

इंद्रेश कुमार ने कहा, “1948, 1975 या 1992 संघ ने हमेशा शांतिपूर्ण और संवैधानिक रूप से इसके खिलाफ विरोध किया।” उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा, “यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि राजनीतिक दल PFI जैसे संगठनों पर डेटा एकत्र नहीं करते हैं, भारत सरकार उन संगठनों की आपराधिक गतिविधियों पर डेटा एकत्र करती है, जिनका उद्देश्य देश की एकता को नुकसान पहुँचाना है।”

हिन्दू लड़की से बलात्कार किया, फिर अपने दोस्तों को सौंप दिया: फरार ‘लव जिहाद’ आरोपित के घर पर चला बुलडोजर, वायरल कर दिया था पीड़िता का अश्लील वीडियो

झारखंड के बोकारो स्थित आजादनगर क्षेत्र के सिवंडीह में ‘लव जिहाद’ और सामूहिक दुष्कर्म समेत कई मामलों में फरार आरोपित आरजू मल्लिक पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उसके घर को तोड़ दिया गया है। आरजू मल्लिक पर अपना असली मजहब और नाम छिपा कर हिन्दू महिला से जबरन शादी करने और अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करने का आरोप है। इस मामले में पीड़िता ने आरजू मल्लिक समेत उसके 4 साथियों खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद से आरोपित फरार है।

सामूहिक दुष्कर्म समेत कई मामलों में वांछित आरोपित आरजू मल्लिक का घर बोकारो में बीएसएल की जमीन पर अवैध तरीके से बना हुआ था। इस घर को तोड़ने के लिए बीएसएल मैनेजमेंट व एसडीओ कोर्ट ने बोकारो पुलिस की अनुशंसा पर माराफरी पुलिस को कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।

आरजू मल्लिक के घर को तोड़ने गई टीम के साथ एक मजिस्ट्रेट को भी पूरी कार्रवाई पर ध्यान रखने के लिए कहा गया था। इसके बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरजू मल्लिक के घर को तोड़ दिया है। बता दें कि न्यायालय के आदेश के बाद फरार आरोपित आरजू मल्लिक के घर की पहले ही कुर्की-जब्ती हो चुकी थी।

क्या है मामला

रिपोर्ट्स के अनुसार, आरजू ने साल 2021 में झारखंड के बोकारो में खुद को हिन्दू बताते हुए एक हिन्दू लड़की से दोस्ती की। इसके बाद, उसे जबरन स्वामी सहजानंद महाविद्यालय के गेट के पास से उठाकर कोऑपरेटिव कॉलोनी के एक मकान में ले गया था। जहाँ, पहले से ही पंडित बुलाया गया था और फिर उसने लड़की से जबरन शादी कर ली। इसके बाद उसने लड़की के साथ बलात्कार कर लड़की को अपने दोस्तों को सौंप दिया था। आरजू के दोस्तों ने भी लड़की के साथ बलात्कार किया था।

आरजू ने लड़की के साथ हुई इस पूरी घटना का अश्लील वीडियो भी बनाया था। इस वीडियो को उसने अपने दोस्तों को बाँट दिया। आरजू मल्लिक इस वीडियो के सहारे लड़की को लगातार ब्लैकमेल करता रहा। इस दौरान आरजू ने लड़की को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। जिससे तंग आकर लड़की ने बोकारो के चास थाने में आरोपित आरजू समेत कुल 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद से आरजू फरार बताया जा रहा है।