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सलमान खान के अलावा करण जौहर भी थे लॉरेंस बिश्नोई गैंग के निशाने पर, मूसेवाला हत्याकांड में पकड़े गए ‘महाकाल’ ने किया खुलासा

सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद सलमान खान को धमकी देने वाले लॉरेंस बिश्नोई गैंग को लेकर खुलासा हुआ है कि ये गैंग कई अन्य बॉलीवुड हस्तियों को भी अपने निशाने पर लेकर ब्लैकमेल करते थे। मूसेवाला हत्याकांड में पकड़ा गया सौरव कांबले उर्फ महाकाल ने बताया कि उन लोगों के निशाने पर कई और भी बॉलीवुड शख्सियतें थीं जिनमें से एक प्रोड्यूसर करण जौहर भी थे।

रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि सौरव कांबले ने पुणे पुलिस की पूछताछ में बताया कि करण जौहर बिश्नोई गैंग की हिट लिस्ट में थे। कांबले ने कहा कि करण जौहर अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार था और इसलिए वह करण जौहर से नाराज थे और उन्हें धमका कर 5 करोड़ रुपए की वसूली करना चाहते थे।

कांबले ने पुलिस को बताया कि वो विक्रम बराड़ के लिए काम करता था जिसके साथ वह सिग्नल ऐप से जुड़ा था। इसी के बाद उसे बिश्नोई गैंग की तमाम साजिशों और टारगेट्स का पहले से पता चलने लगा। अब पुलिस सौरव कांबले के दावों की जाँच कर रही है। जिस विक्रम बराड़ का नाम सौरव ने पुलिस के सामने लिया है कनाडा के गोल्डी बराड़ का भाई है।

मूसेवासा हत्या केस में पकड़े गए आरोपित ने ये भी बताया कि ड्रग तस्करी में शामिल एक महिला और सिखों की गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान करने वाले डॉक्टर भी उनकी हिट लिस्ट में हैं।

बता दें कि पुलिस ने अभी कांबले के इन सभी दावों की सत्यापित नहीं किया है। लेकिन एक अधिकारी के हवाले से बताया जा रहा है कि करण जौहर से गैंग ने 5 करोड़ रुपए वसूलने की साजिश रची थी। पुलिस ने ये भी बताया कि कुछ आरोपित अपने गुनाह कबूलते समय डींगे भी मारते हैं। ऐसा करने के पीछे उनका उद्देश्य अपना प्रचार करना और फिरौती में बड़ी रकम माँहना होता है। ऐसी घटना पंजा और अन्य राज्यों में आम हैं। गैंग्सटर चाहते हैं कि उनका नाम किसी हाई प्रोफाइल व्यक्ति से जुड़े।

रुबीना का अनोखा निकाह… बुलडोजर पर पहुँचा दूल्हा, लगाए गए ‘बुलडोजर बाबा की जय’ के नारे: बहराइच की घटना

विवाह या निकाह जैसे किसी भी समारोह में अक्सर बारात को आपने घोड़ा, हाथी या फिर कार से देखा होगा। लेकिन उत्तर प्रदेश के बहराइच में ऐसा निकाह हुआ, जहाँ अपने में शख्स बुलडोजर लेकर पहुँच गया। बुलडोजर पर आई इस बारात के हर तरफ चर्चे हो रहे हैं। इस मौके पर बुलडोजर बाबा (सीएम योगी को बुलडोजर बाबा कहा जाता है) के नाम के जयकारे भी लगाए गए।

दरअसल, उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपराधियों पर बुलजोर कार्रवाई के कारण बुलडोजर काफी मशहूर हो गया है। इसकी चर्चाएँ काफी अधिक होती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अनोखे निकाह की ये घटना बहराइच जिले की है। जिले के रिसिया ब्लॉक के रहने वाले सलीम की बेटी रूबीना का निकाह श्रावस्ती जिले के जमुनहा ब्लॉक के आला गाँव के मोहन के बेटे बादशाह के साथ तय हुई थी।

निकाह के लिए शनिवार (18 जून, 2022) को निकाह के लिए बारात निकली तो आधा दर्जन बुलडोजर बारात में ले जाए गए। वहाँ पहुँचने के बाद बुलडोजर पर सवार दूल्हे को चारों तरफ घुमाया गया, जिसे देखने के लिए लोगों का तांता लग गया। इस मौके पर जहूर खाँ, छोट्टन, रमजान, शंकरपुर समेत कई लोग बुलडोजर पर सवार दिखे। इन लोगों ने ‘बुलडोजर बाबा की जय’ के नारे भी लगाए। बारातियों का कहना था कि कार तो सभी की शादियों में होती हैं। इस कारण से हमने सोचा कुछ नया करते हैं। बारातियों के मुताबिक, उन्होने इस नए प्रयोग को किया और ये काफी पसंद भी किया जा रहा है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार अपराधियों, माफियाओं और दंगाइयों के खिलाफ लगातार बुलडोजर कार्रवाई कर रही है। ऐसे में बुलडोजर काफी हिट हो गया है। हाल ही में जुमे की नमाज के बाद दंगा करने वालों के अवैध ठिकानों पर सरकार ने बुलडोजर चलाया था। मीडिया और सोशल मीडिया हर जगह उत्तर प्रदेश सरकार के बुलडोजर की चर्चाएँ हैं।

नोएडा में फ्री शिक्षा के नाम पर गरीब बच्चों का ‘धर्मांतरण’ : केरल के पादरी पर केस दर्ज, कोठी में खोल रखी थी NGO

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के नोएडा के सेक्टर-12 के बी ब्लॉक से धर्मान्तरण (Religious Conversion) की घटना प्रकाश में आई है। विश्व हिन्दू परिषद (VHP) का आरोप है कि बी ब्लॉक में स्थित एक कोठी में गरीब झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों को फ्री में एजुकेशन के बदले उनका ईसाई धर्मान्तरण कराया जा रहा है। हिन्दू संगठनों के हंगामे के बीच पुलिस अधिकारियों की टीम भी वहाँ पर पहुँच गई। कथिततौर पर यहाँ 50 बच्चों का धर्मांतरण करवाया जा रहा था।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना को लेकर वीएचपी की ओर से नोएडा सेक्टर 24 थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। इस घटना को लेकर नोएडा के एडिशनल पुलिस कमिश्नर रणविजय सिंह ने जाँच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है। बताया जाता है कि सेक्टर 12 में लिटिल फ्लॉक नाम का एक एनजीओ चलाया जा रहा है। इसके संचालक केरल के रहने वाले पादरी फिलिप अब्राहम हैं, जो कि अपनी कोठी के बेसमेंट में इसका संचालन करते हैं। पादरी के खिलाफ लिखित शिकायत वीएचपी के नेता उमानंदन कौशिक ने की है। पुलिस आसपास के लोगों से बात करके तथ्यों की जाँच कर रही है। बच्चों के अभिभावकों से भी जानकारी ली जा रही है।

दावा है कि बीते 29 सालों से नोएडा में रह रहे फिलिप अपना एनजीओ चला रहे हैं। वो अपनी कोठी के बेसमेंट में मुफ्त शिक्षा के साथ, फ्री में सिलाई की ट्रेनिंग और मेडिकल एजुकेशन भी देने का दावा करते हैं। इतना ही पादरी नोएडा के अलावा भंगेल और दिल्ली के दल्लूपुरा में भी ऐसा ही काम कर रहे हैं।

घटना को लेकर उमानंदन कौशिक ने कहा, “जब किसी के धर्म पर कुठाराघात होता है तो तकलीफ होती है। हिन्दू समुदाय के 5-12 साल के बच्चों को बहला-फुसलाकर, उन्हें लालच देकर उनका धर्मान्तरण कराने का काम किया जा रहा है। फिलिप अब्राहम के घर में रामायण तो नहीं पढ़ाई जाएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ से माँग है कि इस मामले में तुरंत संज्ञान लें। जब हमने यहाँ लाए गए छोटे बच्चों से इसके बारे में पूछा तो वो बोले कि हम यहाँ ईसा मसीह की प्रार्थना सीखने के लिए आए हैं।”

बहरहाल मामले में पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है औऱ इसकी छानबीन की जा रही है।

काबुल के गुरुद्वारे से सुरक्षित निकाला गया गुरु ग्रन्थ साहिब, पवित्र पुस्तक को बचाने में झुलसे सिख: आतंकी हमले के बाद नजर रख रहा भारतीय विदेश मंत्रालय

अफगानिस्तान (Afghanistan) की राजधानी काबुल में शनिवार (18 जून 2022) को वैश्विक आतंकी संगठन ISIS ने ‘कार्ते परवान’ गुरुद्वारा में हमला किया। इस धमाके में कईयों की मौत हो गई। हालाँकि, इस बीच अच्छी बात यह रही कि आतंकी हमले के दौरान सिखों के पवित्र ग्रंथ ‘गुरुग्रंथ साहिब’ को वहाँ से सुरक्षित निकाल लिया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, पवित्र ग्रंथ को सुरक्षित बचाकर उसकी पूजा करने के लिए गुरनाम सिंह के घर ले जाया गया। गुरुनाम सिंह गुरुद्वारा करते परवान के अध्यक्ष हैं। घटना के विजुअल्स सामने आ गए हैं, जिसमें गुरुनाम सिंह को गुरुग्रंथ साहिब को अपने सिर पर रखकर लेकर जाते देखा गया है। रिपब्लिक टीवी ने एक सूत्र के जरिए दावा किया कि पवित्र ग्रंथ को बचाने के लिए स्थानीय सिखों ने खुद को आग के बीच झोंक दिया।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि शनिवार को काबुल के गुरुद्वारे पर आतंकी हमला किया गया। इस हमले में 2 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। हमलावर ने अचानक ही गुरुद्वारे में मौजूद लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग की। उस दौरान गुरुद्वारे में 20-25 लोग थे। हमला तालिबान के विरोधी आतंकी समूह दाएश/ISIS द्वारा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

एक अधिकारी के मुताबिक, गुरुद्वारा कार्ते परवान पर हमला करने वाले आईएसआईएस-खुरासान के सभी आतंकवादियों को मार गिराया गया है। इसमें एक सुरक्षाकर्मी की भी मौत हो गई है। मृतक की पहचान पहचान अहमद के रूप में हुई है।

वहीं अफगानिस्तान की राजधानी में गुरुद्वारा कार्ते परवान में हुए घातक हमले के बाद विदेश मंत्रालय ने भी हमलों की निंदा की और अपनी चिंता व्यक्त की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, “हम उस शहर में एक पवित्र गुरुद्वारे पर हमले के बारे में काबुल से निकलने वाली रिपोर्टों से बहुत चिंतित हैं। हम स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और आगे के घटनाक्रम के बारे में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।”

इसके अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “गुरुद्वारा कार्त परवान पर कायरतापूर्ण हमले की कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए। हमले की खबर मिलने के बाद से हम घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं। हमारी पहली और सबसे महत्वपूर्ण चिंता समुदाय के कल्याण के लिए है।”

‘हमको अग्निपथ के बारे में नहीं पता…’ : जानें कौन हैं ‘मनीष भैया’, जिनके कहने पर झंडा उठाए सड़क पर बैठ गया लड़का, Video से खुली प्रदर्शन की पोल

देश के युवाओं को सेना की तरफ आकर्षित करने और उन्हें अनुशासित बनाने के लिए केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना का सबसे अधिक विरोध बिहार में हुआ। बक्सर जिले में उपद्रव रोकते समय घायल हुए एक सब इंस्पेक्टर ने अपने बयान में घटना को भाड़े की भीड़ द्वारा किया गया हमला बताया। इस बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इसमें धरना दे रहा एक युवक अग्निपथ स्कीम के बारे में किसी भी जानकारी से अनभिज्ञ दिखा और सवाल पूछे जाने पर बताया कि उसे मनीष भैया द्वारा बुलवाया गया है।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो के वायरल होते ही कई लोग सवाल खड़े करने लगे कि आखिर ‘मनीष भैया’ है कौन ?

चित्र साभार- ट्विटर

पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ अध्यक्ष हैं मनीष भैयाउर्फ़ मनीष यादव

सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे तमाम कयासों के बीच हमने मनीष भैया की तलाश शुरू की। इस खोज के दौरान हमने वायरल वीडियो में प्रदर्शनकरियों के हाथ में जन अधिकार पार्टी का झंडा देखा। बाद में जानकारी जुटाई कि प्रदर्शन पटना में हुआ था। हमने पूरा वीडियो खोजा तो प्रदर्शनकारी ने मनीष भैया को थोड़ी दूर पर बैठा बताया और उन्हें जनअधिकार पार्टी से जुड़ा बताया। यह वीडियो IVTV नाम के एक स्थानीय न्यूज़ द्वारा बनाया गया था।

हमने जब और अधिक जानकारी जुटाई तो पता चला कि वीडियो 17 जून 2022 (शुक्रवार) का है। इस दिन पटना में जन अधिकार पार्टी के प्रदर्शन का नेतृत्व पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ अध्यक्ष और जनअधिकार पार्टी के युवा मोर्चा के पदाधिकारी मनीष यादव ने किया था। ऑपइंडिया ने प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले मनीष यादव से बात की। मनीष ने बताया, “जो लड़का वायरल वीडियो में दिख रहा मैं उसे नहीं पहचानता लेकिन उस दिन मेरा ही प्रदर्शन डाक बंगला चौराहा पटना पर हुआ था। वो लड़का शायद मेरे किसी परिचित के साथ आया हो।” मनीष यादव ने ये स्वीकार किया कि वीडियो फुटेज उनके ही प्रदर्शन की है। मनीष यादव ने उसी दिन पटना में प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार को अग्निपथ स्कीम वापस लेने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया था।

बिहार में ही सहरसा जिले के जन अधिकार पार्टी के मनीष यादव नाम के ही एक अन्य नेता ने भी स्वीकार किया कि वायरल वीडियो में लड़का जिस मनीष भैया की बात कर रहा है वो पटना यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष और उनकी ही पार्टी के नेता मनीष यादव हैं।

‘देश खून से लथपथ हो जाएगा’: कॉन्ग्रेस MLA इरफ़ान अंसारी की ‘अग्निपथ’ योजना पर धमकी, दंगाइयों का भी किया था समर्थन

देशभर में केंद्र सरकार की सेना में भर्ती की ‘अग्निपथ योजना’ (Agnipath Scheme) को विरोध के बीच दंगाइयों के समर्थक इरफान अंसारी (Irfan Ansari) ने एक बार फिर से जहर उगला है। झारखंड के जामताड़ा से कॉन्ग्रेस (Congress) के विधायक हैं इरफान अंसारी ने अग्निपथ योजना का विरोध करते हुए कहा कि ‘देश खून से लथपथ हो जाए, लेकिन अग्निपथ लागू नहीं होने देंगे।’

अग्निपथ योजना के विरोध में शनिवार ( 18 जून 2022) को कॉन्ग्रेस ने इरफान अंसारी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। कॉन्ग्रेसियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूँका। इस मौके पर जैसा कि सामान्यतया कॉन्ग्रेसी करते हैं, मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अंसारी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री देश की सभी संस्थाओं का निजीकरण करने पर तुले हुए हैं।

अंसारी के भड़काऊ बयान का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वो कहते हैं, “देश जल रहा है। 8 साल हो गए, लेकिन देश के प्रधानमंत्री ने अब तक कोई नौकरी नहीं दी। आज आपने देश को बेच दिया। आपने हवाई जहाज, कल-कारखाने सब बेच दिए। आज आप देश की सेना को बेचने जा रहे हैं, जिसका आक्रोश दिख रहा है। देश हो जाए खून से लथपथ, लेकिन हम किसी भी कीमत पर इसे लागू नहीं होने देंगे।”

गौरतलब है कि ये वही इरफान अंसारी हैं, जिन्होंने पैगंबर मुहम्मद को लेकर जुमे की नमाज के बाद राँची में हुए दंगे में मारे गए दंगाइयों का समर्थन किया था। इरफान अंसारी ने दंगाइयों पर गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों का विरोध करते हुए मृतक दंगाइयों के परिजनों को 50 लाख रुपए देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की माँग थी। यहीं नहीं कॉन्ग्रेस विधायक अंसारी ने दंगाइयों को शहीद का दर्जा देने की माँग की थी।

इसके साथ ही इरफान अंसारी ने फायरिंग में मारे गए दंगाइयों की मौत की मजिस्ट्रियल जाँच की भी माँग की थी।

क्रिकेट टीम में सिलेक्शन के बहाने नदीम ने बढ़ाई करीबी, नौकरी के नाम पर किया शोषण: Pak कोच पर महिला खिलाड़ी के इल्जाम, PCB ने निलंबित किया

एक समय में पाकिस्तान के मशहूर तेज गेंदबाज रहे नदीम इकबाल पर यौन शोषण का आरोप लगा है। खबरों के मुताबिक नदीम ने राष्ट्रीय कोच रहते हुए महिला खिलाड़ी का यौन शोषण किया, जिसकी शिकायतें पाने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उसे निलंबित कर दिया। अब इकबाल के विरुद्ध पीसीबी ने अपनी जाँच शुरू कर दी है।

बता दें कि 50 वर्षीय नदीम इकबाल के बारे में कहा जाता है कि उसे एक समय में वकार यूनुस से भी बेहतरीन गेंदबाज माना जाता था। उसने प्रथम श्रेणी के 80 मैच खेल रखे हैं और इन्हीं में उनके नाम 258 विकेट का भी रिकॉर्ड है। कुछ समय पहले ही उसके विरुद्ध पीड़ित महिला क्रिकेटर की शिकायत का खुलासा हुआ। महिला ने शिकायत में बताया कि कुछ साल पहले ही वो मुल्तान के पीसीबी में महिला ट्रॉयल के लिए गई थी उस समय नदीम वहाँ मौजूद कई कोचों में से एक थे। इसके बाद नदीम ने उसे टीम में सिलेक्शन और बोर्ड में नौकरी का लालच देकर फँसाया, फिर उसका यौन शोषण करता रहा।

पीड़ित महिला खिलाड़ी ने इकबाल के विरुद्ध आरोप लगाते हुए वीडियो मैसेज जारी किया। इस संदेश में कहा गया, “उसने मुझे महिला टीम में चुनने और बोर्ड में नौकरी दिलाने का वादा किया और मेरे करीब आ गया। वह मेरा यौन शोषण करता रहा और इसमें उसके कुछ दोस्त भी शामिल थे। उसने मेरी वीडियो भी बनाई और बाद में ब्लैकमेल करता रहा।”

उल्लेखनीय है कि साल 2014 में पाँच महिला क्रिकेटरों के साथ हुए यौन शोषण की घटना भी सामने आई थी। आरोपित मुल्तान क्रिकेट क्लब के कुछ अधिकारी थे। उस समय भी महिला खिलाड़ियों ने यही शिकायत की थी कि क्रिकेट क्लब के अधिकारियों ने टीम में चयन के बदले उनसे सेक्स करने को कहा था।

पिछले वर्ष पाकिस्तान के टेस्ट बॉलर यासीर शाह के ऊपर भी 14 साल की लड़की ने रेप के आरोप लगाए थे। इस्लामाबाद में यासीर के विरुद्ध एफआईआर हुई थी। लड़की ने एफआईआर में कहा था, “यासिर के दोस्त फरहान ने गन पॉइंट पर मेरा रेप किया। फिल्म बनाई और प्रताड़ित भी किया। जब मैंने वॉट्सऐप पर इस बारे में यासिर सर से शिकायत की तो उन्होंने मेरा मजाक उड़ाया। कहने लगे कि उन्हें भी नाबालिग लड़कियाँ पसंद हैं।”

लखनऊ के PUBG हत्याकांड में नया खुलासा: बिल्डर के घर आने से माँ से चिढ़ा हुआ था नाबालिग, हत्या के बाद WhatsApp कॉल-चैट किया था डिलीट

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ऑनलाइन गेम PUBG को लेकर एक नाबालिग द्वारा अपनी माँ की हत्या करने के मामले में रोज नई-नई कहानियाँ सामने आ रही हैं। इस मामलेे में यह बात सामने आई है कि नाबालिग लड़का घर में एक बिल्डर के आने से नाराज था। इसलिए उसने अपनी माँ की हत्या कर दी।

इस मामले में यह बात भी सामने आई है कि नाबालिग ने अपनी माँ की हत्या करने के बाद उसके मोबाइल के कॉल और चैट डिटेल को मिटा दिया था। इतना ही नहीं, नाबालिग लड़के को ह्वाट्सएप के जरिए निर्देश भी मिल रहे थे।

इस मामले में यह बात उभर कर सामने आई है कि नाबालिग लड़का इस परेशान था कि उसके घर एक बिल्डर आता जाता था। इस बात को उसने सेना में दूसरी जगह पोस्टेड अपने पिता को भी बताई थी। नाबालिग को इस बारे में और अधिक शंका दोनों के वॉयस कॉल रिकॉर्डिंग से हुई थी।

रिकॉर्डिंग की बात उसने अपने पिता को भी बताई। इसके बाद उसके पिता और माँ के बीच झगड़ा भी हुआ था। नाबालिग ने यह भी बताया कि एक दिन उसकी माँ से उसे बुरी तरह मारा था और उसका फोन भी छीन लिया था।

पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि उसे जानकारी थी कि उसके घर में उसके पिता का पिस्टल है। उसने बताया कि जब उसके पिता राजस्थान में पोस्टेड थे तो वह वहाँ रहा था और फायरिंग रेंज में गोली चलाते देखता था। उसने अपने पिता से पिस्टल चलाना सीखा था।

बता दें कि घटना लखनऊ के पीजीआई इलाके की है। यहाँ एल्डिको कॉलोनी में 40 वर्षीय साधना की उसके 16 साल के नाबालिग बेटे ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। साधना के पति आर्मी ऑफिसर हैं, कोलकाता में पोस्टेड हैं।

पहले यह बात सामने आई थी कि नाबालिग पबजी खेलता था और उसे टोकने पर उसने अपनी माँ की हत्या कर दी थी। हालाँकि, इस मामले में अब बात सामने आ रही है कि बिल्डर को बचाने के लिए पुलिस ने PUBG गेम वाली कहानी बनाई थी।

हालाँकि, इस मामले में रोज नए-नए तथ्य और कहानियाँ सामने आ रही हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि यह बिल्डर कौन है, जो इतना प्रभावशाली है और उसे बचाने के लिए पुलिस झूठी कहानियाँ गढ़ रही है। इस हत्याकांड में PUBG के बाद अभी तक किसी तरह का आधिकारिक बयान नहीं आया है।

‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन के लिए उतरेंगे किसान, राकेश टिकैत का ऐलान: हरिद्वार में काली पट्टी बाँध मार्च शुरू

केंद्र सरकार की ‘अग्निपथ योजना’ (Agnipath Scheme) को लेकर मचे बवाल के बीच कथित किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने शनिवार (18 जून, 2022) को उत्तराखंड के हरिद्वार में आक्रोश रैली निकाली। टिकैत ने सरकार पर युवाओं के साथ भद्दा मजाक करने का आरोप लगाया है। टिकैत के पैदल मार्च में किसानों के साथ ही भारी संख्या में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता और नेता शामिल रहे।

मार्च के दौरान बीकेयू नेता ने सरकार से अग्निपथ योजना को वापस लेने की माँग करते हुए नारेबाजी की। उल्लेखनीय है कि हरिद्वार में चल रहे किसान महाकुंभ का शनिवार को तीसरा दिन है। इस मौके पर राकेश टिकैत ने कहा कि 30 जून को भारतीय किसान यूनियन देश भर के राज्यों के जिला मुख्यालयों के बाहर प्रदर्शन करेगी।

काली पट्टी बाँधे दिखे

प्रदर्शन के दौरान राकेश टिकैत समेत बीकेयू के सभी कार्यकर्ता बाँह पर काली पट्टी बाँधे लालकोठी से वीआईपी घाट पहुँचे और वहाँ से सीसीआर होते हुए रोड़ी बेलवाला मैदान गए। किसान नेताओं का कहना था कि या तो केंद्र सरकार इस योजना को वापस ले या फिर इस पर स्पष्टीकरण दे। किसान नेताओं का कहना था कि सरकार को ये नियम बनाना चाहिए के 18 साल के युवाओं को मिलिट्री की ट्रेनिंग दी जाए, न कि 4 साल की नौकरी के बाद बेरोजगार कर दिया जाए।

इसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन ने सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह के जरिए भारत के राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। मार्च के दौरान हरिद्वार पुलिस ने उसे रोकने की कोशिशें भी की, लेकिन वो ऐसा करने में सफल नहीं हो सकी।

गौरतलब है कि भले ही अग्निपथ योजना का विरोध किया जा रहा हो, लेकिन सच यह है कि इसके लिए दो दिन के भीतर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। सेनाध्यक्ष मनोज पांडे ने ऐलान किया था कि जल्द ही इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

फारूक अब्दुल्ला ने राष्ट्रपति चुनाव से वापस लिया अपना नाम, कश्मीर में ‘संक्रमण’ का मारा बहाना: ममता बनर्जी समेत विपक्ष को पवार के बाद दूसरा झटका

नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने भाजपा (BJP) विरोधी दलों के सूत्रधार बनने की पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की इच्छा पर पानी फेर दिया है। ममता द्वारा प्रस्तावित अब्दुल्ला ने राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार के रूप में प्रस्ताव को ‘विनम्रता के साथ ठुकरा’ दिया।

शनिवार (18 जून 2022) को फारूक अब्दुल्ला ने इस संबंध में एक बयान जारी किया। अपने बयान में उन्होंने कहा, मैं भारत के राष्ट्रपति पद के लिए संभावित संयुक्त विपक्षी उम्मीदवार के रूप में प्रस्तावित अपने नाम को वापस लेता हूँ। जम्मू-कश्मीर इस समय संक्रमण काल से गुजर रहा है और इस समय में मेरे प्रयासों की यहाँ जरूरत है।”

फारूक अब्दुल्ला का बयान (साभार:TOI)

राष्ट्रपति पद के लिए उनका नाम प्रस्तावित करने के लिए उन्होंने ममता बनर्जी और अन्य विपक्षी दल के नेेताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी द्वारा उनका नाम प्रस्तावित करने के बाद उनके पास कई विपक्षी दलों के फोन आए और अपना समर्थन व्यक्त किया।

अपने बयान में उन्होंने कहा कि सक्रिय राजनीति में अभी उनकी जरूरत है और जम्मू-कश्मीर एवं देश के लिए उन्हें बहुत कुछ करना है। इसलिए वे अपना नाम इस पद के उम्मीदवार से वापस ले रहे हैं।

बता दें कि 15 जून को विपक्षी दलों ने घंटों मंथन करने के बाद विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में फारूक अब्दुल्ला और महात्मा गाँधी के पोते गोपाल गाँधी का नाम आगे बढ़ाया था। इसमें फारूक अब्दुल्ला का नाम ममता बनर्जी ने खुद आगे किया था। इस बैठक में कॉन्ग्रेस, शिवसेना सहित कुल 16 पार्टियाँ शामिल हुई थीं। वहीं, AAP, अकाली दल, TRS, BJD और AIMIM ने हिस्सा नहीं लिया था।

उम्मीदवार के रूप में संयुक्त उम्मीदवार के रूप में शरद पवार के नाम की चर्चा आगे बढ़ाने की बात सामने आई थी, लेकिन कहा जाता है कि जीत की संभावना को कम देखते हुए पवार ने मना कर दिया था। उसके बाद इन दो नामों को आगे बढ़ाया गया था। हालाँकि, शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में दबे शब्दों में इन नामों की आलोचना की थी।

बता दें कि राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव का नामांकन 29 जून 2022 तक होना है, जबकि 18 जुलाई को मतदान होना है। 21 जुलाई को परिणाम की घोषणा की जाएगी। वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई 2022 तक है।