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अग्निपथ विरोधी हिंसा में राजनीति, माफिया और अराजक तत्व: हिंसा और आगजनी में कहीं युवा तो नहीं बन रहे मोहरा? उठ रहे हैं कई सवाल

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) ने युवाओं को लिए अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) की घोषणा की, जिसका कहीं स्वागत हुआ और कहीं विरोध। विरोध करने वालों में अधिकांश विपक्षी दल हैं। इस विरोध का असर कुछ ऐसा हुआ कि बिहार कई जिलों में तोड़फोड़, हिंसा और आगजनी की घटनाओं की शुरुआत हो गई।

विरोध के नाम पर बिहार से शुरू हुए प्रदर्शन में 10 से अधिक ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया गया। रेलवे के टिकट काउंटर से लाखों रुपए लूट लिए गए। स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों को इस कदर भयभीत कर दिया गया कि यह घटना उनके जीवन का दु:स्वप्न बन गया। धीरे-धीरे बिहार से शुरू हुआ विरोध का यह हिंसक प्रदर्शन कई राज्यों में फैल गया।

जिन राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं और हिंसक तरीके से हो रहे हैं, उनमें अधिकांश भाजपा शासित राज्य हैं। इस मामले में पश्चिम बंगाल, तेलंगाना जैसे अपवाद राज्य भी शामिल हैं। तेलंगाना के सिकंदराबाद में भी रेलवे की बोगियों को जलाने की घटना सामने आई है।

इस प्रदर्शन को आमतौर पर युवाओं द्वारा स्वत:स्पूर्त प्रदर्शन बताया जा रहा है, लेकिन जिस तरह की हिंसा और उत्पात किए जा रहे हैं, उससे सोशल मीडिया पर लोग इसे सुनियोजित साजिश बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि इसमें विपक्षी राजनीतिक दल, कोचिंग माफिया, कम जानकारी वाले यूट्यूबर, कथित बुद्धिजीवी भी शामिल हैं।

वहीं, कुछ लोगों का आरोप है कि युवाओं के इस आक्रोश को कुछ लोगों ने अपने हित को साधने का मुद्दा बना लिया है, ताकि सरकार को बदनाम किया जा सके। सार्वजनिक संपत्तियों को जिस तरह से नुकसान पहुँचाया जा रहा है, उससे लोग इनमें असामाजिक तत्वों के भी शामिल होने का अंदेशा जता रहे हैं।

अग्निपथ योजना की घोषणा ही बिहार सरकार के मंत्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की पार्टी JDU के नेता विजेंद्र यादव ने सवाल उठा दिया। वहीं, JDU के अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि इस योजना को लेकर बिहार के युवाओं के मन में असंतोष है। विरोध करने वालों में जीतन राम माँझी और लालू यादव की पार्टी RJD भी शामिल है। यह कई मौकों में एक है, जब राजद और जदयू साथ दिख रही हैं।

इन नेताओं के विरोधी बयान आने के बाद बिहार के आरा सहित कई जिलों में हिंसा का तांडव शुरू हो गया। ट्रेनों की बोगियाँ जलाई जाने लगीं। विरोध हिंसक होते जाने के बावजूद मु्ख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पर एक शब्द नहीं कहा। बस, फिर क्या था बिहार के अधिकांश जिले हिंसा की आग में जल उठे। बिहार के उप-मुख्यमंत्री और भाजपा नेता तारकिशोर प्रसाद आवास तक पर हमला हो गया।

भाजपा नेता और केंद्र में मंत्री गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि युवाओं को भड़काने और हिंसा को अंजाम देने में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का हाथ है। गिरिराज सिंह ने कहा कि आंदोलन के नाम पर युवाओं का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों में अधिकांश राजनीतिक दल के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने पुलिस से इनकी पहचान करने की माँग की।

बिहार में युवाओं के आक्रोश को बढ़ाने वालों में कुछ यूट्यूबर हैं, जो अधकचरी जानकारी युवाओं को परोस रहे हैं। ऐसे ही एक यूट्यूबर ने अपने चैनल पर अफवाह फैलाई कि केंद्र सरकार सेना का निजीकरण करने जा रही है। यूट्यूबर का नाम मनीष कश्यप बताया जा रहा है।

उसने अपने वीडियो में कहा कि केंद्र ने पहले सरकारी कंपनियों को बेचा और अब एजेंसी के जरिए ठेके पर युवाओं को 4 साल के लिए सेना में भर्ती करेगी। इस तरह के अफवाह को केंद्र सरकार की PIB ने गलत बताया है। PIB ने कहा कि सेना में निजी एजेंसी के जरिए भर्ती की बात अफवाह है।

हालाँकि, बिहार से शुरू होकर यह दंगा सुनियोजित तरीके जिस तरह फैल रहा है उसमें कोचिंग माफिया का भी लोग नाम ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि युवाओं को सेना में भर्ती के नाम पर कोचिंग सेंटर 3-4 साल तक पढ़ाते हैं और मोटी फीस वसूल करते हैं। ऐसे में उनका धंधा सबसे अधिक प्रभावित होता नजर आ रहा है। इसलिए वे छात्रों को हिंसक प्रदर्शन के लिए उकसा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर किए जा रहे लोगों के दावे को बल तब और मिलता है, जब पता चला है कि पुलिस कोचिंग सेंटर के खिलाफ भी कार्रवाई कर रही है। बिहार के सासाराम में कोचिंग सेंटर को अगले कुछ सप्ताहों के लिए बंद करा दिया गया है। बिहार से लेकर यूपी और कई अन्य राज्यों में सेना में भर्ती के नाम पर चलाए जा रहे कोचिंग सेंटर और उनके मालिकों को पुलिस तलाश रही है।

बिहार के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) संजय सिंह ने माना है कि अग्निपथ योजना के खिलाफ आंदोलन में असामाजिक तत्व भी शामिल हैं। ये सिर्फ बिहार ही नहीं, जहाँ-जहाँ हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं, वहाँ-वहाँ इस तरह की खबरें आ रही हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि आंदोलन के नाम पर असामाजिक तत्व हिंसा कर अराजकता फैला रहे हैं।

ऐसे कई वीडियो समने आए हैं, जिनमें युवा दिखने वाले लोगों का समूह मुँह पर कपड़े बाँधकर पत्थरबाजी और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुँचा रहे हैं। ये कुछ ऐसा ही है, जैसे कश्मीर में सेना के काफिले पर पत्थरबाजी होती थी या शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद पुलिस पर हमलों के दौरान कानपुर में हुई थी।

तेलंगाना के सिंकदराबाद रेलवे स्टेशन पर जिस तरह से रेलवे की बोगी में आग लगाई गई और तोड़फोड़ को अंजाम दिया गया, उसको लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं। प्रसार भारती के पूर्व सीईओ शशि शेखर वेम्पति ने कहा, “यह विश्वास करना कठिन है कि ये स्वतःस्फूर्त विरोध है। बर्बरता के इन कृत्यों को कुछ निहित स्वार्थों द्वारा स्पष्ट रूप से संगठित और उकसाया जा रहा है। इतने कम सीमा में अलग-अलग तरह के लोग एक साथ कैसे जुट जाएँगे?”

सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें इस योजना का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाली और उनकी हत्या की बात कह रहे हैं। ये लोग न सिर्फ प्रधानमंत्री को गाली दे रहे हैं, बल्कि आम लोगों के साथ भी बदतमीजी कर रहे हैं।

पीएम के लिए इस तरह गाली-गलौज या हत्या की बात वही कर सकता है, जिसके मन में पीएम और भाजपा के लिए बेहद गहराई तक नफरत भरी गई हो। हमें याद करना होगा कि किसानों के हित के लिए लाए गए कृषि बिलों को किस तरह हिंसक बनाया गया था। CAA-NRC जैसे राष्ट्रीय महत्व के कानून को नाकाम करने के लिए हिंसा का इस्तेमाल किया गया था।

नौकरी के लिए अभ्यासरत एक आम युवा आसानी से समझ सकता है कि अग्निपथ योजना उसके लिए कितना फायदेमंद है। जिस उम्र तक वह संशय की स्थिति में रहता था, उस उम्र यानी 24 साल तक उसके पास ना सिर्फ शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण होगा, बल्कि राष्ट्रहित और ईमानदारी के पथ पर अपने कर्तव्यों को निर्वहन के लिए वह ट्रेंड हो चुका होगा। उसके पास स्किल डेवलपमेंट का प्रशिक्षण, एक डिग्री और 17 लाख रुपए की एकमुश्त राशि होगी।

एक अग्निवीर अपने कौशल और राशि का उपयोग अपने भविष्य को अपने अनुरूप सँवारने में कर सकता है। इसके साथ ही अन्य सरकारी नौकरियों में उसे वरीयता का लाभ भी प्राप्त होगा। यही नहीं, अराजकता की स्थिति और कश्मीरी हिंदुओं को 1990 के दशक में जिन हालातों से गुजरना पड़ा, वैसे हालात या नक्सली गतिविधियों के खिलाफ वह अपने सैन्य प्रशिक्षण का इस्तेमाल कर सकता है।

हालाँकि, देश विरोधी तत्व इस प्रशिक्षणों को इस्तेमाल अपनी गलत मंशा के लिए भी कर सकते हैं, जो इसका दूसरा पहलू है। हर चीज के दो पहलू होते हैं। एक आम भारतीय युवा के लिए अग्निपथ योजना शानदार है, लेकिन कृषि कानूनों की तरह ही यह योजना भी राजनीति और हिंसा की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। इस देश में ऐसे तत्वों की कमी नहीं है, जो किसी तरह का सुधार देखना पसंद नहीं करते। संभवत: यह सैन्य सुधार भी उनमें से एक है।

जयपुर की मस्जिद में इस्लामिक शिक्षा लेने गया था नाबालिग लड़का, शरबत में नशीला पदार्थ मिला हाफिज सरफराज ने किया रेप, हत्या की धमकी भी दी

राजस्थान की अशोक गहलोत की अगुआई वाली कॉन्ग्रेस सरकार में अपराध के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामले में जयपुर में एक मस्जिद में नाबालिग लड़के (17) के साथ रेप किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित रमजान के महीने में दीनी (इस्लामिक शिक्षा) तालीम के लिए मस्जिद में जाता था, जहाँ पर साफ-सफाई का काम करने वाले हाफिज सरफराज ने उसके साथ रेप किया।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना राजधानी के सुभाष चौक थाना इलाके की है। इस मामले में पीड़ित के अब्बू ने सुभाष चौक थाने में रेप का मामला दर्ज कराया है। पुलिस को की गई शिकायत में रेप पीड़ित नाबालिग के अब्बू ने बताया है कि उनका बेटा रमजान के महीने में मस्जिद में दीनी तालीम के लिए जाता था। उसी दौरान एक दिन मौका देखकर हाफिज सरफराज में उसे शरबत में नशीली दवा मिलाकर पिला दिया। बाद में बेहोशी की हालत में उसका रेप किया।

होश में आने पर पीड़ित को अपने साथ किए गए बलात्कार का पता चला। इसके साथ ही आरोपित ने उसे धमकी दी कि अगर उसने इस मामले में अपना मुँह खोला तो वो उसकी हत्या कर देगा। एक बार रेप करने के बाद भी जब पीड़ित ने किसी को इसके बारे में नहीं बताया तो उसने लगातार उसका रेप करना शुरू कर दिया। आरोपित ने नाबालिग को अपने घर बुलाकर भी कई बार रेप किया। बार-बार रेप किए जाने के कारण वो मायूश सा रहने लगा था।

पीड़ित के अब्बू ने कहा कि दो दिन पहले जब उन्होंने अपने बेटे से इसका कारण पूछा तो उसने सारी कहानी बयाँ कर दी। इसके बाद उन्होने केस दर्ज कराया। फिलहाल आरोपित फरार हो गया है।

पहले भी राजस्थान में होती रही हैं ऐसी वारदातें

गौरतलब है कि राजस्थान में इससे पहले भी ऐसी घटनाएँ होती रही हैं। हाल ही अजमेर के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में इलाज के लिए आई एक महिला से एक निजी एंबुलेंस सहायक ने कथित तौर पर रेप किया था। यहीं नहीं राजस्थान सरकार के मंत्री डॉ महेश जोशी के बेटे पर भी रेप का आरोप है। इसी तरह से पिछले महीने मई में एक सरकारी अस्पताल में एक नाबालिग (14) से निसार खान नाम के मुस्लिम युवक ने रेप किया था।

3 को छुड़ाया, 100 से अधिक केरल की महिलाएँ अभी भी कुवैत में फँसी, नौकरी का झाँसा देकर मानव तस्करों ने बनाया अरब देश में नौकरानी

केरल में राज्य की विशेष शाखा (एसएसबी) ने मानव तस्करी रैकेट की जाँच को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने अपनी जाँच में पाया है कि खाड़ी देशों के अरब परिवारों में अभी भी 100 से अधिक महिलाएँ फँसी हुई हैं। हाल ही में मानव तस्करी रैकेट द्वारा कुवैत के परिवारों को बेची गई केरल की तीन महिलाओं को बचाने के बाद इस मामले की जाँच तेज कर दी गई है।

जाँच कर रहे ​अधिकारियों को पता चला है कि रैकेट ने कुवैत में बेबी सिटर और अस्पताल के स्टाफ की नौकरी के लिए आवेदन माँगे थे। केरल में नौकरी के पोस्टर चिपकाने के बाद दिसंबर 2021 और फरवरी 2022 के बीच कई महिलाओं की भर्ती की गई। हालाँकि, नौकरी की चाह में झूठे दावों की शिकार हुई महिलाओं के बारे में कोई विशेष विवरण नहीं है।

इस मामले में पुलिस को दो और महिलाओं का पता लगाने में सफलता मिली है। एक कोल्लम और दूसरी एर्नाकुलम की रहने वाली है। ये कुवैत में मानव तस्करी रैकेट चलाने वालों के चंगुल से भाग निकली और वहाँ एक मलयाली संगठन की मदद से अपने घर वापस लौट आई हैं। दोनों महिलाओं ने टीएनआईई को बताया कि मानव-तस्करी रैकेट ने कुवैत पहुँचने पर उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए थे।

उनमें से एक ने बताया, “वहाँ पहुँचने के बाद हमें पता चला कि वे हमें अरब परिवारों के घर की नौकरानी बनाने के लिए यहाँ पर लेकर आए थे।” उन्होंने कहा, “जब हमने इसका विरोध किया तो उन लोगों ने हमें फर्जी मामलों में फँसाकर जेल में डालने की धमकी दी। हम इससे काफी डर गए थे। यह भी नहीं जानते थे कि किसी अंजान जगह पर क्या करें।”

उसने आगे बताया, “हमने वहाँ कई अन्य महिलाओं को भी देखा, जिन्हें हमारी तरह कुवैत लाया गया था। कुछ को तो रैकेट चलाने वालों से बहस करते हुए भी देखा गया।”

वहीं दूसरी महिला ने बताया कि उसे इस साल 5 फरवरी को दुबई के रास्ते कुवैत ले जाया गया था। उसने उनका विरोध किया और वह 4 मार्च को वहाँ से लौटने में सफल रही। उसने कहा, “वहाँ जीवन नरक था। मैंने इसका पुरजोर तरीके विरोध किया। मेरे जैसे कई लोग अभी भी वहीं फँसे हुए हैं। कुवैत में एक मलयाली संगठन की मदद से मैं भागने में कामयाब हुई।”

तेलंगाना में 3 दिनों से धरने पर बैठे हैं राजीव गाँधी यूनिवर्सिटी ऑफ नॉलेज एंड टेक्नोलॉजी के हजारों छात्र, अग्निपथ के हिंसक प्रदर्शनों के कारण दबी आवाज, ये है मामला

केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ देश के कई राज्यों में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। तेलंगाना, यूपी, बिहार, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान में इस योजना का जबरदस्त विरोध किया जा रहा है। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया जा रहा है। वहीं, इस हिंसा और हुड़दंग के बीच तेलंगाना के IIIT बसरा के छात्रों के प्रदर्शन पर किसी भी मेन स्ट्रीम मीडिया की नजर नहीं गई। ये छात्र अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए लगातार 3 दिनों से तेलंगाना सरकार के विरोध में सड़कों पर हैं, लेकिन किसी भी मेन स्ट्रीम मीडिया ने इस खबर को दिखाना जरूरी नहीं समझा। इससे जुड़ी आपको ​केवल एक या दो खबरें ही पोर्टल पर दिखाई देंगी, जबकि अग्निपथ योजना के विरोध में सैकड़ों खबरें।

दरअसल, तेलंगाना में राजीव गाँधी यूनिवर्सिटी ऑफ नॉलेज एंड टेक्नोलॉजी (RGUKT) के छात्र बुधवार (15 जून 2022) से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। निर्मल जिले के बसरा में स्थित अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT Basara) में हजारों छात्र भोजन की खराब गुणवत्ता, बुनियादी सुविधाओं में सुधार और एक नियमित कुलपति की नियुक्ति की माँगों को लेकर बिल्डिंग के मेन गेट पर धरना दे रहे हैं। ये छात्र तेलंगाना सरकार से केवल जरूरी सुविधाओं की माँग कर रहे हैं, इसके बावजूद इनकी अनदेखी की जा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेलंगाना में जिस राजीव गाँधी यूनिवर्सिटी ऑफ नॉलेज टेक्नोलॉजी में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। उसे IIIT बसरा के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ लगातार तीसरे दिन हजारों छात्र अच्छे भोजन, लैब और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं की माँग को लेकर हड़ताल पर हैं। वे खराब भोजन की गुणवत्ता का विरोध कर रहे हैं। वे राज्य सरकार से माँग कर रहे हैं कि बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ एक स्थायी कुलपति की नियुक्ति पर ध्यान दिया जाए।

छात्रों ने यह भी अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री के टी रामा राव आरजीयूकेटी आएँ और देखें उन्हें किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई छात्रों ने हॉस्टल के खाने में छोटे कीड़े और मेंढक देखे जाने का भी दावा किया है। छात्रों का कहना है कि उन्हें हॉस्टल में लैपटॉप, ड्रेस, गद्दे, पंखे और अन्य सुविधाओं के बिना ही रहना पड़ रहा है।

राजीव गाँधी यूनिवर्सिटी ऑफ नॉलेज एंड टेक्नोलॉजी

आरजीयूकेटी या आईआईआईटी बसरा आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के शासन के दौरान 2008 में एपी में स्थापित तीन आईआईआईटी में से एक है। 2 जून 2014 को आंध्र से अलग होने के बाद वर्तमान में यह तेलंगाना का एकमात्र आईआईआईटी है। यह उत्तर तेलंगाना के निर्मल जिले के बसरा में स्थित है।

नूपुर शर्मा की तलाश में 4 दिन से दिल्ली की खाक छान रही मुंबई पुलिस, पैगम्बर मुहम्मद विवाद में पर्याप्त सबूत होने का दावा

पैगंबर मुहम्मद (Prophet Muhammad) पर कथित टिप्पणी को लेकर खड़े हुए विवाद के बीच भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) को गिरफ्तार करने के लिए मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने दिल्ली में डेरा डाल रखा है। महाराष्ट्र गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि मुंबई पुलिस ने पैगंबर मुहम्मद पर विवादित टिप्पणी के मामले में शर्मा को गिरफ्तार करने के लिए ‘पर्याप्त सबूत’ हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुंबई पुलिस बीते चार दिनों से नूपुर शर्मा को ढूँढ रही है, लेकिन अब तक उसे सफलता नहीं मिली है। मुंबई पुलिस के पाइधोनी पुलिस स्टेशन ने नूपुर शर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और गृह विभाग के सूत्रों ने कहा कि पुलिस के पास शर्मा को गिरफ्तार करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। मुंबई पुलिस के अलावा, नूपुर शर्मा के खिलाफ ठाणे पुलिस कमिश्नरेट में भी केस दर्ज है।

इस बीच मामले में महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने दिल्ली पुलिस पर ही सवाल उठा दिया है। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। पाटिल ने कहा, “यह सच है। महाराष्ट्र पुलिस की कोशिशें जारी हैं और दिल्ली पुलिस को भी सहयोग करना चाहिए।”

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि भाजपा से निलंबित चल रहीं नूपुर शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने एक टीवी डिबेट के दौरान कथित तौर पर पैगंबर मुहम्मद पर एक टिप्पणी की थी। इसी को लेकर इस्लामिक कट्टरपंथियों ने उनके खिलाफ केस दर्ज कराए। महाराष्ट्र में शर्मा के खिलाफ कई सारे केस दर्ज किए गए थे। इस मामले में उन्हें महाराष्ट्र के भिवंडी पुलिस स्टेशन ने नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया था। उन्हें 13 जून को ही पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया था। हालाँकि, शर्मा ने पेश होने के लिए समय माँगा था। इतना ही नहीं नूपुर शर्मा को महाराष्ट्र पुलिस के अलावा कोलकाता पुलिस ने भी 20 जून को पूछताछ के लिए तलब किया है।

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी दिल्ली के गंगा राम अस्पताल में हुईं भर्ती, साँस की नली में फंगल इन्फेक्शन की शिकायत, 23 जून को ED के सामने होना है पेश

हाल ही में कोरोना संक्रमित पाई गईं कॉन्ग्रेस (Congress) अध्यक्ष सोनिया गाँधी (Sonia Gandhi) का नई दिल्ली के गंगा राम अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। कथित तौर पर पता चला है कि उन्हें लोवर रेस्परेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (साँस की नली में संक्रमण) हुआ है। कॉन्ग्रेस पार्टी के मुताबिक, अस्पताल में उनकी जाँच और इलाज किया जा रहा है।

अखिल भारतीय कॉन्ग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव जयराम रमेश (Jayram Ramesh) के अनुसार, हाल ही में कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद सोनिया गाँधी के नाक से खून बहने लगा था। इसके 12 जून को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जयराम रमेश ने कहा, “उन्हें तुरंत इलाज के लिए ले जाया गया और कल सुबह (गुरुवार) को इलाज से जुड़ी एक प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।” पार्टी के नए महासचिव, संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि अस्पताल में भर्ती होने के दौरान उनके लोवर रेस्पिरेटरी रूट में फंगल इन्फेक्शन का पता चला था। उन्होंने आगे कहा, “मौजूदा वक्त में उनका इलाज पोस्ट-कोविड लक्षणों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। लगातार उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।”

गौरतलब है कि नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोनिया गाँधी को 23 जून को तलब किया है। उन्हें समन जारी किया गया है। वहीं जाँच एजेंसी उनके बेटे और पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी से पहले से ही पूछताछ कर रही है। सोमवार को उनकी अगली सुनवाई की उम्मीद है। हालाँकि, जब से एजेंसी ने सोनिया-राहुल को समन जारी किया है, तभी से कॉन्ग्रेसी नेता लगातार केंद्र सरकार पर ईडी के दुरुपयोग का आरोप लगा रहे हैं।

राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) से चल रही ईडी की पूछताछ के विरोध में कॉन्ग्रेसी लगातार हिंसक प्रदर्शन कर रहे हैं। कई राज्यों में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यालयों के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इसी क्रम में तेलंगाना के हैदराबाद में कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व मंत्री रेणुका चौधरी ने गुंडागर्दी दिखाते हुए एक पुलिस उप-निरीक्षक का कालर भी पकड़ लिया था। मामले में हैदराबाद पुलिस ने तेलंगाना प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के कई नेताओं को कस्टडी में भी लिया था।

बता दें कि ईडी ने नेशनल हेराल्ड से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए सोनिया गाँधी को 8 जून को पेश होने के लिए नोटिस भेजा था। लेकिन कोरोना संक्रमित होने के कारण अब उन्हें 23 जून को ईडी के सामने पेश होना है।

स्कूली बच्चों की बस पर पथराव, पुलिस चौकी फूँकी… अग्निपथ के विरोध में लूट-हिंसा-आगजनी: 200 ट्रेनें प्रभावित, 18 जून को बिहार बंद का ऐलान

सेना में भर्ती के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित अग्निपथ योजना के विरोध में शुक्रवार (17 जून 2022) को भी देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हुए। ट्रेनों में आग लगाई गई। लूट की घटनाओं को अंजाम दिया गया। तेलंगाना में पुलिस फायरिंग में एक की मौत हो गई। इस बीच 18 जून को इस योजना के विरोध में बिहार बंद का ऐलान किया गया है। राजद और वामदलों ने इसके समर्थन की घोषणा की है।

बिहार में सबसे अधिक हिंसा

हिंसा और विरोध प्रदर्शन से सबसे अधिक प्रभावित बिहार रहा है। यहाँ छपरा, मधुबनी, लखीसराय, आरा, समस्तीपुर और बक्सर समेत कुल 25 जिलों में तनाव है। अब तक 11 ट्रेनें जलाए जाने की खबर है। जिलों में सरकारी सम्पत्तियों को नुकसान पहुँचाया गया। लखीसराय में ट्रेन को आग के हवाले कर दिया गया। बिहिया में रेल ट्रैक अवरुद्ध कर दिया गया। आरा स्टेशन पर भी तोड़फोड़ हुई। मधुबनी में सड़क मार्ग अवरुद्ध करने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माँ की गालियाँ देते हुए मिलने पर काट देने की धमकी दी गई। दरभंगा में स्कूली छात्रों से भरी एक बस पर पथराव किया गया।

सासाराम, नवादा और मधेपुरा में भाजपा कार्यालयों पर हमला किया गया है। हिंसक भीड़ ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल और उप मुख्यमंत्री रेणु जायसवाल के घर पर हमला किया। बिहार के ADG लॉ एन्ड आर्डर संजय सिंह के मुताबिक अब तक 2 दर्जन से अधिक FIR दर्ज कर 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। FIR में 1 हजार से अधिक अज्ञात उपद्रवी भी शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश में भी कई स्थानों पर हिंसा

उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हिंसा हुई। इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित जिला अलीगढ़ रहा। यहाँ जट्टारी पुलिस चौकी को हिंसक प्रदर्शनकारियों ने जला दिया। आगरा-नोएडा यमुना एक्सप्रेसवे पर सरकारी बसों में तोड़फोड़ की।

बलिया जिले के रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ करते हुए एक ट्रेन को आग लगा दी गई। UP के ADG कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार के मुताबिक, “प्रदेश में कुल 17 स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन हुआ। बलिया और अलीगढ़ में आगजनी हुई है। छात्रों को कुछ लोगों द्वारा गलत जानकारी देकर भड़काया गया है। सभी बच्चों को ग्राम प्रधान और अन्य सरकारी अधिकारीयों के साथ समझाने के प्रयास जारी हैं। कुछ स्थानों पर अभी भी प्रदर्शन चल रहा है जहाँ पर्याप्त पुलिस बल मौजूद है।”

तेलंगाना में एक की मौत

तेलंगाना में 1 व्यक्ति की मौत हो गई है। हैदराबाद से सटे सिकंदराबाद में ट्रेन में आग लगा दी गई। पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया। हिंसा काबू करने के लिए पुलिस ने 17 राउंड फायर किए। इस फायरिंग में 1 व्यक्ति की मौत हो गई है। कुल 13 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में 2 की हालत गंभीर है।

हरियाणा में इंटरनेट बंद

हरियाणा के कई जिलों में इंटरनेट सेवाएँ रोक दी गई हैं। पलवल में पुलिस थाने पर हमला किया गया। वहाँ धारा 144 लागू की गई है। गुरुग्राम और फरीदाबाद में वाहनों में तोड़फोड़ की गई है। रेवाड़ी में ट्रैफिक पुलिस की लाइटों को तोडा गया है तो लोहारू में भीड़ ने सकड़ों पर उतर कर मार्च किया।

200 ट्रेने प्रभावित, 35 रद्द

रेल मंत्रालय द्वारा जारी आँकड़ों के मुताबिक अग्निपथ विरोधी हिंसक प्रदर्शनों से देश भर में 200 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। 35 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।

झारखंड के CM हेमंत सोरेन को राहत देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, खुद को ही खनन पट्टा देने और मनी लॉन्ड्रिंग की हाईकोर्ट में जारी रहेगी सुनवाई

घोटालों और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में घिरी झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार (Jharkhand CM Hemant Soren) को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (17 जून 2022) को झारखंड हाईकोर्ट में मुख्यमंत्री सोरेन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग, गबन और खनन पट्टे में अनियमितताओं से जुड़ी याचिका पर सुनवाई से रोक लगाने से इनकार कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस हिमा कोहली की खंडपीठ झारखंड उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सोरेन के खिलाफ त्वरित सुनवाई करने से रोक लगाने का आग्रह किया गया था।

झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली एकल पीठ को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनरेगा घोटाले से जुड़ा सीलबंद रिपोर्ट पेश किया था। वहीं, हाईकोर्ट ने सीबीआई को एक मामले की जाँच का निर्देश दिया था। उच्च न्यायालय ने शुरू में सीलबंद कवर रिपोर्ट की स्वीकृति के लिए राज्य की आपत्ति को खारिज कर दिया था।

बता देें कि हेमंत सोरेन पर आरोप है कि उन्होंने राँची के अनगड़ा में खनन पट्टे के लिए आवेदन किया और अपने ही विभाग के द्वारा पर्यावरण संबंधी मंजूरी भी दे दी और अंत में खुद को खनन पट्टा आवंटित भी कर दिया।

इसके अलावा हेमंत सोरेन पर अपने रिश्तेदारों और करीबी लोगों के जरिए शेल कंपनियों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग का भी आरोप है। इस मामले में हेमंत सोरेन के भाई एवं कई अन्य करीबी जाँच के घेरे में हैं। इसके अलावा, मनरेगा घोटाले में भी हेमंत सोरेन का नाम है। ED सोरेन के कई नजदीकी लोगों के यहाँ छापेमारी कर चुकी है।

बता दें कि खनन लीज और शेल कंपनियों में निवेश को लेकर हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में शुक्रवार (17 जून) को सुनवाई हुई। इस मामले में अब अगली सुनवाई 23 जून को होगी। यह सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएगी।

झारखंड सरकार ने इन दोनों मामलों से संबंधित याचिकाओं को सुनवाई योग्य नहीं माना था और कहा था कि ये आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। इसलिए पर हाईकोर्ट की त्वरित सुनवाई से रोक लगाई जाए। हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया।

2 दिन में ‘अग्निपथ’ का नोटिफिकेशन, दिसंबर से ट्रेनिंग-2023 में ज्वाइनिंग: हिंसा-आगजनी के बीच आर्मी चीफ मनोज पांडे ने ‘अग्निवीर’ पर किया ऐलान

देश में सैन्य भर्ती के लिए भारत सरकार द्वारा लाई गई ‘अग्निपथ योजना’ को लेकर मचे बवाल के बीच सेना प्रमुख मनोज पांडे ने बड़ा ऐलान किया है। सेना प्रमुख मनोज पांडे ने शुक्रवार (17 जून 2022) को घोषणा की कि पहले ‘अग्निवीरों’ की ट्रेनिंग इसी साल दिसंबर से शुरू होगी और ट्रेनिंग के बाद इन्हें ज्वाइनिंग 2023 के मध्य तक दे दी जाएगी।

हालाँकि, केंद्र सरकार ने अभी तक अग्निपथ योजना के शुरू होने की आधिकारिक तारीख का ऐलान नहीं किया है। लेकिन आर्मी चीफ ने आज (शुक्रवार) कहा, “भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने जा रही है। अगले दो दिनों के भीतर आधिकारिक वेबसाइट पर एक नोटिफिकेशन जारी की जाएगी। उसके बाद सेना भर्ती संगठन इसके लिए रजिस्ट्रेशन और रैली के डिटेल कार्यक्रम को जारी करेंगे।” उन्होंने आगे कहा, “जहाँ तक ​​भर्ती प्रशिक्षण केंद्रों पर जाने वाले अग्निवीरों का सवाल है, केंद्रों पर इस दिसंबर (2022) में पहले अग्निवीरों का प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। सक्रिय सेवा 2023 के मध्य में शुरू होगी।”

रिपोर्ट के मुताबिक, सेना भर्ती की नोटिफिकेशन सेना की वेबसाइट http://joinindianarmy.nic.in पर जारी की जाएगी। इसके साथ ही सरकार की इस योजना के हो रहे विरोध को लेकर आर्मी चीफ ने कहा कि युवाओं को इसकी सही जानकारी ही नहीं है। एक बार इसमें शामिल होने के बाद वो इसे समझेंगे और विरोध नहीं करेंगे।

उल्लेखनीय है कि कोरोना संकट के चलते भारतीय सेना की भर्ती बीते दो साल से रुकी हुई थी। 2019-2020 में सेना ने जवानों की भर्ती की और उसके बाद से कोई एंट्री नहीं हुई है। दूसरी ओर भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना दोनों ने क्रमशः पिछले दो वर्षों में भर्ती की थी।

क्या है अग्निपथ योजना

गौरतलब है कि अग्निपथ योजना भारत सरकार की तीन सेनाओं में भर्ती वाली योजना है। इसके तहत प्रशिक्षण समेत कुल सेवा अवधि 4 वर्षों की होगी। हर एक बैच के 25% ‘अग्निवीरों’ को भारतीय सेना के ‘रेगुलर कैडर’ के लिए चुना जाएगा। उन्हें पहले वर्ष में 4.76 लाख रुपए का सालाना वेतन मिलेगा, जो अंतिम वर्ष में बढ़ कर 6.92 लाख रुपए हो जाएगा।

रिटायर होने के बाद उन्हें ब्याज सहित 11.71 लाख रुपए का सेवा निधि पैकेज भी दिया जाएगा, जिस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। साथ ही उन्हें 48 लाख रुपए के बीमा का लाभ भी दिया जाएगा। सेवा पूरी करने के बाद उन्हें ‘अग्निवीर कौशल प्रमाण पत्र’ मिलेगा। सेवा पूरी करने के बाद उनकी अगली नौकरी की तलाश में भी मदद की जाएगी।

पाकिस्तानी मौलाना ने नुपूर शर्मा पर बवाल का अमेरिका को बताया जिम्मेदार, कहा- अरब उसका गुलाम: बायडेन प्रशासन ने BJP के एक्शन को सराहा

पैगंबर मुहम्मद को लेकर जारी विवाद के बीच गुरुवार (16 जून 2022) को अमेरिका ने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल के बयान की निंदा की। इस विवाद से बचने के लिए अमेरिका ने भाजपा द्वारा लिए गए एक्शन का भी समर्थन किया है।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने 16 जून को डेली न्यूज ब्रीफिंग में कहा, “हम भाजपा के दो पदाधिकारियों द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों की निंदा करते हैं, हमें खुशी हुई कि पार्टी ने सार्वजनिक रूप से उनके बयानों की निंदा की।” प्राइस ने कहा कि भारत को मानवाधिकारों को सम्मान देना चाहिए।

दरअसल, एक टीवी डिबेट के दौरान हदीस का हवाला देते हुए पैगंबर मुहम्मद को लेकर बयान दिया गया था, जिसके बाद से इस्लामिक कट्टरपंथियों में उबाल आ गया। नूपुर शर्मा के कथित बयान को फैक्ट चेक के नाम पर नफरत फैलाने वाले ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने एक एडिटेड क्लिप में अपलोड कर इस्लामिक कट्टरपंथियों को उकसाया। हालाँकि, बाद में भाजपा ने शर्मा को बीजेपी से निलंबित कर दिया। पार्टी ने अप्पने बयान में कहा, “भारतीय जनता पार्टी ऐसी किसी भी विचारधारा के खिलाफ है जो किसी भी संप्रदाय या धर्म का अपमान करती है। भाजपा ऐसे लोगों या सिद्धांत को बढ़ावा नहीं देती है। भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी पसंद के किसी भी धर्म का पालन करने और हर धर्म का सम्मान करने का अधिकार देता है।”

5 जून को भाजपा द्वारा रिलीज किया गया प्रेस नोट

हालाँकि, ये मामला यहीं नहीं थमता। कथित तौर पर नूपुर शर्मा के खिलाफ कई केस दर्ज किए गए और उन्हें इस्लामिक कट्टरपंथियों ने हत्या की धमकियाँ भी दीं। यहीं नहीं उन्हें पाकिस्तान के चरमपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के समर्थकों ने भी धमकियाँ दीं। उनका सिर कलम करने पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपए (करीब 19.5 लाख भारतीय रुपए) के इनाम की भी घोषणा की। अलकायदा जैसे आतंकी संगठन लगातार भारत पर हमले की धमकी दे रहे हैं।

नूपुर शर्मा के बचाव में उतरा पाकिस्तानी मौलाना

हैरानी की बात ये है कि जहाँ नूपुर शर्मा को लगातार इस्लामिक कट्टरपंथी धमकियाँ दे रहे हैं। वहीं पाकिस्तान के मौलाना इंजीनियर मोहम्मद अली मिर्जा ने नूपुर शर्मा का समर्थन किया है। मिर्जा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो कहते हैं कि टीवी डिबेट में मुस्लिम पैनलिस्ट ने पहले नुपुर शर्मा को उकसाया और इसके जवाब में बीजेपी के निलंबित प्रवक्ता ने पैगंबर पर ये टिप्पणी की।

मौलाना ने पैगंबर मोहम्मद मामले में भारत की आलोचना करने पर अमेरिका को सुनाया। उन्होंने कहा, “अरब देश उनके गुलाम हैं, जिनकी रूस के साथ नहीं बनती। जब उन्होंने भारत को विवादों में फँसा देखा तो कहा कि अब इंडिया काबू में आया है। आप लोग अब आधिकारिक बयान दें।”

पैगंबर मुहम्मद विवाद को समझाने की कोशिश करते हुए उन्होंने आगे कहा, “नूपुर शर्मा ने जो भी बयान दिया था वो पलटवार था। जब आप किसी के धर्म पर हमला करोगे तो जबाव में वो आपके धर्म पर हमले करेगा। कोई ऑर्गनाइज तरीके से ऐसा नहीं किया गया। अगर उस टीवी प्रोग्राम को देखें तो उसमें शुरुआत मुस्लिम करते हैं। शर्मा के बयान की शैली और लहजे से हम देख सकते हैं कि वह जवाबी कार्रवाई कर रही थी। पहला आरोपित तो मुस्लिम है जिसने एक लाइव टीवी कार्यक्रम में दूसरे व्यक्ति के धर्म का मजाक उड़ाया था।”

अरब देशों पर सवाल खड़े करते हुए मौलाना ने कहा कि हाल ही में नूपुर शर्मा की घटना सिर्फ 5 सेकंड की विकृत क्लिप थी। ये कोई बड़ा मामला नहीं था। अतीत में इससे भी बड़ी घटनाएँ हुई थीं, तब ये अरब देश सोए हुए थे। मिर्जा के मुताबिक, उन्हें पहले ही इसका अंदाजा हो गया था कि आखिर अरबियों में कौन सा ईमान जाग गया। इस्लामोफोबिया के खिलाफ, कार्टून के खिलाफ। वो जो कुछ भी हुआ था वो सब इससे बड़ा था।

उल्लेखनीय है कि पैगंबर मुहम्मद पर कथित टिप्पणी को लेकर अमेरिका से पहले, कतर, कुवैत, ईरान, पाकिस्तान, सऊदी अरब, बहरीन, जॉर्डन, ओमान, तुर्की, मालदीव, इंडोनेशिया, लीबिया, इराक, मलेशिया और यहाँ तक ​​कि अफगानिस्तान में तालिबान शासन सहित 15 से अधिक देशों ने शर्मा की कथित ‘ईशनिंदा’ वाली टिप्पणी की निंदा की थी।

इस मसले पर भारत में जुमे की नमाज के बाद इस्लामिक कट्टरपंथियों ने व्यापक स्तर पर प्रदर्शन और हिंसा भी की थी। जो अब तक जारी है।