गुजरात के वडोदरा की रहने वाली क्षमा बिंदु (Kshama Bindu) ने खुद से शादी कर ली है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर शादी की फोटो शेयर कर इसकी जानकारी दी है। गुरुवार (9 जून 2022) को अपनी दुल्हन वाली फोटो के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा है, “खुद से मोहब्बत में पड़ गई, कल मैं अपनी ही दुल्हन बन गई।”
24 वर्षीय क्षमा ने 8 जून को बिना दूल्हे के सात फेरे लिए। खुद ही अपनी माँग में सिंदूर भरा। खुद से ही मंगलसूत्र पहना। देश में इस तरह की यह पहली शादी (Sologamy marriage) बताई जाती है। यही नहीं वह शादी के बाद हनीमून पर भी जाएँगी। हनीमून के लिए उन्होंने गोवा को चुना है।
क्षमा बिंदु ने खुद के साथ वैवाहिक बंधन में बँधने से पहले शादी के दौरान होने वाली सभी पारंपरिक रस्मों को भी निभाया है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर हल्दी, मेहंदी की रस्में निभाने वाली तस्वीरें भी शेयर की हैं। क्षमा ने शादी की फोटो शेयर करने के बाद लिखा, “घर के बाहर नो मीडिया के बोर्ड के बाद भी मीडिया मेरे घर पर आ रही है। कृपया यहाँ न आएँ, मैं कोई ऑफलाइन इंटरव्यू नहीं दूँगी। अगर आप लोग फिर भी आएँगे तो मैं अपना फ्लैट खाली कर दूँगी। मेरी कल शादी हुई है, मुझे एन्जॉय करने दीजिए।”
फोटो साभार: इन्स्टाग्राम
क्षमा ने बताया था कि वह भी दूसरी लड़कियों की तरह दुल्हन बनने का सपना देखती हैं, लेकिन वह किसी लड़के से शादी नहीं करना चाहती हैं। इसलिए बिना दूल्हे के शादी रचाने के बारे में सोचा। क्षमा इसे आत्मनिर्भरता और खुद से प्रेम की ओर एक कदम मानती हैं।
हालाँकि, क्षमा का खुद से शादी करने का कॉन्सेप्ट नया था, फिर भी उन्होंने अपने माता-पिता को इसके लिए राजी कर लिया है। वह कहती हैं, “हम शादी उससे करते हैं जिससे हम प्यार करते हैं, मैं खुद से प्यार करती हूँ इसलिए खुद के साथ शादी करूँगी।”
क्या होता है सोलोगैमी विवाह?
सोलोगैमी या ऑटोगैमी उस व्यक्ति को कहा जाता है, जो खुद से शादी करता है। इस तरह की शादियों का कोई डेटा नहीं रखा जाता है। इस तरह की शादियों को ट्रैक करना काफी मुश्किल होता है। वहीं इस तरह की शादी को कानूनी रूप से भी मान्यता भी नहीं मिलती है।
बता दें कि एमएस यूनिवर्सिटी से समाजशास्त्र में ग्रेजुएट होने के बाद क्षमा एक प्राइवेट फर्म आउटसोर्सिंग मैनपावर के लिए काम करती है। क्षमा ने यह जानने के लिए ऑनलाइन रिसर्च भी किया था कि क्या किसी भारतीय महिला ने पहले भी खुद से शादी की है, लेकिन उन्हें ऐसा कोई नहीं मिला। उन्होंने कहा, “शायद मैं अपने देश में आत्म-प्रेम का एक उदाहरण स्थापित करने वाली पहली लड़की हूँ।”
भगवंत मान (Bhagwant Mann) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। बुधवार (8 जून 2022) को पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में अंग्रेजी शराब और बीयर का कोटा खत्म कर दिया गया है, यानी अब कंपनियाँ जितनी चाहे शराब बना सकती हैं। इससे पंजाब में शराब की कीमतों में 30 से 40 फीसदी की गिरावट हो सकती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में नई आबकारी नीति (Excise Policy of Punjab) के तहत 9647.85 करोड़ राजस्व का रखा लक्ष्य गया। नई नीति से बीते साल की अपेक्षा 40 प्रतिशत अधिक राजस्व होने की संभावना है। नई आबकारी नीति के तहत बीयर और देश में निर्मित होने वाली विदेशी शराब को सस्ता किया जाएगा। पिछले साल यह कोटा 4.80 करोड़ बोतलों का था। इसी तरह बीयर का भी कोई कोटा नहीं होगा। पिछले साल 3.28 करोड़ बोतल बियर बिकी थीं। वहीं, देसी शराब का कोटा 6.30 करोड़ प्रूफ लीटर ही रहेगा। सरकार का दावा है कि शराब के रेट कम होने के कारण पड़ोसी राज्यों से तस्करी नहीं होगी।
The #Punjab government approved new excise policy, which is expected to generate revenue worth Rs 9,647.85 crore, a 40 per cent rise over the last fiscal, and make liquor cheaper by making it on a par with the neighbouring states.@BhagwantMannpic.twitter.com/lYEEYgqMhb
बताया जा रहा है कि पंजाब सरकार ने अंग्रेजी शराब पर लगने वाली आबकारी ड्यूटी को 350 फीसदी से घटाकर 150 फीसदी कर दिया गया है। इसके अलावा देसी शराब पर इसे 250 से कम करके एक फीसदी कर दिया गया है। इससे पंजाब में शराब की कीमत अब पड़ोसी राज्यों के बराबर हो जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह नीति 1 जुलाई, 2022 से 31 मार्च 2023 तक 9 महीनों तक के लिए लागू रहेगी।
बता दें कि नई आबकारी नीति के तहत ठेकों का आवंटन ई-टेंडरिंग के माध्यम से होगा। प्रणाली निष्पक्ष और पारदर्शी रहे इसके लिए शराब के ठेकों को 177 ग्रुप में बाँटा गया है। एक ग्रुप का कारोबार लगभग 30 करोड़ होगा और पंजाब में 6378 ठेके होंगे। पीएमएल को छोड़कर हर किस्म की शराब की आबकारी ड्यूटी थोक कीमत की एक प्रतिशत के हिसाब से वसूली जाएगी।
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Kumar Jain) की 16 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering Case) के मामले में मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जैन को गुरुवार (9 जून 2021) को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया, जहाँ से कोर्ट ने एक बार फिर AAP आप नेता को 13 जून तक के लिए ईडी की कस्टडी में भेज दिया है।
Delhi Health Minister Satyendar Jain brought to Rouse Avenue District Court at the end of his ED custody today
Jain was arrested by Enforcement Directorate in an alleged money laundering case on May 30. pic.twitter.com/XFUFy5CZ5R
दरअसल, सोमवार (6 जून 2022) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आम आदमी पार्टी के नेता के घर सहित उनके 7 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान ईडी ने 2.82 करोड़ की अघोषित नकदी व 1.80 किग्रा सोना बरामद किया था। इसके बाद अब मामले की जाँच को और आगे बढ़ाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट से उनकी हिरासत को बढ़ाने की माँग की थी।
इस बीच जैन ने अपने वकील के जरिए कोर्ट में जमानत के लिए एप्लीकेशन भी फाइल की है। हालाँकि, मामले की सुनवाई के दौरान ईडी की तरफ से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू ने अदालत को बताया कि जाँच एजेंसी ने जिस लाला शेर सिंह मेमोरियल ट्रस्ट की तलाशी ली थी, जैन उसके अध्यक्ष थे। ASG ने कोर्ट को बताया कि जब सत्येंद्र जैन से इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया।
SV राजू ने तर्क दिया, “ट्रस्ट से नकदी, दस्तावेजों आदि के रूप में कुछ आपत्तिजनक सामग्री मिली है। दस्तावेजों के साथ आप मंत्री से पूछताछ की जरूरत है। इन डॉक्यूमेंट के अनुसार, जैन और उनकी पत्नी दोनों ट्रस्ट के सदस्य हैं।”
बहुत ही धीरे लिखते हैं सत्येंद्र जैन
कोर्ट में जाँच एजेंसी ने सत्येंद्र के मामले की जाँच में हो रही देरी का कारण स्पष्ट करते हुए ईडी ने कहा, “वह बहुत धीमे लिखते हैं। एक पेज लिखने में लगभग दो घंटे का समय लगता है। उनका बयान उनकी लिखावट में लिया जाना आवश्यक है अन्यथा वह कहते हैं- ‘यह मेरा बयान नहीं है’।”
ईडी की मुताबिक, सत्येंद्र जैन के मामले की समस्याओं में से एक ये लिखावट की भी समस्या है। इसके अलावा कई गवाह सत्येंद्र जैन के सामने आने से बच रहे हैं। उन्हें अपनी सुरक्षा का डर है।
गौरतलब है कि कोलकाता की एक कंपनी से जुड़े हवाला लेनदेन के मामले में 30 मई 2022 को सत्येंद्र जैन को ईडी ने गिरफ्तार किया था। उन पर कंपनियों के जरिए अवैध लेन-देन करने का आरोप है।
इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद पर कथित विवादित टिप्पणी के मामले में भीम सेना चीफ नवाब सतपाल तंवर (Bhim Sena Chief Nawab Satpal Tanwar) ने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) को एक के बाद एक कर कई धमकी दी है।
सतपाल ने बुधवार (8 जून 2022) को नूपुर शर्मा की जीभ काटकर लाने वाले को एक करोड़ रुपए का इनाम देने की घोषणा की। इससे पहले उसने भाजपा की पूर्व नेता पर ईशनिंदा का आरोप लगाते हुए नूपुर शर्मा से सबके सामने ‘मुजरा करवाने’ का आपत्तिजनक एवं स्त्री-विरोधी बयान दिया था।
भीम सेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर ने नुपुर शर्मा पर इनाम जारी किया है। फोटो साभार: (फेसबुक/नवाब सतपाल तंवर)
तंवर ने अपने बयान में कहा, “भाजपा की नूपुर शर्मा ने नबी की ईशनिंदा की है। नूपुर शर्मा ने देश में रह रहे करोड़ों मुस्लिमों को आहत किया है। उसने दुनिया भर में देश का और पैगंबर मुहम्मद अपमान किया है। वह माफी के लायक नहीं, फाँसी के लायक है।”
बता दें कि भीम सेना प्रमुख सतपाल तंवर ने नूपुर शर्मा की जुबान काटकर लाने वाले के लिए 1 करोड़ रुपए के इनाम की घोषणा की थी। वहीं, सूरत की सड़कों पर भी नूपुर शर्मा के ऐसे पैम्फलेट फेंके हुए मिले, जिन पर उनके चेहरे पर जूतों और क्रॉस के निशान बनाए गए हैं।
सतपाल तंवर ने बुधवार को कहा था, “नूपुर शर्मा दुनिया भर में भारतीयों का अपमान कर रही है। वह बीजेपी और आरएसएस के इशारे पर काम कर रही है। मोदी सरकार और योगी सरकार को उसे तुरंत गिरफ्तार कर जेल में डाल देना चाहिए, लेकिन उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जा रही है।”
भीम सेना चीफ उसने नूपुर शर्मा के खिलाफ ट्वीट करके कहा था कि वह उन्हें उसके सामने मुजरा करवाएगा। इतना ही नहीं, कानपुर में हुई हिंसा में मुस्लिम दंगाइयों का बचाव करते हुए सतपाल ने नूपुर शर्मा को ही घटना का मास्टरमाइंड होने का आरोप लगा दिया।
भीम सेना प्रमुख ने कहा कि वह शर्मा से मुजरा करवाएगा। (वीडियो साभार: सोशल मीडिया)
उसने कहा, “मुझे खुद पर भरोसा है। अगर इस देश की सरकार, उत्तर प्रदेश की सरकार, योगी आदित्यनाथ और नरेंद्र मोदी की औकात नहीं है नूपुर शर्मा के खिलाफ कार्रवाई करने की तो उसे मेरे हवाले कर दें। उसे सबके सामने मुजरा करवाऊँगा। अपने सामने मुजरा करवाऊँगा और उसे मनमाफिक सजा दूँगा।”
सतपाल ने खुद को अदालत से भी बड़ा साबित करने की कोशिश करते हुए आगे कहा, “नूपुर शर्मा को सतपाल की अदालत में पेश करो। अगर उसे सतपाल की अदालत में पेश किया जाता है तो पूरा देश उस नचनिया को नवाब सतपाल तंवर के सामने मुजरा करते हुए देखेगा।”
यह वीडियो जारी करने के तुरंत बाद तंवर का ट्विटर अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया है।
हालाँकि, वीडियो अभी भी उसके फेसबुक प्रोफाइल पर मौजूद है। इसमें उसने नूपुर शर्मा का पता भी लीक किया है।
भीम सेना प्रमुख ने फेसबुक पर शर्मा का पता लीक किया। साभार: फेसबुक/नवाब सतपाल तंवर। (ऑपइंडिया ने पता छिपा दिया है)
यही नहीं, पार्टी से निलंबन के बाद नूपुर शर्मा के घर के पते को NDTV, ANI सहित कई मीडिया संस्थानों और पत्रकारों ने सार्वजनिक कर दिया था। जबकि, नूपुर शर्मा को कट्टरपंथी इस्लामी लोगों और संगठनों द्वारा नूपुर शर्मा को जान से मारने और रेप की धमकी दी जा रही है। इसको लेकर उन्होंने आग्रह किया था कि उनके घर का पता सार्वजनिक ना की जाए, लेकिन खतरे को दरकिनार कर ऐसा किया गया।
नूपुर शर्मा के बयान को लेकर विवाद
26 मई को नूपुर शर्मा ने ‘टाइम्स नाउ’ टीवी चैनल पर एक बहस में भाग लिया था। यहाँ उन्होंने लगातार भगवान शिव और हिंदू धर्म को गाली दे रहे मुस्लिम पैनलिस्ट को ऐसा करने से रोका था। जब मुस्लिम पैनलिस्ट नहीं मानें, तब उन्होंने कहा था कि वे मुस्लिमों के मजहबी किताब से उदाहरण देने लगेंगी। उन्होंने जवाब भी दिया था।
इसके बाद ऑल्ट न्यूज के कट्टरपंथी पत्रकार मोहम्मद जुबैर ने नूपुर शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर नफरत फैलाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के खिलाफ बदल गया। अंत में बीजेपी को नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित करने का फैसला लेना पड़ा।
पैगंबर मुहम्मद के बारे में नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) के खिलाफ जब से ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर जुबैर ने कट्टरपंथियों इस्लामवादियों को भड़काया है, तभी से उन्हें लगातार हत्या की धमकियाँ दी जा रही हैं। इस्लामी आतंकी संगठन अलकायदा ने भारत को धमकी दी। इसके बाद पाकिस्तान के आतंकी संगठन TLP के समर्थकों ने शर्मा पर 50 लाख रुपए का इनाम घोषित किया।
हैदराबाद की स्थानीय पार्टी AIMIM (इंकलाब) ने 29 मई 2022 को नूपुर शर्मा की हत्या करने वाले को 1,00,00,000 रुपए का इनाम देने का ऐलान किया था। इसके नेता कवी अब्बासी का नूपुर शर्मा को धमकी देने और हिन्दू धर्म को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करने का वीडियो सामने आया है। इसमें वह शर्मा को ‘सफेदपोश वेश्या’ कहता है।
वहीं, नूपुर शर्मा ने दावा किया है कि पैगंबर मुहम्मद के बारे में उनकी टिप्पणी ‘भगवान शिव का अपमान’ किए जाने की प्रतिक्रिया के रूप में थी, क्योंकि वह इसे बर्दाश्त नहीं कर सकीं। पार्टी से निलंबित किए जाने के बाद उन्होंने इसके लिए माफी भी माँग ली है। इसके बावजूद कट्टरपंथी लोगों द्वारा उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
इतना ही नहीं, नूपुर शर्मा द्वारा सिर्फ प्रतिक्रिया देने के बाद उनके खिलाफ मानसिक प्रताड़ना रूक नहीं रही है। बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता के खिलाफ मुंबई, हैदराबाद और पुणे में धार्मिक भावनाएँ भड़काने के मामले दर्ज कराए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर के गोपालपोरा सरकारी हाई स्कूल का नाम हिंदू शिक्षिका रजनी बाला के नाम पर होगा। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार (8 जून 2022) को शिक्षिका के परिजनों से मुलाकात के बाद इसकी घोषणा की। इस दौरान उन्होंने परिवार को सांत्वना देते हुए रजनी बाला के हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
उन्होंने परिवार को हर संभव सहायता दिए जाने का आश्वासन दिया। बता दें कि 31 मई को आतंकियों ने स्कूल के बाहर रजनी बाला की गोली मार कर हत्या कर दी थी। उपराज्यपाल से मुलाकात के दौरान रजनी बाला के पति राजकुमार ने अपनी पत्नी के सभी पेंशन लाभ बेटी को देने की बात रखी। साथ ही सेवानिवृत्ति तिथि तक पेंशन के तौर पर पूरा वेतन, बेटी की पढ़ाई का खर्च और वयस्क होने पर उसकी नौकरी की माँग रखी। इसके अलावा उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों के चलते अपना तबादला भी गृह क्षेत्र सांबा में करने का आग्रह एलजी से किया।
J&K | The government high school of Gopalpora in Kulgam will be named after Rajni Bala, a teacher who was killed by terrorists. I met her family members and all their demands & concerns will be resolved on a priority basis: LG Manoj Sinha (08.06) pic.twitter.com/sg3Lugs255
सिन्हा ने ट्वीट करते हुए कहा, “जम्मू-कश्मीर प्रशासन परिवार को हरसंभव सहयोग और सहायता प्रदान करेगा। कुलगाम जिले के गोपालपारा स्थित सरकारी हाई स्कूल का नाम शिक्षिका रजनी बाला के नाम पर रखा जाएगा। मैंने उनके परिवार से मुलाकात की। उनकी माँगों और परेशानियों को प्राथमिक आधार पर सुलझाया जाएगा।”
The government high school, Gopalpora in Kulgam will be named after Smt. Rajni Bala. Assured her husband Shri Rajkumar that all his demands and concerns will be resolved on priority basis.
— Office of LG J&K (@OfficeOfLGJandK) June 8, 2022
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, “रजनी बाला के परिवार के सदस्यों से सांबा में उनके घर पर मुलाकात की। वह घाटी में सबसे पसंदीदा और प्रशंसित शिक्षकों में से एक थीं।”
Met the family members of Smt. Rajni Bala at their residence in Samba. She was one of the most loved & admired teachers in the valley. J&K administration will provide every possible assistance and support to the family. pic.twitter.com/Gxoqj38WaN
— Office of LG J&K (@OfficeOfLGJandK) June 8, 2022
इधर दिवंगत स्कूल शिक्षिका रजनी बाला की याद में गुरुवार (9 जून 2022) को राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बनिहाल के सभी छात्र-छात्राओं और स्टाफ सदस्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए दो मिनट का मौन रखा।
#WATCH | Students and staff members of Government Girls Higher Secondary School Banihal observed 2 minutes of silence to pay tributes to the late teacher Rajni Bala, who was killed by terrorists in Gopalpora area of Kulgam on May 31.
उल्लेखनीय है कि 31 मई को कुलगाम में आतंकियों ने शिक्षिका रजनी बाला को गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के समय स्कूल में कई अन्य टीचर भी थे, लेकिन आतंकियों ने उन्हें अलग से चुन कर मारा। वह सांबा जिले की मूल निवासी थीं। लेकिन कुलगाम के गोपालपोरा के सरकारी स्कूल में तैनात थीं। घटना के बाद रजनी बाला को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
नुपूर शर्मा केस में ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की भड़काऊ बयानबाजी के बाद दिल्ली पुलिस की IFCO यूनिट ने उनके ऊपर एफआईआर दर्ज की है। उनके अलावा स्वामी यति नरसिंहानंद के ऊपर भी केस दर्ज हुआ है।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया एनालाइस करने के बाद उन लोगों केे विरुद्ध कार्रवाई की जो सोशल मीडिया पर लोगों को भड़काने और बाँटने का काम कर रहे थे। इसी क्रम में पुलिस ने नुपूर शर्मा समेत अन्य सोशल मीडिया शख्सियतों पर आईपीसी की धारा 153, 295, 505 के तहत केस को दर्ज किया है। जल्द ही सभी लोगों को इस बाबत नोटिस भेजा जाएगा।
AIMIM chief Asaduddin Owaisi named in FIR registered by the IFSO unit of Delhi Police over alleged inflammatory remarks yesterday. Swami Yati Narasimhananda’s name also mentioned in the FIR. pic.twitter.com/8NpEKdQvI8
बता दें कि इससे पहले दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने अलग-अलग प्रावधानों के तहत समाज में नफरत फैलाने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की थी। एफआईआर में नुपूर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल के अलावा शादाब चौहान, सबा नकवी, मौलाना मुफ्ती नदीम, अब्दुर रहमान, गुलजार अंसारी, अनिल कुमार मीणा, पूजा शकुन का नाम शामिल है। अब ओवैसी और स्वामी यति नरसिंहानंद को मिला कर इस लिस्ट में 11 लोग शामिल हो चुके हैं।
The sections of the cases are 153, 295, 505 IPC. One case has been registered against Nupur Sharma & others one has been registered against multiple social media entities based on the analysis. Notices will be sent to the social media intermediaries for the details: Delhi Police
उल्लेखनीय है कि एक ओर जहाँ पुलिस ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया का विश्लेषण करने के बाद जो एफआईआर दर्ज की वो उन लोगों के विरुद्ध है जो सार्वजनिक शांति के खिलाफ लगातार पोस्ट शेयर कर रहे हैं और भड़काऊ भाषणों से लोगों को उकसा रहे हैं। वहीं इस एफआईआर में ओवैसी का नाम देख उनके समर्थक दिल्ली के संसद मार्ग पर पहुँच कर विरोध प्रदर्शन कर नुपूर शर्मा की गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं को हंगामा करने पर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की बात भी जनसत्ता की रिपोर्ट में प्रकाशित हुई है।
मालूम हो कि नुपूर शर्मा केस में ओवैसी लगातार समुदाय के लोगों को ये बताने में लगे हैं कि अगर पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी मामले में नुपूर ने माफी माँगी है तो वो माफी नहीं है। वहीं जो भाजपा ने उन्हें पार्टी से निलंबित किया है वो भी घटना के दस दिन बाद किया है जो कि जाहिर है देश के मुसलमानों की बात सुनकर नहीं, बल्कि बाहरी दबाव में आकर किया गया है।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ (Aligarh, Uttar Pradesh) जिले में स्थित अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में 8 जून 2022 (बुधवार) को पुलिस के सामने ‘सिर तन से जुदा’ और ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के भड़काऊ नारे लगाए गए। ये नारे नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल के कथित बयानों के विरोध में जमा कथित छात्रों की भीड़ ने लगाए। इस दौरान जुमे की नमाज को बैन करने की माँग करने वाली महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा गिरी के खिलाफ भी नारेबाजी की गई है।
उत्थान न्यूज़ नाम के फेसबुक पेज पर बुधवार की शाम लगभग 5 बजे यह वीडियो LIVE हुआ था। इस वीडियो के 4 मिनट 50वें सेकेण्ड के बाद भीड़ में मौजूद कई लोग ‘गुस्ताख़-ए-नबी की एक सज़ा, सिर तन से जुदा… सिर तन से जुदा’ के नारे लगाते सुनाई दिए।
इस दौरान अलीगढ़ पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद था। वीडियो में 7वें मिनट पर दिख रहा रहा है कि हंगामे के दौरान लाउडस्पीकर पर तेज आवाज में अजान शुरू होती है। इसके बाद अजान खत्म होने तक हंगामे को रोक दिया गया। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा मौके पर ही बैठ कर नमाज पढ़ने को कहा गया।
अजान खत्म होने के बाद AMU छात्र नेता जानिब हसन ने कहा, “हम अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के छात्र नूपुर शर्मा के अपने पैगंबर पर दिए गए बयान का विरोध करते हैं। ऐसा पहली और अंतिम बार नहीं हुआ है। भारतीय मीडिया और भाजपा नेता आए दिन मुस्लिमों को निशाना बना रहे हैं। हम ऐसे मामलों को सहन नहीं करेंगे।”
दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली पुलिस के खिलाफ भी जानिब हसन ने माँग की। उसने आगे कहा, “नूपुर शर्मा ने दंगे जैसे हालत पैदा कर दिए हैं। पूरे देश के मुस्लिमों में गुस्सा है। हम अपने पैगंबर के खिलाफ बोलने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग करते हैं। जल्द-से-जल्द नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल की गिरफ्तारी हो। साथ ही उन पुलिस वालों पर भी एक्शन हो, जो सिर्फ मुस्लिमों पर ही कार्रवाई कर रहे हैं।”
इसी वीडियो में एक पत्रकार के सवाल पर प्रदर्शनकरियों ने कहा, “अगर 24 घंटे में जुमे की नमाज पर बैन लगाने की माँग करने वाली महिला (महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती) की गिरफ्तारी नहीं हुई तो एक बड़ा मार्च निकलेगा।” प्रदर्शन AMU की मौलाना आज़ाद लाइब्रेरी में हुआ, जो बाद में जुलूस के रूप में जिलाधिकारी कार्यालय की तरफ बढ़ गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, AMU के प्रदर्शनकारियों ने भाजपा की पूर्व नेता नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल की गिरफ्तारी के लिए प्रशासन को 48 घंटे का समय दिया है। इस समय सीमा के बाद न सिर्फ AMU, बल्कि पूरे जिले में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।
AMU में मुफीद राहिब फरहान जुबैरी, आरिफ त्यागी, सलमान सिद्दीकी, मोहम्मर सारिम, नदीम अख्तर, सरमाज उल हक, अशहद आलम, सलमान गौरी, इखलास आलम, फरहान जैद, आरिफ जैसे छात्र नेताओं ने नूपुर शर्मा की फाँसी की माँग करते हुए जुलूस निकाला। उधर AMU के प्रो. हामिद अली, डॉ. मुबस्सिर अली, अशरफ मतीन जैसे शिक्षकों ने भी नूपुर शर्मा के खिलाफ कैंडल मार्च निकाला है।
कर्नाटक में हिजाब पहनकर आने पर 24 छात्राओं का सस्पेंड कर दिया गया है। मामला मंगलुरू के गवर्नमेंट फर्स्ट ग्रेड कॉलेज, उप्पिनंगडी (Uppinangady) का है। छात्राओं पर कार्रवाई मंगलवार (7 जून 2022) को की गई। इन छात्राओं को शनिवार (11 जून 2022) तक के लिए सस्पेंड किया गया है। कॉलेज में ड्रेस कोड फॉलो करने का आदेश दिया गया है, लेकिन इसके बाद भी इन छात्राओं ने हिजाब पहनकर आना बंद नहीं किया। इसके बाद कॉलेज ने यह एक्शन लिया है।
कॉलेज डेवलपमेंट कमेटी (CDC) ने कहा कि लड़कियों को कॉरिडोर और कक्षाओं में हिजाब पहनने की अनुमति नहीं है। कॉलेज के एक अधिकारी ने कहा, “CDC और हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद छात्राओं ने यूनिफॉर्म के नियमों का कई बार उल्लंघन कर कॉलेज में काफी परेशानियाँ पैदा की। शिक्षकों ने उन्हें समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन वे सुनने को तैयार नहीं थीं। अंत में कॉलेज के प्रिंसिपल ने सभी शिक्षकों से परामर्श किया और लड़कियों को चार दिनों तक कक्षाओं से दूर रखने का फैसला किया। सीडीसी ने साफ तौर पर कहा है कि क्लास और कॉरिडोर में हिजाब की इजाजत नहीं होगी। अगर छात्राएँ फिर भी नियमों का उल्लंघन करती हैं, तो हमारे पास सख्त कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।”
अधिकारी ने कहा, “हमने कई बार अभिभावकों को कॉलेज में बुलाया और उन्हें यूनिफॉर्म से जुड़े नियमों के बारे में बताया। हालाँकि सीडीसी के फैसले से माता-पिता को कोई दिक्कत नहीं हुई, लेकिन बच्चे हिजाब पहनने पर तुले हुए थे। ड्रेस कोड का पालन करने की आवश्यकता के बारे में छात्रों को समझाने की कोशिश कर शिक्षक थक गए हैं।”
गौरतलब है कि पिछले दिनों उप्पिनंगडी की गवर्नमेंट पीयू कॉलेज की 6 छात्राओं को ड्रेस कोड का पालन नहीं करने पर निलंबित किया गया था। कई बार चेतावनी मिलने के बावजूद ये छात्राएँ कॉलेज में हिजाब पहनकर पहुँची थीं। इसलिए उप्पिनंगडी पीयू कॉलेज के प्रिसिंपल ने स्टाफ की मीटिंग के बाद इन छात्राओं को सस्पेंड करने का फैसला लिया। कॉलेज प्रशासन के मुताबिक इन छात्राओं को 1 हफ्ते के लिए इसलिए निलंबित किया गया, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि इससे अन्य छात्राओं को भी विरोध के लिए उकसाया जा सकता है।
ब्रिटेन में नाबालिग बच्चियों के लिए खतरा बनकर घूमती ग्रूमिंग गैंग पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में रही है। गैंिग का शिकार पीड़िताओं ने खुद बता रखा है कि कैसे ये गैंग उनका यौन शोषण करती है और फिर उन्हें सेक्स के धंधे में धकेलती है। इतने संगीन इल्जाम के बावजूद क्या आप जानते हैं कि ब्रिटेन पुलिस इस ग्रूमिंग गैंग के विरुद्ध सख्त नहीं है। वहाँ कई मामलों में ये देखा गया है कि अगर बच्चों का यौन शोषण करने वालों ने या ग्रूमिंग गैंग ने बच्चे से रेप आरोप में माफी माँग ली तो उन्हें छोड़ दिया जाएगा।
सामने आई जानकारी के मुताबिक, अब तक कम से कम 870 पीडोफाइल्स और ग्रूमिंग गैंग के सदस्य हैं जिनके ऊपर ब्रिटेन में बच्ची से बलात्कार का आरोप लगा, लेकिन जब कार्रवाई की माँग हुई तो उन्होंने पीड़िताओं से माफी माँग ली और उन्हें बिन किसी मुकदमे के छोड़ दिया गया। उनके नाम कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड भी नहीं है।
ब्रिटेन पुलिस की कार्रवाई पर यह चौंकाने वाला दावा मिरर रिपोर्ट में हुआ था जिसके बाद कई सवाल उठने लगे। अब लोग इस न्यूज की क्लिप को शेयर कर बता रहे हैं कि कैसे ये सब ब्रिटेन में ये सब कम्युनिटी रेजोल्यूशन के तहत हो रहा है जो कि एक नया पुलिस प्रोग्राम है और उसमें सिर्फ निम्न स्तर के अपराधों में माफी का प्रावधान है। मगर पुलिस इसका प्रयोग बलात्कारियों को छोड़ने के लिए कर रही है।
Over 870 pedophiles and grooming gangs will NOT be charged with child rape in the UK when they have apologised to the rape victims. They also won’t have a criminal record. This is called ‘Community Resolution’ – a new police program.pic.twitter.com/68bv48nsWp
मिरर रिपोर्ट में अनुसार, साउथ यॉर्कशायर पुलिस ने कम से कम 78 सेक्स क्राइम को इस नीति के तहत हैंडल किया। वहीं डरहम, शेशियर, नॉटिंगमशियर में इसे 13 से कम उम्र वाली लड़कियों के रेप मामलों में यूज किया गया। इसी तरह अन्य शहरों की पुलिस ने भी सेक्स क्राइम से निपटने के लिए इसका प्रयोग किया। ऐसे मामलों को देख नारीवादियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गुस्सा जाहिर कर कहा कि पीड़िताओं को न कोई इंसाफ मिल रहा है और न ही कोई सुरक्षा। अपराधी सिर्फ माफी माँग कर छोड़ दिए जाते हैं।
इस कानून का गलत इस्तेमाल देख अरशद हुसैन द्वारा सताई गई पीड़िता ने अपना गुस्सा जाहिर किया। पीड़िता ने कहा कि ये अन्याय है। आखिर क्यों सेक्स आरोपितों से सॉरी सुनकर छोड़ा जा रहा है और उन्हें अपराधी नहीं बनाया जा रहा।
ब्रिटेन की ग्रूमिंग गैंग
बता देें कि ब्रिटेन के ग्रूमिंग गैंग द्वारा यौन शोषण किए जाने के कई मामले उजागर हो चुके हैं। कुछ समय पहले एक रिपोर्ट आई थी जब पुलिस ने इन मामलों की जाँच के लिए 150 जगह छापेमारी करके 34 लोगों को पकड़ा था । वहीं एक खबर आई थी जिसमें बताया गया था कि 40 साल में ब्रिटेन में कम से कम 5 लाख गैर-मुस्लिमों से समुदाय विशेष के लोगों ने रेप किया है।
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की मुस्लिम महिला ग्राम प्रधान का शौहर बुनियाद और उसका सहयोगी नसीमुल्ला गिरफ्तार किया गया है। ग्राम प्रधान रेशमा और उसके शौहर पर शौचालयों के अंदर हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरों वाली टाइल्स लगवाने का आरोप है। इसकी जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों ने हंगामा किया। पुलिस ने केस दर्ज करते हुए 2 नामजद आरोपितों को गिरफ्तार किया है। तीसरी अरोपित रेशमा की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है। मामले की शिकायत 8 जून 2022 (बुधवार) को की गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला थानगांव थानाक्षेत्र में गाँव बर्रा बेरौरा का है। शौचालयों में लगे टाइल्स में भगवान शिव, पूजा के कलश और ॐ की तस्वीरें हैं। बताया जा रहा है कि ये टाइल्स लगभग 4 साल से शौचालयों में लगे हैं। इसकी शिकायत बजरंग दल कार्यकर्ता संदीप अवस्थी ने पुलिस में की है। FIR के मुताबिक, “गाँव के मुस्लिम समाज के प्रधान ने जान-बूझकर हिन्दू समाज की भावनाओं को आहत किया है। ऐसा करने में प्रधान रेशमा, उनके शौहर बुनियाद और नसीमुल्ला शामिल हैं। इन सभी की हरकतों से क्षेत्र में तनाव के हालात हैं।”
FIR Copy
शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपितों पर IPC की धारा 295-A के तहत कार्रवाई की है।
FIR कॉपी
शिकायतकर्ता बजरंग दल जिला संयोजक संदीप अवस्थी के मुताबिक, “आरोपित रेशमा इस बार दुबारा जीती है। ये हरकत उसके पिछले कार्यकाल की है। पहले पूरे गाँव में ये टाइल्स लगवा दिए गए थे। लेकिन शिकायत के बाद कुछ शौचालयों से टाइल्स हटवा लिए गए। इसके बाद भी अभी लगभग 8-10 शौचालयों में ये टाइल्स लगी हुई थीं। हमारे साथ पुलिस प्रशासन भी गया था, जिसने इसे सच पाया।”
सीतापुर में महिला प्रधान रेशमा पर शौहर बुनियाद के साथ मिल कर शौचालयों में ॐ और महादेव की तस्वीरों वाले टाइल्स लगाने का आरोप.
— Rahul Pandey (Journalist) (@STVRahul) June 9, 2022
शिकायतकर्ता ने बताया, “एक नूपुर शर्मा के बयान से पूरे विश्व में बवाल खड़ा हो गया है। क्या हमारी धार्मिक भावनाएँ ऐसी हरकतों से आहत नहीं होती? इस केस में अभी तक 2 आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है। लेकिन महिला प्रधान रेशमा की गिरफ्तारी अभी तक नहीं की गई। अगर उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई तो सीतापुर के रेउसा में हिंदू पंचायत का आयोजन किया जाएगा।”
तनाव को देखते हुए गाँव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जिलाधिकारी और SP सीतापुर ने मामले की गहनता से जाँच करवाने और उसके अनुसार आरोपितों पर एक्शन लेने की बात कही है।