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मीडिया में चली मोहाली में 24 घंटे में दूसरे बम ब्लास्ट की खबर, पंजाब पुलिस ने नकारा: NIA और भारतीय सेना भी मौके पर

पंजाब के मोहाली में सोमवार को हुए पुलिस इंटेलीजेंस के हेडक्वार्टर्स पर किए गए धमाके के बाद मंगलवार को भी मीडिया ने खबर चलाई कि 24 घंटे के अंदर दूसरी बार हुए विस्फोट हुआ है। हालाँकि, अब इन खबरों को खारिज किया जा रहा है। इसके साथ ही पंजाब पुलिस द्वारा गलत न्यूज चलाने वाले मीडिया चैनलों के खिलाफ कार्रवाई की भी बात कही गई है।

रिपब्लिक टीवी ने दावा किया क, दूसरे धमाके बाद एनआईए और सेना की टीम मौके पर पहुँच गई है। इसमें यह भी बताया गया है कि इस खबर की पुष्टि अभी तक पंजाब के पुलिस अधिकारियों ने नहीं की है।

इसी तरह के आज तक ने बकायदा इसे ब्रेकिंग बताकर चलाया था।

फोटो साभार: आज तक

हालाँकि, मोहाली के एसएसपी विवेक सोनी ने दूसरे ब्लास्ट से इनकार किया है। इसी तरह से मानव यादव नाम के पत्रकार ने ट्वीट किया, “मोहाली में दूसरे ब्लास्ट की खबर को पंजाब पुलिस ने गलत बताया है और ऐतराज जताया है।”

गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को मोहाली के सेक्टर 77 में पंजाब पुलिस की इंटेलीजेंस विंग की हाई सिक्योरिटी वाली बिल्डिंग में आरपीजी (रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड) से हमला किया गया था। हालाँकि, अच्छी बात ये रही कि इसमें धमाका ही नहीं हुआ, जिससे किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ। ग्रेनेड इमारत की तीसरी मंजिल पर गिरा। इससे काँच के दरवाजे जरूर टूट गए थे। यह हमला पंजाब हरियाणा के करनाल में आईईडी के साथ चार संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के तीन दिन बाद ही हुआ है। इस मामले में 6 संदिग्धों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

क्या होता है आरपीजी

आरपीजी रॉकेट की तर्ज पर काम करने वाले विस्फोटक होता है। इसे कंधे पर रखकर भी दागा जा सकता है। इसमें मोटर लगे होते हैं और जैसे ही इसे दागा जाता है तो इसके विंग खुल जाते हैं और ये हवा में अपने टार्गेट की ओर तेजी से आगे बढ़ता है। आरपीजी को एँटी टैंक हथियार भी माना जाता है।

मोहाली ब्लास्ट के बाद SFJ की हिमाचल CM को धमकी – शिमला में भी हो सकता है; ISI हैंडलर हरिंदर सिंह रिंदा का नाम आया सामने, TNT का इस्तेमाल

पंजाब के मोहाली में इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर सोमवार (9 मई 2022) को हुए हमले के बाद खालिस्तानी आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) की तरफ से अब हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को धमकी दी गई है। इसमें कहा गया है कि मोहाली में इंटेलिजेंस दफ्तर पर हुए हमले से सीखें, यह शिमला में भी हो सकता है। इसमें आगे कहा गया है कि धर्मशाला में सिख फॉर जस्टिस ने झंडे लगाए है, इस समुदाय को न भड़काए नहीं तो आपका इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। 

बता दें कि हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में विधानसभा के गेट पर बीते दिनों खालिस्तानी झंडे लगे मिले थे और दीवार पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे हुए थे। खालिस्तान के झंडे लगाने के मामले में जयराम ठाकुर ने कहा था कि ऐसा करने वालों को उनकी सरकार नहीं बख्शेगी। पुलिस ने कठोर यूएपीए कानून के तहत इस मामले में केस भी दर्ज किया है। धमकी में यह भी कहा गया कि आपरेशन ब्‍लू स्टार के 38वें साल में पावंटा साहिब में जून के महीने में अलग खालिस्तान की माँग पर हिमाचल में वोटिंग होगी।

उल्लेखनीय है कि अगस्त 2021 में SFJ आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू (Gurpatwant Singh Pannu) ने हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर को धमकी दी थी कि वह उन्हें 15 अगस्त को तिरंगा नहीं फहराने देगा। ऑडियो संदेश में ये भी कहा गया था कि पंजाब के बाद वे हिमाचल में भी कब्जा करेंगे, क्योंकि हिमाचल का कुछ क्षेत्र पहले पंजाब का हिस्सा था।

वहीं मोहाली स्थित पंजाब पुलिस की खुफिया विभाग की इमारत पर हुए RPG हमले की जाँच जारी है। पंजाब पुलिस आतंकवादी हमले की एंगल से भी जाँच कर रही है। इस बीच, बताया जा रहा है कि पुलिस हमले में हरिंदर सिंह रिंदा के कनेक्शन की भी जाँच कर रही है। रिंदा पहले एक गैंगस्टर था, जो बाद में आतंकवादी बन गया। पुलिस का कहना है कि पिछले दिनों करनाल में जो चार संदिग्ध आतंकवादी गिरफ्तार हुए उनमें से एक गुरप्रीत रिंदा के संपर्क में था। 

आईएसआई का हैंडलर है रिंदा

रिंदा को भारत में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हैंडलर माना जाता है। वह पाकिस्तान से ही अपनी गतिविधियाँ चलाता है। यही नहीं, पिछले दिनों पंजाब पुलिस ने जो तरनतारन से आरडीएक्स बरामद किया उसका भी लिंक रिंदा से जुड़ा है। ऐसे में पुलिस को लगता है कि मोहाली हमले में भी रिंदा का हाथ हो सकता है। पूछताछ में गुरप्रीत ने बताया है कि उसने रिंदा के कहने पर अन्य जगहों पर विस्फोटक पहुँचाए। सूत्रों का कहना है कि मोहाली ब्लास्ट पर एनआईए की नजर है और वह घटनास्थल का दौरा करेगी। मोहाली हमला बड़ी साजिश का  हिस्सा हो सकता है।

पंजाब पुलिस के डीजीपी ने कहा कि रॉकेट लॉन्चर हमले मे TNT (ट्राइनाइट्रो टोलीन) पदार्थ का प्रयोग हुआ था। मोहाली में विभिन्न विंगों के अधिकारियों के साथ खुफिया दफ्तर के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए डीजीपी ने कहा कि इस हमले को वह चैलेंज के रूप में ले रहे हैं। पुलिस को हमले से जुड़ी कई लीड मिली हैं। जिन पर पुलिस की टीम काम कर रही हैं। उम्मीद है कि जल्दी ही यह केस हल कर लिया जाएगा।

वहीं हमले के मामले में मुख्यमंत्री बगवंत मान ने भी कुछ कदम उठाए। उन्होंने मंगलवार (10 मई 2022) को राज्य के डीजीपी समेत अन्य अफसरों के साथ अपने आवास पर अहम बैठक की। इस दौरान घटना के बारे में जानकारी ली और जाँच संबंधी निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में मीडिया से बात करते हुए कहा, “जो लोग पंजाब का माहौल खराब करना चाहते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मैंने डीजीपी और अन्य खुफिया अधिकारियों से मोहाली में कल रहात हुए विस्फोट पर रिपोर्ट तलब की है। गुनहगारों को सजा दी जाएगी। शाम तक स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। मामले में जाँच जारी है।”

बता दें कि यह धमाका सोमवार की शाम करीब 7.45 बजे मोहाली के सेक्टर 77 स्थित कार्यालय में हुआ। विस्फोट के कारण इमारत की एक मंजिल की खिड़की के शीशे टूट गए। मोहाली पुलिस ने एक बयान में कहा, ”शाम 7.45 बजे सेक्टर 77, एसएएस नगर में पंजाब पुलिस खुफिया मुख्यालय परिसर में एक मामूली विस्फोट की सूचना मिली। किसी नुकसान की सूचना नहीं है। वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर हैं और मामले की जाँच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है।”

कुतुब मीनार के पास हिन्दू संगठनों ने किया हनुमान चालीसा का पाठ, नाम बदल कर ‘विष्णु स्तंभ’ करने की माँग: कहा – 27 मंदिर ध्वस्त कर बनाया

दिल्ली में मंगलवार (10 मई 2022) को ऐतिहासिक इमारत कुतुब मीनार (Qutub Minar) के पास कुछ हिन्दू संगठनों के सदस्यों द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस दौरान हिन्दू संगठनों ने विरोध जताते हुए कुतुब मीनार का नाम बदलकर विष्णु स्तंभ करने की माँग की है। समाचार एजेंसी एएनआई ने इसका वीडियो भी शेयर है। यह वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज सुबह से ही कुतुब मीनार के पास हिन्दू संगठनों का प्रदर्शन जारी है। हिंदू संगठन ‘महाकाल मानव सेवा’ के सदस्यों ने कुतुब मीनार के पास हनुमान चालीसा का पाठ कर विरोध जताया। जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने हनुमाना चालीसा कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की माँग है कि भारत एक सनातन भूमि है, इसलिए कुतुब मीनार के साथ ही सभी मुगलकालीन इमारतों और सड़कों का नाम भी बदला जाना चाहिए।

इसके अलावा ‘यूनाइटेड हिंदू फ्रंट’ की तरफ से कुतुब मीनार का नाम विष्णु स्तंभ रखने की अपील की गई है। यूनाइटेड हिंदू फ्रंट कहना है कि कुतुब मीनार वास्तव में विष्णु स्तंभ है। इस मीनार का निर्माण 27 जैन और हिंदू मंदिरों को ध्वस्त करके किया गया था।

विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल सहित संगठन के अन्य नेता भी सरकार से माँग कर चुके हैं कि वह कुतुब मीनार परिसर में 27 प्राचीन मंदिरों का पुनर्निर्माण करें। इसके साथ ही वहाँ हिंदू अनुष्ठानों को फिर से शुरू करने की इजाजत दें। विहिप नेता ने यह माँग 9 अप्रैल 2022 को कुतुब मीनार परिसर का दौरा करने के बाद की थी।

उन्होंने कहा था, “हमने स्मारक के प्रमुख हिस्सों का दौरा किया, “जहाँ हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों की हालत देखने लायक भी नहीं थी। कुतुब मीनार को 27 मंदिरों को ध्वस्त करने के बाद प्राप्त सामग्री से बनाया गया था।”

विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने हिंदुओं की पीड़ा को व्यक्त करते हुए यह भी कहा था, “कुतुब मीनार वास्तव में ‘विष्णु स्तम्भ’ था। कुतुब मीनार का निर्माण 27 हिंदू-जैन मंदिरों को तोड़कर प्राप्त सामग्री से किया गया था। हिंदू समुदाय को तंग करने के लिए सुपरइम्पोज्ड स्ट्रक्चर (Superimposed Structure) बनाया गया था।”

गौरतलब है कि विहिप प्रवक्ता से पहले पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय भी कुतुब मीनार परिसर में एक जगह भगवान गणेश की उल्टी प्रतिमा और एक जगह उनकी प्रतिमा को पिंजरे में बंद कर हिंदू भावनाओं को अपमानित करने का आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के महानिदेशक को पत्र लिख कर इन प्रतिमाओं को राष्ट्रीय संग्रहालय में रखवाने की माँग भी की थी।

HC ने गिरफ़्तारी से दी राहत तो गरजे तजिंदर बग्गा – ‘मैं झुकूँगा नहीं,100 FIR दर्ज करो’, लोगों ने कहा ‘AAP का बाप’

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मंगलवार (10 मई, 2022) को दिल्ली के भाजपा प्रवक्ता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा (Tajinder Pal Singh Bagga) को बड़ी देते हुए 5 जुलाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। बग्गा पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ टिप्पणी करने के मामले में IT एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अदालत आज बग्गा की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने मोहाली कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी होने पर इसे चुनौती देते हुए पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया था।

हाई कोर्ट ने मंगलवार को बग्गा की याचिका पर सुनवाई की और 5 जुलाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। बग्गा को कोर्ट से बड़ी राहत मिलने पर सोशल मीडिया पर कई यूजर्स बेहद खुश नजर आ रहे हैं।

स्वयंसेवक अभिमन्यु त्यागी ने हाई कोर्ट के फैसले के बाद बग्गा का एक वीडियो पर ट्विटर पर शेयर किया है। वीडियो में बीजेपी नेता कहते हैं, “सौ जूते भी खाए और सौ प्याज भी। आज ये कहावत दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर सही साबित होती है। देश के न्यायालय ने आज अपने फैसले से बता दिया कि किसी भी व्यक्ति को अपने आपको कानून से ऊपर नहीं समझना चाहिए। वो पंजाब पुलिस जिसने अपनी वीरता से आतंकवाद को परास्त किया, उस पंजाब पुलिस को अगर किसी ने उसे डिफेम करने का काम किया है, तो उसके लिए अकेला एक व्यक्ति जिम्मेदार है। वह अरविंद केजरीवाल है। मैं आज ​अरविंद केजरीवाल को फिर चुनौती देता हूँ। अगर आपमें हिम्मत है, तो आप मेरे खिलाफ एक नहीं सौ एफआईआर दर्ज कीजिए। हम आपके सामने झुकने वाले नहीं हैं। मैं आपसे रोज सवाल करूँगा।”

उन्होंने केजरीवाल को आड़े हाथों लेते हुए आगे कहा, “आपने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों को 24 घंटे के अंदर जेल में क्यों नहीं डाला था? मैं आपसे सवाल करूँगा कि आपने कहा था कि सत्ता में आने के बाद ड्रग्स माफियाओं को जेल में डालेंगे, लेकिन अभी तक क्यों नहीं डाला? मैं आपसे रोज सवाल करूँगा कि पंजाब को तोड़ने की मंशा रखने वाले खालिस्तानियों को आपने जेल में क्यों नहीं डाला? मैं आपसे ऐसे सवाल करता रहूँगा, फिर चाहे आप इसके लिए मेरे खिलाफ कितनी भी एफआईआर करवाते रहें।”

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने उनकी गिरफ्तारी के बाद लिखा था, “आप का बाप।”

गौरतलब है कि पंजाब पुलिस द्वारा भाजपा नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा की गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ एक और वारंट जारी हुआ था। ये वारंट मोहाली कोर्ट द्वारा जारी किया गया था, जिसमें पंजाब पुलिस को आदेश दिए गए हैं कि वो बग्गा को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेंश करें। उनकी गिरफ्तारी के विरोध में सीएम केजरीवाल के आवास के बाहर इकट्ठा हुए भाजपा नेताओं को हिरासत में लिया गया था।

अब राजस्थान के भरतपुर में भड़की हिन्दू-मुस्लिम हिंसा, छतों से मिली काँच की बोतलें और पत्थर: 100 जवान तैनात, 2013 में भी भड़के थे दंगे

राजस्थान में एक बार फिर से हिंसा की आग भड़क उठी है। इस बार भरतपुर जिले में सोमवार (9 मई 2022) की देर रात दो समुदायों में भिड़ंत हो गई। इस दौरान पत्थरबाजी के साथ ही काँच की बोतलें भी फेंकी गई। इसमें घायल हुए एक व्यक्ति को आरबीएम हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह हिंसा की घटना मथुरा गेट इलाके के अंतर्गत बुद्ध की हाट स्थित कसाई गली की है। हिंसा की घटना की जानकारी मिलते ही बुधवार (10 मई, 2022) की सुबह राज्यमंत्री डॉ सुभाष गर्ग पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुँचे और लोगों से बातचीत कर उनसे शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। मंत्री ने पत्थरबाजी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए हर संभव मदद की बात कही है।

वहीं इस मामले में पुलिस ने अभी तक दोनों पक्षों के करीब 15 लोगों को हिरासत में लिया है। जिले के एसपी श्याम सिंह के मुताबिक, पूरी सड़क पर काँच और पत्थर बिखरे थे। पहले भी इस इलाके में दोनों समुदायों के बीच झगड़े और पत्थरबाजी हुई थी। फिलहाल कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए हिंसा वाली जगह पर 100 पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। यहीं नहीं पुलिस ने दोनों ही समुदायों के घरों की छतों की तलाशी भी ली। इस दौरान कई घरों की छतों से काँच की बोतलें और पत्थर मिले है। अभी तक मथुरा गेट थाने में इस मामले में किसी तरह की कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है।

2013 में भी हुए थे दंगे

गौरतलब है कि इससे इसी इलाके में वर्ष 2013 में दंगे हुए थे। पत्थरबाजी में खासा नुकसान भी हुआ था। इसको लेकर मथुरा गेट थाने में 2 केस दर्ज किए गए थे। हाल ही में जुर्माना लेकर कोर्ट ने एक समुदाय के लोगों को बरी कर दिया था, जिसके बाद वे डीजे पर डाँस कर जश्न मना रहे थे और इसी को लेकर विवाद हुआ था।

करौली, जोधपुर में भी हुई थी हिंसा

इससे पहले 2 अप्रैल, 2022 को करौली जिले के फूटा कोट इलाके में हिंदू नव वर्ष के मौके पर हिंदुओं की बाइक रैली पर कट्टरपंथी मुस्लिमों ने हमला कर दिया था। उस दौरान पत्थरबाजी और तलवारों से हमले भी किए गए थे। इसी तरह से हाल ही में जोधपुर में भी ऐसी ही घटना हुई थी। मुस्लिमों ने हिंदुओं पर हमले कर दिए थे। उस दौरान विवाद झंडे लगाने के लिए हुआ था। बाद में पता चला था कि दंगाइयों ने पहले से ही जेब में पत्थर भर रखे थे। वे जहाँ से भी निकलते थे, वहीं पर हिंसा करते थे।

मुस्लिम काउंसिल में शामिल हुए 150 देशों के प्रतिनिधि, बोले विशेषज्ञ – अपने देश से वफादार रहें मुस्लिम, कट्टरवादियों का करें विरोध

संयुक्त अरब अमीरात में वर्ल्ड मुस्लिम कम्युनिटीज़ काउंसिल (TWMCC) के चौथे वार्षिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस बैठक में 150 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस सम्मेलन में इस्लामिक दुनिया की एकता को लेकर चर्चा की गई, जिसमें मुस्लिम देशों के 500 से अधिक धार्मिक, राजनीतिक, विद्वानों और समाजिक नेताओं ने हिस्सा लिया। इस बैठक की थीम- इस्लामिक एकता की अवधारणा, अवसर और चुनौतियाँ थी।

इसका आयोजन यूएई के सहिष्णुता और सह-अस्तित्व मंत्री शेख नाह्यान बिन मुबारक अल नाह्यान की अगुवाई में किया गया। ये TWMCC की ये चौथी वर्षगाँठ थी। बैठक का आयोजन आठ और नौ मई को अबू धाबी राष्ट्रीय प्रदर्शनी केंद्र में हुआ।

इस दौरान सहिष्णुता मंत्री शेख नाह्यान बिन मुबारक ने कहा कि मुस्लिम दुनिया का आधार विज्ञान होना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं विशेषज्ञ नहीं हूँ लेकिन इस्लाम विज्ञान और ज्ञान का मजहब है। इसलिए ये जरूरी है कि विज्ञान और शोध मुस्लिम एकता की नींव बने।”

इस दौरान मिस्र के धार्मिक मामलों से जुड़े मंत्री डॉक्टर मोहम्मद मुख़्तार गोमा ने इस बात पर जोर दिया कि मुस्लिम दुनिया दो श्रेणियों में बँटी हुई है। एक दुनिया तार्किक है जबकि दूसरी काल्पनिक जिसका दुरुपयोग चरमपंथियों और आतंकवादी कर रहे हैं।

विशेषज्ञों ने तर्क दिया कि देशभक्ति और अपने देश के प्रति वफादारी मुस्लिमों को एक झंडे के नीचे एक ‘खिलाफत’ में एकजुट करने की अवधारणा को तोड़ना चाहिए, जैसा कि विस्तारवादी, अति-हिंसक आतंकवादी समूह ISIS बनाने की माँग कर रहा है।

स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टर मोहम्मद मोख़्तार गोमा ने कहा, “एक मुस्लिम दुनिया की अवधारणा पर दो विचार हो सकते हैं। पहला तार्किक, जिसका प्रतिनिधित्व इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किया जा रहा है और दूसरा असंभव और काल्पनिक, जिसका दुरुपयोग चरमपंथियों और आतंकवादी समूह कर रहे हैं, जिनका मक़सद पूरी मुस्लिम दुनिया को एक झंडे और एक देश के अंदर लाना है।”

उन्होंने कहा, “आज के समय में, एक नवनिर्मित देश के अंदर असंभव एकता की कामना करने से ज़्यादा अपने राष्ट्र, उसकी धरती और झंडे के प्रति वफ़ादार होना ज़रूरी है। ये कोशिश एक राष्ट्र और गैर-मुस्लिम समुदायों के बीच रह रहे मुस्लिम अल्पसंख्यकों को कमज़ोर करने के लिए की जा रही है।”

उन्होंने कहा, “ये भी ज़रूरी है कि क़ुरान की आयतों को उसके उसी संदर्भ में समझा जाए, जैसे उन्हें लिखा गया है न कि जिस तरह आतंकवादी समूह अपने हित साधने के लिए उसका इस्तेमाल कर रहे हैं।”

मोहम्मद मोख़्तार ने कहा, ”एक मुस्लिम को उस देश का सम्मान करना चाहिए, जहाँ वह रहता है, चाहे मुस्लिम बहुल देश हो या वहाँ मुस्लिम अल्पसंख्यक हों। इसके अलावा फ़तवा हालात, जगह और समय से बदलना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय फोरम पर हमें समन्वय के जरिए इस्लामिक एकता दिखानी चाहिए। जो भी क़ुरान जला रहे हैं, उनका सामना हम मजबूती से करेंगे। हमारे मजहब का लोग तब तक आदर नहीं करेंगे जब तक हम अपने जीवन में सफल नहीं होंगे। हमें उन अतिवादियों से भी लड़ना होगा जो इस्लाम का गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं। यह असंभव है कि सभी देशों के मुस्लिम एक ध्वज, एक देश और शासक के अधीन हों।”

इसके अलावा उन्होंने ईशनिंदा के अपराधीकरण पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया और साथ में चरमपंथी और आतंकी गुटों के खिलाफ एकजुट होने की भी अपील की। उन्होंने इस्लाम के विद्वानों और विशेषज्ञों से अपील की कि वे इन चरमपंथी समूहों की सच्चाई सबके सामने लाएँ। उन्होंने ये भी कहा कि जगह और समय के अनुसार ही फतवे जारी किए जाने चाहिए। वहीं इस काउंसिल के सेक्रेटरी जनरल मोहम्मद बेचारी ने कहा, “इस्लामी दुनिया कई हिस्सों में बँटी है और इन दूरियों को पाटने की जरूरत है।”

UGC ने शारदा यूनिवर्सिटी से तलब की रिपोर्ट, हिंदुत्व पर पूछे गए थे आपत्तिजनक सवाल: कहा- भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए?

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सोमवार (9 मई, 2022) को शारदा विश्वविद्यालय से एक परीक्षा में हिंदुत्व और फासीवाद के बीच समानता पर पूछे गए “आपत्तिजनक” प्रश्न के बारे में एक रिपोर्ट माँगी है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उच्च शिक्षा नियामक (The higher education regulator) ने ग्रेटर नोएडा स्थित निजी विश्वविद्यालय को विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट में यह बताने के लिए कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों, यह सुनिश्चित करने के लिए उसने क्या कदम उठाए हैं?

यूजीसी ने शारदा विश्वविद्यालय को लिखे पत्र में कहा, “यह देखा गया है कि छात्रों ने सवाल पर आपत्ति जताई और विश्वविद्यालय में शिकायत दर्ज कराई। कहने की जरूरत नहीं है कि छात्रों से इस तरह का सवाल पूछना हमारे देश की भावना और लोकाचार के खिलाफ है, जो समावेशिता और एकरूपता के लिए जाना जाता है और इसलिए इस तरह के सवाल नहीं पूछा जाए।”

बीए प्रथम वर्ष के पेपर राजनीति विज्ञान (ऑनर्स) के प्रश्न पत्र में छात्रों से “हिंदुत्व-फासीवाद” के बारे में पूछा गया था। सात अंकों के प्रश्न में पूछा गया, “क्या आप फासीवाद/नाज़ीवाद और हिंदू दक्षिणपंथी (हिंदुत्व) के बीच कोई समानता पाते हैं? तर्कों के साथ विस्तृत करें।”

बता दें कि यह विवादित प्रश्न पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने के बाद बवाल मच गया था। उसके बाद विश्वविद्यालय ने प्रश्नों में पूर्वाग्रह की संभावना को देखने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया।

शनिवार (7 मई, 2022) को जारी एक बयान में विश्वविद्यालय ने कहा कि समिति ने प्रश्न को आपत्तिजनक पाया है। उसके बाद वकास फारूक कुट्टे नामक असिस्टेंट प्रोफेसर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसने ये सवाल बनाया था। कमिटी ने अपनी शुरुआती जाँच में ये भी पाया है कि उक्त सवाल आपत्तिजनक था। वहीं ये भी फैसला लिया गया कि कॉपी की जाँच और मार्किंग के समय इस सवाल को नज़रअंदाज़ किया जाएगा और इससे मार्क्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

गौरतलब है कि यह पूरा विवाद तब उठा था, जब भाजपा नेता विकास प्रीतम सिन्हा ने इसकी फोटो कॉपी ट्वीट करते हुए उसमें पूछे गए एक सवाल को आपत्तिजनक बताया। यह प्रश्न पत्र BA के राजनीति विज्ञान के साल 2021-2022 सत्र का था। विकास प्रीतम के मुताबिक पेपर को कथित रूप से एक मुस्लिम शिक्षक ने बनाया है।

रिलीज हुआ ‘अवतार 2’ का टीजर ट्रेलर, पानी में दिखेंगे पैंडोरा उपग्रह के अद्भुत नज़ारे: भारत में 5 भाषाओं में रिलीज होगी फिल्म, विन डीजल भी होंगे

हॉलीवुड फिल्म अवतार का सीक्वल ( अवतार 2: द वे ऑफ वाटर) का टीजर ट्रेलर रिलीज हो गया है। फिल्म का निर्देशन हॉलीवुड निर्देशक जेम्स कैमरून ने किया है। दिसंबर 2022 में रिलीज होने वाली इस फिल्म में पैंडोरा ग्रह के खूबसूरत नजारों को दिखाया जाएगा। इसके पहले भाग में ही बताया गया था कि पैंडोरा अल्फा सेंचुरी के चाँद जैसा एक उपग्रह है।

इस ग्रह धरती की तरह ही जीवन जीने लायक पर्यावरण है। पूरी फिल्म एक परिवार के जीवन पर फोकस है। पिछली बार की तरह ही इस बार भी इस फिल्म में सैम वर्दिंगटन, नावी जेक सुली और जोई सल्डाना, नेतिरी का रोल प्ले करते दिखेंगे। हालाँकि, इस बार उनके बच्चे भी होंगे। फिल्म के ट्रेलर में नावी एक डायलॉग बोलता है कि ‘हम जहाँ भी जाएँ, ये परिवार ही हमारा किला है।’

रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म के निर्देशक जेम्स कैमरून ने कहा कि पहले ‘अवतार’ में हम बड़े पर्दे की सीमाओं को तोड़कर आगे निकले थे। नए अवतार में हम इन सीमाओं को 3डी के इस्तेमाल से हाई डायनमिक रेंजस हाई रिजोल्यूशन और हाई प्रेम रेट के साथ और आगे बढ़ा रहे हैं। इस बार इस सीरीज में पिछले एक्टर्स के साथ ही मिशेल यिहो, कैट विंसलेट, विन डीजल और डेविड थ्वेलिस भी नजर आएँगे। यह फिल्म भारत में इंग्लिश, तेुलगू, तमिल, हिंदी, कन्नड़ और मलयालम में रिलीज की जाएगी। इस फिल्म की पहली झलक लॉस वेगास के सिनेमाकॉन में 27 अप्रैल को दिखाई गई थी। अब इसका ऑनलाइन ट्रेलर रिलीज हुआ था।

दुनिया की सबसे अधिक कमाई वाली फिल्मों में शुमार है अवतार

अवतार सीरीज की पहली फिल्म साल 2009 में रिलीज हुई थी। उस दौरान इस वैश्विक बॉक्स ऑफिस यानि कि वर्ल्डवाइड पर $2.84 बिलियन (21,935 करोड़ भारतीय रुपए) के साथ दुनिया की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्मों में शुमार रही है। 1997 में आई फिल्म टाइटैनिक इसके बाद दुनिया की दूसरी सबसे अधिक कमाई वाली फिल्म बन गई थी।

हनुमान चालीसा पर धमकी देने वाले सिराज की अवैध संपत्ति पर चला गुजरात सरकार का बुलडोजर, कहा था – मंदिर से माइक उतरवा लो, वरना…

गुजरात राज्य प्रशासन ने सिराज उर्फ ‘सिरो डॉन’ उर्फ ‘डॉन हुसैन खलयानी बोटादवाला’ अवैध संपत्ति को ध्वस्त कर दिया है। बुलडोजर से अवैध संपत्ति को ध्वस्त करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। सिराज को पुलिस ने 8 मई को गिरफ्तार किया था।

सिराज ने 5 मई को ‘विश्व हिन्दू परिषद (VHP)’ के नेता एवं कारोबारी महेन्द्रभाई लालजीभाई माली उर्फ मुन्नाभाई माली को धमकी दी थी। मुन्नाभाई को जान से मारने की धमकी देते हुए सिराज डॉन ने कहा था, “तुम्हें भी किशन भारवाड़ जैसा परिणाम भुगतना होगा।”

इस संबंध में मुन्नाभाई माली ने 7 मई 2022 को बोटाद पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपित सिरो डॉन का एक लंबा आपराधिक इतिहास है और उसके खिलाफ अतीत में कई अपराधों के खिलाफ शिकायतें दर्ज की गई हैं।

आरोपित ने मुन्नाभाई माली को धमकी देते हुए कहा था, “गाँव में तुमने हनुमान जी के मंदिर पर एक लाउडस्पीकर लगा रखा है। उस लाउडस्पीकर को जल्द से जल्द उतरवा लो, वरना तुम्हारा वही हाल होगा जो किशन भरवाड़ का हुआ था। आखिर तुम हमारा क्या कर लोगे? अगर मैं तुम्हें कार में खींच लूँ और तुम्हारा अपहरण कर लूँ, तुम कुछ नहीं कर पाओगे।”

गुंडे सिराज ने कारोबारी को धमकी देते हुए आगे कहा, “हमलोग तुम सब पर नजर रख रहे हैं। अपनी हद में रहो, वरना मैं तुम्हारी हत्या कर दूँगा।” इसके बाद उसने सड़क पर ही चिल्लाते हुए कारोबारी मुन्नाभाई माली को फिर से मार डालने की धमकी दी। बता दें कि सिराज डॉन के खिलाफ अवैध जुआ और हत्या के प्रयास सहित 34 मामले दर्ज हैं।

यहाँ याद दिला दें कि किशन भरवाड़ की हत्या 25 जनवरी, 2022 को कर दी गई थी। 2 बाइक सवारों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया। हत्या की वजह सोशल मीडिया पर मोहम्मद पैगम्बर को ले कर डाली गई एक पोस्ट थी जिसे हत्यारोपितों ने ईशनिंदा माना था। ये मामला संसद में भी गूँजा था। ATS ने पाया था कि मौलाना शब्बीर ने किशन की हत्या करने वाले आरोपितों को 11 लोगों की हत्या करने का ठेका दिया था। मौलाना अय्यूब को अहमदाबाद के जमालपुर से आरोपितों को हथियार उपलब्ध करवाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

अमन चोपड़ा की गिरफ़्तारी पर जोधपुर HC ने लगाई रोक, राजस्थान पुलिस को बड़ा झटका: मंदिरों पर चले बुलडोजर तो किया था शो

‘न्यूज 18’ के पत्रकार अमन चोपड़ा (Aman Chopra) को राजस्थान के जोधपुर हाई कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अब कोर्ट इस मामले पर आगे की सुनवाई बुधवार (11 मई, 2022) को करेगा। कोर्ट ने कहा कि अगले आदेश तक अमन चोपड़ा की गिरफ्तारी नहीं हो सकती। 

हाई कोर्ट ने यह आदेश अमन चोपड़ा पर डूंगरपुर के बिछवाड़ा थाने में दर्ज एफआईआर के खिलाफ पेश की गई याचिका पर पर सुनवाई के बाद दिया है। बता दें कि उनके खिलाफ राजस्थान में धार्मिक भावनाएँ भड़काने का मामला दर्ज किया गया है। राजस्थान के अलवर में जिस तरह से मंदिरों पर बुलडोजर चलाया गया और प्रतिमाएँ फेंक दी गईं, उस पर शो करने के कारण उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शिकायत में कहा गया कि अमन चोपड़ा ने अपने शो में झूठ और काल्पनिक जानकारी देकर यह साबित करना चाहा था कि अलवर में जो मंदिर गिराया गया, उसके पीछे राज्य सरकार का हाथ था और ऐसा जहाँगीरपुरी हिंसा का बदला लेने के लिए किया गया था।

कोर्ट में बहस के दौरान चोपड़ा पर लगाई धाराओं के मामले में उनके वकील ने पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी तरफ से किसी प्रकार से कोई देशद्रोह नहीं किया गया। वह केवल एक डिबेट प्रोग्राम था, न कि कोई सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ाने की प्रेरणा थी। सुनवाई के दौरान सभी धाराओं को चुनौती देते हुए एक-एक धारा पर पूरी तरीके से बहस हुई।

इस दौरान कोर्ट ने कहा कि वह इस शो को देखने के बाद ही अंतिम फैसले पर पहुँचेंगे। इसलिए कोर्ट के अगले आदेश तक अमन चोपड़ा को गिरफ्तार न किया जाए। कोर्ट मामले में बुधवार को अपना फैसला देगी।

बता दें कि अमन चोपड़ा के प्रोग्राम को लेकर उनके खिलाफ लेकर तीन अलग-अलग जिलों में एफआईआर दर्ज की गई थी। ये एफआईआर अलवर के कोतवाली, बूंदी के सदर और डूंगरपुर के बिछवाड़ा थाने में दर्ज की गई थी। इनमें अलवर और बूंदी थाने में दर्ज एफआईआर के खिलाफ पेश याचिका पर सुनवाई करते हुए जयपुर बेंच कोर्ट ने अमन चोपड़ा को राहत देते हुए अग्रिम आदेश तक पहले ही गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। अब तीसरी एफआईआर में भी अमन चोपड़ा को राहत मिल गई है।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान पुलिस रविवार (8 मई 2022) को अमन चोपड़ा को गिरफ्तार करने नोएडा पहुँची थी। इससे पहले शनिवार (7 मई 2022) को राजस्थान पुलिस उस सोसाइटी में घुस गई, जहाँ अमन चोपड़ा रहते हैं और उनके दरवाजे पर वॉरंट चिपका दिया। ये सब तब हुआ, जब राजस्थान उच्च-न्यायालय ने ‘न्यूज़ 18’ के एडिटर अमन चोपड़ा के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने से पुलिस को रोक रखा था। उनके घर के दरवाजे पर गिरफ़्तारी का वॉरंट चिपकाने के बाद राजस्थान पुलिस को यूपी पुलिस थाने लेकर गई। इस दौरान अमन चोपड़ा के घर का ताला बंद था।

इससे पहले राजस्थान पुलिस ने ‘न्यूज़ 18’ के दफ्तर में जाकर भी इस तरह की हरकतें की थीं और बाद में बयान दिया था कि अमन चोपड़ा उन्हें नहीं मिले। उनके खिलाफ राजस्थान में धार्मिक भावनाएँ भड़काने का मामला दर्ज किया गया है।