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NDTV पर तेलंगाना सरकार का प्रचार: 32 मिनट तक खबर की तरह चली प्रोपेगेंडा वीडियो, कहीं नहीं लिखा था- ‘पेड न्यूज’

प्रोपेगेंडा चैनल NDTV ने हाल में अपने चैनल पर खबर के नाम पर तेलंगाना सरकार का विज्ञापन दिखाया। 21 अप्रैल 2022 को इस चैनल पर एक वीडियो चली जिसका टाइटल- ‘Telangana A Phoenix Rises’ था। इस वीडियो में मूलत: ये समझाया गया कि आखिर कैसे केसीआर की सरकार ने कम समय में तेलंगाना को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट बनाने का काम किया है।

शो में वीडियो को लेकर दावा किया गया, “यह इस बात का लेखा-जोखा है कि कैसे सीएम के चंद्रशेखर राव के दृष्टिकोण और गतिशील नेतृत्व ने साबित किया है कि प्रभावी गवर्नेंस और सशक्त योजनाएँ प्रगति का एकमात्र मार्ग हैं।” एनडीटीवी ने तेलंगाना सरकार का यह विज्ञापन न्यूज स्टोरी की तरह चलाया और ये भी नहीं साफ किया कि ये एक पेड विज्ञापन है। उनके यूट्यूब चैनल पर भी ये वीडियो पब्लिश हो रखी है जिसका टाइटल ‘तेलंगाना सरकार की पहल’ लिखा गया है।

ये जानना दिलचस्प है कि तेलंगाना सरकार के प्रचार वाली वीडियो को बिन तथ्यों के खबर की तरह चलाने वाला एनडीटीवी अक्सर अपनी खबरों को निष्पक्ष खबरों की तरह दिखाता नजर आता है और साथ ही अन्य चैनलों पर नैतिकता से खिलवाड़ के इल्जाम लगाता है। हालाँकि, उनकी इस हरकत के बाद साबित होता है कि यदि फायदा हो तो वह खुद नैतिकता से समझौता करने में गुरेज नहीं करते।

वरिष्ठ पत्रकार व वर्तमान में सूचना और प्रसारण मंत्रालय की सलाहकार कंचन गुप्ता ने वामपंथी मीडिया चैनल एनडीटीवी के ऐसे बर्ताव को देख आपत्ति जाहिर की है। उन्होंने कहा कि एक सरकार के प्रचार का वीडियो न केवल बुनियादी नैतिकता के विरुद्ध है बल्कि प्रसारण संहिता का भी उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि इस तरह के विज्ञापन दिखाना गलत नहीं है मगर ये बात स्पष्ट होनी चाहिए कि जो चीज दर्शक को दिखाई जा रही है वो पेड या स्पॉन्सर्ड है।

बता दें कि केबल टीवी नेटवर्क रूल, 1994 के नियम 7 (10) में ये स्पष्ट है कि हर विज्ञापन प्रोग्राम से अलग दिखाया जाना चाहिए। इसके अलावा न्यूज ब्रॉडकॉस्टर & डिजिल एसोसिएशन ने भी अपने दिशा-निर्देशों में इस बात को स्पष्ट किया हुआ है कि जो वीडियो चाहे जिस भी विषय पर हो, लेकिन ये बताना जरूरी है कि उसके बदले संस्था को पैसे मिले है या नहीं। ऐसे ही प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा प्रकाशित पत्रकारिता आचरण मानदंडों के अनुसार भी यह बात स्पष्ट करना जरूरी है कि सामग्री विज्ञापन है या खबर।

द हिंदू ने किया था चीन का प्रचार

गौरतलब है कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि वामपंथी मीडिया ने किसी सरकार का पेड प्रमोशन किया हो। इससे पहले द हिंदू इसी मामले में काफी बदनाम हुआ था जब उन्होंने चीन के विज्ञापन के लिए अपना पूरा पन्ना समर्पित कर दिया था। ये कारनामा द हिंदू ने 1 जुलाई 2020 को किया था जब चीन की कम्युनिस्ट पार्टी अपनी स्थापना के 100 वर्ष मना रही थी।

द हिंदू पर ये पेड कंटेंट समाचार पत्र के तीसरे पेज पर था। दिलचस्प बात तब भी यह थी कि चीन द्वारा जो पेड कंटेंट प्रकाशित किया गय, वह नियमित रिपोर्ट की तरह ही दिखाई देता था, लेकिन बारीकी से देखने पर पता चलता है कि यह चीन द्वारा पेड कंटेंट था।

‘रावण दिल का नेक और राम शातिर था’: वीडियो वायरल होने के बाद लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने प्रोफेसर कौर को हटाया, माँगी माफी

भगवान राम (Bhagwan Ram) का अपमान करने वाला वीडियो वायरल होने के बाद लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) ने प्रोफेसर गुरसंग प्रीत कौर को बर्खास्त कर दिया है। यूनिवर्सिटी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक बयान जारी करते हुए इस घटना पर खेद जताया है। उन्होंने कहा, “भगवान राम का अपमान करने वाली प्रोफेसर का वीडियो सामने आने के बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया है।”

बयान में कहा गया है, “हम यह भली-भाँति समझते हैं कि सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो से कई लोग आहत हुए हैं, जिसमें हमारी यूनिवर्सिटी की एक प्रोफेसर को उनकी व्यक्तिगत राय रखते हुए सुना जा सकता है।” विश्वविद्यालय ने आगे कहा, “हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है, जिसका विश्वविद्यालय किसी भी प्रकार से समर्थन नहीं करता है। हमारा धर्मनिरपेक्ष विश्वविद्यालय है, जहाँ सभी धर्मों और जाति के लोगों के साथ प्यार और सम्मान के साथ समान व्यवहार किया जाता है।”

राम बुरे, रावण अच्छा प्रोफेसर बर्खास्त

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बर्खास्त प्रोफेसर गुरसंग प्रीत कौर भगवान राम को बुरा इंसान बताती हैं। वह कहती हैं, “राम बुरा इंसान था। राम ने रावण जैसे नेक दिल इंसान के साथ छल किया।” कौर वीडियो में अपने छात्रों को बता रही हैं कि राम ने रावण का वध करने के लिए सीता के अपहरण की साजिश रची थी, ना कि रावण की, जिसने सीता का अपहरण किया और उन्हें लंका ले गया।

वह यहीं नहीं रुकतीं। बार-बार एक ही बात को दोहराती हैं। कौर छात्रों को भगवान राम के खिलाफ भड़काते हुए कहती हैं, “क्या आप जानते हैं कि रावण एक नेक दिल इंसान था? जबकि राम अच्छा इंसान नहीं था। राम बेहद शातिर था, जिसने चतुराई से सीता के अपहरण की योजना बनाई और रावण को बुरा इंसान साबित कर दिया।” इसके बाद प्रोफेसर छात्रों से अपने कुतर्कों पर विचार करने के लिए कहती हैं।

News18 के पत्रकार अमन चोपड़ा पर राजस्थान में 2 FIR: अलवर में मंदिर तोड़ने की घटना को जहाँगीपुरी दंगे का बताया था बदला

न्यूज़ 18 के एंकर अमन चोपड़ा (Aman Chopra) पर 23 अप्रैल (शनिवार) को राजस्थान (Rajasthan) के बूंदी और डूंगरपुर जिले में अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। FIR की वजह राजस्थान के ही अलवर में तोड़े गए मंदिर पर अमन चोपड़ा द्वारा किया गया शो बताया जा रहा है। कॉन्ग्रेस के नेताओं के मुताबिक, अमन चोपड़ा ने लोगों को भड़काने के साथ साम्प्रदायिक उन्माद फैलाया है। अमन पर देशद्रोह की भी धाराएँ लगाई गईं हैं।

अमन चोपड़ा पर FIR में कहा गया है कि उनके शो में एक लाइन कही गई थी, “अलवर की घटना कहीं दिल्ली के जहाँगीरपुरी की घटना का बदला तो नहीं है।” इस शो में अमन चोपड़ा ने दोनों घटनाओं को आपस में जोड़ने का प्रयास किया था।

बूँदी में अमन चोपड़ा के खिलाफ FIR दर्ज करवाने वाले व्यक्ति का नाम चरमेश शर्मा है, जबकि डूंगरपुर जिले में कृष्ण राज सिंह FIR दर्ज कराई है। डूंगरपुर के थाना बिछीवाड़ा में दी गई शिकायत में कहा गया है, “अमन ने आपराधिक षड्यंत्र, राजद्रोह, साम्प्रदायिक तनाव बढ़ाने तथा धार्मिक भावनाएँ भड़काने का आपराधिक कृत्य किया गया है। एंकर ने जिस तरह से अपने शो में कॉन्ग्रेस पार्टी का नाम मंदिर मामले से जोड़ा है, उससे जाहिर होता है कि वह राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार के खिलाफ आम लोगों में विद्रोह पैदा करना चाहते हैं। यह भ्रामक खबर है और राजस्थान सरकार के खिलाफ षड्यंत्र है। इसे चुनी हुई सरकार के खिलाफ राजद्रोह का अपराध माना जाए।”

FIR Copy

शिकायत के आधार पर पुलिस ने अमन चोपड़ा के खिलाफ 153 A, 295 A, 124 A IPC के अलावा IT एक्ट 2000 की धारा 67 के तहत केस दर्ज किया है। वहीं, बूँदी जिले में चरमेश शर्मा द्वारा दी गई तहरीर के आधार बूँदी सदर थाने में 153 A, 295, 295 A और 120B के तहत केस दर्ज किया गया है।

Bundi District FIR

ट्विटर पर ट्रेंड हुआ अमन चोपड़ा

अमन चोपड़ा के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद उनका नाम ट्विटर पर ट्रेंड हो रहा है। समाचार लिखे जाने तक 41 हजार से अधिक लोग इस ट्रेंड पर ट्वीट कर चुके हैं। दिल्ली भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने भी इस मामले में लिखा, “जब आतंक ना रोका जाए तो आतंक पर सवाल उठाने वालों को रोकने की साजिश। एक पत्रकार के खिलाफ ऐसा सुनियोजित हमला लोकतंत्र के हर सिद्धान्त के खिलाफ है। अमन चोपड़ा पर सवाल मत करो। अमन चोपड़ा के सवालों के जवाब दो।”

जिस J&K में 70 साल में हो पाया ₹17000 करोड़ का निवेश, वहाँ 2 साल में ₹38000 करोड़ पहुँचा आँकड़ा: PM मोदी

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद आज (24 अप्रैल 2022) पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू गए और वहाँ की जनता को लगभग 20 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं का तोहफा दिया। इस दौरान स्थानीयों ने भी उनका जोर-शोर से स्वागत किया और सांबा जिले के पल्ली गाँव में हो रही रैली हर-हर मोदी, घर-घर मोदी के नारों से गूँज उठी।

इस दौरान पीएम ने अमृतसर-कटरा एक्स्प्रेस-वे समेत 5 नए एक्सप्रेस-वे की आधारशिला रखी। साथ ही बनिहाल-काजीगुंड की दूरी डेढ़ घंटे कम में पूरी करने के लिए 8.45 किलोमीटर लंबी सुरंग भी जनता को समर्पित की। इस सुरंग का निर्माण 3100 करोड़ रुपए में हुआ है।

इसके अलावा पीएम ने बिजली उत्पादन को दोगुना करने की दिशा में 850 मेगावाट रतले पनबिजली परियोजना और 540 मेगावाट कवार पनबिजली परियोजना का भी शिलान्यास किया। जम्मू की जनता को पीएम मोदी ने 100 औषधि केंद्र समर्पित किए।

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर शुभकामनाएँ देते हुए पीएम ने आज के दिन को जम्मू-कश्मीर के विकास को गति देने के लिए बहुत बड़ा दिन बताया। उन्होंने कहा, “न ये भू-भाग मेरे लिए नया है, और न मैं आप लोगों के लिए नया हूँ। मैं यहाँ की बारिकियों से अनेक वर्षों से परिचित रहा हूँ। मेरे लिख खुशी की बात है कि आज यहाँ कनेक्टिविटी और बिजली से जुड़े 20,000 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है।”

उन्होंने बताया, “आज अनेक परिवारों को गाँवों में उनके घर के प्रॉपर्टी कार्ड भी मिले हैं। 100 जनऔषधि केंद्र जम्मू कश्मीर के गरीब और मिडिल क्लास को सस्ती दवाएँ, सस्ता सर्जिकल सामान देने का माध्यम बनेंगे।”

पंचायती राज दिवस इस बार जो जम्मू-कश्मीर से मनाया जा रहा है उसे भी पीएम ने बड़े बदलाव का प्रतीक बताया। उन्होंने 2-3 सालों में जम्मू-कश्मीर में जो बदलाव हुए उन्हें लेकर बात की। पीएम ने कहा कि केंद्र के करीब पौने 200 कानून जो यहाँ लागू नहीं होते थे। वो सब इन सालों में लागू किए गए ताकि नागरिक सशक्त बनें। बरसों तक जिन लोगों को यहाँ आरक्षण का लाभ नहीं मिला, उन्हें भी अब रिजर्वेशन का फायदा मिल पा रहा है।

पीएम ने कहा कि आने वाले 25 सालों में जम्मू-कश्मीर विकास की नई गाथा लिखेगा। पिछले 7 दशकों में यहाँ मात्र 17000 करोड़ रुपए का प्राइवेट निवेश हुआ था जबकि पिछले 2 सालों में ये आँकड़ा 38,000 करोड़ रुपए पहुँचा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के नौजवानों से वादा किया कि जिन मुसीबतों के साथ उनके बुजुर्गों ने जीवन जिया, उसके साथ उन्हें नहीं जीना पड़ेगा। पीएम ने स्थानीयों से संवाद स्थापित करने के लिए डोगरी भाषा के लोकसंगीत का उदाहरण दिया। साथ ही वह बोले कि अब बनिहाल-कांजीगुंड टनल से जम्मू और श्रीनगर की दूरी 2 घंटे कम हो गई है। ऊधमपुर-श्रीनगर-बारामुला को लिंक करने वाला आकर्षक आर्क ब्रिज भी जल्द देश को मिलने वाला है। दिल्ली -अमृतसर -कटरा हाइवे भी दिल्ली से माँ वैष्णो देवी के दरबार की दूरी को बहुत कम करने वाला है।

‘कट्टर’ मुस्लिम शिवसेना नेता का वायरल वीडियो देखिए, कह रहा- इंशाअल्लाह हनुमान चालीसा का पाठ नहीं होने देंगे

सोशल मीडिया पर शनिवार (23 अप्रैल 2022) से एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दाढ़ी और टोपी पहने शिवसेना का एक मुस्लिम नेता कह रहा है कि वह महाराष्ट्र के CM उद्धव ठाकरे ( Uddhav Thackeray) के आवास ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ नहीं करने देगा। 35 सेकंड के इस वीडियो में ​​शिवसेना नेता ने कहा, “हम यहाँ रवि राणा की पत्नी व सांसद नवनीत राणा द्वारा 500 लोगों के साथ मातोश्री के बाहर हनुमान का चालीसा पाठ करने के ऐलान के बाद एकत्रित हुए हैं। वो यहाँ 500 क्या 5000 लोगों के साथ भी आ जाएँ तो भी इंशा अल्लाह कुछ नहीं होने वाला है, क्योंकि यहाँ बालासाहेब ठाकरे के कट्टर शिवसैनिक मौजूद हैं।”

रवि राणा और नवनीत राणा गिरफ्तार

महाराष्ट्र के विधायक रवि राणा और उनकी सांसद पत्नी नवनीत राणा को शनिवार को गिरफ्तार ​कर लिया गया था। उन्होंने ऐलान किया था कि वे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। उनके ऐलान के बाद मातोश्री के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। सैकड़ों शिवसैनिकों ने अमरावती से सांसद नवनीत राणा के आवास के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया और उनके घर में घुसने की कोशिश की।

मुंबई पुलिस नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा को गिरफ्तार कर खार पुलिस स्टेशन ले गई थी। विधायक रवि राणा और सांसद नवनीत राणा के खिलाफ खार पुलिस स्टेशन में धारा 153 (A), 34, IPC r/w 37 (1) 135 बॉम्बे पुलिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद नवनीत राणा और रवि राणा ने मुंबई पुलिस को लिखित शिकायत देते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, शिवसेना नेता अनिल परब और संजय राउत सहित सभी 700 लोगों पर भी धारा 120 B, 143, 147, 148, 149, 452, 307, 153A, 294, 504, 506 के तहत मामला दर्ज़ किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी आवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ करने की घोषणा के बाद अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा (MP Navneet Rana) और उनके विधायक पति रवि राणा (MLA Ravi Rana) के घर पर शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने जमकर उपद्रव किया। नवनीत राणा और उनके पति ने कहा कि इस दौरान शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने उनके घर में घुसने की कोशिश की।

इस दौरान शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी भी उनके घर के बाहर हंगामे में शामिल रहीं। उन्होंने धमकी भरे अंदाज में कहा कि अगर वे घर से बाहर आते हैं तो कोल्हापुरी मिर्ची से उनका स्वागत किया जाएगा। सांसद नवनीत राणा ने यह भी कहा कि उन्हें रोकने के लिए सीएम उद्धव ठाकरे ने उनके घर गुंडे भेजे। शिवसेना तो खत्म होने की बात कहते हुए नवनीत राणा ने कहा कि असली शिव सैनिक तो बाला साहब के साथ चले गए हैं, अब गुंडों की शिवसेना रह गई है।

यही नहीं महाराष्ट्र में शनिवार को भाजपा नेता किरीट सोमैया (Maharashtra BJP Leader Kirit Somaiya) पर भी शिवसेना (Shiv Sena) के कार्यकर्ताओं ने हमला कर उन्हें हमला कर घायल कर दिया था। सोमैया सांसद नवनीत राणा और उनके पति विधायक रवि राणा से मुलाकात करने खार थाना गए थे, जहाँ उनकी कार पर पथराव किया गया

‘हमारे ग्रंथों में जल संरक्षण का संदेश’: PM मोदी ने ‘मालधार’ और ‘हलमा’ का दिया उदाहरण, कहा- म्यूजियम जाकर अपना इतिहास जानें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आज 24 अप्रैल 2022 (रविवार) को देशवासियों से मन की बात कर रहे हैं। इस दौरान आज़ादी के अमृत महोत्सव की चर्चा करते हुए उन्होंने इसे जन आंदोलन का रूप बताया। पीएम मोदी ने इतिहास को लेकर लोगों में बढ़ती दिलचस्पी की तरफ इशारा करते हुए युवाओं को म्यूजियम जाने के लिए प्रोत्साहित किया।

पानी बचाने पर जोर

मन की बात में पीएम मोदी ने जल संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमारे धर्मग्रंथ और पूर्वजों ने भी हमें पानी बचाने का संदेश दिया है। कई संस्कृतियाँ और जनजातियाँ भी जल संरक्षण का काम करती आई हैं।” इस दौरान उन्होंने हड़प्पा सभ्यता के साथ मालधार और हलमा जनजाति के जल संरक्षण में योगदान को भी बताया।

कैशलेश लेनदेन को बढ़ावा

पीएम मोदी ने लोगों से कैशलेश लेनदेन और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि UPI और अन्य डिजिटल भुगतान प्रक्रिया से गाँव से शहर तक लोगों को सहूलियत हो रही है। इसी के साथ उन्होंने इसे सुरक्षित और सुविधाजनक बताते हुए फुटकर आदि के झंझट से मुक्त बताया। इस दौरान उन्होंने दिल्ली की 2 लड़कियों का भी जिक्र किया, जिन्होंने पूरे दिन नकद भुगतान न करने का संकल्प लिया था।

दिव्यांगों पर विशेष ध्यान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगों को प्रतिभावान बताया। मोदी ने दिव्यांगों की प्रतिभा को दुनिया के सामने लाने और उसे देश के विकास में प्रयोग करने की जरूरत बताई। इसके लिए उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही कई योजनाओं का भी जिक्र किया। इस काम में भी पीएम मोदी ने डिजिटल टेक्नोलॉजी को सहायक बताया है।

गणित में भारत वैदिक काल से अब तक के योगदान को गिनाया

पीएम मोदी ने गणित के क्षेत्र में भारत के वैदिक काल से अब तक के योगदान को बताया। इस दौरान उन्होंने आर्यभट्ट और भारती कृष्ण तीर्थ की चर्चा करते हुए वैदिक सूत्रों को आधुनिक गणित और विज्ञान का आधार बताया।

म्यूजिम जाकर इतिहास से जुड़ने की अपील

पीएम मोदी ने देशवासियों से म्यूजियम जाकर वहाँ अपने इतिहास से जुड़ने की अपील की। उनके मुताबिक, बहुत लोग अभी अपने इतिहास और उपलब्धियों के कई पहलुओं से परिचित नहीं हैं। इस दौरान उन्होंने रेल और पतंग म्यूजियम की भी चर्चा की। इसी के साथ मोदी ने आने वाले 18 मई को विश्व म्यूजियम दिवस के बारे में बताया।

‘कायर है भारतीय सेना’ बोलने वाले मुस्लिम समर्थक को AAP विधायक ने कहा तालिबानी, इस्लामवादियों से अब खा रहे गाली

आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश बाल्यान (Aam Aadmi Party MLA Naresh Balyan) की टाइमलाइन पर इस्लामवादियों और आतंकवाद समर्थकों ने ट्रोल किया है। बाल्यान ने भारतीय सेना को ‘कायर’ कहने वाले ‘आप’ समर्थक ब्लॉग ‘जनता का रिपोर्टर’ के संपादक रिफत जावेद को ‘तालिबानी’ कह दिया। इसके बाद से उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

शनिवार (23 अप्रैल 2022) की शाम को जावेद ने ट्वीट किया था, “भारतीय सेना: धर्मनिरपेक्षता पर एक ट्वीट का बचाव नहीं कर सकती और आप उम्मीद करते हैं कि ये कायर देश की रक्षा करेंगे।” विवाद के बाद जावेद ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया। हालाँकि, उनके विवादित ट्वीट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

रिफत जावेद द्वारा किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट

भारतीय सेना के बारे में उनकी टिप्पणी से दिल्ली के उत्तम नगर से आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश बाल्यान नाराज हो गए और उन्होंने ब्लॉगर को ‘आतंकी’ और ‘तालिबानी’ बता दिया। इसको लेकर बाल्यान ने कई ट्वीट किए, जिनमें उन्होंने रिफत जावेद को खूब लताड़ा। एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, “देखो इस तालिबानी को, भारतीय फौज को Coward बोल रहा है। देश छोड़ के अफगानिस्तान क्यों नहीं चले जाते तालिबानी? इस पर तो मुकदमा होना चाहिए।”

आप विधायक ने आगे कहा, “किसी PR कंपनी ने ट्वीट डिलीट किया तो इस तालिबानी ने पूरे भारतीय फौज को Coward बोल गाली दिया। इसमें और लश्कर में क्या फर्क है? ये भी विदेश में बैठा Indian Army को डरपोक बोल रहा है और लश्कर वाले भी। खैर Indian Army अच्छे से इलाज करना जानती है ऐसे आतंकियों का। बहुतों का किया है।”

नरेश बाल्यान द्वारा किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट

नरेश बाल्यान ने जोर दिया कि रिफत जावेद का ट्वीट सिर्फ भारतीय सेना पर नहीं, बल्कि मेजर बतरा जैसे सैनिकों पर भी था, जिन्होंने देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने ट्वीट किया, “ये खुलकर दी गई हुई गाली सिर्फ भारतीय फौजों के लिए नहीं है, बल्कि ये गाली मेजर बतरा, मेजर मोहित शर्मा जैसे कफन में लिपटे हजारों शहीदों और उनके घरवालों को है। देश के 137 करोड़ नागरिकों को है। विदेश में बैठे ऐसे ही तालिबानी एजेंडा चलाने वाले सेना को गाली दे लेते हैं।”

आप विधायक ने मेजर उस्मान की एक तस्वीर भी ट्वीट की और ‘शहीद’ बताया। कहा, “कोई इस देश विरोधी सोच को बताए कि ब्रिगेडियर उस्मान डरपोक नहीं था, जिसने कश्मीर बचाने के लिए अपनी शहादत दी थी। आजकल कोई भी ऐरा-गैरा आकर इन्हें डरपोक बोल रहा है। भयानक गाली है ये आर्मी।”

एक अन्य ट्वीट में बाल्यान ने लिखा, “(रिफत) अब ट्वीट डिलीट कर भाग गया। Coward कौन? तुम या भारतीय फौज? अगली बार भारतीय फौज को coward कहने से पहले हजार बार सोचना। ऐसे लोग भाजपा से पैसे खाकर देश के करोड़ों लोगों की भावना को भड़काकर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाते हैं।” इसके बाद उन्होंने आप समर्थक ब्लॉगर पर भाजपा के पेरोल पर होने का आरोप लगाया।

रिफत पर कमेंट के बाद इस्लामवादी भड़के

इसके बाद इस्लामवादी नरेश बाल्यान को ट्विटर पर घेरने लगे और भारतीय सेना का बचाव करने और ब्लॉगर रिफत को तालिबानी सोच वाला कहने को लेकर उन्हें गाली देने लगे। एक इस्लामवादी ने लिखा, “अब आम आदमी पार्टी। बाल्यान जैसे संघियों से भरी हुई। आप मुस्लिमों को क्यों बदनाम कर रहे हैं? भारतीय सेना को जवाब देना चाहिए कि वह अपने मुस्लिम सैनिकों के साथ क्यों नहीं खड़ी है। अफगानिस्तान क्यों जाएँ रिफत जावेद! आपसे आपका विधायक का दर्जा छीन लिया जाना चाहिए।”

एक अन्य इस्लामवादी ने लिखा, “जब कट्टरता दिखाने की बात आती है तो AAP भाजपा का बाप बन जाती है। नरेश बाल्यान आम आदमी पार्टी में आरएसएस के सांप हैं।”

‘पत्रकार’ आदित्य मेनन ने ट्वीट किया था, “इन बेशर्म लोगों को मुस्लिमों को तालिबानी, बांग्लादेशी या रोहिंग्या बताने में 2 मिनट नहीं लगेंगे।” मेनन ने इस्लाम धर्म अपना लिया है।

बॉलीवुड के पटकथा लेखक हुसैन हैदरी ने टिप्पणी की, “अगली बार दिल्ली में कॉन्ग्रेस को वोट दें। तब तक ‘आप’ पंजाब और शायद गुजरात तक पहुँच जाएगी। शुरुआत में उसे दिल्ली से उखाड़ फेंकने से कम-से-कम आधुनिक और भाजपा पॉलिश संस्करण के भारत में पैदा होने और उसे बढ़ने से रोकने में मदद मिलेगी।”

भारतीय सेना को कायर कहने वाला रिफत जावेद का ट्वीट जम्मू में रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) द्वारा कथित तौर पर इफ्तार मनाने वाले भारतीय सेना के जवानों के ट्वीट को हटाने के बाद आया।

क्रिकेटर रिद्धिमान साहा को पत्रकार बोरिया मजूमदार ने धमकाया था, BCCI का एक्शन: स्टेडियम-खिलाड़ी तक जाने पर रोक, 2 साल का लगेगा प्रतिबंध

भारतीय टेस्ट टीम के सीनियर विकेटकीपर रिद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) को धमकाने के मामले में मशहूर पत्रकार बोरिया मजूमदार (Boria Majumdar) पर बीसीसीआई दो साल का प्रतिबंध लगा सकती है। प्रतिबंध लगने के बाद मजूमदार देश के किसी भी क्रिकेट स्टेडियम में नहीं जा पाएँगे।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई की तीन सदस्यीय समिति ने बोरिया मजूमदार को भारतीय विकेटकीपर रिद्धिमान साहा को धमकाने का दोषी पाया है। इस मामले में मजूमदार ने शनिवार (23 अप्रैल 2022) को फोन कॉल और किसी भी टेक्स्ट मैसेज का कोई जवाब नहीं दिया।

बीसीसीआई के एक शीर्ष अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर द संडे एक्सप्रेस को बताया:

“हम भारतीय क्रिकेट बोर्ड की सभी राज्य इकाइयों को उन्हें स्टेडियम के अंदर जाने से रोकने के लिए सूचित करेंगे। बोरिया मजूमदार को घरेलू मैच कवर करने की भी अनुमति नहीं होगी। खिलाड़ियों को उनसे दूर रहने के लिए कहा जाएगा। इसके अलावा हम आईसीसी से मजूमदार को ब्लैकलिस्ट करने की अपील करेंगे।”

बोरिया मजूमदार (Boria Majumdar) और ऋद्धिमान साहा का यह मामला इस साल 19 फरवरी को सामने आया था। उस समय रिद्धिमान साहा ने एक पत्रकार पर इंटरव्यू के लिए धमकी देने का आरोप लगाया था। साहा ने हालाँकि तब पत्रकार का नाम उजागर नहीं किया था।

इस पूरे मामले पर वीरेंद्र सहवाग और वेंकटेश प्रसाद जैसे पूर्व खिलाडियों ने रिद्धिमान साहा से धमकी देने वाले पत्रकार का नाम सार्वजनिक करने की माँग की थी। इसके बाद बोरिया मजूमदार ने 8 मिनट 36 सेकेंड का एक वीडियो पोस्ट कर के रिद्धिमान साहा के आरोपों पर सफाई दी थी। साथ ही उन्होंने साहा द्वारा दिखाई गई चैट स्क्रीनशॉट्स को एडिटेड बताया था।

अपने वीडियो में बोरिया मजूमदार ने कहा था, “रिद्धिमान साहा ने चैट के कुछ हिस्सों को ब्लर (धुंधला) कर दिया है। उन्होंने ही मुझसे इंटरव्यू के लिए कहा था। वो चैट की तारीख को छिपाना चाह रहे हैं। वो जनता को गुमराह भी कर रहे हैं। मैं BCCI से इस मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग करता हूँ। मेरे वकील साहा को मानहानि का नोटिस भी भेज रहे हैं।”

मामले के तूल पकड़ने के बाद BCCI ने इसकी जाँच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। इसमें उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, कोषाध्यक्ष अरुण धूमल और शीर्ष परिषद के सदस्य प्रभतेज भाटिया शामिल थे। 37 वर्षीय साहा और पत्रकार मजमूदार समिति के सामने पेश हुए थे। इस दौरान साहा ने आरोप लगाया था कि मजमूदार ने इंटरव्यू नहीं देने पर उन्हें धमकाया था।

प्रियंका गाँधी से 2 करोड़ रुपए में खरीदो पेंटिंग… कॉन्ग्रेसी नेताओं ने यस बैंक वाले राणा कपूर को ऐसे दी थी धमकी और लालच

यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर (Rana Kapoor) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED: Enforcement Directorate, ईडी) के सामने बड़ा खुलासा किया है। राणा कपूर ने ईडी को बताया है कि उन्हें कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा से एमएफ हुसैन (MF Husain) की एक पेंटिंग खरीदने के लिए मजबूर किया गया था।

राणा कपूर ने यह भी बताया कि पेंटिंग बेच कर मिले पैसों का इस्तेमाल गाँधी परिवार ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के न्यूयॉर्क में इलाज के लिए किया था। मुबंई की एक विशेष अदालत में ED द्वारा दायर आरोप पत्र में यह बात सामने आई है।

कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी ने ‘यस बैंक’ के संस्थापक राणा कपूर को जो पेंटिंग बेची थी, उस पूरी प्रक्रिया में पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा ने बिचौलिए की भूमिका निभाई थी। इस बात का खुलासा भी खुद उन्होंने ही किया है।

राणा कपूर ने ईडी को यह भी बताया कि उन्हें पूर्व पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने कहा था कि एमएफ हुसैन की पेंटिंग खरीदने से इनकार करने पर गाँधी परिवार के साथ उनके संबंधों में खटास आ सकती है। संबंधों के अलावा एक धमकी ‘सम्मान’ की भी दी गई थी। इनकार करने पर ‘पद्म भूषण पुरस्कार नहीं मिलेगा’ – राणा कपूर को यह भी कहा गया था।

यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर ने पेंटिंग के लिए 2 करोड़ रुपए के चेक का भुगतान किया था। कपूर ने बताया कि मिलिंद देवड़ा ने बाद में उन्हें बताया था कि पेंटिंग से मिले पैसों का इस्तेमाल गाँधी परिवार ने न्यूयॉर्क में सोनिया गाँधी के इलाज के लिए किया था।

राणा कपूर ने ईडी को यह भी बताया कि सोनिया गाँधी के करीबी अहमद पटेल ने उनसे कहा था कि सोनिया के इलाज के लिए सही समय पर गाँधी परिवार की मदद करके अच्छा काम किया है। इसलिए ‘पद्म भूषण’ पुरस्कार के लिए मेरे नाम पर विचार किया जाएगा।

बता दें कि साल 2020 में ‘ऑपइंडिया’ को विश्वस्त सूत्रों ने बताया था कि मिलिंद देवड़ा और राणा कपूर के बीच इस पेंटिंग की बिक्री को लेकर तेज़त के माध्यम से बातचीत भी हुई थी। मिलिंद अपने ब्लैकबेरी के फोन से राणा से बात किया करते थे। यहाँ वो राणा कपूर को ‘अंकल’ कह कर सम्बोधित करते हैं। ऑपइंडिया के सूत्रों की मानें तो मिलिंद देवड़ा ने मई 29, 2010 को राणा कपूर को भेजे मैसेज में लिखा था:

“राणा अंकल, मई 28, 2010 को मुझे आपका पत्र मिला और मैंने उसे प्रियंका गाँधी को भेज दिया है। हालाँकि, अभी तो उनके या उनके परिवार के साथ अपनी मुलाक़ात नहीं हो सकेगी लेकिन कुछ दिनों बाद मैं इसके लिए पूरा प्रबंध करा दूँगा। पेंटिंग के पेमेंट चेक के रूप में प्रियंका और सोनिया अगले ही सप्ताह चाहती हैं। मेरे पिता को भी इस बारे में बताया गया है और उन्होंने भी आपसे संपर्क करने की असफल कोशिश की थी। दुर्भाग्य से चीजें काफ़ी देरी से हो रही हैं। आप इस मैसेज का रिप्लाई करें और बताएँ कि आप कब तक चेक दे रहे हैं। मुझे मेरे पिता को इस बारे में तुरंत बताना है। आप मैसेज देख रहे हैं तो जल्द रिप्लाई करें।”

प्रवर्तन निदेशालय ने अपने दूसरे पूरक आरोप पत्र में यह भी कहा है कि वह यस बैंक के साथ पूर्व-डीएचएफएल से जुड़े 5050 करोड़ रुपए के अवैध लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जाँच भी कर रही है। इस मामले में यस बैंक के सह-संस्थापक, उनका परिवार, दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) के प्रमोटर कपिल और धीरज वधावन के प्रमोटर भी सह-आरोपित हैं।

गौरतलब है कि ईडी ने दो साल पहले मुंबई की अदालत को बताया था कि ‘यस बैंक’ ने डीएचएफएल के 3700 करोड़ रुपए के मूल्य से भी अधिक के डिबेंचर ख़रीदे थे। डीबीएचएल ने डोलीट अर्बन वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड को 600 करोड़ का लोन दिया था। दिलचस्प यह कि इस कम्पनी में राणा कपूर की बेटियाँ बतौर डायरेक्टर कार्यरत थीं।

यस बैंक ने बिना पर्याप्त कोलैटरल के उक्त लोन दे दिया था और नियमों की अनदेखी की गई थी। दोनों कंपनियों के करार में 4300 करोड़ रुपए की गड़बड़ी सामने आई थी। इसके बाद कोर्ट ने राणा कपूर को ईडी की कस्टडी में भेज दिया था। इसके अलावा कपूर परिवार के पास ED को 44 महँगी पेंटिंग्स मिली थी। इनमें से कई राजनेताओं से ख़रीदी गई थी।

PM मोदी के दौरे से पहले जम्मू-कश्मीर में विस्फोट: सभा स्थल से सिर्फ 12 किलोमीटर दूर की घटना, सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) दौरा से पहले सांबा जिले में रविवार (24 अप्रैल 2022) की सुबह एक खेत में एक बड़ा विस्फोट हुआ। यह विस्फोट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित जनसभा स्थल से सिर्फ 12 किलोमीटर की दूरी पर बताई जा रही है। घटना के बाद मौके पर पुलिस पहुँची और इलाके का गहनता से जाँच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, यह विस्फोट जिले के बिश्नाह के ललायल इलाके में स्थित एक खेत में हुआ है। विस्फोट के कारण खेत में बड़ा-सा गड्ढा हो गया है। बिजली को शक है कि यह विस्फोट और गड्ढा बिजली गिरने के कारण भी हो सकती है। स्थिति को देखते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और जनसभा स्थल पर सुरक्षा-व्यवस्था को और कड़ी कर दी गई है। 

राज्य से अनुच्छेद 370 हटने के बाद प्रधानमंत्री मोदी की जम्मू-कश्मीर में यह पहली बार जनसभा होगी। इस दौरान पीएम मोदी 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा, करीब 38 हजार करोड़ रुपए की अन्य विकास परियोजनाओं में निवेश की भी घोषणा करेंगे।

इस दौरान राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पीएम मोदी पंचायत प्रतिनिधियों को संदेश देंगे। सभा स्थल पर 30 हजार से अधिक पंचायत सदस्यों के साथ करीब एक लाख लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।