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इस्लाम अपनाएगा युगांडा का ये गायक, रखना चाहता है चार बीवियाँ: कहा – सब मिल-जुल कर रहती हैं, काश दूसरे मजहबों में भी ऐसा होता

युगांडा के जाने-माने गायक वाीक्लिप तुगुमे उर्फ यकी बेंडा (Wycliffe Tugume alias Ykee Benda) ने हाल ही में धर्म परिवर्तन को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने हाल ही में इस्लाम धर्म में परिवर्तित होने की इच्छा जाहिर की है। हालाँकि, इसके पीछे की जो वजह उन्होंने बताई है, वह काफी अजीबो-गरीब और हैरान कर देने वाली है।

जानकारी के मुताबिक, वह इस्लाम धर्म में इसलिए परिवर्तित होना चाहते हैं, ताकि वह एक से ज्यादा बीवियाँ रख सकें। सोमवार (2 मई, 2022) को ईद के मौके पर उन्होंने मुस्लिमों को खाना खिलाते समय स्थानीय मीडिया से बात करते हुए अपनी बातें रखीं। इस दौरान यकी ने खुलासा किया कि उन्हें इस्लाम मजहब इसलिए पसंद है क्योंकि इसमें कई सारी चीजें ‘खास’ हैं जैसे कि आप चार महिलाओं से भी शादियाँ कर सकते हैं।

यकी कहते हैं कि उन्हें यह देखकर काफी अच्छा लगता है कि कैसे इस्लामिक शादियों में सभी बीवियाँ बिना किसी लड़ाई-झगड़े के एक साथ मिल-जुलकर रहती हैं। ऐसा शायद ही किसी मजहब में होता होगा। उल्लेखनीय है कि यकी का एक बच्चा है और महिलाओं के साथ उनका रिश्ता बनता-बिगड़ता रहता है। बताया जा रहा है कि यही कारण है कि यकी इस्लाम में परिवर्तित होने पर विचार कर रहे हैं।

हालाँकि पिछले दिनों उन्होंने किसी खास के साथ अपने रिश्ते होने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि पिछले दो सालों में किसी के साथ उनका बेहद खूबसूरत रिश्ता हो गया है। मगर उन्होंने उसका नाम या फोटो शेयर करने से मना कर दिया। बार-बार दिल टूटने के बाद भी यकी ने महिलाओं के साथ रिश्ता बनाना नहीं छोड़ा। उन्होंने एक मीडिया से बात करते हुए कहा था, “मेरे पास कोई है जिसके लिए मैं अपने घर वापस जाता हूँ। वो मेरे जीवन का एक खास शख्स है। हमारे बीच लगभग दो साल तक स्थिर संबंध रहे हैं, लेकिन मैं बस यही चाहता हूँ कि यह निचले स्तर पर रहे।”

यकी बेंडा युगांडा के पुरुष कलाकार हैं। वह पॉप, डांस हॉल सहित कई शैलियों में गाते हैं। वह अपने सिंगल बुडुंबु, एडेंसहॉल गीत के लिए सबसे अधिक जाने जाते हैं। इसे युगांडा के लोगों ने काफी पसंद किया है। बता दें कि इससे पहले जियोस्टेडी और विसेंट सेगावा जैसे कलाकारों ने अपना धर्म त्याग कर इस्लाम कबूल किया था।

नाइटक्लब में राहुल गाँधी के वायरल वीडियो के बचाव में उतरी कॉन्ग्रेस: चौधरी ने कहा- PM मोदी के विमान में स्वीमिंग पूल, तैरकर जाते हैं विदेश

नेपाल (Nepal) के नाइट क्लब में पार्टी करते हुए वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों के निशाने आए कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Congress Ex President Rahul Gandhi) के बचाव में उनकी पार्टी उतर गई है। भाजपा के सवालों से परेशान कॉन्ग्रेस ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर के विमान पर सवाल उठा दिया है। कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्लेन में स्वीमिंग पूल है और वे उसमें नहाते हुए विदेश जाते हैं।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चौधरी ने कहा, “पीएम मोदी 13,000 करोड़ रुपये खर्च करके दो विमान खरीदे हैं। वो अपने दो विमानों से विदेश की यात्रा करते हैं। उस हवाई जहाज में स्वीमिंग पूल भी है, जिसमें वे तैरकर कभी बर्लिन जाते हैं, कभी डेनमार्क तो कभी फ्रांस। वहाँ जाकर वो भाषण देते हैं।”

राहुल गाँधी का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि नेपाल कोई दूसरा देश नहीं है, जहाँ जाने पर पाबंदी है। वह पड़ोसी देश है और वहाँ वे अपने दोस्त की शादी में शामिल होने के लिए गए थे और अपनी जेब से रुपए खर्च करके गए थे। बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले को जिस तरह से मुद्दा बनाया जा रहा है, उससे पता चलता है कि बीजेपी राहुल गाँधी से डरती है।

उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी के किसी भी सवाल का भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास जवाब नहीं है। यही कारण है कि पीएम मोदी ने राहुल गाँधी के किसी सवाल का अभी तक जवाब नहीं दिया है।

क्या है मामला

बीते दिनों नेपाल के जाने-माने अखबार द काठमांडू पोस्ट (The Kathmandu Post) ने दावा था कि कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) इस समय नेपाल की राजधानी काठमांडू में हैं। वे अपनी दोस्त सुमनिमा उदास (Sumnima Udas) की शादी में शामिल होने को आए हैं। साथ ही कॉन्ग्रेस नेता का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वे नाइटक्लब में एक महिला के साथ कनफूसकी करते दिख रहे हैं। नेटिजन्स का दावा है कि यह महिला नेपाल में चीन की राजदूत होउ यांकी (Hou Yanqi) है।

वीडियो वायरल होने के बाद इस पर तंज कसते हुए भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा था, “राहुल गाँधी क्या कर रहे हैं, यह उनका निजी मामला है। लेकिन, जब राजस्थान के जोधपुर में हिंसा हो रही है, राजस्थान जल रहा है, तब इस पर चिंता व्यक्त करने के बजाय राहुल गाँधी नेपाल के नाइटक्लब में पार्टी करते नजर आ रहे हैं।”

शैव मठ की सैकड़ों साल पुरानी शोभायात्रा पर स्टालिन सरकार ने लगाई रोक, श्रद्धालुओं ने बताया धार्मिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप

तमिलनाडु के मदुरै में एक बड़ा विवाद छिड़ गया है जब मयिलादुथुराई कलेक्ट्रेट ने ‘पट्टिना प्रवेशम’ के पारंपरिक अनुष्ठान को आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, भक्तों की परंपरा धर्मपुरम अधीनम के द्रष्टा को पालकी में बिठाकर कन्धों पर ले जाने की परंपरा है। दरअसल, शैव मठ के महंत को पालकी में बिठाकर कंधों पर ले जाने की परंपरा पर मयिलादुथुराई कलक्ट्रेट ने मानवाधिकारों का हवाला देकर रोक लगा दी है।

वहीं इसके खिलाफ मठ के पदाधिकारी और अनुयायियों ने मोर्चा खोल दिया है और आदेश को दरकिनार करके पट्टिना प्रवेशम यात्रा निकालने का ऐलान कर दिया है। इस बार 22 मई, 2022 को यह यात्रा निकलनी है।

तमिलनाडु बीजेपी के स्टेट प्रेसिडेंट के.अन्नामलाई ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए ट्वीट किया, “धर्मपुरा पर अधीनम की सदियों पुरानी ‘पट्टिना प्रवेशम’ पर प्रतिबंध तमिलनाडु की सभ्यता और संस्कृति का अपमान है। मैं व्यक्तिगत रूप से अपने कंधों पर पालकी उठाने के लिए उपस्थित रहूँगा। हम अधिनम से अनुरोध करेंगे कि इस अवैध आदेश को उलट कर हमें कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी जाए।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मयिलादुथुराई के राजस्व मंडल अधिकारी जे बालाजी ने प्रतिबंध आदेश जारी किया था और यह भी दावा किया था कि यह प्रथा “मानवाधिकारों का उल्लंघन” है। वहीं अनुवाईयों का कहना है कि 500 साल पुरानी परंपरा को इस तरह बैन करने का अधिकार किसी अधिकारी के पास नहीं है। यहाँ तक कि अंग्रेजों के जमाने में और आजादी के बाद भी किसी मुख्यमंत्री ने इस पर रोक नहीं लगाई थी। यह धार्मिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप है। वहीं अब इस मामले में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से दखल देने की माँग की गई है।

बता दें कि मदुरै अधीनम को दक्षिण भारत में शैवों का सबसे प्राचीन मठ माना जाता है। ये मठ तमिलनाडु के मदुरै में मीनाक्षी अम्मन मंदिर के पास स्थित है, जो देश के सबसे महत्वपूर्ण शिवशक्ति मंदिरों में से एक है। इस मठ में पट्टिना प्रवेशम नाम से एक परंपरा है। इसमें धरमापुरम अधीनम के महंत को पालकी में बिठाकर लोग कंधों पर शोभायात्रा के रूप में ले जाते हैं।

मदुरै अधीनम के श्री हरिहर श्री ज्ञानसंबंदा देसिका स्वामीगल के 293वें महंत ने कहा कि धरमापुरम अधीनम का शैव सम्प्रदाय के लोगों के लिए वही महत्व है जो कैथोलिक ईसाइयों के लिए वेटिकन सिटी का है। मदुरै अधीनम ने कहा कि महंत को पालकी में ले जाना लोगों का अपने गुरु के प्रति सम्मान का प्रतीक है। वे स्वेच्छा से गुरु को अपने कंधों पर लेकर चलते हैं। तमिलनाडु सरकार को इस प्राचीन शैव मठ की परंपरा का सम्मान करना चाहिए, ना कि विरोध करते हुए प्रतिबन्ध लगाना चाहिए।

मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा है कि द्रविड़ कड़गम के नेता और वामपंथी इस प्रथा का ये कहकर विरोध कर रहे हैं कि ये मानवाधिकारों के खिलाफ है। द्रविड़ कड़गम के मयिलादुथुराई जिला सचिव के थलपतिराज का कहना है कि इंसानों द्वारा किसी इंसान को पालकी में ले जाना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। उनके विरोध और उसकी वजह से कानून व्यवस्था की स्थिति का हवाला देकर मयिलादुथुराई जिले के रेवेन्यू ऑफिसर ने 27 अप्रैल को आदेश जारी करके महंत को पालकी में ले जाने पर रोक लगा दी है। हालाँकि, कार्यक्रम के आयोजन पर पाबंदी नहीं लगाई गई है।

रिद्धिमान साहा को धमकाने वाले पत्रकार बोरिया मजूमदार पर BCCI ने लगाया बैन: प्रेस मेम्बरशिप भी गई, नहीं ले सकेंगे कोई इंटरव्यू

भारतीय क्रिकेटर रिद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) को धमकाने के मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट बोरिया मजूमदार (Boria Majumdar) को दो साल के लिए बैन कर दिया है। इस बैन के बाद से अब मजूमदार की प्रेस सदस्य के तौर पर मान्यता को खत्म कर दिया गया है। अब से वो भारत में रजिस्टर्ड किसी भी खिलाड़ी का इंटरव्यू नहीं ले सकेंगे।

यहीं नहीं, अब बोरिया मजूमदार की बीसीसीआई के किसी भी सदस्य के स्वामित्व वाली एसोसिएशन के क्रिकेट सुविधाओं तक पहुँच को भी खत्म कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि ये मामला फरवरी 2022 का है। जब भारत और श्रीलंका की टीम के बीच सीरीज के लिए ऐलान किया गया था। इसमें साहा को शामिल नहीं किया गया था। इसके कुछ दिनों बाद 19 फरवरी को रिद्धिमान साहा ने ट्विटर पर व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट शेयर कर एक पत्रकार पर उन्हें धमकाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें एक जर्नलिस्ट ने इंटरव्यू के लिए धमकी दी थी।

साहा ने लिखा था, “भारतीय क्रिकेट के लिए मेरे तमाम योगदानों के बाद एक तथाकथित सम्मानित पत्रकार से मुझे इन चीजों का सामना करना पड़ रहा। जर्नलिज़्म समाप्त है।” हालाँकि, उस वक्त तक साहा ने उस पत्रकार का नाम नहीं लिया था। इसके बाद वीरेंद्र सहवाग और वेंकटेश प्रसाद जैसे पूर्व खिलाड़ियों ने रिद्धिमान साहा से धमकी देने वाले पत्रकार का नाम सार्वजनिक करने के लिए उनकी हौसला-अफजाई की।

बाद में बोरिया मजूमदार ने 8 मिनट 36 सेकेंड का एक वीडियो पोस्ट कर के रिद्धिमान साहा के आरोपों पर सफाई दी थी। इस मसले की जाँच के लिए बीसीसीआई ने उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, कोषाध्यक्ष अरुण सिंह धूमल और एपेक्स काउंसिल के सदस्य प्रभतेज सिंह भाटिया समेत तीन सदस्यीय कमेटी गठित की।

इस कमेटी ने 24 अप्रैल, 2022 को बोरिया मजूमदार को रिद्धिमान साहा को धमकाने का दोषी पाया। इसके बाद अब बीसीसीआई ने दोषी पत्रकार के खिलाफ ये एक्शन लिया है।

इस्लामी टोपी में कहो ईद मुबारक, वरना नंबर कटेंगे: प्रिंसिपल बुशरा मुस्तफा का ऑर्डर, विरोध पर बोली- अपने बच्चों को स्कूल से हटा लें

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक CBSE स्कूल में छोटे-छोटे बच्चों को ईद के मौके पर इस्लामी पोशाक पहन कर वीडियो बनाने को कहा गया। झूँसी के न्याय नगर पब्लिक स्कूल में ये आदेश स्कूल प्रिंसिपल बुशरा मुस्तफा द्वारा जारी करवाया गया। उन्होंने  नर्सरी और यूकेजी के छात्रों को एक्टिविटी के नाम पर 20 सेकेंड वीडियो बना कर सबको ईद मुबारक कहने को कहा। आदेश में ये भी साफ कहा गया कि ईद मुबारक कहते हुए लड़कों को सलवार कुर्ते  के साथ ईद वाली टोपी पहननी और लड़कियों को सलवार कुर्ते के साथ दुपट्टा लेना अनिवार्य है। एक्टिविटी के नंबर वार्षिक परीक्षा में भी जोड़े जाएँगे।

स्कूल द्वारा छात्रों को दी गई एक्टिविटी

अब आदेशानुसार ये एक्टिविटी 2 मई के लिए निर्धारित की गई थी। लेकिन अभिभावकों को जब इसकी खबर हुई तो उन्होंने इस पर आपत्ति जताई। दूसरी ओर हिंदू संगठनों को इसका पता चला तो स्कूल और स्कूल की प्रिंसिपल का विरोध शुरू हो गया। विश्व हिंदू परिषद, हिंदू जनजागृति समिति जैसे संगठनों ने मामले के संबंध में शिकायत दी। इसे धार्मिक स्वतंत्रता का हनन बताया। संगठनों ने कहा कि इस तरह के निर्देश देना कि अगर को विद्यार्थी इस एक्टिविटी का हिस्सा नहीं बनता तो उसके फाइनल एग्जाम में नंबर नहीं मिलेंगे, एक तरह का मानसिक धर्मांतरण है।

विश्व हिंदू परिषद द्वारा इस मामले में स्कूल प्रिंसिपल बुशरा मुस्तफा के खिलाफ प्रयागराज के कीडगंड थाने में आईपीसी की धारा 295-ए, 153-ए और 67 के तहत एफआईआर हुई है। आरोप है कि स्कूल प्रिंसिपल ने सांप्रदायिक सोच का होने के चलते अपने पद का दुरुपयोग किया और सोची समझी साजिश के तहत हिंदुओं की धार्मिक भावनाएँ आहत करने का काम, शिक्षा संस्थानों का माहौल खराब करने का काम, बच्चों के बीच धार्मिक भेदभाव पैदा करने का काम और छोटे बच्चों के मन में साम्प्रदायिकता का जहर घोलने का काम किया। शिकायत में ये भी कहा गया कि 3 मई को ईद के अलावा परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया थी लेकिन इससे जुड़ी कोई एक्टिविटी बच्चों को नहीं दी गई।

बता दें कि इस एक्टिविटी के कारण शुरू हुए विवाद पर बुशरा मुस्तफा का बयान आया है। उन्होंने हिंदू त्योहारों पर कराई जाने वाली एक्टिविटीज का हवाला देकर कहा कि जैसे दशहरा, दीवाली, 15 अगस्त, 26 अगस्त पर गतिविधियाँ होती हैं। वैसे ही ईद पर भी बच्चों को करने को कहा गया। ये अनिवार्य नहीं है। जो अभिभावक इससे सहमत नहीं हैं वो अपने बच्चे को विद्यालय से हटा सकते हैं। ये गतिविधियाँ छात्रों में आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए कराई जाती हैं।

कॉन्ग्रेस नेताओं ने ही पी चिदंबरम को दिखाए काले झंडे, बताया ममता सरकार का ‘दलाल’: अपनी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ लड़ रहे केस

देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कॉन्ग्रेस में आंतरिक गुटबाजी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। अब कॉन्ग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील पी चिदंबरम (P. Chidambaram) को कोलकाता हाई कोर्ट (Kolkata High Court) के बाहर बुधवार (4 मई 2022) को कॉन्ग्रेस के वकीलों के विरोध का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चिदंबरम कोलकाता हाई कोर्ट में एक कानूनी मामले के संबंध में पहुँचे हुए थे। कोर्ट रूम के बाहर उनके खिलाफ नारे लगाए गए और उन्हें काले कपड़े भी दिखाए गए।

इस दौरान कॉन्ग्रेस के वकीलों ने उन्हें ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस का हमदर्द बताया। साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल में पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए भी चिदंबरम को ही जिम्मेदार ठहराया। काफी देर तक कॉन्ग्रेस के वकील उनके खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इस दौरान चिदंबरम अपने सुरक्षाकर्मियों की मदद से कार में बैठे और वहाँ से निकल गए। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें ‘ममता बनर्जी सरकार का दलाल’ बताते हुए नारेबाजी की।

बताया जा रहा है कि चिदंबरम पश्चिम बंगाल प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chowdhury) के खिलाफ मेट्रो डेयरी मामले में पश्चिम बंगाल सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए अदालत पहुँचे थे।

बता दें कि बंगाल कॉन्ग्रेस प्रमुख अधीर रंजन चौधरी ने एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने बंगाल सरकार पर मेट्रो डेयरी मामले में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। इस मामले में उन्होंने कोलकाता हाईकोर्ट में सीबीआई जाँच की माँग भी थी। इसी केस में अपना बचाव करने के लिए ममता बनर्जी ने पी चिदबंरम को अपना वकील हायर किया है। यानी एक तरह से वह अपनी ही पार्टी के नेता अधीर रंजन के खिलाफ केस लड़ रहे। इसी वजह से पार्टी के कार्यकर्ता उनसे नाराज नजर आ रहे हैं।

RSS नेता की हत्या के मामले में अब तक 20 गिरफ्तारियाँ, सभी आरोपित PFI-SDPI के कार्यकर्ता: केरल में हुई थी घटना

केरल के पलक्कड़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नेता एसके श्रीनिवासन हत्याकांड मामले में चार और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी के बाद घटनाकांड में गिरफ्तार कुल आरोपितों की संख्या 20 हो गई है। हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार किए गए सभी 20 आरोपित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) या उसकी शाखा सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के कार्यकर्ता हैं या उससे जुड़े हैं।

बता दें कि 16 अप्रैल को, पूर्व जिला नेता और आरएसएस के पदाधिकारी श्रीनिवासन पर एक गिरोह ने मेलमुरी में उनकी मोटरसाइकिल की दुकान पर तलवार और चाकुओं से हमला कर दिया था। एडीजीपी (कानून व्यवस्था) विजय सखारे ने बताया कि मंगलवार (3 मई, 2022) शाम को गिरफ्तार किए गए चार लोगों में से एक कथित तौर पर उस छह सदस्यीय समूह का हिस्सा था जिसने 16 अप्रैल को आरएसएस नेता एस के श्रीनिवासन की हत्या को अंजाम दिया था। उन्होंने बताया कि हत्या करने वाले सदस्यों में से दो को गिरफ्तार किया जाना अभी बाकी है। 

आरएसएस नेता की हत्या के बाद स्थानीय लोगों ने आसपास के इलाकों में दुकानें बंद करा दी और पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी थी। टीवी चैनल द्वारा प्रसारित आस-पास की दुकानों के सीसीटीवी फुटेज से पता चला था कि हमलावर तीन मोटरसाइकिल पर सवार होकर दुकान पर पहुँचे थे और उनमें से तीन ने श्रीनिवासन पर हमला किया था। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया था कि श्रीनिवासन पर 20 बार तलवार से वार किए गए थे। लोगों का कहना था कि उनके पूरे शरीर में जख्म के निशान थे। 

वहीं पुलिस के मुताबिक, श्रीनिवासन की हत्या पीएफआई नेता सुबैर की हत्या के प्रतिशोध में की गई थी। बता दें कि श्रीनिवासन की हत्या से एक दिन पहले 15 अप्रैल को जिले में पीएफआई के नेता सुबैर की हत्या का मामला सामने आया था। गौरतलब है कि केरल हाल के वर्षों में कई राजनीतिक प्रतिशोध वाली हत्याओं का गवाह रहा है। इससे पहले, 15 नवंबर, 2021 को, आरएसएस कार्यकर्ता संजीत पर SDPI के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया था। उस समय वह अपनी पत्नी के साथ बाइक पर जा रहे थे। पलक्कड़ जिले के एल्लापल्ली में चार लोगों ने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी।

जब एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) को राजनीतिक बदला या जवाबी हत्याओं को रोकने के लिए पुलिस की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताने के लिए कहा गया, तो विजय सखारे ने कबूल किया कि पूर्व नियोजित हत्याओं को रोकना बहुत मुश्किल है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक मुद्दों के प्रति उनकी जीरो टॉलरेंस है। टॉप पुलिस अधिकारी ने आश्वासन दिया कि पुलिस हिस्ट्रीशीटरों और विशेष रूप से सांप्रदायिक मामलों में शामिल लोगों पर लगातार नजर रख रही है।

’17 मर्डर कर चुका हूँ, तीन तुम्हारे करने है’: रविंद्र पर वसीम ने साथियों के साथ किया हमला, लगे अल्लाह-हू-अकबर नारे, गाजियाबाद पुलिस ने 5 आरोपितों को किया गिरफ्तार

गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम थानाक्षेत्र में मंगलवार (3 मई, 2022) की रात को आपसी विवाद में अल्लाह-हू-अकबर नारे के साथ, मारपीट और पत्थरबाजी का मामला सामने आया है। मामले में की गई शिकायत में एक पक्ष रविंद्र ने आरोप लगाया है कि वसीम और उसके साथियों ने अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगते हुए उस पर और उसके परिवार पर न सिर्फ हमला किया बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। रविंद्र ने वसीम और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है। मामला गाजियाबाद के संजय नगर सेक्टर-23 का बताया जा रहा है।

मामले में रविंद्र की ओर से की गई शिकायत

बापूधाम थाने में दर्ज FIR में लिखाया गया है कि मंगलवार रात करीब 9.45 बजे वसीम जो रफीक का पुत्र और रहीसपुर का निवासी बताया जा रहा है। मामले में दर्ज FIR में रविंद्र ने बताया, “वसीम 10-12 लोगों के साथ अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए आया और मुझे और मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए पत्थर और सरिया से हमला किया। जिसमें मेरे भाई मनोज, मेरी पत्नी पूजा, और परिवार के कई सदस्यों को गंभीर चोटें आई हैं। जाते समय वसीम ने कहा कि 17 मर्डर कर चुका हूँ और तीन तुम्हारे करने है। इतना सुनते ही पूरी कॉलोनी इकट्ठी हो गई और वो लोग अपने घर में डर की वजह से छुप गए। वहीं हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए।”

हालाँकि, मामला बढ़ने पर मौकाए वारदात पर पुलिस तुरंत ही पहुँच गई और पुलिस दोनों पक्षों को लेकर जब थाने आई तो कहा जा रहा है कि रविंद्र की ओर से बालाजी मंदिर हिंडन विहार के महंत मछेंद्रपुरी महाराज भी वहाँ पहुँच गए। पुलिस ने उन्हें समझाते हुए वहाँ से जाने के लिए कहा। पुलिस ने कहा कि हम इस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं, किसी अन्य व्यक्ति को हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।

वहीं इस दौरान का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें महंत मछेंद्रपुरी महाराज यह बयान देते नजर आ रहे हैं कि यदि वैसे तो योगी की सरकार है कार्रवाई तो होगी ही फिर भी यदि पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी तो वह मस्जिद में घुसकर उस आरोपित मौलवी को मारेंगे।

बता दें कि पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ FIR दर्ज करते हुए पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं कहा जा रहा है कि महंत के खिलाफ भी धार्मिक भावनाएँ भड़काने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में महंत के खिलाफ IPC की धारा-295 ए के तहत FIR दर्ज किया गया है

वहीं मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि यह पूरा विवाद पैसों की लेन-देन को लेकर शुरू हुआ था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रविंद्र ने वसीम से कुछ रुपए उधार लिए थे। वसीम काफी दिनों से अपने रुपए वापस माँग रहा था। जिसे लेकर मंगलवार रात को दोनों पक्षों में विवाद हुआ और फिर मारपीट होने लगी।

गौरतलब है कि मामला दो सम्प्रदायों से जुड़ा होने के कारण से रात में ही पुलिस बल मौके पर पहुँच गया था। पुलिस दोनों पक्षों को चौकी पर ले आई और समझाकर इलाके का माहौल शांत कराया। वहीं वसीम ने भी रविंद्र पक्ष पर एफआईआर दर्ज कराई है।

रिपोर्ट के अनुसार, एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने भी इस बात की पुष्टि की है कि दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज करके पाँच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि इस मामले में पुलिस ने दूसरे पक्ष के वसीम, अंसार, फुरकान और नीरज को गिरफ्तार किया है।

माफिया मुख्तार अंसारी के वकील की दबंगई, अधिकारियों को धमकाया और जजों को कहे अपशब्द: वीडियो वायरल होने के बाद मामला दर्ज

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की बाँदा जेल में बंद पूर्व विधायक और पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी (Mafia Mukhtar Ansari) के वकील दरोगा सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वे जजों को अपशब्द बोलते हुए नजर आ रहे हैं। अधिवक्ता के खिलाफ पुलिस अधीक्षक सुशील घुले के निर्देश पर सरायलखंसी थाना प्रभारी ने मुकदमा दर्ज किया।

वायरल वीडियो किन्नूपुर गाँव का बताया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि जाँच में सामने आया है कि वायरल वीडियो में किन्नूपुर गाँव में जमीन की पैमाइश करने पहुँची राजस्व विभाग की टीम को वकील दरोगा सिंह ने न केवल धमकाया, बल्कि जजों के लिए अपशब्द कहा।

दरअसल, 2 दिन पहले प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और प्रभारी संजय निषाद जिले के आला अधिकारियों के साथ रात्रि प्रवास पर गए थे। गाँव में मंत्री ने बिजली और रास्ते की बदहाल स्थिति देखी। इस दौरान गाँव के निवासियों ने बताया कि इस रास्ते पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। इसके बाद मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि अगली समीक्षा बैठक से पहले यहाँ कि समस्याएँ खत्म हो जानी चाहिए। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम गाँव की पैमाइश करने पहुँची थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बाद जिले के आला अधिकारियों ने संज्ञान लिया। इसके बाद वकील के खिलाफ कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी केके गुप्ता ने बताया कि वायरल वीडियो की जाँच में पाया गया है कि दरोगा सिंह ने जज को गाली दी है। दरोगा सिंह के खिलाफ पहले से भी कई मामलों में केस दर्ज हैं।

बता दें कि कानूनगो राजेश सिंह ने प्रकरण को लेकर सरायलखंसी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने वकील दरोगा सिंह के खिलाफ संबंधित मामले में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने बताया कि कानूनगो की ​शिकायत पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शाहजेब ने पहले इंटरनेट केबल से गला घोंटा, फिर बोरी में डाल लाश समंदर में फेंकी: सोनम शुक्ला के पिता बोले- भागने को तैयार नहीं होने पर मेरी बेटी की कर दी हत्या

पिछले दिनों मुंबई में एक लड़की की क्षत-विक्षत लाश मिली थी। मृतका की पहचान सोनम शुक्ला के तौर पर हुई थी। NEET की तैयारी कर रही इस 18 वर्षीय छात्रा की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके कथित बॉयफ्रेंड मोहम्मद अंसारी को पकड़ा था। कुछ रिपोर्टों में आरोपित की पहचान 23 साल के शाहजेब के तौर पर भी बताई गई है।

इंडिया टीवी से बातचीत में सोनम के पिता श्रीकांत शुक्ला ने आरोप लगाया है कि लव जिहाद के कारण उनकी बेटी की हत्या की गई। उनका कहना है कि शाहजेब उनकी बेटी को घर से भगाकर ले जाना चाहता था। जब वह इसके लिए राजी नहीं हुई तो उसकी हत्या कर दी गई। सोनम की हत्या 25 अप्रैल को हुई थी और लाश 28 अप्रैल को समंदर के किनारे मिली थी। रिपोर्ट के अनुसार सोनम का पहले इंटरनेट केबल से गला घोंटकर हत्या की गई। फिर उसकी लाश बोरी में पैक कर समंदर में फेंक दी गई।

सोनम के पिता ने बताया है कि शाहजेब बहत शातिर है। उसकी 26 अप्रैल को टिकट थी। वह उनकी बेटी को लेकर भागने वाला था। उसे लगा था कि वह उनकी बेटी को मना लेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “मेरी बेटी चरित्रहीन नहीं थी। आस-पड़ोस के लड़के से बात होना कोई बड़ी बात नहीं थी। लेकिन जब लड़का, लड़की को मनाने में कामयाब नहीं हुआ तो दोनों के बीच काफी झगड़ा हुआ। इसके अलावा और क्या हुआ वो तो हमें नहीं पता क्योंकि वह उसके कमरे में हुआ, लेकिन हमारी लड़की बहुत अच्छी थी।”

उन्होंने आगे कहा, “वह हमारी लड़की को लेकर भागने की फिरक में था। इसमें एक नहीं, कई लोग शामिल हैं। जब वह इसमें कामयाब नहीं हुआ तो झगड़ा हुआ। इस दौरान हमारी लड़की ने उसकी ऊँगली में काटा। इसके बाद उसे लगा कि इसे छोड़ दूँगा तो भी हमारा पोल खुलेगा तो उसने अपने आपको बचाने के लिए उसे मारकर बोरी में डाल कर मलाड की खाड़ी में फेंक दिया। जिसका शव वर्सोवा पुलिस को मिली।”