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‘राम दरबार की मूर्तियों पर फेंकी दारू और हड्डियाँ, नंगी तलवारों के सामने पुलिस भी थी लाचार’: जहाँगीरपुर दंगा में घायल हिन्दू ने बताया

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हनुमान जयंती के मौके पर हिंदुओं द्वारा निकाली गई शोभा यात्रा में इस्लामी कट्टरपंथियों ने जमकर हिंसा की। इसके एक पीड़ित राकेश बेनीवाल से ऑपइंडिया ने बात की। उन्होंने बताया कि कम से कम 500 दंगाइयों की भीड़ ने हाथों में नंगी तलवारें लेकर शोभा यात्रा पर हमला कर दिया। वो ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे लगा रहे थे।

पीड़ित राकेश बेनीवाल ने बताया, “हमने पुलिस को बताया था कि ये संवेदनशील इलाका है और पुलिस ने यहाँ पर काफी फोर्स भी लगाई थी। लेकिन, दंगाई इतने अधिक थे कि पुलिस भी उनके सामने लाचार हो गई। दंगाई वहाँ गली-मोहल्ले और मस्जिद की छतों पर भरे हुए थे। उनके पास में खाली बोतलें, भरी बोतलें और पत्थर थे। शाम के करीब 6 बजे थे। शोभा यात्रा मस्जिद के सामने से निकल रही थी। श्रीराम के जयकारे लगाए जा रहे थे। अचानक से भगदड़ मची और फिर पत्थरबाजी होने लगी। ईदगाह की तरफ से दंगाई आए, जो अल्लाहु अकबर के नारे लगा रहे थे। रैली में शामिल साधु-संत, बच्चों पर पथराव किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के बयान के बाद से प्रशासन मुस्तैद है और हम लोग केवल पुलिस के कारण बचे हैं।”

उन्होंने ये भी बताया कि दंगाइयों ने कई राउंड फायर किए, वहाँ तैनात पुलिसवालों को भी गोली और चाकू लगा है। बेनीवाल के मुताबिक, ये पहले से रची गई साजिश है। क्योंकि पहले भी हमारी शोभा यात्रा होती थी और वो लोग कहते थे कि साउंड कम कर लो और हम धीमा करके निकल जाते थे। मस्जिद की छतों और उससे लगे घरों पर काफी लोग जमा थे। वहाँ पुरुषों के साथ ही औरतों और बच्चों सभी के हाथ में पत्थर थे। कम से कम 400-500 लोगों के हाथों में तलवारें थीं। ऐसा लग रहा था कि उसे नुकीला बनाकर लाया गया हो।

राकेश बेनीवाल ने बताया कि लोगों का कहना था कि इसमें अंसार का हाथ है। उन्होंने कहा, “मुझ पर पीछे से चाकू से हमला हुआ। राम दरबार पर भरी हुई दारू की बोतलें और हड्डियाँ फेंकी। वो करीब 40 फुट के ऊपर से पथराव कर रहे थे।”

‘मौलवियों ने नाबालिगों से करवाई पत्थरबाजी’ : जहाँगीरपुरी हिंसा में NCPCR की एंट्री, 7 दिन के अंदर माँगी रिपोर्ट

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हुई हिंसा में बच्चों के नजर आने के बाद इस मामले पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लिया है। NCPCR ने इस बाबत डीसीपी को नोटिस जारी करके जाँच के निर्देश दिए हैं और संबंधित लोगों पर एफआईआर करने को कहा है। आयोग ने 7 दिन के भीतर इस मामले में रिपोर्ट माँगी है।

रिपब्लिक मीडिया के अनुसार, एनसीपीसीआर अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने बताया कि उन्हें लीगल राइट्स ऑर्गेनाइजेशन की ओर से शिकायत मिली थी। शिकायत में कहा गया कि हिंसक गतिविधि में बच्चों को लाया गया और उनसे शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी करवाई गई। शिकायत मिलने के बाद आयोग ने इस सबंध में डीसीपपी को नोटिस जारी किया है और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के प्रावधानों के अंतर्गत जाँच के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी अवैध गतिविधि में बच्चे का इस्तेमाल एक दंडात्मक, गैरजमानती अपराध है। उन्होंने इस बाबत पुलिस को पड़ताल करने के लिए कहा है और बताया है कि एक बार स्थिति कंट्रोल होगी तो वह खुद भी घटनास्थल का जायजा करने जाएँगे।

बता दें कि NCPCR को ट्विटर पर लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी से इस संबंध में शिकायत मिली थी। इसके अलावा विभिन्न समाचार रिपोर्टों के माध्यम से भी पता चला था कि हिंसा में कई नाबालिग बच्चों को पथराव के लिए इस्तेमाल किया गया। आयोग ने एक बयान में कहा, “शिकायतों के माध्यम से, यह भी आयोग के संज्ञान में लाया गया है कि मदरसों को चलाने वाले मौलवियों ने उक्त अवसर पर पथराव के लिए किशोरों का इस्तेमाल किया।”

जहाँगीरपुरी हिंसा

गौरतलब है कि दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हनुमान जन्मोत्सव शोभा यात्रा पर कल हमला हुआ था। हमले में पुलिसकर्मियों तक को नहीं बख्शा गया था। कई गाड़ियों में जम कर तोड़फोड़ की गई। हनुमान जन्मोत्सव की शोभा यात्रा पर हमले के साथ शुरू हुई हिंसा की खबर पाकर जब पुलिस वहाँ पर पहुँची, तो पुलिस को भी नहीं छोड़ा गया। अफरा-तफरी के कई वीडियोज भी सामने आए।

हिंसा में अब तक 14 लोग गिरफ्तार हुए हैं और इनकी पेशी रोहिणी कोर्ट में हुई है। कोर्ट ने अंसार और असलम को पुलिस हिरासत में भेजा है बाकी 12 न्यायिक हिरासत में रहेंगे। कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने अंसार और असलम को लेकर कहा कि ये लोग शोभा यात्रा के बारे में पहले से जानते थे और इसीलिए इन्होंने साजिश रची। पुलिस ने बताया कि उन्होंने सीसीटीवी देखकर इस केस के संबंधित आरोपितों को पकड़ा है।

‘AAP कार्यकर्ता है जहाँगीरपुरी का दंगाई मोहम्मद अंसार’: बोली BJP – दिल्ली में दंगा करते हैं केजरीवाल के नेता

हनुमान जयंती के मौके पर दिल्ली के जहाँगीरपुरी (Jahangirpuri Violence) में हिंदुओं की शोभा यात्रा के दौरान कट्टरपंथी मुस्लिमों द्वारा की गई हिंसा के मुख्य आरोपित बताए जा रहे मोहम्मद अंसार के आम आदमी पार्टी (AAP) से लिंक्स होने के आरोप लगे हैं। दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता (Adesh Gupta) ने आरोप लगाया है कि शोभा यात्रा में दंगा करने वाला अंसार आम आदमी पार्टी का पदाधिकारी है।

आदेश गुप्ता ने दावा किया कि मोहम्मद अंसार आम आदमी पार्टी का पदाधिकारी है। उन्होंने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि केजरीवाल केवल बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, जबकि उनके पार्टी के कार्यकर्ता ही दिल्ली में दंगा फैलाते हैं।

अरविंद केजरीवाल के ‘दिल्ली में शांति कायम करना केंद्र की जिम्मेदारी है’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी नेता ने कहा, “केजरीवाल का क्या काम है। क्या उनका काम केवल दिल्ली में अशांति फैलाने वाले रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को फ्री बिजली-पानी देने भर का है। इनको आप (केजरीवाल) दिल्ली में दामाद की तरह से बसाते हैं और फिर ये यमुनापार और जहाँगीरपुरी जैसे इलाकों में दंगे कर देश औऱ दिल्ली के माहौल को खराब करते हैं।”

आदेश गुप्ता ने दावा किया कि इस हिंसा को लेकर उनकी दिल्ली के स्पेशल कमिश्नर से बात हुई है और उन्होंने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है। घटना वाली जगहों पर भारी संख्या में फोर्स को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा, “दिल्ली दंगे के आरोप में पकड़ा गया अंसार AAP का पदाधिकारी है। उसके AAP के विधायक और मंत्रियों के साथ कई तस्वीरें हैं।”

पुराना अपराधी है मोहम्मद अंसार

गौरतलब है कि जहाँगीरपुरी हिंसा का मुख्य आरोपित अंसार पुराना अपराधी है। दिल्ली के शाहीन बाग में CAA-NRC विरोधी आंदोलनों के दौरान भी उसकी भूमिका सामने आई थी। उस पर पहले से ही हमला करने के दो मामले चल रहे हैं। जहाँगीरपुरी की झुग्गी बस्ती पैदा हुआ और पला-बढ़ा अंसार चौथी कक्षा तक पढ़ा है और कबाड़ी का काम करता है। दिल्ली पुलिस ने इसे फरवरी 2009 में पहली बार चाकू के साथ गिरफ्तार किया था।

‘इन्हें गाड़ी में बिठा कर UP भेजो’ : जहाँगीरपुरी हिंसा का आरोपित ‘पुष्पा स्टाइल’ में गया कोर्ट, वीडियो देख नेटीजन्स भड़के

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हुई हिंसा के बाद अब तक इस मामले में 14 गिरफ्तारी हो चुकी हैं। इसी बीच कुछ आरोपितों की वीडियो समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा साझा की गई जिन्हें रोहिणी कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाया जा रहा था। वीडियो में आरोपित बेखौफ कोर्ट की ओर आगे बढ़ते दिख रहे हैं। इनके चेहरे पर कोई पछतावा नजर नहीं आ रहा। इसी वीडियो में एक आरोपित है जो बाकियों के साथ रोहिणी कोर्ट की ओर आगे बढ़ रहा है और पुष्पा फिल्म के एक्टर की तरह एक्शन करके मुस्कुरा रहा है।

अब इसी आरोपित की हरकत देखने के बाद नेटिजन्स में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि ये हँसी इनके चेहरों पर इसलिए है क्योंकि इन्हें मालूम है कि इनके पीछे जो लोग हैं वो इन्हें कैसे भी करके छुड़ा लेंगे। यूजर्स दिल्ली पुलिस से कह रहे हैं कि अगर ऐसे लोगों को नहीं झुकाया गया तो पुलिस समझ जाए कि वो पुलिस की श्रेणी में नहीं है।

लोग दंगा मचाने वाले इन आरोपितों को सीना चौड़ा करके कोर्ट में जाता देख बोल रहे हैं कि इन्हें तो SUV में बिठा कर उत्तर प्रदेश ले जाना चाहिए।

एक यूजर दिल्ली पुलिस को बोलता है, “प्रिय दिल्ली पुलिस अगर आपको फायर से फ्लॉवर नहीं बनाया गया तो फिर आपकी कार्यशैली पुलिस वाली नहीं होगी, इसको झुका कर दिखाओ।”

नेटिजन्स कहते हैं कि ये मुख्य आरोपित असलम या ये जो कोई भी है। इसे कोई पछतावा तक नहीं है जो इसने किया। ये पुष्पा का स्टेप कर रहा है कि मैं झुकेगा नहीं साला। इसे मालूम है कि इसे समर्थन देने वाले इसे कुछ ही समय में छुड़ा लेंगे।

एक यूजर कहता है, “एटीट्यूड देखा, पुष्पा वाला है, ^%$ हँस रहा है अपने सिस्टम पर, क्योंकि उसको पता है उसे बेल जाएगी।”

अन्य यूजर इस वीडियो को देख पूछ रहे हैं कि क्या ये सब देखकर लगता है कि इन्हें कैसा भी पछतावा है।

जहाँगीरपुरी हिंसा में 14 गिरफ्तार

बता दें कि जहाँगीरपुरी हिंसा में अब तक 14 लोग गिरफ्तार हुए हैं और इनकी पेशी रोहिणी कोर्ट में हुई है। कोर्ट ने अंसार और असलम को पुलिस हिरासत में भेजा है बाकी 12 न्यायिक हिरासत में रहेंगे। कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने अंसार और असलम को लेकर कहा कि ये लोग शोभा यात्रा के बारे में पहले से जानते थे और इसीलिए इन्होंने साजिश रची। पुलिस ने बताया कि उन्होंने सीसीटीवी देखकर इस केस के संबंधित आरोपितों को पकड़ा है।

जहाँगीरपुरी के दंगाई ‘अंसार जी’ को महान साबित करने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहा NDTV, आतंकियों को बताता है टीचर-इंजीनियर

दिल्ली के जहाँगीरपुरी दंगे मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें हिंसा के दौरान पुलिस पर फायरिंग करने वाले असलम और दंगा भड़काने वाले मुख्य आरोपित अंसार (Ansar) का नाम भी शामिल है। आतंकियों के तर्कों से पाठकों/दर्शकों को अवगत कराना NDTV की ‘जमीनी पत्रकारिता’ रही है। ऐसे में अंसार की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर से NDTV दंगा आरोपितों के बचाव में जुट गया है। यही नहीं NDTV के रिपोर्टर दंगा आरोपित को अंसार जी कहकर संबोधित कर रहे हैं। हालाँकि, इस मीडिया संस्थान का किसी आतंकवादी या फिर दंगा भड़काने वाले को ‘जी’ कहकर संबोधित करना कोई नई बात नहीं है।

दंगा आरोपितों के पक्ष में दलीलें खोज रहे एनडीटीवी ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें रिपोर्टर अंसार की पड़ोसी कमलेश गुप्ता से बात करती हुई दिखाई दे रही हैं। वह दंगा आरोपित को लेकर सवाल पूछती हैं, “अंसार जी, जो आपके पड़ोसी हैं, पुलिस उन्हें यह कहकर गिरफ्तार करके ले गई है कि उन्होंने ही सारे दंगे भड़काए, उन्होंने ही बाहर जाकर सारी बहस शुरू की।

वो तीन से चार लोग अपने साथ भी लेकर गए थे और उन्होंने ही ये सारा लड़ाई-झगड़ा किया।” इस दौरान रिपोर्टर आरोपित अंसार के लिए ‘आप, उन्होंने, उनके और अंसार जी’ जैसे शब्दों का प्रयोग करती हुई नजर आ रही हैं।

यह वीडियो देखने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने एनडीटीवी को आड़े हाथों लिया है। ट्विटर पर इंदु नाम की यूजर लिखती हैं, “हाँ बिल्कुल, बुरहान वानी भी तो एक गरीब स्कूल टीचर का बेटा था। आतंक और आतंकवादियों का पक्ष लेना, यही एनडीटीवी को दूसरों से स्पेशल बनाता है।”

वहीं हिमांशू नाम के एक यूजर ने तो NDTV का फुल फॉर्म ही चेंज करके लिख दिया। उन्होंने लिखा, “NDTV- National Defence for Terrorism and Violence। Never disappoints।”

इस पहले अगस्त 2021 में जब तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया था। उस वक्त भी उसने (NDTV) तालिबान को अपने प्लेटफॉर्म पर जगह दी थी। खबरें थीं कि तालिबान ने अफगान के 22 सुरक्षाकर्मियों को मार डाला। यह खबर दुनिया भर में चर्चा में थी, लेकिन एनडीटीवी इसका फैक्ट-चेक लेकर आया था। उसने सीधा तालिबान के प्रवक्ता से संपर्क साधा और दिखाया कि जैसी खबर अफगान से आ रही हैं, वो तो सच नहीं है। सच वो है जो तालिबान का प्रवक्ता बताएगा, वो भी एनडीटीवी के माध्यम से।

यह तो सभी जानते हैं कि आतंकियों के लिए ‘इंडियन इंजीनियर’, ‘टीचर’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने के मामले में एनडीटीवी (NDTV) का बेहतरीन रिकॉर्ड रहा है। वर्ष 2020 में उसने आतंकी के लिए ‘ड्राइवर’ शब्द का इस्तेमाल कर अपना ट्रैक रिकॉर्ड और भी दुरुस्त कर लिया था। जिस आतंकी के लिए उसने ड्राइवर शब्द का इस्तेमाल किया, वह करीब 40 किलो विस्फोटक लदे कार के साथ पुलवामा में हमले की फिराक में था।

बता दें कि दिल्ली के जहाँगीरपुर में हनुमान जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में 16 अप्रैल को निकाली गई शोभायात्रा में पत्थरबाजी करने और दंगा फैलाने (Delhi Jahangirpuri Riot) के आरोप में पुलिस ने अब तक 14 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने स्थानीय शांति समितियों की बैठक बुला कर इलाके में तनाव खत्म करने को कहा है। साथ ही निष्पक्ष जाँच का आश्वासन देते हुए पुलिस ने गलत ख़बरों और भ्रामक सूचनाओं को फैलने से रोकने के लिए भी उन्हें कहा। गिरफ्तार आरोपित के नाम हैं – अंसार, ज़ाहिद, शहज़ाद, मुख़्तार अली, मोहम्मद अली, आमिर, अक्सार, नूर आलम, मोहम्मद असलम, ज़ाकिर, अकरम, इम्तियाज़, मोहम्मद अली और अहीर।

खाना खाते-खाते नरोत्तम मिश्रा ने दिए ऐसे-ऐसे जवाब, देखने लायक था बरखा दत्त का चेहरा: बुलडोजर को कोस रही थीं, MP के गृह मंत्री ने ऐसे धोया

पत्रकार बरखा दत्त को इंटरव्यू देने के दौरान मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के ‘स्वैग’ के लोग कायल हो गए हैं। जहाँ एक तरफ नरोत्तम मिश्रा अपने ही अंदाज़ में भोजन करते-करते सवालों के जवाब देते रहे वहीं दूसरी तरफ बरखा दत्त का चेहरा देखने लायक था। बरखा दत्त इस बात से नाराज़ थीं कि मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी पर इस्लामी भीड़ की हिंसा के बाद सरकार ने दंगाइयों के घरों पर आखिर बुलडोजर क्यों चलाया?

बरखा दत्त ने नरोत्तम मिश्रा से पूछा कि आपने ये बयान क्यों दिया कि जिन्होंने पत्थरबाजी की और घर जलाए, उनके खुद के घर भी खंडहर बन जाएँगे। उन्होंने पूछा कि ये किस तरह का कानून है? इस पर भोजन करते-करते नरोत्तम मिश्रा ने ‘जैसे को तैसा’ कहावत की याद दिलाते हुए कहा कि उनका मानना है कि दंगाइयों के साथ ऐसा ही व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने ऐसे लोगों को समाज का द्रोही बताते हुए कहा कि ये भले लोगों का जीना मुश्किल कर देते हैं।

नरोत्तम मिश्रा ने याद दिलाया कि कैसे दंगाइयों ने गरीबों के घर जलाए, बच्चों को निर्ममता से मारा और कई लोग ICU में भर्ती हो गए, कई पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती हैं। नरोत्तम मिश्रा ने बरखा दत्त से सवाल पूछा कि ऐसे लोगों के साथ क्या करना चाहिए? इस पर बरखा दत्त कहने लगीं कि इसका फैसला पुलिस और कोर्ट करे, बुलडोजर का इसमें क्या रोल है? इस पर नरोत्तम मिश्रा ने सधा हुआ जवाब दिया कि दंगाइयों पर तात्कालिक कार्रवाई भी तो होनी चाहिए, सरकार नाम की कोई चीज भी तो दिखनी चाहिए।

नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “उत्तर प्रदेश में रामनवमी पर एक भी हिंसा की घटना नहीं हुई। हमारी जवाबदारी है, लेकिन हमारे एसपी को गोली लगी और पुलिस अधिकारी का सिर फटा – मतलब वो वहाँ थे। अब मध्य प्रदेश में भी तूतू-मैंमैं नहीं होगी।” बरखा दत्त इस दौरान ‘गुनहगार’ और ‘आरोपित’ का फर्क बताने लगीं, लेकिन नरोत्तम मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि सारी प्रक्रियाएँ कानूनी ढंग से पूरी की गई है। नरोत्तम मिश्रा ने दंगाइयों के घरों को पत्थर में तब्दील किए जाने वाले बयान पर कहा कि उनका बयान ऐसा था, आगे भी रहेगा।

नरोत्तम मिश्रा ने स्पष्ट कर दिया कि उन्हें उनके बयान के लिए कोई दुःख नहीं है और वो इससे संतुष्ट हैं, क्योंकि सब कुछ कानून के दायरे में हो रहा है। इस पर बरखा दत्त कहने लगीं कि CAA विरोधी प्रदर्शनों में यूपी में हुई कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। इस पर नरोत्तम मिश्रा ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अक्षरशः पालन की बात कही। बरखा दत्त ने दावा किया कि सिर्फ मुस्लिमों के घर तोड़े जा रहे हैं, जिस पर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने ‘मुस्लिम’ समझ कर कुछ नहीं किया, ‘दंगाइयों’ पर कार्रवाई की।

जहाँगीरपुरी के दंगाई अंसार का आपराधिक है इतिहास: सरकारी कर्मचारी पर कर चुका है हमला, शाहीन बाग़ में महिलाओं को लेकर जाता था

हनुमान जयंती के अवसर पर शनिवार (16 अप्रैल 2022) को निकाली गई शोभा यात्रा में बवाल खड़ा कर दिल्ली के जहाँगीरपुरी को सुलगाने का काम मोहम्मद अंसार ने किया था। अंसार ही वो शख्स है, जिसने शोभा यात्रा ले जा रहे लोगों के साथ झगड़़ा शुरू किया था। इसके बाद पथराव और फायरिंग की घटनाएँ हुई थीं। अंसार का आपराधिक इतिहास रहा है। इसके अलावा, दिल्ली के शाहीन बाग में CAA-NRC विरोधी आंदोलनों के दौरान भी उसकी भूमिका सामने आई थी।

35 वर्षीय मोहम्मद अंसार के अब्बू का नाम अलाउद्दीन है और वह जहाँगीरपुरी के B ब्लॉक में रहता है। ये पहली बार नहीं है, जब उसने इस तरह की घटना को अंजाम दिया है। उस पर पहले से ही हमला करने के दो मामले चल रहे हैं। इनमें उसकी गिरफ्तारी हो चुकी थी। वह अवैध हथियारों और जुआ जैसी अवैध गतिविधियों में भी लिप्त रहा है। इसको लेकर उस पर आर्म्स एक्ट और जुआ अधिनियम के तहत 5 बार केस दर्ज हो चुका है। 

जहाँगीरपुरी की झुग्गी बस्ती पैदा हुआ और पला-बढ़ा अंसार चौथी कक्षा तक पढ़ा है और कबाड़ी का काम करता है। उसकी पत्नी का नाम सकीना है और सोहेल नाम का एक बेटा भी है। उसका एक भाई और एक बहन भी है। भाई का नाम अल्फा है, जबकि बहन और जीजा हरियाणा के नूंह में रहते हैं।

दिल्ली पुलिस ने इसे फरवरी 2009 में पहली बार चाकू के साथ गिरफ्तार किया था। दूसरा मामला जुलाई 2018 का है। उस वक्त इसने एक सरकारी कर्मचारी पर हमला कर दिया था। इसके लिए उस पर सरकारी कर्मचारी पर हमला करने और सरकारी काम में बाधा डालने की धारा लगाई गई थी।

वहीं, भाजपा नेता कपि मिश्रा का आरोप है कि मोहम्मद अंसार के शाहीन बाग के गुनाहगारों के साथ भी गहरे संबंध हैं। वह शाहीन बाग में धरने के लिए जहाँगीरपुरी से महिलाओं को लेकर जाता था। इस संबंध में कपिल मिश्रा ने एक ट्वीट कर जानकारी दी।

कपिल मिश्रा ने कहा, “जहाँगीरपुरी से जितने दंगाई पकड़े जा रहे हैं ये सब लोग दिल्ली दंगों और शाहीन बाग में शामिल थे। मुख्य अपराधी अंसार, यहाँ से औरतों को सड़कें बंद करवाने के लिए लेकर सीलमपुर, जफराबाद, शाहीन बाग़ जाता था। इसके कनेक्शन ताहिर हुसैन, खालिद सैफी, उमर खालिद सबसे रहे हैं।”

‘औरतें गाली दे रही थीं… भीड़ के हाथ में लाठी, तलवार, सरिया, चाकू थे’ : जहाँगीरपुरी हिंसा का शिकार हुए ASI अरुण कुमार, कहा- शब्दों में नहीं बयां कर सकता वो दृश्य

जहाँगीरपुरी में हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर हुई हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इन्हीं में एक ASI अरुण कुमार भी थे। घटना में उनके पाँव और कंधे में चोट आई है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह उस दृश्य को शब्दों में बयां नहीं कर सकते हैं जो उन्होंने अपने सामने देखा।

उन्होंने बताया कि वह शोभा यात्रा का हिस्सा शुरू से बने हुए थे। उनकी गाड़ी उस गाड़ी के पीछे थी जिसमें मूर्ति रखी गई थीं। उन्होंने बताया कि जैसे ही वो कुशल चौक पहुँचे। सैकड़ों की भीड़ अचानक जुलूस के पास आने लगी। वह कहते हैं, “शब्द उस दृश्य को नहीं बयान कर सकते हैं जो मैंने उस दिन देखा। हर जगह हल्ला था। लोग पत्थर फेंक रहे हैं। गाली-गलौच हो रहा था। हमने स्थिति को संभालना चाही लेकिन किसी ने हमारी नहीं सुनी।”

ASI अरुण कुमार याद करते हैं कि कैसे उस भीड़ में लोगों के हाथों में तलवारें थीं, चाकू थी, पत्थर थे और बोतलें थीं। वे लोग कार जलाने की कोशिशें कर रहे थे। पुलिस उन्हें रोक रही थी। स्थिति शांत करने के प्रयास हो रहे थे। मगर, तभी एक पत्थर एएसआई पर आकर गिरा।

मॉडल टाउन निवासी ASI अरुण कुमार ने रिपब्लिक टीवी के कैमरे पर भी बात की। उन्होंने अपनी चोटें दिखाते हुए बताया कि कैसे हनुमान जन्मोत्सव पर जुलूस शांति से निकल रहे थे। उस जुलूस में उनकी गाड़ी सबसे आखिर में थी। तभी वहाँ लोगों ने हल्ला करना शुरू कर दिया। स्थिति देख वह समझ चुके थे कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। उन्होंने फौरन हालातों के बारे में आगे जानकारी दी और मौके पर अधिक पुलिस बल तैनात करने को कहा।

उन्होंने बताया कि कैसे शोभा यात्रा के गुजरते समय गाली-गलौच करने वालों में महिलाएँ ज्यादा थीं। उनके अनुसार वह लोग जैसे ही सी ब्लॉक से बाहर निकले वैसे ही उनके ऊपर पथराव शुरू हो गया। उनके हाथों में लाठी, तलवार, सरिया सब कुछ था। पत्थर और ईंट वो लोग इतना मार रहे थे कि सबने अपनी गाड़ियाँ छोड़ दी थीं। 

एएसआई के अनुसार, वह भी गाड़ी से उतरकर स्थिति संभालने का प्रयास करने लगे थे लेकिन दंगाई इतने इकट्ठा हो गए कि कुछ रोका नहीं जा पा रहा था। कुछ बच्चों को बुलाकर गाड़ियाँ हटवाई गई। कुछ पड़ी रह गई। सब तोड़-फोड़ कर रहे थे। आग लगाई जा रही थी। एएसआई बताते हैं, “मैं गाड़ी की आग बुझा रहा था तभी मेरे कंधे पर आकर एक बड़ा ईंट गिरा। सारे शरीर में गुम चोट आई है।”

उन्होंने हालातों को देखते हुए कहा कि शोभा यात्रा पर जैसे हमला हुआ वो बिन प्लॉनिंग के असंभव था। एएसआई अरुण उस दावे को भी खारिज करते हैं जिसमें कहा जा रहा था कि शोभा यात्रा में भड़काऊ नारेबाजी हुई जिससे दंगा शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। कइयों को पत्थर लगा, एक को गोली भी लगी, किसी के हाथ में चाकू से मार दिया गया। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर इतना पथराव हो रहा था कि खड़े होने की जगह तक नहीं थी।

5 हिंदुओं (एक नाबालिग भी) को पकड़ ले गई दिल्ली पुलिस, शोभा यात्रा का किया था आयोजन: जहाँगीरपुरी में जमीयत के दौरे के बाद कार्रवाई

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हनुमान जन्मोत्सव की शोभा यात्रा निकाल रहे हिन्दुओं पर शनिवार (16 अप्रैल, 2022) को मुस्लिम भीड़ द्वारा न सिर्फ पत्थरबाजी और गोलीबारी की गई, बल्कि इलाके में जम कर आगजनी और हिंसा भी मचाई गई। अब सामने आया है कि इस मामले में दिल्ली पुलिस ने 5 हिन्दुओं को गिरफ्तार कर लिया है, जिनकी इस शोभा यात्रा के आयोजन में मुख्य भूमिका थी। ये सभी एक ही परिवार से ताल्लुक रखते हैं।

पीड़ित परिवार की महिला ने बताया कि पुलिस उनके घर आई थी। महिला ने बताया कि उनके तीनों बेटों को दिल्ली पुलिस पकड़ कर ले गई है। इसके अलावा उक्त महिला के पति को भी पुलिस ले गई है, ऐसी उन्होंने जानकारी दी। गिरफ्तार किए गए महिला के तीनों बेटों में से एक नाबालिग भी है। पीड़ित महिला ने बताया कि उनके देवर (पति के छोटे भाई) को भी दिल्ली पुलिस पकड़ कर ले गई है। शोभा यात्रा में जिस रथ का इस्तेमाल किया गया था, उसे इसी परिवार ने बनवाया था।

रथ की ओर इशारा कर के महिला ने बताया कि ये काफी टूटे-फूटे हालत में वापस आया था। स्थानीय युवकों ने भी बताया कि उन्होंने रथ के लिए जितनी भी सजावट की थी, दंगे के बाद वो सारा बिखरा पड़ा हुआ था। पीड़ित महिला ने बताया कि उनके पति और बेटों ने घर वापस आकर बताया था कि मुस्लिम पत्थरबाजों के कारण अफरा-तफरी मच गई और हिंसा हुई। महिला के पति जहाँ एक प्लांट में काम कर के परिवार का गुजारा-भत्ता चलाते हैं, देवर कबाड़ी का काम करते हैं।

पीड़ित महिला का नाम दुर्गा सरकार है, वहीं उन्होंने अपने पति का नाम सुकेन सरकार बताया। पहला बेटा सूरज जहाँ 20 वर्ष का है, वहीं दूसरा बेटा 17-18 साल का है। महिला का तीसरा बेटा नाबालिग है, लेकिन फिर भी पुलिस उसे ले गई है। महिला ने अपने देवर का नाम सुकेश सरकार बताया है। गिरफ़्तारी की सूचना के सामने आने के बाद लोग आक्रोशित हैं और पूछ रहे हैं कि जब पीड़ित हिन्दू हैं, तो उन्हें ही क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है?

एक और बात ध्यान देने लायक है कि इस कार्रवाई के कुछ ही देर पहले जमीयत-ए-उलेमा के प्रतिनिधिगण भी घटनास्थल पर पहुँचे थे। उन्होंने पूछा था कि सोशल मीडिया के माध्यम से कोई ऐसा कैसे साबित कर सकता है कि पहला पत्थर मुस्लिमों की तरफ से चला? मस्जिद से पत्थरबाजी के मसले पर जमीयत का कहना है कि मीडिया और लोग क्या कहते हैं, ये पुलिस जाँच के बाद बताएगी। संगठन ने कहा कि पत्थर और भगवा झंडे बाहर से लाए गए।

जमीयत ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है। घटनास्थल पर पहुँचे उलेमाओं ने कहा कि ऐसे आरोपितों को संगठन कानूनी मदद पहुँचाती आई है और FIR देखने के बाद इस मामले में भी यही किया जाएगा। खुद को गरीबों की मदद करने वाला बताते हुए जमीयत के उलेमाओं ने असलम की गिरफ़्तारी पर कहा कि दिल्ली पुलिस ने अभी कुछ स्पष्ट नहीं कहा है। यानी, जहाँगीरपुरी के दंगाइयों को संगठन कानूनी मदद देगा।

ताज़ा अपडेट ये भी है कि पथराव और गोलीबारी का एक नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में आरोपित गोली चलाते हुए दिख रहा है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गोली चलाने वाले शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके पास से हथियार भी बरामद किया गया है। सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि शोभा यात्रा निकाल रहे लोगों पर कुछ लोग पथराव कर रहे हैं। पथराव करने वालों में 10-12 के बच्चे से लेकर प्रौढ़ तक शामिल हैं। इसी दौरान एक 40-42 का आदमी आता है और पिस्तौल की नाली सामने करके गोली चला देता और तुरंत भाग जाता है।

सामने गाय, शोभा यात्रा निकाल रहे हिन्दू भी: वीडियो में कैद हुआ उन पर गोलीबारी करता जहाँगीरपुरी का दंगाई

हनुमान जन्मोत्सव के दौरान शनिवार को निकाली गई शोभा यात्रा के दौरान दिल्ली के जहाँगीपुरी (Jahangirpuri, Delhi Riots) में हुए पथराव और गोली-बारी का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में आरोपित गोली चलाते हुए दिख रहा है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गोली चलाने वाले शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके पास से हथियार भी बरामद किया गया है।

सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि शोभा यात्रा निकाल रहे लोगों पर कुछ लोग पथराव कर रहे हैं। पथराव करने वालों में 10-12 के बच्चे से लेकर प्रौढ़ तक शामिल हैं। इसी दौरान एक 40-42 का आदमी आता है और पिस्तौल की नाली सामने करके गोली चला देता और तुरंत भाग जाता है। जहाँ से वह व्यक्ति गोली चला रहा है, ठीक उसके सामने सामने एक गाय और शोभा यात्रा निकालने वाले लोग खड़े हैं।

दंगाइयों की गोलीबारी में घायल हुए मेधाराम मीणा ने कहा है कि उनके सामने 6-7 राउंड गोलियाँ चलाई गई थीं। इसी बीच यह भी खबर आई है कि गोली चलाने वाले वाले जिस शख्स को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा है उसका नाम असलम है। अब यह स्पष्ट नहीं है कि इस वीडियो में दिख रहा व्यक्ति असलम ही है या कोई दूसरा। प्रत्यक्षदर्शियों का भी कहना है कि पथराव के दौरान दंगाइयों द्वारा कई राउंड फायरिंग की गई थी।

शोभायात्रा में पत्थरबाजी करने और दंगा फैलाने (Delhi Jahangirpuri Riot) के आरोप में पुलिस ने अब तक 14 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि इस हमले का सूत्रधार अंसार नाम का शख्स है। उसी ने सबसे पहले शोभायात्रा के दौरान बहस कर विघ्न डालने की कोशिश की थी।

दिल्ली पुलिस में दर्ज कराई गई FIR में कहा गया है कि शोभायात्रा शांतिपूर्ण तरीके से चल रही थी और शाम को करीब 6 बजे जहाँगीपुरी के सी-ब्लॉक में जामा मस्जिद के पास पहुँची। इसी दौरान अंसार का नाम का व्यक्ति अपने 5-6 साथियों के आया और शोभायात्रा में शामिल लोगों से बहस करने लगा। बहस के ही दौरान लोगों पर पथराव होने लगा। इसके बाद दूसरे पक्ष की ओर से भी जवाब दिया जाने लगा।