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पीएम मोदी ने असम में 6 कैंसर अस्पतालों को किया राष्ट्र को समर्पित, 7 की रखी आधारशिला, कहा- नए अस्पताल मरीजों से खाली रहें तो अच्छा है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (28 अप्रैल 2022) को असम में कैंसर के 6 अस्पतालों को राष्ट्र को समर्पित किया और 7 नए अस्पतालों की आधारशिला रखी। उन्होंने लोगों के स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए कहा कि अस्पताल जरूरी हैं और सरकार इसे बनवा भी रही है, लेकिन अगर ये नए अस्पताल मरीजों से खाली रहेंगे तो उन्हें बहुत खुशी होगी।

डिब्रूगढ़ के खनिकर मैदान में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि हम ये अस्पताल इसलिए बना रहे हैं कि अगर कभी अस्पताल जाने की नौबत आ जाए तो कैंसर के मरीजों को मौत से लड़ने की आवश्यकता ही न हो। पीएम मोदी ने ये भी कहा कि असम में कैंसर अस्पतालों की इतनी अधिक जरूरत इसलिए हो रही है क्योंकि यहाँ बहुत बड़ी संख्या में ये बीमारी डिटेक्ट होती रही है। नॉर्थईस्ट में कैंसर बड़ी समस्या है, जिससे सबसे अधिक गरीब परिवार प्रभावित होते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक अगर यहाँ के किसी व्यक्ति को कैंसर डिटेक्ट होता था तो उन्हें इसके इलाज के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता था, लेकिन पिछले पाँच सालों में यहाँ जिस तरह के कदम उठाए गए हैं, उसके लिए सर्बानंद सोनोवाल, हिमंता बस्वा सरमा और टाटा ट्रस्ट को धन्यवाद देता हूँ। पीएम मोदी ने बताया कि बीते कुछ सालों में कैंसर की इतनी दवाएँ बनाई गई हैं, जिससे कैंसर के इलाज में इस्तेमाल दवाओं की कीमतें आधी रह गई हैं। इससे करीब 1000 करोड़ रुपए की बचत हुई है। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों से 900 से भी अधिक दवाएँ सस्ते दामों में मिल रही हैं।

पीएम मोदी ने देश में एम्स को लेकर कहा कि 2014 से पहले देश में केवल 7 एम्स थे। लेकिन हमने सभी में सुधार करते हुए देश में 16 नए एम्स घोषित किए। उन्होंने कहा कि आज यहाँ 7 नए कैंसर अस्पतालों का लोकार्पण किया गया है, लेकिन एक वक्त वो भी था, जब यहाँ साल में एक अस्पताल भी खुल जाए तो बड़ा उत्साह माना जाता था।

अपने अंतिम वर्षों को स्वास्थ्य के लिए समर्पित करना चाहता हूँ: रतन टाटा

इस मौके पर उद्योगपति रतन टाटा ने कहा कि वो अपने जीवन के अंतिम वर्षों को स्वास्थ्य के लिए समर्पित करना चाहता हूँ। असम को ऐसा प्रदेश बनाएँ जो सभी को पहचान और मान्यता दे।

वहीं असम के सीएम हिमंता बस्वा सरमा ने पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। सरमा ने बताया कि डिब्रूगढ़ में कैंसर अस्पताल का निर्माण करने के लिए असम सरकार द्वारा 2767 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया था, जबकि टाटा ट्रस्ट ने 1100 करोड़ रुपए से अधिक दिया है।

BHU में इफ्तार पार्टी पर बवाल: वीसी लॉज के सामने हनुमान चालीसा पाठ करेगी ABVP, यूनिवर्सिटी की सफाई- वर्षों से रोजा इफ्तार

उत्तर प्रदेश के वाराणसी (Varanasi, Uttar Pradesh) में प्रख्यात काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में रोजा इफ्तार और भड़काऊ नारों को लेकर माहौल गर्मा गया है। कुलपति आवास के बाहर पुतला जलाकर इफ्तार पार्टी का विरोध करने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने वीसी लॉज के सामने हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ करने की घोषणा की है। 

वहीं, इस विवाद को लेकर BHU ने सफाई दी है। बीएचयू ने कहा कि विश्वविद्यालय में विभिन्न त्योहारों एवं उत्सवों का आयोजन होता है, जिसमें विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य आपसी प्रेम और सद्भाव के साथ शामिल होते हैं। विश्वविद्यालय ने कहा कि विश्वविद्यालय में कई वर्षों से रोजा इफ्तार का आयोजन होता रहा है और विश्वविद्यालय परिवार का मुखिया होने के नाते कुलपति इसमें शामिल होते रहे हैं।

विश्वविद्यालय के पत्र में कहा गया है, “27 अप्रैल को महिला विश्वविद्यालय में रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया, जिसमें कुलपति जी को आमंत्रित किया गया था। पिछले दो वर्षों से कोरोना महामारी की वजह से इस कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो सका था। इस बार यह आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न अधिकारियों ने शिरकत की।” विश्वविद्यालय का कहना है कि इस तरह का मुद्दा उठाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।

इसी बीच गुरुवार (28 अप्रैल 2022) की शाम को एबीवीपी के छात्रों ने वीसी लॉज पर हनुमान चालीसा के पाठ का ऐलान किया है। संस्था के छात्रों का कहना है कि जब बीएचयू में रोजा इफ्तार हो सकता है तो हनुमान चालीसा का पाठ भी होगा। परिषद का दावा है कि इस पाठ में शाम 5:00 बजे बड़ी संख्या में छात्र हिस्सा लेंगे और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ करेंगे।

वहीं, विश्वविद्यालय की दीवारों पर भड़काऊ नारे लिखने का आरोप भगत सिंह छात्र मोर्चा पर लगाया जा रहा है। हालाँकि, मोर्चा ने इन नारों को लिखने में अपना हाथ होने से इनकार किया है। वहीं, मोर्चा ने इसी दौरान विश्वविद्यालय के लंका गेट पर बैठक करने का ऐलान किया है। ऐसे में दोनों संगठनों के छात्रों के बीच टकराव की आशंका उत्‍पन्‍न हो गई है। इसको देखते हुए परिसर में सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया है।

बता दें कि बुधवार की शाम को कुलपति प्रोफेसर सुधीर कुमार जैन के साथ-साथ प्रोक्टर प्रो. वीके शुक्ला सहित महिला महाविद्यालय के रोजेदार शिक्षक, शिक्षिकाओं व छात्राओं ने अपना रोजा खोला था। छात्रों ने ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया कि वहाँ डा. मो. अफजल हुसैन के नेतृत्व में रोजा और रमजान पर एक चर्चा भी हुई। इसकी जानकारी होने पर छात्रों का बड़ा समूह आक्रोशित हो गया। इसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुआ।

इसके अगले दिन यानी गुरुवार (27 अप्रैल) को परिसर में दीवारों पर “कश्मीर तो बस झाँकी है, पूरा भारत बाकी है।” तो “ब्राह्मणों तेरी कब्र खुदेगी BHU की धरती पर।” जैसे नारे लिखकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई है। इसके बाद परिसर का माहौल गर्म हो गया है। कैंपस में फोर्स को तैनात कर दिया गया है।

सड़क पर सरेआम गोवंश को काटा, मेरठ में हिन्दू संगठनों के दबाव में दर्ज हुआ मुकदमा, 4-5 आरोपितों को तलाश रही पुलिस

उत्तर प्रदेश के मेरठ में गोवंश की हत्या का मामला सामने आया है। घटना टीपी नगर थाना क्षेत्र के रोहटा रोड के पास की है। यहाँ गुरुवार (अप्रैल) सुबह गोवंश को खुलेआम सड़क पर काट दिया गया। पुलिस चौकी के पीछे गोवंश की निर्मम हत्या किए जाने के बाद टीपी नगर थाना क्षेत्र के रोहटा रोड में तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया है। मेरठ पुलिस का कहना है कि मामले में टीपी नगर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।

इस घटना से हिंदू संगठन काफी उग्र हो चुके हैं। विश्व हिंदू परिषद- गौरक्षा विभाग ने इस संबंध में एक पत्र भी जारी किया है। इसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश प्रशासन से मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने की बात कही है। विहिप ने पत्र में लिखा है कि मेरठ जनपद में समुदाय विशेष लगातार धार्मिक भावनाओं को आहत करने का कृत्य कर रहे हैं। उनका बार-बार इस तरह से इन घटनाओं को अंजाम देना और प्रशासन एवं पुलिस की विफलता किसी भी सांप्रदायिक तनाव को जन्म दे सकती है। इसलिए समय रहते यथासंभव कार्रवाई कर इस तरह के घृणित मानसिकता वाले तत्वों के मन में भय पैदा करना होगा, ताकि वह सपने में भी इस तरह के आपराधिक कृत्य के बारे में नहीं सोचेंगे।

विश्व हिंदू परिषद ने जारी किया लेटर

बताया जा रहा है कि रोहटा रोड पर स्थित पुलिस चौकी के पीछे 4-5 युवकों ने एक गोवंश की हत्या कर दी। सड़क के किनारे सब्जी बेचने वाले माँ और बेटे ने जब देखा तो शोर मचाया। जिसके बाद हत्यारे गोवंश को तड़पता छोड़ अपने गाड़ी में बैठ कर फरार हो गए। वहीं जिस पुलिस चौकी के पीछे गोवंश की हत्या की गई उस पुलिस चौकी पर ताला लटका मिला।

पुलिस चौकी पर ताला लटका देख गोवंश हत्यारों का हौसला इतना बढ़ गया कि वो थाने के पीछे ही सड़क पर खुले आम गोवंश का गला रेतने का दुस्साहस कर सके। वहीं सुबह हिंदू संगठन के सदस्यों के आने तक थाने पर ताला जड़ा देख सभी उग्र हो गए। सभी ने कहा कि पुलिस हत्यारों की जब तक पहचान कराकर गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं करती तब तक गोवंश का शव उठने नहीं दिया जाएगा। हालाँकि एसडीएम अरुण कुमार के आश्वासन बाद गोवंश को वहाँ से हटा दिया गया। एसडीएम ने आश्वासन दिया है कि एक सप्ताह के भीतर आरोपितों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कार डिलीवरी में देरी के बाद ट्रेंड हुआ जीजू, यूजर्स बोले- बदल डालो, बहन इससे बेहतर के लायक

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें TamrajKillWish नाम के एक यूजर ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Khiri, Uttar Pradesh) स्थित राणा मोटर्स (Rana Motors) द्वारा समय पर कार की डिलीवरी नहीं करने पर ट्विटर के जरिए 28 अप्रैल 2022 को अपना गुस्सा जाहिर किया। उसने कहा कि 25 फरवरी को उसने एक कार की बुकिंग कराई थी, जिसे 12 अप्रैल को डिलीवर करने का वादा किया गया था, लेकिन अभी तक उसकी डिलीवरी नहीं की गई।

फोटो साभार: ट्विट

इसके साथ ही उसने इस बात का भी जिक्र किया कि ये कार (टाटा नेक्सॉन) उसने कथित तौर पर अपने जीजू को कथित दहेज के तौर पर देने के लिए बुक किया था, लेकिन अभी तक कार की डिलीवरी नहीं हो सकी है। इससे उसका जीजू काफी नाराज है और उसने धमकी दी है कि अगर कार शादी में नहीं मिली तो वह शादी तोड़ देगा। उल्लेखनीय है कि टाटा नेक्सन की कीमत कार के मॉडल के आधार पर 7 लाख रुपए से शुरू होकर 13.5 लाख रुपए के बीच है।

इस बीच टाटा मोटर्स ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से यूजर को रिप्लाई करते हुए कहा, “नमस्ते, हम कभी नहीं चाहते कि हमारे ग्राहकों को इस तरह के अनुभवों से गुजरना पड़े। कृपया अपनी कॉन्टैक्ट डिटेल्स डीएम में शेयर करें, ताकि हमारी टीम आगे की मदद के लिए आपसे जुड़ सके।”

ट्वीट के बाद गंभीर आलोचनाएँ हो रही हैं, क्योंकि नेटिज़न्स का माना है कि कार दहेज के लिए है और जीजू धमकी दे रहा है कि कार नहीं मिली तो वह शादी तोड़ देगा। ट्विटर यूजर डी शर्मा ने तंज कसते हुए कहा, “कृपया जल्द से जल्द दहेज पहुँचाएँ। इसके अलावा तीन साल की अतिरिक्त वारंटी भी दें, ताकि बहन तीन साल और जीवित रहे और उससे पहले जले नहीं।”

शिवाय नाम के एक अन्य यूजर ने टाटा मोटर्स से कार की डिलीवरी नहीं करने का आग्रह करते हुए कहा, “इस कार को डिलीवर ना करें। यह दहेज है, जो कि अपराध है। लड़की को बचाइए। अगर इस कार के बिना शादी रद्द हो जाती है तो आप एक लड़की के जीवन को दुख से बचाएँगे।”

इसी क्रम में एक अन्य ट्विटर यूजर msmhater ने कहा, “बड़ी चिंता आपके भावी जीजू को लेकर होनी चाहिए। अगर कार मिलने पर ही आपकी बहन के साथ शादी तय है..तो कल वो किसी पॉश कॉलोनी में एक आलीशान फ्लैट के लिए आप सभी से वसूली करेगा। पहले उससे छुटकारा पाओ… कार जल्दी या बाद में पहुँचा दी जाएगी।”

ट्विटर यूजर द बुल राइडर ने TamrajKillWish को अपना जीजू बदलने का सुझाव दिया। यूजर ने कहा, “आपको तुरंत अपने लिए एक नया जीजू और नया कार डीलर ढूँढना चाहिए!”

हालाँकि, ट्विटर यूजर TamrajKillWish ने दहेज के मामले से जुड़े सवालों से बचने की कोशिशें की। इस मामले में ऑपइंडिया ने भी यूजर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उससे कोई संपर्क ही नहीं हो सका। इस मामले को लेकर जब हमने लखीमपुर में राणा मोटर्स से बात की तो वहाँ जिस व्यक्ति ने फोन रिसीव किया, उसने कहा कि उसे इसकी कोई जानकारी नहीं है और वो बाद में इसकी जानकारी देने की कोशिश करेगा।

एक साथ 9 गर्लफ्रेंड से शादी की, सबमें बराबर प्यार बाँटने को बनाया ‘सेक्स रोस्टर’; फिर भी एक छोड़कर चली गई

ब्राजील के आर्थर ओ उर्सो (Arthur O Urso) बीते साल सुर्खियों में आए थे। वजह उन्होंने एक साथ नौ गर्लफ्रेंड से शादी की थी। लेकिन अब जो रिपोर्टें सामने आ रही हैं उसके मुताबिक एक पत्नी ने उन्हें छोड़ दिया है। यह तब हुआ जब उर्सो ने सभी नौ पत्नी में बराबर प्यार बाँटने के लिए ‘सेक्स रोस्टर’ भी बना रखा है। जो पत्नी उन्हें छोड़कर गई है वह उनका पूरा समय चाहती थी। अब उर्सो का भी कहना है कि सेक्स रोस्टर का पालन करना उनके लिए बेहद थकाऊ अनुभव रहा है। हालाँकि अब भी वे दो और शादी करने की ख्वाहिश रखते हैं।

द सन की रिपोर्ट के मुताबिक उर्सो ने सभी पत्नियों को बराबर प्यार देने के लिए एक सेक्स शेड्यूल बनाया। लेकिन इसका पालन करना उनके लिए बेहद तनावपूर्व और थकाने वाला साबित हुआ। उनके लिए तमाम पत्नियों के बीच किसी एक पर फोकस करना भी मुश्किल था और अक्सर वह एक पत्नी से सेक्स करते समय अपनी दूसरी पत्नियों के बारे में सोचते थे। उन्होंने कहा, “मैंने शुरू में सेक्स के लिए एक शेड्यूल बनाया था, लेकिन इसका पालन करने में कई समस्याएँ हुईं।”

उन्होंने कहा कि कई बार उन्हें सुख के बजाय सिर्फ शेड्यूल के लिए सेक्स करना पड़ता था। कई बार वह सेक्स के दौरान अपनी किसी दूसरी पत्नी के बारे में सोच रहे होते थे। तमाम कठिनाइयों के बाद उर्सो ने रोस्टर को बंद कर दिया और प्राकृतिक तरीका अपनाना बेहतर समझा। वह मानते हैं कि सेक्स लाइफ अब काफी बेहतर है। उन्होंने कहा कि जब आपकी इतनी पत्नियाँ हों तो आकर्षित होने में ज्यादा समय नहीं लगता।

गिफ्ट देने से नाराज हो जाती हैं पत्नियाँ

उर्सो की पत्नियों को इस व्यवस्था से कोई समस्या नहीं है लेकिन वह बताते हैं कि जब तोहफे देने की बात आती है तो उनके बीच जलन देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि जब वो एक को महँगा और एक को सस्ता गिफ्ट देते हैं तो वह एक-दूसरे से ईर्ष्या करती हैं। उन सभी को बराबर अटेंशन चाहिए होता है।

अब उर्सो की 8 बीबियाँ ही हैं। अगाथा उनसे अलग हो गई हैं। उन्‍होंने कहा, “अगाथा मेरे ऊपर अपना पूरा हक चाहती है। मुझे नहीं लगता कि यह संभव है। हमें साझा करना होगा।” उन्‍होंने कहा, “मैं तलाक को लेकर बहुत दुखी था और सबसे ज्‍यादा उसकी वजह को जानकर हैरान था।” आर्थर ने बताया, “अगाथा ने कहा कि वह एक व्‍यक्ति के साथ रिश्‍ते को मिस कर रही है।’

उर्सो ने कहा कि उनकी अन्‍य पत्नियाँ मानती हैं कि अगाथा का यह व्‍यवहार गलत है। उन्‍होंने कहा कि अगाथा ने उनकी 8 पत्नियों के साथ रिश्‍ते को रोमांच के लिए कबूल किया था न कि वास्‍तविक प्‍यार के लिए। उर्सो आगे कहते हैं कि वह अब दो और महिलाओं से शादी करना चाहते हैं, जिससे उनकी पत्नियों की संख्या 10 हो जाए। उन्होंने कहा, “मेरा एक सपना है। मेरी हमेशा से 10 पत्नी रखने की इच्छा रही है। मेरी केवल एक बेटी है, लेकिन मैं अपनी प्रत्येक पत्नी के साथ एक बच्चा पैदा करना चाहता हूँ। मैं उन सभी से एक जैसा प्यार करती हूँ। मुझे लगता है कि उनमें से केवल एक या दो के साथ बच्चे पैदा करना अनुचित होगा।”

सगी बहन से 4 साल से रेप कर रहा था मुस्लिम युवक, बड़ी बहन को भी नहीं छोड़ा: बेटियों को बचाने आई अम्मी से भी दुष्कर्म की कोशिश

झारखंड (Jharkhand) के लोहरदगा जिले से मानवता को कलंकित करने वाला एक मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक मुस्लिम युवक ने अपनी दो सगी बहनों के साथ रेप (Rape) किया। उन्हें बचाने के लिए आई अम्मी से भी उसने बलात्कार की कोशिश की। साथ ही पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना लोहरदगा जिले के सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले न्यू आजाद बस्ती की है। आरोपित यहीं का रहने वाला है। वह एक गैराज में मोटर मैकेनिक का काम करता है। घर में दो बहने हैं। बड़ी बहन की उम्र 19 वर्ष है, जबकि छोटी 16 साल की है। इसके अलावा, घर में उसकी अम्मी और अब्बू भी रहते हैं।

वह करीब 3-4 साल से अपनी छोटी बहन का लगातार रेप करता आ रहा है। बुधवार (27 अप्रैल 2022) को जब उसकी बड़ी बहन नहाकर रसोई की तरफ जा रही थी तो आरोपित ने उसके साथ भी रेप किया। घटना के दौरान बड़ी बहन की चीख सुनकर छोटी बहन कमरे में पहुँची और उसे दरिंदा बने भाई के चंगुल से बचाने की कोशिश करने लगी। तब आरोपित ने उसे चाकू दिखाकर चुप करा दिया।

इस बीच बच्चियों की आवाज सुनकर उसकी अम्मी भी वहाँ पहुँची तो उसने देखा कि आरोपित पूरी तरह से निर्वस्त्र था और वह अपनी ही बहनों के साथ अश्लील हरकतें कर रहा था। जब अम्मी ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसके साथ भी रेप की कोशिश करने लगा। इस दौरान उसने अपने परिवार के लोगों की हत्या की भी धमकी दी।

पुलिस ने आरोपित को किया गिरफ्तार

इससे आहत आरोपित की अम्मी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले को लेकर महिला थाने की इंचार्ज जोस्फीना हेम्ब्रम ने कहा कि आरोपित के खिलाफ इंडियन पीनल कोड की धारा 376, 354, 506 और पॉक्सो एक्ट के तहत महिला थाने में केस रजिस्टर किया गया है।

महाराष्ट्र के धुले में फिर पकड़ाया हथियारों का जखीरा: राजस्थान से भेजी जा रही थीं तलवारें, अजान को लेकर राज ठाकरे की होने वाली है सभा

महाराष्ट्र (Maharashtra) में हथियारों का जखीरा मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। एक महीने के अंदर दूसरी बार पुलिस ने पश्चिम महाराष्ट्र के धुले (Dhule) से तलवारों और खंजरों के जखीरे को जब्त किया है। हथियारों का ये जखीरा राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से स्कॉर्पियो में भरकर जालना जिले में ले जाया जा रहा था।

इसकी पुष्टि करते हुए धुले जिले के एसपी प्रवीण कुमार पाटिल ने कहा, “पुलिस ने धुले के सोंगिर गाँव के पास एक गाड़ी से भारी मात्रा में तलवारें बरामद कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गाड़ी के साथ 7,13,600 रुपए कीमत की 89 तलवारें और 1 खंजर बरामद किया गया है।” इन सभी आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने इंडियन पीनल कोड की धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की है। हालाँकि, महाराष्ट्र में इतनी बड़ी हथियारों की खेप क्यों, किसके लिए और इसके पीछे कौन शामिल है, इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। लेकिन, इतनी बड़ी मात्रा में मिले हथियारों की खेप ने प्रदेश में शांति व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

जालना में होने वाली है राज ठाकरे की जनसभा

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर पर अजान और हनुमान चालीसा को लेकर जारी सियासत के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के मुखिया राज ठाकरे (Raj Thackeray) की जल्द ही एक जनसभा महाराष्ट्र के जालना में होने वाली है। इसके चलते अनहोनी का आशंका बढ़ गई है।

पहले भी मिला हथियारों का जखीरा

इसके पहले महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवाड (Pimpri Chinchwad) में पुलिस ने दिघी स्थित एक निजी कूरियर कंपनी के गोदाम से हथियारों की बरामदगी की थी। हथियार लकड़ी के दो बक्सों में रखे हुए थे। इसमें 92 तलवार, 2 खंजर और 9 छुरी बरामद की गई थीं। ये बक्से कथित तौर पर अमृतसर के रहने वाले उमेश सूद ने औरंगाबाद के रहने वाले अनिल होण को भेजा था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आईपीसी और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इसका खुलासा 1 अप्रैल को उस वक्त हुआ था जब कूरियर कंपनी के कर्मचारियों ने इलेक्ट्रॉनिक मशीनों के जरिए पार्सल को स्कैन किया। कर्मचारियों ने बिना देर किए इस मामले की जानकारी पुलिस को दी। उन्होंने बताया कि तलवारें कूरियर के जरिए पार्सल की जा रही हैं। इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुँची और 92 तलवारें, 2 खंजर और 9 छुरी बरामद की थी। जब्त किए गए सभी हथियारों की कीमत 3.7 लाख रुपए आँकी गई थीं।

‘20% (मुस्लिमों) को छेड़ा तो आपका 80% डिस्टर्ब होगा’: झारखंड के मंत्री हफीजुल हसन ने हिंदुओं को धमकाया

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Jharkhand CM Hemant Soren) क तरफ खनन पट्टे मामले में फँसते दिख रहे हैं तो दूसरी तरफ उनके मंत्री सांप्रदायिक कार्ड खेलते दिख रहे हैं। राज्य के पर्यटन, युवा, अनुसूचित जनजाति एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन अंसारी (Hafizul Hassan Ansari) ने कहा धमकी भरे अंदाज में कहा कि अगर देश में मुस्लिमों को परेशान किया गया तो इसका नुकसान हिंदुओं को उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश में मुस्लिम 20 प्रतिशत हैं और हिंदू 70 प्रतिशत।

हफीजुल हसन ने धमकी भरे अंदाज में कहा, “सबको पता है कि जो हो रहा है, केंद्र सरकार के द्वारा जो किया जा रहा है हमारे साथ तो उसमें हम सबका नुकसान है। अगर हम 20 परसेंट हैं तो आप 80 परसेंट हैं, 70 परसेंट हैं, लेकिन ज्यादा डिस्टर्ब होगा तो मेरा 20 घर बंद होगा तो आपका 70 घर बंद होगा।”

हसन का धमकी का सीधा मतलब था कि अगर 20 प्रतिशत मुस्लिम जनसंख्या को परेशान किया गया तो 70 प्रतिशत हिंदुओं को इसका परिणाम भुगतना होगा। बता दें कि हफीजुल हसन झारखंड के मधुपुर से विधायक हैं।

इसके पहले हसन ने लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाकर 18 साल से 21 साल करने का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि लड़कियों का शारीरिक विकास लड़कों की अपेक्षा तेजी से होता है, इसलिए लड़कियों की शादी ‘बाली उमर’ में ही कर देनी चाहिए।

हिंदू महासम्मेलन में पहली बार ईसाई संगठन CASA लेगा हिस्सा: पढ़ें कैसे केरल में ‘लव जिहाद’ से चल रही है लड़ाई

केरल के तिरुवनंतपुरम में शुक्रवार (29 अप्रैल, 2022) को आयोजित 10वें अनंतपुरी हिंदू महासम्मेलन में पहली बार क्रिश्चियन एसोसिएशन और अलायंस फॉर सोशल एक्शन (CASA) नाम के संगठन भाग लेंगे।

बुधवार (25 अप्रैल) को केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान द्वारा उद्घाटन और हिंदू धर्म परिषद द्वारा आयोजित इस 5 दिवसीय कार्यक्रम में पहली बार एक ईसाई समूह की उपस्थिति होने जा रही है। बता दें कि समूह ‘लव जिहाद, लैंड जिहाद और हलाल अर्थव्यवस्था’ पर चर्चा का एक हिस्सा है।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, हिंदू धर्म के अध्यक्ष एम गोपाल ने टिप्पणी की, “पहले भी इस कार्यक्रम में ईसाई शामिल होते थे। लेकिन यह पहली बार है जब कोई ईसाई संगठन इस कार्यक्रम में शामिल हो रहा है। केरल की वर्तमान स्थिति की माँग है कि हिंदुओं और ईसाइयों को एक साथ खड़ा होना चाहिए।”

लव जिहाद का विरोध

उन्होंने आगे कहा, “लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसे सामान्य मुद्दे हैं जिनका दोनों समुदाय सामना कर रहे हैं। दोनों समुदाय समान संकट की स्थिति का सामना कर रहे हैं। इस्लामिक आतंकवाद से दोनों समुदायों को सामना करना पड़ रहा है। वामपंथी और इस्लामी इतिहासकारों ने राज्य के इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है। हम इतिहास को सही परिप्रेक्ष्य में रखना चाहते हैं। कॉन्क्लेव उस दिशा में प्रयास किया जाएगा।”

बता दें कि हिंदू संगठनों के साथ कासा का जुड़ाव 2009 से है, जब इसने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के साथ हाथ मिलाया था ताकि इस्लामवादियों द्वारा प्यार के बहाने हिंदू, ईसाई लड़कियों को लुभाने के प्रयासों को विफल किया जा सके।

इस मामले के बारे में बोलते हुए, तत्कालीन कासा पदाधिकारी केएस सैमसन ने ‘लव जिहाद’ के खतरे से निपटने के लिए विहिप के साथ सहयोग करने की कसम खाई थी। रिपोर्ट में कहा गया है, “सैमसन ने कहा कि कुछ दिन पहले, कासा को एक हिंदू के बारे में पता चला था। एक ईसाई पैरिश में परिवार जहाँ एक स्कूल जाने वाली लड़की पीड़ित थी। हमने तुरंत इसे विहिप के पास भेज दिया, उन्होंने कहा, भगवा संगठन को जोड़ने से उन्हें कई मामलों में मदद मिली है।”

हाल ही में क्रिश्चियन एसोसिएशन और अलायंस फॉर सोशल एक्शन ने कोझीकोड जिले के कोडेंचेरी गाँव में लव जिहाद के एक कथित मामले के खिलाफ समर्थन जुटाया था।

मामला शेजिन नाम के एक मुस्लिम व्यक्ति का है, जिसने ज्योत्सना मैरी जोसेफ नाम की एक ईसाई महिला को भगाकर निकाह कर ली थी। सऊदी अरब में नर्स का काम करने वाली ज्योत्सना एक और शख्स से सगाई करने केरल पहुंचीं थी। हालाँकि, वह शेजिन के साथ भाग गई।

मैरी जोसेफ के माता-पिता ने कोडनचेरी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी लापता है। पुलिस ने शेजिन के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो परिजन और स्थानीय लोगों ने थाने की ओर मार्च किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि निकाह ‘लव जिहाद’ था। हालाँकि, ज्योत्सना ने दावा किया कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है। इस बीच, उसके परिवार ने आरोप लगाया कि ज्योत्सना दबाव में थी और दंपति को माकपा नेताओं का समर्थन प्राप्त था। द न्यूज मिनट की एक रिपोर्ट के अनुसार, कासा के नेतृत्व में ईसाई समूहों ने ज्योत्सना को बचाने के लिए विरोध मार्च, रैलियाँ और अभियान चलाया।

कासा द्वारा उठाए गए एक्शन

News9 के साथ एक साक्षात्कार में, CASA के सह-संस्थापक केविन पीटर ने बताया, “हमने राज्य में 200 से अधिक ‘लव जिहाद’ मामलों में हस्तक्षेप किया है और लगभग 90 लड़कियों को बचाने में सफलता पाई हैं। हम ‘लव जिहाद’ मामलों की पहचान करने और स्थानीय पुजारियों को सतर्क करने के लिए पंजीकरण विभाग की वेबसाइट पर विवरण भी देखते हैं।”

“उनकी मदद से, हम उनके परिवारों से मिलते हैं और लड़कियों को बचाते हैं। मेरी समझ से 10 में से 8 मामलों में लड़कियों को अपने फैसले पर पछतावा होता है। साथ ही, माता-पिता को अक्सर बहिष्कार और अपमान का सामना करना पड़ता है। हजारों में केवल एक बिंदु संपत (निमिशा फातिमा की माँ जो आईएसआईएस में शामिल हो गई) या अशोकन (हादिया के पिता जिन्होंने शेफिन जहाँ से शादी की) है।

जिस हनुमान चालीसा के लिए माता-पिता पर लगा राष्ट्रद्रोह, 8 साल की आरोही राणा ने किया उसका पाठ: कहा- भगवान से मम्मी-पापा की जल्द रिहाई की प्रार्थना की

महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा पर विवाद के बीच 8 साल की आरोही राणा ने इसका पाठ किया है। आरोही अमरावती की निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा की बेटी हैं। राणा दंपती अभी जेल में हैं। दोनों को मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा के बाद धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने समेत कई आरोपों में गिरफ्तार किया गया था।

आरोही ने अपने अमरावती स्थित अपने घर में हनुमान चालीसा का पाठ किया। पाठ में बड़ी संख्या में राणा दंपती के समर्थक भी शामिल हुए। आरोही ने न्यूज एजेंसी ANI से इस बारे में बात करते हुए कहा, “मैं भगवान से प्रार्थना करती हूँ कि मेरे मम्मी-पापा जल्द ही रिहा हो जाएँ।”

सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा अभी मुंबई की जेल में बंद हैं। उनकी जमानत याचिका पर मुंबई की सेशंस कोर्ट में 29 अप्रैल को सुनवाई होगी। राणा दंपती ने पिछले हफ्ते सीएम उद्धव ठाकरे के मुंबई स्थित आवास ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने का ऐलान किया था। इसके बाद शिवसेना समर्थकों ने राणा दंपती के घर के बाहर हंगामा भी किया था। बाद में मुंबई पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन पर शांति भंग करने, दो समुदायों में वैमनस्य फैलाने व राष्ट्रद्रोह की धाराएँ लगाई गई हैं।

हिरासत में रहने के दौरान नवनीत राणा ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर थाने में दुर्व्यवहार करने व पीने का पानी तक नहीं देने व शौचालय नहीं जाने देने जैसे आरोप लगाए थे। इसके बाद गृह मंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार से सांसद नवनीत राणा की गिरफ्तारी और खार थाने में अमानवीय व्यवहार के आरोपों के बारे में एक तथ्यात्मक रिपोर्ट माँगी थी। वहीं, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विशेषाधिकार और आचार समिति को राणा की शिकायत जाँच के लिए कहा था।