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‘AAP के विज्ञापन की खैरात से चलता है मीडिया’: केजरीवाल पर बरसे कश्मीरी पंडित, कहा- बाबर, कॉन्ग्रेस और कम्युनिस्टों के अत्याचार छिपाए गए

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निवास स्थान के बाहर बुधवार (30 मार्च, 2022) को कश्मीरी पंडितों ने विरोध प्रदर्शन किया। कारण- उन्होंने नब्बे के दशक में इस्लामी कट्टरवादियों द्वारा किए गए कश्मीरी हिन्दुओं के नरसंहार पर बनी फिल्म को न सिर्फ टैक्स फ्री करने से इनकार कर दिया, बल्कि दिल्ली विधानसभा में पार्टी विधायकों के साथ इस पर ठहाके भी लगाए। उनसे माफ़ी माँगने की बात करते हुए कश्मीरी पंडितों ने विरोध प्रदर्शन किया।

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान हमें एक बुजुर्ग कश्मीरी पंडित रत्नो रुद्रा भी मिले, जिन्होंने बेबाकी से अपनी बात रखी और दिल्ली के सीएम को लगभग धो डाला। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने जिस तरह ‘The Kashmir Files’ का मजाक उड़ाया है और इसे एक झूठी कहानी बताया, वो उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है, उनके संवेदनहीन सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इससे कोई दिक्कत नहीं है कि केजरीवाल फिल्म में अभिनय, संगीत, सिनेमैटोग्राफी इत्यादि पर टिप्पणी करें।

लेकिन, उन्हें समस्या इस बात से है कि AAP सुप्रीमो ने इस फिल्म में दिखाई गई घटनाओं को ही झूठा बता दिया। उनके मुताबिक, इसका कोई आधार नहीं है। उन्होंने टीकालाल टपलू और जस्टिस नीलकंठ गंजू की हत्याओं का जिक्र किया। जस्टिस गंजू ने आतंकी मकबूल भट्ट को मौत की सज़ा दी थी। उन्होंने याद किया कि कैसे उन्हें बीच चौराहे पर मारा गया था और उनके शव के चारों तरफ आतंकी गोलीबारी करते हुए नाच रहे थे।

रत्नो रुद्रा ने पूछा कि क्या ये झूठ है? उन्होंने कहा कि फिल्म में इन्हीं दृश्यों को दिखाया गया है। उन्होंने गिरिजा टिक्कू के सामूहिक दुष्कर्म और उन्हें आरी से टुकड़ों में काटे जाने की घटना याद की। उन्होंने ऐसे लोगों से भी आपत्ति जताई, जो ये कह रहे हैं कि विवेक अग्निहोत्री ने ‘The Kashmir Files’ पैसे कमाने के लिए बनाए। उन्होंने ‘Schindler’s List (1993)’ और ‘The Pianist (2002)’ का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या उन फिल्मों ने पैसे कमाए तो उनमें दिखाई गई चीजें झूठ थीं?

उन्होंने कहा, “यहूदियों के दुःख-दर्द को दिखाने में कोई समस्या नहीं है, लेकिन भारत में हिन्दुओं का दुःख-दर्द कोई दिखा दे तो कुछ नेताओं के वोट बैंक में खलबली मच जाती है। इनकी राजनीति ही यही रही है – हमेशा मुस्लिमों को हाइलाइट करो। वो भी भारतीय हैं, लेकिन आप हमेशा मुस्लिमों का महिमामंडन करोगे और हिन्दुओं की बातें सच होने के बावजूद दबाओगे तो ये झूठ है। अरविंद केजरीवाल ने कोई नौकरी किसी को नहीं दी है। कश्मीरी पंडितों को कोई मुआवजा नहीं मिला है।”

बकौल रत्नो रुद्रा, जो मेनस्ट्रीम के मीडिया हैं वो AAP के विज्ञापन के खैरात पर चलते हैं और उन्हें बुला-बुला कर अरविंद केजरीवाल ने इंटरव्यू दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे इंटरव्यूज में भी दिल्ली के सीएम झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने जघन्य घटनाओं पर केजरीवाल और उनके विधायकों के हँसने को जघन्य अपराध बताया। कश्मीरी पंडितों को सीएम आवास से काफी पहले ही रोक दिया गया। इस पर कश्मीरी पंडित रत्नो रुद्रा ने कहा कि वो सच्चाई कभी सुनना नहीं चाहेंगे।

उन्होंने बताया कि कैसे पहली बार कॉन्ग्रेस के समर्थन से दिल्ली में सरकार बनाने के बाद अरविंद केजरीवाल ने ‘जनता दरबार’ नियमित रूप से लगाने का वादा किया था, लेकिन पहले ही ऐसे कार्यक्रम में वो कूद कर भाग खड़े हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी अरविंद केजरीवाल जनता का सामना करेंगे ही नहीं। उन्होंने कहा कि हमें अनुमति दिया जाता तो सीएम आवास के बाहर जाते। साथ ही चुनौती दी कि मुख्यमंत्री बाहर आकर मिलें।

उन्होंने चुनौती दी कि अगर हिम्मत है तो अरविंद केजरीवाल हमसे आकर मिलें, बात करें। उन्होंने ध्यान दिलाया कि यहाँ सिविल लाइंस स्थित उनके आवास पर जमा सभी लोग कामकाजी हैं और छात्र हैं, कोई आतंकी या उग्रवादी तो हैं नहीं। उन्होंने ये भी कहा कि हम तो तो सच जो दिखाया गया है, उसके समर्थन में खड़े हैं। उन्होंने कहा कि हम सिविल सोसाइटी के लोग हैं, जो शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए न्याय की माँग का नारा लगा रहे हैं और लोकतंत्र में जस्टिस माँगना अपराध तो नहीं है।

उन्होंने कहा, “अचानक आपके सामने सच सामने आ जाए तो आपको आश्चर्य और हैरानी होगी। ‘The Kashmir Files’ देख कर लोग ये सोच रहे हैं कि हमसे 32 वर्षों तक ये चीजें छिपाई गईं। मीडिया और एक इकोसिस्टम ने मिल कर इसे छिपाया। हिन्दुओं के साथ जो भी बुरा हुआ है, वो छिपाया गया है। चाहे आप बाबर से लेकर औरंगजेब तक के अत्याचार ले लीजिए, सारे सच छिपाए गए। कॉन्ग्रेस और वामपंथियों ने केरल और पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं के साथ जो गलत किया, उसे छिपाया गया है। वो सिर्फ अपनी चीजें दिखाना चाहते हैं।”

रत्नो रुद्रा ने स्पष्ट कर दिया कि हमलोग यहाँ भाजपा-कॉन्ग्रेस-AAP करने नहीं आए हैं, लेकिन केंद्र सरकार कश्मीरी पंडितों को दोबारा बसाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें सुरक्षा भी देनी होगी। उन्होंने इसे अच्छा निर्णय बताया कि वहाँ कोई भी भारतीय नागरिक जीम खरीद सकता है। उन्होंने वहाँ सेवानिवृत्त सेना के जवानों के लिए वहाँ कॉलोनी बनाए जाने के निर्णय का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वहाँ से जिन्हें भगाया गया, उनमें से 90% लोगों की संपत्ति वहाँ भी है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन कश्मीरी पंडितों को वापस उनकी संपत्ति दी जाए। उन्होंने कहा कि यही सरकार है, जिसकी वजह से बिट्टा कराटे और यासीन मलिक कैसे आतंकी जेल में है। उन्होंने कहा कि हमें न्याय मिलेगा, यही उम्मीद है। कश्मीरी पंडितों ने प्रदर्शन के दौरान हाथ में काली पट्टी भी पहन रखी थी। उन्होंने इस पर ख़ुशी जताई कि इससे जुड़े कुछ पुराने मामले अदालतों में खुल रहे हैं और आगे कार्रवाई होगी।

सुनो केजरीवाल… AAP हेडक्वार्टर के बाहर आधी रात लगा पोस्टर, लिखा- तुम झूठी फिल्म जिसे बताते हो, वो दर्दनाक इतिहास है हमारा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिछले दिनों विधानसभा में विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को झूठा बताया था। इसके बाद से कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार का मजाक उड़ाने को लेकर वे चौतरफा घिरे हैं। बुधवार (30 मार्च 2022) को इस बयान के विरोध में मुख्यमंत्री आवास के बाहर दो प्रदर्शन भी हुए थे। एक प्रदर्शन भाजयुमो का था तो दूसरा india 4 kashmir के बैनर तले कश्मीरी पंडितों का। इसके बाद बुधवार आधी रात आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्यालय के बाहर विरोध में पोस्टर भी चिपका दिए गए।

दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने आप हेडक्वार्टर के बाहर यह पोस्टर लगाया। उन्होंने ट्विटर पर इसका एक वीडियो भी शेयर किया है। इसमें आप मुख्यालय के पास पोस्टर लगा दिख रहा है। इस पोस्टर पर लिखा है- सुनो केजरीवाल। तुम झूठी फिल्म जिसे बताते हो, वो दर्दनाक इतिहास है हमारा।

बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने ‘द कश्मीर फाइल्स‘ को झूठी फिल्म बताते हुए राज्य में टैक्स फ्री करने से इनकार कर दिया था। 24 मार्च 2022 को विधानसभा में उन्होंने फिल्म को टैक्स फ्री करने की बजाय यूट्यूब पर डालने की सलाह भी दी थी। इसके बाद से ही उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। इससे पहले बग्गा ने बुधवार को एक ट्वीट में लिखा था, “अगर कश्मीरी हिन्दुओं के नरसंहार पर केजरीवाल के दिए बयान पर माफ़ी माँगने के लिए कहना असामाजिक है तो हाँ हम असामाजिक तत्व हैं। केजरीवाल को बाटला हाउस के आतंकवादी और प्रोफेसर निवेदिता रोल मॉडल लगते हैं और हम आसामाजिक तत्व, तो हम आसामाजिक तत्व ही सही।”

उल्लेखनीय है कि बुधवार (30 मार्च 2022) को कश्मीरी पंडितों ने भी सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘गिरिजा जी पर हँसने वालों- शर्म करो, शर्म करो’, ‘7 लाख भगाए थे, 70 लाख बसाएँगे’, ‘WE WANT JUSTICE’, ‘कुछ काटे गए, कुछ जलाए गए, अपने घर से भगाए गए’, ‘जहाँ हुई बलिदान गिरिजा की, वो कश्मीर हमारा है’, ‘जहाँ हुई बलिदान टपलू जी की, वो कश्मीर हमारा है’ जैसे नारे लगाए और केजरीवाल के दिमागी तौर पर जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

इसके अलावा भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के सदस्यों ने भी केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन किया था। इस सिलसिले में आईपीसी की धारा 186/353/188/332 और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम अधिनियम, 1984 के अधिनियम संख्या 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है। करीब 70 लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। अब तक इस सिलसिले में आठ लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी पुलिस ने दी है।

सब इंस्पेक्टर था नुरुल इस्लाम, थाने में बुला 13 साल की बच्ची से किया रेप, फिर घर में घुस उसकी बहन को बनाया शिकार: उम्रकैद, ₹8 लाख जुर्माना

मेघालय की एक स्पेशल कोर्ट ने बर्खास्त पुलिसकर्मी नुरुल इस्लाम को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर आठ लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। इस्लाम पर दो नाबालिग बहनों से रेप का आरोप था। इस घटना के सामने आने के बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया था। सोमवार (28 मार्च 2022) को अदालत ने इस मामले में सजा सुनाई।

पीड़ित पक्ष के वकील ने नुरुल को कम से कम उम्रकैद की अपील अदालत से की थी। एलान ईस्ट खासी हिल्स कोर्ट के न्यायाधीश एफ एस संगमा ने उसे सज़ा सुनाई। रेप की यह घटना मार्च 2013 की है। उस समय सब इंस्पेक्टर नुरुल इस्लाम अमपति पुलिस स्टेशन में इंचार्ज था। यह थाना गारो हिल्स जिले में आता है। पीड़ित बच्चियों के पिता ने आरोप लगाया था कि नुरुल ने 13 मार्च 2013 को उनकी 13 साल की बच्ची को थाने में बुला कर दुष्कर्म किया। इसके बाद 31 मार्च 2013 को नुरुल ने पीड़िता के घर जा कर उसकी 17 वर्षीया बहन के साथ बंदूक की नोक पर रेप किया। उसने दोनों बहनों को मुँह खोलने पर फर्जी केस में फँसाने की धमकी भी दी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित बच्चियों के पिता की शिकायत पर साल 2013 के केस में नुरुल इस्लाम को सस्पेंड कर दिया गया था। बाद में उसको POCSO एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया। इस घटना के विरोध में मेघालय में प्रदर्शन भी हुए थे। भीड़ ने थाना घेर लिया था, तब नुरुल को दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा था। इस दौरान वो पुलिस कस्टडी से भाग निकला। बाद में उसको फिर से गिरफ्तार किया गया। नुरुल के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया था।

NCPCR (राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग) ने भी मेघालय सरकार से इस मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की थी। NCPCR ने तब नुरुल को थाने के लॉकअप में रखने के बजाय आवासीय क्वार्टर में रखने और स्पेशल ट्रीटमेंट देने का आरोप लगाया था। राज्य सरकार ने सब इंस्पेक्टर नुरुल इस्लाम को सितंबर 2013 में बर्खास्त कर दिया था।

राजस्थान: इरफान ने पहले नाबालिग लड़की से किया रेप, फिर समझौते के लिए बहन जीनत, बिलकिस ने पीड़िता को धमकाया

राजस्थान (Rajasthans) के नागौर जिले में नाबालिग रेप (Rape) पीड़िता और उसके परिजनों को धमकाने का मामला सामने आया है। 6 महीने पहले नागौर के कुचामन शहर में दसवीं की छात्रा से रेप करने वाले आरोपित इरफान सोहेल के परिजनों ने पीड़िता, उसके पिता सहित अन्य परिजनों को धमकी दी है कि अगर उन्होंने समझौता नहीं किया तो वे अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो दिन पहले आरोपित के परिजन पीड़िता के घर रेप मामले में समझौता करने के लिए पहुँचे थे। काफी दबाव बनाने के बाद भी जब लड़की के घरवाले नहीं माने तो उन लोगों ने पीड़िता और उसके पिता को गालियाँ दीं और धमकाया कि इसका अंजाम ठीक नहीं होगा। पीड़िता की शिकायत पर कुचामन थाने में आरोपित के परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में रेप का आरोपित इरफान सोहेल पुत्र अब्दुल हकीम पहले से ही मेड़ता जेल में बंद है।

पीड़िता के पिता ने बताया कि 6 महीने पहले 21 सितम्बर को उनकी बेटी ने इरफान पुत्र अब्दुल हकीम निवासी कुचामन के खिलाफ पॉक्सो एक्ट व एससी एसटी एक्ट में मामला दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने इरफान को गिरफ्तार कर मेड़ता जेल भेज दिया था। इसके बाद से इरफान के परिजन घर आकर उनसे मामले में समझौते करने के धमका रहे थे। दो दिन पहले इरफान की बहन जीनत, बिलकिस और इंतखाफ उनके घर आए और समझौते के लिए धमकाने लगे। वो नहीं माने तो तीनों ने उन्हें और उनकी बेटी को गालियाँ दीं और अंजाम भुगतने की धमकी दी। पीड़ित पिता का कहना है कि अगर उसकी बेटी को न्याय नहीं मिला तो वह अपनी जान दे देगा।

क्या है पूरा मामला

छह महीने पहले 17 वर्षीय युवती ने कुचामन पुलिस को बताया था कि जब वह तीन साल पहले दसवीं क्लास में पढ़ रही थी, उस दौरान स्कूल के रास्ते में उसकी पहचान इरफान सोहेल नाम के लड़के से हो गई। इरफान ने उसे निकाह का झाँसा देकर मोबाइल भी गिफ्ट किया था। उसके बाद वह उसे कई बार होटल में ले गया, जहाँ उसने नाबालिग के साथ कई बार दुष्कर्म किया। इस दौरान आरोपित ने उसके अश्लील वीडियो भी बनाए, जिसके आधार पर वह लड़की को ब्लैकमेल करता और उससे रेप करता। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपित ने पीड़िता की अश्लील फोटो अपने दोस्तों को भी दिखाई है।

ऑल्ट न्यूज वाला जुबैर फैला रहा बिरयानी पर फेक खबर, हिंदू राजा नल के जनेऊ पर भी उड़ाया मजाक

नाम मोहम्मद जुबैर। काम ऑल्ट-न्यूज में। धंधा फैक्ट चेक के नाम पर फेक खबर फैलाना। इस बार जुबैर ने राजा नल और बिरयानी को लेकर झूठ फैलाया। ऐतिहासिक संदर्भ दिए जाने के बाद भी मोटी चमड़ी वाले जुबैर ने अपना ट्वीट डिलीट नहीं किया।

अब कहानी विस्तार से। हुआ यह कि हिंदू इकोसिस्टम (Hindu Ecosystem) नाम के ट्विटर हैंडल ने पाक ग्रंथ पाकदर्पण (Pakadarpanam) का संदर्भ देते हुए सबसे पहले बिरयानी भारत में बनाने का दावा करने वाला एक ट्वीट किया। मोहम्मद जुबैर ने इसी पर कटाक्ष किया।

जुबैर ने लिखा, “तो जनेऊ पहने एक ब्राह्मण ने सबसे पहले बिरयानी को दुनिया के सामने पेश किया। यह कहानी उतनी ही प्रामाणिक है, जितनी कि अनऑफिशियल सुब्रमण्यम स्वामी (Unofficial Subramanian Swamy) के मोनाली शाह (मोनालिसा) और माई का लाल जयकिशन (माइकल जैक्सन) के बारे में दावे करना।”

ट्वीट डिलीट करके भागेगा तो यही स्क्रीनशॉट से फिर धरा जाएगा

ट्वीट करने के लिए जुबैर ने ट्वीट कर दिया। बिना इतिहास जाने, बिना फैक्ट को चेक किए… जो वो या उसका ऑल्ट न्यूज कभी करता भी नहीं है। उसे सिर्फ यह दिखाना था कि बिरयानी भारतीय व्यंजन नहीं है बल्कि इसे विदेशियों, संभवतः मुगलों और अन्य मुस्लिम शासकों (एक तरह के आतंकी और लूटेरे) द्वारा भारत लाया गया।

मुगल-मुस्लिम प्रेम तो दिखा डाला… लेकिन जुबैर फँस गया। कैसे? राजा नल (King Nala) के बारे में तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारी देकर। उन्हें ‘जनेऊ-धारी ब्राह्मण’ बता कर।

यूजर्स ने राजा नल मामले में जुबैर को काटा… तथ्यों से

साउथ एशियन यूनिवर्सिटी की पीएचडी स्कॉलर मोनिका वर्मा ने एक ट्वीट कर जुबैर के झूठे दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने लिखा कि राजा नल ब्राह्मण नहीं क्षत्रिय थे और क्षत्रियों में भी जनेऊ पहनने की प्रथा आम थी। वर्मा ने यह भी लिखा कि क्षत्रिय मांसाहार खा और पका सकते हैं।

सावित्री मुमुक्षु लेखिका और पाक कला में दक्ष हैं। इन्होंने पाकदर्पण (Pakadarpanam) पर प्रकाश डालते हुए लिखा है, जुबैर ने शायद पढ़ा नहीं होगा। पाकदर्पण एक ऐसा ग्रंथ, जिसके बारे में माना जाता है कि इसे स्वयं राजा नल ने लिखा था। राजा नल की पाक पुस्तक में इमली चावल, नींबू चावल, चिकन-मांस-बटेर वाली अलग-अलग बिरयानी, और तहरी सहित चावल के व्यंजनों का वर्णन किया गया है, जो महाभारत काल से पहले भी भारत में खाए जाते थे।

पाकदर्पण में ममसोदाना नामक व्यंजन का उल्लेख है, जिसमें मांस पुलाव या बिरयानी, कुक्कुटमांसतैलोदाना (चिकन बिरयानी) और लबुकमासोदाना (बटेर चावल) जैसे अलग-अलग बिरयानी के बारे में विस्तार से लिखा गया है।

ट्विटर पर कई लोगों ने जुबैर के फैलाए झूठ पर उसे घेरा। वो आमतौर पर सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव भी रहता है लेकिन मुगलों या इस्लामी प्रेम की आड़ में शायद वो ये साले ट्वीट देख न पाया होगा। यही कारण है कि उसने अपना फेक ट्वीट अभी तक डिलीट नहीं किया है।

बिरयानी, चटनी, कोड़ा-लहसुन… सब मुगलों की देन

प्राचीन हिंदू ग्रंथों में है ही क्या? भारत का अपना कोई इतिहास भी है? हिंदू कहाँ से सभ्यता-संस्कृति, खान-पान आदि जानेंगे? वामपंथी ऐसा ही सोचते हैं। ऑल्ट न्यूज हो या उसका मोहम्मद जुबैर… ये सब इसी वामपंथी सोच के चमचे हैं। इनके अनुसार इस्लामी आक्रमणकारियों ने ही भारत को सब कुछ दिया है।

यह सच है कि मुगल व्यंजनों और विशेष रूप से दिल्ली, लखनऊ और हैदराबाद की रसोई में बिरयानी लोकप्रिय थी… लेकिन यह कैसे मान लिया जाए कि इसे इस्लामी आक्रमणकारियों द्वारा ही लाया गया? क्योंकि तर्क इससे परे हैं।

भारत में मुगल वंश का संस्थापक बाबर मध्य एशिया की फ़रगना घाटी से आया था। वहाँ कृषि लगभग असंभव थी… अत्यधिक तापमान, बंजर भूमि और सिंचाई सुविधाओं की कमी के कारण। जबकि चावल जोकि बिरयानी का प्राथमिक घटक है, केवल उसी मिट्टी में उगता है, जिसमें पानी की अधिक मात्रा होती है। इसलिए बिरयानी मुगल लेकर आए… विश्वास करना असंभव है।

भारतीय पहचान को कम करने, भारतीय योगदान को नकारने का प्रयास भारत के वामपंथी इतिहास लेखन की विशिष्टता है। इसलिए जब भी जुबैर जैसे चमचे ऐसा कुछ झूठ फैलाते हैं तो उसका फैक्ट चेक कीजिए, तर्क के तराजू पर तौलिए।

देवदत्त पटनायक का वो लेख, जिसमें उन्होंने माना कि राजा नल पाक कला के बड़े महारथी थे

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि देवदत्त पटनायक (वामपंथियों द्वारा जिसे अक्सर भारत के इतिहास पर आधिकारिक माना जाता है, स्रोत के रूप में उद्धृत किया जाता है) ने भी राजा नल के बारे में ऐसी बातें लिखीं हैं, जो ऐतिहासिक विवरणों से मेल खाती हैं। उन्होंने एक लेख लिखा था, जिसमें वर्णन किया गया था कि कैसे राजा नल, जो इस्लामी शासकों के भारत पर आक्रमण करने से बहुत पहले मौजूद थे, ने बिरयानी पकाया।

मिड-डे में प्रकाशित एक लेख में, पटनायक पाकदर्पण (Pakadarpanam) के बारे में लिखते हैं, “सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह पुस्तक स्वदेशी बिरयानी (मनसोदना) के बारे में बताती है: चावल मांस के साथ पकाया जाता है। इसमें चिकन (कुक्कुटा), जानवर, मछली और अंडे सहित पक्षियों के मांस के साथ विभिन्न तैयारियों का विस्तृत विवरण है।

‘जिन औरतों को तुमने गाली दी, वो तुम्हें बेनकाब कर देंगी’ : सलमान खान की EX-GF ने शेयर किया पोस्ट, ऐश्वर्या बच्चन का भी लिखा नाम

सलमान खान की एक्स गर्लफ्रेंड सोमी अली ने अपने हालिया पोस्ट में उनके ऊपर महिलाओं को एब्यूज करने का आरोप लगाया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर ‘मैंने प्यार किया’ फिल्म का पोस्टर शेयर करते हुए कहा सलमान पर निशाना साधा और साथ में ऐश्वर्या राय बच्चन को भी टैग कर दिया।

सोमी ने मैंने प्यार किया के परछाई वाले पोस्टर के साथ लिखा, “बॉलीवुड के हार्वे वेनस्टेन। तुम बेनकाब हो जाओगे। जिन महिलाओं का तुमने शोषण किया है। वे एक दिन जरूर दुनिया के सामने आएँग और सच्चाई सबके सामने आएगी। जैसे ऐश्वर्या राय के साथ वाली आई थी।”

बता दें कि इस पोस्ट में सोमी ने किसी का नाम नहीं लिया। लेकिन उनके पुरानी रिश्तों की खटास, सलमान पर लगाए गए आरोप, ऐश्वर्या राय के साथ सलमान के रिश्ते के मद्देनजर ऐसा माना जा रहा कि अपने पोस्ट में उन्होंने सलमान पर ही निशाना साधा है।

मालूम हो कि हार्वे वेन्स्टेन अमेरिकी फिल्म प्रोड्यूसर हैं जो यौन शोषण के आरोप में सजा काट रहे हैं। उन्हें 2020 में 23 साल की सजा सुनाई गई थी। उनके ऊपर 80 से ज्यादा महिलाओं के यौन उत्पीड़न का आरोप है।

उल्लेखनीय है कि सोमी ने अपने पोस्ट में सलमान का पोस्टर शेयर करके कहा है कि वो महिलाओं को प्रताड़ित करते थे और ऐश्वर्या का नाम भी पोस्ट में लिखा है। ऐसे में बता दें कि कुछ साल पहले सलमान और ऐश्वर्या के रिश्ते को लेकर रिपोर्ट्स में भी यही दावे थे कि सलमान खान और अभिनेत्री के बीच दूरियाँ रिश्ते में दबंगई दिखाने के कारण आईं। कथिततौर पर सलमान उन पर हावी होते थे उन्हें प्रताड़ित करते थे। सलमान का गुस्सा उस समय भी देखा गया था जब विवेक ओबरॉय के साथ उनका विवाद हुआ था। कहते हैं कि सलमान के गुस्सैल रवैये के कारण ही ऐश्वर्या ने उनसे अपना रिश्ता तोड़ा था

राजस्थान में सुसाइड करने वाली डॉक्टर के पति ने नेताओं-पत्रकार पर लगाया प्रताड़ना का आरोप, मुआवजे का लालच का ऑडियो भी लीक

राजस्थान (Rajasthan) में मरीज की मौत के बाद प्रताड़ना की शिकार डॉ. अर्चना शर्मा की आत्महत्या (Dr. Archana Sharma Suicide) के मामले में मृतका के पति ने राज्य के प्रभावशाली लोगों पर आरोप लगाया है। वहीं, सोशल मीडिया पर भी एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पैसे के लेन-देन की बात की जा रही है।

आनंद हॉस्पिटल के मैनेजर और मृतका अर्चना शर्मा के पति डॉ. सुनीत उपाध्याय ने भाजपा नेता (BJP Leader) और लालसोट विकास मोर्चा के अध्यक्ष शिवशंकर बाल्या जोशी और राजस्थान पत्रिका के रिपोर्टर महेश बिहारी सहित भाजपा के कई बड़े नेताओं पर आरोप लगाया है। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वहीं, मृतका के भाई पवन शर्मा ने आरोप लगाया कि बाल्या जोशी उनकी बहन को कई महीनों से प्रताड़ित कर रहा था। उसके ऊपर भाजपा के नेताओं का हाथ और उसके कहने पर ही अर्चना के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था।

सुसाइड करने वाली डॉ. अर्चना के पति का भाजपा नेताओं पर आरोप

वायरल वीडियो में डॉ. उपाध्याय ने कहा, “परसों आशा बैरवा नाम की एक महिला की डिलीवरी हुई थी हॉस्पिटल में और वो लेडी कॉम्प्लीकेटेड थी। पहले उसको लालसोट से रेफर किया दौसा, दौसा से रेफर किया जयपुर। जयपुर से फिर उनलोगों का (मरीज के परिजनों का) फोन आया कि साहब यहाँ जबरदस्ती हमारा लाइगेशन (नसबंदी) भी करेंगे। हमारी तीन लड़कियाँ हैं। अगर आप जबरदस्ती लाइगेशन ना करो तो हम लालसोट आ जाएँ। हमने कहा कि कोई प्राइवेट हॉस्पिटल क्यों लाइगेशन करेगा। ये आपकी इच्छा है। उस महिला का पहली सिजेरियन (ऑपरेशन के जरिए बच्चे का जन्म) भी यहीं हुआ था और उसके ट्विन्स हुए थे। तब वो लालसोट आ गए। उसकी डिलीवरी हो गई। नॉर्मल सिजेरियन हो गया उसका। दो घंटे बाद उसे मैसिव बीपीएस हुआ, एटॉनिक पीपीएच हुआ। हम बहुत देर तक, दो घंटे तक जूझते रहे उससे। दो यूनिट ब्लड भी चढ़ाया, पर हम उसको बचा नहीं पाए। उसके घरवालों ने ये सब चीज देखी थी कि हमने कितनी मेहनत करी उसपे, सारा हॉस्पिटल बंद करके, सारी ओपीडी बंद करके। घरवाले तो हाथ जोड़ते हुए हमसे कह रहे थे कि साहब आपने तो पूरी कोशिश की थी बचाने की, लेकिन हमारी तकदीर खराब थी। तो उन्होंने कहा कि साहब एंबुलेंस भेजवा दो बस इसको घर छुड़वाने के लिए तो हमने एंबुलेेंस उनको फ्री में भेजी और वे (शव को) घर ले गए और अंतिम संस्कार की तैयारियाँ करने लगे।”

इस मामले को राजनीतिक पक्ष को लेकर उन्होंने कहा, “इसी दौरान मुझे किसी ने बताया कि शिवशंकर बाल्या जोशी, मरीज के घर जाके उनको उठाके लेके आया कि मैं तुमको खूब अच्छा मुआवजा दिलवाऊँगा और लाश को लाकर अस्पताल के आगे पटक दिया। 100-200 लोगों की भीड़ इकट्ठा कर ली और भारतीय जनता पार्टी के कुछ और नेताओं को बुला लिया उसने। हरकेश मटलाना, जितेंद्र गोठवाल और फिर ये बात भी आ रही थी कि डॉ. किरोड़ीलाल मीणा भी आ रहे हैं।”

जोशी को ब्लैकमेलर और हिस्ट्रीशीटर बताते हुए उपाध्याय ने कहा, “शिवशंकर बाल्या जोशी पहले भी हमारे हॉस्पिटल में फिरौती और ब्लैकमेलिंग की कोशिशें करते रहा है। हमने उसके खिलाफ FIR भी दी थी, पर पुलिस डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के दबाव में उसके खिलाफ FIR दर्ज नहीं करती। वो लालसोट थाने का हिस्ट्रीशीटर है। पहले पुलिसवालों का सिर भी फोड़ चुका है, पर हर बार डॉ. किरोड़ीलाल मीणा उसको बचा लेते हैं और वो उनके नाम पर गुंडागर्दी करता है। हमने पूरी कोशिश करी कि ये मामला टले, लेकिन पुलिस ने उसके दबाव में दफा 302 हत्या का मुकदमा दर्ज कर दिया।”

राजस्थान पत्रिका के रिपोर्टर पर सवाल

इस मामले में उन्होंने राजस्थान पत्रिका के एक पत्रकार पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “अगले दिन सुबह डॉ. अर्चना ने जब ये खबर पढ़ी तो वो घबरा गई थी। बोली बाल्या जोशी और पत्रकार महेश बिहारी क्या मुझे जेल भेज देंगे? राजस्थान पत्रिका का एक रिपोर्टर है महेश बिहारी। वो भी एक ऐसा ही दलाल है। उसने हमारा पक्ष नहीं छापा। उसने सिर्फ एकतरफा खबर छापी। तो राजस्थान पत्रिका पढ़के वो बहुत डर गई। तो उसको लगा कि ये तो मुझे अब जेल भेज देंगे। फिर मैंने उसको समझाया कि ऐसे जेल नहीं होती है, पर शायद उसकी दहशत नहीं पाई।”

कथित दलित नेता का वीडियो वायरल

इसके अलावा, सोशल मीडिया पर एक और ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें मृतक मरीज के परिजनों को उकसाते हुए रुपए के लेन-देन और मुआवजे की बात कही जा रही है। कहा जा रहा है कि जो मृतक मरीज के घरवालों से बात कर रहा है वो कोई दलित नेता है। हालाँकि, ऑपइंडिया इस इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

ऑडियो में एक व्यक्ति कह रहा है, “अबे यार! सारा खेल खराब कर दिया। सारा खेल खराब कर दिया। एक गरीब आदमी को पैसे मिल जाते, उसके बच्चे को पैसे मिल जाते। एससी-एसटी एक्ट में चार-पाँच लाख रुपए ही मिल जाते अलग से।”

ऑडियो में सामने वाला व्यक्ति कह रहा है कि उसने एससी-एसटी एक्ट के तहत केस कर दिया है और इसमें 10 लाख रुपए नकद मुआवजा मिलेगा। उसे कुछ लोगों ने इंदिरा आवास आदि बनवाने का भी वादा किया था।

क्या है मामला?

राजस्थान में महिला डॉक्टर अर्चना शर्मा ने खुद की बेगुनाही साबित करने के लिए मंगलवार (29 मार्च 2022) को अपने घर में ही फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। वे राजस्थान के दौसा जिले का लालसोट कस्बे की एक निजी अस्पताल में डॉक्टर थीं। प्रसव के दौरान एक महिला की मौत होने के बाद उसके परिजनों ने महिला डॉक्टर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. अर्चना (42) और उनके पति डॉ. सुनीत उपाध्याय (45) का लालसोट कस्बे में आनंद नाम का अस्पताल है। पास में खेमवास गाँव है। वहीं के रहने वाले लालूराम बैरवा की पत्नी आशा गर्भवती थी और सोमवार को उन्हें प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोपहर में महिला की डिलीवरी कराई जाने लगी तो बहुत अधिक ब्लीडिंग होने के कारण मौत हो गई। हालाँकि, नवजात को बचा लिया गया। इसके बाद मृतक महिला के परिजनों ने मुआवजे की माँग को लेकर अस्पताल के बाहर धरना दिया। साथ ही डॉ. अर्चना के खिलाफ लालसोट थाने में हत्या की धारा 302 के तहत केस दर्ज कराया।

पंजाब की राज्यसभा टिकट के लालच में बिका ये संपादक, वादा न पूरा होने पर बौखलाया: पोल खुलने पर ZEE मीडिया ने किया बर्खास्त

पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान एक राजनीतिक दल के साथ गुप्त समझौते को लेकर जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड (Zee Media Corporation Limited) ने जी (पंजाब/हरियाणा/हिमाचल) के एडिटर जगदीप सिंह संधू को टर्मिनेट कर दिया है। कंपनी ने एक बयान जारी कर उन्हें नौकरी से निकालने की वजह बताई है।

कंपनी की ओर से जारी बयान के अनुसार, “इस नोटिस के माध्यम से संबंधित और बड़े पैमाने पर जनता को सूचित किया जाता है कि सेक्टर 91 मोहाली निवासी और जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड में जी पंजाब/हरियाणा/हिमाचल’ चैनल के एडिटर जगदीप सिंह संधू को 28 मार्च 2022 से नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। जी मीडिया मैनेजमेंट के संज्ञान में आया है कि जगदीप सिंह संधू ने कथित तौर पर 2-3 महीने पहले पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने वाले एक राजनीतिक दल के साथ गुप्त समझौता किया था।”

बयान में आगे कहा गया है कि सिंह राजनीतिक दल के पक्ष में Zee PHH पर पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग कर रहे थे। उन्होंने कंपनी की नीतियों को दरकिनार किया, जो हर समय तटस्थता और निष्पक्षता का आश्वासन देती है। इस तरह की रिपोर्टिंग का कारण सिंह को ‘राज्यसभा नामांकन देने का वादा’ बताया गया था।

‘पार्टी के पीछे हटने पर जगदीप बेनकाब’

बयान में, कंपनी ने उल्लेख किया है कि सिंह और अज्ञात राजनीतिक दल के बीच यह सौदा तब सामने आया जब पार्टी अपने वादे से मुकर गई। कंपनी ने कहा, “जगदीप ‘जी मीडिया’ मैनेजमेंट के सामने बेनकाब हो गए, क्योंकि इसके बाद वह अचानक प्रबंधन को उस राजनीतिक दल के खिलाफ स्टोरी पब्लिश करने के लिए राजी करना चाहते थे।”

जी मीडिया के अनुसार, “जगदीप द्वारा किया गया इस तरह का कृत्य न केवल गैरकानूनी और अनैतिक पत्रकारिता के रूप में देखा जाता है, बल्कि यह नेटवर्क के दर्शकों को धोखा देने और गुमराह करने के समान है। कंपनी संधू और किसी अन्य पार्टी के बीच किसी भी वित्तीय लेनदेन के लिए जिम्मेदार नहीं होगी। जी मीडिया ने जनता को आगाह किया कि संधू के पास कंपनी का प्रतिनिधित्व करने और कंपनी की ओर से किसी के साथ किसी भी प्रकार का कोई भी समझौता, लेनदेन, व्यवस्था या सौदा करने का कोई अधिकार नहीं है।” कंपनी का कहना है, “सार्वजनिक/राजनीतिक दलों/मीडिया या अन्य संबंधितों को इस नोटिस के माध्यम से सतर्क और आगाह किया जाता है कि जी मीडिया की ओर से जगदीप के साथ किसी भी तरह का कोई लेन-देन न करें। जगदीप द्वारा किए गए किसी भी कार्य के लिए जी मीडिया जिम्मेदार नहीं होगा।”

संधू ने अपने पर्सनल अकाउंट पर ‘आप’ से जुड़ी रिपोर्ट साझा की हैं

गौरतलब है कि संधू ने पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान कई बार आम आदमी पार्टी से जुड़े खास पोस्ट अपने पर्सनल अकाउंट पर शेयर किए थे।

फोटो साभार: जगदीप सिंह संधू की फेसबुक प्रोफाइल

चैनल के सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट शेयर करने की बजाय, उन्होंने (पत्रकार) कई मौकों पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और उस वक्त पंजाब में ‘आप’ के सीएम पद के उम्मीदवार भगवंत मान के वीडियो अपने अकाउंट से शेयर किए थे।

फोटो साभार: जगदीप सिंह संधू की फेसबुक प्रोफाइल
फोटो साभार: जगदीप सिंह संधू की फेसबुक प्रोफाइल

हालाँकि, हम यह सुनिश्चित नहीं कर सकते हैं कि किस पार्टी ने पत्रकार को राज्यसभा के लिए नामांकन का वादा किया था, लेकिन पंजाब विधानसभा चुनाव के नतीजों को देखते हुए, ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर किसी अन्य पार्टी ने ऐसा सिंह से सौदा किया होता, तो उनके लिए उन्हें राज्यसभा में नामित करना और भेजना असंभव होता। संधू उस पार्टी के खिलाफ अपने संस्थान को स्टोरी पब्लिश करने के लिए राजी करने की कोशिश नहीं करते, लेकिन ये सभी केवल अटकलें हैं। ऑप इंडिया इस बात की पुष्टि नहीं करता है कि यह बात 100 फीसदी सच है, क्योंकि कंपनी ने अपने बयान में राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया है।

कई टन मुर्गे जलाकर भी नहीं बचेगी इमरान सरकार: विपक्ष ने किया सत्ता बदलने का ऐलान, PM बोले- नहीं छोड़ूँगा कुर्सी

पाकिस्तान में सियासी उथल पुथल के बीच वजीर-ए-आज़म इमरान खान (Imran Khan) को बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार में सहयोगी पार्टी मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (MQM-P) ने इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार से अपना समर्थन वापस लेने का फैसला किया है। पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, MQM-P ने पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव में इमरान खान की सरकार को गिराने के लिए विपक्ष में जाने का ऐलान किया है।

पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने बुधवार (30 मार्च 2022) तड़के ट्वीट किया कि एकजुट विपक्ष और एमक्यूएम के बीच समझौता हो गया है। बिलावल भुट्टो जरदारी ने ट्विटर पर लिखा, “राब्ता समिति MQM और PPP CEC उस समझौते की पुष्टि करेगी। इसके बाद हम कल IA को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के साथ विवरण साझा करेंगे। बधाई हो, पाकिस्तान।” एमक्यूएम के वरिष्ठ नेता फैसल सब्ज़वारी ने भी इस बात पुष्टि करते हुए कहा कि समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है और विवरण बुधवार शाम को दे दिया जाएगा।

अविश्वास प्रस्ताव पर वोट से पहले देर रात के घटनाक्रम के बाद इमरान खान के पास प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है, क्योंकि पीटीआई सरकार संसद के निचले सदन में बहुमत खो चुकी है। वहीं प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने की खबरों के बीच इमरान ने कहा कि वह पद नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कैबिनेट की मीटिंग में यह भी कहा, “मैं आज इस्तीफा नहीं दूँगा, आखिरी ऑवर और आखिरी बॉल तक खेलूँगा।” कयास लगाए जा रहे हैं कि इमरान खान अपनी साख बचाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव से पहले संसद के बाहर अपना इस्तीफा दे सकते हैं।

मंगलवार (29 मार्च 2022) को पाकिस्तान मुस्लिम लीग के प्रमुख और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई शहबाज शरीफ ने नेशनल असेंबली में इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान असेंबली में कुल 342 सदस्य हैं, जिसमें बहुमत के लिए 172 सदस्य होने जरूरी हैं। MQM-P के इमरान खान का साथ छोड़ने के बाद अब विपक्ष के पास 177 सदस्यों का समर्थन हो जाएगा। यानी इमरान खान के पास केवल 164 सदस्य ही रह जाएँगे। ऐसे में विपक्ष को इमरान खान की सरकार गिराने के लिए सिर्फ 172 सदस्यों की जरूरत है।

बता दें कि पिछले दिनों पाकिस्तान के नेता प्रतिपक्ष और प्रधानमंत्री पद के दावेदार शाहबाज शरीफ ने दावा किया था कि इमरान खान की कुर्सी बचाने के लिए उन के घर बनिगाला में कई टन मुर्गों को जलाया जा रहा है। पाकिस्तान में ऐसी अफवाह भी है कि इमरान खान की तीसरी बीवी बुशरा बीबी के पास रहस्यमयी शक्तियाँ हैं। पीएमएलएन नेता शाहबाज शरीफ ने एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में कहा था कि लोग खाने के लिए मर रहे हैं, बच्चे दूध के लिए तरस रहे हैं, लेकिन बनिगला में जादू टोने के लिए मुर्गों को जलाया जा रहा है। उन्होंने कहा था, “मैं यह पूरे दावे के साथ कह रहा हूँ।”

1857 क्रांति के नायक वीर कुंवर सिंह के पड़पोते की संदिग्ध मौत: भीड़ ने हाथ में चप्पल लेकर काटा बवाल, SIT गठित

बिहार के भोजपुर में 1857 की क्रांति के नायक रहे बाबू वीर कुंवर सिंह के वंशज कुंवर रोहित सिंह (45) की मंगलवार (29 मार्च 2022) को संदिग्ध परिस्थितयों में मौत हो गई। उन्होंने जगदीशपुर के रेफरल अस्पताल में अंतिम सांस ली। अब उनकी मौत के मामले का आरोप जिले की पुलिस पर लग रहा है कि पुलिसवालों ने ही कुंवर रोहित को पहले बेरहमी से पीटा और फिर अधमरा अवस्था में उन्हें सोमवार को रेफरल अस्पताल के गेट पर फेंक दिया। ताजा जानकारी के अनुसार, इस मामले में एसआईटी गठित कर दी गई है। एसपी ने आश्वासन दिया है कि जाँच के बाद आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

मृतक रोहित की माँ पुष्पा सिंह बीजेपी की नेता हैं। उन्होंने कहा है कि वीर कुंवर सिंह किला परिसर के अंदर सीआईटी के जवान गलत काम कर रहे थे, जिसका विरोध उनके बेटे ने किया था। इसी के बाद जवानों ने उन्हें मारा पीटा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा है कि अगर उनके बेटे को न्याय नहीं मिला तो देश हिल जाएगा।

आत्मदाह की धमकी

पुष्पा सिंह ने ये भी कहा कि केवल वीर कुंवर सिंह के नाम पर आश्वासन दिया जाता है। अगर दोषी पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो गृह मंत्री अमित शाह का कार्यक्रम नहीं होने देंगी और आत्मदाह कर लेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सीआईटी के जवान किले में शराब और हेरोइन बेचते हैं। लड़कियाँ भी लाई जाती हैं।

इसके साथ ही उन्होंने रेफरल अस्पताल के डॉक्टरों पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने जमकर बवाल काटा। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर SDPO श्याम किशोर रंजन, एसडीएम सीमा कुमारी, थानाध्यक्ष संजीव कुमार, अंचलाधिकारी कुमार कुंदन लाल, धनगाई थानाध्यक्ष कंचन कुमारी, आयर थानाध्यक्ष प्रदीप भास्कर, बीडीओ राजेश कुमार, नगर कार्यपालक पदाधिकारी विनय कुमार समेत समेत पुलिस फोर्स अस्पताल पहुँच गई। अधिकारियों ने काफी देर तक लोगों को समझाते रहे। हालाँकि, लोग डीएम और एसपी के आने को लेकर अड़े रहे। रात करीब 11 बजे कलेक्टर रोशन कुशवाहा और एसपी विनय तिवारी अस्पताल पहुँचे और लोगों को समझाया।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद शव का पोस्टमार्टम करने दिया गया। पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने कहा, “मामले की जाँच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। लापरवाही पाई गई तो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।”

बता दें कि रोहित सिंह की मृत्यु के बाद विपक्षी राजनेता जहाँ इस मामले को लेकर नीतिश सरकार को घेर रहे हैं वहीं कुंवर रोहित के सैंकड़ों समर्थक सड़कों पर आ गए हैं। हाथ में चप्पल लेकर जिला प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी हो रही है। खबर है कि आगजनी कर NH-30 आरा-मोहनिया मेन रोड को जाम कर दिया गया है।

ऑपइंडिया की पुलिस से बातचीत

इस मामले में ऑपइंडिया से बात करते हुए भोजपुर जिले के एसडीपीओ जगदीश्वर ने बताया कि इस मसले पर एसआईटी का गठन किया गया है। पीड़ित पक्ष ने सीआईटी पर आरोप लगाया है। हम लोगों ने एफआईआर दर्ज कर लिया है और पोस्टमार्टम भी करा दिया है। हम वैज्ञानिक तरीके से जाँच कर रहे हैं, जो सही होगा उस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। आरोपितों की तलाश में रेड मारी जा रही है। लोग बोल रहे हैं कि तीन आदमी थे। हमें पता चला है कि जिस आदमी की मौत हुई है वो अकेले ही हॉस्पिटल जा रहा था। अभी तक पुलिस का कोई प्रेसनोट नहीं बना है।