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किडनैप करके पिलाई शराब, फिर किया गैंगरेप: ‘अय्याश’ सलमान के घर से बेहोश मिली महिला, चीखें सुन पड़ोसियों ने बचाया

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक महिला के साथ गैंगरेप की खबर है। महिला को बेहोशी की हालत में सलमान नाम के आरोपित के घर से स्थानीयों द्वारा बचाया गया। पुलिस ने इस मामले में अन्य आरोपितों के नाम शादाब और नवाब बताए हैं। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना मंगलवार (22 मार्च 2022) की है।

इस घटनाक्रम पर बयान देते हुए कानपुर नगर पुलिस के DCP ईस्ट ने बताया, “थाना चकेरी के अंतर्गत चौकी लाल बंगला एरिया में स्थानीय लोगों ने एक घर में अनैतिक कार्य की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुँचा। वहाँ काफी भीड़ जमा थी। मौके पर एक महिला बेहोशी की हालत में मिली। साथ ही एक व्यक्ति को पकड़ा गया। पुलिस ने महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया। हमारी प्राथमिकता सबसे पहले महिला का इलाज करवाना था। डॉक्टरों के मुताबिक महिला एल्कोहल की वजह से बेहोशी की हालत में थी। मौके पर फॉरेंसिक यूनिट को बुलाया गया है। सभी सबूतों को जमा कर लिया गया है। पकड़े गए एक व्यक्ति की निशानदेही पर उसके 2 अन्य साथियों को रात में ही गिरफ्तार कर लिया गया है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला निर्वस्त्र हालत में पुलिस को मिली थी। होश आने पर पीड़िता ने आरोपितों द्वारा खुद का अपहरण करने और जबरन शराब पिला कर दुष्कर्म करने की शिकायत दर्ज करवाई। महिला के मुताबिक उसे मंगलवार की शाम को कानपुर के ही जाजमऊ की नई चुंगी से जबरन पुरानी चुंगी ले जाया गया था। वहीं पर उसे शराब पिलाई गई और बाद में सलमान के घर ले जा कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।” सलमान के घर में महिला की चीख – पुकार सुन कर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचित किया था।

महिला को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। वहीं जागरण की ही एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस पूछताछ में आसपास के लोगों ने आरोपित सलमान को अय्याश किस्म का बताया है। पता ये भी चला है कि वह इससे पहले भी अपने घर में लड़कियाँ लाता रहा है। विरोध करने पर वह मोहल्ले वालों से लड़ाई झगड़ा करता था। इसी आधार पर पुलिस सलमान का इतिहास खंगाल रही है। पुलिस को सलमान के घर से शराब की बोलतें, सबूत के तौर पर एक चादर और कुछ अन्य आपत्तिजनक चीजें मिली हैं।

हमारा घर जला दिया, अब उस पर टेम्पो चलते हैं: 30 साल बाद भी वही ‘डर’, कहा- द कश्मीर फाइल्स देखने की नहीं हो रही हिम्मत

विमल कौल 52 साल के हैं। जब कश्मीर से जान बचाकर भागे थे तो 22 साल के थे। लेकिन, वह डर 30 साल बाद भी उनकी रूह कॅंपा देती है। यहाँ तक कि वे ‘द कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files)’ देखने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे हैं। विवेक अग्निहोत्री की यह फिल्म नब्बे के दशक में घाटी में हिंदुओं के नरसंहार पर आधारित है। इसी दौर में कौल को भी अपना घर छोड़कर भागने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

उन्होंने अपनी कहानी दैनिक भास्कर के साथ साझा की है। फिलहाल जयपुर में रहने वाले कौल पेशे से सेल्स मैनेजर हैं। उन्होंने बताया कि इस फिल्म में चावल के ड्रम में बीके गंजू के छिपने का दृश्य दिखाया गया है। ऐसा ही उनके साथ भी हुआ था। वे भी अपनी जान बचाने के लिए चावल के ड्रम में छिप गए थे। हालाँकि गंजू के ड्रम में छिपे होने की बात उनके मुस्लिम पड़ोसियों ने आतंकियों को बता दी थी। जिसके बाद उन्होंने गंजू की हत्या कर खून से सना चावल उनकी पत्नी को खाने के लिए मजबूर किया था।

कौल ने बताया, ‘हमारा घर जला दिया गया था। अब वहाँ मिट्टी का ढेर है। उसके ऊपर से अब टेम्पो चलते हैं।’ उनके अनुसार हिंदुओं के साथ जो कुछ हुआ उसका इशारा पहले से दिया जा रहा था, लेकिन वे लोग इसे मजाक समझ रहे थे। जैसा कि उन्होंने बताया है, “हमारा एक छोटा सा बगीचा था। माँ उसमें सब्जियाँ उगाती थीं। वे लोग कहते थे कि अच्छी किस्म बोना, खानी तो हमें ही हैं, तुम्हारे नसीब में नहीं हैं। कोई कश्मीरी पंडित नया मकान बना रहा होता तो वे कहते कि खिड़की फलां दिशा में ही रखना, हमें पसंद है, आखिर रहना तो हमें ही है। लेकिन उनके ये इशारे हम समझ नहीं सके।”

कौल के अनुसार एक दिन इस्लामी आतंकी उन्हें खोजते उनके घर तक आ गए थे। लेकिन उनकी माँ ने उनसे बोला था कि मैं अखरोट के बाग में खेलने गया हूँ तो वे लोग चले गए। इसके बाद कौल अनंतनाग के दांतर स्थित अपने घर से पोर्टेबल ब्लैक एंड व्हाइट टीवी कंधे पर उठाकर भाग गए। माता-पिता ने घर छोड़ने से इनकार कर दिया तो अकेले ही जम्मू के लिए निकल पड़े। कई किलोमीटर पैदल चले। वे बताते हैं, 90 के दशक में वहाँ हिंदुओं को सरेराह मारा जाने लगा, जिससे और दहशत बढ़ गई थी। उन दिनों मस्जिदों से पुकारे जाने वाले शब्द जब कानों में पड़ते हैं तो रुह काँपने लगती है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों 74 वर्षीय कश्मीरी पंडित विजय माम ने बताया था कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के एक जलसे के बाद से कश्मीर के हालात हिंदुओं के लिए बदतर होते चले गए थे। माम को भी अपना घर छोड़ घाटी से भागने को मजबूर किया गया था। वे दो बेटियों के साथ दिल्ली आ गए थे, जिनकी अब शादी हो चुकी है। लेकिन उनके बेटे का आज तक पता नहीं चल पाया है।

इसी तरह पिछले दिनों एक टीवी शो के दौरान कश्मीरी हिंदू महिला सरला ने 1990 के उस भयावह मंजर को साझा किया था। उन्होंने बताया था कि किस तरह से इस्लामिक आतंकियों ने उनके रिश्तेदारों के साथ क्रूरता की। सरला ने बताया था, “हमारे पैरों में चप्पल नहीं थी, हमने कुछ भी नहीं खाया था और हम किसी तरह वहाँ से निकल गए… मैं जब तक मैं जिंदा हूँ उस रात को कभी नहीं भूलूँगी।”

तमिलनाडु में बिहार की मेडिकल छात्रा से गैंगरेप, फिल्म देख लौट रही थी: ₹40000 और सोने के गहने भी लूटे, 5 आरोपितों में 2 नाबालिग

तमिलनाडु के वेल्लोर जिले के काटपाडी में मेडिकल छात्रा का अपहरण कर गैंगरेप किया गया। जानकारी के अनुसार वह मेडिकल छात्रा देर रात फिल्म देखकर घर लौट रही थी। इसी दौरान शेयर्ड ऑटो में सवार पाँच अन्य लोगों ने उसका अपहरण कर लिया और गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें से 2 नाबालिग हैं।

यह घटना 17 मार्च तड़के की है लेकिन पता तब चला जब छात्रा से लूटे गए पैसों के बँटवारे को लेकर हुए झगड़े के बाद पुलिस ने आरोपितों से पूछताछ की। दरअसल 19 मार्च को वेल्लोर के सथुवाचारी में एक एटीएम के बाहर दो आरोपित शराब के नशे में हाथापाई कर रहे थे। पुलिस ने उनका बीच-बचाव किया और उन्हें सथुवाचारी पुलिस स्टेशन ले गए। यहाँ पूछताछ में पता चला कि वो लूटे गए 40,000 रुपए के बँटवारे को लेकर लड़ रहे थे। इस दौरान दोनों ने एक महिला के साथ बलात्कार करने और उसे व उसके दोस्त को लूटने की बात कबूल की।

पुलिस ने बताया कि मेडिकल छात्रा मूलरूप से बिहार की रहने वाली है। 17 मार्च को एक निजी अस्पताल लौटते हुए उसने अपने दोस्त के साथ फिल्म देखने की योजना बनाई। फिल्म देखने के बाद वे दोनों एक शेयर ऑटोरिक्शा में सवार हुए। जिसमें पहले से ही पाँच लोग सवार थे। पीड़िता और उसकेे दोस्त ने ड्राइवर अस्पताल चलने के लिए कहा, जहाँ वह काम करते थे। हालाँकि कुछ दूर चलने के बाद ड्राइवर ने रास्ता बदल दिया। जब उन्होंने इसके बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि रास्ते में बैरिकेड्स थे। इसी बीच ड्राइवर ने एक बार फिर दूसरा मोड़ ले लिया।

ये देख दोनों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। तभी उन पर हमला किया गया और एक सुनसान जगह पर ले जाया गया, जहाँ पाँच लोगों ने महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया। इसके बाद वह महिला के दोस्त को पास के एक एटीएम में भी ले गए और उससे 40,000 रुपए निकालवा कर लूट लिए। इसके अलावा उन्होंने पीड़ितों के मोबाइल फोन और सोने के गहने भी लूट लिए।

जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जब पीड़ित छात्रा से संपर्क किया तो वह शिकायत दर्ज कराने से हिचकिचाती रही। बाद में उसने 22 मार्च को वेल्लोर जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय को एक ईमेल भेजकर शिकायत दर्ज कराई। फिर वेल्लोर पुलिस अधीक्षक एस राजेश कन्नन के आदेश पर शिकायत की। इसके बाद जाँच शुरू कर दी गई। अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस उपाधीक्षक आर रविचंद्रन के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रैक करके गैंगरेप में शामिल पाँच में से चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पाँचवें आरोपित की तलाश पुलिस कर रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में एक 22 वर्षीय दलित महिला के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई थी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें से दो तमिलनाडु में सत्ताधारी पार्टी DMK के कार्यकर्ता थे, जबकि चार नाबालिग थे।

केवल भगवान VIP, भक्तों में भेद नहीं: मद्रास हाई कोर्ट ने मंदिरों में ‘विशेष दर्शन’ को किया सीमित, कहा- इस कल्चर से लोग हताश

मंदिरों में दर्शन के दौरान बढ़ती वीआईपी संस्कृति को लेकर मद्रास हाई कोर्ट ने काफी सख्त टिप्पणी की है। हाई कोर्ट की मदुरै पीठ ने कहा है कि केवल भगवान वीआईपी हैं। भक्तों में कोई भेद नहीं है। यदि किसी वीआईपी के दर्शन के लिए आम श्रद्धालुओं को असुविधा होती है तो यह पाप है और इसके लिए भगवान माफ नहीं कर सकते। अदालत ने दर्शन की इस संस्कृति को हताश करने वाला भी बताया।

हाई कोर्ट ने कहा कि वीआईपी प्रवेश केवल उस दायरे में आने वाले व्यक्ति और उनके परिवार के लिए होनी चाहिए। यह​ उनके रिश्तेदारों के लिए नहीं हो सकती। अदालत ने 23 मार्च 2022 को जारी आदेश में इस संबंध में तमिलनाडु सरकार द्वारा जारी वीआईपी लिस्ट का पालन करने के निर्देश दिए हैं।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिकजस्टिस एसएम सुब्रमण्यम की बेंच ने यह फैसला तूतीकोरिन जिले के तिरुचेंदुर स्थित प्रसिद्ध अरुलमिगु सुब्रमनिया स्वामी मंदिर से संबंधित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने कहा, “तमिलनाडु सरकार की VIP लिस्ट जारी हुई है। लेकिन इन VIP लोगों के साथ उनके स्टाफ और गार्ड भी मौजूद रहते हैं। ऐसे में मंदिर प्रशासन यह तय करे कि VIP के साथ मौजूद स्टॉफ सामान्य अथवा शुल्क वाली लाइन में लग कर दर्शन करे। मंदिर प्रशासन यह भी तय करे कि किसी VIP के चलते सामान्य भक्तों को परेशानी न हो।”

अपने फैसले में कोर्ट ने यह भी कहा, “VIP कल्चर के चलते मंदिरों में लोग परेशान हो चुके हैं। VIP दर्शन केवल सरकार द्वारा निर्धारित लोगों और उनके परिजनों को ही मिलनी चाहिए। कुछ ख़ास लोगों को मिली विशेष सुविधा बाकी लोगों को मिले समानता के अधिकार को बाधित न करे। हर भक्त भगवान का अपनी आस्था के चलते दर्शन करने आता है। किसी भी भक्त को VIP अथवा सामान्य के रूप में बाँटा नहीं जा सकता।”

PM, संन्यासी, धनकुबेर, सितारे: योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में जुटेंगे सारे, सोनिया-अखिलेश को भी न्योता

उत्तर प्रदेश में भाजपा की शानदार जीत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूसरी बार की ताजपोशी भव्य होगी। राजधानी लखनऊ में होने वाले शपथ-ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के साथ-साथ भाजपा के 11 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। वहीं, विपक्षी दलों के नेताओं, उद्योगपतियों और फिल्मी सितारों को भी निमंत्रण पत्र भेजा गया है।

लखनऊ में शपथ समारोह की ओर जाने वाले हर रोड और चौराहे को स्वागत पोस्टर और भगवा रंग से पाट दिया गया है। बड़े-बड़े बैनर-पोस्टरों में योगी सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया गया है। इसके साथ ही नारा लिखा है- ‘हम निकल पड़े हैं प्रण करके, नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बनाने को।’

योगी आदित्यनाथ का शपथ-ग्रहण समारोह गुरुवार (25 मार्च) को इकाना स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। विपक्षी दलों में जिन नेताओं को निमंत्रण भेजे जाने की बात कही जा रही है, उनमें कॉन्ग्रेस प्रमुख सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी, बसपा प्रमुख मायावती, सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित तमाम विपक्ष दलों के नेता शामिल हैं।

शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से भी कई नेता शामिल हो सकते हैं। इसके पहले संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने योगी आदित्यनाथ से करीब 40 मिनट तक मुलाकात की थी। साथ ही भागवत ने गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में पहुँचकर पूजा-अर्चना भी की थी।

वहीं, बड़ी संख्या में मठों और मंदिरों से जुड़े पुजारी भी मौजूद रहेंगे। अयोध्या, काशी, मथुरा, गोरखपुर सहित देश के विभिन्न मठ और मंदिरों से जुड़े महंत एवं पुजारियों को आमंत्रण पत्र भेजा गया है। इस अवसर पर योग गुरु बाबा रामदेव भी लखनऊ पहुँचेंगे।

उद्योगपतियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी, अडाणी ग्रुप के प्रमुख गौतम अडाणी, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के प्रमुख आनंद महिंद्रा सहित कई बड़े उद्योगपतियों को निमंत्रण पत्र भेजा गया है। माना जा रहा है कि इस कार्यक्रम में कुल 80 हजार लोग शामिल होंगे।

अगर फिल्मी सितारों के न्योते की बता करें तो कंगना रनौत, अक्षय कुमार, अनुपम खेर, विवेक अग्निहोत्री सहित कई अभिनेता समारोह में शामिल हो सकते हैं। बता दें कि पिछले साल मुख्यमंत्री योगी ने नोएडा में फिल्म सिटी बनाने की घोषणा की थी। माना जा रहा है कि इस कार्यकाल में उनका यह महत्वाकांक्षी योजना पूरी हो जाएगी।

श्रीलंका में ₹2000 किलो बिक रहा दूध, भारत में शरण लेने की होड़: चीन ने किया कंगाल, कागज-स्याही-गैस के भी नहीं पैसे

चीन के कर्ज जाल में फँसे श्रीलंका की हालत खस्ता हो गई है। वहाँ महंगाई इतनी चरम पर है कि गरीब अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए भी संघर्ष कर रहा है। देश के हालातों से मजबूर नागरिक पेट भरने के लिए भारत की ओर रुख कर रहे हैं। 22 मार्च को 16 से ज्यादा श्रीलंकाई पानी के रास्ते तमिलनाडु उतरे थे। ये लोग मन्नार और जाफना के हैं। राज्य के खुफिया अधिकारियों का मानना है कि ये बस शुरुआत है। हो सकता है आने वाले हफ्तों में भारत के यहाँ 2 हजार शर्णार्थी आएँ। खुद श्रीलंका की राजनैतिक पार्टी एलम पीपुल्स रेवोल्यूशनरी लिबरेशन फ्रंट का नेतृत्व करने वाले सुरेश प्रेमचंद्रन ने कहा है कि महंगाई की वजह से मजदूर संघर्षरत हैं… अर्थव्यवस्था अगर स्थिर नहीं होती तो ज्यादा से ज्याद लोग देश छोड़ सकते हैं।

बता दें कि साल 2020 में कोरोना के बाद श्रीलंका पर कर्ज का भार बढ़ना शुरू हुआ था। सबसे पहले तो उनकी आय का मुख्य स्रोत जो कि पर्यटन है उस पर रोक लगी और फिर सरकार की कर्ज लेने की नीतियों ने इस हाल और चिंताजनक बनाया। आगे बढ़ने से पहले बता दें कि श्रीलंका जो है वो जरूरी सामानों के लिए आयात पर निर्भर होता है। चाहे वो खाना हो, कागज हो, चीनी, दाल, दवाई या फिर ट्रांसपोर्टेशन के उपकरण हों…हर चीज बाहर से आती है। लेकिन अब श्रीलंका पर इतना भी पैसा नहीं है कि वो इन सामानों के लिए पहले का ऋण चुका सके। मौजूदा जानकारी के अनुसार,  इस वर्ष में श्रीलंका को करीब 6 (₹458278800000) बिलियन डॉलर का बकाया चुकाना हैं इसमें 1 बिलियन डॉलर (₹76380800000) का सॉवरेन बॉन्ड भी है। लेकिन, फरवरी के अंत तक उनके पास विदेशी मुद्रा भंडार में सिर्फ 2.31 बिलियन डॉलर (₹176415855000) की विदेशी मुद्रा थी।

परीक्षाएँ रद्द, रसोई गैस खत्म: श्रीलंका में बुनियादी जरूरतें भी नहीं हो रही पूरी

देश के हालात इतने नीचे गिर गए हैं कि पेपर-स्याही की कमी के कारण पिछले हफ्तों में श्रीलंकाई सरकार को स्कूल एग्जाम कैंसिल करने पड़े जिसकी वजह से 45 लाख छात्र प्रभावित हुए। वहीं 1000 बेकरी देश में रसोई गैस न मिल पाने के कारण बंद हो गईं। कुछ को केरोसीन की मदद से चलाया जा रहा है। दूध की कीमत करीब 2000 रुपए हो गई हैं। 400 ग्राम दूध 790 रुपए का आ रहा है। इसी तरह चावल-चीनी भी वहाँ 290 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। अनुमान है कि ये दाम एक हफ्ते में 500 रुपए तक हो जाएँगे।

भारत की मदद

आप सोच रहे होंगे कि अगर हाल ऐसे हैं तो भारत कैसे श्रीलंका की मदद करेगा या कर रहा होगा। तो बता दें कि भारत के लिए अपने पड़ोसी देशों की मदद करना प्राथमिकता रहा है। इसी के चलते उन्होंने जनवरी के बाद से श्रीलंका की 2.4 बिलियन डॉलर (₹183206760000) की मदद की है। वहीं 17 मार्च को भी भारत ने श्रीलंका को 1 अरब डॉलर (₹76336150000) की ऋण सुविधा प्रदान करने की घोषणा की है।

श्रीलंका ने अपनी चरमराई हालत से उभरने के लिए भारत की तरह कई देशों से कर्ज लिया है। मगर उनके ऊपर चीन का कर्ज पहले से इतना ज्यादा है कि वो पूरे देश को खोखला कर रहा है। शुरुआत में इस कर्जे को श्रीलंका ने बुनियादी ढाँचे सुधारने, ज्यादा रोजगार, बढ़िया आय, आर्थिक स्थिरता की उम्मीदों के साथ चीन से लिया था और यहीं श्रीलंका की सारी गलती थी। 

चीन कर रहा श्रीलंका को खोखला

पूरी दुनिया अच्छे से जानती है कि कैसे चीन विस्तारवादी नीतियों से अन्य देशों को अपने अधीन करने की नीयत से आगे बढ़ता आया है। मगर कर्ज देकर खोखला करने की उसकी नीयत पिछले कुछ सालों में देशों की नजर में आई है। बात सिर्फ श्रीलंका की नहीं है, आप पाकिस्तान जैसे कट्टरपंथी देश को देखिए या फिर युगांडा जैसे छोटे देश को। हर जगह चीन ने कर्जे के दम पर अपना दबदबाया बनाया। श्रीलंका में भी चीन ने  पुल, सड़क, बंदरगाह, हवाई अड्डे, औद्योगिक कस्बे, एलएनजी आदि को विकसित करने के प्रस्तावों के साथ एंट्री की थी। हालाँकि विकास क्या हुआ, इसकी खबरें कम आई लेकिन कर्जदारों की लिस्ट में श्रीलंका टॉप देशों में पहुँच गया। केवल चीन का उस पर 5 बिलियन डॉलर (₹381869000000) का कर्जा है।  

पिछले साल उसने अपने गंभीर वित्तीय संकट से निपटने में मदद के लिए बीजिंग से अतिरिक्त 1 अरब डॉलर का ऋण लिया था, जिसका भुगतान किस्तों में किया जा रहा है। बावजूद इसके हाल में खबर आई कि चीन फिर से श्रीलंका को 1.5 बिलियन (₹114546450000) नया कर्ज देने पर विचार कर रहा है। चीन के राजदूत ची झेनहोंगे ने सोमवार को बताया कि चीन डेवलपमेंट बैंक ने श्रीलंका को 50 करोड़ डॉलर का कर्ज देने की पेश की है। इसके अलावा 1 बिलियन डॉलर के कर्ज के लिए श्रीलंका सरकार ने अनुरोध किया है जिस पर वह विचार कर रहा है।

ची से जब पूछा गया कि क्या वो श्रीलंका की ऐसी परेशानी को देखते हुए अपने कर्ज चुकाने की समय सीमा को आगे बढ़ाएँगे तो चीनी राजदूत ने स्पष्ट जवाब देने की बजाय कहा कि उनका मकसद समस्या का समधान है पर इसके अलग-अलग तरीके हो सकते हैं।

मालूम हो कि चीन के साथ श्रीलंका पर जिनके सबसे ज्यादा कर्जे का भार है वो अंतरराष्ट्री वित्तीय संस्थान, एशियन डेवलपमेंट बैंक और जापान हैं। चीन विदेश मंत्री वांग से तो पिछले दिनों श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कर्ज चुकाने की अवधि फिर बढ़ाने के लिए गुजारिश भी की थी। श्रीलंका के वित्त मंत्रालय ने बताया था कि उन्हें 50 करोड़ डॉलर तक इस वर्ष चुकाना है। इसके अतिरिक्त इम्पोर्ट की जो कीमत चुकानी है वो बोझ अलग से हैं। श्रीलंका के राष्ट्रपति राजपक्षे ने पिछले हफ्ते कहा था कि वो अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की मदद से आर्थिक संकट को हल करने पर विचार कर रहे है। हालाँकि विशेषज्ञों का कहना है कि श्रीलंका दूसरे स्रोतों से भी कर्ज लेने के प्रयास में है।

99 साल के लिए पोर्ट दिया लीज पर

मालूम हो कि श्रीलंका की चरमराई हालत के लिए जो बार बार चीन को दोषी माना जा रहा है वो आरोप निराधार नहीं है। जो लोग चीन की विस्तारवादी नीति समझते हैं उन्हें अंदाजा है कि कैसे सीमा के भीतर आकर चीन देशों को कमजोर करने का काम करता है। श्रीलंका के मामले में उसने ये सब कर्ज देकर किया, बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट के नाम पर किया। कुछ समय पहले खबर आई कि चीन का श्रीलंका के हंबनटोटा पोर्ट पर कब्जा हो गया है। ये पोर्ट श्रीलंका ने चीन को 99 सालों के लिए लीज पर दिया ताकि उन्हें 1.25 अरब डॉलर कर्ज मिले। हाल में श्रीलंका के इस फैसले के लिए वर्तमान राष्ट्रपति ने पूर्व यूएनपी सरकार को कोसा था कि उन्होंने ये सब किया जबकि पिछले साल मई की खबर है कि राजपक्षे सरकार ने कोलंबो पोर्ट सिटी कमीशन बिल पारित किया था जिसमें चीनी विशेषज्ञों अधिकारियों को उन्होंने अपने शासी निकाय में प्रमख प्रतिनिधित्व करने का का दिया था।

‘The Kashmir Files’ बनाने वाले विवेक अग्निहोत्री के ऑफिस में घुस बदमाशों ने की मारपीट, महिला को धक्का मार कर गिराया

कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और पलायन पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ बॉक्स ऑफि पर सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 200 करोड़ कलेक्शन का आँकड़ा पार कर लिया है। हालाँकि इस कामयाबी को पाना उनके लिए इतना आसान नहीं रहा। फिल्म को बनाते वक्त और बनने के बाद डायरेक्टर ने काफी मुश्किलों का सामना किया।

विवेक के घर घुसकर 2 लोगों ने की धक्का-मुक्की

विवेक अग्निहोत्री ने हाल ही में ‘बॉलीवुड हंगामा‘ से बात करते हुए बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कैसे उनकी गैर-मौजूदगी में दो लड़के उनके ऑफिस में घुसे थे। बॉलीवुड हंगामा से बातचीत में विवेक अग्निहोत्री ने कहा- “हाँ, इस फिल्म को बनाने में कई चुनौतियों का सामना किया। हाल फिलहाल में दो लड़के मेरे ऑफिस में घुसे जब मैं और मेरी पत्नी वहाँ मौजूद नहीं थे। केवल एक मैनेजर और मिडिल एज की एक महिला वहाँ मौजूद थी।”

निर्देशक ने कहा, “उन्होंने दरवाजे पर जोर से धक्का मारकर मैनेजर को पुश किया, जिससे वो गिर गईं। लड़कों ने मेरे बारे में पूछा और वहाँ से भाग गए। मैंने इससे पहले इस घटना का जिक्र नहीं किया था क्योंकि मैं पब्लिसिटी के लिए ऐसी चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहता। मैंने उन्हें कहा सिक्योरिटी को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। लेकिन उन्होंने कहा कि चिंता की जरूरत है।”

इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि कई लोग कह रहे हैं कि विवेक की बीजेपी से नजदीकियों की वजह से फिल्म को टैक्स में छूट मिल रही है, तो विवेक ने साफ तौर पर इससे इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “नहीं! यह सच नहीं है। यह फिल्म की प्रासंगिकता को सरकार की स्वीकृति है। अगर वे फिल्म को टैक्स फ्री नहीं करते तो उनके मतदाता उनके खिलाफ बगावत कर देंगे।”

वह कहते हैं कि जहाँ तक ‘​​द कश्मीर फाइल्स’ को मुस्लिम विरोधी का लेबल दिए जाने का सवाल है, “हमारा इरादा कभी भी किसी समुदाय को बदनाम करने का नहीं था। मैंने अपनी फिल्म में पाकिस्तान के खिलाफ भी बात नहीं की है। मेरा मानना ​​है कि मेरे दर्शक इतने समझदार हैं कि यह जान सकें कि द कश्मीर फाइल्स का खलनायक आतंकवाद है। मेरी फिल्म में एक पंक्ति है जहां एक चरित्र कहता है कि हिंदुओं के अलावा मुस्लिम और अन्य समुदाय भी आतंकवाद के शिकार हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मेरे लिए जो मायने रखता है वह यह है कि फिल्म लोगों तक पहुँच रही है और दिलों को छू रही है। एक 85 वर्षीय व्यक्ति और उसकी 75 वर्षीय पत्नी, जिन्होंने कभी सिनेमा में कदम नहीं रखा था, ‘द कश्मीर फाइल्स’ देखने गए। यही मेरी असली उपलब्धि है। फिल्म अब गाँवों में चली गई है।”

विदेश में भी फिल्म की धूम

विवेक अग्निहोत्री फिल्म को मिल रहे शानदार रिस्पॉन्स से काफी खुश हैं। वे कहते हैं- दुनिया भर के लोग शांत होकर इस फिल्म को देख रहे हैं। 3 घंटा 50 मिनट कोई मजाक की बात नहीं है। पूरी दुनिया में मौजूद कश्मीरी पंडितों तक  लोग पहुंच रहे हैं। कनाडा में पहले फिल्म के दो शो थे अब 90 शो हैं। हमने ये फिल्म बनाने में अपना पैसा खर्च किया, अपने घर को गिरवी रखा। मूवी के लिए दुनिया के कई जगहों पर जाकर रिसर्च की, इन सब खर्चों के बाद हमें पता नहीं था कि हम क्या पाने वाले हैं।

विवेक अग्निहोत्री की इस फिल्म को लेकर की गई मेहनत और संघर्ष अब रंग लाई है। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की सुनामी ऐसी आई कि बड़ी बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए।

हाथ-पाँव काम नहीं करते.. बोल भी नहीं सकते… लेकिन जज्बा ऐसा कि PM मोदी भी हो गए मुरीद, पाँव की उँगलियों से पेंटिंग बनाने वाले आयुष कुंडल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने गुरुवार (24 मार्च 2022) को ट्विटर पर एक ऐसे शख्स को फॉलो किया, जिसे पेंटिंग में महारत हासिल है। वह कोई और नहीं, बल्कि 25 साल का दिव्यांग आयुष कुंडल है। पीएम ने आज उससे मुलाकात कर उसे भरपूर प्यार और आर्शीवाद दिया। इसके बाद पीएम मोदी ने उसके साथ ट्विटर हैंडल दो तस्वीरें साझा कीं। इसमें वह प्रधानमंत्री के साथ स्वामी विवेकानंद की एक पेंटिंग के साथ नजर आ रहे हैं।

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, “आयुष कुंडल से मिलना मेरे लिए एक अविस्मरणीय क्षण बन गया। आयुष ने जिस प्रकार पेंटिंग में महारत हासिल की और अपनी भावनाओं को पैर की उंगलियों से आकार दिया, वो हर किसी को प्रेरित करने वाला है। अनवरत प्रेरणा मिलती रहे, इसलिए मैं उन्हें ट्विटर पर फॉलो कर रहा हूँ।”

इस ट्वीट के बाद पीएम मोदी ने एक और ट्​वीट किया, “आप सभी से आग्रह करता हूँ कि आप आयुष कुंडल की पेंटिंग को जरूर देखें। आयुष ने अपनी पेंटिंग के लिए एक यूट्यूब चैनल भी बनाया है, जिसमें उनकी जिंदगी के अलग-अलग रंग समाहित हैं।” पीएम ने आयुष के यूट्यूब चैनल का लिंक भी शेयर किया है।

जानकारी के मुताबिक, आयुष कुंडल (Aayush Kundal) मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में खरगोन (khargone) जिले के बड़वाह के निवासी हैं। आयुष जन्मजात विकारों के चलते अपने पैरों पर खड़े नहीं हो सकते हैं। उनके हाथ भी काम नहीं करते हैं। वह बोल भी नहीं सकते हैं, लेकिन आयुष अपने पैरों की उँगलियों से बेहतरीन पेंटिंग बनाते हैं। यही कारण है कि इतनी शारीरिक कमियों के बावजूद उनके हुनर ने सबका दिल जीत लिया है। उन्होंने हाल ही में पीएम मोदी से मिलने की इच्छा जताई थी।

आयुष के यूट्यूब चैनल पर उनके द्वारा बनाई गई पेंटिंग के कई वीडियो हैं। इन वीडियो को हजारों लोगों ने पसंद किया और उनकी सराहना भी की है। पीएम मोदी से पहले वह बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन से भी मिल चुके हैं। यही नहीं, उन्होंने उनकी पेंटिंग भी बनाई है, जिसे उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर शेयर किया है।

बता दें कि वर्ष 2022 में आयुष ने अपने परिजनों के साथ मुंबई जाकर अमिताभ बच्चन को उनके बंगले पर यह पेंटिंग उन्हें भेंट की थी। बिग बी भी इस बच्चे की कला को देखकर अभिभूत हो गए थे. अमिताभ ने आयुष की पेंटिंग को ट्विटर पर शेयर कर उनकी कला की सराहना की थी।

14 साल बाद MS धोनी ने छोड़ी CSK की कप्तानी, ₹16 करोड़ के रवींद्र जडेजा को मिली कमान

भारतीय क्रिकेट से सबसे सफल कप्तान और दिग्गज क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) ने IPL-2022 के शुरू होने से पहले चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की कप्तानी छोड़ दिया है। एमएस धोनी की जगह रविंद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) को इस सीजन से टीम का कप्तान घोषित किया गया है। हालाँकि, वह टीम में खेलते रहेंगे।

चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने बयान में कहा, “एमएस धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स के नेतृत्व को दूसरे को सौंपने का फैसला करते हुए टीम का नेतृत्व करने के लिए रविंद्र जडेजा को चुना है। साल 2012 से चेन्नई सुपर किंग्स का एक अभिन्न हिस्सा बने जडेजा सीएसके के तीसरे कप्तान होंगे। धोनी इस सीजन और उससे आगे भी चेन्नई सुपर किंग्स का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे।”

33 साल के जडेजा सीएसके के तीसरे कप्तान होंगे। आईपीएल के पहले सीजन यानी 2008 से ही महेंद्र सिंह धोनी टीम की कमान संभाल रहे थे। बीच में सुरेश रैना ने 6 मैंचों में कप्तानी की थी। अब यह कमान जडेजा को सौंप दी गई है। धोनी ने 213 मैच में कप्तानी करते हुए 130 मैचों में जीत दिलाई है।

बता दें कि चेन्नई सुपर किंग्स ने जडेजा और धोनी समेत 4 खिलाड़ियों को रिटेन किया था। जडेजा को फ्रेंचाइजी ने 16 करोड़ रुपए में रिटेन किया था, जबकि धोनी को इस सीजन के लिए 12 करोड़ रुपए दिए गए थे। इसके अलावा मोईन अली को 8 करोड़ और ऋतुराज गायकवाड़ को 6 करोड़ रुपए में रिटेन किया था.

मुहम्मद बिलाल ने चर्च के क्रॉस पर चढ़ कर लगाए ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे, तोड़ भी डाला: ईसाई लड़कियों को किए अश्लील इशारे

पाकिस्तान (Pakistan) के लाहौर की निश्तार तहसील का ग्रीन टाउन इलाका, जहाँ पर ईसाई समुदाय के लोग रहते हैं। यहीं पर मोहम्मद बिलाल सलीम नाम का एक मुस्लिम व्यक्ति एक चर्च की छत पर लगे ‘क्रॉस’ पर चढ़ गया। क्रॉस पर चढ़ने के बाद उसने स्थानीय जनता को धमकी देने वाले इस्लामी नारे का इस्तेमाल किया। उसके साथ दो अन्य भी थे, जिन्होंने ईसाई लोगों का अपमान करते हुए ईसाई लड़कियों पर सेक्सुअल इशारे भी किए।

इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि मोहम्मद बिलाल सलीम एक कारखाने के अंदर से छत पर गया और वहाँ से बगल में स्थित चर्च की छत पर चला गया और वहाँ पर लोहे के एंगल पर बने क्रॉस पर चढ़ गया। इसके बाद वहाँ से वो ‘अल्लाहु अकबर’ और अन्य इस्लामी नारे लगाने लगा।

ट्विटर यूजर आरजू काजमी, जिनके प्रोफाइल से पता चलता है कि वो एक पाकिस्तानी पत्रकार हैं, ने वीडियो ट्वीट किया, “एक मुस्लिम कट्टरपंथी चर्च की छत पर चढ़ गया और वहाँ से इस्लामी आयतें पढ़ने लगा। उसने क्रॉस को तोड़ते हुए स्थानीय समुदाय को आतंकित करने की कोशिश की थी। और प्रधानमंत्री इमरान खान इस्लामोफोबिया की बात कर रहे हैं।” हालाँकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ये कब की घटना है, लेकिन कई रिपोर्टों में इसे हाल ही की घटना बताया जा रहा है।

बहरहाल उसके हंगामें को देखते हुए कई सारे ईसाइयों की भीड़ वहाँ इकट्ठा हो गई। उनमें से किसी ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। बाद में चर्च के ही कुछ लोगों ने उसे क्रॉस से नीचे उतारा और उसकी सहायता की।

रिपोर्टों से पता चलता है कि मुहम्मद बिलाल ग्रीन टाउन इलाके के पास ही स्थित एक खिड़की की ग्रिल बनाने वाले कारखाने में काम करता है। बिलाल के खिलाफ पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 295 और 295-A के अंतर्गत ईशनिंदा के मामले में केस दर्ज किया गया है। हालाँकि, गाली-गलौज और तोड़फोड़ में उसके साथियों के शामिल होने के बाद भी बिलाल के साथियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

पाकिस्तान में दयनीय है अल्पसंख्यकों की स्थिति

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के हालात ठीक नहीं हैं। वहाँ के मुस्लिम कट्टरपंथी लगातार ईसाई और हिंदू अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न कर रहे हैं। आए दिन ऐसी खबरें आती हैं कि मुस्लिम कट्टरपंथियों ने अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों का अपहरण, रेप और उनका इस्लामिक धर्मान्तरण करवाते हैं। इनकी माँगें नहीं मानने पर इनकी हत्या तक कर दी जाती है।

इसी साल जनवरी में पाकिस्तान में पेशावर के मदीना बाजार में दो ईसाई पादरियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मारे गए पादरी 1883 में स्थापित किए गए पेशावर के ऑल सेंट्स चर्च के मेंबर थे। इसी तरह से सितंबर 2013 में चर्च में एक आतंकी हमला किया गया था, जिसमें 75 से भी अधिक लोगों की मौत हो गई थी।

ईशनिंदा के मामले में पाकिस्तान की कानून व्यवस्था कट्टरपंथी मुस्लिमों के प्रति सहानुभूति रखती नजर आती है। सितंबर 2020 में ईशनिंदा के मामले में पाकिस्तान के लाहौर स्थित एक अदालत ने एक ईसाई व्यक्ति को मौत की सजा सुनाई थी। 37 साल के आसिफ परवेज मसीह को लाहौर सत्र न्यायालय ने इस्लाम का अपमान करने के मामले में सजा दी थी।