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बार-बार ठिकाना बदल रहा है भागलपुर धमाके का मास्टरमाइंड मोहम्मद आज़ाद, आतंकी कनेक्शन आया सामने: कूकर बम भी बरामद

बिहार के भागलपुर (Bhagalpur Blast, Bihar) जिले में गुरुवार (3 मार्च, 2022) को हुए ब्लास्ट मामले में पुलिस की छापेमारी में कई अहम क्लू मिले हैं। छापेमारी के दौरान घटनास्थल से तकरीबन 500 मीटर की दूरी पर बारूद से भरे प्रेशर कूकर मिलने से मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस अब इस बिंदु पर भी जाँच कर रही है कि वहाँ पर प्रेशर कूकर बम तो नहीं बनाया जा रहा था, कहीं विस्फोट का कारण भी प्रेशर कूकर बम तो नहीं है। मामले में आतंकी कनेक्शन की भी जाँच की जा रही है।

दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए नवीन आतिशबाज को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि नवीन भी इस विस्फोट में घायल है। पहले उसी के घर में विस्फोट होने की बात बताई जा रही थी, लेकिन फिर बाद पुलिस ने बताया कि विस्फोट की घटना मोहम्मद आजाद के घर में हुई, जिसे उसने लीलावती को किराए पर दिया था। ATS और SIT की टीम नवीन से मोहम्मद आजाद के बारे में पूछताछ कर रही है, लेकिन वह बार-बार अपना बयान बदल रहा है और सही जानकारी नहीं दे रहा है। 

घटना में मोहम्मद आजाद की भूमिका संदिग्ध है और उसे इसका मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। धमाके के बाद से आजाद फरार हो गया है। उसे गिरफ्तार करने के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी चल रही है। उसकी प्रतिबंधित बांग्लादेशी आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेशी के पश्चिम बंगाल विंग से भी जुड़ाव होने की बात बताई जा रही है। आजाद की लास्ट लोकेशन मुजफ्फरपुर बताई गई, लेकिन वहाँ पहुँची पुलिस भी देर रात खाली हाथ लौट आई। वो वह बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा है। उसका भाई- मोहम्मद शोल्जर और शहजाद SIT की हिरासत में है। उससे आजाद के बारे में पूछताछ की जा रही है।

फोटो साभार: दैनिक भास्कर

इधर सुल्तानगंज में हुई छापेमारी के दौरान तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। यहाँ से काफी मात्रा में बम और विस्फोट सामग्री बरामद किए गए। भागलपुर जिला प्रशासन अब अवैध पटाखा निर्माण को पूरी तरह से खत्म करना चाहती है। भागलपुर एसएसपी बाबूराम इस मामले में जिले के सभी थानेदारों को ये जिम्मेदारी दी है कि जिला के अंदर अवैध पटाखा निर्माण को पूरी तरह से खत्म हो। इसके साथ ही अवैध बारूद सप्लाई करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

फोटो साभार: हिन्दुस्तान

इसके साथ ही प्रशासन में धमाके में आस-पास के जर्जर हुए मकान को पूरी तरह से जमींदोज करने का फैसला किया, ताकि कोई अनहोनी न हो। हालाँकि रविवार (6 मार्च, 2022) को जब नगर निगम की टीम पुलिस के साथ इस कार्रवाई के लिए जुटी तो पीड़ित परिवारों ने जमकर विरोध किया। घर की महिलाओं ने आरोप लगाया कि इस धमाके से उनका परिवार पूरी तरह सड़क पर आ चुका है। मकान गिराने से पहले प्रशासन लिखित आश्वासन दे कि उन्हें नया घर बनाकर दिया जाएगा।

फोटो साभार: हिन्दुस्तान

गौरतलब है कि तातारपुर के काजीवलीचक में 3 मार्च रात को अचानक एक धमाका हुआ। यह धमाका मोहम्मद आजाद के घर में हुआ, जहाँ लीलावती नामक एक महिला अवैध तरीके से बारूद का कारोबार करती थी। बताया गया कि शब-ए-बारात के लिए घर में बम बनाया जा रहा था। इसी दौरान विस्फोट हुआ। विस्फोट इतना भीषण था कि आस-पास के कई मकान भी जमींदोज हो गए। कुल 16 लोगों के शव अभी तक बरामद हो चुके हैं। कई शव मलवे के अंदर से बरामद हुए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मामले को लेकर सीएम नीतीश कुमार से बात की और अब इसकी जाँच एटीएस भी कर रही है। ‘हिन्दुस्तान’ की खबर के मुताबिक, जिले में जनवरी 2017 से अप्रैल 2021 तक विस्फोट की 119 घटनाएँ हो चुकी थीं।

तुलसी मंडप पर पाँव रख कर फोटोशूट, ‘वर्ग विशेष’ के युवक की करतूत: CM सोरेन के क्षेत्र की घटना, इससे पहले मंदिर में फेंका गया था मांस

झारखंड के साहिबगंज जिले में स्थित बरहेट क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव की खबर है। यह इलाका मौजूदा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विधानसभा क्षेत्र है। यहाँ पर शिवगादी स्थित बाबा गाजेश्वर नाथ धाम के तुलसी चबूतरे को एक वर्ग विशेष के युवक द्वारा अपमानित किया गया है। आरोपित ने इसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दी। घटना के विरोध में रविवार (6 मार्च, 2022) को पुलिस में शिकायत दी गई है। पुलिस आरोपित की तलाश कर रही है। इस से पहले भी साहिबगंज में इस तरफ की घटनाएँ हो चुकी हैं जिनमें हिन्दू भावनाओं को आहत किया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपित ने तुलसी चबूतरे पर पैर रख कर फोटो खिंचवाई। आरोपित के परिजनों को पूछताछ के लिए थाने बुलवाया गया है। आरोपित की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों ने नाराज लोगों से के साथ बैठक भी की है। उन्होंने लोगों को जल्द ही गिरफ्तारी का आश्वासन भी दिया है। बरहेट क्षेत्र में पुलिस चौकसी भी बढ़ा दी गई है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत काल में भगवान शिव ने अर्जुन को इसी स्थान पर दर्शन दिया था। गौरतलब है कि इस से पहले भी साहिबगंज में हिन्दुओं की धार्मिक आस्थाओं के अपमान की घटनाएँ हो चुकी हैं। फरवरी 2022 में विश्व हिन्दू परिषद ने राजमहल थाना क्षेत्र के फुलबड़िया गाँव स्थित कालीबाड़ी दुर्गा मंदिर में अरशद अली नाम के आरोपित द्वारा गोमांस का टुकड़ा फेंके जाने की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई थी।

उस समय साहिबगंज, पाकुड़ और गोड्डा जिलों में विहिप के प्रमुख कालीचरण मंडल ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया था कि गाँव में मुस्लिमों की जनसंख्या अधिक होने के कारण मंदिर में शंख बजाना, मस्जिदों के सामने शवयात्रा निकालना और हिन्दू द्वारा ‘राम नाम सत्य है’ बोलना प्रतिबंधित था।

‘4 दिन बाद होगा गुंडों का उपचार’: सपा उम्मीदवार ने समर्थकों के साथ मिल कर बुजुर्ग BJP कार्यकर्ता को पीटा, लिंचिंग की कोशिश के आरोप

उत्तर प्रदेश के चंदौली (Chandauli) में सैयदराजा थाना क्षेत्र के रनिया गाँव निवासी दिग्विजय पांडेय ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी मनोज डब्लू और उनके समर्थकों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। दिग्विजय के साथ भाजपा प्रत्याशी सुशील सिंह भी रविवार (6 मार्च, 2022) की रात सैयदराजा थाना पहुँचे और शिकायत दर्ज कराई। केस दर्ज करने के लिए तहरीर दिग्विजय पांडेय ने दी है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मामले में दिग्विजय पांडेय ने आरोप लगाया है कि रविवार शाम को सपा उम्मीदवार मनोज 10-12 समर्थकों के साथ उनके पास आया और झूठे आरोप लगाकर उनके साथ हाथापाई की और उन्हें मारने-पीटने लगा। दिग्विजय पांडेय ने कहा कि सपा उम्मीदवार मनोज डब्लू ने अपने समर्थकों के साथ उन्हें बुरी तरह से मारा-पीटा।

वहीं इस मामले में प्रशांत पटेल उमराव ने ट्वीट किया, “चंदौली में सपा प्रत्याशी की अगुवाई में लाल टोपी वाले गुंडों ने बुजुर्ग भाजपा कार्यकर्ता दिग्विजय प्रसाद की लिंचिंग का प्रयास किया, वे गम्भीर रूप से घायल हैं। 2 महीने पहले सपाई गुंडों ने चंदौली में विशाल पासवान की लिंचिंग कर दी थी। ये वही सपा है, 4 दिन बाद गुंडों का उपचार होगा।”

वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी उम्मीदवार सुशील सिंह ने कहा कि सपा उम्मीदवार मनोज डब्लू अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। शनिवार को वो किसी के घर में घुसकर तोड़फोड़ कर रहे थे। यहाँ तक कि एक महिला के घर में भी घुस गए थे लेकिन पुलिस कोई भी कार्रवाई नहीं कर रही है। जहाँ सुशील सिंह ने कहा कि जब तक मुकदमा नहीं दर्ज हो जाता मैं थाने से नहीं जाऊँगा।

वहीं थाने में शिकायत के बाद सपा प्रत्याशी मनोज डब्ल्यू ने आरोप लगाया कि रनिया गाँव में कुछ लोग भाजपा प्रत्याशी का पैसा बाँटते हुए पकड़े गए उनके पास से जो डायरी बरामद हुई है उस पर सुशील सिंह का पोस्टर लगा है। एक लिफाफे में कुछ पैसे भी मिले हैं। मैं लगातार पुलिस को दारु, मुर्गा बाँटने की सूचना दे रहा हूँ पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक चिरंजीवी मुखर्जी ने बताया कि तहरीर मिली है उसके आधार पर मुकदमा लिख कर कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में आज सातवें और अंतिम चरण के लिए मतदान होगा। आज 10 जिलों की 54 सीटों पर आज मतदान हो रहा है। राज्य की जिन जिलों में मतदान होना है। उसमें आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र शामिल है। अंतिम चरण के मतदान में आज योगी आदित्यनाथ सरकार के तीन मंत्री वाराणसी से मैदान में हैं। इसमें वाराणसी दक्षिण विधानसभा सीट से राज्य के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी, वाराणसी उत्तर से स्टांप एवं निबंधन मंत्री रविंद्र जायसवाल, वाराणसी की शिवपुर सीट से दिव्यांग कल्याण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अनिल राजभर शामिल हैं।

‘दैनिक भास्कर ने हड़पी वनवासियों की जमीन’: ‘राष्ट्रीय ST आयोग’ ने DM-SP को तलब किया, छत्तीसगढ़ की कॉन्ग्रेस सरकार भी घेरे में

मीडिया संस्थान ‘दैनिक भास्कर’ समूह पर छत्तीसगढ़ के जांजगीर में आदिवासियों की जमीन हड़पने के आरोप लगे हैं। बता दें कि वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों के कारण जुलाई 2021 में आयकर विभाग (IT) ने भी ‘दैनिक भास्कर’ के ठिकानों पर छापेमारी की थी। ‘दैनिक भास्कर’ देश का सबसे बड़ा अख़बार समूह होने का दावा करता रहा है। बता दें कि 1958 में भोपाल में स्थापित ‘दैनिक भास्कर’ विश्व का चौथा और भारत का सबसे ज्यादा सर्कुलेशन वाला अख़बार बताया जाता है।

‘दैनिक भास्कर’ समूह पर छत्तीसगढ़ के जांजगीर में लगे आरोपों की जाँच अब ‘राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST)’ करेगा। NCST ने अपने बयान में कहा कि संस्था ने संविधान के अनुच्छेद-338A द्वारा मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उसने जांजगीर-चंपा के जिलाधीश जितेंद्र कुमार शुक्ल को इस मामले में तलब किया है। उन्हें NCST के सदस्य अनंता नायक के समक्ष नई दिल्ली स्थित संस्था के मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है।

संस्था ने बताया है कि उसे ‘दैनिक भास्कर’ समूह मीडिया संस्थान द्वारा अवैध रूप से आदिवासियों की जमीन की खरीद-बेच करने सम्बंधित शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत मिली है कि इससे आदिवासियों की संपत्ति अलग-थलग हो गई है। ‘Asianet News’ की खबर के अनुसार, ‘दैनिक भास्कर’ ने पहले एक व्यक्ति को अपने यहाँ नौकरी पर रखा। उसे ‘DB पॉवर लिमिटेड’ के लिए एजेंट का काम दिया गया। फिर सस्ते दाम में वनवासियों की जमीन खरीदने का काम किया गया।

दरअसल, नियम है कि जब किसी वनवासी की जमीन कोई अन्य वनवासी खरीदता है तो उसे किसी विशेष अनुमति की जरूरत नहीं पड़ती है। लेकिन, किसी बाहर के व्यक्ति द्वारा जब किसी वनवासी की जमीन खरीदी जाती है तो उसे स्थानीय डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) से अनुमति लेनी होती है। आरोप है कि उक्त एजेंट ने मीडिया संस्थान के कहने पर वनवासियों की जमीनें खरीद कर ‘डीबी पॉवर लिमटेड’ को बेच दिया। गाँव वालों से सस्ते में जमीन खरीदने के आरोप है।

शिकायत में कहा गया है कि एजेंट के रूप में काम कर रहे उस व्यक्ति ने संस्थान के कहने पर ये सब किया। इस दौरान ‘छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन’ ने भी वनवासियों की जमनी अधिग्रहित कर ‘दैनिक भास्कर’ की कंपनी को बेचा। राज्य में भूपेश बघेल के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस की सरकार है। इस पूरी साजिश में और भी लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन’ के एमडी को नोटिस जारी करने पर उन्होंने NCST को कोई जवाब नहीं दिया। डीएम-एसपी से भी संतोषजनक जवाब न मिलने पर आयोग ने उन्हें तलब किया है।

याद हो कि जुलाई 2021 में आईटी विभाग ने दावा किया था कि ‘दैनिक भास्कर मीडिया समूह’ के कई कार्यालयों पर छापेमारी के बाद 2200 करोड़ रुपए के ‘काल्पनिक लेनदेन’ का पता चला है। वहीं, मीडिया समूह की तलाशी में छह वर्षों में ₹700 करोड़ की आय पर अवैतनिक कर, शेयर बाजार के नियमों का उल्लंघन और लिस्टेड कंपनियों से लाभ की हेराफेरी के आयकर विभाग को सबूत मिले थे। तब अख़बार ने इसे ‘प्रेस पर हमला’ बता कर सहानुभूति बटोरने की कोशिश की थी।

‘द कश्मीर फाइल्स’ की रिलीज रोकने की माँग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए राजी हुआ बॉम्बे HC, इंतजार हुसैन सैयद ने दायर की है PIL

बॉम्बे हाईकोर्ट ने विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ की रिलीज पर रोक लगाने की माँग वाली याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। इस मामले में उच्च-न्यायालय में ‘जनहित याचिका (PIL)’ दायर की गई थी, जिस पर मंगलवार (8 मार्च, 2022) को शाम 4 बजे सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता के समक्ष इस याचिका को अर्जेन्ट लिस्टिंग के लिए उठाया गया, जिस पर वो सुनवाई के लिए राजी हो गए।

इस PIL को उत्तर प्रदेश के रहने वाले इंतज़ार हुसैन सैयद ने दायर किया है। ‘द कश्मीर फाइल्स’ शुक्रवार (11 मार्च, 2022) को रिलीज होने वाली है। याचिका में कहा गया है कि फिल्म के ट्रेलर में मुस्लिमों को कश्मीरी पंडितों का नरसंहार करते हुए दिखाया गया है, जो मुस्लिम समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। इंतजार हुसैन सैयद का दावा है कि पूरी फिल्म इस घटनाक्रम के एक ही पक्ष को दिखाती है, जो हिन्दू समाज को आक्रोशित कर के भड़का सकती है।

इस याचिका में फिल्म की रिलीज रोकने के साथ-साथ इसके ट्रेलर को भी YouTube से हटाने की माँग की गई है। दावा है कि हिन्दुओं के भड़कने के बाद पूरे देश में भारी हिंसा हो सकती है, जिससे जानमाल की बड़ी क्षति होगी। याचिका में ये भी दावा किया गया है कि 5 राज्यों में चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दल इस फिल्म का इस्तेमाल सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ावा देने के लिए कर सकते हैं। याचिकाकर्ता ने इस फिल्म के ट्रेलर को तुरंत सभी सोशल मीडिया साइट्स से हटाए जाने की माँग की

निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने सुनवाई वाली खबर पर टिप्पणी करते हुए कहा, “कल 4 बजे! हम देखेंगे।” फिल्म के निर्माताओं की तरफ से अधिवक्ता रवि कदम और रश्मि खांडेकर बॉम्बे उच्च-न्यायालय में पेश हुए। CJ दत्ता ने फिल्म की रिलीज की तारीख़ पूछी और फिर सुनवाई के लिए अगले दिन की तारीख मुकर्रर की। अधिवक्ता द्वय ने कहा कि उन्होंने अभी याचिका नहीं देखी है और उन्हें ख़बरों के माध्यम से इस बारे में पता चला।

‘द कश्मीर फाइल्स’ में जहाँ एक तरफ अनुपम खेर, पुनीत इस्सर और मिथुन चक्रवर्ती जैसे वरिष्ठ अभिनेता हैं, वहीं दर्शन कुमार भी इसका अहम हिस्सा हैं पल्लवी जोशी ने भी फिल्म में एक अहम किरदार निभाया है। इसे 90 के दशक में कश्मीर में हिन्दुओं के नरसंहार के ऊपर बनाया गया है। विवेक अग्निहोत्री को ‘चॉकलेट (2005)’, ‘धन धना धन गोल (2007)’, ‘हेट स्टोरी (2012)’, ‘ज़िद (2014)’, ‘बुद्धा इन अ ट्रैफिक जैम (2016)’, ‘जुनूनीयत (2016)’ और ‘द ताशकंद फाइल्स (2019)’ के लिए जाना जाता है।

जिस हरजोत को यूक्रेन के कीव में लगी थी गोली, गुम हो गया था पासपोर्ट; वे लौट रहे हैं घर: केंद्रीय मंत्री वीके सिह ने बताया

यूक्रेन की राजधानी कीव में गोली लगने से घायल हुए भारतीय छात्र हरजोत सिंह (Harjot Singh) की स्वदेश वापसी हो रही है। हरजोत सिंह का एक ताजा वीडियो सामने आया है, जिसमें वो एंबुलेंस में बैठे हैं और पोलैंड (Poland) के लिए यात्रा कर रहे हैं। पोलैंड से विमान के जरिए हरजोत को भारत लाया जाएगा। एंबुलेंस में बैठे हरजोत खासे भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि फिलहाल सब ठीक है, लेकिन यहाँ तक सफर काफी मुश्किलों भरा था। किसी भी तरह वापस अपने देश पहुँचने की इच्छा थी। उन्होंने कहा कि जब वह भारत पहुँचेंगे तो सभी से मुलाकात करेंगे।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने ट्वीट कर हरजोत सिंह के देश लौटने की जानकारी दी थी। उन्होंने लिखा था, “हरजोत सिंह वह भारतीय हैं जिन्हें कीव में युद्ध के दौरान गोली लग गई थी। अफरातफरी में इनका पासपोर्ट भी गुम गया था। सहर्ष सूचित कर रहा हूँ कि हरजोत कल भारत हमारे साथ पहुँच रहे हैं। आशा है कि घर का खाना मिलने और देखभाल के साथ उनका शीघ्र स्वास्थ्यवर्धन होगा।”

उल्लेखनीय है कि दिल्ली के छतरपुर के रहने वाले हरजोत सिंह यूक्रेन और रूस के बीच चल रही लड़ाई के दौरान 27 फरवरी को अपने दोस्तों के साथ भारत आने के लिए निकले थे। ट्रेन में जगह नहीं मिल पाने के कारण पोलैंड बॉर्डर तक पहुँचने के लिए उन्होंने कैब का सहारा लिया, लेकिन रास्ते में उन्हें रोककर वापस जाने को कहा गया और जैसे ही कैब ने यूटर्न लिया तो फायरिंग होने लगी। इसी फायरिंग में हरजोत सिंह को गोली लगी और वो घायल हो गए। उस दौरान मची अफरातफरी के बीच उनका पासपोर्ट भी गुम हो गया था।

इस पूरे मामले की जानकारी मिलते ही भारत सरकार ने तेजी से कार्य किया। दूतावास के माध्यम से उनके इलाज की व्यवस्था की गई और अब हरजोत सोमवार को भारत वापस आ रहे हैं। बता दें कि यूक्रेन-रूस की लड़ाई की वजह से वहाँ फँसे भारतीयों को निकालने के लिए भारत सरकार ने ‘ऑपेरशन गंगा’ चला रखा है, जिसके तहत 19920 भारतीय यूक्रेन से अपने देश पहुँच चुके हैं।

अब्बा का नाम शहीद, बेटे का नाम बाबूलाल: मथुरा में गौरक्षकों पर हमला, एक घर में गाय काटने की सूचना पर गए थे कसाईपाड़ा

उत्तर प्रदेश के मथुरा में गौ रक्षकों के एक दल पर हमला किए जाने की खबर है। देवराज पंडित नामक गौ रक्षक ने इस घटना का लाइव फेसबुक पर किया है। लाइव वीडियो में कुछ देर की बहस के बाद पत्थरबाजी शुरू हो जाती है। घटना रविवार (6 मार्च) सुबह 7.35 की है।

घटना गोविंद नगर डीग गेट की चौकी क्षेत्र में आने वाले कसाईपाड़ा की बताई जा रही है। एक हरे रंग के मकान के आगे गौ रक्षक जमा हुए थे। उनका आरोप था कि मकान में गौ वंश काटा जा रहा है। वे उस घर को खोलने की माँग कर रहे थे। दूसरी तरफ से औरतें, बच्चे, बुजुर्ग और युवा एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। साथ ही कुछ महिलाओं को छतों पर भी देखा जा सकता है। सामने कुछ लोग गौ रक्षकों से बहस करते दिखाई दे रहे। वीडियो में हमले के शिकार युवकों को कहते सुना जा सकता है, “ये देखो, डंडे-तलवार मँगा रहे हैं ये। यहाँ सब लोग हथियार निकाल रहे हैं। निकालो कहाँ हैं हथियार तुम्हारे। इस गेट के अंदर गौ वंश काटा जा रहा है। ये सभी लोग इनके पक्ष में आए हुए हैं।”

लगभग डेढ़ मिनट की बहस के बाद अचानक ही गौ रक्षकों के सामने खड़ी भीड़ जिसमें बच्चे भी शामिल थे हट जाती है और पीछे से अचानक हमला शुरू हो जाता है। युवाओं की भीड़ वहाँ से ‘हमला हो गया’ कहते हुए निकलने का प्रयास कर रही है। उनको काफी दूर तक खदेड़ा भी गया। इस संबंध में मथुरा कोतवाली में केस दर्ज की गई है।

दिलचस्प यह है कि गौ रक्षकों पर हमले के आरोपितों में से एक का नाम रोहित उर्फ बाबूलाल है। लेकिन, उसके अब्बा का नाम शहीद है। शहीद के एक और बेटे का नाम फुकरान है। उसका नाम भी आरोपितों में है। ऑपइंडिया को मामले के शिकायतकर्ता रविकांत शर्मा ने बताया, “बाबूलाल उर्फ़ रोहित हिन्दू नहीं बल्कि मुस्लिम है।”

ऑपइंडिया को इस घटना का फेसबुक LIVE करने वाले देवराज पंडित ने बताया, “मुझे चोटें आईं हैं। मेरे हाथों पर डंडे से वार किया गया है।” मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले में घायल युवकों के नाम अरुण गुर्जर, अनुपम चौधरी, बंटी पहलवान और कोटी मयुरेश हैं। इन चारों को बंधक बना लिया गया था। कोतवाली पुलिस ने इन्हे छुड़वाया। हमले के विरोध में बाजार बंद होने और दोनों समुदाय के लोगों के आमने-सामने आने पर पर PAC बुलानी की बात भी कही जा रही है।

FIR

पुलिस में दी गई शिकायत में रविकांत शर्मा ने लिखा, “थाना कोतवाली चौकी भरतपुरगेट में पुराना कट्टी घर ( बूचडखाना) मे 6 मार्च को सुबह लगभग 6.30 पर गौकशी की सूचना मिली। वहाँ मौके पर गौरक्षक दल के रविकान्त शर्मा, अरुण गुर्जर, मोहित शर्मा, उर्फ बन्टू पहलवान, रवि चौधरी, कोटि मयूरेस, अनुपम चौधरी देवराज पण्डित, देशराज, रौनक ठाकुर आदि पहुँचे। इन सभी ने गौकशी का विरोध किया। इस पर सभी के ऊपर जानलेवा हमला हुआ। हमले में चार लोग बुरी तरह घायल हो गये। हमलवारों में चांद मोहम्मद, बाबूलाल, फुकरान, तौसिम, आरिफ, शकील, जाकिर आदि शामिल हैं। इस जगह पर पहले भी कई बार गौकशी की सूचनाएँ मिली है। यहाँ गौमांस, और कटान सामग्री भी पुलिस को बरामद भी हुई थी। घटनास्थल श्री कृष्णजन्म भूमि के नजदीक ही है। सभी आरोपियों तुरन्त गिरफ्तार करते हुए गौमाता को न्याय दिलाने की कृपा करें।”

FIR

आरोपितों पर धारा 147, 323 और 307 IPC के तहत कार्रवाई की गई है। रविकांत शर्मा ने ऑपइंडिया को बताया, “महीने भर में यह तीसरी घटना है। डायल 112 के 10 मिनट में पहुँचने का दावा किया जाता है, लेकिन वे 45 मिनट बाद मौके पर पहुँची। हमें नहीं पता था कि इतने संवेदनशील इलाके में पुलिस इतनी देर से आएगी। पुलिस सिर्फ आश्वासन देती रहती है और अवैध कटान चलता रहता है।” ऑपइंडिया को मथुरा के SP सिटी मार्तण्ड प्रताप सिंह ने बताया, “अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।”

‘गृहयुद्ध का डर’ दिखाने वाले नसीरुद्दीन शाह की जिंदगी Onomatomania से हराम: खुद बताया- चैन से नहीं रह पाता, एक ही बात दोहराता रहता हूँ

बॉलीवुड इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता और अपने विवादित बयानों के चलते मीडिया सुर्खियों में रहने वाले नसीरुद्दीन शाह ने हाल में दिए एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि 71 साल की उम्र में उन्हें एक बीमारी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वह ओनोमैटोमेनिया (Onomatomania) से ग्रसित हैं जिसमें व्यक्ति बार-बार अपनी बातें रिपीट करता है।

नसीरुद्दीन शाह ने ये खुलासा यूट्यूब चैनल ‘चलचित्र टॉक्स’ में किया। उन्होंने बताया, “मैं एक बीमारी से जूझ रहा हूँ, जिसे ओनोमैटोमेनिया (Onomatomania) कहते हैं। मैं मजाक नहीं कर रहा हूँ। यह एक मेडिकल कंडीशन है। आप इसे डिक्शनरी में देख सकते हैं।”

उन्होंने बताया, “ओनोमैटोमेनिया एक बीमारी है जिसमें आप बिना किसी वजह से विशेष शब्द या बात को, वाक्य या कविता या भाषण को दोहराते रहते हैं जिसे आप सुनना पसंद करते हैं। मैं इसे हर समय करता हूँ इसलिए मैं कभी भी आराम से नहीं रहता। यहाँ तक कि जब मैं सो रहा होता हूँ, तब भी मैं किसी ऐसे रास्ते पर जा रहा हूँ जो मुझे पसंद है।”

क्या है Onomatomania?

बता दें कि नसीरुद्दीन शाह द्वारा इंटरव्यू में ओनोमैटोमेनिया नाम लिए जाने के बाद इस बीमारी पर चर्चा शुरू हो गई है। सवाल-जवाब हैं कि आखिर ये बीमारी क्या होती है। ऐसे में बता दें कि ये ओनोमैटोमेनिया एक ऐसी बीमारी है जब किसी वाक्य, शब्द या नाम को लेकर एक असामान्य जुनून पैदा हो जाए और आप उसे दोहराते या अपने आप में बड़बड़ाते रहें।

गृहयुद्ध को लेकर नसीरुद्दीन शाह में डर

गौरतलब है कि नसीरुद्दीन शाह पिछले कुछ सालों में अपनी फिल्मों से ज्यादा अजीबोगरीब बयानों के चलते सुर्खियों में रहे हैं। कुछ समय पहले नसीरुद्दीन शाह ने ‘The Wire’ के करण थापर से बात करते हुए कहा था कि उन्होंने तो अपनी ज़िन्दगी जी ली है, लेकिन अपने बच्चों को लेकर डरे हुए हैं।

इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि आज देश में एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत से ज्यादा एक गाय के मरने को मुद्दा बनाया जाता है, जो त्रासद है। गृहयुद्ध की आशंका जताते हुए शाह ने मुस्लिमों की स्थिति पर कहा था, “मुस्लिमों को दूसरे दर्जे का नागरिक बना कर छोड़ दिया गया है… एक फोबिया फैलाने के लिए ये सब किया जा रहा है।” 

‘दशरथ की औलाद नहीं थे राम, बलात्कारी थे ब्रह्मा’: बच्चों के बीच हिंदू विरोधी किताब बाँटने वाली मास्टरनी को जेल, कोर्ट का बेल देने से इनकार

राजस्थान के भीलवाड़ा के एक सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच हिंदू विरोधी किताबें बाँटने वाली महिला शिक्षक निर्मला कामड़ को जेल भेज दिया गया है। उसे गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। लेकिन अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया। इस महिला शिक्षक पर कार्रवाई अभिभावकों के प्रदर्शन के बाद हुआ था। छात्रों ने उस पर हिंदू देवी-देवताओं को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया था।

ऑपइंडिया से बातचीत में आसींद के थाना प्रभारी हरीश ने कामड़ की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उनके अनुसार निर्मला पर धारा 295 और 505 IPC के तहत कार्रवाई की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक निर्मला कामड़ को जेल भेज दिया गया है। निर्मला कामड़ के खिलाफ 2 मार्च को छात्रों और उनके परिजनों ने स्कूल के बाहर हंगामा किया था। उस पर ‘हिन्दुइज्म धर्म या कलंक’ नाम की किताब बच्चों के बीच न सिर्फ बाँटने बल्कि उन्हें इसे पढ़ने के लिए मजबूर करने भी आरोप है आरोप है कि निर्मला ने विरोध करने वालों को SC/ST एक्ट में केस दर्ज करवाने की धमकी भी दी थी। निर्मला कामड को सस्पेंड करने की भी माँग की जा रही है। इस पूरे मामले की जाँच शिक्षा विभाग भी करवा रहा है।

निर्मला जो किताब बाँट रही थी वह नागपुर के समता पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित किया गया है। इसके कवर पर जवाहर लाल नेहरू का हवाला देते हुए एक कोट है। इसमें कहा गया है, “हिन्दू धर्म निश्चित तौर पर उदार व सहनशील नहीं है। हिन्दू से ज्यादा संकीर्ण व्यक्ति दुनिया में कहीं नहीं है।” एक छात्र का वीडियो भी सामने आया था। इसमें वह कह रहा था, “वो (निर्मला कामड़) किताबें बाँटती थी। वो कहती थीं कि ये किताब लो, जो दिमाग में होगा वो निकल जाएगा। वो क्लास में दूसरे धर्म का प्रचार करती थीं। वो हमें कहती थीं कि ब्रह्मा जी देवता नहीं हैं। ब्रह्मा ने अपनी बेटी के साथ बलात्कार किया है। राम जी दशरथ की औलाद नहीं हैं।”

गौरतलब है कि निर्मला कामड़ भीलवाड़ा के आसींद क्षेत्र में आने वाले रूपपुरा गांव के सरकारी स्कूल में टीचर है। उसने मामले को अपने खिलाफ साजिश बताया है। उसके मुताबिक तमाम लोग उसके रहन-सहन और पहनावे आदि से जलन रखते हैं। इसलिए उस पर ये आरोप लगाए गए हैं।

UP में 9 जिले की 54 सीटों पर हो रहा मतदान: 10 को पंजाब, उत्‍तराखंड, गोवा और मणिुपर के साथ आएँगे नतीजे, Exit Poll आज

उत्तर प्रदेश में सोमवार (7 मार्च 2022) को सातवें और अंतिम चरण का मतदान हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत उत्तर प्रदेश के 9 जिलों की 54 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है। 54 सीट में से 11 अनुसूचित जाति के लिए और दो अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इस चरण में 2 करोड़ से अधिक मतदाता 613 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद करेंगे।

इससे पहले प्रदेश में 6 चरणों में 349 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हो चुका है। बता दें कि 403 विधानसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी को पहले चरण का मतदान हुआ। इसके बाद 14 फरवरी को दूसरे चरण का, 20 फरवरी को तीसरे चरण का, 23 फरवरी को चौथे चरण का, 27 फरवरी को पाँचवे चरण का और 3 मार्च को छठे चरण का मतदान संपन्न हुआ। विधानसभा चुनाव के नतीजे अन्य चुनावी राज्यों के साथ 10 मार्च को घोषित किए जाएँगे। पाँचों राज्यों के चुनावी नतीजों से पहले सोमवार की शाम एग्जिट पोल आएँगे।

पीएम नरेंद्र मोदी का ट्वीट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से वोट करने की अपील करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने कहा है, “उत्तर प्रदेश में आज लोकतंत्र के महायज्ञ की पूर्णाहुति का दिन है। सभी मतदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे विधानसभा चुनाव के सातवें और आखिरी चरण के मतदान में पूरे जोश-खरोश से भाग लें और वोटिंग का नया रिकॉर्ड बनाएँ।”

सीएम योगी आदित्यनाथ का ट्वीट

वहीं सीएम योगी ने ट्वीट करते हुए लिखा है, “उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव-2022 का आज अंतिम चरण है। सभी सम्मानित मतदाता गण राष्ट्रवाद, विकास और सुशासन की विजय के लिए मतदान अवश्य करें। आपका एक वोट माफियावादियों, दंगावादियों और घोर परिवारवादियों से आपके प्रदेश को बचाएगा। अतः पहले मतदान करें फिर जलपान करें।”

अंतिम चरण के चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कई इंटरव्यू सामने आए थे। इसमें उन्होंने दावा किया था कि बीजेपी राज्य की 80 फीसदी से ज्यादा सीटें जीतनी जा रही है। वहीं एक इंटरव्यू में पूर्वान्चल पर बात करते हुए मच्छर और माफिया का इलाज बताया था।

मुख्यमंत्री ने कहा था, “मच्छर और माफिया पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास में दो सबसे बड़े बाधक थे। मच्छर की जो समस्या थी उसका ‘स्वच्छ भारत मिशन’ से समाधान हो गया है। डबल इंजन की सरकार केंद्र और राज्य ने मिलकर इस समस्या का समाधान किया है। रहे माफिया तो उनका इलाज बेहतर कानून व्यवस्था के जरिए किया गया है। हमने अगर अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम किया है। अगर कोई इस गफलत में है कि चुनाव आ गए हैं तो वो कुछ भी कर ले तो ये संभव नहीं है।”