Home Blog Page 3038

‘मेरे जलसे के बराबर में हिन्दुओं को इजाजत तो… घर में घुस इन्हें मारूँगा’ – जो था पहले IPS, कॉन्ग्रेसी नेता बनते ही उगला जहर

पंजाब कॉन्ग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार हैं मोहम्मद मुस्तफा (Mohammad Mustafa)। इनका एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें वो कह रहे हैं, “अल्लाह की कसम खाकर कहता हूँ कि इनका कोई जलसा नहीं होने दूँगा। मैं कौमी फौजी हूँ। मैं आरएसएस (RSS) का एजेंट नहीं हूँ, जो डर कर घर में घुस जाऊँगा। अगर इन्होंने दोबारा ऐसी हरकत की, तो खुदा की कसम इनके घर में घुसकर इन्हें मारूँगा। आज मैं इन्हें सिर्फ वॉर्निंग दे रहा हूँ। मैं वोटों के लिए नहीं लड़ रहा हूँ, मैं कौम के लिए लड़ रहा हूँ।”

भाजपा नेता शाजिया इल्मी ने शुक्रवार (21 जनवरी 2022) रात को सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर किया। यह वीडियो पंजाब के मुस्लिम बहुल मलेरकोटला जिले का है। विवादित वीडियो में मोहम्मद मुस्तफा अपनी बीवी के लिए प्रचार करते हुए आगे कहते हैं:

“मैं पुलिस और जिला प्रशासन को बताना चाहता हूँ कि अगर दोबारा ऐसी हरकत हुई, मेरे जलसे के बराबर में हिन्दुओं को इजाजत दी गई तो मैं ऐसे हालात पैदा करूँगा कि संभालने मुश्किल हो जाएँगे।”

शाजिया इल्मी द्वारा शेयर किए गए इस विवादित वीडियो को लेकर कॉन्ग्रेस, नवजोत सिंह सिद्धू और मुस्तफा नेटिजन्स के निशाने पर आ गए हैं। एक यूजर ने लिखा, “यह संविधान की कसम खाकर ऑफिसर बने होंगे। समाज में न्याय क्या करता होगा। यह चिंता का विषय है।”

​​शिवम छाबड़ा नाम के ए​क यूजर ने कॉन्ग्रेस और नवजोत सिंह सिद्धू को टैग करते हुए लिखा, “ये है कॉन्ग्रेस का असली चेहरा। नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार मोहम्मद मुस्तफा महोदय, अपनी ज़बान पर लगाम दे और अल्लाह को बदनाम मत कर, नहीं तो रामभक्त वानर सेना लंका दहन करने में देर नहीं लगाती। तेरे जैसे कौम के सिपाहियों को औकात पर लाना जानते हैं।”

संजय कुमार सिंह नाम के यूजर ने लिखा, “ये कौन लोग हैं और क्या करना और क्या कहना चाहते हैं? यही वह फसल है जो छद्म सेकुलरिज्म नामक इकतरफा प्यार की पैदाइश है।”

ट्विटर पर एस कुमार नाम के एक यूजर ने विवादित वीडियो को लेकर द हिंदू, द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के अलावा अन्य मीडिया ग्रुप्स को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “यह हेट स्पीच है। क्या आप इस पर लेख लिखेंगे? अगर आप में कुछ शर्म बाकी है, तो इस मुद्दे को भी उठाओ।”

बता दें कि पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा को पिछले साल अगस्त में पंजाब कॉन्ग्रेस के चीफ नवजोत सिंह सिद्धू के प्रमुख रणनीतिक सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद से ही वह मीडिया में आप​त्तिजनक बयान दे रहे हैं।

मोहम्मद मुस्तफा ने सितंबर 2021 को कैप्टन अमरिंदर सिंह पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि नवजोत सिंह सिद्धू कोई गद्दार नहीं हैं। अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह उन्हें गद्दार कहेंगे, तो वो पूरी किताब खोल (राज खोल देने की धमकी) देंगे।

सुपरटेक फ्लैट खरीदारों को 12% ब्याज समेत लौटाए पूरी रकम, समय सिर्फ 28 फरवरी तक: ट्विन टॉवर केस में सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (21 जनवरी 2022) को सुपरटेक के एमराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट के टि्वन टावर के फ्लैट खरीदारों बड़ी राहत दी। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया ​है कि बिल्डर कंपनी सुपरटेक नोएडा स्थित टि्वन टावर के फ्लैट खरीदारों को 28 फरवरी तक 12% ब्याज समेत पूरी रकम वापस कर दे।

जस्टिस चंद्रचूड़ डीवाई और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की बेंच ने इसके साथ ही स्पष्ट किया कि रिफंड में कोई टैक्स नहीं काटा जाएगा और उन खरीदारों को भी रिफंड दिया जाए, जो अवमानना की याचिका लेकर शीर्ष न्यायालय नहीं आए हैं। इस मामले में कोर्ट ने सलाहकार गौरव अग्रवाल की ओर से पेश किए गए रिफंड फॉर्मूले को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उन्होंने पीठ को बताया था कि सुपरेटक खरीदारों को रिफंड करने में TDS काट रहा है और वह उन लोगों को रिफंड नहीं दे रहा है, जो सुप्रीम कोर्ट नहीं आए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुपरटेक के प्रतिनिधि, कोर्ट सलाहकार और बॉयर्स मीटिंग करें और रिफंड के तरीके को अंतिम रूप दें कि किस तरह से रिफंड किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग अदालत नहीं आए हैं, उन्हें याचिका दाखिल करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

मालूम हो कि इससे पहले पिछली सुनवाई में 17 जनवरी 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक को चेतावनी दी थी कि अगर उन्होंने घर खरीदारों को पैसे नहीं लौटाए तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा।

सुपरटेक टि्वन टावर का पूरा मामला

बता दें कि 31 अगस्त 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने एमराल्ड कोर्ट के 40 फ्लोर के टि्वन टावर को गिराने का आदेश दिया था। सर्वोच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि इन टावरों का निर्माण नोएडा प्राधिकरण और सुपरटेक के अधिकारियों के बीच मिलीभगत का परिणाम था।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और एम आर शाह की पीठ ने मामले की सुनवाई में पाया था कि अतिरिक्त टावरों का निर्माण जिसमें तकरीबन 1000 फ्लैट बनने थे, वह नियम और कानून के विरुद्ध है। फैसले में ये भी कहा गया है कि ये निर्माण सुपरटेक द्वारा अपनी लागत पर दो माह के भीतर तोड़ा जाना चाहिए।

खुद को यूपी में कॉन्ग्रेस का CM फेस वाले बयान से पलटीं प्रियंका गाँधी, कहा- ‘वो तो ऐसे ही थोड़ा बढ़ के कह दिया था’

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) में खुद को पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा बताने के बाद कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी (Congress General Secretary Priyanka Gandhi) अपने बयान से पलट गई हैं। सीएम कैंडिटेट के सवाल पर उनके बयान ‘मेरे सिवा कोई और दिख रहा है’ की चर्चा होने लगी थी। इसके बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि मीडिया पूछ रही थी, इसलिए उन्होंने ऐसे ही कह दिया और इसे अब बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।

प्रियंका ने कहा कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा इसका फैसला पार्टी करती है और उत्तर प्रदेश में पार्टी ने मुख्यमंत्री का चेहरा तय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मीडिया द्वारा बार-बार मुख्यमंत्री के चेहरे की बात करने के कारण उन्होंने ऐसा कह दिया था।

समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में प्रियंका गाँधी ने कहा, “कहीं ये मेरी पार्टी तय करती है कि कौन मुख्यमंत्री का चेहरा होगा और कहीं नहीं तय करती है। ये मेरी पार्टी का तरीका है। मैं ये नहीं कह रही हूँ कि मैं ही हूँ चेहरा। वो तो मैंने थोड़ा बढ़ के कह दिया, क्योंकि बार-बार आप लोग वही सवाल कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि इतने प्रदेश हैं और इतने प्रभारी हैं, चाहे वो कॉन्ग्रेस के हों या भाजपा के, उनसे मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सवाल नहीं पूछा जाता और उनसे ही ये सवाल किया जाता है। उन्होंने कहा, “क्या आप उन सब से पूछते हैं कि वो मुख्यमंत्री का चेहरा बन रहे हैं या नहीं? क्यों नहीं पूछ रहे हैं? मुझसे क्यों पूछते हैं?”

दरअसल, शुक्रवार (21 जनवरी 2022) को पार्टी के घोषणा-पत्र के एलान के दौरान प्रियंका गाँधी शुक्रवार संकेत दिया था कि उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस की ओर से वही मुख्यमंत्री की चेहरा हैं। पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में उनके सिवाय और किसी का चेहरा दिख रहा है? प्रियंका ने कहा कि प्रदेश में हर जगह पर उन्हीं का चेहरा दिख रहा है।

शुक्रवार को पार्टी ने घोषणा-पत्र (Election Manifesto) जारी करते हुए 8 सूत्रीय एजेंडा तय किया था। राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी (Rahul Gandhi And Priyanka Gandhi) द्वारा जारी इस घोषणा-पत्र को ‘भर्ती विधान’ नाम दिया है। इस दौरान प्रियंका गाँधी ने कहा कि प्रदेश में भर्ती सबसे बड़ी समस्या है, इसलिए अपने घोषणा-पत्र को भर्ती विधान नाम दिया है।

प्रियंका गाँधी ने कहा था, “हम प्रदेश के 20 लाख युवाओं को नौकरियाँ देंगे, जिनमें से 8 लाख नौकरियाँ आरक्षण के तहत महिलाओं को दी जाएँगी।” उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी ने आम लोगों से बातचीत कर इस घोषणा-पत्र को तैयार किया है। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में धाँधली से लोग परेशान हैं। घोषणापत्र में एक अलग से सेक्शन बनाया गया है, जो युवाओं के भविष्य निर्माण का कार्य करेगा।

जिस टूथपेस्ट से आप मुँह धोते हैं, वो वेज है या नॉन वेज… इसके लेबल के लिए कंपनियाँ बाध्य नहीं: हाईकोर्ट में CDSCO

सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन- सीडीएससीओ (Central Drugs Standard Control Organization- CDSCO) ने कहा है कि कॉस्मेटिक बनाने वाली कंपनियों को अपने उत्पादों पर वेज या नॉन-वेज का लेवल लगाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। सीडीएससीओ ने दिल्ली हाईकोर्ट में हलफनामा देकर कहा कि कंपनियाँ इसे स्वेच्छा से लगा सकती हैं।

जस्टिस विपिन सांघी और जसमीत सिंह की पीठ के समक्ष CDSCO ने अपनी ऐफिडेविट में कहा कि पिछले साल 13 अप्रैल को इस संबंध में ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (Drugs Technical Advisory Board- DTAB) के साथ बैठक की गई थी, लेकिन इसके लिए वह तैयार नहीं हुआ। DTAB का कहना है कि वेज और नॉन-वेज को लेकर पैकेट पर डॉट लगाने से जटिलताएँ बढ़ेंगी और संबंधित पक्षों पर इसका बोझ बढ़ेगा।

दरअसल, कॉस्मेटिक कंपनियों को अपने उत्पादों पर वेज और नॉन-वेज का लेवल लगाने संबंधी एक एडवाइजरी 10 दिसंबर को जारी की गई थी, जिसमें कहा था कि साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट आदि पर वेज के लिए ग्रीन और नॉन-वेज के लिए रेड डॉट का इस्तेमाल स्वैच्छिक आधार पर करना चाहिए। इसके बाद मामले को लेकर दिल्ली के हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी।

इस एडवाइजरी के खिलाफ गैर-सरकारी संस्था ‘राम गौ रक्षक दल’ ने याचिका दायर कर कॉस्मेटिक प्रोडक्ट पर वेज और नॉन-वेज आइटम के इस्तेमाल के लिए लेबल लगाने की माँग की थी। इसके साथ ही यह माँग की गई थी कि इन उत्पादों की निर्माण-प्रक्रिया में किन-किन चीजों का इस्तेमाल किया गया है, इनके बारे में भी जानकारी दी जाए।

राम गौ रक्षा दल की ओर से वकील रजत अनेजा द्वारा हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि देश के नागरिकों को ये जाने का अधिकार है कि वे जो भोजन करते हैं, कॉस्मेटिक और इत्र का उपयोग करते हैं या कपड़े पहनते हैं, उनमें किन-किन चीजों का इस्तेमाल किया गया हैं। कॉस्मेटिक कंपनियों को बताना चाहिए कि उनके प्रोडक्ट में किसी जानवर के शरीर के अंगों का इस्तेमाल किया गया है या नहीं। यह जानना एक नागरिक का मौलिक अधिकार है।

इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने 9 दिसंबर को सभी फूड बिजनेस इकाइयों को फूड आइटम में प्रयोग होने वाली प्रत्येक वस्तु के बारे में जानकारी देना अनिवार्य कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि बिजनेस ऑपरेटर आपकी थाली में कुछ और तो नहीं डाल रहा है, यह प्रत्येक व्यक्ति को यह जानने का अधिकार है कि वह क्या खा रहा है।

कोर्ट ने कहा था कि खाद्य सामग्रियों में जिन-जिन चीजों का प्रयोग हुआ है, उनके बारे में लिखित कोड होना चाहिए और यह भी बताया जाना चाहिए कि उन चीजों का स्रोत क्या है। यानी फूड में इस्तेमाल चीजों को पौधों, लेबोरेटरी या जानवरों से प्राप्त किया गया है या कहीं और से, इसके बारे में बताना चाहिए। हाईकोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 31 जनवरी की तारीख तय की है।

माँ बन गईं प्रियंका चोपड़ा: 39 साल की एक्ट्रेस ने लिया सरोगेसी का सहारा, इंस्टाग्राम पर शेयर की खुशी

बॉलीवुड-हॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा माँ बन गई हैं। प्रियंका चोपड़ा और अमेरिकी सिंगर निक जोनस ने शुक्रवार (21 जनवरी 2022) देर रात सोशल मीडिया पर वेलकम बेबी का मैसेज शेयर कर इसकी जानकारी दी। शादी के 3 साल बाद सरोगेसी के जरिए माँ बनी एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा:

“हमें यह बताते हुए बेहद खुशी है कि हमने सरोगेसी के जरिए अपने बच्चे का स्वागत किया है। हम सम्मान के साथ कहना चाहते हैं कि इस खास मौके पर आप हमारी प्राइवेसी का ख्याल रखें, क्योंकि हम अपने परिवार पर फो​कस करना चाहते हैं। धन्यवाद।”

इस पोस्ट के अंत में प्रियंका चोपड़ा ने एक हार्ट इमोजी भी शेयर किया है। हालाँकि, अभी तक यह नहीं बताया गया है कि सरोगेसी के जरिए उनके घर कोई बेटा आया है या बेटी।

नेटिजन्स बॉलीवुड स्टार्स प्रियंका चोपड़ा के इस पोस्ट पर कमेंट कर उन्हें बधाई दे रहे हैं। पोस्ट पर कमेंट करते हुए हुमा कुरैशी ने ​लिखा, “ये अद्भुत है! प्रियंका बधाई।” वहीं पूजा हेगड़े ने लिखा, “बधाई हो, आप सभी को ढेर सारा प्यार।”

‘द जोनस ब्रदर्स फैमिली रोस्ट’ शो के दौरान प्रियंका चोपड़ा ने बेबी प्लानिंग को लेकर कहा था कि वो अकेले ऐसे कपल हैं, जिनके अभी तक बच्चे नहीं हुए हैं। प्रियंका ने उसी शो में यह बताया था कि वो निक जोनास के साथ बेबी प्लान कर रही हैं।

प्रियंका बॉलीवुड की दूसरी एक्ट्रेस हैं, जो पिछले तीन महीने में सरोगेसी के जरिए माँ बनी हैं। इससे पहले 17 नवंबर 2021 को प्रीति जिंटा भी सरोगेसी के जरिए जुड़वा बच्चों की माँ बनी थीं। बता दें कि बॉलीवुड में ऐसे कई सेलिब्रेटी हैं, जो सेरोगेसी के जरिए पेरेंट्स बने हैं।

शाहरुख खान के बेटे अबराम का जन्म भी 2013 में सरोगेसी के जरिए हुआ था। आमिर खान के घर दिसंबर 2011 में सेरोगेसी के जरिए बेटे आजाद खान का जन्म हुआ था। सोहेल खान, करण जौहर, तुषार कपूर, एकता कपूर, शिल्पा शेट्टी के अलावा मशहूर कॉमेडियन कृष्णा अभिषेक और उनकी पत्नी कश्मीरा शाह वर्ष 2017 में सरोगेसी के जरिए दो बेटों कृषांग और रयान के माता पिता बने थे।

‘गुंडे भेज तेरी माँ-बहन को उठवा लूँगी, रेप करवाऊँगी’: ‘लिबरल वुमन’ ने ‘क्लब हाउस’ पर दी गालियाँ, शिवसेना सांसद से बोले यूजर- कब होगी कार्रवाई

विवादित क्लब हाउस ऐप (Club House App) की एक और वॉयस चैट वायरल हुई है। इसमें खुद को लिबरल करने वाली एक महिला किसी आदमी को भद्दी-भद्दी गालियाँ देते हुए रेप और अपहरण की धमकी दे रही है। खुद को लिबरल वुमन कहने वाली महिला कहती है, “साले तेरे घर पर गुंडे भेजवाकर तेरी माँ, तेरी बहन का रेप (Rape Threat) करवाकर उन्हें उठवा लूँगी। अब बोल।” इस पर सामने वाला व्यक्ति कहता है, “देखो तुम्हारी औकात मेरे सामने खड़े होने की नहीं है।” इस वॉयस चैट को एक ट्विटर यूजर ने शेयर किया है।

ट्विटर यूजर दीपिका नारायण भारद्वाज ने शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी को भी टैग किया और पूछा कि क्या कोई रेप की धमकी देने वाली महिला को गिरफ्तार करने के लिए जा रहा है? यूजर ने सांसद से ये भी कहा कि कार्रवाई सेलेक्टिव नहीं होनी चाहिए।

दरअसल, क्लब हाउस चैट में मुस्लिम महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में मुंबई पुलिस ने हरियाणा से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार (21 जनवरी 2021) को मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने इसको लेकर जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने इन लोगों को गुरुवार की रात को ही गिरफ्तार किया था। पुलिस अधिकारी के अनुसार, इसके खिलाफ मुंबई के ही एक संगठन ने पुलिस में शिकायत की थी।

इस गिरफ्तारी पर शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने मुंबई पुलिस की पीठ थपथपाते हुए शाबाशी दी। उन्होंने ट्वीट किया, “मुंबई पुलिस को मुबारकबाद। उन्होंने क्लब हाउस चैट के खिलाफ भी कार्रवाई की और कुछ गिरफ्तारियाँ भी की गई हैं। नफरत को ना कहें।’’ इससे पहले दिल्ली पुलिस ने क्लब हाउस ऐप और गूगल को पत्र लिखकर इसको लेकर जानकारी माँगी थी।

गौरतलब है कि बीते कुछ समय से सुल्ली डील और बुल्ली बाई ऐप के बाद क्लब हाउस ऐप काफी चर्चा हो रही है। इसको लेकर खूब राजनीति भी हो रही है। मुस्लिम महिलाओं पर टिप्पणी करने वाले आरोपियों को पकड़ने के लिए कई राज्यों में पुलिस ओवरटाइम कर रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर कई ऐसे प्लेटफॉर्म हैं, जहाँ हिंदू महिलाओं को अभी भी टारगेट किया जा रहा है।

खालिस्तान को हवा देकर हिन्दू नरसंहार की साजिशें, देवताओं को गाली, जो विरोध करे उसकी ही ‘ईशनिंदा’ में गिरफ्तारी: क्लब हाउस का एक घिनौना चेहरा ये भी

10 दिसंबर, 2021 को, अनिल अरोड़ा नाम के एक व्यक्ति को पंजाब में श्री गुरु नानक देव जी और उनके पिता कल्याण चंद दास बेदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करके सिख समुदाय की भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अरोड़ा को 8 दिसंबर और 9 दिसंबर की रात को हरियाणा के पंचकुला से गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी सोशल मीडिया ऐप, क्लब हाउस चर्चा से संबंधित है, जहाँ कई खालिस्तानियों द्वारा हिंदुओं को गाली देने पर अनिल अरोड़ा ने कुछ बयान दिए थे।

कथित तौर पर अरोड़ा एक महीने से अधिक समय से फरार चल रहा था, क्योंकि उसके और 3-4 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जब इंस्पेक्टर बेअंत जुनेजा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार किया, तो वह एक होटल में चेक-इन करने जा रहा था।

इस मामले में कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। क्लब हाउस ऐप पर उनकी बातचीत का एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने के बाद अरोड़ा और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी। ऑडियो में, उनके सहयोगी वासु स्याल, जो ज़ीरा, फ़िरोज़पुर के रहने वाले हैं, ने पहली कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की, जिसके बाद अरोड़ा ने भी उसी में कुछ कहा। एक आरोपित आशीष ठाकुर यूके में रहता है। पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि उन्होंने यूके से ठाकुर के प्रत्यर्पण के लिए कार्यवाही शुरू कर दी है।

किसी हिंदू संगठन के नेता और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सदस्य अरोड़ा के खिलाफ 20 अक्टूबर को डिवीजन 3 पुलिस स्टेशन, लुधियाना में धारा 295-ए (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्यों द्वारा अपमान करके किसी भी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का इरादा के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153-ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना और सद्भाव बिगाड़ने के लिए कार्य करना)। के तहत उसकी गिरफ्तारी के लिए एक लाख रुपए के इनाम की भी घोषणा की गई थी।

अरोड़ा को नौ दिसंबर को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का अरोड़ा को अदालत में ले जाने का एक वीडियो दैनिक सवेरा द्वारा YouTube पर पब्लिश किया गया था जिसमें अरोड़ा को लंगड़ाते हुए देखा जा सकता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस या प्रदर्शनकारियों द्वारा उन पर हमला किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, अदालत के बाहर जमा हुए प्रदर्शनकारियों में से एक ने उस पर जूता फेंकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे रोक दिया। 11 दिसंबर को भी अरोड़ा ठीक से चल नहीं पा रहे थे, जब उसे दो दिन के रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया गया। वहीं 11 दिसंबर को अरोड़ा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

कौन-कौन हुए इस मामले में गिरफ्तार

पुलिस ने 26 अक्टूबर को पंचकूला से शालू अग्रवाल, पखोवाल रोड निवासी रोजी जैन व उनके पति अमित, जनकपुरी के महेश चंद्र व उनकी पत्नी सुषमा रानी और मुंडियां कलां के न्यू गुरु नानक नगर के उमेश कुमार को गिरफ्तार किया था। इन सभी लोगों को अरोड़ा को आश्रय देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में 8 नवंबर को पुलिस ने उमेश कुमार गाँधी को मुंडियां कलां (Mundian Kalan) से गिरफ्तार किया, जो अरोड़ा का दूर का रिश्तेदार और पड़ोसी है। कथित तौर पर, गाँधी ने अरोड़ा को वित्तीय सहायता प्रदान की थी। पुलिस ने अरोड़ा की बहन के घर से 10 लाख रुपए भी बरामद किए जो कथित तौर पर अरोड़ा के लिए थे।

13 नवंबर को गुरु नानक देव जी के पिता पर सबसे पहले टिप्पणी करने वाले आरोपित वासु स्याल को गिरफ्तार कर लिया गया। वासु को गिरफ्तारी से बचने में मदद करने के आरोप में पुलिस ने 15 नवंबर को संजीब शर्मा नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। उसने वासु को कथित तौर पर 20,000 रुपए दिए। 2 दिसंबर को, स्याल की आवाज के नमूने प्रमाणीकरण के लिए एक फोरेंसिक लैब में भेजे गए थे।

अनिल अरोड़ा और दूसरों पर हुए FIR

ऑपइंडिया ने अनिल अरोड़ा और अन्य के खिलाफ दर्ज FIR की प्रति हासिल की। शिकायत लुधियाना के रहने वाले परविंदर सिंह वगैरा (Parwinder Singh Wagaira) ने दर्ज कराई थी। एफआईआर में लिखा है, “अनिल अरोड़ा नाम का शख्स, जो फेसबुक पर अनिल अरोड़ा के नाम से पेज चलाता है, धार्मिक और सामाजिक विषयों पर कंटेंट पोस्ट करता रहा है। उनकी सामग्री अपमानजनक है और हिंदू और सिख समुदायों के बीच मतभेद पैदा कर सकती है। हाल ही में, अरोड़ा का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जो क्लब हाउस ऐप पर चर्चा का हिस्सा था।

FIR का स्क्रीनशॉट

इसमें आगे कहा गया है, “उस ऑडियो में अनिल अरोड़ा और उनके 3-4 दोस्त गुरु नानक देव जी और उनके पिता के बारे में बात करते हैं। उन्होंने गुरु नानक देव जी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जो सिख धर्म में अस्वीकार्य है। सिख ऐसी भाषा बर्दाश्त नहीं कर सकते। सिख धर्म का पालन करने वाले लोग ऐसी भाषा से आहत होते हैं। वे अनिल अरोड़ा और उनके दोस्तों की वजह से आक्रोशित हैं।”

अंत में, शिकायतकर्ता ने पुलिस से अनिल अरोड़ा और उनके दोस्तों, जिन्होंने सिख समुदाय की भावनाओं को आहत किया है, के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने और दंगा जैसी स्थिति पैदा करने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने का आग्रह किया। इसमें कहा गया है, “हम अधिकारियों से आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का अनुरोध करते हैं।”

वायरल वीडियो का कंटेंट जो बनी अनिल अरोड़ा और अन्य के खिलाफ शिकायत का कारण

ऑपइंडिया ने अनिल अरोड़ा और उनके दोस्तों के बीच कथित चर्चा के वायरल वीडियो को हासिल किया, जिसमें कथित रूप से भड़काऊ टिप्पणियाँ की गई थीं। आईएसआईएस का उदाहरण देते हुए, स्याल ने कहा, “आईएसआईएस से पहले, लोग इस्लाम के अत्याचारों के बारे में बात करने के लिए खुले नहीं थे। हालाँकि, जब ISIS ने लोगों को मारना शुरू किया और सार्वजनिक सिर काटने के वीडियो जारी किए, तो चीजें बदलने लगीं। फिर ऐसी घटनाएँ हुईं जब आईएसआईएस के गुर्गों ने ट्रकों का इस्तेमाल कर लोगों को कुचल दिया। अब लोग अत्याचार की बात करते हैं। मेरा मानना ​​है कि ये लोग जितनी ऐसी गलतियाँ करेंगे, उतना ही पंजाबी हिंदू अपने असली स्वरूप को समझ पाएँगे। उनके अपराधों से हरमंदिर साहिब सहित गुरुद्वारों में हिंदू भीड़ कम होगी। मैं हर दिन प्रार्थना करता हूँ कि ये लोग ऐसी गलतियाँ करें। मैं प्रार्थना करता हूँ कि वे हर दिन ऐसी सैकड़ों गलतियाँ करें, जिससे हिंदू विद्रोह हो। वे अपने धर्म के प्रतिगामी होने की ओर बढ़ रहे हैं। जिस दिन इस धरती से सिख धर्म का सफाया हो जाएगा, मुझे लगेगा कि मैंने जीवन में अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है।”

अनिल अरोड़ा ने कहा, ‘मैं यहाँ आपको काउंटर करूँगा। जैसा कि आप कह रहे हैं, लोग हरमंदिर साहिब आना बंद कर देंगे, यह कोई अच्छी बात नहीं है। अगर हम इसे देखकर खुश हैं, तो इसका मतलब है कि हमने अपना गुरुओं और गुरुद्वारों पर दावा छोड़ दिया है। कट्टरपंथी और देशद्रोही यही चाहते हैं। वे सिख धर्म और हिंदू धर्म के बीच अंतर पैदा करना चाहते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। 1984 के बाद भी कॉन्ग्रेस सिखों और हिंदुओं के बीच इतना अंतर पैदा नहीं कर पाई। अच्छाई और बुराई हर धर्म में होती है। अच्छे सिख होंगे तो बुरे सिख भी होंगे। मैं मानता हूँ कि हम गुरुद्वारों से कट रहे हैं। लेकिन ये कोई अच्छी बात नहीं है कि हमें इस पर खुश होना चाहिए। यह ऐसा है जैसे परिवार का कोई सदस्य दूर हो रहा है, और अगर हम उसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं, तो वह हम पर हमला कर रहा है। हम परिवार के सदस्य को उस जगह जाते हुए देख रहे हैं जहाँ सिर्फ अंधेरा होता है। और हम इस पर ख़ुशी नहीं मना सकते।”

उसके बाद, वक्ताओं में से किसी ने उपस्थित लोगों को गाली दी जिससे कुछ बहस और विवाद भी हुआ। उस व्यक्ति ने कहा, “मैं बस इतना पूछना चाहता था कि आप लोग (हिंदुओं) जनम से ही चू** ये हो या अब हो गए हो।”

उनके इस बयान से अनिल अरोड़ा और उनके दोस्त चिढ़ गए। एक व्यक्ति ने कहा, “काश उस दिन कल्याण दास बेदी जी समय पर सो जाते।” अनिल ने कहा, “काश उस समय कंडोम उपलब्ध होता।” विपरीत समूह के किसी व्यक्ति ने कहा, “अनिल को ऐसा नहीं कहना चाहिए था। किसी ने नहीं कहा कि राम के पिता को कंडोम का इस्तेमाल करना चाहिए था।” इसने वक्ताओं को और उत्तेजित कर दिया। अनिल ने कहा, “मेरी बात सुनो। अगर उस रात भिंडरांवाले के पिता समय पर सो जाते तो ऐसे बच्चे का जन्म नहीं होता।”

वीडियो से स्पष्ट है कि हिन्दुओं को प्रताड़ित करने और गाली देने से पहले अनिल अरोड़ा और अन्य हिंदू हिंदू-सिख एकता की बात कर रहे थे। उकसाने के बाद गाली-गलौच किया गया, जिसमें अनिल अरोड़ा और कुछ अन्य लोगों ने उकसाने पर बस जवाबी कार्रवाई की। इनमें से कई क्लब हाउस वार्तालापों में, यह स्पष्ट हो जाता है कि खालिस्तानियों, इस्लामवादियों, वामपंथियों और यहाँ तक ​​​​कि ‘लिबरलों’ के तौर-तरीकों में हिंदुओं को अपमानजनक और भद्दी बातें कहते हैं और फिर, जब पैनल के हिंदू अपना धैर्य खो देते हैं और जवाबी कार्रवाई करते हैं, तो वे या तो चुनिंदा बयानों को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर नैरेटिव बनाने के लिए फैलाते हैं या मामले दर्ज करा देते हैं, जैसा कि अनिल अरोड़ा के मामले में भी देखा जा सकता है।

हिन्दू विरोधी दुष्प्रचार के आरोपित कैसे फ्री घूमते हैं

जबकि अनिल अरोड़ा जैसे हिंदुओं द्वारा खालिस्तानियों द्वारा हिंदुओं को गाली देने पर जो जवाब में कहा गया था, उसके लिए मुकदमा दर्ज करा दिया गया था, और जो हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ ऐसी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं, वे कभी भी कानून से नहीं डरते और खुलेआम घूमते हैं। ऑपइंडिया ने इंटरनेट और सोशल मीडिया के इसी बदसूरत पक्ष का पता लगाने के लिए क्लब हाउस चर्चाओं, फेसबुक लाइव वीडियो, चैट समूहों और यूट्यूब वीडियो के कई ऐसे वीडियो एक्सेस किए, जहाँ हर दिन हिंदुओं का मजाक उड़ाया जाता है, उन्हें धमकाया जाता है और उन्हें नीचा दिखाया जाता है।

सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण, हम बात करते हैं हिंदू जागृति मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नितिन महाजन द्वारा एक Tiktok अकाउंट के खिलाफ दर्ज FIR की, जो Sraa_Kalistani हैंडल से चलाया जाता है। अपनी शिकायत में, महाजन ने कहा कि उल्लेखित टिकटोक उपयोगकर्ता ने अपने अकाउंट पर एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें उसने भगवान शिव, माँ पार्वती और हिंदू समुदाय की महिलाओं को गाली दिया था। उन्होंने उस मोबाइल नंबर का भी उल्लेख किया जिससे कहा गया था कि वीडियो अपलोड किया गया था।

नितिन महाजन द्वारा दर्ज कराई गई FIR का स्क्रीनशॉट

शिकायत में लिखा है, “यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि उक्त व्यक्ति ने खुले तौर पर भगवान शिव और माँ पार्वती के साथ-साथ हिंदू समुदाय की महिला के लिए भी अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया और गंदी गालियाँ दीं। महाजन ने वीडियो की एक प्रति अपनी शिकायत के साथ आरोपित की तस्वीर के साथ संलग्न की। उन्होंने पुलिस से मामले की जाँच कर आरोपित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की माँग की है। शिकायत 7 जुलाई, 2020 को दर्ज की गई थी। जब हमने Sraa_Kalistani की TikTok प्रोफ़ाइल की जाँच की, तो वहाँ केवल एक वीडियो था, और बाकी सामग्री स्पष्ट रूप से हटा दी गई थी। एक वीडियो जो अभी भी था वह ओलंपिक भाला फेंक स्पर्धा का था जिसमें सारा ने लोगों से पाकिस्तानी खिलाड़ी का समर्थन करने का आग्रह किया। वहीं प्रोफाइल इमेज खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले की थी।

क्या कहा सारा ने जिस पर एफआईआर तो हुई पर कभी कार्रवाई नहीं हुई

ऑपइंडिया ने सारा का वीडियो एक्सेस किया, जिस पर नितिन ने शिकायत दर्ज कराई थी। वीडियो में, उसने कहा, “मैं आपको और आपके शिव को ch*** रख दूँगा। यहाँ आओ, और मैं तुम्हें बताऊँ मादर***। मैं तुम्हारी पार्वती को भी च.***। आपने दुनिया भर में सब कुछ गड़बड़ कर दिया है। अब मैं ऐसा कहूँगा। मैं तुम्हें सबक सिखाऊंगा। देख कैलिफोर्निया का सारा यहाँ है। मैं तेरी बहनों को रे* करूँगा।”

पृष्ठभूमि में एक आदमी इस बारे में बात कर रहा है कि वह कितनी बेरहमी से हिंदू महिला का बलात्कार करेगा कि उसका डिक महिला के….

Sraa_Kalistani का वह वीडियो जिस पर नितिन महाजन द्वारा शिकायत की गई

कुलदीप सिंह संधू और उनके हिंदू विरोधी बयानों का फेसबुक ऑडियो

दूसरा वीडियो जो हमारे सामने आया वह कुलदीप सिंह संधू का था। सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि वह उक्त वीडियो में पंजाबी में क्या कह रहा था। हिंदू देवी-देवताओं और हिंदू महिलाओं को गाली देते हुए उसने कहा, “मैं तेरी दुर्गा माँ को fu** करूँगा। मैं आपके शिव के as* में हाथी का d**k डालूँगा। मैं आपकी बहन के v**ina में शिव का d*** डालूँगा। मैं तुम्हारी माँ के v**ana में ब्रह्मा का d** डालूँगा। मैं इंद्र की बहन को चो*…।” वीडियो में यह सब सुना जा सकता है।

कौन हैं कुलदीप सिंह संधू

कुलदीप सिंह संधू एक खालिस्तानी समर्थक है जो नियमित रूप से हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाता है। कुलदीप सिंह संधू नाम से एक फेसबुक प्रोफाइल है। प्रोफ़ाइल में देशी पिस्तौल की तस्वीर प्रोफ़ाइल इमेज के रूप में लगी है। प्रोफाइल के मुताबिक, कुलदीप अमेरिका के कैलिफोर्निया के मेंटेका (Manteca) में रहता है और ट्रक ड्राइवर का काम करता है। उसने कुछ समय मुंबई, महाराष्ट्र की जेल में भी बिताया लेकिन पंजाब से ताल्लुक रखता है। कुछ सूत्रों का दावा है कि वह क्लब हाउस आईडी द्वारका दास के नाम से चलाता है।

युवा कुलदीप सिंह सिंधु भिंडरावाले के साथ (बाएँ) दाएँ कुलदीप की वर्तमान तस्वीर

इस खास पेज ने संधू की एक तस्वीर साझा की थी जब वह खालिस्तानी आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले के साथ था। 2021 में पोस्ट की गई तस्वीर में युवा कुलदीप सिंह संधू घेरे में है।

Screenshot of Facebook profile by the name Sardar Kuldeep Singh Sandhu. Source: Facebook

फोटो में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुलाह को भी भिंडरावाले के बगल में खड़ा देखा जा सकता है। यह एक ज्ञात तथ्य है कि जब भिंडरावाले के नेतृत्व में खालिस्तानी आंदोलन पंजाब में फैल रहा था, अब्दुल्ला ने अमृतसर के कई दौरे किए थे और खालिस्तानी नेताओं से मुलाकात की थी, ऐसा लगता है कि वे कश्मीर पर अपने अलगाववादी विचारों के साथ खड़े हैं।

क्लब हाउस पर हिंदू नरसंहार की योजना बना रहे खालिस्तानी

एक अन्य चर्चा जो क्लबहाउस ऐप पर हुई थी, उसमें हिंदूफोबिक सामग्री है। जिसका संचालन महावीर सिंह खिलेरी कर रहे थे। 5 मिनट की रिकॉर्डिंग में तीन मुख्य वक्ता थे। उनके हैंडल PB03, बूटा और अमन हैं।

PB03: इन हिंदुओं को हमारी मातृभाषा बोलने का अधिकार नहीं है। उन्हें अपनी हिंदी पर अडिग रहना चाहिए। उन्हें अपनी देवी की पूजा करनी चाहिए और ओम भूर्भुवः स्वाहा का जाप करना चाहिए।

बूटा: मैं आपको कुछ बताना चाहता हूँ। कुछ समय पहले पंजाब और पाकिस्तान के बीच व्यापार फल-फूल रहा था। जब दोनों पक्षों ने पैसा कमाना शुरू किया, तो इन लोगों को यह पसंद नहीं आया। उसके बाद, उन्होंने पंजाबियों के अमीर होने के डर से कारोबार बंद कर दिया। वे हमेशा पंजाबियों के बारे में बुरा सोचते हैं। पाकिस्तान व्यापार के लिए करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने को तैयार है। लेकिन यह पक्ष सब कुछ बर्बाद कर रहा है।

अमन: देखिए, पंजाब के हिंदुओं को सिखों से व्यापार नहीं मिलना चाहिए। लेकिन सिख उनका आर्थिक रूप से बहिष्कार नहीं करते। मैं उनसे हिंदुओं से व्यापार न करने का आग्रह करता रहता हूँ। ये आपके दुश्मन हैं। वे आपके हत्यारे हैं। ये लोग हिंदी को अपनी मातृभाषा के रूप में लिखते हैं लेकिन पंजाबियों की थालियों से खाते हैं। ये लोग अपनी माँ इंदिरा से उन्हें सिखों से बचाने का आग्रह करते रहे, यह दावा करते हुए कि हमने उन्हें नष्ट कर दिया। इन्होंने ही पंजाब को तबाह किया था। फिर इन हिंदुओं ने अपनी राजनीतिक शक्ति का उपयोग करके लाखों सिखों को मार डाला। उनकी झूठी न्यायिक व्यवस्था में हमें कभी न्याय नहीं मिला। उनका कहना है कि वे खालिस्तान के गठन की अनुमति नहीं देंगे। कौन होते हैं हमें रोकने वाले? उनमें हमें रोकने की हिम्मत नहीं है। ये लोग खालिस्तान का गठन देखेंगे। नक़्शे पर आ जाएगा खालिस्तान। हम इन हत्यारे हिंदुओं को जमुना के पार फेंक देंगे। हिंदू-सिख एकता जैसा कुछ नहीं है। बादल जैसे लोग ‘हिंदू सिख एकता नौ मास दा रिश्ता’ कहते हैं। लेकिन असल में पंजाबी हिंदू हमारे दुश्मन हैं। ये पंजाबी हिंदू उस हकीकत का स्वाद चखेंगे जब भैया लोग उनकी औरतों का रेप करने वाले हैं। हमें उन्हें व्यापार नहीं देना चाहिए। 1984 के बाद बहुत सारे सिख पंजाब आए, हमने हिंदुओं को व्यापार देना बंद कर दिया। अब सिख फले-फूले हैं। हमें जारी रखना चाहिए और हिंदुओं को कोई व्यवसाय नहीं देना चाहिए। उन्हें मारने का एक ही उपाय है कि उन्हें लक्ष्मी देना बंद कर दें।

खालिस्तानी ने क्लब हाउस पर भगवान राम को दी गाली

एक अन्य चर्चा जिसे हमने एक्सेस किया, जिसमें क्लबहाउस यूजर PB03 के साथ बेबक(Bebak), इंतसार (Instsaar), गिल (Gill) और थोर (Thor) भी मौजूद था। इस चर्चा में उन्होंने न केवल भगवान राम, माता सीता बल्कि अन्य हिंदू देवी-देवताओं को गालियाँ दीं।

PB03: माना जाता है, उनके अनुसार, सीता सबसे खूबसूरत महिला थीं। लेकिन राम बंदरों के साथ घूमते रहे और सुंदर स्त्री को छोड़कर चले गए।

बेबक: वाल्मीकि रामायण और तुलसीदास रामायण में एकमात्र अंतर यह है कि वाल्मीकि की रामायण में शबरी युवा और सुंदर थी लेकिन वह तुलसीदास रामायण में बूढ़ी हो गई। शबरी को राम की प्रेमिका के रूप में दिखाया गया था।

इंतसार : जब श्रुपनखा आई तो उसने विनम्रता से राम से विवाह करने को कहा, लेकिन उसने अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। फिर उन्होंने उसे लक्ष्मण के पास जाने के लिए कहा। फिर छोटे ने उसका मजाक उड़ाया और फिर उसकी नाक काट दी। कहानी बताती है कि लक्ष्मण 14 साल तक नहीं सोए; इसके बजाय, उसकी पत्नी, जिसे वह अकेला छोड़ गया था, सो गई। अगर हम वैज्ञानिक तर्क पर जाएँ, तो ऐसा तभी हो सकता है जब उन्होंने उर्मिला (लक्ष्मण की पत्नी) को पीटा और वह कोमा में चली गई। अगर वह किसी महिला की नाक काट सकता है, तो उसके लिए पत्नी को पीटना कोई बड़ी बात नहीं है। 14 साल तक कौन सोता है?

गिल: वे हनीमून पर गए थे। इस मूर्ख लक्ष्मण ने उन्हें वहाँ भी अकेला नहीं छोड़ा। उसे उन्हें आनंद लेने देना चाहिए था।

बेबक: रामायण के 400 संस्करण हैं। एक संस्करण में, जब लक्ष्मण राम को बचाने के लिए नहीं गए, तो सीता ने उन पर अपने लिए प्रेम भाव रखने का आरोप लगाया।

थोर: मेरा एक सवाल है। यदि सीता ने राम को हिरण का शिकार करने के लिए कहा, तो क्या शाकाहारियों को उसकी निंदा नहीं करनी चाहिए?

इंतसार: जब सीता ने राम से कहा कि उसने एक सोने का मृग देखा है, तो उसने उससे पूछा कि क्या वह हिली हुई हैं क्योंकि सुनहरे मृग मौजूद नहीं थे, लेकिन सीता ने जोर देकर कहा कि राम को जाकर उसका शिकार करना चाहिए। मुझे लगता है कि यह करी में ढकी कोई बकरी थी, जिसे सीता ने सोने का मृग समझा था। उसके बाद सीता ने लक्ष्मण पर आरोप लगाते हुए उन्हें कामोत्तेजक बताया। फिर उसने बाहर एक रेखा खींची और उसे पार न करने का आदेश दिया। यह पितृसत्ता ही थी।

गिल: चलो स्वयंवर में। देखें रावण का बायोडाटा। उनके पास एक प्राइवेट जेट था। उसने तीनों लोकों को जीत लिया था। और ये दोनों अयोध्या नाम के एक छोटे से गाँव के सरपंच थे। यह किस तरह की कहानी थी?

बेबाक: मुझे एक बात समझ में नहीं आती। वे इंद्र को भगवान कैसे कह सकते हैं? अगर मेरे समुदाय में कोई उनके जैसा चरित्र रखता तो हम उसका बहिष्कार कर देते। और ये लोग उसे भगवान कहते हैं। आज के संदर्भ में अगर मैं आपको एक उदाहरण दूँ तो इंद्र एक शिक्षक की तरह हैं जो आपकी बहन के प्रति यौन इच्छा रखता है जो स्कूल में पढ़ रही है। इससे सस्ता और कुछ भी नहीं है।

खालिस्तानी भगवान कृष्ण और अर्जुन को दे रहे गाली

अगली क्लब हाउस चर्चा जो हमें मिली, उसमें कई वक्ता थे जिन्होंने भगवान कृष्ण को गाली दी थी।

टोनी: कृष्ण के पिता ने कहा, उसे मत मारो, बच्चों को मार डालो।

पियोबहामन (Peobahman) : अगर उनके पास इतना उन्नत विज्ञान था कि उनके पास विमान था, तो वे वासुदेव का पुरुष नसबंदी नहीं करवा सकते थे।

टोनी: ना होता बाँस न बजती बाँसुरी।

महावीर : गूगल पर कुंती भोज डालो। कर्ण का जन्म कुंती भोज ने किया था।

पियोबहामन: वे अर्जुन को अपना नायक कहते हैं। उन्होंने उसके नाम पर टैंक भी बनवाए हैं। वह कमीने नपुंसक हो गया, साड़ी बांध दी और एक साल के लिए ट्रांसजेंडर बन गया।

शेर: जब कृष्ण की मृत्यु हुई, तो भीलों ने आक्रमण कर उनकी गोपियों को ले गए। अर्जुन उन्हें बचा नहीं सके। कारण यह था कि जब वे एक वर्ष के लिए नपुंसक हो गए, तो उनका मन इस बात का ठेस लगा कि नपुंसक लड़ाई नहीं करते। इसलिए उसने महिलाओं को नहीं बचाया।

टोनी: युद्ध के दौरान भी, उसने बेईमान तरीकों से सभी को मार डाला।

पंजाबी भाषा पुरानी है और मनुवाद पर आक्रमण करती है

इस क्लब हाउस चर्चा में, उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू शब्द का इस्तेमाल पुराने शास्त्रों में कहीं नहीं किया गया है और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को बदनाम करने की कोशिश की गई है। “पहाडबुक” नाम से जाने जाने वाले क्लब हाउस उपयोगकर्ता ने कहा, “मोहन भागवत हर 3-4 महीने में हिंदू शब्द लाते हैं। किसी भी शास्त्र में कभी भी हिन्दू शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है। मैं पंजाबी भाषा पर शोध कर रहा हूँ। हमें लगता है कि यह 400-500 साल पहले अस्तित्व में आया था। मैं पंजाबी भाषा पर एक किताब लिखने की कोशिश कर रहा हूँ। सबूत जुटा रहा हूँ। अशोक स्तम्भों पर पाली भाषा लिखी गई है। जब आप इसे पंजाबी से मिलाते हैं और फिर इसे संस्कृत से मिलाते हैं, तो आपको पता चलेगा कि सम्राट अशोक ने पंजाबी जैसी ही भाषा का इस्तेमाल किया था। जड़ें काफी पुरानी हैं। यह मनुवाद पर हमला करता है। हमारी भाषा प्राचीन है। यह पीछे मोहनजोदड़ो तक जाता है।”

महावीर सिंह खिलेरी का मामला

आगे बढ़ने से पहले, क्लब हाउस चर्चा के इस मसले के बारे में जानना आवश्यक है जहाँ महावीर एक प्रमुख वक्ता थे और हिंदू नरसंहार की योजना बना रहे थे। उन्होंने चर्चा की कि कैसे 2016 में अशोक श्योराण (Ashok Sheoran) और कुछ अन्य लोगों के नेतृत्व में जाट हिंदुओं को सिख धर्म में परिवर्तित करने की योजना बनाई गई थी। महावीर के मुताबिक आंदोलन अच्छी गति से आगे बढ़ रहा है। हमें महावीर की फेसबुक पर कई पोस्ट मिलीं, जिसमें उन्होंने इस तरह के कन्वर्जन पर गर्व से बात की है।

स्रोत- फेसबुक

जाट: मैं आपको फेसबुक पर फॉलो करता हूँ। मुझे आश्चर्य है कि कितने जाट सिख धर्म में परिवर्तित हुए हैं।

महावीर: हाँ, उनमें से बहुतों ने धर्म परिवर्तन किया है। यह सब अशोक श्योराण की वजह से है। इसकी योजना पाँच साल पहले अशोक और कुछ अन्य लोगों ने बनाई थी। यह सफल हो रहा है।

जाट: मैं गोकुल में तीन साल रहा। मैंने मथुरा में भी एक जाट को सिख धर्म में परिवर्तित होते देखा।

महावीर : मार्च 2016 में फैसला हुआ। एक आंदोलन हुआ जिसमें कुछ जाट युवकों की जान चली गई। उसके बाद एक बैठक हुई जिसमें तय हुआ कि हम इसी रास्ते पर चलेंगे। श्योराण सिंघू सीमा पर भी गया था। उन्होंने वहाँ मंच से बात की। लेकिनबाद में सिंघू सीमा पर प्रदर्शनकारियों ने उन्हें मंच पर नहीं आने दिया।

जाट : अगर इस तरह के अच्छे दिखने वाले, अच्छी तरह से निर्मित समुदाय सिख धर्म को अपनाता है, तो यह हमारे हित में है।

महावीर अशोक श्योराण को बोलने के लिए कहते हैं।

अशोक: मैं शुरू करने वाला कोई नहीं हूँ। यह गुरु महाराज के कारण है। मैं किसी भी चीज के लिए तैयार हूँ।

अंत में, महावीर ने अशोक को मिशन उत्तर प्रदेश के लिए काम करने के लिए कहा, जिस पर अशोक ने कहा कि वह जो कुछ भी कर सकता है वह करेंगे।

कौन हैं महावीर सिंह खिलेरी?

महावीर सिंह खिलेरी उर्फ ​​महावीर प्रसाद खिलेरी ने 2018 में तब सुर्खियाँ बटोरीं जब उन्होंने कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं पर निराधार आरोप लगाए। यू ट्यूबर ध्रुव राठी उनके समर्थन में आए थे और भाजपा और उसके कार्यकर्ताओं की छवि ख़राब करने के लिए पेश करने के लिए एक प्रोपेगेंडा वीडियो चलवाया था। आरोपों में महावीर द्वारा नामित विकास पांडे ने राठी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। मामले में क्या हुआ यहाँ पढ़ा जा सकता है।

महावीर खिलेरी पर धन के दुरूपयोग का आरोप

उनका भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी प्रोपेगेंडा ही उनके द्वारा पैदा किया गया एकमात्र विवाद नहीं है। उनके पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने धर्मांतरण के लिए प्राप्त धन का दुरुपयोग किया। आशीष सिंह राणा नाम के एक व्यक्ति ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा किया और उस कथित घोटाले के बारे में विस्तार से बताया जिसमें महावीर शामिल थे।

राणा ने कहा, ‘राजस्थान के चुरू के सुजानगढ़ गाँव निवासी महावीर खिलेरी, जो खुद को राजस्थान में सिख मिशन का मुखिया कहता है, उसने एक घोटाला किया है और उसके गलत काम अब खुले में हैं। उनके अनुयायियों का दावा है कि वह निर्दोष हैं, लेकिन मैंने वेस्टर्न यूनियन की पर्ची प्रकाशित की है जिसमें दिखाया गया है कि उन्हें जर्मनी से 1 लाख रुपए मिले थे। अब मैं यूएसए के एक सिख का बैंक स्टेटमेंट दिखा रहा हूँ जिसने उसे 1.7 लाख रुपए भेजे थे। पैसा उन्हें 3 सितंबर, 2021 को भेजा गया था।”

ऑपइंडिया ने वेस्टर्न यूनियन पर प्रेषक और रिसीवर के नामों का उपयोग करके ट्रांसफर को ट्रैक किया। इससे पता चलता है कि पैसे लिए गए थे।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि महावीर ने सिख मिशन राजस्थान चलाने का दावा करके लगभग 40 लाख रुपए की ठगी की। राणा ने कहा, “महावीर का दावा है कि वह सिख मिशन राजस्थान चलाता है, लेकिन यह एसजीपीसी से संबद्ध एक पंजीकृत संस्था है। किसी को भी पैसा इकट्ठा करने के लिए इसके नाम का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है। उसने संगठन के नाम का इस्तेमाल कर करीब 40 लाख रुपए की ठगी की है। उन्होंने कहा, “वह दिखाता है कि वह एक गरीब व्यक्ति है और बकरियाँ पालता है, लेकिन वास्तव में, उसने सिखों की मेहनत की कमाई को छीन लिया है और इसे वेश्यावृत्ति और शराब आदि के लिए इस्तेमाल किया है।”

चर्चा जहाँ खालिस्तानी ने खालिस्तान समर्थक पीटर फ्रेडरिक को प्रोमोट किया

इस चर्चा में, भजन नाम के एक व्यक्ति ने पंजाब में खालिस्तानी विद्रोह की योजनाओं के बारे में विस्तार से बात की और हिंदुत्व को कमजोर करने के लिए वे भारत में कथित ईसाई उत्पीड़न का उपयोग कैसे कर सकते हैं। उन्होंने श्रोताओं से खालिस्तान के प्रति सहानुभूति रखने वाले पीटर फ्रेडरिक द्वारा प्रकाशित एक पुस्तक को पढ़ने का आग्रह किया, जिसका नाम ग्रेटा टूलकिट मामले में भी था। फ्रेडरिक ने भारत विरोधी ताकतों के साथ बड़े पैमाने पर काम किया था और वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है।

भजन: यदि आप समझना चाहते हैं कि भारत के बाहर क्या हो रहा है, तो मैं आपसे (खालिस्तानी हमदर्द) पीटर फ्रेडरिक द्वारा लिखित पुस्तक को पढ़ने का आग्रह करूँगा। ‘Sikh Caucus: Siege in Delhi, Surrender in Washington’ बहुत ही तथ्यपरक पुस्तक है। भारत से बाहर रहने वाले सिखों पर जिम्मेदारी बहुत है। बहुत सारे गुरुद्वारे हैं। वे भारत पर दबाव बना सकते हैं। यह झूठ है कि वे भारत सरकार पर दबाव नहीं बना सकते। कोई भी ईसाई उत्पीड़न के बारे में बात नहीं कर रहा है। हमें इसके बारे में और बात करनी चाहिए। यह हिंदुत्व को कमजोर करने में मदद करेगा।

भजन ने इस बारे में विस्तार से बात की कि कैसे गुरुद्वारे सिख राष्ट्र सिद्धांत के प्रोपेगेंडा में मदद कर सकते हैं और सभी से सिख राष्ट्र (खालिस्तान) को बढ़ावा देने के लिए गुरूद्वारों का उपयोग करने का आग्रह किया।

इन वार्तालापों से, यह स्पष्ट है कि क्लब हाउस एक ऐसा मंच है जिसका उपयोग खालिस्तानियों और इस्लामवादियों द्वारा भारत के हितों को कमजोर करने और हिंदुओं से बड़े पैमाने पर दुर्व्यवहार करने के लिए किया जा रहा है। वास्तव में, ऐसे कई उदाहरण हैं जहाँ हिंदुओं को उकसाने और उनके जवाब देने को संदर्भ से बाहर ले जाकर वीडियो को हिंदुओं को ही निशाना बनाने के लिए वायरल किया गया है। अनिल अरोड़ा के मामले में भी यही हुआ, उन्हें एक क्लिप के आधार पर गिरफ्तार किया गया था, जिसमें उन्होंने कुछ बयान दिए थे, हालाँकि, सिखों के खिलाफ टिप्पणी करने से ठीक पहले हिंदुओं को भड़काने वाले बयानों को चालाकी से काट दिया गया और पब्लिक होने से रोक दिया गया। एक बार जब हिंदू अत्यधिक उकसावे का जवाब देते हैं, तो उनके वीडियो या तो वायरल कर दिए जाते हैं या गिरफ्तार किए गए, जबकि हिंदुओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाले अक्सर छूट जाते हैं।

नोट: यह इस श्रृंखला की पहली रिपोर्ट है जहाँ ऑपइंडिया खालिस्तानी सहानुभूति रखने वालों का पर्दाफाश कर रहा है जो नियमित रूप से सोशल नेटवर्क वेबसाइटों पर हिंदू विरोधी और भारत विरोधी प्रोपेगेंडा फैलाते हैं।

बेटी से बलात्कार के आरोपित दिलशाद हुसैन को पिता ने गोरखपुर कचहरी में मारी गोली, दरिंदगी के बाद जमानत पर घूम रहा था बाहर

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गोरखपुर की दीवानी अदालत की गेट पर शुक्रवार (21 जनवरी 2022) की दोपहर को रेप (Rape) की शिकार हुई एक नाबालिग बच्ची के पिता ने जमानत पर बाहर घूम रहे दरिंदे दिलशाद हुसैन की गोली मारकर हत्या (Murder) कर दी। आरोपित मुकदमे की पहली तारीख पर पेशी के लिए गोरखपुर आया हुआ था।

रिपोर्ट के मुताबिक, रेप का आरोपित दिलशाद हुसैन (30) बिहार के मुजफ्फपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र के विधिपुर का रहने वाला था। उस पर बड़हलगंज क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता के साथ रेप करने का आरोप है। शुक्रवार को वह गोरखपुर में मुकदमे की तारीख के लिए आया था, लेकिन कोरोना के कारण कोर्ट के अंदर जाने पर रोक है। इसी कारण दीवानी कचहरी के गेट पर पहुँचने के बाद आरोपित दिलशाद ने अपने वकील को मिलने के लिए गेट पर बुलाया।

हालाँकि, इससे पहले के उसका वकील उस तक पहुँचता, बलात्कार की शिकार किशोरी के पिता ने पिस्टल से उसके सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दिलशाद हुसैन रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपित था और जमानत में बाहर था। फिलहाल पुलिस ने उसकी हत्या के आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

इस घटना की पुष्टि करते हुए गोरखपुर पुलिस ने ट्वीट किया, “आज कलेक्ट्रेट परिसर के पास वादी भागवत निषाद द्वारा प्रतिवादी दिलशाद हुसैन को गोली मार दी गई। आरोपी को मय असलहा पकड़ लिया गया है। मृतक स्वयं आरोपित की नाबालिग बेटी से दुष्कर्म का आरोपित था। मौके पर सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं।”

यह कहा जा रहा है कि जिस वक्त कचहरी में गोली चली, उस वक्त जो पुलिसवाले वहाँ मौजूद थे वे भाग खड़े हुए। बहरहाल इस घटना के बाद वकीलों ने कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया है। घटनास्थल पर वकीलों और पुलिस अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस भी हुई।

चुनावों में हिंसा के लिए बना रहे थे अवैध आर्म्स: कई राज्यों में होनी थी सप्लाई, हथियारों के जखीरे के साथ UP में सरफराज सहित तीन अरेस्ट

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों के मतदान से पहले मुजफ्फरनगर पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री का खुलासा किया। इस दौरान भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किया गया है। छापेमारी के दौरान किदवईनगर निवासी सरफराज और खालापार निवासी शाहिद समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के बड़काली गाँव के पास आम के बाग में हथियार बनाए जा रहे थे। मौके से 131 तमंचे, पौनिया, बंदूक आदि बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में इन अवैध हथियारों को बेचने की उनकी योजना थी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने दो वीडियो साझा किए, जिसमें पुलिस द्वारा छापेमारी के दौरान जब्त किए गए अवैध हथियारों का जखीरा देखा जा सकता है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने पिछले कुछ दिनों में ऐसे कई अवैध हथियार निर्माण रैकेट का भंडाफोड़ किया है। कल ही मुजफ्फरनगर पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इसी तरह की छापेमारी की जानकारी दी थी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 315 बोर की 5 पिस्तौल, 12 बोर की दो पिस्तौल, छह जिंदा कारतूस, छह अर्द्ध-निर्मित बंदूकें, छह 12 बोर बैरल, आठ 315 बोर बैरल, एक ड्रिल मशीन, एक वेल्डिंग मशीन, दस मीटर केबल आदि बरामद किया था।

पुलिस ने मामले में आरोपित तमरेज को गिरफ्तार किया था। वह लंबे समय से बंद बरला-बसेड़ा रोड पर एक फैक्ट्री में काम कर रहा था। पुलिस ने कहा कि हत्या, चोरी और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर अपराधों के लिए पहले जेल जा चुका तमरेज बहुत लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था।

इसी तरह, 13 जनवरी को मथुरा पुलिस ने कोसीकलां थाना की सीमा के अंतर्गत आने वाले एक गाँव में अवैध हथियार निर्माण इकाई चलाने के आरोप में मथुरा के रहने वाले मुब्बा, आरिफ, अंसार, शाहनवाज, कंजर और भोली नाम के 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। छापेमारी के दौरान कम से कम 25 देशी पिस्तौल और विभिन्न बोर की हथियार के साथ ही विभिन्न बोर के 50 से अधिक कारतूस जब्त किए गए।

नेशनल वॉर मेमोरियल की लौ में विलीन हुई अमर जवान ज्योति, आर्मी वेटरन बोले- ‘यही वो स्थान जहाँ सैनिकों को सम्मान मिलेगा’

देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में इंडिया गेट पर स्थित अमर बलिदानियों के सम्मान में प्रज्वलित अमर जवान ज्योति (Amar Jawan Jyoti) का शुक्रवार (21 जनवरी 2022) को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) में विलय हो गया। इस समारोह के दौरान चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ एयर मार्शल राधा कृष्ण ने दोनों लौ को एक में मिलाया। मोदी सरकार के इस फैसले का पूर्व सैनिकों ने दिल से स्वागत किया।

इस अवसर को यादगार मानते हुए सेवानिवृत लेफ्टिनेंट जनरल पीजेएस पन्नू (PJS Pannu) ने कहा, “यह सरकार द्वारा लिया गया एक बहुत अच्छा निर्णय है। स्थानांतरण का सवाल नहीं है, सम्मान वहाँ है, जहाँ सैनिकों के नाम लिखे हैं। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक ही एकमात्र स्थान है, जहाँ सैनिकों को सम्मानित किया जाना चाहिए।”

वहीं, सेवानिवृत चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ (Satish Dua) ने भी सरकार के फैसले का स्वागत किया और कहा कि इस पर विवाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, “इंडिया गेट प्रथम विश्वयुद्ध में वीरगति पाने वाले हीरो को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बनाया गया था। सदियों से हमारे पास नेशनल वॉर मेमोरियल था ही नहीं, इसलिए हम उसी को मान रहे थे। 1971 के युद्ध के बाद 1972 में इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति लगाई गई। अब यही सही होगा कि अमर जवान ज्योति को नेशनल वॉर मेमोरियल में विलय किया जाए। इसमें किसी तरह का विवाद नहीं होना चाहिए।”

इस मसले पर 1971 के युद्ध के हीरो पू्र्व उप सेना प्रमुख (सेवानिवृत) जेबीएस यादव (JBS Yadav) कहते हैं, “हमारे पास वॉर मेमोरियल नहीं था, इसलिए इंडिया गेट का उपयोग किया गया था। अब हमारे पास नेशनल वॉर मेमोरियल है, इसलिए यही उचित होगा कि नेशनल वॉर मेमोरियल के अंदर ही अमर जवान ज्योति लगाई जाए। इस देश में एक रिवाज सा बन गया है कि जब भी कोई सरकार अच्छा काम करती है तो उसे राजनीति से जोड़ा जाता है। अंग्रेजों के बनाए गए स्मारक का इस्तेमाल हम क्यों करें? हमारे राष्ट्र का अपना सम्मान है।”

राहुल गाँधी ने अमर जवान ज्योति को लेकर झूठ बोला

हालाँकि, देश के वीर जवानों के सम्मान में किए जा रहे कार्य का राजनीतिकरण करने से राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) नहीं चूके। उन्होंने ट्वीट कर मोदी सरकार पर आरोप लगाया, “बहुत दुख की बात है कि हमारे वीर जवानों के लिए जो अमर ज्योति जलती थी, उसे आज बुझा दिया जाएगा। कुछ लोग देशप्रेम व बलिदान नहीं समझ सकते- कोई बात नहीं… हम अपने सैनिकों के लिए अमर जवान ज्योति एक बार फिर जलाएँगे!” जबकि, हकीकत ये है कि अमर जवान ज्योति को बुझाया नहीं गया, बल्कि उसकी लौ को दूसरी लौ से मिलाया गया था।

गौरतलब है कि अमर जवान ज्योति को 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाया गया था। इस युद्ध में भारत ने पाकिस्तान पर विजय हासिल करते हुए बांग्लादेश का निर्माण कराया था। इसका उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने 26 जनवरी 1972 को किया था।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 फरवरी 2019 को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया था। यहाँ ग्रेनाइट की गोलियों पर 25,942 सैनिकों के नाम सुनहरे अक्षरों में अंकित हैं। इसमें 1947-48 में पाकिस्तान के साथ युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों से लेकर गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुए युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए जवानों के नाम शामिल किए गए हैं।