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‘शिक्षिका सदफ जहाँ ने गीता की पुस्तक कचरे में फेंकी, हिन्दू देवी-देवताओं को गाली’: बच्चे ने बताया – मैम ने चमड़ी उधेड़ने की धमकी दी’

बिहार के गया जिले में चौथी कक्षा में पढ़ने वाले एक बच्चे ने अपनी मुस्लिम महिला टीचर पर श्रीमगभगवद्गीता को डस्टबिन में फेंकने और हिंदू देवी-देवताओं को गाली देने का आरोप लगाया है। इसको लेकर बच्चे का वीडियो वायरल हो रहा है। पीड़ित छात्र गया स्थित इस्कॉन मंदिर के पुजारी का बेटा है और एक स्कूल में पढ़ता है। वायरल वीडियो में बच्चा टीचर का नाम ‘सदफ़ जहाँ’ बता रहा है। इस स्कूल की प्रभारी प्रिंसिपल का नाम अमीना खातून है। सदफ ने इस बात को किसी को बताने पर बच्चे को चमड़ी उधेड़ने की धमकी दी।

वायरल वीडियो में बच्चा बता रहा है, ‘मैं जब स्कूल गया था तब मेरे लंच टाइम के बाद सदफ मैम आईं थीं। वो हमें हिंदी पढ़ाती हैं, लेकिन साथ में उर्दू भी पढ़ाती हैं। सबका बैग चेक हो रहा था तो मेरा भी चेक हुआ। मैं रोज भगवद्गीता और माला लेकर जाता था। चेकिंग के दौरान मेरे बैग से गीता और माला निकल गया। तब उन्होंने (सदफ) ने श्रीमद्भगवद्गीता और माला को डस्टबिन में फेंक दिया। इसके बाद उन्होंने हिंदू देवी-देवता को गाली दी। उनके (सदफ) चप्पल पर गणेश जी भी बने हुए हैं।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कूल का नाम केंद्रीय विद्यालय-1 है। यह गया शहर के बागेश्वरी रोड पर स्थित है। कक्षा 4 में पढ़ने वाले छात्र की शिकायत पर क्षेत्रीय कार्यालय ने संज्ञान लिया है। स्कूल की प्रभारी प्रिंसिपल अमीना खातून के मुताबिक, “आरोपित टीचर पार्ट टाइम पढ़ाती है। मामले की जाँच सीनियर अधिकारी कर रहे हैं। जो भी सच निकल कर सामने आएगा उस पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।” यह वीडियो एक स्थानीय राजनैतिक संगठन द्वारा बनाए जाने की बात कही जा रही है।

इस मामले में गया के इस्कॉन मंदिर के प्रबंधक प्रभु जी का वीडियो भी वायरल हो रहा है। वीडियो में वो कहते दिखाई दे रहे हैं, “गया के केंद्रीय विद्यालय की एक मुस्लिम टीचर ने एक हिन्दू बच्चे का बैग चेक किया। बैग से निकली भगवदगीता को वो डस्टबिन में डाल देती है। फिर उर्दू में हिन्दू देवी-देवताओं को अपमानित करती है। बाद में बच्चे को यह बात किसी को न बताने की धमकी देते हुए कहती है कि अगर किसी को बताया तो चमड़ी उधेड़ दी जाएगी।”

प्रभु जी आगे कहते हैं, “दोस्तों अब हद हो चुकी है। अब सहन नहीं किया जा सकता। इस वीडियो को वायरल करो, जिससे कि हर अभिभावक अपने बच्चों को धर्म का अपमान न सहने की सीख दे। जो इतिहास से नहीं सीखता, इतिहास उसे सीख दे देता है। हम इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।”

ऑपइंडिया ने इस मामले में पीड़ित छात्र के पिता पुजारी राहुल सिंह से सम्पर्क किया। उन्होंने बताया, “पहले भी मेरे बेटे को स्कूल में चिढ़ाया जाता था। इसकी मैंने मौखिक शिकायत की थी। यह घटना 9 दिसम्बर की है। मेरे बेटे के साथ जो कुछ ही किया गया उसकी शिकायत मैंने उसी रात स्थानीय डेलहा थाना प्रभारी से की। उन्होंने मेरी शिकायत भी लेने से मना कर दिया। अगले दिन मैं गया के पुलिस अधीक्षक से मिला। उन्होंने कहा कि अगर इतनी दिक्कत है तो आप अपने बेटे का नाम किसी और स्कूल में क्यों नहीं लिखवा लेते? इसी के साथ उन्होंने मुझ से ही सवाल किया कि स्कूल में गीता और माला ले जाने की क्या जरूरत है? पुलिस अधीक्षक गया ने मेरी एप्लिकेशन ले ली और कहा कि हम 4-5 दिन बाद जाँच कर के बताएँगे कि क्या हुआ।”

पुजारी राहुल सिंह ने आगे बताया, “पहले स्कूल में ये सब कम होता था। जब से स्कूल की उप-प्रधानाचार्या अमीना खातून को प्रभारी प्राचार्य बनाया गया है, तब से यहाँ अस्थाई शिक्षक-शिक्षिकाओं में मुस्लिमों की संख्या तेजी से बढ़ी है। मेरे बच्चे के साथ दुर्व्यवहार करने वाली टीचर सदफ को भी प्रभारी प्रिंसिपल अमीना खातून का संरक्षण प्राप्त है। जब पुलिस से न्याय मिलता मुझे नहीं दिखा तो मैंने इसकी शिकायत शिक्षा विभाग में बड़े अधिकारियों से की। मेरी शिकायत पर जाँच करवाई जा रही है।”

पुलिस को भेजी गई शिकायत में पुजारी राहुल सिंह ने यह भी लिखा है, ‘मैंने अपने बच्चे को बचपन से ही सनातन धर्म के संस्कार दिए। वो हरदम भगवान का नाम लेता रहता है, लेकिन अब स्कूल में मेरे बेटे को जबरदस्ती कलमा पढ़ने का दबाव बनाया जा रहा है। मना करने पर उसको डस्टर से पीटा जाता है और बेंच पर खड़ा कर दिया जाता है। बच्चा डर से स्कूल नहीं जा रहा है।”

ऑपइंडिया ने इस मामले में पीड़ित परिवार के साथ न्याय की माँग कर रहे विष्णुपद मंदिर के सेवक श्याम विट्ठल से बात की। उन्होंने बताया कि अभी तक आरोपित टीचर के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया है। प्रशासन के इस कदम से स्थानीय हिन्दू संगठनों में रोष है। इसका विरोध बड़े स्तर पर होगा, अगर जल्द ही कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो। श्याम विट्ठल ने आज स्थानीय स्तर पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस का लिंक भी भेजा।

ऑपइंडिया ने गया के पुलिस अधीक्षक को सम्पर्क किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। डेलहा थाना प्रभारी ने ऑपइंडिया को बताया, “हम पर कार्रवाई न करने के आरोप सही नहीं हैं। हम नियमानुसार चल रहे हैं। स्कूल के अंदर का मामला है और शिक्षा विभाग से जुड़ा हुआ है। शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम की जाँच कर रहे हैं। उनकी जाँच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके अनुसार हमें निर्देश दिया जाएगा। हम उन निर्देशों के मुताबिक नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। मैं खुद ही केंद्रीय विद्यालय में इस पूरे मामले और जाँच रिपोर्ट की जानकारी के लिए सम्पर्क में हूँ।”

‘औकात में रहो, पाजामे से बाहर मत आओ, माँ का दूध पिया है तो…’: तेज प्रताप की साधु यादव को धमकी, रोहिणी भी ‘कंस मामा’ से नाराज़

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) द्वारा क्रिश्चियन लड़की रिचेल (Richel) से शादी करने के बाद लालू के परिवार में चल रहा अंदरूनी घमासान खुलकर बाहर आ गया। तेजस्वी के मामा साधु यादव (Sadhu yadav) ने उन्हें बुरा-भला कहते हुए ‘भकचोंहर’ करार दिया था, जिसके बाद अब तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) ने साधु यादव को ‘कंस मामा’ करार दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, रोहिणी ने इस मुद्दे पर कहा है कि समाज में कंस आज भी हैं और इस बात को इन्होंने साबित कर दिया है। लालू की छोटी बेटी ने कहा कि अगर रिश्ता निभाना है तो कंस नहीं कृष्ण बनो। दुष्ट कंस की तरह से अन्यायी मत बनो।

तेज प्रताप ने दी औकात में रहने की सलाह

रोहिणी आचार्य से पहले इस मामले में लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव (Tej pratap yadav) ने अपने छोटे भाई के समर्थन में अपने मामा पर जुबानी हमला किया। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना ही भोजपुरी में लिखा, “रुकऽअ हम आऽवतानी बिहार तऽ गर्दा उड़ाऽव तानी तोहार..! बुढ़-बुजुर्ग बाड़ऽअ, तनिक औक़ात में रहल सिखऽ। पाजामा से बाहर आऽवल के कौनो ज़रूरत नईखे..!” (यानी कि रुको हम बिहार आते हैं और गर्दा उड़ाते हैं। बहुत बड़े बुजुर्ग हो, जरा औकात में रहो। पाजामा से बाहर आने की कोई जरूरत नहीं है।)

इसके बाद तेज प्रताप ने एक और ट्वीट कर अपने मामा साधु यादव को हत्यारा करार दिया और कहा कि अगर औकात है तो सामने खड़े हो के दिखाओ। उन्होंने ट्वीट किया, “हत्यारे साधु यादव का पुतला दहन छात्र जनशक्ति परिषद द्वारा किया गया। हमारी माँ-बहनों की इज्जत को सरेआम बेइज्जत करने वाले उस ‘कंस’ को मेरा खुला निमंत्रण है कि अगर अपनी माँ का दूध पिया है तो मैदान में आके करले दो-दो हाथ। या अगर औकात है तो सामने में सीधा खड़ा होकर ही दिखा दें!”

साधू यादव का बयान

लालू के छोटे लाल तेजस्वी यादव ने क्रिश्चियन लड़की रिचेल गोडिन्हों से शादी कर ली थी, जिस पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके मामा साधु यादव ने तेजस्वी को ‘भकचोंहर’ करार दिया था। साथ ही उन्होंने सभी की पोल खोलने की धमकी दी और कहा कि अब बर्दाश्त की सीमा समाप्त हो गई है। ये केवल तेजस्वी की ही बात नहीं रह गई। मीसा भारती, चंदा यादव और अन्य सभी ने क्या-क्या किया, इसकी पोल खोलेंगे। यादव ने ये भी कहा था कि अब तेजस्वी सीएम बनने का सपना छोड़ दें।

‘हिंदू आस्था केंद्रों को अपमानित किया गया, मोदी सरकार में नए युग का सूत्रपात’: अमित शाह ने बताया- कैसे विंध्याचल में छिपानी पड़ी थी मूर्तियाँ

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार (11 दिसंबर 2021) अहमदाबाद में कदवा पाटीदार समुदाय की कुलदेवी उमिया माता को समर्पित उमिया धाम का शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बीते कई सालों से हिंदुओं की आस्था के केंद्र मंदिरों को अपमानित करने की कोशिश की गई। इसके बाद साल 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार ने सत्ता में आने के बाद नए युग की शुरुआत की। अब पीएम इन जगहों का बड़ी ही निडरता से पुनर्निमाण करवा रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्री शाह ने कहा कि पहले लोग मंदिरों में जाने से कतराते थे। उमियाधाम के बारे में बोलते हुए उन्होंने बताया कि 74 हजार वर्ग गज जमीन पर 1,500 करोड़ रुपए की लागत से मंदिर व अन्य भवन बन रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “कई वर्षों तक हिंदू समुदाय के आस्था के केंद्रों को अपमानित किया गया और जब तक मोदी पूर्ण बहुमत के साथ केंद्र में सत्ता में नहीं आए, तब तक किसी ने भी इस गौरव को वापस लाने की पहल नहीं की।”

इस अवसर पर शाह ने कहा, “आज जब एक भव्य मंदिर का शिलान्यास आर्य समाज (गुजरात के राज्यपाल) आचार्य देवव्रत द्वारा किया जा रहा है, मैं यह कहना चाहूँगा कि मोदीजी ने हमारे भूले-बिसरे मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए निडर और विश्वास और सम्मान के साथ काम किया है।”

काशी विश्वनाथ और विंध्याचल मंदिर का किया जिक्र

केंद्रीय मंत्री ने पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बनाए गए काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का जिक्र किया, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री 13 दिसंबर 2021 को करेंगे। साथ ही उन्होंने मिर्जापुर स्थित माँ विंध्यवासिनी धाम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए इसी साल अगस्त में विंध्याचल कॉरिडोर परियोजना की शुरुआत की गई थी। इसके लिए 150 करोड़ रुपए भी आवंटित किए गए थे।

इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि विंध्याचल में मुस्लिमों के डर से हिंदुओं ने माँ विंध्यवासिनी की मूर्ति को एक घर के भीतर छिपाकर रखा था और उसे वहीं स्थापित कर रखा था। इसके अलावा उन्होंने हाल ही में केदारनाथ में पीएम मोदी द्वारा आदि गुरू शंकराचार्य के प्रतिमा का अनावरण किए जाने का भी उल्लेख किया।

70 वर्षीय लिव-इन पार्टनर के सिर पर हथौड़ा मारा.. दोनों हाथ फिर सिर को काटा: कमरे में बिखरे अंगों के साथ खर्राटे लेती मिली महिला

पाकिस्तानी के कराची से मानवता को झकझोर देने वाली एक वारदात सामने आई है। कराची के सदर इलाके के एक फ्लैट के पास 70 वर्षीय एक व्यक्ति के शरीर के टुकड़े बिखरे हुए पाए गए हैं। इन टुकड़ों के पास ही 45 वर्षीय एक महिला भी गहरी नींद में खर्राटे लेती पाई गई। शक के आधार पर पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारी जुबैर नजीर शेख ने कहा, “हमें फोन आया था कि सदर इलाके में एक पुराने अपार्टमेंट की इमारत में एक फ्लैट के पास एक मानव हाथ के टुकड़े बिखरे पड़े हुए हैं। जब हमारी टीम ने पहुँचकर देखा तो महिला गहरी नींद में थी। उसके ऊपर मानव शरीर के कुछ हिस्से भी पड़े थे। शरीर के टुकड़ों को पूरे फ्लैट में बिखेरा गया था।”

पुलिस अधिकारी ने आगे कहा, “महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। हमें उसके खून से सने कपड़े और शरीर को काटने के लिए इस्तेमाल किए गए औजार समेत कई अन्य सबूत मिले हैं।” हालाँकि, घटना कब हुई थी इसकी तारीख का पता नहीं चल पाया है, लेकिन माना जा रहा है कि वारदात को संभवत: इसी सप्ताह अंजाम दिया गया है। पुलिस को घटनास्थल से एक चाकू, एक हथौड़ा और अन्य कुंद धातु के उपकरण मिले हैं।

अधिकारी ने कहा कि महिला से पूछताछ करने पर उसने कहा कि मृतक उसका पति था, जिसका नाम मोहम्मद सोहेल है। हालाँकि, बाद में वो निकाह से इनकार करते हुए उसने मृतक को अपना बहनोई बताया। शेख ने बताया कि पूछताछ के दौरान महिला आश्चर्यजनक रूप से शांत दिख रही थी। बहरहाल, पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

डॉन अखबार की एक रिपोर्ट के अनुसार, महिला नशे की हालत में थी। शक इस बात का है कि उस पर केमिकल दवाओं का असर है। इस घटना को लेकर जेपीएमसी के अतिरिक्त पुलिस सर्जन डॉ सुमैया सैयद ने कहा कि पीड़ित की बहुत ही क्रूर तरीके से हत्या की गई है। उसके सिर को हथौड़े या किसी कुंद धार वाले हथियार से फोड़ दिया गया था, जिससे उसके मस्तिष्क का सारा पदार्थ बाहर दिखने लगा था। उसके दोनों हाथ काट दिए गए और सिर कलम कर दिया गया था।

पड़ोसियों ने बताया कि दोनों संभवत: लिव-इन रिलेशन में रहते थे और पैसे और घरेलू कारणों को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। मृतक का परिवार उसी इलाके के एक अलग घर में रहता है और उसके 8 बच्चे भी हैं। मृतक और आरोपित के सात एक बच्ची भी रहती थी, जिसे आरोपित महिला ने मृतक की बेटी बताया, लेकिन डीएन जाँच से इनकार कर दिया। पुलिस ने बताया कि मृतक के परिवार को इसके बारे में सूचित कर दिया गया है।

गंगा में प्रवाहित की गईं CDS बिपिन रावत और उनकी पत्नी की अस्थियाँ हरिद्वार में दोनों बेटियों ने नम आँखों के साथ दी अंतिम विदाई

उत्तराखंड (Uttarakhand) के हरिद्वार (Haridwar) में सीडीएस जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat) और उनकी पत्नी मधुलिका रावत (Madhulika Rawat) की दोनों बेटियों ने शनिवार (11 दिसंबर 2021) को उनकी अस्थियाँ गंगा में प्रवाहित की। दोनों बेटियाँ कृतिका और तारिणी दिल्ली से अस्थि कलश लेकर हरिद्वार के वीआईपी घाट पहुँची। यहाँ उन्होंने नम आँखों से अपने माता-पिता को अंतिम विदाई दी। यहाँ पर उन्होंने सैन्य सम्मान और हिंदू रिति रिवाज के साथ गंगा नदी में उनकी अस्थियों का विसर्जन किया। सीडीएस और उनकी पत्नी मधुलिका रावत के अस्थि विसर्जन से पहले रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट और तमाम मंत्रियों ने उनको श्रद्धांजलि दी।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीआईपी घाट पहुँच कर सीडीएस रावत की दोनों बेटियों से मुलाकात की। उनकी विसर्जन करते हुए उनकी तस्वीरें भी अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर की हैं। मुख्यमंत्री ने लिखा, ”स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत एवं उनकी धर्मपत्नी की अस्थियां हरिद्वार के वीआईपी घाट पर पूरे विधि-विधान और सैन्य सम्मान के साथ गंगा में प्रवाहित करने का संस्कार संपन्न हुआ।”

सीएम ने कहा कि जनरल साहब के हमारे साथ बहुत अच्छे संबंध थे। उन्होंने हमेशा उत्तराखंड में विकास के बारे में सोचा। वह हमेशा हमारी यादों में रहेंगे और हम उनके विजन को आगे ले जाने की कोशिश करेंगे। वह एक बहादुर सैनिक थे जिन्होंने राष्ट्र को अपना जीवन समर्पित कर दिया।

बता दें कि तमिलनाडु के कुन्नूर में 8 दिसंबर को हुए हेलीकॉप्टर क्रैश में सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत 13 जवानों की जान चली गई थी। हेलीकॉप्टर क्रैश की खबर सामने आने के बाद कई मामले ऐसे देखे गए, जब सीडीएस बिपिन रावत का नाम मृतकों की सूची में देख इन लोगों ने जमकर ठहाके लगाए। कुछ ने खबरों पर ‘हाहा’ रिएक्ट करके अपनी खुशी का प्रदर्शन किया तो किसी ने समय से पहले ही सीडीएस को ‘RIP’ लिख दिया। दुर्घटना का शिकार लोगों के लिए दुआ करना तो दूर इस पूरी घटना को कॉन्ग्रेस की पत्रकार ने ‘डिवाइन इंटरवेंशन’ करार दिया था। 

Pak के मस्जिद में लड़कियों को दी जा रही ‘सिर कलम करने’ की ट्रेनिंग, इस्लाम के अपमान पर ‘बदला लेने’ का तरीका: Video आया सामने

पाकिस्तान की मस्जिदों में लड़कियों को सिर कलम करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहाँ छात्राएँ पढ़ाई-लिखाई नहीं, हिंसा सीख रही हैं। बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान में ‘ईशनिंदा’ का आरोप लगा कर एक श्रीलंकाई नागरिक की सैकड़ों की भीड़ ने ज़िंदा जला कर हत्या कर दी थी। इस कारण इमरान खान की सरकार दुनिया भर की आलोचना के निशाने पर है। अब नया वीडियो सामने आया है, जिसमें पाकिस्तान के मस्जिद में लड़कियों को सिर कलम करने की ट्रेनिंग लेते हुए दिखाया गया है।

बताया जा रहा है कि ये वीडियो पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के लाल मस्जिद का है। यहाँ छात्राओं को सिखाया जा रहा है कि अगर कोई व्यक्ति इस्लाम का अपमान करता है तो फिर उसका सिर कैसे कलम किया जाएगा। इस वीडियो के बैकग्राउंड में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) का भड़काऊ नारा लाउडस्पीकर पर बजता हुआ सुनाई दे रहा है। श्रीलंकाई नागरिक प्रियंता कुमारा दियावदाना के हत्यारों की भीड़ भी हिंसा के वक्त यही नारे लगा रही थी।

हाल ही में पाकिस्तान की सरकार ने TLP के साथ समझौता किया है, लेकिन उससे पहले जम कर पूरे मुल्क में उत्पात मचाया गया था। पाकिस्तान की पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गुल बुखारी ने इस वीडियो को अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया है। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि पाकिस्तान का ‘कामयाब जवान’ वाला प्रोजेक्ट काफी अच्छे से आगे बढ़ रहा है। इसमें महिलाएँ और छात्राएँ बुर्का और हिजाब में दिख रही हैं। उनके सामने ‘तलवार से सिर कलम करने’ का नमूना दिखाया जा रहा है।

बता दें कि पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने शिक्षा और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए ‘कामयाब जवान’ योजना शुरू की थी। लगभग तीन महीने पहले भी ‘लाल मस्जिद’ चर्चा में आई थी, जब मौलाना अब्दुल अजीज के सामने घुटने टेकते हुए इमरान खान की सरकार ने उन्हें वहाँ तालिबानी झंडा फहराने की अनुमति दे दी थी। साथ ही मौलवी ने तालिबान का झंडा हटाने पर वहाँ की फ़ौज को भी धमकाया था। उसने कहा था कि पाकिस्तानी तालिबान सबको सबक सिखा देगा।

आदिवासियों को मुफ्त शिक्षा-दवा सहित कई सुविधाओं का लालच देकर बनाते थे ईसाई, MP में पुलिस ने पति-पत्नी को किया गिरफ्तार

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बड़वानी जिले में लालच देकर धर्मांतरण कराने (Religious Conversion)का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने आदिवासी महिलाओं को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रलोभन देने के आरोप में शनिवार (11 दिसंबर 2021) को दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

राजपुर थाना प्रभारी राजेश यादव ने कहा कि आरोपितों की पहचान नवलपुरा गाँव के निवासी अनार सिंह जमरे (35) और उसकी पत्नी लक्ष्मी जमरे (32) के रूप में हुई है। दंपति पर शुक्रवार (10 दिसंबर 2021) को मदिल गाँव के निवासी प्रकाश चौहान की शिकायत के आधार पर मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।

यादव ने बताया कि शिकायत में दंपति पर आरोप लगाया गया है कि वे आदिवासी महिलाओं को अपने घर बुलाकर उन्हें पैसे, मुफ्त शिक्षा, मुफ्त दवा, रोजगार और अन्य सुविधाओं का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहते थे। आरोपितों के पास से धर्म परिवर्तन से जुड़े कुछ साहित्य, पेन ड्राइव और अन्य सामग्रियाँ भी जब्त की गई हैं। राजपुर थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि स्थानीय अदालत द्वारा आरोपितों को जमानत दिए जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया है।  

बता दें कि मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियमन 2020 के तहत विवाह या किसी भी अन्य माध्यम से जबरन धर्मांतरण कराने पर आरोपित को 10 वर्ष तक की जेल की सजा और 1 लाख रुपए तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

विंग कमांडर पृथ्वी सिंह की अंतिम यात्रा में छतों से बरसे फूल, ‘जब तक सूरज चाँद रहेगा पृथ्वी तेरा नाम रहेगा’ के लगे नारे, 4 घंटे में घर तक बनी सड़क

तमिलनाडु हेलीकॉप्टर दुर्घटना में CDS बिपिन रावत (Bipin Rawat) के साथ बलिदान हुए विंग कमांडर पृथ्वी सिंह के अंतिम संस्कार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। उनका UP के आगरा में दयालबाग में है। उनका पार्थिव शव शनिवार (11 दिसंबर) को आगरा के खेरिया एयरपोर्ट पहुँचा, जहाँ लोगों ने उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इनमें पुलिस विभाग, प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल थे। इसी के साथ केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल, एयर कमांडिंग ऑफिसर एओआईसी एसके वर्मा व पैरा कमांडों और स्पेशल फोर्सेज के जवानों ने सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी।

एक दिन पहले 10 दिसम्बर (शुक्रवार) को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शहीद पृथ्वी सिंह के घर गए थे। उन्होंने पृथ्वी सिंह के परिवार को भरोसा दिया था कि प्रदेश सरकार उनके साथ है।

इसके पहले शहीद पृथ्वी सिंह चौहान के घर तक जाने वाले गली में मात्र 4 घंटों में सड़क बना दिया गया। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर दयाल बाग स्थित उनके घर पहुँचा, वहाँ भारी संख्या में मौजूद लोगों ने देशभक्ति के नारे लगाए। पुलवामा में बलिदान देने वाले शहीद कौशल कुमार रावत की वीरांगना ममता रावत से औरैया से वीरांगना आरजू और उन्नाव से वीरांगना प्रतिभा भी घर पहुँचकर पृथ्वी सिंह के परिवार से मिलीं। पृथ्वी सिंह के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ को रोकने के लिए पुलिस को बैरिकेडिंग करनी पड़ी। अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने अपने-अपने घरों से फूल बरसाए और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, पृथ्वी तुम्हारा नाम रहेगा’, ‘भारत माता की जय’ और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे लगाए।

बलिदानी पृथ्वी सिंह की अंतिम यात्रा पर निकलने से पहले हर कोई उनका अंतिम दर्शन करने के लिए उत्सुक दिखा।

शहीद पृथ्वी सिंह का अंतिम संस्कार आगरा के मोक्षधाम में किया गया। अंतिम संस्कार के समय जिले के तमाम नेताओं, अधिकारियों के साथ स्थानीय लोगों का हुजूम जमा रहा।

RJ सायमा ने सड़क पर नमाज को बता दिया संवैधानिक अधिकार, DU प्रोफेसर ने पूछा – 42 मंदिर और 18 गुरुद्वारा क्यों?

‘रेडियो मिर्ची’ की RJ सायमा ने गुरुग्राम में सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर नमाज की वकालत करते हुए इसे संवैधानिक अधिकार तक बता डाला। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद-25 की बात करते हुए कहा कि भारत का संविधान यहाँ के हर एक नागरिक के लिए ‘धर्म की स्वतंत्रता’ की गारंटी देता है। उन्होंने दावा किया कि इसके तहत हर भारतीय अपने अंतःकरण की आज़ादी का अधिकारी है। साथ ही दावा किया कि वो अपने धर्म का पालन और प्रचार-प्रसार कर सकता है।

साथ ही RJ सायमा ने ये भी दावा किया कि सरकार को कोई मस्जिद बनाने के लिए नहीं बोल रहा है। ये बात उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी के प्रोफेसर अपूर्वानंद के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कही, जिसमें उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर ‘गुंडों की भाषा’ बोलने का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि गुरुग्राम में 42 मंदिर और 18 गुरुद्वारा के लिए अनुमति दी गई, लेकिन मस्जिद एक ही है। उन्होंने इस पर आपत्ति जताई कि मुस्लिमों से क्यों पूछा जा रहा है कि वो खुले में नमाज क्यों पढ़ रहे हैं।

इस पर राजनीतिक विश्लेषक पीएन राय ने उन्हें जवाब दिया कि वक्फ बोर्ड के पास पूरे शहर में काफी जमीनें हैं। साथ ही उन्होंने समझाया कि मंदिर और गुरुद्वारा सरकारी जमीन पर थोड़े बने हैं। उन्होंने लिखा, “किसने रोका है? मुस्लिम भी जमीन खरीदें, मस्जिद बनाएँ और तुम पैसा दो। सरकारी जमीन और सड़क नमाज के लिए नहीं है। खट्टर साहब को यह फैसला बहुत पहले ले लेना चाहिए था।” इस पर अपूर्वानंद ने दावा कर दिया कि पैसे देने के बावजूद मुस्लिमों को जमीन ही नहीं मिलती।

इसी ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘रेडियो मिर्ची’ की RJ सायमा ने संविधान का राग अलापा। इस पर एक यूजर ने उन्हें याद दिलाया कि अनुछेद-25 भी इन सबकी अनुमति स्वास्थ्य और सार्वजनिक व्यवस्था की समस्याएँ पैदा न होने तक ही देता है। अर्थात, आप सार्वजनिक व्यवस्था भंग नहीं कर सकते। लोगों ने कहा कि कल को ये छद्म बुद्धिजीवी आतंकवाद को भी अपना संवैधानिक अधिकार न बताने लग जाएँ। लोगों ने उन्हें समझाया कि ‘पब्लिक ऑर्डर’ बरकरार रखने तक ही ये अधिकार हैं, शांति भंग करने के लिए नहीं।

बता दें कि भाजपा नेता और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हाल ही में बयान दिया, “हमने यहाँ पुलिस को भी कहा है और डिप्टी कमिश्नर को भी कहा है। इस विषय का समाधान निकालना है। कोई अपनी जगह पर नमाज़ पढ़े या पूजा-पाठ करे, इससे हमें कोई दिक्क्त नहीं है। धार्मिक स्थल इसीलिए बने होते हैं। खुले में ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। ये नमाज़ पढ़ने की जो प्रथा यहाँ खुले में शुरू की गई है, वो कतई सहन नहीं की जाएगी। सबके साथ बैठकर इसका समाधान निकाला जाएगा।”

‘CDS बिपिन रावत का जाना हर राष्ट्रभक्त के लिए बहुत बड़ी क्षति, वो देश को आगे बढ़ते हुए देखेंगे’: PM मोदी ने कहा- भारत रुकेगा नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शनिवार (11 दिसंबर 2021 ) को उत्तर प्रदेश (Uttar pradesh) के बलरामपुर में सरयू नदी नहर परियोजना (saryu river canal project) का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने हेलीकॉप्टर क्रैश में वीरगति को प्राप्त हुए भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत को याद किया।

पीएम ने कहा, “जनरल बिपिन रावत जी का जाना हर भारतप्रेमी के लिए, हर राष्ट्रभक्त के लिए बहुत बड़ी क्षति है। जनरल बिपिन रावत जी जितने जांबाज थे, देश की सेनाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जितनी मेहनत कर रहे थे, पूरा देश उसका साक्षी रहा है। जनरल बिपिन रावत आने वाले दिनों में अपने भारत को नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ते हुए देखेंगे।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “देश की सीमाओं की सुरक्षा बढ़ाने का काम, बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का काम, देश की सेनाओं को आत्मनिर्भर बनाने का अभियान और तीनों सेनाओं में तालमेल सुदृढ़ करने का अभियान तेजी से आगे बढ़ता रहेगा। भारत दुख में है, लेकिन दर्द सहते हुए भी हम ना अपनी गति रोकते हैं और ना प्रगति। भारत रुकेगा नहीं, भारत थमेगा नहीं।”

बलरामपुर को धरती को नमन करते हुए पीएम मोदी ने इस धरती को क्रांतिकारियों की धरती बताया। उन्होंने कहा कि जब भी भगवान श्रीराम के मंदिर की बात होगी तो यहाँ के राजा पाटेश्वरी प्रसाद (Pateshwari prasad) का जिक्र अवश्य होगा।

पीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब 50 साल पहले इस नहर परियोजना का शिलान्यास किया गया था उस दौरान इसकी लागत 100 करोड़ रुपए से भी कम थी, लेकिन आज इसे करीब 10,000 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा सका। आपकी मेहनत और रुपए को बर्बाद करने वालों को इसकी सजा जरूर मिलनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर इस नहर का पानी 20-30 साल पहले ही इस देश को मिल जाता तो देश का खजाना भरा होता।

सरयू परियोजना को लेकर पीएम ने कहा कि देश की नदियों के जल का सदुपयोग हो और किसानों के खेत तक पर्याप्त पानी पहुँचे, सरकार की यही प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘सरकारी पैसा है तो मुझे क्या’ यही सोच देश के संतुलित और संपूर्ण विकास में सबसे बड़ी बाधा थी। इस परियोजना को इसी सोच ने लटकाने और भटकाने का काम किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “सरयू नहर परियोजना में जितना काम 5 दशक में हो पाया था, उससे ज्यादा काम हमने 5 साल में पहले करके दिखाया है। यही डबल इंजन की सरकार है। यही डबल इंजन की सरकार के काम की रफ्तार है।”

योगी सरकार को सराहा

उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था (law & order) और राज्य सरकार के काम करने के तरीके की पीएम मोदी ने खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले जो सरकार में थे वो यहाँ जमीनों पर अवैध कब्जे करवाते थे और बाहुबलियों को बढ़ावा देते थे। आज ऐसे माफियाओं पर जुर्माना लग रहा है, बुलडोजर चल रहा है। उन्होंने कहा कि आज योगी सरकार (Yogi Government) माफियाओं की सफाई में जुटी है और गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासियों को मजबूत बना रही है।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोगों का काम सिर्फ फीता काटना होता है। हो सकता है कि उन्होंने इसका फीता भी बचपन में ही काट दिया हो। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का काम फीता काटना नहीं, प्रोजेक्ट को सही समय पर पूरा करना है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के बलरामपुर दौरे पर पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना से यूपी के 9 जिलों के करीब 30 लाख किसानों को फायदा होगा। लगभग 318 किलोमीटर लंबी यह नहर परियोजना बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, श्रावस्ती, महाराजगंज, गोंडा और बलरामपुर से गोरखपुर तक पहुँचती है। इससे पूर्वांचल में बाढ़ और सूखे की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी।

साल 1978 में इस परियोजना को शुरू किया गया था, लेकिन बजट आवंटन और निगरानी के अभाव में हुई देरी के कारण इसे करीब 4 दशक बाद पूरा किया जा सका है। साल 2016 में इस परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में शामिल किया गया था। परियोजना में घाघरा, सरयू, राप्ती, बाणगंगा और रोहिणी नदियों को आपस में जोड़ा गया है।