Home Blog Page 3153

9 जिले, 318 Km, 29 लाख किसानों को लाभ, ₹9800 Cr लागत: 50 साल से अटकी पड़ी थी सरयू नहर परियोजना, योगी सरकार ने की पूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (11 दिसंबर 2021) को उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में सरयू नहर परियोजना का लोकार्पण किया। 9800 करोड़ रुपए की लागत की इस योजना से 9 जिलों के 29 लाख किसानों को लाभ पहुँचने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने इस योजना को लेकर ट्वीट किया, ”ये है नया यूपी, सूखे खेत के लिए एक बूँद पानी की खातिर टकटकी लगाए बादलों को ढूँढते किसान भाइयों को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों अब तक की सबसे बड़ी सौगात मिलने जा रही है। ये सरयू नहर परियोजना है, जो 50 सालों में असंभव बन चुकी थी, लेकिन इस योजना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभव कर दिखाया।”

यह परियोजना 318 किमी लंबी है। इसे 9800 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है, जिसमें पाँच नदियों घाघरा, सरयू, राप्ती, बाणगंगा और रोहिणी को भी जोड़ा गया है। 6,600 किमी लिंक नहरों वाली उक्त नहर से पूर्वांचल के नौ जिलों बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, बस्ती, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर और गोरखपुर के लाखों किसानों को लाभ मिलेगा।

पिछले चार साल में परियोजना के काम में तेजी

इस परियोजना की परिकल्पना वर्ष 1971 में तत्कालीन कॉन्ग्रेस सरकार ने की थी, जिसे पाँच दशक से अधिक का समय हो गया है। सरयू नहर परियोजना देश के 12 प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के 15 मुख्यमंत्री के कार्यकाल की गवाह बन गई। पिछले चार साल में इस परियोजना के काम में तेजी लाई गई।

इस परियोजना से किसानों को पहुँचेगा लाभ

बता दें कि 1978 में इस परियोजना को शुरू किया गया। उस वक्त इस पर खर्च करने के लिए 78 करोड़ रुपए आवंटित किए गए। इसके बाद वर्ष 2015 में केंद्र सरकार ने पीएम कृषि सिंचाई योजना शुरू कर हर खेत को पानी पहुँचाने का लक्ष्य रखा। सरयू नहर परियोजना के निर्माण से जहाँ किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए मुफ्त पानी की सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ बाढ़ की त्रासदी भी कम होगी। नदियों के पानी का डायवर्जन नहरों में होने से बाढ़ का असर कम होगा। पशु-पक्षी भी अपनी प्यास बुझा सकेंगे।

मलद्वार (Rectum) में 7.3 KG सोना छिपाकर दुबई से ला रहे थे सूडानी, हैदराबाद एयपोर्ट पर 2 महिलाओं सहित 4 गिरफ्तार

हैदराबाद एयरपोर्ट पर सोने की तस्करी करने के आरोप में शुक्रवार (10 दिसम्बर) को 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार सभी आरोपित सूडान के नागरिक हैं। आरोपितों में 2 पुरुष और 2 महिलाएँ शामिल हैं। ये सभी आरोपित अपनी गुदा (rectum) में सोने को छिपा कर ला रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सभी आरोपित दुबई से भारत पहुँचे थे। शक के आधार पर अधिकारियों ने रोक कर इनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान इनके पास से 7.3 किलोग्राम सोना बरामद किया गया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 3.60 करोड़ रुपये आँकी गई है। बरामद किए गए सोने को कस्टम एक्ट 1962 के तहत ज़ब्त कर लिया गया है। गिरफ्तार करने के बाद आरोपितों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

गौरतलब है कि इसी अक्टूबर में हैदराबाद एयरपोर्ट पर ही रिचार्जेबल लालटेन में पेस्ट के रूप में लाए जा रहे 6 किलोग्राम से अधिक सोने को बरामद किया गया था। जुलाई में चेन्नई में कस्टम विभाग ने एक व्यक्ति से 1.2 किलोग्राम सोने का पेस्ट के साथ पकड़ा था। उसने भी 810 ग्राम सोना गुदा (Rectum) में छिपा रखा था। खास बात ये है कि वह आरोपित भी दुबई से ही आया था।

उर्वशी रौतेला ने इजरायल के पूर्व PM बेंजामिन नेतन्याहू को भेंट की ‘भगवद् गीता’, कहा- बिना उम्मीद के दिया गया उपहार पवित्र होता है

बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला (Urvashi Rautela) ने हाल ही में इजरायल (Israel) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin netanyahu) से मुलाकात की और उन्हें भारत की ओर से यादगार तोहफे के तौर पर हिंदुओं का पवित्र धर्मग्रंथ ‘भगवद् गीता’ भेंट की। उन्होंने इस पल की तस्वीरें भी अपने इंस्टाग्राम पर शेयर कीं। एक्ट्रेस ने नेतन्याहू को उन्हें परिवार समेत आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद भी दिया।

तस्वीर शेयर करते हुए एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम (Instagram) पोस्ट में लिखा, “मुझे और मेरे परिवार को आमंत्रित करने के लिए इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री का धन्यवाद।” एक्ट्रेस ने आगे लिखा, “मेरी भगवद् गीता: जब किसी सही व्यक्ति को सही समय और सही स्थान पर दिल से कोई तोहफा दिया जाए और बदले में कुछ भी पाने की आकांक्षा न हो तो वह उपहार पवित्र होता है।”

उल्लेखनीय है कि बॉलीवुड एक्ट्रेस अंतरराष्ट्रीय ब्यूटी पेंजेंट, मिस यूनिवर्स 2021 को लेकर इजरायल के दौरे पर गई थीं। वहाँ उर्वशी जज के रूप में आमंत्रित थीं। इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व हरनाज संधू कर रही हैं। गौरतलब है कि उर्वशी ने भी 2015 में मिस यूनिवर्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

दोनों ने एक-दूसरे को अपनी-अपनी राष्ट्रीय भाषा सिखाई

एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला ने बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात के दौरान ना सिर्फ उन्हें भगवद् गीता भेंट की, बल्कि दोनों ने एक-दूसरे को अपने-अपने देश की राष्ट्र भाषा से परिचित कराया। बता दें कि भारत की राष्ट्र भाषा हिंदी को माना जाता है, जबकि इजरायल की राष्ट्रभाषा हिब्रू है।

अगर एक्ट्रेस की फिल्मों के बारे में बात की जाए तो आखिरी बार वह ‘वर्जिन भानुप्रिया’ में दिखीं थीं। रौतेला ने बॉलीवुड में ‘सिंह साहब द ग्रेट’ से अपना डेब्यू किया था। इसमें उनके अपोजिट एक्टर सनी देओल थे। इसके अलावा, उन्होंने भाग जॉनी, सनम रे, काबिल, हेट स्टोरी 4 और पागलपंती जैसी कई फिल्मों में काम किया है। उन्होंने साउथ की कई फिल्मों में भी काम किया है।

‘₹16 Cr लेकर मुकर गए’: रिलीज से पहले ही मुश्किल में रणवीर-दीपिका की ’83’, UAE के फाइनेंसर ने दर्ज कराया धोखाधड़ी का मामला

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह और एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण की अपकमिंग फिल्म ’83’ रिलीज से पहले ही मुश्किलों में फँसती नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एक फाइनेंसर ने मुंबई के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में दीपिका पादुकोण समेत ’83’ के सभी को-प्रोड्यूसर्स पर धोखाधड़ी मामला दर्ज करवाया है।

मामला IPC की धारा 405, 406, 415, 418, 420 और 120B के तहत किया गया है। शिकायत में आरोप लगााया गया है कि उन्होंने विब्री मीडिया से फिल्म में इन्वेस्टमेंट की बातचीत की थी। आरोप है कि इस बातचीत में फिल्म में इन्वेस्टमेंट के बदले अच्छे रिटर्न का वादा किया गया था, जिसके चलते फाइनेंसर ने 16 करोड़ रुपए इन्वेस्ट किए थे, लेकिन अब मेकर्स इस बात से मुकर रहे हैं।

फाइनेंसर के एडवोकेट रिजवान सिद्दीकी ने कहा, “यह बात बिल्कुल सच है कि मेरे मुवक्किल ने फिल्म ’83’ के मेकर्स के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश की शिकायत दर्ज कराई है, क्योंकि मेरे मुवक्किल के पास कानूनी कार्रवाई के सिवा कोई दूसरा ऑप्शन नहीं था। हमने मेकर्स के साथ मिलकर बात को आपस में सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन किसी भी मेकर ने मेरे मुवक्किल की बात नहीं सुनी, इसीलिए हमने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।”

बता दें कि कबीर खान के डायरेक्शन में बनने वाली ’83’ फिल्म 24 दिसंबर को रिलीज होगी। यह फिल्म 1983 विश्व कप में भारतीय क्रिकेट टीम की जीत पर आधारित है। फिल्म में रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण और पंकज त्रिपाठी मुख्य किरदार में नजर आएँगे।

‘मेरे घर सरकारी मेहमान आने वाले हैं’: महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक के ट्वीट में ‘डरने-मरने’ की चर्चा, गाँधी से की खुद की तुलना

महाराष्ट्र (Maharashtra) सरकार में मंत्री और NCP नेता नवाब मलिक (Nawab Malik) ने इशारों में अपने घर पर ‘सरकारी मेहमानों’ के आने की संभावना जताई है। सरकारी मेहमानों से केंद्रीय जाँच एजेंसियों का अनुमान लगाया जा रहा है। इस आशय का ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा है कि, ‘साथियों, सुना है, मेरे घर आजकल में सरकारी मेहमान आने वाले हैं। हम उनका स्वागत करते है। डरना मतलब रोज रोज मरना। हमें डरना नहीं, लड़ना है। गाँधी लड़े थे गोरों से, हम लड़ेंगे चोरों से। यह ट्वीट उन्होंने 10 दिसम्बर (शुक्रवार) को रात 9 बजकर 41 मिनट पर किया है।

गौरतलब है कि इस से पहले भी नवाब मलिक कई बार केंद्र सरकार पर केंद्रीय जाँच एजेंसियों के दुरूपयोग का आरोप लगा चुके हैं। इसी साल 27 नवंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा था कि, ‘कुछ अनजान और संदिग्ध लोग उनका लगातार मेरा कर रहे हैं। मेरे परिवार की गतिविधियों को निगरानी की जा रही है। मैं मुंबई के पुलिस कमिश्नर से इस मामले की शिकायत करूँगा। उन्हें पता लगाने के लिए कहूँगा कि इस साजिश के पीछे कौन लोग हैं। महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) की तरह मुझे भी ‘गलत मामले में फँसाने’ की साजिश रची जा रही है।

इससे पहले NCB के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के खिलाफ लगातार बयानबाजी के चलते मुंबई हाईकोर्ट (Mumbai High Court) से नवाब मलिक को फटकार लगी है। उन्होंने हाईकोर्ट से बिना शर्त माफ़ी भी माँगी है। उन्होंने कोर्ट को आश्वासन भी दिया है कि आगे से वो समीर वानखेड़े के खिलाफ कोई बयान नहीं देंगे। माफ़ी माँगते हुए उन्होंने कहा कि उनका कोर्ट की अवममानना करने का कोई मकसद नहीं था। समीर वानखेड़े के पिता ज्ञानदेव वानखेड़े ने इसकी शिकायत हाईकोर्ट में की थी। यह सुनवाई न्यायमूर्ति एसजे काथावाला और न्यायमूर्ति मिलिंद जाधव की खंडपीठ में हुई थी।

जिस CEO ने 3 मिनट के वीडियो कॉल में 900 कर्मचारियों को निकाला, अब वो खुद छुट्टी पर भेजा गया: कंपनी प्रबंधन की कार्रवाई

अमेरिकी कंपनी Better.com के सीईओ और फाउंडर 43 वर्षीय विशाल गर्ग (Vishal Garg) ने पिछले दिनों वर्चुअल मीटिंग के दौरान एक झटके में बिना किसी नोटिस के 900 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। इसके बाद अपने इस कृत्य के लिए विशाल पूरी दुनिया में वायरल हो गए। लेकिन कंपनी के प्रबंधन ने उन्हें ही तत्काल प्रभाव से छुट्टी पर भेज दिया है। इस बात का खुलासा कंपनी के ईमेल से हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक, गर्ग की अनुपस्थिति में कंपनी के चीफ फाइनैंशियल ऑफिसर (CFO) केविन रेयान (Kevin Ryan) कंपनी के अहम फैसले लेगें और बोर्ड को रिपोर्ट भी करेंगे। इसके साथ ही कंपनी ने लीडरशिप और कल्चरल एसेसमेंट के लिए एक इंडिपेंडेंट थर्ड पार्टी को अपॉइंट किया है।

क्या किया था विशाल गर्ग ने

गौरतलब है कि अमेरिकी मार्टगेज कंपनी Better.com के फाउंडर और सीईओ विशाल गर्ग (Vishal garg) ने बीते दिनों को Zoom पर 3 मिनट की मीटिंग कर कंपनी के 900 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद दुनियाभर में इसकी कड़ी आलोचना की गई थी, जिसके बाद कंपनी के बोर्ड ने गर्ग को छुट्टी पर भेजने का फैसला किया था।

गर्ग ने वीडियो में कहा था, “अगर आप इस कॉल से जुड़े हैं, तो आप उस बदकिस्मत ग्रुप के सदस्य हैं, जिनकी छँटनी की जा रही है। आपकी सेवा को यहाँ तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाता है। एचआर की ओर से आपको मेल आ जाएगा।” हालाँकि, बाद में उनके इस व्यवहार की जब कड़ी आलोचना की गई तो उन्होंने इसके लिए माफी भी माँग ली। गर्ग ने कहा, “मुझे एहसास हुआ है कि मेरा ये संदेश देने का तरीका सही नहीं था। मैंने कर्मचारियों के मुश्किल समय को और भी ज्यादा कठिन कर दिया। मैं अपनी गलती स्वीकार कर रहा हूँ।”

उल्लेखनीय है कि विशाल गर्ग भारतीय हैं। उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) से एमबीए किया है। वो पत्नी और तीन बच्चों के साथ न्यूयॉर्क के ट्रेबेका में रहते हैं। ट्रेबेका न्यूयॉर्क की सबसे महंगी जगहों में से एक है, जहाँ केवल अमीर लोग रहते हैं।

‘गोवा के मंत्री को सेक्स स्कैंडल में फँसाने के लिए कॉन्ग्रेस नेता ने की ₹10 लाख की डील’: पीड़िता का खुलासा

गोवा सरकार के एक कैबिनेट मंत्री को सेक्स स्कैंडल में फँसाए जाने की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। यह खुलासा खुद पीड़िता ने किया है। महिला ने एक मंत्री को अपनी मदद करने वाला बताया है। इस खुलासे में मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर एक कॉन्ग्रेस नेता का नाम सामने आया है। उन्हीं के द्वारा मंत्री का वीडियो बनाने के नाम पर ₹10 लाख की डील का भी की गई थी। इस पूरे मामले में कॉन्ग्रेस नेता द्वारा महिला की मजबूरी का फायदा उठाने की बात सामने आ रही है।

गौरतबल है कि 30 नवम्बर को गोवा कांग्रेस प्रमुख गिरीश चोडनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोवा के एक मंत्री पर एक महिला का यौन शोषण का आरोप लगाया था। उन्होंने अपने पास वीडियो भी होने का दावा किया था। उन्होंने मुख्यमंत्री से 15 दिन में मंत्री को हटाने का भी अल्टीमेटम दिया था। कॉन्ग्रेस नेता के इस बयान पर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने उनके मंत्री पर आरोप साबित होने पर मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की घोषणा की थी। उन्होंने सबूत पेश करने को कहते हुए हर हाल में कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में अब महिला स्वयं सामने आई है। वह बिहार के बेतिया की रहने वाली बताई जा रही है। उसने मंत्री पर अपने साथ किए गए यौन शोषण के आरोपों को नकार दिया है। उसने बताया कि गोवा कॉन्ग्रेस के एक नेता ने उसके साथ वीडियो बनाने की ₹10 लाख की डील में ₹2 लाख एडवांस भी दिए थे। अब महिला ने अपना वीडियो बनाने वाले 4 आरोपितों के खिलाफ बिहार के मुफस्सिल थाने में FIR दर्ज करवाई है।

महिला ने बताया कि वह 2007 से गोवा में अपने पति के साथ रहती थी। उनके पति की मई 2018 में एक दुर्घटना के दौरान मृत्यु हो गई। पति की मौत का मुआवजा पाने में मंत्री ने उनकी बहुत मदद की। इसी दौरान महिला की मजबूरी का फायदा उठा कर कॉन्ग्रेस नेता संकल्प आमोणकर के साथ यशवंत घोणशेकर, सानू उर्फ प्रज्योत,दामोदर दिवकर तथा दो अज्ञात लोगों ने उसके ऑडियो और वीडियो बनाए। इसके बाद उन्हें कम्प्यूटर से एडिट कर के वायरल कर दिए। महिला जून 2018 में वापस अपने घर बिहार के बेतिया आ गई थी। यहाँ उसको जानकारी हुई कि उनका नाम किसी सेक्स स्कैंडल में आ रहा।

आख़िरकार महिला ने अपना ऑडियो वीडियो एडिट कर के वायरल करने वाले आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज करवाया। आरोपितों के खिलाफ रंगदारी, छेड़छाड़, षडयंत्र रचने व IT एक्ट की धाराओं में केस दर्ज हुआ है। मुफस्सिल थाना प्रभारी उग्रनाथ झा के मुताबिक, ‘इस मामले में जीरो FIR दर्ज कर के केस को दक्षिणी गोवा के मारगाओ थाने में भेज दिया गया है। भले ही महिला उनके थाना क्षेत्र में रहती है पर घटना गोवा की है। इसलिए अब आगे की जाँच गोवा पुलिस को करनी है।

किसानों ने दिल्ली बॉर्डर के प्रदर्शन स्थलों को खाली करना शुरू किया, राकेश टिकैत बोले- अभी 4 से 5 दिन और लगेंगे

दिल्ली की सीमाओं पर एक साल से भी अधिक समय तक विरोध प्रदर्शन करने के बाद किसान अब अपने घर लौटने की ओर लौटने लगे हैं। प्रदर्शनकारी अपने सारे तंबू उखाड़ लिए और अपना सामान बाँधकर ट्रकों पर लाद कर ले जा रहे हैं। सिंघु बॉर्डर पर बनाया गया करीब 40 फुट चौड़ा और 100 फुट लंबा किसान मोर्चा का पंडाल भी हटा लिया गया है। शुक्रवार (10 दिसंबर 2021) शाम तक करीब 40 फीसदी किसान अपने घरों के लिए रवाना हो गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा था कि वे शनिवार (11 दिसंबर 2021) सुबह तक प्रदर्शन स्थल खाली कर देंगे।

गाजीपुर बॉर्डर पर किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने शनिवार (11 दिसंबर) को कहा कि किसानों का एक बड़ा समूह कल सुबह आठ बजे यह क्षेत्र खाली कर देगा। उन्होंने कहा, “आज की बैठक में हम बात करेंगे, प्रार्थना करेंगे। इसके साथ ही उन लोगों से मिलेंगे, जिन्होंने हमारी मदद की। हमारे किसान भाइयों ने घर वापसी शुरू कर दी है। इसमें चार से पाँच दिन लगेंगे। मैं यहाँ से 15 दिसंबर को निकलूँगा।”

केंद्र से सहमति बनने के बाद कई किसान पहले ही प्रदर्शन स्थल खाली कर चुके हैं। सिंघु बॉर्डर पर लगे बड़े-बड़े पंडाल को खोलने के लिए कटर मशीन का इस्तेमाल करते हुए किसानों को देखा गया। शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) के मुख्य मंच पर लगे बड़े-बड़े होर्डिंग बैनर और सामान को हटाने का काम कर रहे जगतार सिंह ने बताया कि मोर्चा फतह करने के बाद कल जाना या आज कोई फर्क नहीं पड़ता।

बता दें कि किसान आंदोलन के लगभग एक साल बाद गुरु पर्व के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों नए कृषि कानून वापस लेने का फैसला लिया था। दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक के बाद किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने शुक्रवार को कहा, “हमने अपना आंदोलन स्थगित करने का फैसला किया है। हम 15 जनवरी को समीक्षा बैठक करेंगे। अगर सरकार अपने वादे पूरे नहीं करती है, तो हम अपना आंदोलन फिर से शुरू कर सकते हैं।”

‘CDS जनरल बिपिन रावत की मौत का जश्न बर्दाश्त नहीं, तुरंत करें कार्रवाई’: CM बोम्मई-धामी का पुलिस को निर्देश

एक तरफ जहाँ पूरा देश तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हैलीकॉप्टर हादसे के कारण शोक में डूबा हुआ था, वहीं सोशल मीडिया पर कुछ कट्टरपंथी तत्व ऐसे भी थे जो इस दुर्घटना में CDS (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य सैनिकों की मौत का जश्न मना रहे थे। ये इस दुखद खबर पर ‘HaHa’ का रिएक्शन देकर देश के सैनिकों के बलिदान का अपमान कर रहे थे। अब कर्नाटक और उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों ने ऐसे असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की घोषणा की है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने ट्विटर पर लिखा, “जिस त्रासिक चॉपर क्रैश में हमने CDS जनरल बिपिन रावत को खो दिया, उसे लेकर आपत्तिजनक ट्वीट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स बर्दाश्त नहीं किए जाएँगे। मैं ऐसे सभी संदेशों की कड़ी निंदा करता हूँ। मैंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कानूनी कार्रवाई करें। ऐसे लोगों पर तुरंत रिपोर्ट दर्ज की जानी चाहिए, क्योंकि ये बिलकुल भी माफ़ी के योग्य नहीं है।”

इसी तरह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, “हमारे लिए हमारे सैनिकों का सम्मान सर्वोच्च है। दिवंगत जनरल बिपिन रावत जी सदैव उत्तराखंड का स्वाभिमान रहेंगे। यदि किसी शरारती तत्व ने, कुत्सित मानसिकता का परिचय देते हुए सोशल मीडिया या किसी भी अन्य रूप में दिवंगत सैनिकों पर कोई आपत्तिजनक टिप्पणी की तो हमारी सरकार द्वारा उसके ख़िलाफ़ विधिसम्मत कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।” बता दें कि CDS जनरल बिपिन रावत मूल रूप से पौरी गढ़वाल के रहने वाले थे, जो उत्तराखंड में पड़ता है।

बता दें कि

फेसबुक पर ANI की खबर पर भी कई लोगों ने ऐसा ही रिएक्शन देकर जश्न मनाया। ANI ने हैलीकॉप्टर क्रैश होने के बाद धू-धू कर जलते उसके पार्ट-पुर्जों की तस्वीरें शेयर की थी और बताया था कि कैसे लोग आग बुझाने में लगे हुए हैं। दर्जनों लोगों ने यहाँ भी ‘हाहा’ का रिएक्शन दिया था। कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने भी इस खबर के बाद फेसबुक पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने आशा जताई कि हैलीकॉप्टर में सवार जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी सहित बाकी सभी लोग सुरक्षित होंगे। हालाँकि, इस पोस्ट पर भी ‘हाहा’ का रिएक्शन देने वाले बड़ी संख्या में पहुँच चुके थे।

नाम- वाजिद हुसैन, काम- दुबई में सिक्योरिटी गार्ड, कारनामा- डिएगो माराडोना की हेरिटेज घड़ी चुराई: असम में गिरफ्तार

असम पुलिस ने दुबई से चोरी हुई फुटबॉल के दिवंगत दिग्गज खिलाड़ी डिएगो माराडोना की लिमिटेड एडिशन वाली हेरिटेज हुबोट घड़ी को शिवसागर जिले से बरामद कर लिया है। इस सिलसिले में पुलिस ने वाजिद हुसैन को गिरफ्तार किया है। वाजिद हुसैन दुबई से घड़ी चुराने के बाद इस साल अगस्त में भागकर असम आ गया था। की है। घड़ी की बरामदगी को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार (11 दिसंबर) जानकारी दी।

असम पुलिस ने यह घड़ी दुबई पुलिस के सहयोग से बरामद किया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में आवश्यक कानून सम्मत कार्रवाई की जा रही है। सरमा ने ट्वीट में कहा, “अंतर्राष्ट्रीय सहयोग कानून के तहत @assampolice ने भारतीय संघीय LEA के माध्यम से @dubaipoliceHQ के साथ समन्वय किया है, ताकि दिग्गज फुटबॉलर स्वर्गीय डिएगो माराडोना से संबंधित एक विरासत @Hublot घड़ी को बरामद किया जा सके। इस मामले में वाजिद हुसैन को नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया।”

कहा जाता है कि आरोपी वाजिद हुसैन दुबई में दिवंगत फुटबॉल खिलाड़ी के सामान का भंडारण करने वाली कंपनी के लिए सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करता था। उसी समय माराडोना द्वारा हस्ताक्षरित सीमित संस्करण हुबोट घड़ी को उसने चुरा ली थी। इसके बाद वह इस साल अगस्त में भागकर असम वापस आ गया था।

असम के डीजीपी ने बताया कि एक केंद्रीय एजेंसी के माध्यम से दुबई पुलिस से एक इनपुट प्राप्त मिला था, उसके बाद आरोपी को शिवसागर जिले से आरोपी को गिरफ्तार किया।

इंडिया टुडे से बातचीत में शिबसागर जिले के पुलिस अधीक्षक राकेश रौशन ने कहा, “गुप्त सूचना के आधार पर हमने कल रात एक ऑपरेशन शुरू किया था और उस व्यक्ति को उसके ससुराल से पकड़ लिया। हमने उसके पास से एक हेरिटेज हुबोट घड़ी बरामद की है।”

माराडोना को पेले के बाद दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलरों में गिना जाता है। उनका पिछले साल 25 नवंबर को हार्ट अटैक से निधन हो गया था। वह लंबे समय से कोकीन की लत और मोटापे से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे थे। मौत से दो सप्ताह पहले उनके दिमाग के ऑपरेशन के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई थी। अपनी अगुवाई में माराडोना ने अर्जेंटीना को 1986 का फुटबॉल विश्व कप दिलाया था।