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कैदी माँ को जेल से छुड़ा कर फरार हुई इंस्टा मॉडल, लाखों फॉलोवर्स के लिए नंगी होकर फिर कराया फोटोशूट

कोलंबिया की 21 वर्षीया इंस्टाग्राम मॉडल पर सज़ा काट रही अपनी माँ को जेल से फरार करवाने में सहयोग करने का आरोप लगा है। मॉडल का नाम आइडा विक्टोरिया मेरलानो है जो कोलंबिया में काफी चर्चित हैं। इन पर अपनी माँ को फरार करवाने के लिए एक रस्सी और एक बाइक उपयोग में लाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि इंस्टाग्राम मॉडल ने इस बेहद कठिन काम की काफी तैयारी की थी। इंस्टाग्राम पर आइडा विक्टोरिया मेरलानो के 2.5 मिलियन फॉलोवर हैं।

मॉडल आइडा विक्टोरिया मेरलानो की माँ का नाम आइडा मेरलानो रेबोलेडो है। वो कोलंबिया की एक प्रसिद्ध राजनैतिक शख्सियत हैं। उन्हें मतदान के दौरान धोखाधड़ी, भ्र्ष्टाचार और अवैध हथियार रखने के आरोप में 15 वर्ष की सज़ा सुनाई गई थी। यह सज़ा उन्हें वर्ष 2019 में उनकी सीनेटर के तौर पर जीत के मात्र 6 माह के अंदर सुनाई गई थी। उस समय आइडा मेरलानो रेबोलेडो 38 वर्ष की थीं।

इसी सप्ताह अभियोजन पक्ष ने मॉडल और उनकी माँ पर लगे आरोपों के बारे में बताया। उनके अनुसार मॉडल आइडा विक्टोरिया मेरलानो ने अपनी माँ को जेल से फरार करवाने के लिए उस समय का इंतज़ार किया जब उन्हें दाँतों के एक डॉक्टर को दिखाने के लिए प्रशासनिक अनुमति मिली थी। डॉक्टर की क्लिनिक तीसरी मंज़िल पर थी। ऐसे में मॉडल आइडा विक्टोरिया मेरलानो ने एक रस्सी के सहारे उनको नीचे उतारा। इसके बाद उनके भागने में एक बाइक की मदद ली गई।

इस दौरान मॉडल कैदी के साथ चल रहे सुरक्षाकर्मी को बातों उलझाए रही। एक वीडियो फुटेज से पता चला कि कोड वर्ड के तौर पर एक लाल कार्ड का भी प्रयोग किया गया था। यह कार्ड एक पहचान के तौर पर था कि वो रस्सी से नीचे उतर सकती हैं। यह सब कुछ कई लोगों के आगे हुआ जो हैरान हो कर पूरे घटनाक्रम को देख रहे थे।

कैदी को भगाने वाली बाइक किसी डिलीवरी ड्राइवर द्वारा चलाया जाना बताया जा रहा है। तीसरी मंज़िल से उतर कर वो उसी बाइक से भाग जाती हैं। इस घटना ने जैसे ही तूल पकड़ा वैसे ही उसका फायदा मॉडल ने प्रसिद्धि के तौर पर उठाया। उन्होंने 1 महीने बाद एक पत्रिका के मुख्य पेज पर अपना नग्न फोटो प्रकाशित करवाया। उस फोटो में “द डॉटर ऑफ़ द फ़्यूजिटिव कॉन्ग्रेसवुमन कन्फ़ेशन्स” नाम से टैगलाइन थी।

इस मामले में जाँचकर्ताओं को फरार कैदी की बेटी और दाँत के डॉक्टर पर शक था। दाँतों के डॉक्टर का नाम जेवियर सेली था। अधिकारियों को लगा कि उन सभी ने आइडा मेरलानो रेबोलेडो को फरार करवाने में मदद की है। बाद में इन सभी को मामले में आरोपित भी किया गया।

हालाँकि दोनों ने पिछले सप्ताह खुद के निर्दोष होने की दलील दी है। यदि इस केस में उन्हें दोषी पाया गया तो कई वर्ष जेल में रहना होगा। लेकिन इन सभी बातों से इंस्टाग्राम मॉडल आइडा विक्टोरिया मेरलानो बेपरवाह दिख रही हैं। एक वीडियो में उन्होंने कहा है कि, “मैं 21 साल के लिए जेल जाने के लिए तैयार हूँ। मैं खुश हूं क्योंकि मुझे विश्वास है कि खुशी एक खुद का निर्णय है। आज खुश रहो क्योंकि तुम नहीं जानते कि कल क्या होगा।”

हालाँकि मॉडल की माँ आइडा मेरलानो रेबोलेडो बहुत अधिक समय तक फरार नहीं रह पाईं। पुलिस ने उनको लगातार खोजने का प्रयास जारी रखा था। आखिरकार फ़रारी के कुछ ही महीने बाद जनवरी 2020 में उन्हें वेनेजुएला में गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल अभी वो जेल में हैं।

दलित से शादी पर कम्युनिस्ट बाप ने छीना बेटी का बच्चा, अब केरल के मंत्री ने की आपत्तिजनक टिप्पणी: कपल ने दर्ज कराई शिकायत

केरल के कपल अनुपमा और अजीत ने केरल के मत्स्य मंत्री साजी चेरियन के खिलाफ  तिरुवनंतपुरम के पेरुर्कडा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने यह शिकायत अजीत के बारे में ‘आपत्तिजनक’ टिप्पणी को लेकर करवाई है। मंत्री ने पिछले दिनों टिप्पणी करते हुुए कहा था कि अजीत के ‘कई अफेयर्स’ हैं।

केरल विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार (29 अक्टूबर 2021) को केरल विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक समारोह में मंत्री ने दावा किया था, “एक व्यक्ति जो शादीशुदा है, उसके दो या तीन बच्चे हैं, उसे अपने दोस्त की पत्नी से फिर से प्यार हो जाता है, और फिर वह दूसरी जवान लड़की के प्यार में पड़ जाता है। उस लड़की के साथ एक बच्चा मिलता है और लड़की के पिता जेल जाते हैं। मैं किसी की आलोचना नहीं करना चाहता। हम इस तर्क के खिलाफ नहीं हैं कि लड़की को अपना बच्चा वापस मिल जाना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “लेकिन हमें उस पिता के बारे में भी सोचना चाहिए। मेरे तीन बच्चे हैं, इसलिए मैं ऐसा कहता हूँ। उसे (अनुपमा) शिक्षा दी गई थी और वह (अपने लक्ष्य से) अलग हो गई थी। उसके माता-पिता ने उसके भविष्य के बारे में कितना सपना देखा होगा और वह कहाँ चली गई? वह एक ऐसे व्यक्ति के साथ गई जो उसकी दोगुनी उम्र का है। साथ ही वह दो बार विवाहित है।”

TNM से बात करते हुए, अनुपमा ने कहा कि उन्होंने शिकायत दर्ज करने का फैसला किया क्योंकि इस तरह का बयान राज्य के एक मंत्री का था। उन्होंने कहा, “इससे पहले भी कई लोग इस तरह की अफवाहें फैला रहे थे, लेकिन हमें परवाह नहीं थी। लेकिन जब एक मंत्री इस तरह की बातें करते हैं तो मामला गंभीर हो जाता है।” अनुपमा ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में कहा, “मंत्री ने जो किया वह चरित्र हनन था। मुझे किसके साथ रहना चाहिए, यह चुनने का अधिकार मेरा है।”

उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री ने जो कुछ भी कहा वह झूठा था। अनुपमा मंत्री के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “अजीत की कोई संतान नहीं है। मुझसे मिलने से पहले उसकी दो बार शादी नहीं हुई थी। मेरे साथ यह उसकी दूसरी शादी है। साथ ही उसने अपने दोस्त की पत्नी से शादी नहीं की, महिला पहले ही अपने पति से अलग हो चुकी थी।” इसके अलावा कपल श्रीकार्यम पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दर्ज कराएँगे, क्योंकि मंत्री ने इस पुलिस थाने की सीमा के अंतर्गत आने वाले कार्यावट्टम परिसर में विवादास्पद टिप्पणी की थी।

गौरतलब है कि अनुपमा और अजीत अपने बच्चे को वापस पाने के लिए अदालती लड़ाई लड़ रहे हैं। अनुपमा के पिता और कम्युनिस्ट नेता जयचंद्रन पर 3 दिन के मासूम को उसकी माँ से अलग कर किसी और को सौंपने का आरोप है।  22 वर्षीय स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया की कार्यकर्ता अनुपमा को पार्टी के युवा विंग के नेता अजीत से प्यार हो गया था, जो एक दलित ईसाई है, वो पहले से शादीशुदा था। 

उसके माता-पिता अपनी बेटी की शादी से खुश नहीं थे। अनुपमा अप्रैल से दर-दर भटकती रही। स्थानीय पुलिस, राज्य पुलिस प्रमुख, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और बाल कल्याण समिति से संपर्क किया, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। मीडिया ने जब इस मुद्दे को उजागर किया, तब एफआईआर दर्ज किया गया। जयचंद्रन की तरफ से बाद में कहा गया कि अनुपमा मानसिक तौर पर अस्थिर है, इसलिए उसकी सहमति से बच्चे को गोद दिया गया, क्योंकि वो बच्चा पालने की हालत में नहीं थीं। हालाँकि अनुपमा ने इसे खारिज कर दिया। अब 1 नवंबर को तिरुवनंतपुरम जिला अदालत मामले पर सुनवाई होनी है।

पटाखों पर पाकिस्तानी क्रिकेटर की फोटो, दुकानदार और BJYM कार्यकर्ताओं में विवाद… तमिलनाडु से आए थे पटाखे

उत्तर प्रदेश के जिला मथुरा में पटाखों के एक बक्से पर पाकिस्तान के क्रिकेटर का फोटो होने के बाद विवाद हो गया। यह विवाद हाईवे थानाक्षेत्र के मंडी समिति इलाके का है। घटना 30 अक्टूबर 2021 (शनिवार) की बताई जा रही है। विवाद बढ़ता देख कर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार व्यापारी दिनेश कुमार मथुरा में पटाखों के थोक विक्रेता हैं। उन्होंने तमिलनाडु के शिवकाशी से थोक भाव में पटाखे मँगाए थे। उन पटाखों पर कई देशों के क्रिकेट खिलाडियों की तस्वीरें छपी थीं। इन्हीं में से एक पाकिस्तानी क्रिकेटर भी था। इस बात की जानकारी भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के पदाधिकारियों को हुई तो वो दुकान पर पहुँच गए।

दुकानदार और भाजपा नेताओं में बहस शुरू हो गई। वाद विवाद बढ़ता देख कर मौके पर पुलिस बल पहुँचा। पुलिस दुकानदार को पटाखों के डिब्बों सहित थाने ले आई। थोड़ी देर बार पुलिस दोनों पक्षों को शांतिपूर्ण ढंग से समझाने में सफल रही।

इस मामले में स्थानीय थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अनुज कुमार ने मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दुकानदार ने थोक भाव में तमिलनाडु से पटाखे मँगवाए थे। उन्हें ये नहीं पता था कि डिब्बों पर पाकिस्तानी खिलाड़ी का नाम छपा होगा। इन डिब्बों में अन्य देशों के खिलाड़ियों के भी नाम छपे हैं। इस मामले में कोई केस भी दर्ज नहीं किया गया है।

‘हमें हटाने की कोशिश की तो देश भर के सरकारी दफ्तरों को गल्ला मंडी बना देंगे’: राकेश टिकैत की नई धमकी, दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से भड़के

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को लेकर बीते कई महीने से दिल्ली की सीमाओं को घेरे बैठे कथित किसानों ने रास्तों को बंद कर रखा है। हाल ही में दिल्ली के सिंघू और टिकरी बॉर्डर से प्रशासन ने बैरिकेड को हटाकर रास्तों को खोल दिया। सरकार के इस कदम से तिलमिलाए संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राकेश टिकैत ने सरकारी दफ्तरों को गल्ला मंडी बनाने की धमकी दी है।

किसान नेता राकेश टिकैत ने रविवार (31 अक्टूबर 2021) को सरकार को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने दिल्ली की सीमाओं से प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाने की कोशिश की तो परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने ट्वीट किया, “अगर किसानों को जबरन सीमा से हटाने की कोशिश की गई तो वे देशभर के सरकारी दफ्तरों को गल्ला मंडी बना देंगे।” टिकैत ने यह बयान दिल्ली पुलिस द्वारा गाजीपुर और टिकरी सीमाओं से सीमेंटेड ब्लॉक और बैरिकेड्स हटाने के दो दिन बाद दिया है।

इस मामले को लेकर शनिवार (30 अक्टूबर 2021) को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने दिल्ली हरियाणा मार्ग खोले जाने के बाद कहा था कि अगर केंद्र सरकार सभी रास्तों को खोलना चाहती है तो सबसे पहले कृषि कानून पर किसानों की माँगों को पूरा करने का रास्ता भी खोले। टिकरी सीमा पर सड़क के खुलने से बहादुरगढ़ और दिल्ली के हजारों यात्रियों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी और हरियाणा से राजस्थान जाने वालों को भी मदद मिलेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन जेसीबी से यहाँ लगे टेंटों को उखाड़ने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले टिकैत ने संसद में जाकर फसल बेचने की बात कही थी। उन्होंने कहा था, “पीएम ने कहा था कि किसान कहीं भी फसल बेच सकते हैं। अगर सड़कें खुली रहीं तो हम अपनी फसल बेचने के लिए संसद भी जाएँगे। पहले हमारे ट्रैक्टर दिल्ली जाएँगे। हमने रास्ता नहीं रोका है। सड़क जाम करना हमारे विरोध का हिस्सा नहीं है।”

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इससे होने वाली असुविधा के लिए प्रदर्शनकारी किसान नहीं बल्कि अधिकारी जिम्मेदार हैं। कोर्ट ने कहा था कि किसानों को प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन अनिश्चित काल के लिए सड़कों को बंद नहीं रख सकते।

कोयले की कमी के बाद चीन में तेल का संकट, डीजल शॉर्टेज से अंधेरे में चायनीज फैक्ट्रियाँ: भारत ने बेहतर तरीके से किया हैंडल

कोयले के बाद अब चीन डीजल की कमी से जूझ रहा है। चीन के कई हिस्सों में पेट्रोल स्टेशनों ने अब डीजल को बचा कर रखना शुरू कर दिया है और इसकी बिक्री कम कर दी गई है। ऐसा इसीलिए, क्योंकि इसकी माँग में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन इसकी सप्लाई में भारी गिरावट आई है। कई ट्रक ड्राइवर घंटों से लाइन लगाए हुए हैं, ताकि उन्हें डीजल मिल जाए। चीन में कोयले और नेचुरल गैस की कमी के कारण पहले ही वहाँ की फैक्ट्रियाँ और कई लोग बिजली की कमी से जूझ रहे।

बिजली न मिलने के कारण फैक्ट्रियों में उत्पादन प्रभावित हुआ है और इससे महँगाई बढ़ती ही जा रही है। ताज़ा मामले से अब वैश्विक सप्लाई चेन के प्रभावित होने की आशंका है। डीजल की कमी होने के कारण लंबी दूरी तक ले जाए जाने वाले वस्तुओं की सप्लाई में बाधा उत्पन्न हुई है, जिससे चीन से बाहर जाने वाले माल भी प्रभावित हो रहे हैं। अब देखना ये है कि ये समस्या कितनी गहरी है और कितनी लंबी चलती है, क्योंकि इसका असर दूसरे देशों पर पड़ने के यही कारक होंगे।

कोरोना वायरस संक्रमण और उससे बचने के लिए चीन में लगे सख्त लॉकडाउन के बाद जब अर्थव्यवस्था खुल रही है, तब डिमांड में भारी वृद्धि के कारण ये सब हो रहा है। स्थिति ये है कि ट्रक ड्राइवरों को उनकी गाड़ी में 100 लिटर डीजल भरने की ही अनुमति दी जा रही है, जो उनकी क्षमता का मात्र 10% ही है। देश के कई हिस्सों में तो ये आँकड़ा 25 लिटर ही है। चीन के ट्रांसपोर्टेशन हब शिजियाझुआंग से 7 घंटे की दूरी पर दक्षिण में स्थित फुयांग शहर में पेट्रोल पंप डीजल भरने के लिए ट्रक ड्राइवरों से 300 युआन (47 डॉलर, 34 यूरो या 3509 रुपए) का सरप्लस चार्ज वसूल रहे हैं।

कई ट्रक रोजमर्रा की वस्तुएँ लेकर जाते हैं, ऐसे में उन्हें पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा। भोजन महँगा हो रहा है और एक्सप्रेस डिलीवरी धीमी है। चीन में कोयले की कमी से तो वहाँ के बाजार जूझ ही रहे थे, डीजल की कमी एक नई समस्या है। सभी फॉसिल फ्यूल के दामों में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है, वो भी ऐसे समय में जब माँग बढ़ती ही जा रही है। तेल, गैस और कोयला – इन सभी के दाम बढ़ रहे हैं। 2014 के बाद तेल के दामों में बड़ी बढ़ोतरी ने यूके और यूएस जैसे देशों में भी फ्यूल की कमी पैदा कर दी है।

पॉवर जनरेशन और हीटिंग के लिए कोयले की कमी के कारण चीन ने तेल का उपयोग शुरू कर दिया, लेकिन इसने इससे भी बड़ी समस्या पैदा कर दी है। इसका असर भारत में भी देखने को मिला। इससे क्रूड की खपत एक दिन में कम से कम 5 लाख बैरल अधिक बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन में शॉर्टेज में एक के बाद एक चीज शामिल होती जा रही हैं। कई कंपनियों ने अपनी फैक्ट्रियों को सक्रिय रखने के लिए बिजली के लिए कोयले की जगह डीजल का प्रयोग शुरू कर दिया है।

इसका सीधा अर्थ है कि चीन ‘एनर्जी क्राइसिस’ से जूझ रहा है। इसके बाद दुनिया भर में ये चर्चा जोर पकड़ रही है कि हमें अब जल्द से जल्द नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) की तरफ शिफ्ट करने की जरूरत है। इसके लिए बड़ी प्लानिंग करनी पड़ेगी। चीन के कई शहरों में तेल के पंप तो एक सप्ताह से खाली पड़े हैं। ग्राहक एक निश्चित मात्रा ही खरीद सकते हैं। डीजल के दाम 0.2 युआन (2.34 रुपए) बढ़ कर 7.22 युआन (84.45 रुपए) हो गया है।

इससे कार्गो बिजनेस पर असर पड़ा है, खासकर वो छोटी कंपनियाँ जिनके पास कैश फ्लो सीमित है। चीन एक ऐसा देश है, जिसकी तेल की खपत का 70% हिस्सा बाहर से आयात पर निर्भर है। इससे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में थोड़े से बदलाव का भी वहाँ बड़ा असर पड़ता है। डोमेस्टिक गैसोलीन और डीजल के दाम वहाँ 22 अक्टूबर को ही बढ़ाए जा चुके हैं। वहाँ के प्रशासन का कहना है कि ठंड के मौसम और इस हीटिंग सीजन के ख़त्म होने ही ये अस्थायी समस्या ख़त्म हो जाएगी।

भारत में भी कोयले की कमी की बात कही जा रही थी और कई राज्यों में बिजली संकट की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन केंद्र ने साफ़ कर दिया था कि देश के पास पर्याप्त कोयला भंडार है। इससे न तो यहाँ किसी फैक्ट्री को बंद करने की नौबत आई और न ही आमजनों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। अर्थात, भारत में इस स्थिति को अब तक अच्छे से संभाला गया है। कोरोना लॉकडाउन के बाद यहाँ की अर्थव्यवस्था भी ऊपर की ओर चढ़ रही है।

देश के विद्युत संयंत्रों में कोयले की कमी और उसको ले कर आने वाले ऊर्जा संकट की वायरल होती खबरों को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह और केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आधारहीन बताते हुए कहा था कि कोयले का स्टॉक पर्याप्त है और विद्युत सप्लाई में कोई कमी नहीं आएगी। भ्रामक खबरों के खंडन के रूप में कोयला मंत्रालय ने आश्वासन दिया था कि देश में कोयले का पर्याप्त भंडार है जो बिजली संयंत्रों की मांग पूरी करने के लिए काफी है। इसी के साथ कोयला मंत्रालय ने कहा था कि विद्युत् आपूर्ति बाधित होने की कोई भी खबर पूरी तरह से निराधार और भ्रामक है जिस पर ध्यान न देने की अपील भी की गई।

राजस्थान में झुंझुनू के DM उमर दीन खान ने दीपावली पर लगा दिया था धारा 144, भारी विरोध के बाद बदलना पड़ा अपना ही आदेश

राजस्थान के झुंझनू जिले में दीपावली पर धारा 144 लागू करने के आदेश को आख़िरकार संशोधित करना पड़ा है। संशोधन की जानकारी झुंझनू पुलिस ने अपने आधिकारिक हैंडल से जारी की है। 28 अक्टूबर 2021 को जिलाधिकारी झुंझनू द्वारा दिए गए आदेश का भारी विरोध हो रहा था। यह संशोधन जनभावना को देखते हुए लिया गया, ऐसा माना जा रहा है।

source- Rajasthan police

इस संबंध में पहला आदेश जारी होने के दो दिन बाद 30 अक्टूबर 2021 को जारी किए गए अपने नए आदेश में DM झुंझनू IAS उमर दीन खान ने बदलाव किए हैं। नए आदेश में पेट्रोल पंप, गैस गोदाम के साथ धर्मस्थलों और अस्पतालों के पास पटाखे फोड़ने की अनुमति नहीं है। इसी के साथ सभी को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन करने को कहा गया है। नए आदेश में बंदूक आदि का प्रयोग वर्जित होगा। इसी के साथ धारदार हथियारों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

इस से पहले 28 अक्टूबर 2021 (गुरुवार) को झुंझनू जिले में दीपावली त्यौहार के चलते धारा 144 लागू करने के आदेश जारी किए गए थे। इस बात की जानकारी झुंझनू पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी प्रकाशित की थी। ट्वीट में यह भी बताया गया था कि आदेश जिलाधिकारी झुंझनू उमर दीन खान द्वारा दिया गया है। जिलाधिकारी झुंझनू IAS उमर दीन खान राजस्थान कैडर के 2008 बैच के अधिकारी हैं। इस से पहले वो राजस्थान परिवहन में एक्सक्यूटिव डायरेक्टर ट्रैफिक थे।

कुछ ही समय में 28 अक्टूबर 2021 का आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसी के साथ इस पर भारी विरोध भी होने लगा था। राजस्थान में अजमेर के डिप्टी मेयर नीरज जैन ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज करवाई थी। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा – “झुँझनु के ज़िलाधीश उमरदीन खान का तुग़लकी फ़रमान, दीपावली के त्योहार पर धारा 144 लगा कर धार्मिक ऑडियो चलाने से ले कर जयकारा लगाने तक पर प्रतिबंध!! ऐसा तो मुग़ल शासन में भी कभी नहीं हुआ जैसा आदेश दीपावली पर गहलोत सरकार के शासन में हुआ है! खान साब को यह सब ईद और बारबफ़ात पर याद नहीं आया?”

सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल ने भी इस आदेश का विरोध किया था। उन्होंने राजस्थान के हालात मुगल काल से भी बुरे बताए थे।

उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा था – “झुंझुनू, राजस्थान के DM उमर दीन खान ने 1- 6 नवंबर को दीपावली पर जिले में धारा 144 लगाई, धार्मिक गाने-नारे पर रोक। राजस्थान में मुगल राज से बुरी स्थिति।”

महिला से लेकर 7 साल के बच्चे तक… कोहली के फैन्स सब को माँ-बहन की गालियाँ दे रहे सोशल मीडिया पर

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विरोट कोहली के ट्वीट से असहमत होने पर एक ट्विटर यूजर को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा। कोहली के फैंस ने न केवल ट्विटर यूजर गप्पिस्तान रेडियो (Gappistan Radio) को जमकर गालियाँ दी, बल्कि उनके 7 साल के बेटे को भी घसीटा। नतीजा यह हुआ कि अपने 7 वर्षीय बेटे को लेकर की जी रही भद्दी गालियों से आहत और परेशान पिता ने हमेशा के लिए ट्विटर छोड़ दिया।

ट्विटर यूजर गप्पिस्तान रेडियो (Gappistan Radio) के अलावा कोहली की आलोचना करने वाली महिलाओं तक को सोशल मीडिया पर भद्दी-भद्दी गालियों का सामना करना पड़ा। शरण्या शेट्टी ने स्क्रीनशॉट शेयर करके कोहली के फैन्स द्वारा की जी रही ज्यादतियों को उजागर किया है।

Gappistan Radio ने इससे जुड़ा स्क्रीनशॉट शेयर किया है। दरअसल यूजर ने इंस्टाग्राम पर अपने 7 साल के बेटे की तस्वीर पोस्ट की थी। यूजर द्वारा कोहली के ट्वीट पर असहमति जताने के बाद विराट कोहली के फैंस ने उनके (यूजर) बेटे की तस्वीर पर बेहद ही घटिया और भद्दी गालियाँ दी हैं। उन्होंने माँ-बहन की गाली देते हुए बच्चे को विराट कोहली की नाजायज औलाद तक बता दिया और कुछ गालियाँ इतनी भद्दी हैं कि उसे लिखा नहीं जा सकता।

Virat Kohli fans abuse Twitter user Gappistan Radio
गप्पिस्तान रेडियो के बेटे को दी जाने वाली भद्दी गालियों का स्क्रीनशॉट

गप्पिस्तान रेडियो ने यह भी कहा कि भारतीय क्रिकेटर का एक फैन उन्हें उनके बेटे की तस्वीरें भी भेज रहा था, जो कि खतरे की बात है।

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साभार: Twitter

ट्विटर यूजर ने कहा कि विराट कोहली के फैंस से मिल रही गालियों के कारण उन्हें इंस्टाग्राम पर अपना अकाउंट डिसेबल करना पड़ा।

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साभार: Twitter

इतना ही नहीं, गप्पिस्तान रेडियो ने इसके बाद ट्विटर को भी अलविदा कह दिया। उन्होंने कहा कि वह अपने और अपने बेटे के खिलाफ टारगेटेड हमलों के कारण ट्विटर छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा “मैं सब कुछ बर्दाश्त कर सकता हूँ लेकिन अपने बेटे पर किए गए हमले को बर्दाश्त नहीं कर सकता।”

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साभार: Twitter

गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने तेज़ गेंदबाज मोहम्मद शमी को कथित रूप से ट्रोल किए जाने को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने ऐसे लोगों को ‘रीढ़विहीन’ बताते हुए कहा कि उनके लिए किसी का मजाक बनाना मनोरंजन का जरिया हो गया है। उन्होंने कहा कि ये प्रकरण हतोत्साहित करने वाला है।

इसी ट्वीट के बाद गप्पिस्तान ने असहमति जताते हुए कहा था, “कोहली ने शमी को गाली देने की निंदा की, जबकि यह देखा गया कि किसी भी भारतीय ने शमी को गाली नहीं दी। यह पाकिस्तानी हैंडलों की साजिश थी। यह भारतीय टीम ईमानदार होने के लिए बकवास कर सकती है। उम्मीद है कि केन विलियमसन कल इस दर्दनाक टूर्नामेंट का अंत करेंगे।”

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गप्पिस्तान रेडियो का ट्वीट (साभार: Twitter)

बता दें कि T20 विश्व कप में पाकिस्तान के हाथों भारत की 10 विकेट से हार के बाद मोहम्मद शमी को ‘मुस्लिम होने के कारण ट्रोल किए जाने’ का नैरेटिव चलाया गया था। शमी को निशाना बनाने वाले ज्यादातर ट्वीट्स पाकिस्तान के थे। ऐसा सामने आया है कि ये पाकिस्तान की सोशल मीडिया हैंडलों द्वारा रची गई साजिश थी। यह भारत को नीचा दिखाने की उनकी एक चाल थी। 

शमी की आलोचना करने वाले ट्वीट्स उतने विजिबल नहीं थे और दूसरों की तरह चुनिंदा पेजों तक ही सीमित थे लेकिन शमी की आलोचना पर हमला करने वाले चुनिंदा ट्वीट्स की ज्यादा विजिबिलिटी थी। यह अभी भी कई लोगों के लिए एक रहस्य है क्योंकि कहीं भी शमी विरोधी ट्वीट या सोशल मीडिया पोस्ट दिखाई नहीं दे रहे थे। मतलब, कुछ ही हैंडल थे, जो शमी के खिलाफ अभद्र टिप्पणियों में लिप्त थे।

अयोध्या में 2 साधु पुलिस हिरासत में… क्योंकि दोनों मुस्लिम: मुहर्रम और सुद्दू ने बताया उनके गाँव के और लोग भी इसी ‘धंधे’ में

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भगवा वेश में 2 मुस्लिम पकड़े गए हैं। इनको अयोध्या के पूरा कलंदर थाना पुलिस ने हिरासत में लिया है। ये दोनों पड़ोसी जिले सुल्तानपुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इनके बारे में पड़ोसी जिले से जानकारियाँ जुटाई जा रही हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दीपावली त्यौहार के चलते पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। ऐसे में हर व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही। ऐसे में ही भगवा वेश में घूम रहे दोनों को पुलिस ने जाँच के लिए रोका। दोनों के हाव-भाव से पुलिस को शक हुआ। पूछताछ में पता चला कि दोनों मुस्लिम समुदाय से हैं।

मिली जानकारी के अनुसार अभी इन दोनों पर कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। इनके बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। पकड़े गए दोनों संदिग्धों का कहना है कि वो बहुत पहले से इसी रूप में भीख माँगते आ रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके गाँव के अन्य परिवार भी ऐसा लम्बे समय से करते आ रहे हैं।

दोनों संदिग्धों ने अपना घर दरजीपुर गाँव (जिला सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश) बताया है। इन दोनों के अनुसार ये 3 दिन पहले अयोध्या जिले के सुरजी बिरवा गाँव के अजय यादव के घर आ कर रुके थे। दोनों संदिग्धों में एक का नाम सुद्दू और दूसरे का नाम मुहर्रम बताया जा रहा है।

इन दोनों संदिग्धों की सूचना एक अज्ञात युवक ने पुलिस को दी। थाना प्रभारी पूरा कलंदर इंस्पेक्टर विजय सेन ने इस मामले में मीडिया को जानकारी दी। उनके अनुसार दोनों के बारे में जानकारियाँ जुटाई जा रही हैं। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुस्ताक के घर में अवैध पटाखा फैक्टरी: धमाके के साथ उड़ गई छत – नसीम, असद और महिला समेत 5 घायल

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के भंडरिया टोला में शनिवार (अक्टूबर 30, 2021) शाम करीब साढ़े पाँच बजे एक मकान में अवैध रूप से बन रहे पटाखे के बारूद में आग लग गई। कुछ समय बाद ही तेज धमाके के साथ मकान का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। धमाके के कारण किसी की बाउंड्री गिरी तो किसी का कमरा ही ध्वस्त हो गया। बगल के भी एक मकान को क्षति पहुँची है। हादसे में महिला समेत पाँच लोग घायल हो गए। सभी को अस्पताल पहुँचाया गया। 

जानकारी के मुताबिक भंडरिया टोला पाही मोहल्ला निवासी मुस्ताक अपने मकान में वर्षों से अवैध तरीके से पटाखा बनाने व बेचने का कार्य करता था। दीपावली होने के चलते पूरा परिवार पटाखा बनाने में लगा था। शनिवार शाम घर में रखे बारूद के ढेर में आग लग गई। कुछ क्षण बाद ही तेज धमाका हुआ और मकान का बड़ा हिस्सा ढह गया। हालाँकि सीओ मड़ियाहूँ ने बताया कि यहाँ पटाखा नहीं बनाया जा रहा था। बल्कि दीवाली के मौके पर बेचने के लिए लाइसेंसी दुकानदार की ओर से पटाखा खरीदकर कर रखा गया था।

आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुँचे और मलबे में दबे परिवार के लोगों को बाहर निकालने में जुट गए। महिला समेत सभी पाँच घायलों को सीएचसी ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायलों में मुस्ताक, नसीम, असद, अंशु और गुड़िया शामिल हैं। गुड़िया व मुश्ताक गंभीर रूप से घायल हैं।

पुलिस ने बताया कि पटाखे का लाइसेंस 31 मार्च 2024 तक बना है, जो पहले इम्तियाज के पिता बाबू के नाम था। जिसके बाद उसकी अम्मी अनवरी के नाम रहा। 2017 में उसकी मौत के बाद 31 मार्च 2017 को इम्तियाज के नाम से लाइसेंस बना है।

लाइसेंस पटाखा बेचने का है, लेकिन बनाने की अनुमति नहीं है। इसकी क्षमता 250kg निर्धारित की गई है। पाँच भाइयों का सम्मिलित परिवार है, कुल मिलाकर 30-35 लोग इनके परिवार में हैं। बताया गया कि मुस्ताक द्वारा गोंद/लेई बनाने के लिए गैस जलाया था, उसी दौरान पटाखे में आग लग गई, जिससे यह घटना हो गई।

विस्फोट की आवाज के बाद मौके पहुँचे लोगों के मुताबिक काफी देर तक मकान से धमाके की आवाज आती रही। ऐसे में मलबे में दबे लोगों को भी निकालने में मशक्कत करनी पड़ी। सूचना पर पहुँचे फायर बिग्रेड के जवान आग बुझाने में लगे रहे। कुछ घंटे प्रयास के बाद आग पर काबू पा लिया गया।

जेल में आर्यन खान मेरा दोस्त था: TV चैनलों को चोर दे रहा था इंटरव्यू, पुलिस ने पकड़ कर फिर ठूँसा जेल में

शाहरुख खान के बेटे आर्यन को अपना दोस्त बताकर न्यूज चैनलों को इंटरव्यू देना 44 साल के शख्स को काफी महँगा पड़ा गया। वह फिर से सलाखो के पीछे पहुँच गया है। बता दें कि धारावी निवासी 44 वर्षीय श्रवण नाडार चोरी के एक मामले में आर्थर रोड जेल के उसी बैरक नंबर एक में बंद था, जिसमें क्रूज ड्रग्स पार्टी मामले के आरोपित आर्यन खान को रखा गया था। नाडार के मुताबिक उसे और आर्यन को एक ही दिन जेल में लाया गया था।

तकरीबन एक हफ्ते पहले नाडार को चोरी के एक मामले में जमानत मिली थी। जबकि गुरुवार को बाम्बे हाईकोर्ट ने आर्यन की जमानत मंजूर की। जैसे ही न्यूज चैनल के माध्यम से श्रवण नाडार को यह खबर पता चली तो वह इस आशा में आर्थर रोड जेल परिसर में पहुँच गया कि आर्यन गुरुवार को जेल से बाहर आ जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस बीच नाडार ने वहाँ पर मौजूद मीडियाकर्मियों को बताया कि वह भी हाल ही में जेल से बाहर आया है। साथ ही उसने यह भी बताया कि वह और आर्यन एक ही बैरक में बंद थे।

दिलचस्प यह है कि एक अन्य चोरी के मामले में जुहू पुलिस स्टेशन को श्रवण नाडार की तलाश थी। उसे टीवी पर इंटरव्यू देते देख जुहू पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने इसकी जानकारी क्राइम ब्रांच की यूनिट को दी। इसके बाद नाडार को जुहू पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ 13 केस दर्ज हैं। इससे पहले मटुंगा पुलिस ने उसे चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था।

श्रवण नाडार ने इंटरव्यू के दौरान मीडियाकर्मियों से बात करते हुए बताया था कि आर्यन खान जेल में पहली बार आने पर रो पड़े थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या जेल में आर्यन को कोई VIP ट्रीटमेंट मिल रही है क्योंकि वह शाहरुख खान के बेटे हैं? तो श्रवण नाडार ने जवाब देते हुए कहा, “उन्हें किसी तरह की कोई अलग ट्रीटमेंट नहीं दी जा रही है। जैसे सभी कैदी रहते हैं, वैसे ही वो भी जेल में रह रहे हैं। मैं और आर्यन दोनों बैरक नंबर 1 में ही थे।”

आर्यन पर बात करते हुए श्रवण नाडार ने मीडिया को बताया था कि जेल में उनके साथ उसी बैरक में उनके दोस्त (आर्यन के दोस्त) भी हैं जो इस मामले में फँसे हैं। ज्यादातर वो कैंटीन से बिस्कुट लेकर खाते थे। पहले दिन जब भी कोई जेल में आता है तो वो रोता है, वैसा ही आर्यन के साथ भी था। जो आता-जाता है जेल में वो नहीं रोता है लेकिन जो पहली बार आता है वो तो रोता ही है।

बता दें कि शाहरुख खान के बेटे को ड्रग्स केस में गिरफ्तार किया गया। 2 अक्टूबर को NCB ने आर्यन समेत 3 लोगों को क्रूज़ शिप से डिटेन करने के बाद ऐसा कदम उठाया। आर्यन के भी ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े होने की संभावना के चलते ही उन्हें गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल पर जमानत पर रिहा हैं।