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‘छुआछूत के कारण ही हिंदू धर्म का अस्तित्व है’: जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल की प्रोफेसर श्रुति पांडेय ने इस्लाम की तारीफ की

मानवाधिकार एडवोकेट और जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल में सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स की निदेशक श्रुति पांडे द्वारा शनिवार (9 अक्टूबर 2021) को किए गए दावे ने विवाद खड़ा कर दिया है। श्रुति पांडेय ने कहा था कि सभी हिन्दू अस्पृश्यता (छुआछूत) का पालन करते हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में श्रुति पांडे ने कहा, “लॉ स्कूल में पढ़ाने वाले मेरे प्रोफेसर उपेंद्र बख्शी कहते थे कि हर हिंदू छुआछूत का पालन करता है … जब उन्होंने शुरू में ऐसा कहा तो मैंने सोचा कि ऐसा नहीं है .. लेकिन दोस्तों यह सच है। अपने आप को ही देखिए, आप कैसे शांत और अदृश्य तरीकों से अस्पृश्यता का पालन करते हैं, जिसे हम समझ भी नहीं पाते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “यह लिंग (जेंडर) की तरह आंतरिक है। इसलिए मेरे अनुसार हर हिंदू अस्पृश्यता का पालन करता है”। अपने प्रोफेसर का हवाला देते हुए श्रुति पांडे ने कहा कि अस्पृश्यता के कारण ही हिंदू धर्म अस्तित्व में है। जाति और हिंदुत्व के मुद्दे पर उन्होंने किसी और दिन चर्चा करने को कहा।

अपने इसी बयान में श्रुति पांडेय ने इस्लाम की तारीफ करते हुए उसके विधवा पुनर्विवाह नियमों को हिन्दू धर्म के मुकाबले सरल और सराहनीय बताया। इसी के साथ श्रुति पांडेय ने इस्लाम को गलत बताने वालों पर भी अफ़सोस जाहिर किया और कहा कि उन लोगों को इस्लाम की अच्छाइयों के बारे में जानकारी ही नहीं है।

निष्कर्ष के रूप में उन्होंने ये भी कहा कि इस्लाम में विधवाओं का पुनर्विवाह सामान्य सामाजिक संरचना का एक अंग है और इस्लाम ये नहीं मानता कि विधवा महिलाओं को दोबारा शादी करने का अधिकार नहीं है।

श्रुति पांडेय का वायरल होता ये वीडियो कब का है ये फिलहाल निश्चित नहीं हो पाया है। इस वीडियो को LLB के छात्र मयूरनाथ ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद यूनिवर्सिटी के कुलपति नवीन जिंदल से लेखिका शेफाली वैद्य ने सवाल किया है कि क्या वो भी छुआछूत का पालन करते हैं और श्रुति पांडेय के विचारों से सहमत हैं ?

ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर श्रुति पांडेय के बायो में लिखा गया है कि “प्रो. श्रुति पांडे जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल में लीगल प्रैक्टिस की एसोसिएट प्रोफेसर और सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स की निदेशक हैं। वह एक इंसान रही हैं…” ..। हालाँकि, अब वह वेबपेज हटा दिया गया है।

प्रोफेसर श्रुति पांडेय की लिंक्डइन (LinkedIn) प्रोफ़ाइल के अनुसार, उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ में ग्रेजुएशन करने के बाद लंदन विश्वविद्यालय से LLM की पढ़ाई की। लंदन विश्वविद्यालय से ही उन्होंने मानवाधिकार कानूनों में डिप्लोमा हासिल किया। इस से पहले वह फोर्ड फाउंडेशन में प्रोग्राम ऑफिसर रह चुकी हैं।

‘किसानों को खालिस्तानी कहना सेना में सिखों के योगदान का अपमान’: लखीमपुर पर बोले वरुण गाँधी – हिंदुओं-सिखों को लड़ाने की साजिश

पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी के सांसद वरुण गाँधी ने एक बार फिर से बड़ा बयान देते हुए लखीमपुर मामले में हो रही राजनीति को हिन्दुओं को सिखों से लड़वाने की साजिश बताया है। इसी के साथ वरुण गाँधी ने इसे एक भविष्य के लिए खतरनाक चलन बताया है।

वरुण गाँधी ने अपने ट्वीट में लिखा, “लखीमपुर खीरी को हिंदू बनाम सिख लड़ाई में बदलने की कोशिश की जा रही है। इस तरह की अफवाह फैलाना और उन घावों को फिर से कुरेदना खतरनाक है, जिसे ठीक करने में एक पीढ़ी लग गई। हमें राष्ट्रीय एकता से ऊपर राजनीतिक लाभ नहीं रखना चाहिए।’

सोशल मीडिया पर प्रयोग हो रहे खालिस्तानी शब्द पर भी वरुण गाँधी ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि उन्होंने सिखों के सेना में दिए गए योगदान को याद दिलाया और कहा, “प्रदर्शनकारी किसानों को ‘खालिस्तानी’ शब्द से संबोधित करना तराई के गौरवशाली बेटों की पीढ़ियों का अपमान है। ये वही हैं जिन्होंने अपना खून बहा कर भारत की सीमाओं की रक्षा की।” बकौल वरुण गाँधी, ऐसा करना हमारी राष्ट्रीय एकता के लिए बेहद खतरनाक है।

किसान आंदोलन में अक्सर भाजपा की मुख्यधारा से अलग राय व्यक्त करते आए वरुण गाँधी ने इससे पहले भी किसानों की माँगों का समर्थन करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था। भारतीय जनता पार्टी ने इसी हफ्ते वृहस्पतिवार को अपनी 80 सदस्यों वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की थी जिसमें वरुण गाँधी और उनकी माँ मेनका गाँधी को स्थान नहीं दिया गया था।

इसी बीच वरुण गाँधी के किसानों के पक्ष में आ रहे लगातार भारतीय जनता पार्टी से विरोधाभासी बयानों के बाद कांग्रेस नेत्री अलका लाम्बा ने वरुण गाँधी से कहा है कि यदि आप सच में किसानों के हितैषी हैं तो भारतीय जनता पार्टी से त्यागपत्र दीजिये।

मौका दुर्गा पूजा का, आंध्र के मंदिर में चल रहा था ईसाई उपदेश का वीडियो: गुस्साए लोगों ने फोड़ी LED स्क्रीन, कार्रवाई की माँग

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में दशहरा उत्सव के दौरान हिंदू भक्त कनक दुर्गा मंदिर में लगाई गई LED स्क्रीन पर ईसाई उपदेश का वीडियो देखकर भड़क गए। दरअसल, हजारों हिंदू भक्त दशहरा उत्सव देखने के लिए आयोजन स्थल पर आए थे, लेकिन LED स्क्रीन पर नवरात्रि के पहले दिन ईसाई धर्म प्रचारक को देखकर आक्रोशित हो गए। उन्होंने स्क्रीन पर पथराव उसे तोड़ दिया।

भाजपा प्रवक्ता एसजी सूर्या ने ट्वीट किया कि गुस्साए भक्तों ने एलईडी स्क्रीन को तोड़ दिया है। उन्होंने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की माँग भी की है। उन्होंने लिखा, ”विजयवाड़ा के कनक दुर्गा मंदिर में लगाई गई एलईडी स्क्रीन पर नवरात्रि पर्व के लाइव टेलीकास्ट के दौरान ईसाई उपदेशक को स्क्रीन पर दिखाने से नाराज हिंदुओं ने पथराव कर एलईडी को तोड़ दिया।”

भाजपा प्रवक्ता ने स्थानीय लोगों पर संदेह व्यक्त करते हुए आगे कहा, “यह एक लोकल केबल ऑपरेटर का करतूत लगती है, जिसे यह काम सौंपा गया था।” कथित तौर पर, कनक दुर्गा मंदिर के अधिकारियों ने हर साल की तरह इस बार भी एक स्थानीय केबल ऑपरेटर को मंदिर परिसर की दीवारों पर लगी एलईडी स्क्रीन पर दशहरा समारोह दिखाने के लिए कॉन्ट्रेक्ट दिया था।

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। जिला कलेक्टर जे निवास ने कहा, “यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। इस मामले में लापरवाही की गई।” उन्होंने कहा, ”हम इसकी जाँच कर रहे हैं। मामला आईपीसी की धारा 295 (1ए) के तहत दर्ज कर लिया गया है। जाँच के दौरान इसमें बदलाव किया जा सकता है। जब तक जाँच पूरी नहीं हो जाती, हम यह नहीं कह सकते कि यह साजिश है या फिर कुछ और।”

मंदिर के अधिकारियों ने बताया आकस्मिक घटना

इस बीच, मंदिर के अधिकारियों ने इस घटना को पूरी तरह से ‘आकस्मिक’ बताया है। मंदिर के कार्यकारी अधिकारी डी ब्रमरम्बा ने कहा, “हमें भक्तों और पुलिस से पता चला है कि यह वीडियो कथित तौर पर Philadelphia AG Church के एक उपदेशक का है, जिसे एलईडी स्क्रीन पर चलाया गया था।” Endowments Department (ईओ) ने बताया, “पूछताछ के दौरान यह पता चला है कि यह पूरी तरह से आकस्मिक था, क्योंकि ऑपरेटर लाइव टेलीकास्ट खत्म होने के बाद स्विच ऑफ करना भूल गया था। यह गलती से चलाया गया था।”

हालाँकि, श्री दुर्गा मल्लेश्वर स्वामी वरला देवस्थानम (SDMSD) ने पुलिस द्वारा मामला दर्ज करने और पूछताछ के लिए दो व्यक्तियों को हिरासत में लेने के बाद भी घटना की जाँच के आदेश दिए हैं। विजयवाड़ा के पुलिस आयुक्त बथिनी श्रीनिवासुलु ने भी बताया कि स्क्रीन पर गलती से ईसाई उपदेशक का कार्यक्रम चलाया गया था, लेकिन अगर इसे जानबूझ कर चलाया गया है, तो उस शख्स पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, भाजपा नेता विष्णुवर्धन रेड्डी ने इस घटना को Endowments Department के अधिकारियों की ओर से की गई लापरवाही करार दिया है। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी माँग की है।

सेक्स चेंज करा किन्नर बना इरशाद… ट्रेनों में वसूली… पबों में ड्रग्स सप्लाई… फिर वेश्यावृत्ति और मर्डर: लंबी है क्राइम लिस्ट

मध्य प्रदेश के इंदौर में रियल एस्टेट कंपनी के सेल्स डायरेक्टर देवांशु की हत्या काफी चर्चित रहा है। इस केस में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। देवांशु की हत्या सेक्स चेंज कराकर जोया नाम की किन्नर बने अफजल उर्फ इरशाद मंसूरी की थी। मंसूरी ने अपने साथियों के साथ मिलकर लूटपाट के दौरान देवांशु को चाकू मार दी थी। इस मामले में पुलिस ने सतीश को क्लीन चिट दे दिया है।

जाँच के दौरान सीसीटीवी फुटेज से इस बात का खुलासा हुआ था कि घटनास्थल पर किन्नर जोया, उसके साथी अल्लू और अलीम देखे गए थे। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक देवांशु रीवा का रहने वाला थे। रात करीब 2 बजे देवांशु अपने दोस्त के साथ घर जा रहे थे, उसी दौरान यह घटना सत्य साईं चौराहे और बॉम्बे हॉस्पिटल के बीच घटी।

कहा जा रहा है कि जिस वक्त इस वारदात को अंजाम दिया गया था। उस दौरान दोनों दोस्त नशे में थे। सतीश ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि बदमाशों ने देवांशु की सोने की चेन भी लूट ली थी। वह काफी घायल हो गया था, जिसके बाद सतीश उसे अपने कमरे पर ले गया, लेकिन अगले दिन ही उसकी मौत हो गई।

कौन है किन्नर जोया

इस घटना की मुख्य आरोपित है किन्नर जोया। मूल रूप से महाराष्ट्र के अकोला का रहने वाली किन्नर जोया कभी लड़का हुआ करती थी। हालाँकि, उसकी हरकतें लड़कियों वाली थीं। इसी का फायदा उठाकर वह ट्रेन में वसूली किया करता था। राज खुलने पर किन्नरों ने उसे पीटा भी था। किन्नर जोया का असली नाम अफजल उर्फ इरशाद मंसूरी है। वह इंदौर में अपने रिश्तेदारों के पास आई थी और यहीं रहने लगी।

फरीदाबाद में जेंडर चेंज कराया

अफजल उर्फ इरशाद मंसूरी उर्फ किन्नर जोया को लड़की बनने का शौक चढ़ा था। इसी शौक के चलते साल 2017 में दिल्ली के फरीदाबाद में उसने अपना लिंग चेंज करवाया था। लड़की बनने के बाद जब वो इंदौर आई तो आजाद नगर का रहने वाले शाहिद नाइट्रा को उससे प्यार हो गया। इसके बाद दोनों ने निकाह कर लिया। उसे पबों में जाने और एमडी ड्रग्स लेने का शौक था। जोया ने डेटिंग साइट से जुड़ने के बाद लोगों तो फँसाकर संबंध बनाने लगी। जोया ने कबूला है कि इस दौरान उसने कई युवकों को लूटा भी था।

इससे पहले 2012 में उसने इंदौर-खंडवा ट्रेन में एक यात्री को लूटने के बाद उसे चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया था। उस दौरान इसने अपना नाम शोएब पुत्र कादर अब्बासी बताया था।

नैनीताल ‘लैंड जिहाद’: बाहरी मुस्लिमों ने दलितों-आदिवासियों से खरीद ली 24000 Sq फ़ीट जमीन, CM धामी ने दिए जाँच के आदेश

उत्तराखंड में अवैध तरीके से जमीन बेचे जाने का एक और मामला सामने आया है। आरोप है कि 22-23 सितंबर को एक समुदाय विशेष के लोगों ने SC/ST समुदाय के लोगों से एक बड़ी जमीन की टुकड़ी (23,760 स्कवायर फ़ीट) खरीदी है। लेकिन, राज्य के कानून के हिसाब से कलक्टर की अनुमति के बिना ये संभव नहीं है। ऑपइंडिया ने इस सम्बन्ध में भाजपा नेता अजयेन्द्र अजय से बात की, जिन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष इस मुद्दे को उठाया है।

ये भी पता चला है कि इस मामले में एक उच्च-स्तरीय जाँच के आदेश भी दे दिए गए हैं। ये मामला नैनीताल के सरना गाँव का है, जहाँ दलितों से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ और संभल के मुस्लिमों ने बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी है। अजयेंद्र अजय के अनुसार, दो दिनों में कुल 13 रजिस्ट्री हुई। लेकिन, राज्य का कानून कहता है कि SC/ST समुदाय के लोगों की जमीन को कलक्टर के आदेश के बाद ही खरीदा-बेचा जा सकता है।

अजयेन्द्र अजय ने बताया कि इस मामले में कुछ स्थानीय लोगों ने उनसे संपर्क किया था, जिन्होंने बताया कि बड़ी चालाकी से इस जमीन को कृषि योग्य से गैर-कृषि योग्य बना दिया गया है। उन्होंने बताया कि जमीन के मालिक, जो कि SC/ST हैं, उनसे जमीन की खरीद के लिए धमकी और लालच का सहारा लिया गया। यहाँ तक कि जमीन मालिकों की पत्नियों ने भी इस मामले में आपत्ति जताते हुए शिकायत दर्ज कराई है।

उन्होंने बताया कि इस जमीन के बिकने से उनके जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उस जमीन पर इन्होंने लोन भी ले रखा था। लोगों का कहना है कि जमीन पर कई पार्टनरों का मालिकाना हक था, लेकिन खरीदे जाने से पहले सबकी सहमति नहीं ली गई। उन पार्टनर्स ने भी आपत्ति जताते हुए कलक्टर के दफ्तर में शिकायत दायर की है। इसके अलावा अजयेन्द्र ने इस जमीन की खरीद के लिए दी गई रकम का भी मुद्दा उठाया।

उन्होंने बताया कि इस जमीन करार में बाजार वैल्यू को वास्तविक मूल्य से 10% कम कर के दिखाया गया है। इसके लिए पेमेंट भी कैश में किया गया था, इसीलिए संदेह पैदा होता है कि जमीन खरीदी किसने। इसके पीछे कुछ गुप्त लोग या संगठन हो सकते हैं। भाजपा नेता ने बताया कि स्थानीय लोग बाहर के लोगों के नाम रजिस्ट्री करने में सहज नहीं हैं और समुदाय विशेष के लोगों द्वारा बड़ी संख्या में जमीन खरीदे जाने से यहाँ की डेमोग्राफी पर असर पड़ सकता है।

भाजपा नेता अजयेन्द्र अजय ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में लाया मामला

स्थानीय लोग उत्तराखंड को ‘देवभूमि’ मानते हैं, जहाँ बड़ी संख्या में मंदिर और मठ हैं, ऐसे में मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा यहाँ बड़ी संख्या में जमीन खरीदना परेशानी का सबब बन सकता है। अजयेन्द्र अजय ने कहा, “उत्तराखंड दो देशों के साथ अपनी सीमाएँ साझा करता है, ऐसे में यहाँ इस तरह की करतूतों का बढ़ना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बड़ा मुद्दा बन सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह है कि वो जमीन कानूनों को और कड़ा बनाएँ।”

धारी तहसील के एसडीएम योगेश सिंह ने बताया कि जमीन बेचने वाली SC/ST समुदाय के लोगों की पत्नियों से शिकायत प्राप्त हुआ है। जाँच चल रही है और इन आपत्तियों को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में रखा जाएगा। इससे पहले टिहरी डैम की जमीन पर अवैध मस्जिद का मामला भी सामने आया था। 20 वर्षों से वहाँ खड़ी उस अवैध मस्जिद को विरोध के बाद हटा दिया गया। उत्तराखंड में ‘लैंड जिहाद’ को लेकर यहाँ के निवासी खासे चिंतित हैं।

बता दें कि नैनीताल के विभिन्न क्षेत्रों में मुस्लिमों का दखल बढ़ता ही जा रहा है। उच्च न्यायालय के अधिवक्ता नितिन कार्की ने इस डेमोग्राफिक बदलाव के संबंध में आगाह करते हुए कुछ दिनों पहले ही जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। घोड़ा, टैक्सी, नौका संचालन, टूरिस्ट गाइडिंग, होटलों इत्यादि को लीज में लेने में मुस्लिम समुदाय का दखल बढ़ा है। इनमें से अधिकतर खास कर के रामपुर, दडिय़ाल, स्वार, मुरादाबाद, बिजनौर और सहारनपुर के रहने वाले हैं।

महाकाल मंदिर में ‘रग रग में तू समाने लगा’ गाने पर महिला ने डांस का बनाया वीडियो, पुजारी ने कहा- ऐसे लोगों पर हो कार्रवाई

सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए लोग अपने नए-नए वीडियो और तस्वीरें अपलोड करते रहते हैं। इस दौरान वह कई बार लोगों की धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुँचाने से गुरेज नहीं करते हैं। इसी बीच उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में एक महिला का साड़ी पहनकर फिल्मी गाने पर बनाया गया, वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो को हिंदू संगठन और मंदिर के पुजारी आपत्तिजनक बता रहे हैं। उनका कहना है कि मंदिर में इस तरह से डांस करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। महाकालेश्वर मंदिर के पंडित महेश पुजारी ने कहा, ”यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हम इसकी निंदा करते हैं और प्रशासन से माँग करते हैं कि सोशल मीडिया पर इस तरह के जो भी वीडियो वायरल होते हैं, उन पर प्रतिबंध लगाया जाए। यह आस्था का केंद्र है, यहाँ डांस नहीं चलेगा। जो लोग मंदिर में आकर इस तरह से वीडियो शूट करते हैं, उनके यहाँ आने पर प्रतिबंध लगाया जाए और उन्हें दर्शन करने से भी रोका जाए।”

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला का नाम मनीषा रोशन है। उसने महाकालेश्वर मंदिर में सलमान खान और प्रीति जिंटा पर फिल्माए गए गाने ‘रग-रग में इस तरह तू समाने लगा’ पर वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया। बताया जा रहा है कि यह वीडियो महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के ठीक ऊपर बने ओंकारेश्वर मंदिर के खंभों के पास फिल्माया गया है। हालाँकि, वीडियो पर विवाद बढ़ने के बाद महिला ने माफी माँग ली है और इंस्टाग्राम से अपना वीडियो भी डिलीट कर दिया है।

बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले मध्य प्रदेश के छतरपुर में आरती साहू नाम की युवती ने चप्पल पहनकर मंदिर में फिल्मी गाने पर डांस किया था। विवाद बढ़ने के बाद आरती ने भी माफी माँग ली थी। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर और भी कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें महिलाओं ने टिक टॉक और इंस्टाग्राम रील पर मंदिर में बनाए गए वीडियो अपलोड किए हैं।

‘सब तो मिला के पीते हैं…’ : पंजाब में रामलीला मंच पर शराब के साथ डांस, Video वायरल होने पर आयोजकों को माँजने पड़े 4 घंटे बर्तन

हिंदुओं की आस्था में आधुनिकता का तड़का लगाने का प्रयास इस बार पंजाब में हुआ है। वहाँ रामलीला मंचन के दौरान स्टेज पर कहीं कलाकार बोतल लेकर नाचता दिखाई दिया, तो कहीं रावण की वेशभूषा पहने-पहने कलाकार स्टेज पर बंदूक के साथ डांस करने लगा। सोशल मीडिया पर दोनों वीडियो वायरल हैं और लोग ऐसी फूहड़ता का विरोध कर रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक एक वीडियो पटियाला और दूसरा रोपड़ की है। पटियाला से आई वीडियो को देख तो हिंदू संगठन ने रामलीला के आयोजकों से झूठे बर्तन धुलवा लिए। लेकिन रोपड़ की वीडियो कब की है ये नहीं पता चला है।

पटियाला की जो वीडियो वायरल है उसे अपनी खबर में शेयर करते हुए दैनिक भास्कर बताता है कि यहाँ रामलीला का आयोजन जीरकपुर प्रभात एरिया में श्री सनातन धर्म क्लब रामलीला मंचन द्वारा करवाया जा रहा है। जहाँ 5 अक्टूबर को एक कलाकार शराब की बोतल लेकर मंच पर चढ़ गया और मनोरजंन के नाम पर उसने ‘सब तो मिला के पीते हैं…’ गाने पर नाचना शुरू कर दिया।

रामलीला मंच पर कलाकार

मामले ने तूल तब पकड़ा जब वीडियो वायरल हुई। इसके बाद हिंदू तख्त के धर्माधीश जगदगुरु पंचानंद गिरी जी महाराज ने रामलीला मंचन करवा रहे आयोजक और बोतल लेकर मंच पर नाचने वाले कलाकार को झूठे बर्तन धोने की सजा सुनाई और उनसे 4 घंटे बर्तन धुलवाए। इसके बाद तख्त ने उन्हें अगले 5 शनिवार श्री काली माता मंदिर में भक्तों के झूठे बर्तन साफ करने को कहा है।

साभार: दैनिक भास्कर

इसी प्रकार रोपड़ से आई वीडियो में रावण की वेशभूषा में स्टेज पर कलाकार बंदूक लेकर नाच रहा है। उसके पीछे पंजाबी गायक हरजीत हरमन का ‘मित्रां दा नां चलदा’ गीत बज रहा है, पीछे दर्शक भी खूब शोर मचा रहे हैं, मंच पर बैठे लोग भी मजे लेते हुए दिख रहे हैं। कुछ लोग रावण के साथ नाचते भी देखे गए।

वीडियो से लिया गया स्क्रीनशॉट

उल्लेखनीय है कि ये कोई नई बात नहीं है कि रामलीला के मंच पर ऐसी घटिया हरकतें हुई हों। केवल पंजाब ही नहीं आज जगह-जगह रामलीला को मनोरंजन का स्रोत बना दिया गया है। वहाँ कॉमेडी होती है, ऐसे घटिया डांस होते हैं, गाना गाया जाता है। आयोजकों को लगता है कि ऐसा करके वह दर्शकों को बाँधे रखते हैं लेकिन सच यह है कि रामलीला मंचन हर वर्ष इस उद्देश्य से होता था कि रामकथा का प्रसार हो और श्रीराम के जीवन से आने वाली पीढ़ी शिक्षा ले सके। हालाँकि, अब ये सब बीती बातें लगती हैं और आज का समय यही है जहाँ रावण बंदूक लेकर नाचता है और हनुमानजी की तस्वीर के सामने कलाकार को शराब की बोतल हाथ में देकर नाचने की छूट दे दी जाती है।

शाहरुख खान के जिस ड्राइवर ने आर्यन को पहुँचाया क्रूज तक, वो NCB के रडार पर: बयान दर्ज, जमानत पर सुनवाई कल

ड्रग्स केस में फंसे अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। न्यायिक हिरासत में भेजे गए आर्यन खान ने जमानत के लिए सेशन कोर्ट में जमानत की अर्जी दी है, जिस पर कल सुनवाई होगी। इस बीच एनसीबी ने आर्यन के ड्राइवर राजेश मिश्रा को भी समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। राजेश मिश्रा के बयान को दर्ज करने के बाद उसे छोड़ दिया गया है। बताया जाता है कि राजेश मिश्रा ही वो शख्स था, जो आर्यन खान को क्रूज पर लेकर गया था।

अभी तक शाहरुख खान के परिवार के किसी अन्य सदस्य से भी पूछताछ नहीं हुई है। जाँच एजेंसी ने आर्यन खान के करीबी दोस्त श्रेयस नायर को गिरफ्तार किया था। आर्यन के व्हाट्सएप चैट से श्रेयस के नाम का खुलासा हुआ था। आर्यन खान, श्रेयस नायर और अरबाज मर्चेंट धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल में एक साथ पढ़ते थे। ड्रग्स मामले में शनिवार को भी एनसीबी ने कार्रवाई की थी, जिसमें एक ड्रग पैडलर को अरेस्ट किया था। मुंबई के पश्चिम खार से गिरफ्तार किए गए पैडलर पर इस बात का शक है कि उसी ने अरबाज मर्चेंट को ड्रग्स दिए थे।

गौरतलब है कि इससे पहले शुक्रवार को आर्यन खान की जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उनके वकील ने सेशन कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। 14 दिन की ज्युडिशियल कस्टडी में भेजे आर्यन खान मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद हैं।

उल्लेखनीय है कि 3 अक्टूबर को क्रूज पर ड्रग पार्टी मामले में NCB की टीम ने एक्टर शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को गिरफ्तार किया था। NCB की टीम ने आर्यन के साथ तीन और लोगों को भी गिरफ्तार किया है। सभी आरोपितों के पास से चरस, MDMA, MD और कोकेन समेत अन्य ड्रग बरामद किए गए थे। इसके अलावा आर्यन खान भी एनसीबी की पूछताछ में इस बात को कबूल चुके हैं कि वो चरस पीते हैं।

‘वामपंथ से गरीब का उत्थान नहीं, समाजवाद अब परिवारवाद… छोटे से छोटे व्यक्ति को भी सुनते हैं PM मोदी’: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘संसद टीवी’ को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि वो अपने-आप को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें संगठन और सरकार, दोनों में नरेंद्र मोदी के साथ करीब से काम करने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या के लिए बैठक हो, उसमें पीएम मोदी कम से कम बोलते हैं और सभी को धैर्यपूर्वक सुनते हैं। वो छोटे से छोटे व्यक्ति के सुझाव को गुणवत्ता के आधार पर महत्व देते हैं।

उन्होंने कहा कि जिन-जिन लोगों ने उनके साथ काम किया है, वो जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकतांत्रिक तरीके से कैबिनेट चलाते हैं। उन्होंने पीएम मोदी को एक अच्छा श्रोता करार दिया, जो सबकी बात सुनते हैं। उन्होंने कहा कि अंदर जो चर्चाएँ होती हैं, उसके बारे में अब चीजें बाहर नहीं आतीं, इसीलिए मीडिया और विपक्ष ये फैलाता है कि नरेंद्र मोदी अकेले ही सारे निर्णय लेते हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय जरूर वो लेते हैं, क्योंकि जनता ने उन्हें इसके लिए ही चुना है।

उन्होंने माना कि पीएम मोदी जोखिम लेकर फैसला लेते हैं, लेकिन वो बार-बार कहते हैं कि वो देश बदलने और परिवर्तन लाने के लिए सरकार में आए हैं, सिर्फ सरकार चलाने के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि अगर वर्षों पहले कड़े फैसले हुए होते तो आज यहाँ के युवाओं को दूसरे देशों में नहीं जाना पड़ता। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सिर्फ सत्ता में लौटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य नहीं है, वो दृढ़ इच्छाशक्ति से निर्णय लेते हैं।

उदाहरण के लिए उन्होंने नोटबंदी का फैसला गिनाया, जिससे देश के अर्थतंत्र में बड़ा बदलाव आया। इसी तरह, उन्होंने GST को लेकर कहा कि प्रणब मुखर्जी और पी चिदंबरम इसके बारे में बातें तो करते थे, लेकिन लागू करने की उन्हें हिम्मत नहीं होती थी। इसी तरह उन्होंने ‘तीन तलाक’ और सेना के लिए OROP का फैसला गिनाया। साथ ही उन्होंने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ और ‘एयर स्ट्राइक’ के अलावा ‘अनुच्छेद-370’ के प्रावधानों को निरस्त किए जाने जैसे निर्णयों का जिक्र किया।

अमित शाह ने याद दिलाया कि कैसे ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ घोषित किया, जिससे भारत की संस्कृति वैश्विक मंच तक पहुँची। उन्होंने कहा कि इन फैसलों में कोई निजी या दलगत स्वार्थ नहीं है, इसीलिए विश्वास रहता है कि जनता हमारा साथ देगी। अध्यात्म को लेकर पीएम मोदी की रुचि पर अमित शाह ने कहा कि जन-कल्याण भी इसके अंतर्गत आता है। उन्होंने 9 करोड़ घरों में गैस और 11 करोड़ शौचालय के निर्माण का उदाहरण दिया।

उन्होंने बताया कि अब हर घर स्वच्छ जल पहुँचाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने उन 18,000 गाँवों का जिक्र किया, जहाँ आज तक बिजली नहीं पहुँची थी पर अब वहाँ बिजली है। उन्होंने किसानों को प्रतिवर्ष 6000 रुपए सम्मान निधि दिए जाने की योजना का जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे 60 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है और किसी को यकीन नहीं होगा कि 130 करोड़ लोगों का देश अपने सभी नागरिकों को मुफ़्त वैक्सीन दे रहा है।

उन्होंने कोरोना महामारी काल में 80 करोड़ लोगों को डेढ़ वर्ष तक मुफ़्त राशन दिए जाने की योजना को भी अपनी सरकार की सफलता के रूप में गिनाया। बता दें कि 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान अमित शाह को उत्तर प्रदेश का चुनावी प्रभार दिया गया था। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी लोगों को जिम्मेदारी देने के जो फैसले लेते हैं, वो अच्छे होते हैं और सफल भी। पत्रकार ने जब पूछा कि अपने फैसलों में वामपंथ और दक्षिणपंथ का तालमेल कैसे बिठाते हैं, तो इस पर अमित शाह ने दो टूक कहा कि वामपंथ का जरा भी रास्ता नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वामपंथ के रास्ते से काभी भी गरीब का उत्थान नहीं हो सकता। उन्होंने पश्चिम बंगाल की स्थिति गुनाई, जहाँ कई दशकों तक वामपंथ का शासन रहा। समाजवादी आंदोलन के बारे में उन्होंने कहा कि ये जातिवाद के बाद अब परिवरवाद में परिवर्तित हो गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का मूल प्रेरणास्रोत ‘अंत्योदय’ है। उन्होंने कहा कि जनता ने कॉन्ग्रेस, वामपंथ और समाजवाद – सबको मौका दिया, लेकिन जहाँ-जहाँ भाजपा की सरकार आई, वहाँ अच्छा हुआ।

‘संसद टीवी’ पर अमित शाह का पूरा इंटरव्यू

उन्होंने चाणक्य के सूत्र की बात करते हुए कहा कि जो ज्येष्ठ होता है वो श्रेष्ठ नहीं होता, बल्कि जो श्रेष्ठ होता है वही ज्येष्ठ होता है। गाँधी परिवार पर निशान साधते हुए कहा कि वो बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं कि उनके परिवार के अलावा कोई अन्य कैसे प्रधानमंत्री बन सकता है। उन्होंने उत्तर पूर्व में आतंकवाद को खत्म करने के लिए हुए समझौतों और नक्सलवाद के खिलाफ बनी रणनीति का जिक्र किया और कहा कि ये सरकार समाज कल्याण की दिशा में चल रही है और कृषि को प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने कहा कि ये तीन कृषि कानून इसी का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक करियर को उन्होंने तीन हिस्सों में बाँटा – संगठन का काम, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और फिर राष्ट्रीय राजनीति में। उन्होंने कहा कि गुजरात में काम काफी चुनौतीपूर्ण था, कई चुनावों में भाजपा की हार हुई थी, लेकिन बिना किसी प्रशासनिक अनुभव के नरेंद्र मोदी ने जिस तरह जनता तक योजनाओं को पहुँचाया।

बिग बॉस 15: सलमान खान ने ‘वीकेंड का वार’ में राज कुंद्रा का मजाक उड़ाया, शमिता शेट्टी हुईं शॉक

टीवी के फेमस रिएलिटी शो ‘बिग बॉस 15’ का पहला ‘वीकेंड का वार’ शनिवार (9 अक्टूबर 2021) को हुआ। हर बार की तरह इस बार भी ‘वीकेंड का वार’ में सलमान खान सभी घरवालों की क्लास लेते नजर आए। इसी बीच सलमान ने शो में शमिता शेट्टी के जीजा राज कुंद्रा का नाम लेकर सभी घरवालों को चौंका दिया।

दरअसल, ‘वीकेंड का वार‘ में सलमान खान ‘बिग बॉस’ के सभी कंटेस्टेंट के लड़ाई-झगड़ों को लेकर उन्हें समझाते हुए दिखे। इस दौरान उन्होंने कहा, ”प्रतीक समझ गए, जय भानुशाली समझ गए। तभी सलमान राज कुंद्रा का नाम भी लेते हैं। वो कहते हैं, ‘राज कुंद्रा समझ गए’। हालाँकि, जैसे ही उन्हें समझ आता है कि उन्होंने गलत नाम बोल दिया है, वह तुरंत इसे ठीक करते हुए कहते हैं, “करण कुंद्रा समझ गए”। इसका वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो में सलमान कहते हैं, ”देखो निशांत समझने वाले को इशारा ही काफी है। जैसे प्रतीक समझ गया है। करण समझ गया है। राज कुंद्रा समझ गया है। जय भानुशाली समझ गया है। यार करण कुंद्रा भी समझ गया और राज कुंद्रा भी समझ गया है। इसके बाद सभी घरवाले हँसने लगते हैं।”

जब सलमान ने करण कुंद्रा को राज कुंद्रा कहकर बुलाया उस दौरान शमिता शेट्टी का रिएक्शन बेहद हैरान करने वाला था। हालाँकि, बाद में वह मुस्कुरा दीं, क्योंकि हर कोई इसे मजाक समझकर हँसने लगा। शमिता के ‘बिग बॉस’ ओटीटी में एंट्री लेने से पहले ही उनके जीजा राज कुंद्रा को मुंबई क्राइम ब्रांच ने अश्लील फिल्में बनाने और उन्हें ऐप पर अपलोड करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद गहना वशिष्ठ जैसे कई लोग उनके बचाव सामने आए थे। फिलहाल राज जमानत पर बाहर हैं।

गौरतलब है कि कुंद्रा दो महीने जेल में बिताने के बाद 21 सितंबर 2021 को घर लौटे थे। कुछ मीडिया रिपोर्टों में मुंबई पुलिस के हवाले से बताया गया था कि कुंद्रा के पास 119 पोर्न फिल्मों का कलेक्शन था। इसका सौदा वे 9 करोड़ रुपए में करना चाहते थे। उनकी योजना दो साल में अपने ऐप के यूजर्स 3 गुना और मुनाफा 8 गुना करने की थी। जाँच के दौरान पुलिस को ये वीडियो कुंद्रा के मोबाइल, लैपटॉप और हार्ड डिस्क से मिले थे। उनके खिलाफ मुंबई पुलिस 1500 पन्नों की चार्जशीट दायर कर चुकी है। इसमें शिल्पा सहित 43 गवाहों के बयान दर्ज हैं।