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‘…तो मैं जिंदा नहीं होता’: लखीमपुर खीरी हिंसा पर मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष, पिता ने भी कहा- सबूत दो इस्तीफा दे दूँगा

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी ने कहा है कि अगर लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में उनके बेटे आशीष ‘मोनू’ के खिलाफ एक भी सबूत आता है तो वो अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा कि अगर एक भी सबूत ऐसा सामने आ जाए जिससे पता चले कि उनके बेटे आशीष मिश्रा घटनास्थल पर मौजूद थे, वो वो मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। बता दें कि ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ की हिंसा में 8 लोगों की मौत हो गई है।

वहीं आशीष मिश्रा ने माँग की कि इस मामले की निष्पक्ष जाँच हो। उन्होंने कहा कि वो हर तरह की जाँच का सामना करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि ‘किसानों’ ने उन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने गोलियाँ चलाईं जिससे कई लोग मरे, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में किसी भी व्यक्ति के गोली से मरने (Bullet Injury) की बात सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि न तो वो घटनास्थल पर मौजूद थे, न ही वहाँ गोलियाँ चलीं।

आशीष मिश्रा ने कहा, “हमारे लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। अधिकतर पीड़ित भाजपा कार्यकर्ता ही थे। मैं कार्यक्रम स्थल पर ही था, घटनास्थल पर पहुँचा भी नहीं था। ये ईश्वर का आशीर्वाद था कि मैं वहाँ नहीं था, वरना आज मैं आपलोगों के बीच न होता। मेरे पिता यहाँ से सांसद हैं और ये हमारा गृह क्षेत्र है, इसीलिए यहाँ की जनता हमारा परिवार है। जो लोग हमें चाहते हैं, वो चाहते हैं कि मैं सक्रिय राजनीति में रहूँ।”

उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ जानती है और जिन लोगों ने ये सब किया है, उन्हें भी सत्यता का भान है। उन्होंने ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होने की बात करते हुए कहा कि जाँच के लिए मैं तैयार हूँ। उन्होंने अपने पिता के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने राकेश टिकैत को किसानों को भड़काने के आरोप में गिरफ्तार करने की माँग की थी। उन्होंने कहा कि जब किसानों को राकेश टिकैत नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं, तो कार्रवाई होनी ही चाहिए।

बता दें कि उस क्षेत्र में ‘टेनी महाराज’ कह कर पुकारे जाने वाले अजय मिश्रा का जनता के बीच बड़ा प्रभाव है। 2012 में निघासन से उनके विधायक चुने जाने के बाद उनके बेटे भी जनता से मिलने-जुलने लगे। अजय मिश्रा दूसरी बार खीरी से सांसद बने हैं। परिवार का पेट्रोल पम्प व राइस मिल का व्यापार है, जिसे आशीष ही देखते थे। अजय मिश्रा जिला पंचायत सदस्य भी रहे हैं। वो भाजपा के विधायक उम्मीदवारी के भी दावेदार हैं।

न्यू अर्बन कॉनक्लेव में PM मोदी ने यूपी को दी 75 सौगात: 75000 लोगों को दिया घर, 80% लाभार्थी महिलाएँ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (5 अक्टूबर, 2021) को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में देश की आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर ‘न्यू अर्बन इंडिया’ थीम के साथ केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय व नगर विकास विभाग, उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय ट्रांसफॉर्मिंग अर्बन लैंडस्केप सम्मेलन-सह-एक्सपो का उद्घाटन किया।

‘न्यू अर्बन इंडिया’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में उनके साथ यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नगरीय विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी, चंदौली से सांसद केन्द्रीय भारी उद्योग मंत्री डॉ. महेन्द्र पाण्डेय, लखनऊ के मोहनलाल गंज से सांसद केन्द्रीय नगर विकास राज्य मंत्री कौशल किशोर, उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी तथा केन्द्र सरकार में नगर विकास विभाग के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा भी थे।

लम्बे समय बाद लखनऊ पहुँचे प्रधानमंत्री मोदीने देश की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में न्यू अर्बन कॉनक्लेव में स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत आगरा, अलीगढ़, बरेली, झाँसी कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, सहारनपुर, मुरादाबाद एवं अयोध्या में इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेन्ट सिस्टम एवं नगरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा अमृत मिशन के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न शहरों में उत्तर प्रदेश जल निगम के पेयजल एवं सीवरेज की कुल 4,737 करोड़ रुपए की 75 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

प्रधानमंत्री ने लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, झाँसी, प्रयागराज, गाजियाबाद व वाराणसी के लिए 75 स्मार्ट इलेक्ट्रिक बसों का फ्लैग ऑफ भी किया।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के 75 ज़िलों के 75,000 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) के तहत निर्मित घरों की चाबियाँ डिजिटली सौंपीं और उनसे संवाद भी किया।

पीएम मोदी ने कहा कि मुझे इस बात की भी खुशी होती है कि देश में पीएम आवास योजना के तहत जो घर दिए जा रहे हैं, उनमें 80 प्रतिशत से ज्यादा घरों पर मालिकाना हक महिलाओं का है या फिर वो ज्वाइंट ओनर हैं।

प्रधानमंत्री ने लखनऊ स्थित बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी चेयर का भी डिजिटल उद्घाटन किया।

वहीं उद्घाटन समारोह में उपस्थित लखनऊ के सांसद तथा देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विश्व का सर्वमान्य लोकप्रिय नेता बताया। राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के गाँवों के साथ ही शहरों के विकास का बीड़ा उठाकर उसको बड़ा मुकाम दिया है।

केन्द्र सरकार में आवासन एवं शहर विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल को जमकर सराहा। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने से पहले जून 2015 के बाद 20 महीनों के अंदर यूपी में केवल 20 हजार आवास बन पाए थे। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद 20 महीनों के भीतर यह आँकड़ा 20 लाख में बदल में गया है।

उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 तक केन्द्रीय योजनाओं पर एक करोड़ 57 लाख शहरी निवेश किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छह वर्ष में शहरी निवेश 7 गुना ज्यादा हो गया है। आज 11 करोड़ 83 लाख का निवेश हो चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने 17.3 लाख घरों को मंजूरी दी है। अब तक 8.8 लाख लाभार्थियों को मकान दिए जा चुके हैं।

शाहरुख की IPL टीम से जुड़ा ड्रग्स मामला, हिरोइन और क्रिकेटर की बीवियाँ सूँघ रही थीं कोकीन: शर्लिन का था आरोप

शाहरुख खान का बेटा आर्यन खान धरा गया है। आरोप है कि क्रूज पर ड्रग्स ले रहा था। NCB (Narcotics Control Bureau) के आरोपों को हालाँकि आर्यन के वकील ने निराधार बताया है। वकील का कहना है कि आर्यन खान पूरा क्रूज खरीद सकता है तो वो ड्रग्स बेचेगा (हालाँकि लेगा क्यों वाला तर्क वकील ने क्या दिया, अभी तक मीडिया में आया नहीं है, या शायद कोर्ट को दिया ही नहीं) क्यों?

आर्यन खान ने ड्रग्स लिया या नहीं, उसके वकील के तर्क में कितना दम… इन बातों को छोड़ कर थोड़ा पीछे चलते हैं। पीछे ताकि बॉलीवुड में या स्टार लोगों की पार्टी में क्या-क्या होता है, यह समझने के लिए।

पिछले साल सितंबर की बात है। सुशांत सिंह की मौत के बाद बॉलीवुड में तब ड्रग्स को लेकर काफी हंगामा मचा था। बॉलीवुड के लोग भी इस मामले में दो फाड़ हो गए थे। रिया के समर्थन में कुछ इसे स्टार/बॉलीवुड को लेकर मीडिया ट्रायल बता रहे थे, तो कुछ सुशांत के समर्थन में ड्रग्स कारोबार का खुलासा कर रहे थे।

शर्लिन चोपड़ा ने तब बॉलीवुड गैंग और ड्रग्स कारोबार को लेकर सनसनीखेज खुलासे किए थे। उनका खुलासा तब भी शाहरुख खान के नाम से जुड़ा हुआ था। शाहरुख की IPL टीम और उसकी पार्टी पर बात करते हुए शर्लिन ने कहा था:

“मैं एक बार कोलकाता नाईट राइडर्स का मैच देखने के लिए कोलकाता गई थी। मैच ख़त्म होने के बाद एक पार्टी का आयोजन किया गया था जिसमें मुझे भी बुलाया गया था। इस पार्टी में कई दिग्गज खिलाड़ी और उनकी पत्नियाँ भी शामिल हुई थीं। मेरे लिए वह पार्टी शानदार थी, मैंने उस पार्टी में खूब मज़े किए थे और खूब डांस किया जिसकी वजह से मैं बहुत ज़्यादा थक गई थी।”

शर्लिन ने आगे कहा, “मैं वाशरूम गई और वहाँ मैंने जो नज़ारा देखा वह मेरे लिए हैरान कर देने वाला था। वहाँ कई खिलाड़ियों और अभिनेताओं की पत्नियाँ कोकीन का सेवन (स्नोर्टिंग) कर रही थीं। अचानक मुझे देख कर वह सभी मुस्कराई और बदले में मैंने मुस्करा कर जवाब दिया। एक बार के लिए मुझे ऐसा लगा जैसे मैं किसी गलत जगह आ गई हूँ और मैं तुरंत बाहर आ गई। एक तरफ आईपीएल की पार्टी जारी थी तो वहीं दूसरी तरफ ड्रग्स की पार्टी भी हो रही थी।”

फायरिंग की खबर पर पहुँची दिल्ली पुलिस, ईंट-पत्थर से हमला: सीमापुरी की घटना का Video, रुखसाना सहित 10 गिरफ्तार

दिल्ली के सीमापुरी इलाके में 1 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस पर स्थानीय लोगों द्वारा पथराव किया गया था। पुलिस वहाँ उन बदमाशों को पकड़ने गई थी जो एक मीट कारोबारी पर गोली चलाकर भागे थे। पुलिस के कॉलोनी में घुसते ही उनपर ईंट-पत्थर फेंके जाने लगे। घटना में एसएचओ समेत 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए जबकि हमलावरों में से 10 को गिरफ्तार किया गया।

इस बाबत एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आई। वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे दिल्ली पुलिस के कॉलोनी में घुसते ही उन पर तेज-तेज ईंट-पत्थर फेंके जा रहे हैं। हमला लगातार हो रहा है। पुलिस चाह कर भी आगे नहीं बढ़ पा रही। इस वीडियो को लेकर ट्विटर पर सवाल किया जा रहा है कि अगर इस हमले के बाद पुलिस अपनी कोई कार्रवाई कर देती या अपना बचाव करती तो पुलिस को जल्लाद कहा जाता, उन्हें सस्पेंड किया जाता और मानवाधिकार बीच में आ जाते।

हमले के बाद पुलिस ने दो महिलाओं समेत 10 को पकड़ा है। इनमें मोईदुल शेख, रुखसाना, महमूद फिरोज, अजय, इकबाल, हसीबुल दाराजुल मोहम्मद मियां, राहुल, अमीन शामिल हैं। पुलिस बाकी आरोपितों की तलाश में जुटी है। बताया जा रहा है कि ये सारा मामला शाह आलम, जो कि सीमापुरी में मीट की दुकान चलाते हैं उनपर हुई फायरिंग से शुरू हुआ था।

पहले, आलम के भाई फिरोज पर अंजान नंबर से फोन आया। जहाँ फोन करने वाले ने उनसे गाली गलौच की और धमकी दी कि अगर इलाके में दुकान चलानी है तो उनसे बात करनी होगी, वरना अंजाम अच्छा नहीं होगा। फोन पर धमकी सुन  फिरोज ने फोन काट दिया। मगर उसके बाद बदमाश दुकान पर ही जा पहुँचे। इन लोगों ने पहले दुकानदार को गालियाँ दी और विरोध किया गया तो गोली चला दी। आलम ने किसी प्रकार नीचे झुककर अपनी जान बचाई लेकिन गोली की आवाज ने भीड़ जमा करवा दी।

इसी बीच घटना के बारे में पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस मौके पर पहुँची लेकिन उन्हें कहा गया बदमाश बंगाली गली की ओर दौड़ गए हैं। पुलिस जब हमलावरों की तलाश में गली में पहुँची तो उसके बाद उन पर पत्थरों से अटैक किया गया। इस दौरान मौजूद सीमापुरी थाने के एसएचओ पदम सिंह राणा, एएसआई ओमपाल, एएसआई विजय कुमार, एएसआई महावीर व कांस्टेबल मुकेश घायल हो गए। सबको बाद में अस्पताल भर्ती कराया गया और जरूरी उपचार देने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।

‘केंद्रीय मंत्री के बेटे चला रहे थे कार’: BJP को बदनाम करने के चक्कर में फुल और हाफ बाजू के कपड़े का अंतर भूले विनोद कापड़ी

लखीमपुर खीरी में ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ की हिंसा का बचाव करने और भाजपा को बदनाम करने के लिए मीडिया का गिरोह विशेष मैडम में उतर गया है, जिसमें विनोद कापड़ी भी शामिल हैं। विनोद कापड़ी ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी के बेटे आशीष की तस्वीर क्रॉप कर दी, ताकि वो ये दिखा सकें कि हिंसा के दौरान वही कार ड्राइव कर रहे थे। उन्होंने लिखा, “कल के कपड़े। क्या कपड़ों से कातिल की पहचान की जा सकती है?”

साथ ही उन्होंने ‘लखीमपुर नरसंहार’ का टैग भी लगाया। इस ट्वीट के साथ उन्होंने दो तस्वीरें शेयर करते हुए बताया कि एक कार चला रहे ड्राइवर का है, दूसरा आशीष मिश्रा ‘मोनू’ का। हालाँकि, इस दौरान उन्होंने जानबूझ कर आशीष मिश्रा की इंटरव्यू वाली तस्वीर को क्रॉप कर दी, ताकि लोगों को ये न पता चले कि वो आधे बाजू वाली टीशर्ट पहने हुए थे। जबकि ड्राइवर फुल बाजू वाला कपड़ा पहने दिख रहा है।

विनोद कापड़ी का ट्वीट

आशीष मिश्रा की उस तस्वीर को ANI ने शेयर की थी। जब विनोद कापड़ी दावा कर रहे हैं कि दोनों तस्वीरों में कपड़े समान हैं, करीब से देखने पर ऐसा बिलकुल भी नहीं लगता। ड्राइवर ने पूरे बाजू का शर्ट पहना है, जबकि आशीष मिश्रा ने आधी बाजू का। विनोद कापड़ी ने इस तरह से ‘किसान आंदोलनकारियों’ को क्लीन चिट देने की कोशिश की, जिनकी हिंसा की बलि 8 लोग चढ़ गए। इनमें शुभम मिश्रा और श्याम सुंदर निषाद जैसे भाजपा कार्यकर्ताओं के अलावा पत्रकार रमन कश्यप और ड्राइवर हरिओम मिश्रा भी शामिल हैं।

ANI के इंटरव्यू का स्क्रीनग्रैब, फ्रेम में आशीष मिश्रा

हालाँकि, इसके बाद जब उनकी पोल खुली तो विनोद कापड़ी ने बिना माफ़ी माँगे और बिना कोई स्पष्टीकरण दिए अपनी इस ट्वीट को डिलीट कर दिया। लेकिन, उस समय तक 4200 से अधिक लोग उसे आगे बढ़ा चुके थे। हालाँकि, फेक न्यूज़ फैलाने में वो नए नहीं हैं। उन्होंने अप्रैल 2020 में दावा किया था कि प्रोटेक्टिव गियर की कमी होने के कारण आगरा के डॉक्टरों को पॉलीथिन पहनने के लिए कहा गया है।

उन्होंने बाद में बेशर्मी दिखाते हुए और भी ट्वीट्स किए और भाजपा समर्थकों पर अजीबोगरीब टिप्पणियाँ करते हुए अपने दावे का बचाव किया। उन्होंने आशीष मिश्रा को बिना किसी सबूत के ‘नरसंहार का आरोपित’ भी करार दिया। उन्होंने कपड़ों की जाँच करने की भी माँग की। बाद में वो दावा करने लगे कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे ने इंटरव्यू से पहले शर्ट बदल ली थी। तस्वीरों में जबकि देखा जा सकता है कि कार के शीशे फूटे हुए हैं।

कार पर पत्थर व लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे उसे क्षति पहुँची। ड्राइवर की तरफ से हमला होने का मतलब है कि उसका बैलेंस बिगड़ा होगा। जब वहाँ एक खून की प्यासी भीड़ जमा थी, आशीष मिश्रा बिना किसी चोट के निशान के वहाँ से कई निकल गए? मिश्रा का कहना है कि वो वहाँ थे ही नहीं। उन्होंने कई इंटरव्यू दिए, किसी में उन्हें घायल या जख्म के निशान के साथ नहीं देखा गया। भाजपा कार्यकर्ताओं की पीट-पीट कर ‘किसानों’ ने हत्या कर दी।

इसमें एक नाम एक नाम शुभम मिश्रा का भी है। शुभम मिश्रा युवा थे। डेढ़ साल पहले ही शादी हुई थी। वो भाजपा से जुड़े हुए थे। उनका एक छोटा सा बच्चा भी है। परिवार की स्थिति बदहाल है। शुभम के पिता विजय मिश्रा ने पुलिस में जो तहरीर दी है, उसमें उन्होंने बताया है कि न सिर्फ उनके बेटे को मार डाला गया, बल्कि उनका पर्स और सोने की चेन भी गायब है। पिता ने तजिंदर सिंह विर्क नाम के एक नेता का नाम लिया है, जो सपा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

शुभम मिश्रा की हत्या के बाद पर्स, सोने की चेन भी ले गए ‘किसान’: पिता की शिकायत से खुलासा, डेढ़ साल पहले हुई थी शादी

लखीमपुर खीरी में ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ ने जो हिंसा की, उसमें मारे गए लोगों में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी के ड्राइवर हरिओम मिश्रा, भाजपा कार्यकर्ता श्याम सुंदर निषाद और ‘ABP News’ के पत्रकार रमन कश्यप के अलावा एक नाम शुभम मिश्रा का भी है। शुभम मिश्रा युवा थे। डेढ़ साल पहले ही शादी हुई थी। वो भाजपा से जुड़े हुए थे। उनका एक छोटा सा बच्चा भी है। परिवार की स्थिति बदहाल है।

शुभम के पिता विजय मिश्रा ने पुलिस में जो तहरीर दी है, उसमें उन्होंने बताया है कि न सिर्फ उनके बेटे को मार डाला गया, बल्कि उनका पर्स और सोने की चेन भी गायब है। आशंका जताई जा रही है कि उनकी हत्या के बाद हत्यारे सोने की चेन और पर्स लेकर भी निकल गए। पिता ने तजिंदर सिंह विर्क नाम के एक नेता का नाम लिया है, जो समाजवादी पार्टी से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ उसकी तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं।

भाजपा नेता व दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने शुभम मिश्रा के परिवार की मदद के बीड़ा उठाया है। उन्होंने लिखा, “फ़र्ज़ी किसान बने आतंकियों ने जिस युवा भाजपा कार्यकर्ता शुभम मिश्रा की पीट-पीट कर हत्या कर दी, उनका एक छोटा से बच्चा हैं। अभी डेढ़ साल पहले ही शादी हुई थी। शुभम के हत्यारे को और लखीमपुर खीरी को जलाने की साजिश करने वालों को माफ नहीं किया जा सकता है।”

उन्होंने बताया कि उनकी परिवार से बात भी हो गई है। उन्होंने इस घटना को दुःखद और असहनीय बताते हुए कहा कि हम सब इस दुःख में परिवार के साथ हैं और हत्यारों को पकड़ा जाना और न्याय मिलना बेहद ज़रूरी है। शहर के गढ़ी रोड निवासी शुभम मिश्रा का शव तिकुनिया से लखीमपुर लाया गया, जहाँ उनका अंतिम संस्कार हुआ। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की मानें तो उनके शरीर पर दर्जन भर जख्म के निशान हैं।

मेडिकल रिपोर्ट में भी पुष्टि हुई है कि डंडों से मारे जाने और घसीटे जाने के कारण उनकी मृत्यु हुई। तिकुनिया के बनवीरपुर वो कुश्ती प्रतियोगिता में शामिल होने गए थे, जिसका उद्घाटन उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को करना था। पिता विजय मिश्रा ने बताया है कि शुभम उसी गाड़ी में बैठे हुए थे, जिसको हरिओम मिश्रा ड्राइव कर रहे थे। ये लोग मुख्य अतिथि का स्वागत करने के लिए जा रहे थे।

भाजपा के आईटी सेल के अध्यक्ष अमित मालवीय ने इस घटना पर बयान दिया है। उन्होंने शुभम के पिता विजय मिश्रा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत की प्रति शेयर करते हुए लिखा, “लखीमपुर में मारे जाने वाले शुभम मिश्रा के परिवार ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में तेजिंदर सिंह विर्क का नाम लिया है, जिसका लिंक समाजवादी पार्टी से है और जिसको अखिलेश यादव किसान नेता बता रहे थे। आंदोलन के नाम पर सपा और कॉन्ग्रेस लखीमपुर में राजनीति कर रहे है।”

पिता की शिकायत के अनुसार, कि अमनदीप सिंह सिंधु, महेंद्र सिंह और तजिंदर सिंह विर्क शुभम मिश्रा को तलवार व लाठियों से मार रहे थे। साथ ही पत्थरबाजी भी की जा रही थी। उन्होंने रिपोर्ट लिख कर कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। अखिलेश यादव के साथ तजिंदर सिंह विर्क की कई तस्वीरें भी वायरल हुई हैं। बताया जा रहा है कि आजकल वो लाल की जगह हरी पगड़ी पहनता है। उसने अपने ट्विटर हैंडल पर अखिलेश यादव की सभाओं की तस्वीरें शेयर करते हुए ‘जय समाजवाद’ भी लिखा है।

फेसबुक 6 घंटे डाउन ही नहीं रहा, मार्क जुकरबर्ग को ₹52000 करोड़ का चोट भी दे गया: अमीरों की लिस्ट में गिरे

दुनिया भर में सोमवार (अक्टूबर 4, 2021) शाम तकरीबन 9 बजे अचानक फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हॉट्सएप की सेवाएँ ठप पड़ गईं। इससे आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। लगभग 6 घंटे तक सर्वर डाउन रहने के बाद सेवाएँ बहाल हुईं। लेकिन ये कुछ घंटे मार्क जुकरबर्ग के लिए भारी साबित हुए और उन्हें काफी बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। फेसबुक के को-फाउंडर और सीईओ जुकरबर्ग के नेटवर्थ में 7 अरब डॉलर (करीब 52190 करोड़ रुपए) की गिरावट आ गई है। इसके कारण वह अरबपतियों की लिस्ट में एक पायदान नीचे फिसल गए हैं।

ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के अनुसार, जुकरबर्ग अब बिल गेट्स से नीचे 5वें पायदान पर पहुँच गए हैं। आँकड़े बताते हैं कि सितंबर से अब तक उनके नेटवर्थ में करीब 19 अरब डॉलर की गिरावट आई है। अमेरिकी शेयर बाजार में फेसबुक के शेयर भी लुढक गए। शेयर में 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। शेयर सितंबर के मध्य से लेकर अब तक 15 फीसदी तक गिरा है। अब जुकरबर्ग की नेटवर्थ कम होकर 122 अरब डॉलर रह गई है। कुछ दिन पहले वह अमीरों की लिस्ट में चौथे नंबर पर थे। लेकिन अब वह फिर से बिल गेट्स से पिछड़ गए हैं। गेट्स 124 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ इस सूची में अब चौथे नंबर पर हैं।

13 सितंबर को वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इंटरनल डॉक्यूमेंट्स के आधार पर एक सीरीज पब्लिश की थी, जिसमें खुलासा किया गया कि फेसबुक अपने सभी प्रोडेक्ट की खामियों के बारे में अच्छे से जानता है। इनमें इंस्टाग्राम से युवा लड़कियों की मेंटल हेल्थ को होने वाले नुकसान और 6 जनवरी के कैपिटल दंगों के बारे में गलत सूचना की घटनाएँ शामिल हैं।

ये खुलासा सोमवार को एक Whistleblower ने किया। इसके जवाब में फेसबुक ने इस बात पर जोर दिया है कि राजनीतिक ध्रुवीकरण सहित उसके प्रोडेक्ट को लेकर हो रही समस्याएँ जटिल हैं और ये सब केवल टेक्नॉलॉजी की वजह से नहीं हुआ है। फेसबुक के वैश्विक मामलों के उपाध्यक्ष निक क्लेग ने सीएनएन को बताया, “मुझे लगता है कि लोगों की समझ के लिए ये जरूरी है कि यूएस में राजनीतिक ध्रुवीकरण के मुद्दों के लिए एक तकनीकी स्पष्टीकरण होना चाहिए।”

फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने यूजर्स को हुई इस खामी के लिए माफी भी माँगी है। फेसबुक ने भी एक बयान जारी कर कहा है कि लोगों और कारोबारियों को विश्व भर में हुई परेशानी के लिए वह खेद जताती है। हालाँकि फेसबुक ने यह नहीं बताया है कि इस तकनीकी खामी का कारण क्या रहा है। वहीं व्हाट्सऐप ने भी एक बयान जारी कर यूजर को हुई परेशानी के लिए माफी माँगी है। कहा गया कि व्हाट्सऐप की सेवाएँ धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं और तकनीकी गड़बड़ियों पर काम किया जा रहा है।

लखीमपुर खीरी: सपा नेता तजिंदर विर्क पर शुभम मिश्रा की हत्या के आरोप, पिता ने कहा- तलवार और लाठी-डंडे से मारा

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हिंसा के पीछे तजिंदर सिंह विर्क को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। सोशल मीडिया व मीडिया में उन्हें सपा नेता बताया जा रहा है। वो रुद्रपुर का निवासी है। कहा जा रहा है कि वो सपा के मुखिया अखिलेश यादव का करीबी भी है। उत्तराखंड दौरे के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उसके यहाँ रुके भी थे। बताया जा रहा है कि फ़िलहाल वो गाड़ी की चपेट में आने से घायल है और उसका इलाज चल रहा है।

इस घटना में शुभम मिश्रा नाम के एक व्यक्ति की भी हत्या कर दी गई, जिसका आरोप तजिंदर सिंह विर्क पर ही लगा है। शुभम मिश्रा के पिता ने अपनी शिकायत में कहा है कि वो कुश्ती प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए गए थे। उनका परिवार शिवपुरी मोहल्ला में रहता है। तिकुनिया के बनवीरपुर वो कुश्ती प्रतियोगिता में शामिल होने गए थे, जिसका उद्घाटन उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को करना था।

पिता विजय मिश्रा ने बताया है कि शुभम उसी गाड़ी में बैठे हुए थे, जिसको हरिओम मिश्रा ड्राइव कर रहे थे। ये लोग मुख्य अतिथि का स्वागत करने के लिए जा रहे थे। तभी कार्यक्रम स्थल से 3 किलोमीटर दूर बैठी अराजक तत्वों की भीड़ ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। उन्होंने इस मामले में लवकुश नाम के एक गवाह का नाम भी लिया है, जो कुश्ती प्रतियोगिता देखने जा रहे थे। ये घटना तिकुनिया तिराहे पर हुई।

गवाह के हवाले से बताया गया है कि अमनदीप सिंह सिंधु, महेंद्र सिंह और तजिंदर सिंह विर्क शुभम मिश्रा को तलवार व लाठियों से मार रहे थे। साथ ही पत्थरबाजी भी की जा रही थी। इस घटना में शुभम व हरिओम की मृत्यु हो गई। पिता ने बताया है कि शुभम की पर्स और सोने की चेन भी गायब है। उन्होंने बताया है कि लवकुश व आशीष ने उन्हें इस मामले की जानकरी दी, जिससे उन्होंने पुलिस को अवगत कराया है।

बेटे शुभम मिश्रा का अंतिम संस्कार करने के बाद पिता विजय मिश्रा ने पुलिस में इस मामले की शिकायत की। उन्होंने रिपोर्ट लिख कर कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। अखिलेश यादव के साथ तजिंदर सिंह विर्क की कई तस्वीरें भी वायरल हुई हैं। बताया जा रहा है कि आजकल वो लाल की जगह हरी पगड़ी पहनता है। उसने अपने ट्विटर हैंडल पर अखिलेश यादव की सभाओं की तस्वीरें शेयर करते हुए ‘जय समाजवाद’ भी लिखा है।

इसी तरह एक अन्य मृतक श्याम सुंदर निषाद का वीडियो भी सामने आया है। उनकी मॉब लिंचिंग कर दी गई। उनसे ‘किसान आंदोलनकारियों’ की भीड़ जबरन ये कबूल करने का दबाव बना रही थी कि वो ये बोलें कि मंत्री ने उन्हें किसानों को मारने के लिए भेजा है। भाजपा कार्यकर्ता श्याम सुंदर निषाद बार-बार ‘दादा… दादा, छोड़ दो’ की गुहार लगा रहे थे, लेकिन गुंडों का दिल नहीं पसीजा। उनसे जबरन कबुलवाया जा रहा था कि वो किसानों पर गाड़ी चढ़ाने आए हैं। उन्होंने जवाब दिया कि उन्हें मंत्री ने भेजा है, लेकिन इसके लिए नहीं।

लखीमपुर खीरी में हादसे से पहले गाड़ी पर ‘किसानों’ ने किया था हमला? वायरल वीडियो में दिखा टूटा विंडशील्ड

लखीमपुर खीरी हिंसा का एक नया वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है। इसमें अनियंत्रित गाड़ी विरोध कर रहे ‘किसानों’ के बीच से गुजरती दिखाई दे रही है। गाड़ी की विंडशील्ड टूटी हुई है। इसे देख ऐसा लगता है कि इस गाड़ी पर ‘किसानों’ की भीड़ ने पत्थरों और लाठियों से हमला किया होगा। इसकी वजह से घायल ड्राइवर ने गाड़ी से अपना नियंत्रण खो दिया होगा और दुर्घटना हो गई।

30 सेकंड की छोटी क्लिप को स्लो मोशन में देखने पर ‘किसान’ की भीड़ को काले झंडे पकड़े हुए रास्ते पर चलते देखा जा सकता है। पीछे से एक वाहन तेजी से आता है और प्रदर्शनकारियों को टक्कर मार देता है। हालाँकि, वीडियो में 7 सेकंड में प्रदर्शनकारी को टक्कर मारने से पहले गौर से देखने पर वाहन की विंडशील्ड दिखाई दे रही, जो कि टूटा हुआ था। इससे पता चलता है कि प्रदर्शनकारियों ने काफिले पर पत्थरों से हमला किया था। वाहन पर ऐसे हमले से ड्राइवर अपना नियंत्रण खो बैठा। कार के ड्राइवर को भी ‘किसानों’ की भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला। इसके अलावा तीन अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं को भी पीट-पीट कर मार डाला।

लाल घेरे में टूटी विंडशील्ड (साभार: वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट)

लखीमपुर खीरी में क्या हुआ था?

3 अक्टूबर को, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में भाजपा कार्यकर्ताओं पर ‘किसानों’ के हमले के बाद आठ लोगों की मौत हो गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, कथित किसानों का एक बड़ा समूह पिछले साल सितंबर में बनाए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में लखीमपुर खीरी में इकट्ठा हुआ था। डिप्टी सीएम का लखीमपुर खीरी का दौरा करने का कार्यक्रम था। प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए और भाजपा के वाहन पर पथराव कर दिया।

रिपोर्टों से पता चलता है कि वाहनों में से एक ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों को टक्कर मार दी, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने न केवल दो वाहनों को जला दिया बल्कि लोगों पर भी हमला किया। बताया जा रहा है कि एक ड्राइवर की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। सीएम योगी ने कहा कि घटना के पीछे जो भी लोग हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लखीमपुर खीरी में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

‘प्रियंका गाँधी से डर कर PM मोदी ने दुनिया भर में बंद करवा दिए फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप्प’: भड़के कॉन्ग्रेस नेता

फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप्प सोमवार (4 अक्टूबर, 2021) को रात 9 बजे के बाद से कई घंटों तक डाउन रहा। फेसबुक सर्वर में तकनीकी खामी से हुई इस गड़बड़ी के कारण इसके CEO मार्क ज़ुकरबर्ग को 600 करोड़ डॉलर (44,757 करोड़ रुपए) का नुकसान उठाना पड़ा। लेकिन, भारत में कॉन्ग्रेस नेताओं ने ये अफवाह फैलाई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान आंदोलन को दबाने के लिए तीनों एप्स बंद करवा दिए।

कॉन्ग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता उदित राज ने लिखा, “ऐसा लगता है कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने जानबूझ कर फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप्प को बंद करवा दिया। प्रियंका गाँधी, विपक्षी नेताओं और किसान आंदोलन को दबाने के लिए ऐसा किया गया।” उन्होंने इसके बावजूद ये सब लिखा, जब सुबह से ही इन एप्स पर कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता अपना प्रोपेगंडा आगे बढ़ा रहे थे और योगी सरकार को बदनाम कर रहे थे।

वहीं कॉन्ग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर राधिका खेरा ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए दावा किया, डरपोक मोदी सरकार ने व्हाट्सएप्प, फेसबुक, इंस्टाग्राम शाम से बंद करवा दिया। बाक़ी, गोदी मीडिया तो वैसे ही कंट्रोल में है। ना कुछ चलेगा, ना लोग खबर जानेंगे! लोकतंत्र को शांति मिले!” उन्होंने एक और ट्वीट कर के इस आरोप को दोहराया, जिस पर लोगों ने उनकी जम कर आलोचना की।

इसी तरह तमिलनाडु में यूथ कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष JMM हसन मौलाना ने लिखा, “प्रिय नरेंद्र मोदी जी, आप सोशल मीडिया के प्रोपेगंडा को रोक नहीं सकते हैं। इसीलिए, आपने ऐसा किया है। फेसबुक, व्हाट्सएप्प और इंस्टाग्राम के ऑपरेशन्स को ही सीज कर दिया।” उन्हें लोगों ने समझाया कि ये सेवाएँ तकनीकी खामी की वजह से पूरी दुनिया में ही बंद हैं, सिर्फ भारत में नहीं। रिप्लाई में उन्हें लोगों ने चीजें समझाई।

बता दें कि ये समस्या सोमवार रात करीब 9.15 बजे सामने आई थी। इसके बाद लोगों ने तुरंत ट्विटर पर प्रतिक्रियाएँ देनी शुरू कर दीं। इस आउटेज का असर अमेरिकी बाजार में फेसबुक के शेयरों पर भी नजर आया और कंपनी के शेयर 6% तक गिर गए। 2019 में फेसबुक में अब तक का सबसे बड़ा स्लोडाउन हुआ था। उस समय भी कंपनी ने सिर्फ इतनी ही जानकारी दी थी कि रूटीन मेंटेनेंस ऑपरेशन के दौरान कुछ खराबी आई थी।