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शाहरुख खान की बेटी सुहाना से क्लोज, पूजा बेदी की बेटी से रहे रिश्ते: जानिए कौन है आर्यन खान के साथ पकड़ा गया अरबाज मर्चेंट

मुंबई से गोवा जा रही एक क्रूज पर छापेमारी कर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने शाहरुख खान के बेटे आर्यन के अलावा जिन लोगों को पकड़ा है, उनमें एक नाम अरबाज सेठ मर्चेंट का भी है। आर्यन, अरबाज और मुनमुन धामेचा 7 अक्टूबर तक एनसीबी की कस्टडी में हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अरबाज मर्चेंट का नाम पहले भी कई बार सुर्खियों में आ चुका है। बताया जा रहा है कि आर्यन खान उसके साथ ही रेव पार्टी में पहुँचा था। अरबाज अक्सर ड्रग्स पार्टियों में जाता रहता है। खबर यह भी है कि अरबाज मर्चेंट के फोन की चैट से उसके ड्रग्स कनेक्शन का पता चला है, जिसकी एनसीबी जाँच कर रही है।

अरबाज को पहले भी कई बार स्टारकिड्स के साथ स्पॉट किया गया है। वह न केवल आर्यन का सबसे अच्छा दोस्त है, बल्कि शाहरुख की बेटी सुहाना के भी काफी क्लोज बताया जा रहा है। अभिनेत्री पूजा बेदी की बेटी अलाया फर्नीचरवाला से भी उसका नाम जुड़ चुका है। सोशल मीडिया दोनों की कुछ तस्वीरें सामने आई थीं, जिसके बाद खबरें आने लगी कि दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं

अरबाज मर्चेंट का इंस्टाग्राम अकाउंट

इंस्टाग्राम पर अरबाज ने अपने अकाउंट को प्राइवेट रखा है, जिसे 30 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। अरबाज को फॉलो करने वालों में आर्यन खान, सुहाना खान, शनाया कपूर, अलाया फर्नीचरवाला, अनन्या पांडे जैसे स्टारकिड्स शामिल हैं। अरबाज सेठ मर्चेंट फिलहाल एक्टिंग में किस्मत आजमा रहा है।

कौन हैं मुनमुन धामेचा?

आर्यन और अरबाज के साथ पकड़ी गई 23 साल की मुनमुन धामेचा फैशन मॉडल हैं। वह मध्य प्रदेश के एक बड़े बिजनसमैन की बेटी हैं। हालाँकि, अभी तक वह बिजनेसमैन कौन हैं इस बात का खुलासा नहीं हुआ है। सोशल मीडिया पर खासा एक्टिव रहने वाली मुनमुन ने इंस्टाग्राम पर अपने मॉडलिंग फोटोशूट और रैंप वाक की काफी तस्वीरें शेयर की हुई हैं।

कहा जा रहा है​ कि वह शायद मॉडलिंग के जरिए ही बड़े सिलेब्रिटीज के संपर्क में आई हैं। मुनमुन ने कई बॉलीवुड सिलेब्स के साथ अपनी तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर की हैं। इनमें अर्जुन रामपाल, गुरु रंधावा जैसे कई सिलेब्रिटीज शामिल हैं।

बता दें कि शनिवार को मुंबई के समुद्री क्रूज पर चल रही एक ड्रग्स पार्टी में एनसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त किए और 8 लोगों को हिरासत में लिया था। यह जहाज मुंबई से गोवा जा रहा था। एक पुख्ता टिप मिलने के बाद मुंबई जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े और अन्य एनसीबी अधिकारी जहाज में आम यात्रियों की तरह सवार हुए और ऑपरेशन को अंजाम दिया था।

इसके बाद शाहरुख़ के बेटे आर्यन को 12 घंटे तक चली लम्बी पूछताछ के बाद उसे चरस लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आर्यन खान पर अपने लेंस के डिब्बे में ड्रग्स छुपाकर रखने का आरोप है।

10वीं के छात्र का बनाया अश्लील वीडियो: धर्मांतरण और निकाह के लिए ब्लैकमेल करने वाली मंगोलपुरी की युवती मथुरा से गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के मथुरा में बंबे की पटरी इलाके से एक युवती को गिरफ्तार किया गया है। मुस्लिम युवती पर 10वीं के छात्र का अश्‍लील वीडियो बनाने और उस पर धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए दबाव डालने का आरोप है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह छात्र का धर्मांतरण कर उससे निकाह करना चाहती थी।

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीश चंद ने बताया, ”दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके की रहने वाली युवती ने एक साल पहले कोसीकलां क्षेत्र के एक गाँव के 10वीं में पढ़ने वाले छात्र से पहले सोशल मीडिया पर दोस्ती की थी। इसके बाद वह उसे प्यार का झाँसा देकर अपने साथ गुरुग्राम स्थित कमरे पर ले गई।”

पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि खुद को हिंदू बताने वाली युवती पर आरोप है कि उसने लड़के को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिला दिया, जिससे बाद वह बेहोश हो गया था। इस बीच उसने अपने साथियों के साथ मिलकर छात्र की अश्लील वीडियो बना ली। उनके मुताबिक, होश आने पर छात्र उन लोगों को बिना बताए वापस अपने घर आ गया। इसके बाद आरोपित युवती ने उसे फोन कर वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी और धर्म परिवर्तन कर निकाह के लिए दबाव बनाने लगी।

लड़के ने अपनी आपबीती घरवालों को बताई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर के आदेश पर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। आरोपित युवती को निकाह की बातचीत करने के बहाने मथुरा बुलाया गया, जहाँ शनिवार (2 अक्टूबर 2021) की रात बंबे की पटरी से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ पॉक्सो अधिनियम से संबंधित धाराओं क तहत मामला दर्ज कर लिया है और उसके साथियों की भी तलाश शुरू कर दी है।

‘ये राम राज्य नहीं किलिंग राज्य है’: लखीमपुर कांड को लेकर BJP पर टूट पड़ीं ममता; भूलीं बंगाल हिंसा, राजस्थान में किसानों को दौड़ाकर पीटा

उत्तर प्रदेश में लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर विपक्षी नेताओं के साथ-साथ क्षेत्रीय दल भी अपनी राजनीतिक चमकाने में लगे हुए हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लखीमपुर हिंसा को लेकर भाजपा पर हमला बोला है। ममता ने कहा, ”यह बहुत ही दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। इसकी निंदा करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। वे (भाजपा सरकार) लोकतंत्र में विश्वास नहीं करते, वे केवल निरंकुशता चाहते हैं। क्या यही है ‘राम राज्य’? नहीं। यह ‘किलिंग राज्य‘ है।”

वहीं, कॉन्ग्रेस शासित प्रदेश राजस्थान में किसानों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटने का वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि धान खरीदी शुरू करने की माँग को लेकर हनुमानगढ़ स्थित जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पर धरना दे रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है।

टीएमसी सुप्रीमो लखीमपुर में हुई घटना को लेकर भाजपा को कोस रही हैं, जबकि वह अपने राज्य में चुनावों के बाद हुई हिंसा को लेकर सबके निशाने पर रही हैं। बंगाल में ‘खेला होबे’ का नारा देकर कितने मासूमों को मौत के घाट उतार दिया गया, इस पर ममता बनर्जी का दर्द नहीं झलका।

मालूम हो कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के बहुमत में आते ही हिंसा का दौर शुरू हो गया था। इस दौरान टीएमसी के गुंडों द्वारा सबसे अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों को निशाना बनाया गया। बेलिहाता विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के 30 वर्षीय कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। इसके साथ ही पत्रकारों को भी निशाना बनाया गया। इस दौरान बंगाल पुलिस मूकदर्शक बनी रही।

जुलाई 2021 में NHRC की 7 सदस्यीय टीम ने 20 दिन में 311 से अधिक जगहों का मुआयना करने के बाद राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा पर अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसको लेकर ममता भड़क गई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, जाँच के दौरान टीम को राज्य के 23 जिलों से 1979 शिकायतें मिलीं। इनमें कई मामले गंभीर अपराध से संबंधित थे। इनमें से अधिकांश शिकायतें कूच बिहार, बीरभूम, बर्धमान, उत्तरी 24 परगना और कोलकाता की थीं। इनमें से अधिकांश मामले दुष्कर्म, छेड़खानी व आगजनी के थे और ये शिकायतें टीम के दौरा करने के दौरान उन्हें लोगों ने बताई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि उसे महिलाओं पर हुए अत्याचार की 57 शिकायतें राष्ट्रीय महिला आयोग से मिली थीं ।

रिपोर्ट में कहा गया था कि 9,300 आरोपितों में से पश्चिम बंगाल पुलिस ने केवल 1,300 को गिरफ्तार किया और इनमें से 1,086 जमानत पर रिहा हो गए। रिपोर्ट में ये भी कहा गया था कि कई मामलों में पीड़ितों को इंसाफ दिलाने की बजाय पुलिस ने उन्हीं पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दायर कर दिया था। साथ ही टीएमसी के गुंडों को बचाने के लिए प्राथमिक मामले से पहले की तारीख में पीड़ित के खिलाफ केस दर्ज किए गए, जो बेहद गंभीर धाराओं के अंतर्गत दर्ज किए गए थे।

गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी हिंसा की आंच पंजाब और हरियाणा में भी पहुँच चुकी है। केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे की गिरफ्तारी की माँग को लेकर पंजाब और हरियाणा में आक्रोशित किसानों ने सोमवार (4 अक्टूबर 2021) को दोनों राज्यों में कई स्थानों पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न स्थानों पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के पुतले फूँके और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ नारेबाजी की।

पैंडोरा पेपर्स में कॉन्ग्रेसी मंत्री और गाँधी परिवार के करीबी दोस्त का नाम, हजारों अरब डॉलर की अवैध संपत्ति से जुड़े मामलों की CBDT करेगी जाँच

दुनिया भर की 14 कंपनियों से मिलीं लगभग एक करोड़ 20 लाख फाइलों की समीक्षा में सामने आया है कि गाँधी परिवार के नजदीकी और कॉन्ग्रेस के दिवंगत नेता कैप्टन सतीश शर्मा की विदेशों में कई अघोषित संपत्तियाँ हैं। ‘पैंडोरा पेपर्स’ के नाम से ‘इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स’ (सीआईजे) ने यह रिपोर्ट जारी की है, जो 117 देशों के 150 मीडिया संस्थानों के 600 पत्रकारों की मदद से तैयार की गई है। इसमें बताया गया है कि विश्व के प्रभावशाली एवं भ्रष्ट लोगों ने हजारों अरब डॉलर की अवैध संपत्ति को छुपाने के लिए विदेश में खातों का इस्तेमाल किया।

इस मामले में भारतीय नाम आने के बाद केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सोमवार को कहा कि ‘पैंडोरा पेपर्स’ संबंधित मामले की सीबीडीटी चेयरमैन की अध्यक्षता में विभिन्न जाँच एजेंसियों का समूह जाँच करेगा। दरअसल, पैंडोरो पेपर्स मामले में विश्व के सैकड़ों नेताओं, अरबपतियों, मशहूर हस्तियों, धार्मिक नेताओं और ड्रग तस्करों के निवेशों का खुलासा किया गया है। इन निवेशों को पिछले 25 साल से हवेलियों, समुद्र तट पर बनीं विशेष संपत्तियों, नौकाओं और अन्य संपत्तियों के माध्यम से छुपाकर रखा गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, साल 1995 में कैमेन आइलैंड पर जन जेगर्स ट्रस्ट (Jan Zegers Trust) नाम से बनाए गए संस्था में कैप्टन सतीश शर्मा के परिवार के कम-से-कम 10 सदस्य लाभार्थियों में शामिल हैं। इनमें उनकी पत्नी स्टेरे, बच्चे और नाती-पोते शामिल हैं। ट्रस्ट को बाद में न्यूजीलैंड के कानून के तहत भी पंजीकृत किया गया था।

इसके अलावा, JZ II ट्रस्ट नाम का एक और ट्रस्ट था जिसे अक्टूबर 2015 में बनाया गया था। उस समय शर्मा कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सदस्य थे। इंडियन एक्सप्रेस की जाँच में शर्मा को उपरोक्त दो ट्रस्टों का संरक्षक और उनकी पत्नी स्टेरे को एक लाभार्थी के रूप में सूचीबद्ध पाया गया।

यह ध्यान देने योग्य है कि दिल्ली के पते पर सूचीबद्ध द कलाकर ट्रस्ट का स्वामित्व शर्मा पत्नी स्टेरे के पास है। साल 2010 के राज्यसभा नामांकन के दौरान शर्मा ने अपने हलफनामे में इसका जिक्र किया था। साल 2004 और 2010 में अपने राज्यसभा चुनावों के लिए नामांकन के दौरान शर्मा ने अपने हलफनामे में एम्स्टर्डम में स्टेरे के ‘पुश्तैनी घर’ के अलावा भारत के बाहर किसी अन्य अचल संपत्ति का कोई उल्लेख नहीं था।

रिपोर्ट में दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा गया है कि शर्मा ने तीसरे पक्ष के खातों के माध्यम से विभिन्न संस्थाओं को 0.9799 मिलियन यूरो, 0.1885 मिलियन अमेरिकी डॉलर और 2 लाख सिंगापुर डॉलर का भुगतान करने के लिए सहमति दी थी।

दिल्ली के वसंत विहार स्थित जम्मू-कश्मीर बैंक के खाते में रतन चड्ढा के माध्यम से स्टेरे शर्मा को कई खेपों में लगभग 4.28 करोड़ रुपये जमा किए जाने थे। ध्यान देने वाली बात है कि चड्ढा का नाम पनामा पेपर्स में था और वह एम्स्टर्डम में रहते हैं। उन्होंने 1995 में जन जेगर्स ट्रस्ट के गठन के दौरान आवश्यक दस्तावेजों पर “गवाह” के रूप में भी हस्ताक्षर किए हैं।

गौरतलब है कि शर्मा केंद्र में कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार में केंद्रीय पेट्रोलियम और गैस मंत्री थे। नामांकन के दौरान चुनाव आयोग के इसके बारे में उन्होंने कोई घोषणा नहीं की थी। वह गाँधी परिवार की पसंद वाली दो सीटों- अमेठी और बाद में रायबरेली लोकसभा सीट से सांसद बने थे।

दिवंगत शर्मा की पत्नी स्टेरे ने किसी भी गलत काम के दावों को खारिज किया और कहा कि ट्रस्टों का गठन उनके पिता द्वारा सेटलर के रूप में किया गया था। इसका उद्देश्य उनकी संपत्ति का प्रबंधन करना था, जिसमें उनके परिवार के सदस्य के शामिल थे।

पैंडोरा पेपर्स के खुलासे के अनुसार, इन गुप्त खातों के लाभार्थियों के रूप में 330 से अधिक वर्तमान और पूर्व नेताओं की पहचान की गई है। इनमें जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, चेक गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रेज बाबिस, केन्या के राष्ट्रपति उहुरू केन्याटा और इक्वाडोर के राष्ट्रपति गुइलेर्मो लासो के अलावा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दोनों के सहयोगी के नाम शामिल हैं। वहीं, तुर्की के कारोबारी अरमान इलिसाक और सॉफ्टवेयर निर्माता रेनॉल्ड्स एंड रेनॉल्ड्स के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी रॉबर्ट टी. ब्रोकमैन का नाम भी इसमें शामिल है।

लखीमपुर खीरी की घटना CM योगी की छवि को बदनाम करने की गहरी साजिश: ‘किसान’ आंदोलन से उपजी हिंसा से पैदा हुए यक्ष प्रश्न

‘किसान’ जो चाहते थे वह हो गया। धमकी कि भाजपा के एक भी नेता या मंत्री को निकलने नहीं दिया जाएगा, का क्रियान्वयन हो चुका है। किसानों द्वारा शुरू की गई हिंसा में ‘किसान’ और भाजपा कार्यकर्ताओं सहित आधा दर्जन से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। लखीमपुर खीरी में इस हिंसा के पश्चात राजनीतिक पर्यटन भी शुरू हो चुका है। प्रियंका गाँधी को कैमरे पर पुलिस वालों को धमकी देते हुए देखा गया। वे बता रही थीं कि चाहें तो पुलिस वालों को उन्हें मॉलेस्ट और किडनैप करने के आरोप में गिरफ्तार करवा दें।

सेक्युलर-लिबरल इकोसिस्टम के पत्रकार भी सक्रिय हैं। कई पत्रकारों ने फेक न्यूज़ ट्वीट किया और उसके वायरल होने के कुछ घंटे के बाद उन ट्वीट को डिलीट करके खुद के गले में सत्यवादी का तमगा भी टाँग लिया। राजनीतिक पर्यटन पर निकली प्रियंका गाँधी को क्रेडिट देने का कार्यक्रम शुरू हो चुका है। कई नेता लखीमपुर खीरी पहुँचने के लिए अपना-अपना सामान बाँध चुके हैं। अपने राज्य में समस्याओं से जूझने वाले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बघेल और पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी भी सब कुछ छोड़कर लखीमपुर पहुँचना चाहते हैं।

इस तरह की घटनाएँ जब होती हैं, तब आश्चर्य करने के लिए एक ही बात होती है और वो यह है कि सामान्य दिनों में अपने-अपने कार्यक्रमों में व्यस्त विपक्षी नेता कैसे ऐसी घटनाओं पर एक घंटे में ही तैयार होकर घटनास्थल की ओर रवाना हो लेते हैं।

पिछले सात वर्षों में बार-बार होने के कारण न तो ऐसी घटनाएँ आश्चर्यचकित करती हैं और न ही उससे फायदा उठाने का विपक्षी नेताओं का प्रयास। वैसे भी उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष चुनाव होने वाले हैं तो इतना करना तो बनता है। समस्या यह नहीं है, बल्कि समस्या इस सोच से है कि जहाँ कुछ न हो वहाँ कुछ कर दिया जाए और उसके बाद उसका रोना रोया जाए। विपक्षी दलों ने इस राजनीतिक दर्शन को पिछले कई वर्षों से अपना रखा है, बिना इस बात की परवाह किये कि इससे क्या हासिल हुआ या भविष्य में क्या हासिल हो सकता है।

जहाँ कानून-व्यवस्था की समस्या न हो, वहाँ पैदा करके उसे भुनाने का प्रयास ऐसी रणनीति है जो बहुत पुरानी है और जिसे वर्तमान में लगातार तेजी से बदल रहे राजनीतिक परिदृश्य में शायद बार-बार आजमाया नहीं जा सकता, पर विपक्ष है कि इस रणनीति को छोड़ने के लिए तैयार ही नहीं है। रणनीति कितनी सफल या असफल रही है, यह बहस का विषय रहेगा।

लखीमपुर से हिंसा की जो तस्वीरें और वीडियो आए हैं उनसे इस सोच को बल मिलता है कि हिंसा योजनाबद्ध तरीके से की गई है। अचानक होने वाली हिंसा में पिटने वाले व्यक्ति के मुँह पर कपड़ा या मास्क नहीं है पर पीटने वाले ने मुँह पर कपड़ा लपेट रखा है। इसके पीछे क्या कारण हो सकता सिवाय इसके कि पीटने वाले की शिनाख्त न हो सके। योजनाबद्ध तरीके से की गई हिंसा का एक उद्देश्य यह है कि भाजपा समर्थकों और कार्यकर्ताओं के मन में वही भ्रम पैदा करना है, जो भ्रम पश्चिम बंगाल के भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के मन में पैदा हुआ है कि पार्टी उनकी सुरक्षा के बारे में कुछ नहीं सोचती।


भाजपा शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों में योगी आदित्यनाथ की छवि एक कुशल प्रशासक और बिना किसी लाग लपेट के कानून का राज स्थापित करने वाले नेता की है। उनकी कार्यशैली उन्हें एक ऐसे ब्रांड के रूप में प्रस्तुत करती है जो निडर है और हर हाल में उस उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थापना के लिए कटिबद्ध है, जो गुंडागर्दी के लिए बदनाम रहा है। ऐसे में यदि इस छवि को धक्का पहुँचाया जाए तो उस कार्यकर्त्ता और समर्थक के मन में उनकी कुशलता को लेकर भ्रम पैदा किया जा सकता है, जिसके मन में उनकी क्षमता को लेकर कोई संशय नहीं है। जो उन्हें नेतृत्व के लिहाज से श्रेष्ठ मानता है।

अब देखना यह होगा कि लखीमपुर में जो कुछ हुआ उससे योगी सरकार कैसे निपटती है। चूँकि हिंसा किसानों के नाम पर की गई है तो कोई भी सरकार या उसका नेतृत्व ऐसी किसी कार्रवाई से बचेंगे जो किसानों को नाराज कर सकती है, लेकिन यहीं योगी आदित्यनाथ की परीक्षा है। हर नेता किसी भी परिस्थिति में अपनी राजनीतिक पूँजी का ह्रास नहीं चाहता पर यदि उसकी कीमत दल के वही कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने इस राजनीतिक पूँजी को जमा करने में अपना पसीना बहाया है तब किसी भी कुशल नेतृत्व के लिए यह विचारणीय प्रश्न होगा कि यह कीमत कितनी बड़ी या छोटी है और क्या इसी कीमत पर राजनीतिक पूँजी की रक्षा संभव है?

यह प्रश्न केवल उत्तर प्रदेश में भाजपा के प्रदेश नेतृत्व के लिए ही नहीं बल्कि बल्कि दल के केंद्रीय नेतृत्व के लिए भी है। कार्यकर्ता नहीं तो दल के समर्थक ऐसा मानते रहे हैं कि केंद्रीय नेतृत्व अभी तक ‘किसानों’ द्वारा की गई तमाम हरकतों के प्रति उदासीन रहा है। ऐसे में समर्थकों और कार्यकर्ताओं के मन में फिर से आत्मविश्वास पैदा करने के लिए दल के केंद्रीय और प्रदेशीय नेतृत्व को निर्णायक कदम उठाने होंगे। जब चुनाव अधिक दूर नहीं है, नेतृत्व के पास निर्णायक कदम के लिए राजनीतिक जमीन कितनी है, यह देखना दिलचस्प होगा।

कौन हैं आर्यन खान के साथ गिरफ्तार मुनमुन धामेचा, सोशल मीडिया पर कई तस्वीरों से हुआ खुलासा

मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने रविवार (3 अक्टूबर 2021) को आर्यन खान के साथ अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धामेचा को भी गिरफ्तार किया था। NCB ने तीनों आरोपितों की 11 अक्टूबर तक कस्‍टडी माँगी है जिस पर उन्हें 7 अक्टूबर तक की कस्टडी दे दी गई है। आर्यन खान को तो हम सभी जानते हैं, आइए आपको बताते हैं मुनमुन धामेचा के बारे में, जिन्हें पहले से बहुत कम ही लोग जानते होंगे। जो शाहरुख खान के बेटे के साथ NCB की कस्टडी में हैं।

23 साल की मुनमुन धामेचा एक फैशन मॉडल हैं। वह मध्य प्रदेश के एक बड़े बिजनसमैन की बेटी हैं। हालाँकि, अभी तक वह बिजनेसमैन कौन हैं इस बात का खुलासा नहीं हुआ है। सोशल मीडिया पर खासा एक्टिव रहने वाली मुनमुन ने इंस्टाग्राम पर अपने मॉडलिंग फोटोशूट और रैंप वाक की काफी तस्वीरें शेयर की हुई हैं।

कहा जा रहा है​ कि वह शायद मॉडलिंग के जरिए ही बड़े सिलेब्रिटीज के संपर्क में आई हैं। मुनमुन ने कई बॉलीवुड सिलेब्स के साथ अपनी तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर की हैं। इनमें अर्जुन रामपाल, गुरु रंधावा जैसे कई सिलेब्रिटीज शामिल हैं।

एक अन्य मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुनमुन काफी समय से दिल्ली में रह रही हैं। मुनमुन की माँ का पिछले साल निधन हो गया था। इससे पहले उनके पिता की मौत हो चुकी है। मुनमुन का एक भाई भी है, जिसका नाम प्रिंस धामेचा है। बताया जा रहा है कि प्रिंस दिल्ली में ही नौकरी करता है। मॉडल ने मध्य प्रदेश के सागर से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद कई दिनों तक भोपाल में रहीं। इसके बाद वह अपने भाई प्रिंस के पास दिल्ली चली आई थीं।

बता दें कि शनिवार को मुंबई के समुद्री क्रूज पर चल रही एक ड्रग्स पार्टी में एनसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त किए और 8 लोगों को हिरासत में लिया था। यह जहाज मुंबई से गोवा जा रहा था। एक पुख्ता टिप मिलने के बाद मुंबई जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े और अन्य एनसीबी अधिकारी जहाज में आम यात्रियों की तरह सवार हुए और ऑपरेशन को अंजाम दिया था।

इसके बाद शाहरुख़ के बेटे आर्यन को 12 घंटे तक चली लम्बी पूछताछ के बाद उसे चरस लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आर्यन खान पर अपने लेंस के डिब्बे में ड्रग्स छुपाकर रखने का आरोप है।

‘रोकने की कोशिश हुई तो अर्थी पर जाएँगे’: दूल्हा-बाराती बन लखीमपुर जा रहे थे कॉन्ग्रेसी, वहीं सपाइयों ने दरोगा को पीटा, देखें वीडियो

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में सोमवार (4 अक्टूबर 2021) को सपा और कॉन्ग्रेस के लोगों ने लखीमपुर मामले का माखौल उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। दरअसल, लखीमपुर खीरी में धारा-144 लागू होने के बावजूद कॉन्ग्रेस के कुछ लोगों ने बाराती और दुल्हा बनकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश की। एनबीटी ने इसका वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर शेयर किया है।

वीडियो में दुल्हे के वेश में नजर आने वाला शख्स कह रहा है, ”प्रियंका गाँधी के साथ-साथ प्रदेश के विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया और लखीमपुर जाने पर प्रतिबंध लगाया गया। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस को गच्चा देने के लिए हम लोग बाराती के वेश में अब लखीमपुर पहुँचने का प्रयास कर रहे हैं। हम एक बारात की टोली में लखीमपुर जाएँगे और वहाँ प्रियंका गाँधी, जिन्हें हिरासत में लिया गया है, उनसे भेंट करेंगे। इसके साथ ही किसानों से उनका दर्द साझा करेंगे।”

मीडियाकर्मी ने जब उस शख्स से सवाल किया कि वहाँ मौत हुई है और आप दुल्हा के वेश में जा रहे हैं, इस पर वह कहता है, ”प्रशासन और सरकार जिस तरह से लगातार हमें रोकने की कोशिश कर रही है, ऐसे में हमको किसी ना किसी रूप में वहाँ पहुँचना ही है। इसके बाद भी अगर हमें उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन रोकने का प्रयास करती है तो हम लोग अर्थी पर सवार होकर लखीमपुर पहुँचने की कोशिश करेंगे।” हालाँकि, पुलिस ने समय रहते इन सभी को प्रयागराज में ही रोक लिया।

इसी बीच लखनऊ समेत कई स्थानों पर पुलिस और प्रशासन के साथ समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की झड़प की खबर है। बताया जा रहा है कि लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के सामने ही पुलिस के एक दारोगा की जमकर धुनाई कर डाली। अखिलेश यादव इस दौरान अपने कार्यकर्ताओं को रोकते रहे, लेकिन पार्टी के समर्थकों ने लगातार दारोगा की पिटाई जारी रखी। इस पूरी घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है।

गौरतलब है कि धारा-144 लगने के बावजूद प्रियंका गाँधी अपने कुछ लोगों के साथ लखीमपुर खीरी जा रही थीं। इस दौरान वह सीतापुर जिले की पुलिस पर चिल्लाते हुए कह रही हैं, ”आप एक अरेस्ट का वारंट निकालो, मुझे हथकड़ी पहनाओ और ले चलो, मुझे बिल्कुल मंजूर है। बताओ मुझे किस आधार पर रोक रहे हो।” इसके बाद पुलिस ने सोमवार (4 अक्टूबर 2021) सुबह प्रियंका को हिरासत में लिया गया था। अब वह सीतापुर जिले के साफ सुधरे PAC Guest House में झाड़ू लगा रही हैं। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल, विपक्षी नेता प्रशासन के मना करने के बावजूद लखीमपुर जाकर किसानों से मिलना चाहते हैं। रोके जाने पर अखिलेश यादव लखनऊ में सड़क पर ही धरने पर बैठ गए थे, जिसके बाद उनको भी हिरासत में लिया गया।

केरल के मोहम्मद शान ने हथौड़े से किया 6 साल के बच्चे का बेरहमी से कत्ल, बीवी से अलगाव के लिए सास-साली को मानता था जिम्मेदार

केरल के इडुक्की जिले के निवासी मोहम्मद शान ने पारिवारिक विवाद में मानवता के सभी मूल्यों को धता बताते हुए अपने रिश्ते में आने वाले 6 साल के एक बच्चे की हथौड़े से मार हत्या कर दी। इसके अलावा उसने परिवार की 2 अन्य महिलाओं को बुरी तरह से घायल कर दिया।

यह प्रकरण 3 अक्टूबर 2021 दिन रविवार का बताया जा रहा है। वंदीपेरियार का रहने वाला मोहम्मद शान इडुक्की के अमाक्कंदम स्थित अपने ससुराल सुबह लगभग 3 बजे दबे पाँव पहुँचा। सबसे पहले उसने नानी साइनबा के साथ गहरी नींद में सो रहे 6 साल के बच्चे अब्दुल फरहत रिहान उर्फ अल्ताफ के सिर पर जोर से हथौड़ा मारा। अल्ताफ की मौके पर ही मौत हो गई। उसने हथौड़े का अगला वार 70 वर्षीया साइनाबा पर किया, जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गई।

मोहम्मद शान ने अगला वार बच्चे की माँ साफिया पर किया और उसे भी बुरी तरह घायल कर दिया। साइनबा और साफिया का गंभीर अवस्था में इलाज़ स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। मोहम्मद शान उसी घर में मौजूद 15 वर्षीया किशोरी अश्नी को भी मार डालना चाहता था पर अश्नी के मचाये शोर के बाद मौके पर कई लोग जमा होने लगे और मोहम्मद शान भाग निकला।

इस मामले में वेल्लाथुवल पुलिस ने फ़ौरन ही कार्रवाई शुरू की और हत्यारोपित मोहम्मद शान को गिरफ्तार कर लिया। वारदात के बाद शान लगातार अपना फोन बंद रखे हुए थे पर जैसे ही उसने थोड़ी देर के लिए अपना फोन ऑन किया वैसे ही पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर उसको खोज निकाला। इस पूरे मामले में पुलिस को पोस्टमार्टम का इंतज़ार है।

जनसत्ता के अनुसार, केरल पुलिस के सूत्रों ने इस पूरे प्रकरण को पारिवारिक विवाद बताया है। इसी विवाद के चलते हत्यारोपित मोहम्मद शान और उसकी बीवी अलग-अलग रह रहे थे। अपनी बीवी से होने वाले विवाद की वजह मोहम्मद शान अपने ससुराल वालों, खासकर साफिया और साइनाबा को मानता था।

‘बेपरवाह है रवैया’: चुनावी हिंसा पीड़ितों को मुआवजा न देने पर ममता सरकार को HC ने फटकारा, अगली सुनवाई 8 नवंबर को

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामले में सोमवार (अक्टूबर 4, 2021) को सीबीआई और एसआईटी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में अपनी सीलबंद रिपोर्ट सौंप दी। उन्होंने यह रिपोर्ट कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ के समक्ष सीलबंद लिफाफे में पेश की।

मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ममता सरकार को कड़ी फटकार लगाई। दरअसल ममता सरकार ने अभी तक हिंसा पीड़ितों को मुआवजा नहीं दिया है। इस पर ऐतराज जताते हुए हाई कोर्ट ने इसे उनका लापरवाही वाला रवैया बताया।

कार्यवाहक चीफ जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा, “यह एक गंभीर मामले को लेकर राज्य के बेपरवाह रवैया को दर्शाता है।” मामले में अब अगली सुनवाई 8 नवंबर को होगी। 

बता दें कि पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार को राज्य की नीति के अनुसार अपराध के पीड़ितों को मुआवजा देने का आदेश दिया था और निर्देश दिया था कि राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाए।

उल्लेखनीय है कि कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के दौरान बलात्कार और हत्या जैसे सभी जघन्य मामलों में एनएचआरसी की समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने के बाद अदालत की निगरानी में सीबीआई जाँच का निर्देश दिया था।

विधानसभा चुनावों के बाद कथित हिंसा की स्वतंत्र जाँच के अनुरोध को लेकर दाखिल जनहित याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए अदालत ने अन्य सभी मामलों में जाँच की। निगरानी के लिए पश्चिम बंगाल कैडर के तीन आईपीएस अधिकारियों की एक एसआईटी के गठन का भी आदेश दिया था।

पीठ में आईपी मुखर्जी, हरीश टंडन, सौमेन सेन और सुब्रत तालुकदार अन्य सदस्य हैं। पीठ ने निर्देश दिया कि दोनों जाँच की निगरानी उच्च न्यायालय द्वारा की जाएगी और सीबीआई तथा एसआईटी को अपनी स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।

बाद में पीठ ने एसआईटी के कामकाज का ‘अवलोकन’ करने के लिए केरल उच्च न्यायालय, कलकत्ता उच्च न्यायालय और बम्बई उच्च न्यायालय की पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मंजुला चेल्लूर को नियुक्त किया था। अदालत ने निर्देश दिया था कि मामले को आगे की सुनवाई के लिए चार अक्टूबर को एक खंडपीठ के समक्ष रखा जाएगा।

राज्य में 2 मई को चुनाव परिणाम तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के पक्ष में आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं व समर्थकों के खिलाफ जम कर हिंसा हुई थी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा है कि अपराध के ऐसे अन्य मामलों की जाँच के लिए एक विशेष टीम करेगी, जिसकी कार्यवाही की निगरानी खुद उच्च-न्यायालय करेगा।

आर्यन खान, अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धामेचा की कस्टडी बढ़ी: 7 अक्टूबर तक रहेंगे NCB की हिरासत में, नहीं मिली बेल

मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान, अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमेचा को 7 अक्टूबर 2021 तक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की हिरासत में भेज दिया गया है।

आर्यन खान की व्हाट्सएप चैट में पैसों की लेनदेन का खुलासा भी हुआ है। चैट में सामने आया है कि उन्होंने बैंक ट्रांजैक्शन के लिए कैश की माँग की है। कुछ चैट 21 जुलाई की हैं तो कुछ पुरानी हैं। चैट्स में गाँजे के बारे में बात हुई है। प्रॉसिक्यूशन ने मजिस्ट्रेट को यह चैट्स दिखाई भी है।

इस दौरान मजिस्ट्रेट ने एनसीबी से आर्यन की कस्टडी को लेकर सवाल किया। इस पर एनसीबी ने कहा कि उन्हें आर्यन खान की कस्टडी की जरूरत इसलिए है, क्योंकि वह पता लगाना चाहते हैं कि उन्हें पार्टी में क्यों बुलाया गया था और वह किन केबिन में रुके थे। इस पर आर्यन के वकील सतीश मानशिंदे ने कहा, ”आर्यन खान को शिप में ड्रग्स बेचने की जरूरत नहीं है। वह शिप में क्यों गए थे इस मामले में एनसीबी का कोई काम नहीं। आर्यन चाहे तो पूरा शिप खरीद सकते हैं।”

बता दें कि शनिवार को मुंबई के समुद्री क्रूज पर चल रही एक ड्रग्स पार्टी में एनसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त किए और 10 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें आर्यन खान, अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धामेचा भी शामिल हैं। यह जहाज मुंबई से गोवा जा रहा था। एक पुख्ता टिप मिलने के बाद मुंबई जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े और अन्य एनसीबी अधिकारी जहाज में आम यात्रियों की तरह सवार हुए और ऑपरेशन को अंजाम दिया था।