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ISI के इशारे पर तालिबान में बनी सरकार: जिसे बनना था PM उसे किया दरकिनार, इस्लामाबाद के ‘दोस्त’ को मिला पद

अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा अंतरिम सरकार के गठन की घोषणा करने के कुछ दिनों बाद ही ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के साथ बेहतर संबंधों के कारण कार्यवाहक प्रधानमंत्री चुना गया था।

वैश्विक मंच पर तालिबान के सह-संस्थापक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर के कद और उसके विचारों को देखते हुए शुरुआत में उसे इस्लामिक अमीरात के कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त करने का अनुमान लगाया था। उसे दुनिया भर के चर्चित नेताओं के बीच स्थान प्राप्त है। हालाँकि, पाकिस्तान के इशारे पर तालिबान ने बरादर को उससे कमतर तालिब यानी मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद के लिए दरकिनार कर दिया और नंबर दो पर रखा। तालिबानी शासन ने उसे उप-प्रधानमंत्री का पद दिया।

ब्लूमबर्ग न्यूज के मुताबिक, हक्कानी नेटवर्क के लिए खतरा न होने के अलावा, मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद के इस्लामाबाद के साथ घनिष्ठ संबंध भी थे। हसन को तालिबान के दिग्गज नेता उर्फ मौलवी हैबतुल्ला अखुंदजादा ने नियुक्त किया था।

ब्लूमबर्ग न्यूज ने आगे बताया कि मुल्ला अब्दुल गनी बरादर पर काबुल के प्रेसिडेंशियल पैलेस में हक्कानी नेटवर्क के आतंकवादी खलील उल रहमान हक्कानी ने हमला भी किया था। यह घटना सितंबर की शुरुआत में अंतरिम कैबिनेट गठन पर चर्चा के दौरान हुई थी। कथित तौर पर, बरादर दुनिया को नए तालिबान का उदाहरण पेश करना चाहता था। इसके लिए वो जातीय अल्पसंख्यकों और गैर-तालिबों को भी अपनी कैबिनेट में शामिल करना चाहता था, लेकिन हक्कानी इस विचार से सहमत नहीं था, जिसके चलते बरादर पर हमला कर दिया। उस दौरान हाथापाई जल्द ही मारपीट में बदल गई थी। बॉडीगार्ड्स द्वारा की फायरिंग में कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जबकि कुछ लोगों की मौत हो गई थी।

बरादार पर हक्कानी नेटवर्क के आतंकी ने किया था हमला

ब्लूमबर्ग न्यूज ने बताया कि बरादार इस हमले में घायल नहीं हुआ था, वह मौलवी हैबतुल्ला अखुंदजादा से इस पर बात करने के लिए काबुल से कंधार गया था। हक्कानी नेटवर्क के अंतरिम कैबिनेट में चार सदस्य हैं, जिनमें एफबीआई का मोस्ट वांटेड आतंकवादी सिराजुद्दीन हक्कानी भी शामिल है। उसे इस्लामिक अमीरात का कार्यवाहक गृह मंत्री नियुक्त किया गया।

बरादर ने पाकिस्तान की जेल में 8 साल बिताए थे और पिछले साल डोनाल्ड ट्रम्प सरकार के निर्देश पर उसे रिहा किया गया था। बरादार के ‘उदारवादी विचारों’ ने इस्लामाबाद और हक्कानी नेटवर्क दोनों के लिए खतरा पैदा कर दिया था, जिस कारण उसे किनारे कर दिया गया।

मुल्ला बरादर ने तालिबान में आंतरिक कलह से किया इनकार

तालिबान के सह-संस्थापक और कार्यवाहक उप-प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ने तालिबान के भीतर आंतरिक कलह होने का खंडन किया था। उसने इस बात से भी इनकार किया था कि वह काबुल में राष्ट्रपति भवन में हुए एक संघर्ष में घायल हुआ था। बरादर ने अफगान राष्ट्रीय टीवी के साथ एक इंटरव्यू में पिछले हफ्ते काबुल में राष्ट्रपति भवन में हुए विवाद में घायल होने या यहाँ तक ​​कि मारे जाने की अफवाहों का खंडन करते हुए कहा था, ”नहीं, यह बिल्कुल भी सच नहीं है। अल्लाह का शुक्रिया अदा करो मैं पूरी तरह से ठीक हूँ।”

गौरतलब है कि 7 सितंबर को अफगानिस्तान में तालिबान ने अपनी अंतरिम सरकार का गठन किया था। उन्होंने काउंसिल का हेड व प्रधानमंत्री मुल्ला हसन अखुंद को नियुक्त किया था, जबकि अब्दुल गनी बरादर को देश का डिप्टी पीएम बनाया था। वहीं, मुल्ला याकूब को रक्षा मंत्री और अल्हाज मुल्ला फजल को मिलिट्री चीफ बनाने का फैसला लिया गया था।।

इसके अलावा काबुल के एक होटल में 2008 में हुए आतंकी हमले में मोस्ट वॉन्टेड रहे सिराजुद्दीन हक्कानी को गृह मंत्री का पद दिया गया। सिराजुद्दीन हक्कानी एक ग्लोबल आतंकी है। वह भारतीय दूतावास पर हुए हमले में भी शामिल रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सिराजुद्दीन हक्कानी की जानकारी देने पर 50 लाख अमेरिकी डॉलर का ऐलान किया था। उसके संबंध अल कायदा से भी रहे हैं। उसने पाकिस्तान में रहते हुए अफगानिस्तान में कई हमले करवाए थे। उसने अमेरिकी व नाटो सेनाओं को भी निशाना बनाया था। साल 2008 में हामिद करजई की हत्या की साजिश रचने के मामले में भी सिराजुद्दीन हक्कानी शामिल था।

‘अतीत को भूल कर जैसा चाहूँ, वैसा भविष्य बना सकती हूँ’: राज कुंद्रा से तलाक लेंगी शिल्पा शेट्टी? इंस्टा पर की ‘न्यू एंडिंग’ की बात

बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी पति राज कुंद्रा के पॉर्नोग्राफी केस में जेल जाने के बाद से खासा परेशान नजर आ रही हैं। इस बीच शिल्पा ने शनिवार (18 सितंबर) को अपने इंस्टाग्राम की स्टोरी में अमेरिकन लेखक कार्ल बार्ड की किताब का एक पेज शेयर किया है। इसमें उन्होंने अपने भविष्य के बारे में बताने की कोशिश की है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि वह जल्द ही अपनी जिंदगी से जुड़ा बड़ा फैसला ले सकती हैं। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में तो यह भी कहा जा रहा है कि वह जल्द ही राज कुंद्रा से तलाक ले सकती हैं।

दरअसल, शिल्पा ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर जो पेज शेयर किया है उसमें लिखा है, ”हालाँकि कोई भी वापस नहीं जा सकता, लेकिन एक नई शुरुआत कर सकता है। कोई भी अभी से शुरू करके ब्रांड न्यू एंडिंग कर सकता है। पेज में एक जगह यह भी लिखा गया है कि हम अपने गुजरे हुए कल को बदल नहीं सकते हैं, भले ही उस पर जितना भी सोच विचार कर लें, लेकिन हम सही फैसले लेते हुए आगे बढ़ सकते हैं।”

शिल्पा ने अपने इंस्टाग्राम की स्टोरी में अमेरिकन राइटर कार्ल बार्ड की किताब का एक पेज शेयर किया

किता​ब के पेज के माध्यम से उन्होंने बताया, ”इंसान अपना काफी समय अपने खराब फैसलों और गलतियों के बारे में सोचने में बिता देता है। हम अपना काफी समय ये सोचने में बर्बाद कर देते हैं कि हमने गलत फैसले लिए हैं। काश हम स्मार्ट होते, धैर्यवान होते या बहुत अच्छे होते। हम अपने बीते हुए कल को बदल नहीं सकते चाहे जितना भी सोच विचार कर लें, लेकिन हम सही फैसले लेते हुए आगे बढ़ सकते हैं। पुरानी गलतियों को ना दोहराते हुए अपने आस-पास के लोगों के साथ अच्छे रहें। हमारे पास खुद को बदलने या रिइंवेंट करने के कई मौके हैं।” इस नोट के आखिर में लिखा गया है, “जो मैंने अतीत में किया उससे मुझे न समझा जाए। मैं जो चाहती हूँ वैसा फ्यूचर बना सकती हूँ।”

बता दें कि मुंबई पुलिस ने राज कुंद्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। 1500 पन्नों की चार्जशीट में 47 गवाहों के नाम दिए गए हैं। इस चार्जशीट में शिल्पा शेट्टी का पूरा बयान शामिल किया गया है, जो उन्होंने पुलिस को दिया है। मुंबई पुलिस ने हाल ही में शिल्पा शेट्टी के घर पहुँच कर उनसे पूछताछ की थी। अभिनेत्री ने कथित तौर पर मुंबई पुलिस को बताया कि वह अपने काम में बहुत व्यस्त थी, जिसकी वजह से उन्हें राज कुंद्रा के काम के बारे में पता नहीं है।

ISIS से प्रेरित 37 घटनाएँ, 168 गिरफ्तार: सोशल मीडिया से जिहाद फ़ैलाने वालों के बारे में अब सीधे NIA को बताइए, कॉल करें 011-243** पर

सोशल मीडिया के जरिए बढ़ती कट्टरता से निपटने के लिए देश की प्रमुख जाँच एजेंसी राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने सोशल मीडिया पर आतंकी संगठन ISIS की विचारधारा का प्रचार करने अथवा युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की कोशिश करने वाले लोगों के खिलाफ आम लोगों को सूचित करने या शिकायत दर्ज करने के लिए एक हॉटलाइन नंबर 011-24368800 जारी किया है।

NIA ने बड़ी संख्या में आतंकी फंडिंग साजिश और हमले से जुड़े मामलों की जाँच की है, जिसमें 37 ऐसे मामले पाए गए हैं, जिनमें आरोपित ISIS से प्रेरित थे। सबसे ताजा मामला NIA ने जून 2021 में दर्ज किया गया था। NIA ने कुल 168 आरोपितों की गिरफ्तारी की थी, जिनमें से 31 मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और 27 आरोपितों को विशेष NIA अदालत ने दोषी ठहराया है।

इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एँड सीरिया (ISIS) मध्य पूर्व के कुख्यात आतंकवादी संगठनों में से एक है। अपनी क्रूर हिंसा और नागरिकों पर हमलों के लिए कुख्यात संगठन इसके जरिए दुनियाभर में इस्लामिक राज्य स्थापित करना चाहता है।

लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को इस बात की चिंता सता रही है कि ISIS लगातार सोशल मी़डिया के जरिए अपना प्रचार करते हुए भारत में अपना जाल फैला रहा है। भारत में इसके फैलाव को देखें तो अधिकतर ISIS मॉड्यूल, भर्ती, कट्टरता और आतंकी संगठन में शामिल होने के मामले केरल से सामने आए हैं। खासकर उत्तरी केरल सुरक्षा एजेंसियों की जाँच के दायरे का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

ऐसे फंसाते हैं युवाओं को

आतंकी संगठन ISIS भोले-भाले य़ुवाओं को फँसाने के लिए फेसबुक, ट्विटर, टेलीग्राम, हूप इंस्टाग्राम जैसे ओपन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहा है। जैसे ही कोई एक बार जब इनमें दिलचस्पी दिखाता है तो विदेशों में बैठे ISIS हैंडलर डार्क वेब जैसे एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को कट्टर बनाना शुरू कर देते हैं। हैंडलर उन्हें ISIS साहित्य अपलोड करने और फैलाने, ऑनलाइन सामग्री तैयार करने, स्थानीय भाषाओं में आतंकी साहित्य का अनुवाद करने, मॉड्यूल स्लीपर सेल तैयार करने, हथियार और गोला-बारूद इकट्ठा करने, आईईडी इकट्ठा करने, आतंकी फंडिंग के साथ हमला करने के लिए उकसाता है।

आतंकी संगठन युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने के लिए भारत को फोकस करके एक ऑनलाइन मासिक पत्रिका ‘वॉयस ऑफ हिंद‘ प्रकाशित करता है। ऐसे कई उदाहरण मिल जाएँगे जहाँ ISIS के स्थानीय आतंकियों ने उसके मॉड्यूल को स्थापित किया, जो कि अलग-अलग नामों से चल रहे हैं। उदाहरण के तौर पर देखें तो जनवरी 2020 में तमिलनाडु पुलिस के विशेष उप-निरीक्षक वाई विल्सन की हत्या की जाँच के दौरान ये जानकारी सामने आई थी कि ISIS के गुर्गे अब्दुल शमीम और तौफीक ISIS के अल-हिंद मॉड्यूल से जुड़े हुए थे।

जाँच में इस बात का पता चला था कि खाजा मोइदीन और महबूब पाशा ने भारत में आतंकी संगठन ISIS के उद्देश्यों को पूरा करने और इस्लामी शासन स्थापित करने के लिए खिलाफत करने की कोशिश में थे। इसके अलावा ISIS का एक अन्य मॉड्यूल हिज़्ब-उत-तहरीर है, जिसका भंडाफोड़ कर्नाटक के बेंगलुरू में किया गया था। इस संगठन का को भारत में हिंदू नेताओं की हत्या करने का काम सौंपा गया था।

इसके अलावा कई उदाहरण ऐसे भी हैं, जिनेमें ISIS के रंगरूटों को हथियार चलाने और आईईडी बनाने का प्रशिक्षण देने के लिए दक्षिण भारतीय राज्यों के घने जंगल में आतंकी प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किए गए थे। इस बात का खुलासा उस दौरान हुआ था, जब एनआईए केरल में ISIS से जुड़े एक केस (आरसी 02/2020/एनआईए/डीएलआई) की जाँच कर रही थी। इसमें खुलासा हुआ था कि ISIS के गुर्गों ने सीक्रेट कम्यूनिकेशन माध्यम डार्क वेब के जरिए अपने विदेशी हैंडलरों से आईईडी बनाया था औऱ उसकी टेस्टिंग भी की थी। आतंकी प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने के लिए कैंपिंग उपकरण खरीदे गए थे।

कॉन्ग्रेस आलाकमान ने CM अमरिंदर से माँगा इस्तीफा, कैप्टन ने दी पार्टी छोड़ने की धमकी: पंजाब में बुलाई गई बड़ी बैठक

पंजाब कॉन्ग्रेस इकाई में रार थमने का नाम ही नहीं ले रहा। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रदेश इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के बीच मतभेदों के बीच पार्टी में फिर एक नई चिंगारी भड़की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यहाँ पर विधायकों की बैठक में शामिल होने के लिए पंजाब प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू चंडीगढ़ में मुख्यालय में पहुँच चुके हैं। इतना ही नहीं, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कॉन्ग्रेस हाईकमान की तरफ से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से इस्तीफे की भी माँग कर दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसके बाद अमरिंदर सिंह ने सोनिया गाँधी से कहा है कि प्रमुख विधायक बैठक से पहले इस तरह के अपमान के साथ कॉन्ग्रेस से जुड़े नहीं रह सकते हैं। इधर कयास लगाए जा रहे हैं कि आज कैबिनेट भी बड़ा फेरबदल किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि शाम को होने वाली विधायक दल की बैठक में नया नेता चुनने का आदेश दिया है।

कॉन्ग्रेस ने ‘बड़ी संख्या में विधायकों के प्रतिनिधित्व’ का हवाला देते हुए, देर रात एक ट्वीट में पंजाब विधायकों की आज एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह बैठक मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के लिए परेशानी का सबब बन सकती है, क्योंकि करीब 40 से ज्यादा नाराज विधायकों ने उन्हें हटाने की माँग करते हुए पार्टी आलाकमान को चिट्ठी लिखी है। कैप्टन लंबे समय से बागी नेताओं के निशाने पर रहे हैं।

एआईसीसी महासचिव और पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार (सितंबर 17, 2021) रात ट्वीट कर इस बैठक की जानकारी दी। हरीश रावत ने ट्वीट किया है कि कॉन्ग्रेस के तमाम विधायकों ने एआईसीसी से पंजाब कॉन्ग्रेस विधायक दल की बैठक तुरंत बुलाने का अनुरोध किया था। इसी कवायद में पंजाब प्रदेश कॉन्ग्रेस समिति के कार्यालय में 18 सितंबर को शाम 5 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई गई है।

वहीं पंजाब कॉन्ग्रेस के महासचिव परगट सिंह ने कहा कि पार्टी की आंतरिक नीतियों पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई गई है। पार्टी के अंदर कोई परेशानी नहीं है। हर किसी का अपना नजरिया होता है और इसे राज्य कॉन्ग्रेस विधायक दल की बैठक में सुना जाना चाहिए कि समस्या क्या है। 

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अब सबकी निगाहें अमरिंदर सिंह पर टिक गई हैं। कैप्टन के समर्थक विधायक भी देर रात हई इस घोषणा के बाग कैप्टन के साथ सलाह मशविरा करके रणनीति बनाने में जुट गए हैं। देर रात और शनिवार सुबह तक कई चरणों में कैप्टन समर्थक विधायकों के बैठकों का दौर चलता रहा। कैप्टन समर्थकों ने इस बैठक में दो टूक शब्दों में यह ऐलान किया कि उनके कैप्टन अमरिंदर सिंह ही रहेंगे। इस पर कोई भी समझौता नहीं होगा। 

पंजाब में अभी तक विधायकों की सभी बैठकें मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में हुईं है। अब जिस तरह नेतृत्व ने विधायकों की बैठक कॉन्ग्रेस कार्यालय में बुलाने को कहा है, इससे कई कयास लगाए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, बैठक में कैप्टन और सिद्धू विधायकों के समर्थन को लेकर अपनी-अपनी ताकत दिखाएँगे। 

गौरतलब है कि पंजाब कॉन्ग्रेस का कलह लंबे समय से चल रहा है। इसको सुलझाने के लिए पहले भी मुख्यमंत्री कैप्टन और सिद्धू को कई बार दिल्ली बुलाया गया है। हरीश रावत भी कई बैठकें कर चुके हैं। लेकिन आज शाम 5 बजे होने वाली बैठक में कई बड़े बदलाव की संभावना है।

PM मोदी के बड्डे पर भास्कर में फूल पेज फोटो… प्रिंटिंग-टाइपिंग मशीन को भेजा है लाख लानतें… रवीश अब मत रोइए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नफरत पालने वाले ‘बुद्धिजीवियों’ की लिस्ट में शामिल NDTV के ‘पत्रकार’ रवीश कुमार ने एक बार फिर से अपनी इस काबिलियत को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया है। इसके लिए मोदी के प्रति घृणा से ओत-प्रोत रवीश जी ने इस बार दैनिक भास्कर को निशाने पर लिया। वही दैनिक भास्कर, जिस पर छापा पड़ने पर रवीश जी ने ‘घाघरा’ उठा कर नाचना शुरू कर दिया था।

उन्होंने दैनिक भास्कर के फ्रंट पेज को अपने फेसबुक वॉल पर शेयर करते हुए लिखा, “छापे के बाद दैनिक भास्कर के अंग्रवाल वरिष्ठों की नज़र में मोदी जी। प्रधानमंत्री जी नहीं, प्रधानमंत्रीश्री लिखा है। आयकर से ही आस्था में बढ़ोत्तरी होती है।” 

ऐसा लगता है कि इस विज्ञापन से रवीश कुमार इतने आहत हो गए कि उन्होंने ‘अग्रवाल’ को ‘अंग्रवाल’ लिख दिया। हालाँकि हमने उसे वैसे ही लिख दिया। वो क्या है न कि इतने बड़े ‘पत्रकार’ हैं तो सही ही लिखा होगा… ऐसा लोगों का कहना है तो हमने भी मान लिया।

और ताज्जुब की बात तो यह है कि इतने बड़े तथाकथित पत्रकार के पास देश-दुनिया के तमाम मुद्दों, परेशानियों, समस्याओं को छोड़कर प्रधानमंत्री मोदी का विज्ञापन देखने और इस पर टिप्पणी करने की फुर्सत है। इसे आप इनकी महानता नहीं तो और क्या कहेंगे। वैसे इसे ही कहा जाता है माइक्रोस्कोप लेकर खोजा गया मुद्दा। दुनिया में कितना गम है। मेरा गम कतई निराला है।

जी हाँ…यह विज्ञापन ही है, जिस पर ‘छेनू कुमार’ इतना बिलबिला रहे हैं। आपका फ्रस्टेशन समझ सकती हूँ रवीश जी, मगर अपने पाठकों को भ्रमित तो मत कीजिए… ये शुभकामना संदेश भास्कर ने अपनी तरफ से नहीं छापा है। ये एक विज्ञापन है, जिसे नीचे लिखे नाम वालों ने दिया है, जैसे आपके प्रशंसक चाहे तो आपके जन्मदिन पर ज़ी न्यूज़ में भी विज्ञापन चलवा सकते हैं… आप तो मीडिया के धंधे से जुड़े है सालों से… खबर और विज्ञापन का भेद भलीभाँति जानते होंगे, मगर आपको अपना एजेंडा भी तो चलाना है न।

रवीश कुमार ने जो फोटो शेयर की है, उसमें भी आप देख सकते हैं कि यह विज्ञापन सरकार ने या अखबार ने नहीं दिया है, बल्कि इसके लिए भुगतान किया गया था। इस विज्ञापन के लिए प्रधानमंत्री के कुछ समर्थनों ने भुगतान किया था। पीएम मोदी की तस्वीर के नीचे दैनिक भास्कर अखबार में इस विज्ञापन के जरिए पीएम को उनके 71वें जन्मदिन पर बधाई देने वालों के नाम देख सकते हैं।

वैसे रवीश जी, आप इतने बड़े पत्रकार हैं तो ये तो पता ही होगा कि पैसे देकर तो कोई भी, किसी भी अखबार, न्यूज चैनल पर विज्ञापन दे सकता है, लेकिन हमेशा मोदी के प्रति घृणा का चश्मा लगाए रहने पर आपको इस सबकी सुध-बुध कहाँ रहती है। दैनिक भास्कर के ब्यूरो चीफ रोहित वत्स ने भी रवीश कुमार के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विज्ञापन जैसे आता है, वैसे छापना होता है, ये विज्ञापनदाताओं की इच्छाओं पर निर्भर है, अखबार का क्या कसूर।

दैनिक भास्कर के ब्यूरो चीफ की प्रतिक्रिया

वैसे कसूर तो इसमें रवीश जी का भी नहीं है। अब इनका कॉन्ग्रेस से टिकट पा चुके अपने भाई के लिए प्यार ही इतना गहरा है कि वो जहाँ भी मोदी की तस्वीर या तारीफ देखते हैं, इन्हें सुगबुगाहट होने लगती है। मैं तो कहती हूँ कि आप भी विज्ञापन दे दीजिए, लेकिन आप नहीं दे सकते न, क्योंकि आप ‘गरीब’ हैं और विज्ञापन देने के लिए पैसे की जरूरत होती है, मगर वो कहते हैं न कि ‘नाम ही काफी है’, तो आपकी इतनी जान-पहचान तो होगी ही कि आपके नाम पर ही काम हो जाएगा, वो भी बिना दाम दिए। लेकिन आप तो ठहरे ‘ईमानदार’।

ये सब तो ठीक है, लेकिन एक बात फिर भी समझ में नहीं आ रही कि एनडीटीवी पर घंटों आतंकियों का महिमांडन होता है, वो आस्था कैसे बढ़ी है? पालघर के साधुओं की हत्या को चोरों की हत्या और किसी मुस्लिम के मरने पर HINDUS KILLED MUSLIM जैसे हेडलाइंस में बढ़ोतरी कैसे होती है? आपके भी चैनल को विज्ञापन के लिए पैसा दिया जाता है तो वे भी करते है, भास्कर ने कर दिया तो इसमें आयकर कहाँ से आ गया? अखबार को विज्ञापन में जो लिखकर मिला, उसको छापा है। यह पोस्ट ही आपका पूर्वाग्रह दिखा देता है, जिससे आपकी बहुत सी अच्छी बातें भी महत्वहीन साबित हो जाती हैं। अपने आपको सँभालिए रवीश जी। इतना ज्यादा भी मोदीफोबिया ठीक नहीं।

खैर, जो भी हो, NDTV पर है तो सही ही होगा, सालों का भरोसा है हमारा। फिलहाल तो मैं लाख लानतें भेजती हूँ उस प्रिंटिंग और टाइपिंग मशीन को, जिसने ऐसा छापा। भले ही वह विज्ञापन है, लेकिन है तो मोदी की तारीफ में ही न।

वैसे आपकी दाद देनी पड़ेगी इतनी कुंठा, इतनी नफरत होने के बाद भी आप नौकरी कर ले रहे हैं। तर्कों के तीर अपने तरकश में रखने वाला आदमी इस तरह से कुतर्क करे, तो वाकई में आप मानसिक दिवालिया हो गए हो। सोचने वाली बात है कि विज्ञापन की भाषा और उसमे निहित अर्थ अगर सार्वजनिक रूप से छापने योग्य हो तो वो छप ही जाएगा, इसमें अखबार या उसके मालिक को क्यों घसीटा जाए। आप उस मक्खी की तरह हो जो पूरे सुंदर शरीर को छोड़ कर सिर्फ किसी घाव या फिर गंदी नाली पर ही बैठेगी।

धूर्तता तो ये है कि नीचे विज्ञापनदाताओं का नाम होने के बावजूद आप एजेंडा चला रहे हो। आपकी पत्रकारिता व्यक्तिविशेष के विरोध तक रह गई है। आज एक बार फिर आपकी मानसिकता से यह पता जरूर चल गया है कि आपको सिर्फ मोदी का विरोध करना है चाहे वह कैसे भी हो साम दाम दंड भेद। तो क्या मौलाना मोदी लिखा होता तब आप संतुष्ट होते?

पूरी ज़िंदगी अब मोदी विरोध की राजनीति करके ही पेट पालने का ठाना है क्या? फिलहाल तो बस यही कह सकती हूँ कि रवीश जी बस पागल मत हो जाना, आप भारत के लाखों युवाओं के प्रेरणा हैं। हाँ, समझ सकती हूँ कि दिल में बेचैनी होगी, पेट में भी कुछ-कुछ हो रहा होगा, मुँह से बहुत कुछ निकलने को बेताब होगा, बरनौल की भी जरूरत होगी… अकेले में रो लेना, बस हौसला रखो… सब ठीक हो जाएगा।

‘सोनू सूद ₹20 करोड़ की टैक्स चोरी में शामिल’: 28 ठिकानों पर छापा के बाद IT विभाग ने बताया, लखनऊ का इंडस्ट्री ग्रुप भी घेरे में

आयकर (IT) विभाग ने शनिवार (18 सितंबर, 2021) को जानकारी दी है कि अभिनेता सोनू सूद और उनके सहयोगियों ने करीब 20 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी की है। ‘केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT)’ ने सोनू सूद के ठिकानों पर सर्वे के बाद कहा कि अभिनेता और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ टैक्स हेराफेरी के कई महत्वपूर्ण सबूत बरामद हुए हैं। CBDT के अनुसार, अभिनेता ने फर्जी संस्थाओं से फर्जी और असुरक्षित ऋण के माध्यम से बड़ी मात्रा में रुपए जमा किए।

IT विभाग ने भी जानकारी दी है कि सोनू सूद ने ‘विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA)’ का उल्लंघन किया और एक क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए विदेशी दानदाताओं से 2.10 करोड़ रुपए जुटाए। लखनऊ स्थित उनके औद्योगिक ठिकानों पर भी IT विभाग ने सर्वे किया। साथ ही मुंबई स्थित उनके ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। मुंबई, लखनऊ, कानपुर, जयपुर, दिल्ली, गुरुग्राम समेत कुल 28 परिसरों पर लगातार तीन दिनों तक छापेमारी चली।

सोनू सूद से जुड़े लखनऊ स्थित जिस औद्योगिक समूह के ठिकानों पर छापेमारी हुई, वो इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के कार्यों का ठेका लेता है। इन छापेमारियों से सोनू सूद से तार जुड़े होने के सबूत मिले, जिसके बाद उनके घर को भी खँगाला गया। AAP और शिवसेना ने भाजपा पर बदले की कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने कोरोना आपदा के दौरान मजदूरों की अच्छी-खासी मदद की है और समाजदेवा की है।

सोनू सूद ‘बृहन्मुम्बई महानगरपालिका (BMC)’ की रडार पे भी आए थे, जब उन पर जुहू में स्थित एक 6 मंजिला इमारत को बिना ज़रूरी अनुमति लिए होटल में तब्दील कर देने के आरोप लगे थे। अवैध निर्माण के आरोपों के मामले में BMC के विरुद्ध अदालत का दरवाजा भी खटखटाया था। जब बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनकी अपील को रद्द कर दी तो वो सुप्रीम कोर्ट पहुँचे। हाल ही में दिल्ली की AAP सरकार ने उन्हें स्कूल में बच्चों के मेंटरशिप योजना का ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया है। 

वैसे 2012 में आयकर (IT) विभाग सोनू सूद के घर पर छापेमारी कर चुकी है, जब केंद्र में यूपीए-2 की सरकार थी। हाल ही में अभिनेता सोनू सूद ने घोषणा की थी कि वह अगले साल रूस के कज़ान में विशेष ओलंपिक विश्व शीतकालीन खेलों में भारतीय दल के साथ जाएँगे। वह इस आयोजन के भारतीय ब्रांड एंबेसडर हैं। उन्होंने 31 जुलाई को अपने जन्मदिन पर विशेष ओलंपिक भारत के विशेष एथलीटों और अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल बातचीत के दौरान यह घोषणा की।

राजस्थान में बाल विवाह का होगा रजिस्ट्रेशन: विधानसभा में हंगामा, BJP का वॉकआउट, बताया काला कानून

राजस्थान में अब बाल विवाह का भी रजिस्ट्रेशन होगा। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार (सितंबर 17, 2021) को अजीबो-गरीब विवाह रजिस्ट्रेशन कानून पारित हुआ। इसमें बाल विवाह को भी रजिस्टर्ड करने का प्रावधान रखा गया है। संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने इस विधेयक को सदन में रखते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत बाल विवाह को रजिस्टर्ड किया जा रहा है।  

विधेयक में प्रावधान है कि यदि शादी के वक्त लड़की की उम्र 18 साल से कम और लड़के की उम्र 21 साल से कम है तो माता-पिता को 30 दिन के भीतर इसकी सूचना रजिस्ट्रेशन अधिकारी को देनी होगी। बाल विवाह के मामले में लड़का या लड़की के माता-पिता रजिस्ट्रेशन अधिकारी को तय विवरण देकर सूचित करेंगे। इसके आधार पर रजिस्ट्रेशन अधिकारी बाल विवाह को रजिस्टर्ड करेगा। राज्य में विवाहों के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन एक्ट की धारा आठ में इसका प्रावधान किया गया है।

इस विवादित विधेयक को लेकर विधानसभा में काफी हंगामा हुआ। विधानसभा में विपक्ष के विधायकों ने कहा कि जब बाल विवाह अवैध ही रहेगा तो रजिस्ट्रेशन की जरूरत और विधेयक लाने का क्या मकसद है। भाजपा ने गहलोत सरकार पर बाल विवाह को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। BJP ने विधानसभा में इस विधेयक पर मत विभाजन की माँग की और सरकार जब नहीं मानी तो सदन से वॉकआउट कर दिया। 

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि बाल विवाह का रजिस्ट्रेशन करना, इसे कानूनी मान्यता देने जैसा है। इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि हम केवल रजिस्टर्ड कर रहे हैं। इस विधेयक में ऐसा कहीं नहीं लिखा कि हम इस विवाह को मान्य करार दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में बाल विवाह अधिनियम 2006 के तहत ऐसे विवाह गैर कानूनी ही रहेंगे। जैसे ही वे रजिस्ट्रेशन कराएँगे, कलेक्टर कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा।

धारीवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2006 में सीमा बनाम अश्विनी कुमार के मामले में फैसला देते हुए निर्देश दिए थे कि सभी तरह के विवाहों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। हर शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। रजिस्ट्रेशन का मतलब शादी को वैधता देना नहीं है। धारीवाल ने कहा कि किसी नाबालिग की शादी हुई है तो बालिग होते ही उसे रद्द करने का अधिकार होगा।

शहर महामंत्री मुकेश विजय और अन्य पदाधिकारियों ने भी इसे काला कानून बताया है। नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ सहित कई बीजेपी विधायकों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह बाल विवाह रोकने के कानून शारदा एक्ट का खुला उल्लंघन है।

बंगाल पुलिस को कमरे में बंद कर लोगों ने दम भर मारते हुए कहा – ‘खेला करवा देंगे’, अलीगढ़ में BJP नेता को गिरफ्तार करने आई थी

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में भाजपा नेता को गिरफ्तार करने पहुँची बंगाल पुलिस को स्थानीय लोगों द्वारा कमरे में बंद करके पीटने का मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजेपी नेता योगेश वार्ष्णेय ने ममता बनर्जी का सिर कलम करने पर 11 लाख रुपए का इनाम देने का बयान दिया था।

यह बयान वार्ष्णेय ने चार साल पहले हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज के बाद दिया था। उसी मामले में बंगाल पुलिस शुक्रवार (17 सितंबर) को अलीगढ़ पहुँची थी। लेकिन यहाँ स्थानीय लोगों ने खेला (ऐसा वायरल वीडियो में ही एक को कहते सुना जा सकता है) कर दिया। देर रात तक चले हंगामे के बाद अलीगढ़ पुलिस ने उन्हें बचाया। “खेला करवा देंगे” – वाला वीडियो सुनिए ध्यान से।

बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी का सिर काटकर लाने संबंधी बयान को लेकर कोलकाता में वार्ष्णेय के खिलाफ 3 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। 17 सितंबर को BJYM के पूर्व मंडल अध्यक्ष योगेश वार्ष्णेय के घर पश्चिम बंगाल सीआईडी के सब इंस्पेक्टर शुभाशीष और सिपाही आलमगीर गिरफ्तारी और कुर्की संबंधी नोटिस लेकर सादे कपड़ों में अलीगढ़ पहुँचे थे। हालाँकि, इससे पहले भी बंगाल पुलिस योगेश की गिरफ्तारी के लिए अलीगढ़ आ चुकी है, लेकिन शुक्रवार को उनके साथ जैसा हुआ, वह इससे पहले कभी नहीं हुआ था।

जानकारी के मुताबिक, जैसे ही लोगों को इसके बारे मे पता चला, वहाँ भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। इस दौरान स्थानीय लोगों के साथ बंगाल पुलिस टीम की अनबन भी हुई, जिसके बाद उन्होंने बंगाल पुलिस की कमरे में बंद करके जमकर धुनाई की। सूचना पाकर सांसद सतीश गौतम, कोल विधायक अनिल पाराशर और शहर विधायक संजीव राजा मौके पर पहुँचे और बंगाल पुलिस की टीम को वहाँ से सकुशल थाने पहुँचाया। दोनों पक्षों की तरफ से हंगामा देर रात तक चलता रहा। दोनों ने एक दूसरे पर अभद्रता और मारपीट करने का आरोप लगाया है।

वहीं, पुलिस की मौजूदगी में चौपाल भी हुई, जिसके बाद ममता सरकार की पुलिस की टीम को वहाँ से सकुशल निकाला गया। मामले की जाँच की जा रही है। ऑपइंडिया ने अलीगढ़ एसपी सिटी कुलदीप सिंह से इस मामले से जुड़ी जानकारी लेने के लिए फोन पर संपर्क किया था, लेकिन किसी कारणवश उनसे संपर्क नहीं हो पाया। जैसे ही पुलिस से संपर्क होगा, खबर को अपडेट किया जाएगा।

बता दें कि साल 2017 में वीरभूम जिले में हनुमान जयंती के अवसर पर हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज हुआ था, जिसके बाद बीजेपी नेता योगेश वार्ष्णेय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सिर कलम करके लाने वाले पर 11 लाख का इनाम रखा था। इसको लेकर बंगाल से लेकर संसद तक काफी हंगामा भी मचा था।

1993 के मुम्बई जैसा ब्लास्ट, हजारों को मारने की ट्रेनिंग… ओसामा को जिस चाचा हुमैद ने भेजा Pak, उसने किया UP में सरेंडर

देश में आतंकी मॉड्यूल का खुलासा होने के बाद दिल्ली की स्पेशल सेल को हुमैद उर रहमान की तलाश थी। ताजा खबर है कि उसने शुक्रवार (सितंबर 17, 2021) को यूपी के प्रयागराज करेली थाने में सरेंडर किया है। वह गिरफ्तार आतंकी ओसामा का चाचा है। हुमैद उर रहमान पर आरोप है कि ओसामा और जीशान को पाकिस्तान में ट्रेनिंग देने के लिए मदद की थी। 

हुमैद उर रहमान को प्रयागराज से लखनऊ लाया जा रहा है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की एक टीम भी लखनऊ के लिए निकल चुकी है। इसे ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जाएगा। इसके अलावा अब तक गिरफ्तार किए गए 6 आतंकियों से भी पूछताछ की जा रही है।

ओसामा और जीशान ने पूछताछ में बताया कि पाकिस्तान में 15 दिन ट्रेनिंग में उन्हें AK-47 के अलावा किसी भी केमिकल से कैसे कहाँ ब्लास्ट करना है, सिखाया गया। आईडी बनाना, कम समय मे ब्लास्ट करना भी सिखाया गया। 1993 में कैसे बदला लिया था मुम्बई धमाकों के जरिए, ऐसे ही और ब्लास्ट करना सिखाया। इसके लिए रेलवे ब्रिज, रेलवे ट्रैक में ब्लास्ट आईडी लगाना सिखाया गया। ये भी न हो पाए तो कैसे एक साथ बड़ी भीड़ में धमाका करके हजारों लोगों को एक साथ मारा जाए, ये ट्रेनिंग दी गई। 

गिरफ्तार किए गए आतंकियों से पूछताछ जारी

बता दें कि दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल मंगलवार (सितंबर 14, 2021) को पाकिस्तान द्वारा संचालित एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 6 आतंकियों को गिरफ्तार किया। इनमें पाकिस्तान से प्रशिक्षित दो आतंकवादी भी शामिल हैं। पुलिस ने अपने इस मल्टी स्टेट ऑपरेशन में विस्फोटक व अन्य चीजों को भी बरामद किया। गिरफ्तार किए गए आतंकियों से पूछताछ की जा रही है। 22 वर्षीय ओसामा दिल्ली में जामिया नगर इलाके के अबुल फजल एन्क्लेव में रहता था, इसे दिल्ली से ही गिरफ्तार किया गया है। 

सभी आतंकियों को 14 दिन की पुलिस रिमांड

देश के अलग-अलग हिस्सों से पकड़े गए सभी आतंकियों को कोर्ट ने 14 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। दिल्ली पुलिस का दावा है कि त्योहारों पर गड़बड़ी करने की साजिश रच रहे थे। पुलिस का दावा है कि इन लोगों की दो टीमें बनाई गई थीं जो अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के भाई अनीस के संपर्क में थी।

पुलिस ने बताया कि ये आतंकवादी देश में आगामी त्योहारों के दौरान कई विस्फोट करने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने कहा कि पाकिस्तान स्थित अनीस इब्राहिम, जो दाऊद इब्राहिम का भाई है, आतंकी योजना को अंजाम देने के लिए अंडरवर्ल्ड के गुर्गों से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि पूछताछ से पता चला है कि पाकिस्तान के आतंकी मॉड्यूल को दो घटकों अंडरवर्ल्ड और पाक-आईएसआई प्रशिक्षित आतंकी मॉड्यूल के माध्यम से संचालित किया जा रहा था। 

ओसामा और जीशान पाकिस्तान में प्रशिक्षित आतंकवादी

पुलिस ने बताया कि आरोपियतों की पहचान जान मोहम्मद शेख (47) उर्फ ‘समीर’, ओसामा (22), मूलचंद (47), जीशान कमर (28), मोहम्मद अबु बकर (23) और मोहम्मद आमिर जावेद (31) के तौर पर हुई है जिन्हें दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में ओसामा और कमर पाकिस्तान में प्रशिक्षित आतंकवादी हैं जो इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) के निर्देश पर काम करते थे। उन्हें आईईडी लगाने के लिए दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश में उपयुक्त स्थानों की तलाश करने का काम दिया गया था।

AAP विधायक राघव चड्ढा का चड्डा उतार देंगी यह हिरोइन: अपने नाम की राजनीति पर भड़कीं राखी सांवत, दी धमकी

बॉलीवुड एक्ट्रेस राखी सावंत ने आम आदमी पार्टी पंजाब के सह प्रभारी और दिल्ली से विधायक राघव चड्ढा के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ‘बिग बॉस’ की एक्स कंटेस्टेंट राघव चड्ढा द्वारा नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब की पॉलिटिक्स का राखी सावंत बताने पर भड़क गईं। उन्होंने राघव चड्ढा को चेतावनी देते हुए कहा, “मुझसे दूर रहो, नहीं तो मैं तुम्हारा चड्ढा उतार दूँगी।” उनका यह वीडियो सोशल मीडिया तेजी से वायरल हो रहा है।

‘द खबरी’ ने अपने ट्विटर हैंडल पर राखी सावंत का यह वीडियो शेयर किया है। इसमें आप देख सकते हैं कि जब राखी सावंत को मीडियाकर्मियों से पता चलता है कि आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने उन्हें (नवजोत सिंह सिद्धू को) पॉलिटिक्स का राखी सावंत कहा है, तो वह इस पर काफी भड़क जाती हैं। राखी सावंत कहती हैं:

”राघव चड्ढा मुझसे और मेरे नाम से दूर रहो। मेरा नाम लिया तो तुम्हारा चड्ढा उतार दूँगी। अभी मैं ट्रेंडिग में हूँ मिस्टर चड्ढा। आप खुद देखिए आपको ट्रेंडिग में आने के लिए मेरे नाम की जरूरत पड़ गई।”

इस दौरान एक्टेस के साथ एक शख्स भी नजर आया, जिसने कहा, ”मैं राखी का भाई हूँ। राखी सावंत एक ही है, इसका कोई कॉम्पिटिशन नहीं है।” वीडियो में एक्ट्रेस ने उन्हें सपोर्ट करने वाली कविता कौशिक की तारीफ की।

इसके अलावा राखी ने राघव चड्ढा को आड़े हाथों लेते हुए अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा, ”मेरे पति ने राघव चड्ढा को जवाब दिया है। मुझे अभी तक अकेले जान कर लोग सताते थे। आज ये कहते हुए मेरी आँखों में आँसू हैं कि आज मेरा भी कोई है, जो मेरे मान-सम्मान की रक्षा के लिए खड़ा है। धन्यवाद मेरे प्यारे पति।”

राखी सावंत की इंस्टाग्राम पोस्ट

इसमें राखी जिन्हें अपना पति कह रही हैं, उन्होंने केजरीवाल और राघव चड्ढा को टैग करते हुए ट्वीट किया है, ”अपनी राजनीति के लिए किसी को व्यक्तिगत रूप से निशाना मत बनाएँ। अरविंद ​केजरीवाल अपने विधायक को एजुकेट कीजिए। अगर मैंने इसे एजुकेट किया तो ‘आप’ कहीं भी नजर नहीं आएगी।”

गौरतलब है कि राघव चड्ढा ने शुक्रवार (17 सितंबर) को नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब की पॉलिटिक्स का राखी सावंत करार दिया था। चड्ढा ने ट्वीट किया, ”सिद्धू बेतुके बयान देने की बीमारी से पीड़ित हैं, इसलिए आदत से मजबूर होकर इस प्रकार की बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिद्धू की कही कोई भी बात गंभीर नहीं होती और हर जगह वह हँसी के पात्र ही बनते हैं।”