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‘हर अमेरिकी जिंदगी के बदले अफगानिस्तान के एक शहर को मिटा दो’: काबुल अटैक के बाद रेडियो होस्ट का ‘नरसंहार’ वाला ट्वीट

अफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट पर गुरुवार (26 अगस्त 2021) को आत्मघाती हमले में 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई। इस खबर के सामने आने के बाद अमेरिकी स्तंभकार और रेडियो होस्ट टॉड स्टार्नस (Todd Starnes) ने अफगानों के नरसंहार की बात कही। उन्होंने कहा कि हर अमेरिकी जिंदगी के लिए अफगानिस्तान के एक शहर का नामोनिशान मिटा दिया जाना चाहिए।

साभार: ट्विटर

स्टार्न्स ने ट्वीट किया, “हर एक अमेरिकी की जिंदगी के लिए अफगानिस्तान के एक शहर का नामोंनिशान मिटा दिया जाना चाहिए।” हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि लाखों अफगान पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की अंधाधुंध हत्या के बिना यह कैसे संभव हो सकेगा।

हालाँकि अफगानों के नरसंहार को लेकर की गई इस टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर स्टार्न्स की कड़ी आलोचना हुई।

स्टार्न्स ने आलोचना के बाद नरसंहार वाले ट्वीट को हटा लिया। लेकिन, उन्होंने इस मुद्दे पर जो स्पष्टीकरण दिया वह अभी भी उनके प्रोफाइल पर बना हुआ है। उनका यह स्पष्टीकरण इन हालातों को बेहतर नहीं बनाता है, बल्कि इससे यह और भी विचित्र लगता है।

दरअसल अमेरिकन रेडियो होस्ट ने कहा, “अगर आप तालिबान को उसी की जुबान में जवाब नहीं देंगे तो ये कत्लेआम जारी रहेगा।” यह स्पष्ट नहीं है कि किसी अप्रासंगिक रेडियो होस्ट के ट्वीट का तालिबान पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह किसी भी तरह से तालिबानियों को प्रभावित नहीं कर सकता है। दूसरे, नरसंहार करने की धमकी देना सार्वजनिक तौर पर किसी भी रूप स्वीकार्य नहीं है।

साभार: ट्विटर

इस बीच, रिपब्लिकन सीनेटरों और प्रतिनिधियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन से देश के कमांडर-इन-चीफ के पद से इस्तीफा देने की माँग भी की है। 26 अगस्त को काबुल बम विस्फोट में 13 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने के बाद उनके इस्तीफे की माँग की गई है।

रुबिका लियाकत ने ली राकेश टिकैत की क्लास: कृषि कानून से जुड़े एक भी सवाल का जवाब नहीं दे सके, हुई फजीहत

स्व-घोषित किसान नेता और ‘आंदोलनजीवी’ राकेश टिकैत की एबीपी न्यूज पर एक डिबेट के दौरान उस समय बोलती बंद हो गई जब एंकर रुबिका लियाकत ने उनसे नए कृषि कानूनों को लेकर सवाल किए। टिकैत इस दौरान न केवल हकलाते हुए बल्कि मुद्दे को घुमाते हुए भी नजर आए।

8 माह से कथित ‘किसानों’ के साथ प्रदर्शन पर बैठे राकेश टिकैत का मुँह उस समय बिलकुल बंद हो गया जब पूछा गया कि आखिर कृषि कानूनों से समस्या क्या है। एंकर ने उन्हें वो विशेष सेक्शन हाईलाइट करने को कहे जिसके आधार पर प्रदर्शन चल रहा है।

कृषि कानूनों की प्रतियाँ लेकर सवाल करने बैठीं रुबिका ने टिकैत से पूछा कि अगर उन्होंने ये कृषि कानूनों को पढ़ा है तो बताएँ कि परेशानी क्या है। इसी सवाल के बाद टिकैत बातों को गोल-मोल करने लगे। मगर, एंकर फिर भी अपने सवाल करती रहीं। रुबिका लियाकत के सवालों पर निरुत्तर बैठे टिकैट ने मुद्दे को घुमाने का प्रयास किया और कहा, “संसद में कानून पहले बने या ये गोदाम पहले बने।”

एंकर ने फिर पूछा कि टिकैत बताएँ तो कि आखिर कहाँ लिखा है कि प्राइवेट कंपनियाँ किसानों की जमीन हड़प लेंगी। रुबिका कहती हैं, “यदि आप नहीं बता पा रहे तो मुझे बता दें, मैं उस खंड को पढ़ दूँगी जो स्पष्ट कहता है कि किसी भी संस्था को किसान की जमीन पर कब्जा करने का हकदार नहीं है।”

सवालों से तंग आए टिकैत ने अंत में इस पूरे मुद्दे से अपना पल्ला यह कहकर झाड़ना चाहा कि रुबिका केंद्र सरकार के लिए काम करती हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, “आप सरकार के किस पोस्ट पर हैं।” इस पर रुबिका ने जवाब दिया कि वो देश की नागरिक हैं और पत्रकार हैं, उन्हें सवाल पूछने का पूरा अधिकार है।

डिबेट में आगे टिकैत ने सारे कृषि कानूनों को पूरी तरह से ‘काला कानून’ करार दिया और झूठ कहा कि वे अपनी समस्या सरकार को बता चुके हैं जबकि हकीकत बात यह है कि सरकार ने तथाकथित किसानों के सामने एक दर्जन से ज्यादा बार बातचीत का प्रस्ताव रखा है, लेकिन सच यही है कि किसान नेताओं को खुद नहीं मालूम समस्या कहाँ हैं। वह बस पूरा का पूरा कानून वापस करवाना चाहते हैं।

ये गौरतलब हो कि केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानून कई किसान समूहों से चर्चा के बाद पारित हुए थे। इसके अलावा मंडियों की मोनोपॉली के बाहर जाकर माल बेचने की आजादी की माँग भी किसान संघों द्वारा लंबे समय से की जा रही थी, लेकिन अब जब सरकार ने सभी बातें मान ली हैं तो उन कानूनों का विरोध हो रहा है।

बता दें कि टिकैत काफी समय से मीडिया खबरों में बने हुए हैं। उनके बिन सिर-पैर वाले बयान और धमकियाँ काफी चर्चा में रहीं। मगर, अब हालात ये हैं कि टिकैट के बयान मीडिया का मनोरंजन कर रहे हैं और लोगों को उन पर हँसी आ रही है।

‘मैं नहीं जाऊँगा…’: पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को गाड़ी में बिठा रही थी लखनऊ पुलिस, हुआ खूब ड्रामा; देखिए Video

उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को लखनऊ की हजरतगंज पुलिस ने शुक्रवार (27 अगस्त 2021) को गिरफ्तार कर लिया। उन पर सुप्रीम कोर्ट के बाहर आत्मदाह करने वाली रेप पीड़िता को उकसाने तथा इस मामले में आरोपित बसपा सांसद अतुल राय का साथ देने का आरोप है। एसआईटी जाँच के आधार पर उनके खिलाफ यह कार्रवाई हुई है।

ठाकुर की गिरफ्तारी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें दिख रहा पुलिसकर्मी उन्हें गाड़ी में बिठाने की कोशिश कर रहे हैं पर वे इसके लिए तैयार नहीं हो रहे। वीडियो में वे एक अधिकारी को थप्पड़ मारते भी दिख रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में पूर्व आईपीएस के खिलाफ एएसआई दयाशंकर द्विवेदी की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया था। दुष्कर्म पीड़िता ने अपने दोस्त और इस केस के गवाह सत्यम के साथ 16 अगस्त को सर्वोच्च न्यायालय के बाहर वीडियो लाइव किया था, जिसमें ठाकुर पर आरोप लगाया था।

इसके अलावा दिसंबर 2020 में बलात्कार पीड़िता ने पूर्व आईपीएस के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे और उन पर बसपा के घोसी सांसद अतुल राय से पैसे लेने और राजनीतिक एजेंट के रूप में काम करने का आरोप लगाया था। पूर्व आईपीएस ने आरोप लगाया था कि मृतक महिला ने अपने परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया था।

इस मामले में एसआईटी के समक्ष ठाकुर पूछताछ के लिए 24 अगस्त को पेश हुए थे। उन्होंने एसआईटी से उनके सवालों के जवाब के लिए समय माँगा था। ठाकुर ने कहा था कि महिला उनसे मदद माँगने आई थी। एक रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व आईपीएस का यह भी कहना है कि आरोपित पक्ष द्वारा मामले में उनसे संपर्क करने के बाद महिला ने उनके खिलाफ आरोप लगाना शुरू कर दिया।

गौरतलब है कि बलिया की रहने वाली पीड़िता वाराणसी के एक कॉलेज की छात्रा थी। उसने लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान वाराणसी के लंका थाने में बसपा सांसद अतुल राय के खिलाफ बलात्कार का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद राय अंडरग्राउंड हो गए थे। चुनाव में जीत हासिल करने के बाद उन्होंने सरेंडर कर दिया था। इसके बाद से वह नैनी जेल में बंद हैं।

इस मामले में पीड़िता ने फेसबुक लाइव में वाराणसी के तत्कालीन एसएसपी रहे अमित पाठक, तत्कालीन सीओ भेलुपुर अमरेश सिंह बघेल, दरोगा संजय राय समेत अन्य पर सांसद को बचाने और उसे परेशान करने का आरोप लगाया था।

‘लड़कियाँ इस्लामी सिद्धांत ही अपनाएँ, जीवन सफल होगा’ – हिंदू आरती पर TV तोड़ने वाले शाहिद अफरीदी के विचार

पाकिस्तान के एक क्रिकेटर थे। कप्तान भी रहे। नाम – शाहिद अफरीदी। वही शाहिद अफरीदी, जो अब इस्लाम धर्म की राह पकड़ चुके हैं। इन्हें एक कॉलेज में बुलाया गया। कॉलेज लड़कियों का। खेल-कूद की बातों के अलावा खिलाड़ी शाहिद अफरीदी वहाँ सब बोल आए।

चौंक गए! दरअसल खिलाड़ी शाहिद अफरीदी कॉलेज में गए ही नहीं थे। वहाँ गया शख्स शाहिद अफरीदी तो था, लेकिन वो तब्लीगी जमात से जुड़ा शख्स था। वो शख्स जो क्रिकेट को शायद भुला चुका है। अब खबर विस्तार से।

बख्तावर कैडेट कॉलेज फॉर गर्ल्स के प्रिंसिपल ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) डॉ मुहम्मद अमीन ने शाहिद अफरीदी को बुलाया था। सोचा होगा कि लड़कियों को शायद वो आकर खेल-कूद में हिस्सा लेने की सलाह देंगे। हुआ उल्टा। अफरीदी ने इस्लाम पर भाषण दे डाला।

शाहिद अफरीदी ने कहा कि महिलाओं को इस्लाम में बहुत अधिकार दिए गए हैं। यह भी कह डाला कि लड़कियों को या महिलाओं को इस्लामी सिद्धांत ही अपनाने चाहिए। थोड़ा और व्याख्या कर कहा कि इस्लामी ढाँचे में ही लड़कियों-महिलाओं का जीवन सफल बन सकता है।

तब्लीगी जमात के सदस्य भी अफरीदी के साथ बख्तावर कैडेट कॉलेज फॉर गर्ल्स के दौरे पर गए थे। यानी कि प्रिंसिपल ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) डॉ मुहम्मद अमीन के बारे में जो शायद (लड़कियों को शायद वो आकर खेल-कूद में हिस्सा लेने की सलाह देंगे) लिखा गया था, वो लिखने वाले की गलती थी। कृपया माफ कीजिएगा।

अब बस एक और बात। अफरीदी की बेटी भारत में टीवी सीरियल देखती थीं। एक दिन अफरीदी ने यह देख लिया। उस समय टीवी पर हिंदू आरती का कुछ सीन चल रहा होगा। छोटी सी बच्ची (जो न मुस्लिम थी, न हिंदू) टीवी सीरियल देख आरती की तरह हाथ घुमा रही थी। बस अफरीदी ने टीवी तोड़ डाला था

बंगाल में मारे गए BJP वर्कर के घर CBI: पत्नी ने कहा था- गले में तार बाँधा, ईंट-डंडों से पीटा, माँ के सामने कर दी हत्या

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद भड़की हिंसा में जिनलोगों की जान गई थी, उनमें बीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत सरकार भी थे। हिंसा से जुड़े मामलों की जाँच अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआई ने सरकार के कोलकाता स्थित घर का दौरा किया है। इससे पहले जाँच एजेंसी ने बंगाल हिंसा को लेकर नौ मामले दर्ज किए थे।

रिपोर्टों के अनुसार CBI के संयुक्त निदेशक अनुराग के नेतृत्व में एजेंसी के अधिकारियों की एक टीम ने गुरुवार (अगस्त 26, 2021) को अभिजीत सरकार के घर जाकर उनके परिजनों से बात की। इससे पहले बुधवार को अभिजीत सरकार के भाई विश्वजीत सीबीआई ऑफिस गए थे और जाँच में हिस्सा लिया था।

विश्वजीत ने इंडिया टुडे टीवी को बताया, “मैंने अपने पास मौजूद सभी सबूत जमा कर दिए हैं। बुधवार को मैं सीबीआई कार्यालय गया था, गुरुवार को टीम घर आई। मैंने 2 मई की पूरी घटना सुनाई जब मेरे भाई को टीएमसी के गुंडों ने मार डाला और पुलिस वहाँ खड़ी थी।” उन्होंने दावा किया कि इस मामले में टीएमसी के कई नेता शामिल हैं। साथ ही उनका यह भी कहना है कि कुछ पुलिस अधिकारियों ने उनके भाई की हत्या को लेकर सबूत नष्ट करने की भी कोशिश की थी।

विश्वजीत ने बताया, “जब मेरा भाई मर रहा था, तब नारकेलडांगा पुलिस स्टेशन के कुछ अधिकारी वहाँ खड़े थे। वे टीएमसी के प्रभावशाली नेताओं के साथ हैं। मैंने इसमें विधायक परेश पाल की भूमिका का जिक्र किया है। सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई है।”

इससे पहले अगस्त में कलकत्ता हाई कोर्ट ने पुलिस को अभिजीत सरकार की दूसरी ऑटोप्सी रिपोर्ट और डीएनए रिपोर्ट सीबीआई (CBI) को सौंपने का आदेश दिया था। विश्वजीत ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य मुर्दाघर में पड़े अभिजीत के शव का डीएनए रिपोर्ट हासिल करना है। उन्होंने कहा कहा, “अगर डीएनए मैच होता है, तो हम शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाएँगे। लेकिन हमें डर है कि अगर यह डीएनए से मेल नहीं खाता है तो क्या होगा? सवाल यह होगा कि मेरे भाई का शव कहाँ है?”

बता दें कि एजेंसी ने पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटनाओं के संबंध में नौ मामले दर्ज किए हैं। एजेंसी ने जाँच के लिए बंगाल के बाहर के अधिकारियों को नियुक्त किया है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हाल में जाँच के आदेश दिए थे। कलकत्ता हाई कोर्ट की पाँच सदस्यीय पीठ ने इस साल की शुरुआत में पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनावों के बाद हुई हिंसा के दौरान कथित दुष्कर्म और हत्या के मामलों की जाँच सीबीआई को सौंपी है। हाई कोर्ट ने दो मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य में हिंसा पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की एक समिति द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ये निर्देश दिए।

विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के कुछ समय बाद ही दो मई को कथित तौर पर तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सरकार की गला दबाकर हत्या कर दी थी। पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजे आने के कुछ घंटे बाद राज्य के कई इलाकों में राजनीतिक हिंसा भड़की थी। इस हिंसा में खासकर बीजेपी समर्थक निशाने पर थे।

अभिजीत सरकार की दो मई को उनके घर से बाहर घसीट कर हत्या कर दी गई थी। हमले से ठीक पहले वे दो बार फेसबुक पर लाइव हुए थे और टीएमसी गुंडों के हमले को लेकर बताया था। अभिजीत सरकार ने फेसबुक लाइव के माध्यम से अपनी बात रखी थी। उन्हें पता भी नहीं था कि फेसबुक पर लाइव कैसे आते हैं, लेकिन उन्होंने किसी तरह वीडियो बनाया और बताया कि TMC के गुंडे लगातार बमबारी कर रहे हैं और उन्होंने उनके घर और दफ्तर को तहस-नहस कर डाला।

मई में अभिजीत सरकार की पत्नी तो उनकी हत्या की चश्मदीद भी हैं ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था, “भीड़ ने उनके गले में सीसीटीवी कैमरे का तार बाँध दिया। गला दबाया। ईंट और डंडों से पीटा। सिर फाड़ दिया और माँ के सामने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। आँखों के सामने बेटे की हत्या होते देख उनकी माँ बेहोश होकर मौके पर ही गिर गईं।”

‘मर्दों’ की छेड़खानी से बचने के लिए ये मादा चिड़िया पुरुषों जैसा बना लेती है भेष

पृथ्वी पर मौजूद पशु-पक्षियों की भिन्न-भिन्न प्रजातियाँ और उनके स्वरूप अक्सर मानव जाति को अचंभित करते हैं। ऐसे में उनसे जुड़ी कुछ ऐसी बातें भी होती हैं जो इंसानी स्वभाव से मेल खाती हैंं। मसलन, हमिंग बर्ड (Humming Bird) (गुंजन पक्षी) से जुड़ी एक बहुत दिलचस्प स्टडी सामने आई है। इस स्टडी में बताया गया है कि कैसे मादा पक्षी, पुरुष पक्षी की छेड़खानी से बचने के लिए खुद का भेष पुरुषों जैसा धारण कर लेती है।

अमेरिकी शोधकर्ताओं ने इस स्टडी के लिए पनामा में 400 से अधिक सफेद गर्दन वाले जैकोबिन हमिंग बर्ड्स को पकड़ा और चौंकाने वाला निष्कर्ष पाया। उन्होंने देखा कि एक चौथाई मादा पक्षियों ने पुरुष पक्षियों जैसा रूप धारण किया हुआ था। उनके इंद्रधनुषी नीले सिर थे, चमकदार सफेद पूँछ थी और पेट एकदम सफेद था जबकि आमतौर पर मादा पक्षियों का रंग हल्का होता है।

शोधकर्ताओं के प्रयोग में यह पाया गया कि पुरुष पक्षियों जैसे रूप धारण ‘मादा’ पक्षियाँ इसलिए करती हैं ताकि वह ‘मर्दों’ के ‘अग्रेसिव’ बर्ताव से बच सकें। शोधकर्ताओं ने पक्षियों की जाँच में पाया कि सभी किशोर पक्षियों ने आकर्षक रंग में भेष बदला हुआ था। आमतौर पर, युवा पक्षियों का रंग अपने लिंग वाले वयस्क पक्षी जैसा ही होता है। तो जाहिर सी बात है कि मादा पक्षियाँ अपना रंग बदल सिर्फ कोई नाटक कर रही थीं।

साभार: न्यूयॉर्क टाइम्स

जर्नल करंट बायोलॉजी में प्रकाशित इस अध्ययन के पहले लेखक, जे फाल्क हैं। जो वाशिंगटन विश्वविद्यालय में पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ता हैं और साथ में जिन्होंने ऑर्निथोलॉजी और स्मिथसोनियन ट्रॉपिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के कॉर्नेल लैब के एक हिस्से के रूप में अनुसंधान का नेतृत्व किया।

वह कहते हैं, “हर मादा और पुरुष पक्षी वयस्क पुरुष पक्षियों की तरह दिखने लगते हैं। फिर जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ती है, लगभग 20% मादा पक्षी वैसे भेष (पंख) को रखती हैं, और फिर 80% दबी हुई परत में बाहर निकल जाती हैं।”

माना जाता है कि साथी के साथ प्रतिस्पर्धा में शामिल होने के लिए कई प्रजाति की पक्षियों में सजावटी आकर्षित पंख विकसित होते हैं। लेकिन इस वाले मामले में मादा पक्षियाँ जब यौन रूप से परिपक्व थीं और साथी की तलाश में थीं तो अधिकांश मादाओं ने उन रंगीन पंखों को अपने ऊपर बरकरार नहीं रखा, इससे पता चला कि इस व्यवहार का कारण सेक्सुअल सिलेक्शन नहीं था।

साभार: न्यूयॉर्क टाइम्स

शोधकर्ताओं ने अपनी स्टडी से यह बताने का प्रयास किया कि रिसर्च में शामिल ज्यादातर मादा हमिंग बर्ड्स ने क्यों अपना भेष बदला। उन्होंने पाया कि इसके पीछे सेक्सुअल सिलेक्शन कारण नहीं बल्कि वह स्वभाव है जो पुरुष पक्षियों का होता है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि पुरुष पक्षी उन मादा पक्षियों को ज्यादा निशाना बना रहे थे जिनका भेष नहीं बदला हुआ था। इसी व्यवहार को देखते हुए उन्होंने पाया कि मादा पक्षियों के इस नेचर का लेना देना साथियों के लिए नहीं, बल्कि भोजन के लिए प्रतिस्पर्धा या सोशल सिलेक्शन है।

रिसर्चर यह भी कहते हैं कि हम जिस तरह हमिंग बर्ड्स को देखते हैं कि वो छोटे-छोटे और प्यारे-प्यारे होते हैं और फूलों से रस निकाल कर पीते हैं, लेकिन वास्तविकता में अग्रेशन उनके जीवन का सच है। वह लोग एक दूसरे से हमेशा लड़ते रहते हैं।

मॉडल इनाया सुल्ताना ने रामगोपाल वर्मा के साथ डांस का एक और वीडियो शेयर किया, फिर उसी तरह जकड़ते दिखे

अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले फिल्म निर्माता और निर्देशक रामगोपाल वर्मा का एक नया डांस वीडियो वायरल हुआ है। इसमें भी वह मॉडल इनाया सुल्ताना के साथ डांस करते दिखाई दे रहे हैं। वह मॉडल का हाथ पकड़ कमरे में नाच रहे होते हैं औऱ अचानक से एक झटके में उसे खींचकर अपनी छाती से चिपका लेते हैं।

इस वीडियो को मॉडल इनाया ने खुद शेयर किया है। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा है, “मैं आधिकारिक रूप से अपने और राम गोपाल वर्मा के इस डांस वीडियो को शेयर कर रही हूँ।” साथ ही वर्मा को टैग भी किया है।

इस बीच रामगोपाल वर्मा ने भी एक इमेज शेयर की थी। इसमें वो और इनाया साथ हैं। इसके साथ ही वर्मा ने लिखा, “वायरल वीडियो में मैं और मेरी खूबसूरत डांसिंग पार्टनर इनाया सुल्ताना।”

हालाँकि, वर्मा की पोस्ट पर लोगों ने पूछ लिया कि इनाया का बुर्का आखिर कहाँ है?

गौरतलब है कि इससे पहले भी मॉडल इनाया का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें रामगोपाल वर्मा अजीब तरीके से मॉडल के साथ डांस करते दिखे थे। इसमें वे कभी इनाया के पैरों में गिरते दिखे तो कभी उसे जकड़ते। वीडियो को शेयर करते हुए रामगोपाल वर्मा ने लिखा था, “मैं फिर से स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि इस वीडियो में जो शख्स दिख रहा है, वो मैं नहीं हूँ। साथ ही लाल कपड़ों में जो लड़की दिख रही हैं, वो इनाया सुल्ताना नहीं हैं। मैं अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन की शपथ खा कर ऐसा कहता हूँ।” हालाँकि, लोगों को उनका मजाक पसंद नहीं आया और उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) तक को भी टैग किया।

उस वीडियो में लोगों ने अंदाजा लगाया कि वर्मा उस वक्त नशे में थे। इसके साथ ही एक न्यूकमर लड़की के साथ उनके इस तरह के बर्ताव को बुरा बताया गया। वहीं कुछ ने अंदाज़ा लगाया कि लड़की को मजबूरी में ये सब बर्दाश्त करना पड़ रहा है। लोगों ने ध्यान दिलाया कि जिस तरह वो इनाया सुल्ताना को जकड़ रहे हैं, वो आपत्तिजनक है। कइयों ने इसे ‘कास्टिंग काउच’ से भी जोड़ा और अपना विरोध दर्ज कराया।

शाहरुख ने नाम रखा दीपक, हिंदू लड़की को फँसाया: नशा देकर देह व्यापार में धकेला, विरोध पर सिगरेट से दागा

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से हिंदू युवती को प्रेमजाल में फँसाकर लव जिहाद करने और उसके बाद उसे जबरन देह व्यापार के दलदल में धकलने का मामला सामने आया है। इसमें आरोपित की मदद उसके परिवार के लोगों ने भी की। आरोपित शाहरुख ने हिंदू युवती को अपने जाल में फँसाने के लिए अपना परिचय दीपक के तौर पर बताया था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, घटना अलीगढ़ जिले के देहली गेट थाना क्षेत्र के घुड़ियाबाग इलाके की है। यहीं की रहने वाली हिंदू युवती से दो साल पहले शाहरुख दीपक बन कर मिला। दोनों में जान पहचान हुई और एक-दूसरे के साथ प्रेम संबंध में दो साल तक रहे। इस दौरान शाहरुख ने युवती को अपने इरादों के बारे में भनक तक नहीं लगने दी।

इस बीच करीब 2 महीने पहले आरोपित एक दिन पीड़िता को घुमाने के बहाने ले गया और उसे भुजपुरा स्थित एक मकान में छोड़ दिया। वहाँ पर उसे जबरन नशा देकर देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया गया। इस कार्य में आरोपित के परिजनों ने भी उसकी मदद की थी।

पीड़ित हिंदू लड़की आरोपित के कैद से किसी तरह बचकर भागी। युवती को मानिक चौक पर उसके परिचित हिंदूवादी युवकों ने सहारा दिया और उसे पुलिस के पास पहुँचाया। इसके बाद आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया।

पुलिस को दिए बयान में पीड़िता ने अपनी आपबीती में बताया कि देह व्यापार करने से इनकार करने पर आरोपित शाहरुख उसके पैरों को सिगरेट से जलाता था। कैद में पूरे समय उसे काफी प्रताड़ित किया गया था।

लव जिहाद के मामले की सूचना मिलते ही पूर्व मेयर शकुंतला भारती ने कोतवाली जाकर पुलिस से कार्रवाई करने को कहा। वहीं, इस मामले में सीओ राघवेंद्र सिंह ने कहा है कि पीड़िता की माँ की तहरीर पर केस दर्ज करके आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा है कि जल्द ही आरोपितों को पकड़ लिया जाएगा।

शशि थरूर ने आला लगा किया इलाज, इंग्लिश सुन मरीज को आया होश – केरल में कॉन्ग्रेस का सड़क पर चल रहा ड्रामा

ऐसे में जब देश के नए कोविड-19 मामलों में 60% से अधिक मामले केरल से हैं, तिरुवनंतपुरम के सांसद और कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर ने सोचा कि ‘सड़क के किनारे’ विरोध प्रदर्शन करने का इसी समय सही आइडिया है। 

केरल में बुधवार (अगस्त 25, 2021) को एक दिन में 31,445 कोविड-19 मामले आने के बाद बिना किसी सोशल डिस्टेंसिंग के कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने तिरुवनंतपुरम में सचिवालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया।

थरूर ने राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 स्थिति से निपटने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की शुरुआत की। थरूर ने एक वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया। इसमें वह एक ‘डॉक्टर’ थे और स्ट्रेचर पर लेटे हुए ‘मरीज’ की जाँच कर रहे थे। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा, “@IYC विरोध में, सड़क किनारे ICU में केरल के मरीज के स्वास्थ्य की जाँच!”

शेयर किए गए वीडियो में, थरूर को स्टेथोस्कोप के साथ डॉक्टर की भूमिका निभाते हुए देखा जा सकता है, जो स्ट्रेचर पर पड़े एक फर्जी मरीज का इलाज करते हुए दिखाई देते हैं। कोविड-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वाले ‘एक्टर्स’ के आसपास करोड़ों कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता और मीडिया देखे जा सकते हैं।

डॉ थरूर को मिली ऐसी प्रतिक्रियाएँ

कॉन्ग्रेस नेता द्वारा वीडियो शेयर करने के बाद नेटिजन्स तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ देने लगे। ‘मेरा यशु यशु’ मीम का उपयोग करने का अवसर न चूकते हुए, एक यूजर ने इसे साझा करते हुए बताया कि ‘डॉ थरूर’ द्वारा इलाज कराने के बाद मरीज की प्रतिक्रिया किस तरह की होगी।

एक अन्य यूजर ने कॉन्ग्रेस सांसद की आलोचना करते हुए कहा कि जब राज्य पहले से ही महामारी की स्थिति का सामना कर रहा है, तो अभी इस तरह के ड्रामे की क्या आवश्यकता है? कई लोगों ने डॉक्टर होने का झूठा ढोंग करने वाले राजनेता के लॉजिक पर सवाल उठाया।

कई लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग के न होने की ओर इशारा किया और जब राज्य में 30,000 से अधिक नए कोविड-19 मामले सामने आए हैं, तो भीड़ इकट्ठा करना कहाँ तक सही था। एक नेटिज़न ने ट्वीट किया, “वयस्क साक्षरता वर्गों में सोशल डिस्टेंसिंग की व्याख्या नहीं की गई थी।”

एक अन्य यूजर ने यह कहते हुए मजाक उड़ाया कि थरूर अपने ट्रेडमार्क ‘थरूरियन’ अंग्रेजी में बोलकर मरीज का इलाज करेंगे। उसने लिखा, “शशि सर इंग्लिश बोल कर होश में ला देंगे मरीज को।”

शशि थरूर द्वारा कोविड नियमों का मज़ाक उड़ाते हुए नकली डॉक्टर होने का नाटक करने को लेकर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे ढोंग बताया। बता दें कि थरूर जैसे मौजूदा सांसद, जो ‘शिक्षित’ हैं और जिन्हें अक्सर ज्ञान की कमी के लिए दूसरों का मज़ाक उड़ाते हुए देखा जाता है, उनका इस तरह से व्यवहार करने पर नेटिजन्स निशाने पर ले रहे हैं।

जहाँ कई लोगों ने विज्ञान और कॉमन सेंस का मजाक उड़ाने के लिए कॉन्ग्रेस नेता की निंदा की, वहीं कुछ ने उनकी तुलना फिल्म के कैरेक्टर अर्जुन रेड्डी से भी की। कोविड-19 डैशबोर्ड के अनुसार, केरल राज्य में आज तक 1,81,000 से अधिक एक्टिव कोविड-19 मामले हैं।

बोल नहीं सकती थी… अब बोलने लगी: ‘मेरा यशु यशु’ के मीम वायरल, 7 साल पुराने गाने को YouTube पर मिल रहे कमेंट धड़ाधड़

हाल ही में एक मीम वायरल हुआ है। इस मीम में एक वीडियो है, जो कि किसी ईसाई मिशनरी के कार्यक्रम का लगता है। इस वीडियो में एक लड़के को रोते हुए देखा जा सकता है। फिर एक आदमी (जो कि शायद पादरी होता है) उससे पूछता है कि क्या उसकी बहन पहले बोल सकती थी। लड़का ‘नहीं’ में जवाब देता है। फिर उससे पूछा जाता है कि क्या वह अब बोल सकती है, और इस बार वह ‘हाँ’ में जवाब देता है। तभी बैकग्राउंड में गाना बजता है, “मेरा यशु यशु।”

लड़के का एक्सप्रेशन काफी हास्यप्रद है और कुल मिलाकर वीडियो बेहद फनी है। इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया वेबसाइटों पर वीडियो से जुड़े मीम्स की बाढ़ आ गई। ‘मेरा यशु यशु’ वीडियो के साथ इंटरनेट पर बहुत सारे मैशअप आने लगे।

इसका ओरिजिनल वीडियो भी काफी मजेदार है।

हालाँकि, इन सब में शायद सबसे मजेदार डॉग मीम है जो इंटरनेट पर धूम मचा रहा है।

‘नहीं बोल सकती थी’ और ‘बोलने लगी’ वीडियो के इस हिस्से ने भी काफी ध्यान आकर्षित किया है।

‘मेरा यशु यशु’ गाना स्पष्ट रूप से ईसाई धर्मांतरण के लिए एक औजार जैसा लगता है। वीडियो ईसाई कार्यक्रम का लगता है, जहाँ पर इस तरह के दृश्य अक्सर ‘चमत्कार’ के नाम पर देखे जाते हैं।

बता दें कि ‘मेरा यशु यशु’ 2014 का एक गाना है, जिसे पहली बार YouTube पर जो मैथ्यू द्वारा अपलोड किया गया था। इस गाने में अरबी फील के साथ बॉलीवुड आइटम सॉन्ग नंबर्स के कुछ हिस्से भी डाले गए हैं। यह गाना पूरे 8 मिनट का है और गायक हिमेश रेशमिया से प्रेरित मालूम पड़ता है, जिसने ‘ओओओओओओओ’ पर विशेष जोर दिया है।

यह गीत ‘यशु’ को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत करता है जो भक्त को उसके सभी संकटों से मुक्त करता है। मीम के वायरल होने के बाद, गाने ने YouTube पर फिर से ध्यान आकर्षित किया है। इस मीम के वायरल होने के बाद से ही नए-नए कमेंट्स की बौछार हो रही है। अधिकांश टिप्पणियाँ हिंदू देवताओं की जय-जयकार से संबंधित हैं। किसी ने ‘जय श्री राम’ कमेंट किया तो किसी ने ‘हर हर महादेव’ का नारा दिया।

Mera Yeshu Yeshu
Source: YouTube comments section

कुछ ने ‘हरि बोल’ और ‘ओम नमः शिवाय’ का भी कमेंट किया।

Mera Yeshu Yeshu
Source: YouTube comments section

जो मैथ्यू ने अपनी पर्सनल वेबसाइट पर कई गानों की लिरिक्स अपलोड की है। ये गाने अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, रूसी और मलयालम में हैं।