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‘नो वन किल्ड सुनंदा पुष्कर’: अदालत ने शशि थरूर को नहीं माना दोषी, कॉन्ग्रेस सांसद ने कहा- आभारी हूँ

सुनंदा पुष्कर की संदिग्ध मौत के मामले में दिल्ली की अदालत ने बुधवार (18 अगस्त 2021) को कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर को दोष मुक्त कर दिया। सुनंदा की मौत के बाद थरूर पर आत्महत्या के लिए उकसाने और वैवाहिक हिंसा से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया गया था और उन्हें मुख्य आरोपित बनाया गया था।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष जज गीतांजलि गोयल ने फैसला सुनाते हुए कॉन्ग्रेस नेता को बरी कर दिया। थरूर अभी तक जमानत में चल रहे थे और उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस के द्वारा आईपीसी की धारा 306 और 498A के तहत चार्जशीट दायर की गई थी। अदालत के फैसले पर खुशी जताते हुए थरूर ने कहा कि पिछले साढ़े सात साल उनके लिए किसी टॉर्चर की तरह रहे।

हालाँकि, कोर्ट का फैसला आने के बाद सोशल मीडिया में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कॉन्ग्रेस के सदस्यों और समर्थकों ने जहाँ इस फैसले के समर्थन में प्रतिक्रिया व्यक्त की वहीं कई यूजर्स ने इस फैसले पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए भारतीय न्यायपालिका पर प्रश्न उठाया।

ज्ञात हो कि जनवरी 2014 में दिल्ली के होटल में शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर संदिग्ध हालत में मृत पाई गई थीं। इस मामले में मई 2018 में दिल्ली पुलिस के द्वारा एफआईआर दर्ज की गई थी और थरूर को मामले का मुख्य आरोपित बनाया गया था।

‘मुबारक हो! तालिबान को हिंदी मुसलमान का सलाम’: AIMPLB प्रवक्ता ने कहा- निहत्थी कौम ने सबसे मजबूत सेना को दी शिकस्त

समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान के बाद अब ‘ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB)’ के प्रवक्ता मौलाना सज्जाद नोमानी ने तालिबान का समर्थन किया है। जहाँ एक तरफ तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्ज़ा कर के वहाँ महिलाओं का शोषण शुरू कर दिया है और शरिया कानून के तहत तमाम रूढ़िवादी पाबंदियाँ लगाई हैं, वहीं दूसरी तरफ भारत के इस्लामी कट्टरपंथी उसका गुणगान कर रहे।

अब मौलाना सज्जाद नोमानी ने ‘तालिबान के हौसले’ को सलाम किया है। उन्होंने कहा कि तालिबान ने दुनिया की सबसे मजबूत फौज को शिकस्त दे दी है। AIMPLB प्रवक्ता ने कहा, “एक बार फिर यह तारीख रकम हुई है। एक निहत्थी कौम ने सबसे मजबूत फौजों को शिकस्त दी है। काबुल के महल में वे दाखिल होने में कामयाब रहे। उनके दाखिले का अंदाज पूरी दुनिया ने देखा। उनमें कोई गुरूर और घमंड नहीं था।”

मौलाना सज्जाद नोमानी ने तालिबान की तारीफों के पुल बाँधते हुए आगे कहा, “उनके कोई बड़े बोल नहीं थे। ये नौजवान काबुल की सरजमीं को चूम रहे हैं। मुबारक हो। आपको दूर बैठा हुआ यह हिंदी मुसलमान सलाम करता है। आपके हौसले को सलाम करता है। आपके जज्बे को सलाम करता है।” तालिबान के कब्जे के बाद हुई हिंसा व वहाँ से भागने के दौरान मची भगदड़ में कई लोग मारे भी गए हैं।

66 वर्षीय सज्जाद नोमानी के बारे में बता दें कि उनके पिता भी ‘इस्लामी स्कॉलर’ रहे हैं। सज्जाद नोमानी का जन्म उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुआ था। उनकी शिक्षा-दीक्षा लखनऊ के ‘दारुल उलूम नदवातुल उलामा’ और देवबंद के ‘दारुल उलूम’ से हुई है। उनके अब्बा एक बड़े जमींदार और कारोबारी थे। सज्जाद नोमानी ने सऊदी अरब द्वारा स्थापित ‘इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ मदीना’ से कुरान के अध्ययन में Ph.D की है।

इससे पहले समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने तालिबान की तुलना भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों से की थी। अब उनके खिलाफ इस बयान के लिए यूपी पुलिस ने राजद्रोह के मामले में FIR दर्ज की है। शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा था, “तालिबान एक ऐसी ताकत है, जिसने रूस और अमेरिका जैसे शक्तिशाली देशों को भी अपने देश पर कब्जा नहीं करने दिया। अब तालिबान अपने देश को आजाद कर उसे चलाना चाहता है, यह उसका आंतरिक मामला है। भारत में भी अंग्रेजों से पूरे देश ने लड़ाई लड़ी थी।”

रोहिंग्या घुसपैठिए, नाबालिग लड़कियों की तस्करी: खबर दिखाने पर YouTube ने बैन किया चैनल – जानिए पूरा मामला

वीडियो प्लेटफॉर्म YouTube ने एक बार फिर से ‘बाबा’ के नाम से जाने जाने वाले रचित कौशिक के ‘सब लोकतंत्र’ चैनल को प्रतिबंधित कर दिया है। हमने इस सम्बन्ध में रचित कौशिक से भी बात की। लेकिन, उससे पहले हम आपको बताते हैं कि उस वीडियो में था क्या। हालाँकि, YouTube ने उस वीडियो को डिलीट कर दिया है लेकिन ऑपइंडिया के पास वो वीडियो मौजूद है। दरअसल, उस वीडियो में रोहिंग्या घुसपैठियों के खतरे से आगाह किया गया था।

YouTube ने बैन किया रचित कौशिक का चैनल: क्या था ‘सब लोकतंत्र’ के इस वीडियो में

इस वीडियो में रचित कौशिक ने पूछा था कि अगर आपके घर में चूहे बड़ी संख्या में हो गए हों और उनसे अपना सामान बचाने के लिए कपड़ों की अलमारी व रसोई वगैरह बंद रखना पड़ता हो तो क्या आप अपने घर का मुख्य द्वार खुला छोड़ेंगे? इसके बाद उन्होंने खुद ही इसका जवाब देते हुए कहा था कि आप ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि आपको पता है कि एक बार चूहे घर में घुस गए तो उन्हें निकालना बड़ा मुश्किल है।

रचित कौशिक ने ‘सब लोकतंत्र’ के इस वीडियो में इस बात पर अफ़सोस जताया था कि हमारी सरकारें व प्रशासन इसी चीज को नहीं समझता है। उन्होंने कहा था कि बांग्लादेशियों व रोहिंग्या मुस्लिमों का तो दूर, उन्हें उलटा यहाँ बसाया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश के ‘आतंकरोधी दस्ते (ATS)’ के बयान का जिक्र किया था। उनका अगला सवाल था कि आपका आधार या पैन कार्ड खो गया हो तो क्या करना पड़ता है?

फिर उन्होंने खुद ही इसका जवाब देते हुए कहा था कि इसके लिए काफी माथापच्ची व भागदौड़ करनी होगी, फिर काफी मशक्कत के बाद एकाध महीनों में ये दोबारा मिलेगा। लेकिन, इसके उलट घुसपैठियों को यहाँ प्रवेश करते ही ये सब मिल जाता है। उन्होंने ATS द्वारा दिल्ली से सटे गाजियाबाद से रोहिंग्या घुसपैठियों को हिरासत में लेने की घटना का जिक्र किया, जो मानव तस्करी में लगे थे। इसी तरह के अन्य घुसपैठियों के पास राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान पत्र मिले।

उन्होंने तंज कसा कि किस तरह हमारे देश का सिस्टम ‘एडवांस’ में काम करता है। उन्होंने बताया कि नाबालिग लड़कियों की तस्करी में फँसे गिरफ्तार तीन आरोपित ब्रह्मपुत्र मेल ट्रेन से भारत आए थे और उनमें से एक नुरुल इस्लाम बांग्लादेश का रहने वाला है जो फ़िलहाल त्रिपुरा में रह रहा था। बाक़ी दोनों के नाम रहमतुल्लाह और शबीब हैं। रचित कौशिक ने तंज कसा था कि इनका कोई मजहब नहीं था, क्योंकि आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता।

इन सभी आरोपितों के कागज़ात भारत आने से पहले ही इन्हें मिल गए थे और सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा था। तीनों की तस्वीरें दिखाते हुए रचित कौशिक ने कहा था, “आप भले नौकरी के लिए जूते घिस-घिस कर जवानी बर्बाद कर दें, इन्हें संविदा पर नौकरियाँ मिल रही हैं। और तो और, इन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर भी मिल रहा है। लखनऊ ATS के दफ्तर में इनसे सघन पूछताछ हुई।”

तीनों आरोपितों में से एक त्रिपुरा में, एक जम्मू कश्मीर में और एक म्यांमार में रहता था। रचित कौशिक ने वीडियो में आगे कहा, “सोचिए, इनका जाल कहाँ तक बिछा हुआ है। ये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तस्करी कर रहे हैं। इनसे हम तो हम, विधायक तक परेशान हैं। लोनी के विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने डीएम को पत्र लिख कर जाँच की माँग की है। विधानसभा में भी उन्होंने ये मुद्दा उठाया था। कैसे इन घुसपैठियों को कागज़ात मिल रहे?”

अंत में रचित कौशिक ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा था कि वहाँ एक ईमानदार सरकार है, इसीलिए घुसपैठिए वहीं बस रहे हैं। उन्होंने एक वर्ष पहले ही एक खबर भी साझा की, जिसमें बताया गया था कि कैसे मदनपुर खादर में 5.2 एकड़ जमीन रोहिंग्या मुस्लिमों ने कब्ज़ा ली थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि विधायक अमानतुल्लाह खान दिल्ली सरकार चला रहे हैं और उन्होंने ही वक़्फ़ बोर्ड के जरिए इन रोहिंग्यों का आधार कार्ड बनाया।

रचित ने बताया कि कैसे बिजली-पानी इन्हें मिलती थी और लॉकडाउन में राशन भी मिलता था। रचित कौशिक ने उस घटना को भी याद किया, जब दिल्ली में घुस कर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपनी उस जमीन को खाली कराई। रचित ने जनता को सलाह दी कि आपके टैक्स पर मुफ्त में बिजली-पानी-राशन लेने वाले लोगों को समझना चाहिए कि आपने बिजली बिल पर जो 4000 रुपए बचाए हैं, उनकी ही बदौलत ये लोग दिल्ली में आकर ऐसा कर रहे हैं।

रचित कौशिक ने ऑपइंडिया से की बात

ऑपइंडिया से बात करते हुए ‘सब लोकतंत्र’ YouTube चैनल के रचित कौशिक ने बताया कि जानबूझ कर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और आशंका जताई कि उनके खिलाफ मास रिपोर्टिंग की जा रही है। हाल ही में उन्होंने बॉलीवुड पर भी कई वीडियो बनाए थे। सैफ अली खान व करीना कपूर द्वारा अपने दूसरे बेटे का नाम जहाँगीर रखने की खबर आने के बाद उन्होंने इस पर वीडियो बनाया था।

रचित कौशिक को आशंका है कि बॉलीवुड की तरफ से भी उन्हें टारगेट करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि वीडियो में जो भी ख़बरें हैं, वो मीडिया की ख़बरों से ही उठाई गई हैं। साथ ही उन्होंने पूछा कि अगर मीडिया में इसके छपने से कोई दिक्कत नहीं है तो फिर हमारे वीडियो बनाने पर रोक क्यों? ये दूसरी बार है जब ‘सब लोकतंत्र’ को YouTube ने इस तरह प्रतिबंधित किया है। तीसरी बार इसे प्रतिबंधित करने के बाद वो हमेशा के लिए चैनल डिलीट कर सकता है।

इससे पहले जुलाई 2021 के पहले हफ्ते में रचित कौशिक के यूट्यूब चैनल ‘सब लोकतंत्र‘ को 7 दिनों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। YouTube का कहना था कि उनके चैनल ने ‘हेट स्पीच’ को आगे बढ़ाया है। इस बार भी ‘हेट स्पीच’ वाला राग ही यूट्यूब ने अलापा है। उस वीडियो में उन्होंने बताया था कि कैसे फरहान अख्तर की फिल्म ‘तूफ़ान’ के माध्यम से ‘लव जिहाद’ के गुप्त एजेंडे का महिमामंडन किया जा रहा है।

क्या है वीडियो में दिखाए गए खबर की सच्चाई?

अंत में हमने पड़ता की कि ‘सब लोकतंत्र’ YouTube चैनल के माध्यम से रचित कौशिक ने रोहिंग्या मुस्लिमों से सम्बंधित जो खबरें दिखाई थीं, उसकी सच्चाई क्या है? सबसे पहले बात रोहिंग्या घुसपैठियों की गिरफ़्तारी की। ये सच है कि यूपी एटीएस टीम ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर म्यांमार और बांग्लादेश से महिलाओं और बच्चों को अवैध रूप से भारत लाकर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।

जुलाई 2021 के अंतिम हफ्ते में मानव तस्करी के इस गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए उत्तर प्रदेश की ATS टीम के 30 से अधिक अधिकारियों को करीब 36 घंटे से अधिक का एक ऑपरेशन चलाना पड़ा था। ‘ब्रह्मपुत्र मेल’ से ये दबोचे गए थे। इसी तरह गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर GRP ने रोहिंग्या घुसपैठियों के साथ-साथ रुपए लेकर उन्हें भारत में घुसाने वालों को भी गिरफ्तार किया था। ऐसी कई ख़बरें आती रहती हैं।

ये भी सच है कि ‘योगी का बुलडोजर’ दिल्ली में चला था और यूपी के सिंचाई विभाग ने रोहिंग्या घुसपैठियों से अपनी जमीन खाली कराई थी। जुलाई 2021 में ईद के अगले दिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पास मदनपुर खादर में योगी सरकार ने रोहिंग्याओं के अवैध कब्जे से 150 करोड़ रुपए की जमीन खाली करवाई थी। पूरी कार्रवाई में सिंचाई विभाग की 2.10 हेक्टेयर जमीन मुक्त की गई थी। इस तरह से खबर भी सच है।

‘सरकारी योजना का लाभ घुसपैठियों को’ – लोनी के भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने लिखा था पत्र

ये भी सच है कि विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने गाजियाबाद के जिलाधिकारी को पत्र लिख कर डूडा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 80% बांग्लादेशी घुसपैठियों व रोहिंग्या मुस्लिमों को आवंटन दिए जाने पर आपत्ति जताई थी। ये पत्र हमने ऊपर संलग्न किया है। उन्होंने कहा था कि कैसे घुसपैठियों के मूल निवास प्रमाण पत्र व जमीन के दस्तावेज भी बनाए गए हैं। संसद से 15 किलोमीटर दूर इस तरह की गड़बड़ी को उन्होंने संवेदनशील करार दिया था।

थरूर पर लिबरल गिरोह गरम, कहा- RSS के सुर में बोल रहे: तालिबान में केरल के युवकों के शामिल होने की जताई थी आशंका

कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर ने आशंका जताई थी कि केरल से ISIS में शामिल होने गए कट्टरपंथी तालिबान में शामिल हो चुके हैं। थरूर द्वारा केरल के कट्टरपंथी युवाओं को लेकर कही गई इस बात से ‘लिबरल’ समुदाय भड़क उठा।

थरूर के बयान से द क्विंट के पत्रकार आदित्य मेनन भी नाखुश दिखाई दिए। द क्विंट पहले भी इस्लामी कट्टरपंथियों के अपराधों को छुपाने के लिए लेख प्रकाशित करता रहा है और उन्हें ‘बेटा’, ‘दोस्त’ या पति कहते हुए उनका महिमामंडन करता रहा है। मेनन पूर्व में शरजील इमाम जैसे कट्टरपंथी का समर्थन भी कर चुके हैं जिसने भारत के पूर्वोत्तर हिस्से को मुख्य भूमि से अलग करने की बात कही थी। मेनन के अलावा दूसरे अन्य मुस्लिमों ने भी थरूर को आड़े हाथों लिया और उन पर RSS के सुर में बोलने का आरोप लगाया।

कई लिबरल इसलिए नाराज थे क्योंकि थरूर द्वारा केरल के युवाओं की कट्टरता पर ध्यान आकृष्ट कराना, दक्षिणपंथी इकोसिस्टम की सहायता करेगा। इसका मतलब यही हुआ कि दक्षिणपंथी इकोसिस्टम की सहायता, केरल के युवाओं द्वारा ISIS में शामिल होने से कहीं ज्यादा बड़ा खतरा है।

इस मुद्दे का समाधान ढूँढने से ज्यादा लिबरल इस बात को लेकर चिंतित दिखाई दिए कि थरूर के बयान के बाद एक ‘हेट कैंपेन’ शुरू हो जाएगा।

थरूर ने एक और ट्वीट किया जिसमें केरल की निमिषा फातिमा के बारे में जानकारी दी गई थी जो ISIS में शामिल होने के लिए भारत छोड़कर चली गई थी और अफगानिस्तान में कैद में थी। संभावना है कि फातिमा उन 5000 कैदियों में से एक है जिन्हें तालिबान द्वारा रिहा किया गया है। थरूर के इस ट्वीट के बाद भी लिबरल भड़क उठे और उनसे पूछा कि उन्हें कैसे पता कि तालिबान में केरल के लोग भी हैं।

फिलिस्तीन का झंडा अपनी प्रोफाइल में लगाए हुए कुछ ट्विटर यूजर ने शशि थरूर पर आरोप लगाया कि उन्होंने घृणा फैलाने वालों के लिए अपने राज्य को धोखा दिया है।

ज्ञात हो कि तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने मंगलवार (17 अगस्त) को ट्वीट कर अफगानिस्तान में आतंक मचाने वाले तालिबानियों में दो भारतीयों के शामिल होने की आशंका जताई थी। थरूर ने दावा किया था कि उन्होंने वीडियो में दो भावुक तालिबानियों को मलयालम में बातचीत करते हुए सुना है। थरूर ने लिखा, “ऐसा प्रतीत होता है कि तालिबान ने केरल के कम से कम दो मलयाली लोगों को भर्ती किया है। इनमें से एक को 8 सेकेंड के आसपास ‘संसारिककिट्टे’ (मलयाली शब्द) बोलते हुए सुना जा सकता है और दूसरा तालिबानी इसे समझता है।”

सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के खिलाफ चलेगा राजद्रोह का मामला, तालिबान से की थी स्वतंत्रता सेनानियों की तुलना

समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने तालिबान की तुलना भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों से की थी। अब उनके खिलाफ इस बयान के लिए यूपी पुलिस ने FIR दर्ज की है। उनके अलावा दो अन्य लोगों ने भी इन्हीं बातों को दोहराया था, इसीलिए उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। उत्तर प्रदेश के संभल जिले के एसपी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा-124A (राजद्रोह) के तहत FIR हुई है।

साथ ही उनके खिलाफ IPC की धाराएँ 153A (लिखित या मौखिक रूप से ऎसा बयान देना जिससे साम्प्रदायिक दंगा या तनाव फैलता है या समुदायों के बीच शत्रुता पनपती हो) और 295 (किसी धर्म का अपमान) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। भाजपे ने इस बयान का विरोध करते हुए कहा कि सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने देश के लिए अपना सर्वस्व बलिदान करने वालों का अपमान किया है।

पार्टी ने कहा कि ये बयान इनकी मानसिकता दर्शाता है और इस अपमानजनक टिप्पणी के लिए उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए। यूपी के उप-मुख्यमंत्री केशवा प्रसार मौर्या ने कहा कि अगर कोई ऐसा बयान देता है तो फिर उसमें और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान में अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि सपा में कुछ भी हो सकता है। बता दें कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद वहाँ भगदड़ की स्थिति है।

शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा था, ” तालिबान एक ऐसी ताकत है, जिसने रूस और अमेरिका जैसे शक्तिशाली देशों को भी अपने देश पर कब्जा नहीं करने दिया। अब तालिबान अपने देश को आजाद कर उसे चलाना चाहता है, यह उसका आंतरिक मामला है। भारत में भी अंग्रेजों से पूरे देश ने लड़ाई लड़ी थी। रहा सवाल हिंदुस्तान का तो यहाँ कोई अगर कब्जा करने आएगा तो उससे लड़ने को देश मजबूत है।”

91 वर्षीय शफीकुर्रहमान बर्क फ़िलहाल संभल से ही सांसद हैं। वो मोरादाबाद से 3 बार और संभल से 2 बार सांसद रहे हैं। पहले वो बसपा में हुआ करते थे, लेकिन फरवरी 2014 में उन्होंने सपा का दामन थाम लिया। 2017 में वो असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM में चले गए थे लेकिन फिर सपा में लौटे। उन्होंने राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ को इस्लाम के खिलाफ बताया था और कहा था कि मुस्लिमों को ये नहीं गाना चाहिए।

फातिमा सहित वे सब जो केरल से भाग ISIS से जुड़े उन्हें तालिबान ने छोड़ा, भारत में घुसने की कर सकते हैं कोशिश: रिपोर्ट्स

एनबीसी न्यूज करेस्पॉन्डेंट रिचर्ड एंजेल (Richard Engel) ने रविवार (15 अगस्त 2021) को एक वीडियो शेयर किया जिसमें तालिबान द्वारा काबुल जेल से रिहा किए गए कैदी दिखाई दे रहे हैं। केरल की निमिशा फातिमा भी उनमें से एक है। फातिमा ने इस्लामिक स्टेट (ISIS) में शामिल होने के लिए भारत छोड़ दिया था।

मातृभूमि की इसी से जुड़ी एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि खुफिया जानकारी के मुताबिक तालिबान द्वारा रिहा कैदियों में 8 केरल के रहने वाले हैं जो ISIS में शामिल होने के उद्देश्य से अफगानिस्तान गए थे। इन सभी को अफगानी सेना ने गिरफ्तार किया था। हालाँकि रिपोर्ट में बताया गया है कि ऐसे 21 भारतीय थे जो अफगानिस्तान ऐसे ही उद्देश्य के लिए गए थे। निमिशा फातिमा भी उनमें से एक है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि रिहा किए गए ये कट्टरपंथी किसी दूसरे तरीके से भारत आ सकते हैं, ऐसे में बंदरगाह और सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

ज्ञात हो कि फातिमा ने 2016 में इस्लामिक स्टेट में शामिल होने के लिए भारत छोड़ दिया था। उसका शौहर संघर्ष के दौरान मारा गया, जबकि फातिमा को अफगानी सेना ने हिरासत में ले लिया था। फातिमा की माँ अपील की थी कि उसकी बेटी को भारत वापस लाया जाए। लेकिन केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए इसे अस्वीकार कर दिया था। एक इंटरव्यू में उसकी माँ ने कहा था कि वह अपनी बेटी को भारत लाने के लिए सरकार और सम्बंधित जिम्मेदारों से माँग करती रहेगी। हालाँकि बिंदु अभी भी अपनी बेटी की रिहाई की आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा में है।

आपको बता दें कि अफगानिस्तान की सत्ता में आते ही तालिबान द्वारा विभिन्न जेलों में बंद 2300 खूंखार आतंकियों को रिहा करने की खबर भी सामने आई थी। बताया जा रहा है कि तालिबान ने टीटीपी के डिप्टी चीफ फकीर मोहम्मद के अलावा अलकायदा, ISIS और तहरीक-ए-तालिबान के कई खूंखार आतंकियों को जेल से बाहर कर दिया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबान ने बैतुल्ला मेहसूद, आतंकी फकीर मोहम्मद, वकास मेहसूद, हमजा मेहसूद, जरकावी मेहसूद, जईतुल्ला मेहसूद, हमीदुल्ला मेहसूद और हमीद महसूद जैसे कुख्यात आतंकियों सहित 2,300 आतंकियों को रिहा किया है। वहीं, पाकिस्तान ने तहरीके तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकियों को छोड़ने पर भी चिंता व्यक्त की है, क्योंकि टीटीपी पाकिस्तान में काफी सक्रिय है। हालाँकि मातृभूमि की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि काबुल की बादाम बाग और पुल-ए-चरखी जेलों से रिहा किए गए आतंकियों और कैदियों की संख्या 5000 से भी अधिक है।

स्वरा भास्कर को होगी 3 साल की सजा? तालिबान ‘प्रेम’ में अलापा ‘हिन्दू आतंकवाद’ का राग

सोशल मीडिया पर लोग बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर की गिरफ़्तारी की माँग करते हुए ‘अरेस्ट स्वरा भास्कर’ ट्रेंड करा रहे हैं। उन पर हिन्दू धर्म के अपमान का आरोप लगा है। स्वरा भास्कर ने अपने एक ट्वीट में अफगानिस्तान पर कब्ज़ा करने वाले तालिबान की तुलना हिंदुत्व से कर दी। उन्होंने हिन्दू धर्म को आतंकवाद से जोड़ा। इसी से नाराज़ लोगों ने उन पर हिन्दुओं के खिलाफ झूठी ख़बरें व प्रोपेगंडा फैलाने का आरोप लगाया।

स्वरा भास्कर ने अपनी ट्वीट में लिखा था, “हम तालिबान के आतंक पर हैरानी और दुःख जताते हुए ‘हिंदुत्व आतंकवाद’ की तारीफ नहीं कर सकते। ऐसा भी नहीं हो सकता कि हम तालिबान के आतंक पर चुप बैठें और ‘हिंदुत्व आतंकवाद’ पर आक्रोश जताएँ। हमारे मानवीय व नैतिक मूल्य इस पर आधारित नहीं होना चाहिए कि अत्याचारी कौन है और पीड़ित कौन है।” स्वरा भास्कर के इस तरह से हिन्दू धर्म को आतंकवाद व तालिबान से जोड़ने से लोग नाराज़ हो गए।

एक्टिविस्ट बरखा त्रेहान ने स्वरा भास्कर की गिरफ़्तारी की माँग करते हुए उन्हें ‘देशद्रोही और हिन्दूफ़ोबिक’ करार दिया।

‘अतुल्य भारत’ नाम के ट्विटर हैंडल ने स्वरा भास्कर की एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि बिना किसी जानकारी के शब्दों की उलटी करने का कोई चेहरा है तो यही है।

सीए अंकित गुप्ता ने स्वरा भास्कर के ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “स्वरा भास्कर हमारे हिन्दू धर्म को बदनाम कर रही हैं। वो झूठे आरोप लगा रही हैं, घृणा फैला रही हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों की धार्मिक व वैचारिक भावनाओं को ठेस पहुँचाते हुए लोगों में घृणा भर रही हैं।”

कुछ लोगों ने उन्हें पाकिस्तान चले जाने की सलाह देते हुए कहा कि अगर हिन्दुओं से इतनी ही नफरत है तो यहाँ भारत में क्यों रह रही हैं? अधिवक्ता गौरव गोयल ने कहा कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने पर 3 साल तक की सजा का प्रावधान है।

कुछ ही दिनों पहले स्वरा भास्कर तब विवादों में आई थीं जब एक ट्विटर यूजर ने दावा किया था कि स्वरा भास्कर अपने बेटे का नाम औरंगजेब रखेंगी। इस पर स्वरा ने कहा था कि उन्हें ‘सुलेमान’ ज्यादा पसंद है। सैफ अली खान और करीना कपूर ने अपने दूसरे बेटे का नाम जहाँगीर रखा है, जिस पर टिप्पणी करते हुए स्वरा ने कहा था, “किसी दंपति ने अपने बच्चों के नाम रखे हैं, और वो दंपति आप नहीं हैं – पर आपको इस पर ऐतराज है कि नाम क्या है और क्यों हैं। इससे आपकी भावनाएँ आहत हैं तो आप इस दुनिया के सबसे बड़े गधों में एक हैं!”

1 महिला, 300-400 पाकिस्तानी मर्द: कपड़े फाड़े-हवा में उछाला, आजादी दिवस पर वहीशपन का देखें Video

पाकिस्तान में 14 अगस्त 2021 को एक महिला टिकटॉकर के साथ सैकड़ों लोगों द्वारा बदसलूकी किए जाने का मामला सामने आया है। महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में बताया गया है कि जब वह अपने कुछ साथियों के साथ वीडियो बना रही थी तब तकरीबन 300-400 लोगों ने हमला कर दिया।

घटना लाहौर के ग्रेटर इक़बाल पार्क की है। लॉरी अड्डा पुलिस स्टेशन में टिकटॉकर महिला ने शिकायत दर्ज कराई है। उसने बताया कि वह अपने 6 साथियों के साथ आज़ादी दिवस (14 अगस्त 2021) के दिन मीनार-ए-पाकिस्तान के नजदीक टिकटॉक वीडियो बना रही थी। इसी दौरान करीब 300-400 लोगों ने उन पर हमला कर दिया। महिला ने बताया कि उसने अपने साथियों के साथ वहाँ से बचकर निकलने की कोशिश की लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी कि वे सफल नहीं हो सके।

घटना के बारे में बताते हुए महिला ने कहा कि हमला करने वाले लोगों की भीड़ उसे धक्का दे रही थी और खींच रही थी और उसे हवा में उछाला जा रहा था। महिला ने बताया कि उसके कपड़े भी फाड़ दिए गए थे, साथ ही उसकी अँगूठी और कानों की बालियाँ भी छीन ली गईं। इसके अलावा महिला के साथियों पर भी हमला किया गया और उनमें से एक का मोबाइल फोन और लगभग 15,000 रुपए भी छीन लिया गया।

महिला टिकटॉकर के साथ पाकिस्तान में हुई इस बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ जिस पर भीड़ में शामिल लोगों की जमकर आलोचना हुई। शिरीन असद नाम की एक ट्विटर यूजर ने इस घटना का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “मैं जिस दर्द और गुस्से में हूँ उसे बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। जानवर भी इन लोगों (हमला करने वाली भीड़) से बेहतर होते हैं और मैं उनसे प्यार भी करती हूँ। आप कह सकते हैं कि ये वही लोग हैं जो कहते हैं कि यह एक इस्लामिक मुल्क है और तालिबान का जश्न मनाते हैं।”

हालाँकि पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और पुलिस को संदिग्धों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दे दिया गया है। पुलिस द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि वीडियो फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है और महिला के साथ बदसलूकी कर उसके सम्मान को ठेस पहुँचाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अटल जी के गुलाबजामुन से अयोध्या तक… PM मोदी ने ओलंपिक वीरों को दी पार्टी: Video आपके लिए खास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टोक्यो ओलंपिक में गए भारतीय खिलाड़ियों को प्रधानमंत्री आवास में एक दावत दी, जहाँ वो खुद भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु को आइसक्रीम खिलाने का भी वादा पूरा किया। स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा और वेटलिफ्टर मीराबाई चानू समेत कई खिलाड़ियों से उन्होंने बातचीत की। इस दौरान माहौल काफी हल्का रहा और बातों-बातों में ही परम मोदी ने खिलाड़ियों से कई रोचक चीजें जानीं और उनका मनोबल बढ़ाया।

दुनिया में जेवलिन थ्रो के शीर्ष खिलाड़ियों में से एक नीरज चोपड़ा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब उन्होंने दूसरी बार भाला फेंका, उसके बाद वो विजय के मूड में आ गए। पीएम मोदी ने कहा कि उस समय वो सरप्राइज्ड थे। साथ ही उन्होंने चोपड़ा के आत्मविश्वास की भी दाद दी। उन्होंने पूछा कि ये कैसे संभव हुआ? इस पर नीरज चोपड़ा ने कहा कि इतने सालों के अनुभव के बाद प्रयास से ही पता चल जाता है कि ये थ्रो कैसा था।

नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैंने देखा है कि विजय तुम्हारे सिर पर नहीं चढ़ता और पराजय तुम्हारे मन में नहीं बैठता। तुम हमेशा नियंत्रण में रहते हो।” इस पर नीरज चोपड़ा ने कहा कि हमें बाकी सभी प्रतिद्वंद्वी एथलीट्स के बीच हमें खुद के प्रदर्शन पर फोकस करना पड़ता है और बाकी खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देख कर हताश नहीं होना होता है। नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों को चूरमा भी खिलाया। पीएम मोदी ने बताया कि वो चातुर्मास में एक समय ही भोजन करते हैं।

इस दौरान नरेंद्र मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ा एक किस्सा भी सुनाया। दिवंगत पीएम के जन्मदिन पर पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को बताया कि एक बार अटल जी किसी परिवार में भोजन करने गए। वहाँ उन्हें गुलाबजामुन मिला। मीडिया वालों को उन्होंने बताया कि गुलाबजामुन बहुत अच्छे थे, जिसके बाद पूरे देश में ये खबर छप गई। इसके बाद वो जहाँ जाते थे, वहाँ गुलाबजामुन खिलाए जाते थे।

इससे वो तंग आ गए और हलके अंदाज़ में कहा कि कोई ऐसा सर्कुलर निकालों कि मैं जहाँ जाऊँ वहाँ गुलाबजामुन न खिलाए जाएँ। इस दौरान कई ऐसे खिलाड़ियों से भी उन्होंने बात की, जिन्हें मेडल नहीं मिल सका। पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से कहा कि वो लिख कर उन्हें दें कि विश्व में खेलों में शीर्ष स्थान पर जाने के लिए क्या-क्या करना चाहिए और प्रशिक्षण की कैसे व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों से अपने-अपने सुझावों को देने को कहा।

वहीं रेसलर रवि दहिया से पीएम मोदी ने पूछा कि उन्होंने आखिरी समय में खेल कैसे बदल दिया? इस पर दहिया ने कहा कि उन्हें पता था कि उन्हें ये आखिरी मौका मिला है। पीएम मोदी ने याद किया कि कैसे उनके प्रतिद्वंद्वी पहलवान ने उनका हाथ काट लिया, फिर भी वो उन्हें जकड़े रहे। उन्होंने पूछा कि क्या ऐसी करतूतों पर ओलंपिक कोई कार्रवाई लेता है। पीएम मोदी ने इस दौरान रवि दहिया से एक ‘शिकायत’ भी की।

उन्होंने कहा कि 5 साल हरियाणा में रह कर काम करने का उनका अनुभव कहता है कि वहाँ के लोग हर चीज में कुछ न कुछ हँसने वाली टिप्पणियाँ करते हैं। उन्होंने कहा कि रवि ने उनकी शिकायत है कि वो पोडियम पर भी हँसते नहीं थे। उन्होंने पूछा कि क्या उनके मन में प्रेशर था, जिस पर रवि ने कहा कि उन्हें गोल्ड की उम्मीद थी। पीएम मोदी ने उन्हें सलाह दी कि वो निराशा का भाव न आने दें और हरियाणवी लोगों की तरह खुशमिजाज रहें।

वहीं रेसलर बजरंग पुनिया से पीएम मोदी ने पूछा कि पैर में चोट आने के बावजूद वो खेलते रहे और पट्टी वगैरह निकाल दी। इस पर बजरंग पुनिया ने कहा कि ओलंपिक में खेलना है खिलाड़ी का सपना होता है, ऐसे में उन्होंने सोचा कि पैर टूट भी जाए तो फर्क नहीं पड़ता लेकिन वो खेलेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि वो चुप बैठने वाले नहीं हैं और आगे और मेहनत करेंगे। उन्होंने दीपक पुनिया से कहा कि वो हार न मानें और उन्होंने अच्छा किया है, देश को उन पर गौरव है।

वहीं विनेश फोगट से उन्होंने कहा कि वो इतना गुस्सा क्यों करती हैं और उन्हें निराश न होने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आने के बाद भी वो किसी से नहीं मिलती थीं, ये तरीका सही नहीं है। उन्होंने उन्हें हार को मन से निकालने की सलाह देते हुए कहा कि जीत को कभी सिर पर चढ़ने मत दीजिए और हार को मन में बसने मत दीजिए। उन्होंने कहा कि विनेश के पूरे परिवार को जानते हैं और उन्हें निराश नहीं देख सकते।

उन्होंने विनेश से कहा कि वो अपने परिवार के साथ उनके घर आएँ, वहाँ बातचीत होगी। विनेश फोगट ने कहा कि उनके ऐसा कहने से उन सभी खिलाड़ियों को आत्मविश्वास मिलेगा, जो मेडल नहीं ला सके। उन्होंने हॉकी खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि भारत ओलंपिक में जितना भी जीत ले, हॉकी के बिना लगता ही नहीं कि मेडल मिला। हॉकी खिलाड़ियों ने कहा कि जीतने के बाद सब बात करते हैं, लेकिन हारने के बाद पीएम मोदी ने बात कर के जो मनोबल बढ़ाया वो बड़ी बात है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओलंपिक खिलाड़ियों से की बातचीत

उन्होंने पीआर श्रीजेश से कहा कि क्रिकेट में तो विकेटकीपर को सभी जानते हैं, लेकिन हॉकी में जीत के बाद भी बताना पड़ता है कि गोलकीपर कौन है। उन्होंने श्रीजेश को ‘द वॉल’ बताया। उन्होंने खिलाड़ियों को बताया कि कैसे गुजरात में वो ‘खेल महाकुंभ’ चलाया करते थे। इस दौरान वो 3 दिन गाँवों में रहते थे, ऐसे गाँवों में जहाँ बच्चियों की शिक्षा कम होती थी। वहाँ वो परिवारों को लड़कियों की शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करते थे।

इस दौरान उन्होंने पीवी सिंधु के कोरियाई कोच को अयोध्या और कोरिया के बीच रिश्ता समझाते हुए बताया कि पिछले साल हुए समारोह में कोरिया की फर्स्ट लेडी मुख्य अतिथि थीं। महिला हॉकी खिलाड़ियों से उन्होंने कहा कि हार के बाद सभी खिलाड़ी और कोच तक इमोशनल हो गए थे, लेकिन अच्छे से चीजों को संभाला गया। महिला हॉकी खिलाड़ियों ने कहा कि आपने हमारा प्रोत्साहन बढ़ाया, उससे हमारा मनोबल बढ़ा।

‘क्या शिवभक्त ऐसे व्यवहार के ही अधिकारी हैं’: भूतनाथ मंदिर पहुँचे श्रद्धालुओं को बंगाल पुलिस ने बेरहमी से पीटा

पश्चिम बंगाल के कोलकाता के बेनियाटोला इलाके में स्थित में प्रसिद्ध भूतनाथ मंदिर में पूजा करने के लिए इकट्ठा हुए हिन्दू श्रद्धालुओं पर सोमवार (16 अगस्त 2021) को पुलिस ने लाठीचार्ज किया। वैसे तो राज्य के अधिकांश मंदिर खोल दिए गए हैं लेकिन भूतनाथ मंदिर को अभी भी ‘कोरोना प्रतिबंधों’ के नाम पर बंद रखा गया है। श्रावण महीने में हिन्दुओं के लिए भूतनाथ मंदिर का विशेष महत्व है। हर सोमवार को कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों से भक्त मंदिर पहुँचते हैं। अब चूँकि मंदिर बंद है ऐसे में श्रद्धालु मंदिर के गेट के बाहर से ही प्रार्थना करते हैं।

सोमवार को जब भक्त मंदिर में प्रार्थना करने के लिए पहुँचे तब पुलिसकर्मियों द्वारा उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी गई। इसके अलावा सिविल ड्रेस में भी दो लोग एक शिवभक्त को पीटते दिखाई दिए जिसने भगवा कपड़े पहने हुए थे। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसे बंगाल भाजपा इकाई ने ट्विटर पर शेयर किया और लिखा, “भूतनाथ मंदिर के सामने भगवान शिव के भक्तों के साथ कोलकाता पुलिस द्वारा मारपीट की गई। क्या शिवभक्त ऐसे व्यवहार के ही अधिकारी हैं? बंगाल में ममता बनर्जी का शासन तालिबानी शासन का एक छोटा रूप है। शर्मनाक।”

बंगाल भाजपा के उपाध्यक्ष रितेश तिवारी ने इस घटना को क्रूर बताया और कहा कि कोलकाता पुलिस भूतनाथ मंदिर के सामने शिवभक्तों को बुरी तरह से पीट रही है, जो एक हृदय विदारक घटना है। तिवारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासनकाल में कानून-व्यवस्था की तुलना तालिबान शासित अफगानिस्तान से की।

पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद शुरू हुई हिंसा में, जिसमें तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों का हाथ था, हजारों हिन्दुओं का जीवन प्रभावित हुआ था। विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने मई में प्रेस वक्तव्य जारी किया था जिसमें VHP के केंद्रीय महासचिव मिलिंद परांदे के हवाले से कहा गया था कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हिन्दू समाज पश्चिम बंगाल में 02 मई से शुरू हुई वीभत्स और बर्बर राजनैतिक हिंसा झेल रहा है। प्रेस वक्तव्य में कहा गया था कि इस हिंसा में 3500 से अधिक गाँव और 40,000 से अधिक हिन्दू (जिसमें अधिकांशतः SC और ST समुदाय के लोग शामिल हैं) प्रभावित हुए हैं।