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बांग्लादेश के शिव मंदिर में प्रतिमाएँ विखंडित की, 18 वर्षीय शकीलउद्दीन रंगे हाथों धराया: हिन्दुओं ने पुलिस को सौंपा

बांग्लादेश के नोआखली में एक हिन्दू मंदिर में तोड़फोड़ की घटनाएँ सामने आई हैं। मंदिर में तोड़फोड़ करने आए शकीलउद्दीन नामक युवक को रंगे हाथों पकड़ा गया। ‘बांग्लादेश हिन्दू यूनिटी काउंसिल’ ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि मैजड़ी मास्टरपारा इलाके में ये घटना हुई है। स्थानीय हिन्दुओं ने आरोपित युवक को रंगे हाथों दबोच लिया और इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

आरोपित की पहचान जिले के बेगमगंज उपजिला के जिरताली संघ के अब्दुर गफूर पुत्र मोसलेह उद्दीन उर्फ ​​शकील के रूप में हुई है। उसकी उम्र मात्र 18 वर्ष है। गिरफ्तार युवक को मंगलवार (18 अगस्त, 2021) की सुबह नोआखली मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया गया। इससे पहले घटना उपजिला के मैजड़ी कस्बे के मास्टरपारा इलाके के एक शिव मंदिर में सोमवार की रात करीब साढ़े 11 बजे तोड़फोड़ हुई

घटनास्थल से कैद एक वीडियो पहले ही सोशल मीडिया पर सामने आ गया था। वीडियो में देखा जा सकता है कि शिव मंदिर के अंदर दो मूर्तियों में एक प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और दूसरे वाले को भी जमीन पर पटक दिया गया। बगल में दूसरी मूर्ति बिलकुल ठीक थी। मंदिर के बाहर आक्रोशित हिन्दुओं ने आरोपित युवक को दबोचने में कामयाबी आई। पुलिस के आने तक उसे मंदिर के ही सामने एक खम्भे से बाँध कर रखा गया था, ताकि वो भागे नहीं।

सुधारम पुलिस प्रभारी प्रभारी (ओसी) ने कहा कि आरोपी युवक शकील ने मूर्ति तोड़ने की बात कबूल कर ली है।

इससे पहले बांग्लादेश में कुछ कट्टरपंथियों ने अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के कई घरों, दुकानों पर हमला किया और चार मंदिरों में तोड़फोड़ की थी। यह घटना बांग्लादेश के खुलना जिले के रूपशा उपजिला के शियाली गाँव में हुई थी। मुस्लिम भीड़ ने इलाके के सभी मंदिरों और 58 हिंदुओं के घरों में तोड़फोड़ की थी। हथियारों से लैस आतंकियों ने घात लगाकर गाँव पर हमला किया था।  6 दुकानों को भी नष्ट कर दिया गया।

अफगानी झंडा लहराने की माँग को लेकर जलालाबाद में सड़कों पर उतरे लोग, तालिबान ने गोलियों से भूना

अफगानिस्तान में तालिबानियों के कब्जे के बाद अब वहाँ खुली सड़कों पर गोलियाँ चल रही हैं। ताजा घटना जलालाबाद शहर में देखने को मिली, जहाँ कुछ प्रदर्शनकारी अपना झंडा लेकर तालिबान का विरोध कर रहे थे कि तभी तालिबानियों ने गोली चलानी शुरू कर दी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में 2 लोगों की मौत और 8 घायल हुए हैं। 

संबंधित खबर का स्क्रीनशॉट

जानकारी के मुताबिक, तालिबान के विरोध में अफगानिस्तान के जलालाबाद में लोग सड़कों पर उतरे थे। उनकी माँग थी कि कार्यालयों पर अफगानिस्तानी झंडे लगाए जाएँ। लेकिन, इस बीच तालिबानियों ने उन पर गोली चला दी। साथ में कुछ प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों को बुरी तरह पीटा भी गया।

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में सैकड़ों लोगों को अफगानिस्तान का झंडा लेकर मार्च निकालते देखा जा सकता है। वीडियो के बैकग्राउंड में गोलियों की आवाजें आ रही हैं। लोग तालिबानियों से दूर भागते देखे जा सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले अफगान महिलाओं के एक समूह ने अपने अधिकारों की माँग के लिए प्रदर्शन किया था। हालाँकि वहीं दूसरी ओर एक महिला को बुर्का न पहनने के लिए मार देने का मामला भी सामने आया था। इधर, काबुल एयरपोर्ट पर भी तालिबानी हमले की घटना हुई। वहाँ तालिबान ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए धारधार हथियारों का इस्तेमाल किया और बिना इधर-उधर देखे महिलाओं से लेकर बच्चों तक को मारा गया। सामने आई तस्वीरों में खून से लथपथ पीड़ित काबुल एयरपोर्ट पर देखे जा सकते हैं।

तस्वीर साभार: डेलीमेल

कुछ रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि तालिबानी अब न केवल डोर-टू-डोर जाकर उन लोगों को मार रहे हैं जिन्होंने अमेरिकी सेना के लिए काम किया बल्कि जबरन लड़कियों को उठा कर उनसे शादी भी कर रहे हैं।

तस्वीर साभार: डेलीमेल

पाकिस्तान में MBBS सीटों के नाम पर टेरर फंडिंग: J&K पुलिस ने 4 को किया गिरफ्तार, हुर्रियत की बड़ी भूमिका का खुलासा

जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग के जरिए पाकिस्तान में एमबीबीएस की सीटें खरीदने का मामला सामने आया है। इस मामले में राज्य के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बुधवार (18 अगस्त 2021) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात की जानकारी दी कि हुर्रियत टेरर फंडिंग के जरिए केंद्र शासित प्रदेश के छात्रों के लिए पाकिस्तान में मेडिकल सीटें खरीदने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

डीजीपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में ‘साल्वेशन मूवमेंट’ का अध्यक्ष मोहम्मद अकबर भट उर्फ ​​जफर भट, फातिमा शाह, मोहम्मद अब्दुल्ला शाह और शबज़ार अहमद शेख शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कथित तौर पर मोहम्मद अब्दुल्ला शाह का भाई 90 के दशक में पाकिस्तान में जाकर बस गया था और वहाँ से वो हुर्रियत के सूत्रधार के रूप में काम करता था।

डीजीपी दिलबाग सिंह ने यह भी बताया है कि केस की जाँच चल रही है और अन्य आरोपियों का विवरण फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है।

मीडिया के सवालों के जवाब में सिंह ने खुलासा किया कि जम्मू-कश्मीर के कम से कम 57 मामले ऐसे थे, जिसमें छात्र वीजा पर सीमा पार गए और आतंकवादी बनकर लौटे। इनमें से 17 को एनकाउंटर में ढेर किया जा चुका है। इसके अलावा लगभग 14 से 15 अभी भी विभिन्न आतंकी संगठनों में आतंकवादी के रूप में सक्रिय हैं, जबकि अन्य 17 को किसी न किसी आपराधिक मामले में गिरफ्तार किया गया है।

सिंह ने आगे बताया कि पाकिस्तान में एक दर्जन से भी कहीं ज्यादा आतंकी शिविरों के सक्रिय होने का संदेह है। उन्होंने आगे कहा, “संख्या 57 से अधिक हो सकती है। ये 57 हमारे संज्ञान में आए। हम ऐसे और मामलों का पता लगाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जहाँ लोग छात्र वीजा (पाकिस्तान) पर गए थे, लेकिन उनकी अब तक कोई सूचना ज्ञात नहीं हैं।”

फैजान ने कबीर बनकर हिंदू महिला से गाढ़ी दोस्ती, चाकू की नोंक पर रेप कर बनाया वीडियो: निकाह के लिए धर्मान्तरण का बना रहा दबाव

मध्य प्रदेश के इंदौर से लव जिहाद का मामला प्रकाश में आया है। यहाँ फैजान खान ने कबीर बनकर ब्यूटी पार्लर चलाने वाली हिंदू महिला (35) से दोस्ती की और चाकू की नोक पर उसका रेप भी किया। लगातार रेप किए जाने के बाद महिला को एक बेटा भी हुआ, लेकिन फैजान महिला पर शादी करने के लिए धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, घटना इदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र की है। यहीं का रहने वाला फर्नीचर कारोबारी फैजान खान साल 2017 में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली 35 वर्षीय हिंदू महिला से दोस्ती करने के लिए उसके पार्लर पर गया औऱ उससे अपना नाम कबीर बताया। आरोपित ने महिला को बताया कि उसकी बहन की शादी है तो मेकअप करना है। इस पर महिला ने उसे उसकी बहन को लाने को कहा। हालाँकि, इधर-उधर की बातकर कुछ दिन तक वो पार्लर में आया। इस दौरान उसने महिला को अपनी दोस्ती के झूठे जाल में फँसा लिया। एक दिन मौका देखकर उसने चाकू की नोकपर उसका बलात्कार किया। उसके बाद बीते चार साल से आरोपित उसका रेप कर रहा है।

इसके बाद वह लगातार महिला का यौन शोषण करने लगा। हिन्दू महिला ने आरोप लगाया है कि रेप के बाद आरोपित ने उसका वीडियो बना लिया था। इसी के सहारे वो उसे ब्लैकमेल कर रहा था। आरोपित लगातार यौन शोषण करने से महिला महिला गर्भवती हो गई और नवंबर 2019 में उसे एक बच्चा भी हुआ। इसके बाद महिला ने उससे शादी करने की बात की। इस पर आरोपित ने महिला को धमकाते हुए उसे धर्मान्तरण कर इस्लाम अपनाने और निकाह करने को कहा। साथ ही उसने उसके बच्चे का भी खतना कराने की धमकी दी। इतना ही नही आरोपित ने माँ औऱ बच्चे को जान से मारने की धमकी भी दी।

बहरहाल पीड़िता की शिकायत पर आरोपित फैजान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित के खिलाफ रेप, लव जिहाद, एट्रोसिटी जैसी धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

‘मौत तेरे करीब…जहन्नुम में सड़ेगा’: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस काटजू के पोस्ट में ‘हनुमान’ देख टूट पड़े इस्लामी कट्टरपंथी

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस मार्कंडेय काटजू (Markandey Katju) सोशल मीडिया पर अपने विवादित पोस्टों के कारण चर्चा में रहते हैं। हाल में उन्होंने अपनी आदतों के चलते फिर कुछ ऐसा विवादित लिख दिया कि इस्लामी कट्टरपंथी उनके पीछे पड़ गए और उन्हें बताने लगे कि मौत उनके नजदीक आ रही है।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने अपने पोस्ट में ‘हनुमानजी हू अकबर’ लिखा था। इस पोस्ट के बाद उन्हें भर-भर कर गालियाँ मिलने लगीं।

काटजू का फेसबुक पोस्ट

शबीर आरजू नामक यूजर ने कहा, “तुम्हारी मौत आने वाली है। हमें फेसबुक के जरिए बताते रहना कि कैसे तुम्हें जहन्नुम में सड़ाया जा रहा है।”

काटजू को मिलने वाली मौत की धमकियाँ

वहीं, सलीम बेग ने लिखा, “एक उपयुक्त उदहारण हो तुम कि आखिर लोगों को एक उम्र के बाद क्यों रिटायर हो जाना चाहिए। एक उम्र के बाद वो बच्चों की तरह बर्ताव करने लगते हैं।” लेकिन काटजू ने इस रिप्लाई के बदले सलीम को लिखा, “ला इलाहा इल हनुमान जी।”

कट्टरपंथियों के रिप्लाई पर काटजू की प्रतिक्रिया

किसी शबीर अहमद ने उन्हें कहा कि उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है।

मोहम्मद शॉन ने काटजू की इस हरकत को गौ मूत्र से जोड़ दिया। शॉन ने लिखा, “सर गौ मूत्र का सेवन तो रोज नहीं करने लग गए।”

आमिर मलिक ने काटजू को दिमाग का इलाज करवाने की सलाह दी। साथ ही नवाज ने उनको बताया कि ‘हनुमान जी’ अकेले भगवान कैसे हो सकते हैं क्योंकि उनके भगवान तो ‘राम जी’ हैं। इसलिए हो सकता है वो इस ‘ला इलाहा’ को राम जी के लिए ले लें न कि खुद के लिए।

आसिफ अंसारी ने काटजू को बजरंग दल का नाम लेकर डराया और कहा कि अगर ये सब किसी संघी ने पढ़ा तो उनके लिए अच्छा नहीं होगा।

बता दें कि सोशल मीडिया पर कट्टरपंथियों से लगातार गाली पड़ने के बाद काटजू ने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया है। लेकिन मालूम रहे कि ये पहली बार नहीं है जब मार्कंडेय काटजू इस तरह अपने पोस्ट के कारण विवादों में घिरे हों। पिछले साल हाथरस घटना के समय काटजू ने देश में बढ़ रही रेपों की संख्या का सारा ठीकरा बेरोजगारी पर फोड़ा था। इसके बाद उनकी बहुत आलोचना हुई थी और सवाल उठे थे कि ऐसे शख्स ने न्याय व्यवस्था का हिस्सा बनकर कैसे फैसले लिए होंगे

‘बुलेटरानी’ के काफिले में PM मोदी की फोटो देख भड़के किसान नेता: पंजाब में जमकर काटा बवाल, पोस्टर फाड़े; लगाए मुर्दाबाद के नारे

किसान प्रदर्शनकारियों द्वारा रूपनगर में गाड़ियों को निशाना बनाए जाने का मामला सामने आया है। 17 अगस्त को प्रदर्शनकारियों ने पंजाब के रूपनगर (रोपड़) में मनाली जा रही एक गाड़ी पर हमला कर दिया। ऐसा पीएम मोदी के खिलाफ नफरत के चलते किया गया है। दरअसल उस गाड़ी पर पीएम मोदी के पोस्टर थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस गाड़ी पर उपद्रवियों ने हमला किया वो ‘बुलेट रानी’ के काफिले का था, जो कि 75 वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने के लिए तमिलनाडु के मदुरै से मनाली की यात्रा पर था।

घटना रात करीब साढ़े 10 बजे हुई। वहाँ के पुराने बस स्टैंड रोपड़ के पास बाज होटल के पास बुलेट रानी का काफिला खड़ा था। इसकी जानकारी होते ही इलाके के किसान पार्किंग में जमा हो गए और कार को घेर कर उस पर हमला कर दिया।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने गाड़ी में लगे पीएम मोदी के पोस्टरों को फाड़ दिया और ‘मोदी सरकार मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। करीब एक घंटे तक चले इस बवाल की खबर लगते ही मौके पर पहुँची पुलिस की टीम ने स्थिति को शांत कराया। नारे लगाने वाली भीड़ में किसान नेता कुलविंदर सिंह पंजोला, कुलवंत सैनी, दलजीत सिंह गिल और परविंदर सिंह अलीपुर शामिल थे। कथित तौर पर, उन्होंने कहा कि कार पर ‘मोदी नंबर -1’ लिखा था, लेकिन ‘पीएम किसानों की नहीं सुन रहे हैं।’

मौके पर मौजूद नेताओं में से एक ने कहा, “मोदी सरकार तीन कृषि कानूनों को निरस्त नहीं कर रही है। हम उनसे पूछना चाहते हैं, इन सबके बावजूद मोदी नंबर-1 पीएम कैसे हैं? उन्होंने आगे कहा कि जब तक तीन कृषि कानूनों को निरस्त नहीं किया जाता, तब तक भाजपा द्वारा आयोजित सभी कार्यक्रमों का किसान संघों द्वारा विरोध किया जाएगा।”

इस मामले में रोपड़ शहर के एसएचओ भगवंत सिंह ने कहा है कि तमिलनाडु की रहने वाली राजलक्ष्मी ‘बुलेट रानी’ के नाम से मशहूर हैं। उन्होंने Bullet पर सवार होकर कई खोजें की हैं। इसके अलावा उन्हें कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। फिलहाल वह दिल्ली के मयूर विहार में रह रही हैं। 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उन्होंने देश के शहीदों की याद में मदुरै तमिलनाडु से हिमाचल प्रदेश के मनाली में अटल टनल तक रैली की शुरुआत की थी।

राजलक्ष्मी मांडा जहाँ 4450 किलोमीटर की यात्रा पर अपनी बाइक की सवारी कर रही हैं, तो उनके काफिले में एक इनोवा कार व एक टेंपो ट्रैवलर भी है। टैंपो में पीएम मोदी के पोस्टर हैं। काफिला बाज होटल में आराम करने के लिए रुका तभी किसान नेताओं के नेतृत्व में भीड़ ने हंगामा किया। बाद में पुलिस ने स्थिति को शांत किया और कथित किसानों को घर वापस भेज दिया।

‘लिबरल’ तालिबान दिखाने लगा रंग: हजारा नेता की प्रतिमा ध्वस्त, बुर्का नहीं पहनने पर हत्या, महिला गवर्नर को कैद

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के साथ ही हिंसा और अराजकता के एक नए दौर का सूत्रपात हो गया है। इसी क्रम में बुर्का नहीं पहने पर तालिबानी आतंकियों ने एक महिला की हत्या कर दी। वहीं बंदूक के दम पर देश में कब्जा करने वाले तालिबान के खिलाफ लड़ने के लिए अपनी आर्मी बनाने वाली महिला गवर्नर सलीमा माजरी को भी कैद कर लिया गया। जबकि हजारा नेता अब्दुल अली माजरी की प्रतिमा को भी तालिबानियों ने ध्वस्त कर दिया।

महिला की हत्या

तालिबान ने अफगानिस्तान में कब्जा करने के बाद महिलाओं को शिक्षा और कुछ खास क्षेत्रों में काम करने की छूट देकर खुद को लिबरल दिखाने की कोशिश की थी, लेकिन इस बुर्का नहीं पहनने पर तालिबानी कट्टरपंथियों ने एक महिला की हत्या कर दी। यह वारदात वहाँ के तखर प्रांत में हुई। महिला ने सार्वजनिक जगह में बुर्का नहीं पहना था इसलिए उसे गोली मार दी गई। महिला की खून से लथपथ शरीर की तस्वीरें वायरल हो रही है। तालिबान ने स्पष्ट कहा है कि अब से अफगानिस्तान में महिलाओं को बुर्का नहीं, हिजाब पहनना होगा।

इस बीच तालिबानी लड़ाकों ने काबुल हवाई अड्डे में प्रवेश की कोशिश कर रहे लोगों को वहाँ से भगाने के लिए कोड़ों और धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया।

सलीमा माजरी को हिरासत में ले लिया

कल ही तालिबान ने 2300 खूंखार आतंकियों को रिहा किया है। वही तालिबान अफगानिस्तान में उसके नियमों और उसके शासन के खिलाफ आवाज उठाने वालों को लगातार कुचलने की कोशिश कर रहा है। वह भले ही महिलाओं को आजादी देने की बात कर रहा है, लेकिन उसने उसके खिलाफ खड़ी होने वाली महिला महिला गवर्नर सलीमा माजरी को हिरासत में ले लिया है। सलीमा माजरी ने तालिबान के खिलाड़ लड़ने के लिए अपनी खुद की आर्मी बनाई थी।

ऐसे वक्त में जब अफगानिस्तान के शीर्ष राजनेता देश छोड़कर भाग गए, तब सलीमा माजरी बल्ख प्रांत के सरेंडर करने तक डटी हुई थीं। जबकि, उनका जिला चाहर तालिबान के कब्जे में चला गया है।

हजारा नेता की प्रतिमा को ध्वस्त किया

इस बीच ट्विटर यूजर सलीम जावेद ने ट्वीट किया है कि बामियान में तालिबान ने हजारा नेता अब्दुल अली मजारी की प्रतिमा को उड़ा दिया है। इससे पहले तालिबानियों ने उनकी हत्या कर दी थी और बुद्ध की विशाल मूर्तियों और सभी ऐतिहासिक और पुरातत्व स्थलों को उड़ा दिया था।

सलीम ने अगले ट्वीट में सलीम ने कहा, “यह पुष्टि की गई है कि काबुल में एक संवाददाता सम्मेलन में तालिबान के प्रवक्ता के ‘माफी’ और सभी नागरिकों के बुनियादी अधिकारों के सम्मान के आश्वासन के ठीक बाद, बलिदानी मजारी की प्रतिमा को कल शाम उड़ा दिया गया था।”

‘तालिबानियों पर मेरी स्टोरी गायब’: कंगना ने बताया- चीन से उनका इंस्टाग्राम अकाउंट हैक करने की हो रही कोशिश

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। अपनी स्टोरी में कंगना ने अनुमान लगाया है कि शायद ट्विटर के बाद अब उनके इंस्टाग्राम पर भी खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने बताया कि कोई चीन से उनके अकॉउंट को हैक करने की कोशिशों में लगा है।

अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, “कल रात मुझे इंस्टाग्राम अलर्ट मिला कि कोई चीन में मेरे अकॉउंट को हैक करने की कोशिश कर रहा है। ये अलर्ट अचानक गायब हो गया और फिर जो तालिबानियों पर मैंने स्टोरी लगाई थी वो भी गायब हो गई। मेरा अकॉउंट डिसेबल कर दिया गया। इंस्टाग्राम वाले को कॉल करने पर मुझे मेरा एक्सेस मिला। लेकिन जैसा कि मैंने बताया कि जब भी मैं लिखने की कोशिश कर रही हूँ, मैं हर बार लॉग आउट हो जा रही हूँ।”

उन्होंने आगे बताया कि वह अपनी बहन का फोन लेकर इस स्टोरी को डाल रही हैं, क्योंकि उनकी बहन के फोन में भी उनका अकॉउंट खुला है। वह कहती हैं, “ये बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश है। अविश्वसनीय।”

कंगना रनौत की इंस्टाग्राम स्टोरी

उल्लेखनीय है कि इस साल के मई महीने में कंगना ने बंगाल हिंसा पर अपनी राय रखते हुए ट्विटर पर ममता सरकार की आलोचना की थी। इसके बाद ट्विटर पर 4 मई को उनका अकॉउंट हमेशा के लिए सस्पेंड कर दिया गया था। कंगना ने प्रतिक्रिया में लिखा था, “ट्विटर ने बस मेरी बात को साबित कर दिया कि वे अमेरिकी हैं और एक सफेद शख्स को जन्म से ही एक भूरे रंग के शख्स को गुलाम बनाने का हक मिल जाता है। ट्विटर हमें बताना चाहता है कि क्या बोलना है और क्या नहीं बोलना है। खुशकिस्मती से मेरे पास कई मंच हैं, जिनका इस्तेमाल करके मैं अपनी आवाज को उठाती रहूँगी।” इसके बाद वह इंस्टा पर एक्टिव हो गईं।

बता दें कि कंगना रनौत पिछले साल से लगातार चर्चा में हैं। सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के बाद उन्होंने बॉलीवुड माफियाओं पर सवाल उठाया, उसके बाद उनकी अनबन महाराष्ट्र सरकार से हो गई, फिर जावेद अख्तर से जुड़े विवाद में उन्हें लेकर बातें हुईं। हाल में वह अपने स्टाफ के साथ तस्वीर खिंचवाने के कारण चर्चा में आईं थीं और उनकी ड्रेस को लेकर भी उन्हें ट्रोल किया गया था।

‘नो वन किल्ड सुनंदा पुष्कर’: अदालत ने शशि थरूर को नहीं माना दोषी, कॉन्ग्रेस सांसद ने कहा- आभारी हूँ

सुनंदा पुष्कर की संदिग्ध मौत के मामले में दिल्ली की अदालत ने बुधवार (18 अगस्त 2021) को कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर को दोष मुक्त कर दिया। सुनंदा की मौत के बाद थरूर पर आत्महत्या के लिए उकसाने और वैवाहिक हिंसा से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया गया था और उन्हें मुख्य आरोपित बनाया गया था।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष जज गीतांजलि गोयल ने फैसला सुनाते हुए कॉन्ग्रेस नेता को बरी कर दिया। थरूर अभी तक जमानत में चल रहे थे और उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस के द्वारा आईपीसी की धारा 306 और 498A के तहत चार्जशीट दायर की गई थी। अदालत के फैसले पर खुशी जताते हुए थरूर ने कहा कि पिछले साढ़े सात साल उनके लिए किसी टॉर्चर की तरह रहे।

हालाँकि, कोर्ट का फैसला आने के बाद सोशल मीडिया में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कॉन्ग्रेस के सदस्यों और समर्थकों ने जहाँ इस फैसले के समर्थन में प्रतिक्रिया व्यक्त की वहीं कई यूजर्स ने इस फैसले पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए भारतीय न्यायपालिका पर प्रश्न उठाया।

ज्ञात हो कि जनवरी 2014 में दिल्ली के होटल में शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर संदिग्ध हालत में मृत पाई गई थीं। इस मामले में मई 2018 में दिल्ली पुलिस के द्वारा एफआईआर दर्ज की गई थी और थरूर को मामले का मुख्य आरोपित बनाया गया था।

‘मुबारक हो! तालिबान को हिंदी मुसलमान का सलाम’: AIMPLB प्रवक्ता ने कहा- निहत्थी कौम ने सबसे मजबूत सेना को दी शिकस्त

समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान के बाद अब ‘ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB)’ के प्रवक्ता मौलाना सज्जाद नोमानी ने तालिबान का समर्थन किया है। जहाँ एक तरफ तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्ज़ा कर के वहाँ महिलाओं का शोषण शुरू कर दिया है और शरिया कानून के तहत तमाम रूढ़िवादी पाबंदियाँ लगाई हैं, वहीं दूसरी तरफ भारत के इस्लामी कट्टरपंथी उसका गुणगान कर रहे।

अब मौलाना सज्जाद नोमानी ने ‘तालिबान के हौसले’ को सलाम किया है। उन्होंने कहा कि तालिबान ने दुनिया की सबसे मजबूत फौज को शिकस्त दे दी है। AIMPLB प्रवक्ता ने कहा, “एक बार फिर यह तारीख रकम हुई है। एक निहत्थी कौम ने सबसे मजबूत फौजों को शिकस्त दी है। काबुल के महल में वे दाखिल होने में कामयाब रहे। उनके दाखिले का अंदाज पूरी दुनिया ने देखा। उनमें कोई गुरूर और घमंड नहीं था।”

मौलाना सज्जाद नोमानी ने तालिबान की तारीफों के पुल बाँधते हुए आगे कहा, “उनके कोई बड़े बोल नहीं थे। ये नौजवान काबुल की सरजमीं को चूम रहे हैं। मुबारक हो। आपको दूर बैठा हुआ यह हिंदी मुसलमान सलाम करता है। आपके हौसले को सलाम करता है। आपके जज्बे को सलाम करता है।” तालिबान के कब्जे के बाद हुई हिंसा व वहाँ से भागने के दौरान मची भगदड़ में कई लोग मारे भी गए हैं।

66 वर्षीय सज्जाद नोमानी के बारे में बता दें कि उनके पिता भी ‘इस्लामी स्कॉलर’ रहे हैं। सज्जाद नोमानी का जन्म उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुआ था। उनकी शिक्षा-दीक्षा लखनऊ के ‘दारुल उलूम नदवातुल उलामा’ और देवबंद के ‘दारुल उलूम’ से हुई है। उनके अब्बा एक बड़े जमींदार और कारोबारी थे। सज्जाद नोमानी ने सऊदी अरब द्वारा स्थापित ‘इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ मदीना’ से कुरान के अध्ययन में Ph.D की है।

इससे पहले समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने तालिबान की तुलना भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों से की थी। अब उनके खिलाफ इस बयान के लिए यूपी पुलिस ने राजद्रोह के मामले में FIR दर्ज की है। शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा था, “तालिबान एक ऐसी ताकत है, जिसने रूस और अमेरिका जैसे शक्तिशाली देशों को भी अपने देश पर कब्जा नहीं करने दिया। अब तालिबान अपने देश को आजाद कर उसे चलाना चाहता है, यह उसका आंतरिक मामला है। भारत में भी अंग्रेजों से पूरे देश ने लड़ाई लड़ी थी।”