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महबूबा मुफ्ती का ‘Pak प्रेम’ फिर से: सेना-सुरक्षा बलों पर लगाया ‘गंदा’ आरोप, भारत सरकार की तुलना ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ से

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार (28 जुलाई 2021) को पीडीपी के 22वें स्थापना दिवस के मौके पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए जम्मू-कश्मीर में विशेष दर्जे को बहाल करने की माँग की। महबूबा ने कहा कि राज्य से 5 अगस्त 2019 को जो भी अवैध तरीके से छीना गया है, उसे ब्याज के साथ वापस करना पड़ेगा।

श्रीनगर स्थित पार्टी मुख्यालय में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सम्मान के साथ शाँति की वकालत और जम्मू-कश्मीर के लोगों की पहचान और अधिकारों के लिए लड़ती रहेगी। महबूबा ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत में एकमात्र मुस्लिम बहुल राज्य विभाजित कर दिया गया है और ये सब भारत और उसके संविधान के द्वारा नहीं, बल्कि एक पार्टी ने किया है।”

यही नहीं पीडीपी प्रमुख ने केंद्र पर संस्थानों को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए बीजेपी को आधुनिक ईस्ट इंडिया कंपनी करार दिया और कहा कि इजरायल से मशीनें लाकर भारत के लोगों पर नजर रखी जा रही है। यही काम ईस्ट इंडिया कंपनी भी करती थी। उन्होंने अपने भाषण में जम्मू-कश्मीर की पहचान और कश्मीर विवाद के सुलझने तक लड़ाई लड़ने की बात कही।

उन्होंने कहा, “जब भारत 70 साल बाद अंग्रेजों से आजादी हासिल कर सकता है, जब बीजेपी 70 साल बाद जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा छीन सकती है तो हम अपने अधिकारों के लिए क्यों नहीं लड़ सकते? जम्मू-कश्मीर के लोग भारत के साथ रहना चाहते हैं और अपनी आवाज उठाना जारी रखेंगे और विशेष दर्जे की बहाली की माँग करेंगे।”

महबूबा मुफ्ती का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने लोकतंत्र के कारण भारत को प्राथमिकता दी थी। लेकिन वर्तमान भारत के सुरक्षा बल दुश्मनों से नहीं बल्कि यहाँ के लोगों से लड़ रहे हैं। उन्होंने सेना पर लोगों की आवाज दबाने का आरोप लगाया है।

पाकिस्तान से बातचीत की वकालत

महबूबा मुफ्ती का पाकिस्तान प्रेम एक बार फिर से जाग गया है। उन्होंने पाकिस्तान से बातचीत करने की वकालत करते हुए कहा कि कश्मीर मुद्दे का हल निकालने और इस क्षेत्र में खून-खराबा रोकने के लिए भारत को पाकिस्तान से बात करनी चाहिए। उनका कहना है कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। पड़ोसी देश से बात करने में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए।

बकरी से 5 ने किया गैंगरेप, मर गई: ‘नंगी-बेशर्म बकरी को हिजाब पहनना चाहिए था’ – Pak की घटना पर इमरान खान हुए ट्रोल

पाकिस्तान में एक बकरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घटना पंजाब के ओकारा की है। पुलिस ने 5 दरिंदों पर बकरी को तड़पाने, उसका गैंगरेप करने और फिर मारने के मामले में केस दर्ज किया है। बकरी के मालिक का कहना है उसने बकरी 60,000 रुपए में खरीदी थी।

मालिक के अनुसार, घटना 24 जुलाई की है। बकरी घर के बाहर बँधी हुई थी। तभी, 5 लोग आए और उसे किडनैप करके घर से कुछ किलोमीटर दूर जंगली इलाके में ले गए और वहाँ उसके साथ दुष्कर्म किया, जिसके बाद बकरी ने दम तोड़ दिया। जब मालिक उसे ढूँढते हुए जंगल पहुँचा तो बकरी मरी थी। मृत बकरी को बाद में पशु चिकित्सालय भी ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसके साथ हुए दुष्कर्म की पुष्टि की। पुलिस ने इस केस को दर्ज करके अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। 

आरोपित फिलहाल फरार हैं लेकिन पाकिस्तान पेनल कोड की धारा 377 और 429 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पाँचों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। इनमें  तीन की पहचान नईम, नदीप, रब नवाज के तौर पर हुई है।

बता दें कि पाकिस्तान में होने वाले संगीन अपराधों पर पहले भी कई दफा सवाल उठे हैं। लेकिन इस घटना के बाद इमरान खान कटघरे में खड़े कर दिए गए हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले कहा था कि यौन शोषण अश्लीलता के कारण होता है, जो पश्चिमी और भारतीय संस्कृति से आई है। इसके साथ ही उन्होंने पर्दा करने को भी जरूरी बताया था और कहा था कि पुरुष कोई रोबोट नहीं हैं। अगर महिलाएँ कम कपड़े पहनेंगी तो इसका असर देखने को मिलेगा।। 

अब बकरी के साथ हुई इस गैंगरेप की घटना के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर इमरान खान के बयान को लेकर उन्हें घेरना शुरू कर दिया है। पूर्व क्रिकेटर वसीम अकरम की पत्नी शानिएरा अकरम ने पूछा कि आज बकरी है कल कौन होगा? अपने इंस्टा पोस्ट में उन्होंने कहा कि जाहिर है आरोपित कहेंगे कि ये सारी बकरी की गलती थी, वह अकेली क्यों थी उसका शरीर क्यों नहीं ढका था। अपने पोस्ट में उन्होंने देश में शिक्षा, रोजगार, मजबूत कानूनों को जरूरत बताया। साथ ही  महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने बदलाव लाने की अपील की।

दूसरी ओर कई ट्विटर यूजर्स ने इमरान खान को टैग करते हुए पूछा कि क्या बकरियों को भी बुर्का पहनना चाहिए जैसा कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा ताकि ये ‘रोबोट’ नियंत्रित हो सकें। एक यूजर ने तंज करते हुए कहा, “बेशर्म बकरी को हिजाब पहनना चाहिए था। जरूर वह नंगी रही होगी और बेचारा गरीब उत्सुक हो गया। वे (रेपिस्ट) रोबोट नहीं है। केवल यौन शिकारी हैं जिन्हें केवल एक छेद दिखता है। यही इमरान खान का नया पाकिस्तान है।”

इमरान नाम का ट्विटर यूजर लिखता है, “क्या बेशर्म देश है। क्या हम इंसान हैं या जानवर? अल्लाह का शुक्र हैं कोई लड़की या महिला नहीं मिली। ये लोग उसे भी अपनी हवस मिटाकर मार देते।”

रंजनगाँव का गणपति मंदिर: गणेश जी ने अपने पिता को दिया था युद्ध में विजय का आशीर्वाद, अष्टविनायकों में से एक

महाराष्ट्र एक ऐसा राज्य है, जहाँ भगवान श्री गणेश की उपासना किसी त्यौहार से कम नहीं है। राज्य का संभवतः ही कोई ऐसा इलाका हो, जहाँ भगवान गणेश का कोई दिव्य मंदिर न हो। ऐसा ही एक मंदिर पुणे के निकट रंजनगाँव में स्थित है। हिन्दू धर्म ग्रंथों के मुताबिक इस स्थान पर भगवान गणपति ने अपनी पिता की उपासना से प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन दिया था। इसके बाद भगवान शिव ने राक्षस त्रिपुरासुर पर विजय प्राप्त की थी और यहाँ भगवान श्री गणेश के मंदिर को स्थापित किया था।

पौराणिक इतिहास

रंजनगाँव का वर्णन पुराणों और कई अन्य धर्म ग्रंथों में मिलता है। कहा जाता है कि प्राचीन काल में गृत्समद नाम के एक महान ऋषि थे, जो बहुत बड़े गणेश भक्त थे। उनका त्रिपुरासुर नाम का एक पुत्र हुआ, जो अत्यंत महत्वाकांक्षी होने के साथ क्रूर भी था। ऋषि गृत्समद ने उसे भगवान गणेश की उपासना करने के लिए कहा। भगवान गणेश ने त्रिपुरासुर को स्वर्ण, चाँदी और लोहे के तीन नगर आशीर्वाद स्वरूप दिए। भगवान गणेश से आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद त्रिपुरासुर ने अत्याचार मचा दिया और स्वर्ग, नरक एवं पाताल को भी जीत लिया।

त्रिपुरासुर के अत्याचार से तंग आकर यहाँ निवास करने वाले लोग भगवान शिव के पास गए और उनसे रक्षा करने की प्रार्थना की। भगवान शिव ने त्रिपुरासुर से युद्ध किया लेकिन भगवान शिव को युद्ध में उस राक्षस को नियंत्रित करने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा। इसी दौरान उन्हें यह स्मरण हुआ कि त्रिपुरासुर को भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद प्राप्त है, तब उन्होंने भी भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उनकी अराधना की।

भगवान शिव की उपासना से प्रसन्न होकर भगवान श्री गणेश ने उन्हें इसी स्थान पर दर्शन दिए और विजयश्री का आशीर्वाद दिया। भगवान गणेश के आशीर्वाद से महादेव ने एक ही बाण से त्रिपुरासुर के तीनों नगरों को नष्ट कर दिया और उस पर विजय प्राप्त की।

विशेष संरचना

पुणे से 51 किमी दूर स्थित यह मंदिर भगवान गणेश को समर्पित ‘अष्टविनायकों’ में चौथा मंदिर है। वर्तमान दृश्य मंदिर का निर्माण 9वीं-10वीं शताब्दी के दौरान हुआ था। मंदिर पूर्वाभिमुख है और इसके मुख्य द्वार पर दोनों ओर विशाल द्वारपाल बनाए गए हैं।

मंदिर की संरचना कुछ ऐसी है कि सूर्य के दक्षिणायन और उत्तरायण होने पर सूर्य की किरणें सीधे ही भगवान गणेश की स्वयंभू प्रतिमा पर पड़ती हैं। मंदिर के गर्भगृह में भगवान गणेश, ‘महागणपति’ के रूप में विराजमान है। उनकी इस अद्भुत प्रतिमा का ललाट काफी चौड़ा है और सूँड़ दक्षिण दिशा की ओर मुड़ी हुई है। उनके दोनों ओर ऋद्धि और सिद्धि विराजमान हैं।

मंदिर के वर्तमान गर्भगृह का निर्माण सन् 1790 में माधवराव पेशवा और मंदिर के मुख्य हॉल का निर्माण इंदौर के सरदार किबे ने कराया था। गणेश चतुर्थी यहाँ का विशेष त्यौहार है। इसके अलावा रविवार और बुधवार को भी यहाँ भक्तों की अच्छी-खासी भीड़ देखी जाती है।

कैसे पहुँचें?

मंदिर का निकटतम हवाईअड्डा पुणे में स्थित है, जो यहाँ से मात्र 46 किलोमीटर (किमी) की दूरी पर है। साथ ही मुंबई के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से मंदिर की दूरी लगभग 195 किमी है। रंजनगाँव का निकटतम रेलवे स्टेशन भी पुणे ही है, जो यहाँ से लगभग 50 किमी दूर है। इसके अलावा शिरुर स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग 20 किमी ही है।

इसके अलावा सड़क मार्ग से भी मंदिर तक पहुँचा जा सकता है। रंजनगाँव पुणे-अहमदनगर हाइवे पर ही स्थित है। पुणे और शिवाजी नगर से रंजनगाँव पहुँचने के लिए महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम के अलावा कई अन्य यातायात के साधन उपलब्ध रहते हैं।

‘नॉर्थ-ईस्ट का रहने वाला तभी भारतीय होगा जब मेडल जीतकर लाए, नहीं तो उसे चिंकी या कोरोना कहेंगे’: मिलिंद सोमन की पत्नी का फूटा गुस्सा

बॉलीवुड एक्टर मिलिंद सोमन की पत्नी व स्पोर्ट्स वुमन अंकिता कोंवर सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट शेयर करने के बाद से खासा चर्चा में हैं। मीराबाई चानू और प्रिया मालिक के ओलंपिक में मेडल जीतने के बाद उन्होंने नॉर्थ ईस्ट के लोगों के साथ कैसा बर्ताव किया जाता है, इसके बारे में लिखा है। अंकिता ने कहा, ”पूर्वोत्तर के लोगों को अलग-अलग नाम से पुकारा जाता है।” इसके साथ ही उन्होंने नॉर्थ ईस्ट इंडियंस के साथ होने वाले भेदभाव पर भी सवाल उठाया है।

दरअसल, अंकिता कोंवर का गुस्सा मीराबाई चानू को बधाई देने पर नहीं बल्कि इस बात पर फूटा है कि सामान्य दिनों में नॉर्थ ईस्ट वालों के साथ भेदभाव किया जाता है। उन्हें भारतीय नहीं माना जाता है। मिलिंद सोमन की पत्नी ने मंगलवार (27 जुलाई) को ट्वीट किया, ”अगर आप नॉर्थ ईस्ट इंड‍िया से हैं तो तभी भारतीय हो सकते हैं जब आप देश के लिए मेडल जीतकर लाते हैं। वरना आपको चिंकी, चाइनीज, नेपाली या अब एक नया एडिशन कोरोना के नाम से जाना जाता है।” उन्होंने आगे लिखा, “भारत में सिर्फ जातिवाद ही नहीं है, बल्कि नस्लवाद भी है। यह मैं अपने अनुभव से बता रही हूँ।” उन्होंने यही पोस्ट इंस्टाग्राम पर भी​ लिखा है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

गौरतलब है कि असम की रहने वाली अंकिता का असली नाम सुंकुस्मिता कोंवर है। 2013 में उन्होंने दिल्ली में एयर एशिया में बतौर केबिन क्रू केबिन एग्जीक्यूटिव का काम करना शुरू किया था। साल 2015 में अंकिता ने मिलिंद के साथ पहली 10 हजारी मैराथन कंप्लीट की थी। हालाँकि, वह सुर्खियों में मिलिंद से अप्रैल 2018 में शादी करने के बाद आई थीं। मिलिंद और अंकिता में 25 साल का अंतर है। मिलिंद जहाँ 55 साल के हैं, वहीं अंकिता 30 साल की हैं। इसको लेकर दोनों को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल भी किया गया था।

राज कुंद्रा के बचाव में उतरीं राखी सावंत, कहा- उन्होंने किसी को पोर्न शूट करने के लिए मजबूर नहीं किया

पोर्न केस में फँसे कारोबारी राज कुंद्रा का बॉलीवुड एक्ट्रेस राखी सांवत ने समर्थन किया है। राखी ने कहा, ”उन्होंने किसी को भी पोर्न शूट करने के लिए मजबूर नहीं किया।” राखी ने कहा, “मैं किसी के खिलाफ नहीं हूँ। कोई भी आपके सिर पर बंदूक तानकर आपको पोर्न शूट करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है। यह एक सहमति से किया गया काम है और इसे करने वाले जानते हैं कि वे क्या कर रहे हैं। इसलिए, कृपया किसी को दोष न दें।”

बिग बॉस की एक्स कंटेस्टेंट ने कहा, ”यह आजाद देश है, लोग तरह-तरह के काम करते हैं। दुनिया में बहुत सारे लोग हैं, जो इतनी सारी चीजें कर रहे हैं, लेकिन सिर्फ राज कुंद्रा को ही क्यों दोषी ठहराया जा रहा है?”

ई-टाइम्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “राज शिल्पा शेट्टी के पति हैं, एक बिजनेस टाइकून हैं? केवल इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। मुझे सच में दुख हो रहा है। मैं यह नहीं कहूँगी कि कौन निर्दोष और कौन अपराधी है।”

पैपराजी से बातचीत करते हुए राखी सावंत ने कहा, “वह जल्द ही जेल से बाहर आएँगे। उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। किसी को लड़कियों का भी बैकग्राउंड चेक करना चाहिए, जो खुद को भोली-भाली बता रही हैं। ऐसे किसी पर भी ऊँगली नहीं उठानी चाहिए। मुझे राज कुंद्रा जी के लिए बहुत बुरा लग रहा है।”

एक्ट्रेस ने कहा कि समय एक ऐसी चीज होती है जो आपका साथ हमेशा नहीं देती। इंसान को अपने अंदर भी देखना चाहिए। राज कुंद्रा को जज मत करो, मैं शिल्पा शेट्टी के साथ खड़ी हूँ। प्लीज आप लोग जाओ और अपने रियलिटी शो को जज करो।” मशहूर फोटोग्राफर विरल भयानी (Photographer Viral Bhayani) ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट राखी सांवत का यह वीडियो शेयर किया है।

बता दें कि इस मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम अपनी जाँच में रोज नए खुलासे कर रही है। राज कुंद्रा को मंगलवार (27 जुलाई) को भी राहत नहीं मिली। उन्हें फिलहाल 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

मालूम हो कि जिन धाराओं में राज कुंद्रा के विरोध केस चल रहे हैं उनमें अधिकतम सजा 7 साल की है। उनके विरुद्ध आईपीसी की धारा 292, 293 और आईटी एक्ट 67 और 67ए के तहत केस दर्ज है। कुंद्रा की ओर से माँग की गई है कि उन्हें हिरासत से राहत दी जाए। वहीं, पति के ​गिरफ्तार होने के बाद से शिल्पा शेट्टी डांस रिएलिटी शो ‘सुपर डांसर चैप्टर 4’ को जज नहीं कर रही हैं।

‘पूरे देश में खेला होबे’: सभी विपक्षियों से मिलकर ममता बनर्जी का ऐलान, 2024 को बताया- ‘मोदी बनाम पूरे देश का चुनाव’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कॉन्ग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने आज (जुलाई 28, 2021) दिल्ली में 2024 के लोकसभा चुनावों को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा, साल 2024 में ‘पूरे देश में खेला होबे (पूरे देश में खेल होगा)।’ अपने पाँच दिवसीय दिल्ली के दौरे में वह विपक्ष के कई नेताओं के साथ बैठक कर रही हैं।

ममता बनर्जी का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष बीजेपी से ज्यादा मजबूत होगा और इतिहास रचेगा। उनका कहना है कि अगला चुनाव ‘मोदी बनाम पूरा देश’ होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पत्रकारों के सवालों पर ममता बनर्जी ने कहा, “हम पार्टियों से बात करेंगे। एक प्लेटफार्म होना चाहिए, जहाँ से हम साथ चलें। संसद सत्र के बाद सभी पार्टियाँ आपस में बैठ कर बात करेंगी।”

उल्लेखनीय है कि पेगासस जासूसी मामले समेत कई अन्य मामलों पर केंद्र और विपक्ष के बीच चल रहे विवाद के बीच, बनर्जी ने कहा, “हम ‘सच्चे दिन’ देखना चाहते हैं, ‘अच्छे दिन’ काफी देख लिए।” कॉन्ग्रेस अध्यक्ष के साथ बैठक पर उन्होंने कहा कि विपक्ष एकजुटता चाहता है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस को क्षेत्रीय पार्टियों पर यकीन करना चाहिए और क्षेत्रीय पार्टियों को कॉन्ग्रेस पर। वह बताती हैं कि उनकी राहुल और सोनिया गाँधी से मुलाकात अच्छी रही हैं। उन्हें लगता है कि भविष्य में इसका सकारात्मक परिणाम सामने आएगा।

उन्होंने कहा, “भाजपा को हराने के लिए सभी का साथ आना जरूरी है। अकेले, मैं कुछ भी नहीं। सबको मिलकर काम करना होगा। मैं नेता नहीं हूँ। मैं एक कैडर हूँ। मैं सड़क पर खड़ी शख्स हूँ।”

‘साल 2024 में मोदी बनाम कौन’ के सवाल पर वह कहती हैं, “क्या मैं राजनीतिक ज्योतिष हूँ? यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। किसी को तो नेतृत्व करना ही है। समय आने पर चर्चा करेंगे। मैं अपनी राय नहीं थोपना चाहती हूँ। मैं सोनिया गाँधी और केजरीवाल से मिल रही हूँ। लालू प्रसाद यादव ने मंगलवार को फोन पर बात की। रोज हम बात कर रहे हैं। अभी तीन साल है। हम चर्चा कर रहे हैं।” उन्होंने कई नेताओं के नाम लिए और कहा कि आज भले ही सब साथ नहीं है लेकिन कल आ सकते हैं।

कराहते केरल में बकरीद के बाद विकराल कोरोना लेकिन लिबरलों की लिस्ट में न ईद हुई सुपर स्प्रेडर, न फेल हुआ P विजयन मॉडल!

केरल में कल, 27 जुलाई के दिन कोरोना के 22000 से अधिक नए केस दर्ज किए गए। यह पूरे देश में दर्ज हुए संक्रमण के नए मामलों का लगभग 53 प्रतिशत है। पिछले लगभग पंद्रह दिनों से लगातार केरल प्रतिदिन 15000 से अधिक संक्रमण के नए मामले दर्ज कर रहा है। जब से राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू प्रतिबंध को हटाने निर्णय लिया, संक्रमण के नए मामले बढ़ने लगे थे। ईद के बाद संख्या और बढ़ गई और कल यह संख्या 22000 से अधिक हो गई।

यह देखते हुए कहा जा सकता है कि ईद ने सुपर स्प्रेडर का काम किया है। ईद के सुपर स्प्रेडर का दर्जा दिए जाने के पक्ष में दलील यह दी जा रही है कि मुस्लिम बहुल जिलों में संक्रमण के नए मामले तेज़ी से बढ़े हैं। ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि ईद किसकी हुई?

कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए बहुत से राज्यों ने मेहनत की। कुछ राज्य तमाम अड़चनों और सीमित संसाधनों बावजूद सफल रहे। कुछ पूरी तरह से सफल नहीं रहे या संक्रमण रोकने का उनका उद्देश्य देर से पूरा हुआ पर पता नहीं ऐसा क्या है कि केरल में संक्रमण बढ़ता ही गया। उधर केरल सरकार कोरोना रोकने के अपने तथाकथित सुपर मॉडल के लिए पुरस्कार लेती रही और इधर संक्रमण बढ़ता गया। राज्य की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अपने तथाकथित मॉडल की सफलता का श्रेय आज भी देश विदेश में लिए जा रही हैं।

पता नहीं कौन सा मॉडल लेकर 23 करोड़ से अधिक आबादी वाला उत्तर प्रदेश रोज दो लाख से अधिक टेस्ट करके भी संक्रमण के सौ से कम नए मामले लगभग महीने भर से पा रहा है पर उसकी न तो कहीं चर्चा होती है और न ही प्रदेश सरकार को कोई पुरस्कार देने की जहमत उठाता है।

देखा जाए तो केरल में कोरोना की पहली और दूसरी लहर के बीच कोई समय आया ही नहीं। राज्य के मुख्यमंत्री, उनकी टीम और उनके सुपर मॉडल की चर्चा लगातार होती रहती है पर खोज का विषय है कि यह मॉडल है क्या? इसमें ऐसा क्या है जिसे उधार लिए बिना ही उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य से कम से कम समय में कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पा लिया गया? यह देखने वाली बात होगी कि कोरोना की दूसरी लहर के समय लखनऊ को लाशनऊ बताने वाले बुद्धिजीवी और पत्रकार केरल और उसके जिलों के लिए क्या लिखते हैं? यही बुद्धिजीवी और पत्रकार महीनों तक केरल के सुपर मॉडल के गुण गाते रहे पर आज जब राज्य बढ़ते संक्रमण पर काबू नहीं पा रहा तब चुप हैं और किसी कोने से भी उनकी आवाज़ सुनाई नहीं दे रही।

ऐसा हो सकता है कि किन्हीं परिस्थितियों में कभी-कभी प्रयास अपेक्षित परिणाम नहीं ला पाते पर यह कौन सा मॉडल है जिसमें सरकार मुसलमानों को त्यौहार मनाने की खुली छूट दे दे? विजयन सरकार का यह कदम क्या महामारी की रोकथाम के प्रति राज्य सरकार की गंभीरता को नहीं दर्शाता? आखिर ऐसा क्यों है कि लोगों को त्यौहार मनाने की छूट देकर पूरे राज्य ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों के नागरिकों को भी एक तरह संभावित विपत्ति में डाल दिया जाए?

अब तक यह समझना कोई रॉकेट साइंस नहीं कि कोरोना संक्रमण को रोकने का एक ही तरीका है और वो यह है कि किसी भी देश, राज्य, जिले या शहर के हर नागरिक को संक्रमण से बचाया जाए। ऐसे में क्या राज्य सरकार की जिम्मेदारी नहीं है कि वो एक धर्म को लोगों को खुली छूट न देकर राज्य के हर नागरिक के संक्रमित होने की संभावना कम करे?

उत्तर प्रदेश में पिछले लगभग दो महीने से संक्रमण लगातार कम हुआ है। राज्य में टेस्ट-पॉजिटिव रेशियो आज केरल के लगभग 12 प्रतिशत के मुकाबले में 0.008 प्रतिशत है। यह आँकड़ा कहीं भी लिखने या बोलने में भले अजीब लगे पर है तो सच। ऐसे में हमारी न्याय व्यवस्था यदि स्वतः संज्ञान लेकर उत्तर प्रदेश में काँवड़ यात्रा रुकवाती है और केरल में ईद पर दी गई छूट पर केवल राज्य सरकार की आलोचना करके चुप बैठ जाती है तो उसे अपनी कार्यशैली पर गंभीरता से विचार करना चाहिए क्योंकि बहस की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रश्न उठेंगे।

यह किसी भी व्यक्ति या समूह का साधारण अधिकार है कि उत्तर मिले या न मिले पर वह प्रश्न करे। काँवड़ यात्रा के लिए गंगाजल लेने पर रोक के बावजूद कुछ अति उत्साही कांवड़ियों को हरिद्वार में जल लेने का प्रयास करते समय गिरफ्तार कर लिया गया। कांवड़ यात्रा के लिए जल लेने वालों की गिरफ्तारी न्यायालय के आदेश के प्रति उत्तराखंड सरकार के जिम्मेदारी पूर्ण आचरण को दर्शाती है। प्रश्न यह है कि हम ऐसे जिम्मेदारी पूर्ण आचरण की अपेक्षा केरल सरकार से किस सदी में कर सकते हैं?

साँवरें के रंग में रंगी हरियाणा की तेजतर्रार महिला IPS भारती अरोड़ा, श्रीकृष्‍ण भक्ति के लिए माँगी 10 साल पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति

हरियाणा कैडर की आईपीएस भारती अरोड़ा ने अपना संपूर्ण जीवन कृष्ण भक्ति को समर्पित करने का फैसला लेते हुए स्‍वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए आवेदन किया है। इस फैसले के बाद 50 वर्षीय भारती अरोड़ा हरियाणा की ऐसी पहली महिला पुलिस अधिकारी बन गई हैं जिन्‍होंने वीआरएस के लिए अप्‍लाई किया।

भारती ने अपने वीआरएस के लिए अप्लाई करते हुए सरकार से तीन महीने के नोटिस पीरियड से भी छूट देने की गुजारिश की है। उनके आवेदन पर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। कहा जा रहा है कि कई वरिष्‍ठ पुलिस अधिकारी उनको समझाने का प्रयास कर रहे हैं।

नियम के हिसाब से देखें तो उनकी नौकरी को अभी 10 साल बाकी है यानी 2031 में उनकी रिटायरमेंट होती। लेकिन वह पहले ही नौकरी छोड़ना चाहती हैं। उन्होंने अपनी नौकरी को 23 साल दिए। 1998 बैच की आइपीएस भारती अरोड़ा ने 7 सितंबर 1998 को सेवा शुरू की थी और उनकी सेवानिवृत्ति 31 मार्च 2031को निर्धारित है।

उनकी शादी हरियाणा कैडर के ही आईपीएस विकास अरोड़ा से हुई है। साल 2007 में 18 फरवरी को जो अटारी जाती समझौता एक्सप्रेस में बम ब्लास्ट हुआ था, उसमें जाँच के दौरान उनकी अहम भूमिका थी। वह उस समय हरियाणा राजकीय रेलवे पुलिस में एसपी थीं। इसके अलावा वह जहाँ-जहाँ एसपी या आइजी रहीं उनकी कार्यशैली प्रभावित करने वाली थी। हाल ही में प्रदेश में अवैध रूप से लोगों को विदेश भेजने के मामले की जाँच को भी उन्होंने अंजाम दिया।

अपने 23 साल के करियर में उन्होंने राजकीय रेलवे पुलिस में एसपी, अंबाला एसपी, कुरुक्षेत्र एसपी, राई स्पो‌र्ट्स कांप्लेस में प्रिंसिपल, करनाल रेंज में आइजी के तौर पर सेवा दी। मगर 24 जुलाई अचानक उन्होंने डीजीपी को पत्र लिखकर अपनी इच्छा जाहिर की। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा उनके लिए गर्व और जुनून की तरह रहा। मगर अब आगे की जिंदगी वह धार्मिक तरीके से बिताना चाहती हैं। वह चैतन्‍य महाप्रभु, कबीरदास और मीराबाई की तरह प्रभु श्रीकृष्‍ण की साधना करना चाहती हैं।

उनके वीआरएस को लेकर गृहमंत्री अनिल विज ने पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अंबाला रेंज की आइजी भारती अरोड़ा ने वीआरएस के लिए आवेदन किया है। नियमों के अनुसार जो भी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं, उन्हें पूरा किया जा रहा है।

‘मोदी सिर्फ हिंदुओं की सुनते हैं, पाकिस्तान से लड़ते हैं’: दिल्ली HC में हर्ष मंदर के बाल गृह को लेकर NCPCR ने किए चौंकाने वाले खुलासे

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मंगलवार (27 जुलाई) को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि उन्होंने विभिन्न विसंगतियों और उल्लंघनों को पाए जाने के बाद ही हर्ष मंदर से जुड़े दो बाल गृहों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी। उन्होंने बताया कि दो घर जाँच के घेरे में हैं। पहला लड़कों के लिए ‘उम्मीद अमन घर’ और दूसरा लड़कियों के लिए ‘खुशी रेनबो होम’ है। हर्ष मंदर के खिलाफ फरवरी 2021 में एफआईआर दर्ज की गई थी।

एनसीपीसीआर के मुताबिक बच्चों ने बताया कि बड़े लड़कों को सीएए (CAA) के विरोध में प्रदर्शन स्थल पर भेजा गया था। वहीं, एक बच्चे ने तो यहाँ तक कह दिया कि पीएम मोदी सिर्फ हिंदुओं की सुनते हैं और पाकिस्तान से लड़ते हैं। आयोग ने कहा कि लड़कियों में से एक ने आयोग को बताया कि वह 4-5 लड़कियों के साथ सीएए के विरोध में जंतर-मंतर गई थी। उन्होंने यह भी पाया कि बड़े लड़कों को भी विरोध स्थलों पर भेजा गया था। बच्चों को विरोध के लिए भेजना किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 83(2) का उल्लंघन है।

एनसीपीसीआर ने कहा कि बच्चों को जंतर-मंतर समेत अन्य धरना स्थलों पर ले जाया गया, जो नियमों का उल्लंघन है। आयोग ने सेंटर फॉर इक्विटी स्टडीज (सीईएस) द्वारा दायर याचिका के जवाब में अपना जवाब दिया था, जो बच्चों के घरों को चलाता है। मंदर सीईएस में निदेशक है। याचिका में उन्होंने अदालत से एनसीपीसीआर द्वारा प्रस्तुत निरीक्षण रिपोर्ट को रद्द करने का अनुरोध किया है।

एनसीपीसीआर ने अपने जवाब में कहा, ”निरीक्षण के दौरान प्रथम दृष्टया किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 और इसके मॉडल नियम, 2016 के कई उल्लंघन और कई अन्य अनियमितताएँ NCPCR के संज्ञान में आईं, जिनमें वित्तीय अनियमितताएँ भी शामिल थीं। संस्थान निरीक्षण दल को अपने वित्त पोषण के स्रोतों और अन्य प्रासंगिक दस्तावेजों का खुलासा नहीं कर रहा था।

एनसीपीसीआर ने अपने जवाब में आगे कहा कि यह कार्रवाई कलिंग राइट्स फोरम द्वारा दायर एक शिकायत के आधार पर की गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि मंदर द्वारा संचालित दो घरों में केवल एक विशेष धर्म के बच्चों को रखा जा रहा था। उसने यह भी आरोप लगाया कि इसके लिए सीईएस को बहुत धन प्राप्त हुआ था, जिसका उपयोग धर्मांतरण जैसी अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।

एनसीपीसीआर ने अपने जवाब में कई कथित उल्लंघनों का उल्लेख किया है। पहला पंजीकरण की समय सीमा समाप्त होना, अपर्याप्त स्टाफ और बुनियादी ढाँचा, बच्चों के बीच अलगाव। इसके अलावा रोजगार और पर्यटक वीजा पर विदेशी नागरिकों को घरों में स्वैच्छिक सेवाएँ देने की अनुमति देना शामिल है।

बता दें कि एनसीपीसीआर ने इस साल की शुरुआत में एक रिपोर्ट में कहा था, ”निरीक्षण के दौरान उसने दोनों घरों में किशोर न्याय अधिनियम के कई उल्लंघन और अन्य विभिन्न अनियमितताओं को देखा, जिसमें घर पर लड़कों के यौन शोषण के मामले भी शामिल थे। वहीं, सीईएस ने आरोपों का खंडन किया है और कहा कि इसके निदेशक हर्ष मंदर की प्रतिष्ठा को खराब करने के लिए ये सब आरोप लगाए जा रहे हैं।”

अमरनाथ गुफा के पास फटा बादल, SDRF की 3 टीमें तैनात: होंजार गाँव में लोगों को बचाने पहुँची सेना, देखें वीडियो

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने की खबर आ रही है। राहत की बात ये है कि आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने अभी तक इस घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की बात नहीं कही है। प्राकृतिक आपदा के समय गुफा में एक भी यात्री मौजूद नहीं था।

अधिकारियों ने बताया है कि गुफा के पास पहले से ही राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की दो टीमें वहाँ मौजूद थीं। इसके अलावा गांदरबल से एक अतिरिक्त टीम को तैनात किया गया है। मालूम हो कि अमरनाथ गुफा दक्षिण कश्मीर में 3,880 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।

कंगन के एसडीपीओ ने बताया कि पवित्र अमरनाथ गुफा में लगातार बारिश और बादल फटने की जानकारी के मद्देनजर गंड और कंगन के क्षेत्रों में आम जनता को सिंध नदी से दूर रहने के लिए कहा गया। आशंका है कि पानी के प्रवाह में अचानक वृद्धि हो सकती है। SDRF की एक और टीम को गांदरबल से घटनास्थल के लिए भेज दिया गया है।

इससे पहले बुधवार की सुबह ही जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के एक सुदूर गाँव में बादल फटने से 7 लोगों की मौत की खबर आई थी। वहीं 17 के घायल होने का मालूम चला था। अधिकारियों ने बताया कि दाचन तहसील के होंजार गाँव में सुबह करीब 4:30 बजे बादल फटने के कारण एक पुल के अलावा छोटी नदी के किनारे बने 6 मकान और 1 राशन की दुकान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इलाके में पुलिस, सेना और SDRF का संयुक्त राहत अभियान चल रहा है, ये टीमें लापता 14 लोगों की तलाश में जुटी हैं।

जानकारी के लिए बता दूँ कि बादल फटने से होंजार गाँव अचानक बाढ़ की चपेट में आ गया था। बचाव की कमान संभालते ही भारतीय सेना ने भोजन और राशन का प्रबन्ध कर दिया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर कहा है कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में बादल फटने की घटना के कारण पैदा हुई स्थिति पर करीब नजर रख रही है और प्रभावित क्षेत्रों में हर संभव मदद पहुँचाई जा रही है। इधर, गृह मंत्री अमित शाह ने भी जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह से बात की और स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की है।