जब से सुप्रीम कोर्ट का फैसला रामलला विराजमान के हक़ में आया है और राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन हुआ, तभी ये राम मंदिर आतंकियों के निशाने पर है। अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के काकोरी से गिरफ्तार दोनों अलकायदा आतंकियों के पास से भी राम मंदिर व इसके आसपास के इलाके का नक्शा मिला है। इन आतंकियों के पास से कई अन्य शहरों के नक़्शे भी बरामद हुए हैं।
आतंकियों ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण स्थल की रेकी की थी। साथ ही काशी और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों के नक़्शे भी उनके पास से बरामद हुए हैं। नक्शों में अलग-अलग बिंदु बना कर कुछ-कुछ चिह्नित भी किया गया है। टेलीग्राम और व्हाट्सएप्प के जरिए आतंकियों का ये नेटवर्क आपस में संपर्क में था। पुलिस को कुछ चैट हाथ लगे हैं। पिछले 24 घंटों में एक दर्जन से भी अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ जारी है।
बम बनाने के लिए इन आतंकियों ने माचिस की तीलियों में लगे बारूद का इस्तेमाल किया था। कानपुर से ये आतंकी मोबाइल फोन खरीद कर लाए थे और नई सड़क इलाके में रहने वाले अपने एक साथी के साथ बैठक की थी। नेटवर्क में और लोगों को जोड़ने के लिए मिनहाज और मुशीर नाम के आतंकी की बैठक हुई। संभल से भी दो लोग हिरासत में लिए गए हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटा लिए हैं।
अलकायदा के गजवातुल हिंद से जुड़े दोनों आतंकियों ने स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के आसपास देश के कई इलाकों को दहलाने की साजिश रची थी। पता चला है कि अब तक सरगना से इन आतंकियों को फंड्स नहीं मिले थे, ऐसे में इन्होंने खुद से वेबसाइट देख कर बम बनाना सीखा और 2000 रुपए लगा कर कूकर बम बनाया था। ATS इन दोनों को आज रिमांड पर ले सकती है। ATS अब शकील नाम के एक आतंकी की तलाश में है।
ये भी खुलासा हुआ है कि इनमें से एक मिनहाज की बीवी और उसकी कार के बारे में भी कई तरह की संदिग्ध बातें सामने आई हैं। उसके घर से ही विस्फोटक के साथ प्रेशर कूकर और पिस्टल बरामद हुए हैं। मिनहाज की बीवी इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में कार्यरत है। उसके घर से इस यूनिवर्सिटी का एक वाहन पास भी जब्त किया गया है। लखनऊ में चलने वाली इंटीग्रल यूनिवर्सिटी एक अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान है।
उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश में रविवार (11 जुलाई 2021) को आकाशीय बिजली से 67 लोगों की मौत हो गई। दूसरी ओर सोमवार को हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, आकाशीय बिजली के कारण उत्तर प्रदेश में अब तक 40 मौतें होने की खबर है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस आपदा के कारण गई जानों पर दुख व्यक्त करते हुए राहत राशि का ऐलान किया है।
इसी तरह राजस्थान में 20 लोग हताहत हुए। मरने वालों में 7 बच्चे भी शामिल हैं जो कोटा और ढोलपुर जिले के रहने वाले थे। इनके अलावा 10 के घायल होने की भी खबर है। बताया जा रहा है कि राजस्थान के आमेर के किले के पास वाच टावर पर चढ़कर सेल्फी लेते समय 8 लोगों की जान गई। मध्यप्रदेश में भी 7 लोगों ने अपनी जान गँवाई है।
Death fell from the sky: 67 people lost their lives due to lightning in Uttar Pradesh, Madhya Pradesh and Rajasthan, PM expressed grief https://t.co/mTu2QaPX6B
राजस्थान के मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के साथ संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें 5 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आकाशीय बिजले से हुई मौतों पर संवेदना जाहिर की है। साथ ही प्राइम मिनिस्टर रिलीफ फंड से 2 लाख रुपए अतिरिक्त मुआवजा देने की घोषणा की है। पीएम ने घायलों को भी 50,000 की आर्थिक मदद करने का ऐलान किया है।
धर्मशाला में फटा बादल
बता दें कि एक ओर राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश आकाशीय बिजली से प्रभावित हुए हैं और दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से धर्मशाला में भारी बाढ़ आ गई है। हालाँकि, इस घटना में अभी तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है लेकिन सामने आई वीडियोज में देख सकते हैं कि पानी का बहाव इतना तेज है कि सड़क पर खड़ी कार उसके साथ तैर रही है। इसके अलावा इस प्राकृतिक आपदा से शिमला के रामपुर में हाईवे ब्लॉक हो गया है।
— Siddharth Bakaria Himachal?? (@Sidbakaria) July 12, 2021
टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के अनुसार, भारी बारिश की आशंका को लेकर 12 और 13 जुलाई को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि येलो वेदर वॉर्निंग 14 और 15 जुलाई के लिए जारी की गई है। इस बीच उन टूरिस्टों की तस्वीरें भी सामने आई हैं जो कोविड के थोड़ा थमते ही धर्मशाला पहुँचे और वहाँ जाकर कोविड प्रोटोक़ॉल्स की धज्जियाँ उड़ाते नजर आए।
उत्तर प्रदेश के आतंक निरोधी दस्ते (ATS) ने लखनऊ से अलकायदा के दो आतंकियों को गिरफ्तार कर के एक बड़ी साजिश को नाकाम किया है। अब इनमें से एक मिनहाज की बीवी और उसकी कार के बारे में भी कई तरह की संदिग्ध बातें सामने आई हैं। उसके घर से ही विस्फोटक के साथ प्रेशर कूकर और पिस्टल बरामद हुए हैं। मिनहाज की बीवी इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में कार्यरत है। उसके घर से इस यूनिवर्सिटी का एक वाहन पास भी जब्त किया गया है।
बता दें कि लखनऊ में चलने वाली इंटीग्रल यूनिवर्सिटी एक अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान है। ATS ने रविवार (11 जुलाई, 2021) की देर रात मिनहाज के अब्बा और बीवी को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। मिनहाज के घर के पास ही एक दानिश नाम का व्यक्ति सालों से पंक्चर बनाने की दुकान लगा रहा है। उसने बताया कि मिनहाज के घर से जो SUV गाड़ी बरामद हुई है, उसे किसी ने पहले उसके गैराज से निकलते नहीं देखा।
उसका पड़ोसी शाहिद कभी-कभी उस गाड़ी से निकलता था, ये बात भी सामने आई है। दानिश ने बताया कि शाहिद हमेशा उससे पुराने टायर की माँग करता था। कारण पूछने पर वो टाल दिया करता था। शाहिद और मिनहाज गैराज में खड़ी गाड़ी का टायर प्रत्येक छह महीने में बदल लेते थे। दानिश का कहना है कि उनकी इस हरकतों पर उसे कभी-कभार संदेह भी होता था। मड़ियाँव से शाहिद ने 3 टायर खरीदे थे।
जब एक टायर कम पड़ गया तो उन दोनों ने दानिश से संपर्क किया। उससे वो लोग टायर लेकर गए, लेकिन उनकी गाड़ी में ये टायर नहीं लग सका। जब वो इस टायर को लौटाने आए तो दानिश ने मना करते हुए इसे गैराज में रहने देने को कहा और कहा कि जब ज़रूरत होगी तो वो ले लेगा। आरोपितों के घर अक्सर पाकिस्तान-अफगानिस्तान और ईरान तक के के लोग आते-जाते रहते थे, ऐसा मीडिया ने ATS सूत्रों के हवाले से बताया है।
ये विदेशी लोग भी आतंक के इस नेटवर्क में शामिल हैं। इन्होंने उत्तर प्रदेश में बम विस्फोट के लिए बड़ी मात्रा में विस्फोटक उपलब्ध कराए थे। कुछ दिनों पहले 3-4 संदिग्ध पाकिस्तानी भी काकोरी आए थे। उसी गाड़ी से वो लोग कश्मीर गए थे, जिसे शाहिद के गैराज से जब्त की गई है। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने ATS से उस गाड़ी का नंबर साझा किया था। अब पूरे यूपी में गश्त बढ़ा कर होटलों-लॉजों में रुकने वालों का ब्यौरा जुटाया जा रहा है।
लखनऊ में गिरफ्तार आतंकी गई बार कानपुर आए थे, ऐसे में वहाँ छापेमारी कर के कई संदिग्धों को उठा कर पूछताछ की जा रही है। कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं। जाजमऊ, चमनगंज और बेकनगंज से चार-चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। लखनऊ से गिरफ्तार दोनों आतंकियों के मोबाइल नंबर्स खँगाल कर छापेमारी हो रही है। खासकर रात के समय पुलिस को गश्त बढ़ाने को कहा गया है।
सुपरस्टार रजनीकांत ने अपनी राजनीतिक संभावनाओं पर ब्रेक लगा दिया है। इस तरह उनका राजनीतिक करियर शुरू होने से पहले ही ख़त्म हो गया। उन्होंने अपने संगठन ‘रजनी मक्कल मन्द्रम’ को एक राजनीतिक संगठन के रूप में निष्क्रिय कर दिया है। हालाँकि, उन्होंने कहा कि पूर्व की भाँति उनके फैन क्लब्स चलते रहेंगे और वो उनसे जुड़े रहेंगे। उन्होंने सोमवार (12 जुलाई, 2021) को एक पत्र ट्वीट कर के ये घोषणा की।
तमिल फिल्मों के साथ-साथ 80 के दशक में बॉलीवुड में भी सक्रिय रहे रजनीकांत के राजनीतिक एंट्री की अटकलें कई दशकों से मीडिया की सुर्खियाँ बनती रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके संगठन को लेकर कई सवाल पूछे जा रहे थे और सवाल दागा आज रहा था कि ये क्यों अस्तित्व में है। उन्होंने बताया कि ये संगठन इसीलिए बनाया गया था क्योंकि वो राजनीति में आना चाहते थे और एक अपना राजनीतिक दल भी बनाना चाहते थे।
उन्होंने कहा कि परिस्थिति ऐसी बन गई है कि अब ये संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “चूँकि अब भविष्य में मेरा राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है, इसीलिए अब से ‘रजनी मक्कल मन्द्रम’ एक फैन क्लब के रूप में कार्य करेगा। ये एक चैरिटी संगठन होगा, जो लोगों की मदद करेगा। सचिव, एसोसिएट्स उप-सचिव और एग्जीक्यूटिव सदस्य सहित संगठन के सभी पदाधिकारी फ़िलहाल अपने पद पर बने रहेंगे।”
इससे पहले सुपरस्टार रजनीकांत ने कहा था कि RMM के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर के वो निर्णय लेंगे कि उन्हें राजनीति में आना है या नहीं। रजनीकांत हाल ही में अमेरिका से अपना मेडिकल चेकअप करा कर लौटे हैं। साथ ही वो अपनी अगली फिल्म ‘Annaatthe (अन्नाथे)’ की शूटिंग में भी व्यस्त है। कोरोना लॉकडाउन और तमिलनाडु में चुनावों के कारण वो अपने संगठन के लोगों से नहीं मिल पाए थे।
रजनीकांत की कुछ हालिया तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसमें वो अपने संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। रजनीकांत ने अपने पत्र में ‘जय हिंद’ भी लिखा। हाल ही में जब वो चेन्नई लौटे थे बड़ी संख्या में प्रशंसकों ने उनका स्वागत किया था। कोरोना काल से पिछले कुछ वर्षों में उनकी ‘2.0’, ‘कबाली’ और ‘पेट्टा’ जैसी फिल्मों ने 1500 करोड़ रुपए से भी अधिक का कारोबार बॉक्स ऑफिस पर किया है।
लोगों ने रजनीकांत के इस निर्णय पर मजेदार टिप्पणियाँ भी की। एक व्यक्ति ने मुन्नाभाई फिल्म से अरशद वारसी का डायलॉग शेयर किया, “भाई, ये तो शुरू होते ही ख़त्म हो गया।” एक ने लिखा कि 2050 में भी रजनीकांत अपनी 5वीं पार्टी को भंग कर कहेंगे कि उन्हें राजनीति में नहीं आना है। एक व्यक्ति ने लिखा कि रजनीकांत दुनिया में अकेले ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने राजनीति में आने से पहले ही राजनीति छोड़ दी।
देशभर में कोरोना वायरस की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए रविवार (11 जुलाई 2021) को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने बड़ा ऐलान किया। संघ ने घोषणा की है कि वह महामारी की प्रत्याशित तीसरी लहर से निपटने के लिए वह स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित कर देश भर के 2.5 लाख जगहों पर जमीनी हालात से निपटने के लिए उतारेगा।
मध्य प्रदेश के सतना जिले की आरएसएस की चित्रकूट शाखा ने एक प्रेस रिलीज के जरिए बताया है कि 27,166 शाखाओं को ग्राउंड जीरो पर काम करने के लिए शुरू किया गया है। स्वयंसेवकों और प्रांत प्रचारकों ने मिलकर कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से पैदा हुए हालातों की समीक्षा की है। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों ने सुविधा केन्द्रों के निर्माण, टीकाकरण के लिए प्रचार अभियान चलाने समेत अब तक किए गए कार्यों पर विस्तार से चर्चा की।
RSS will organize nationwide “workers’ training” to face the possible third wave of corona and these trained workers will reach about 2.5 lakh places.
संघ ने ट्वीट कर कहा, “कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्रशासन का सहयोग करने और संभावित पीड़ितों की मदद के लिए पूरे देश में विशेष ‘कार्यकर्ता प्रशिक्षण’ का आयोजन किया जाएगा। ऐसे मामलों में संघ के ये प्रशिक्षित कार्यकर्ता देशभर के 2.5 लाख जगहों पर पहुँचेंगे। इसके साथ ही ये उचित समय पर लोगों के पास पहुँच कर लोगों के लिए आवश्यक जानकारियाँ जुटाएँगे। अगस्त के महीने तक यह प्रशिक्षण पूरा कर लिया जाएगा और सितंबर से हर गाँव और बस्ती में जन जागरण (जन जागरूकता) के जरिए कई और लोग तथा संगठन के इस अभियान से जुड़ेंगे।”
संगठन ने जोर देकर कहा है कि कोरोना वायरस के कहर के दौरान बच्चे और माताएँ पूरी तरह से सुरक्षित रहें, यह सुनिश्चित करने के लिए सावधानी बरती गई है। वर्तमान में देश भर में 39,454 शाखाएँ चल रही हैं। इनमें से 12,288 ई-शाखा हैं, जबकि 27,166 शाखाएँ जमीन पर काम कर रही हैं। हर सप्ताह 10,130 बैठकें (सप्ताहिक मिलन) की जा रही हैं। इन बैठकों में कुल 6,510 लोग शामिल हैं, जिसमें 3,620 लोग ऑनलाइन बैठकों में शामिल हैं और 9,637 लोग पारिवारिक बैठकों यानी कुटुम्ब मिलन कर रहे हैं।
बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान अक्सर अपनी सोशल मीडिया तस्वीरों के कारण चर्चा में रहती हैं। पर इस बार कुछ ऐसा हुआ कि कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गईं। सारा ने अपने इंस्टाग्राम पर कल (जुलाई 11, 2021) कुछ तस्वीरें शेयर की जिसमें वह कामाख्या मंदिर के अंदर थी। इसे देख जहाँ कई लोग उनके फैन हो गए। वहीं कट्टरपंथियों की जमात ऐसी भी मिली जो उन्हें इस्लाम का पाठ पढ़ाने लगी।
सारा ने जहाँ अपनी सफेद सूट में फोटो डाली और उनके माथे पर टीका लगा दिखाई दिया। वहीं इस्लामियों ने ये सब देख कर उन्हें तरह-तरह की बातें कहीं। एक कट्टरपंथी ने सारा को हिदायत दी कि वह मुसलमान बन जाएँ वरना अल्ला हरगिज शिर्क को माफ नहीं करेगा।
यूजर लिखता है, “मुस्लिम बन जाओ। अल्लाह हरगिज शिर्क को माफ नहीं करेगा। चंद साँसों की जिंदगी है उसके बाद अल्लाह के सामने पेश होना है उसकी तैयारी करो। ये जहालत के कामों से बचो। अल्लाह आपको हदायत दे।”
एक अन्य यूजर सारा की तस्वीर पर लिखती है, “मुझे तुम पर दया आती है सारा अगर तुम इस उम्र में आकर भी अपने मजहब के बारे में नहीं समझ पा रहीं तो तुमको शर्म आनी चाहिए। धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का।”
शाह फैजल लिखते हैं, “तुम से बेहतर सना खान है सब छोड़कर अल्लाह से मोहब्बत इबादत में मशगूल है।” रियाज फाकिजा लिखती हैं, “नाम मुस्लिम पहचान हिंदू। मेरी सलाह मानो और वही धर्म अपना लो क्योंकि इस्लाम में ये सब हराम है।”
नूर आजम सारा के लिए कहते हैं कि सारा खुल चुकी है परदे पर। इसमें इसका क्या कसूर है। कसूर तो माँ और पटौदी साहब का है। हिना राणा लिखती हैं, “इतनी भी छूट नहीं देनी चाहिए औलाद को कि वो सीधे रास्ते से भटक जाए। पता नहीं तुम्हारा बाप कैसे इजाजत दे देता है तुम्हें इन पुतलों को पूजने की।”
कुछ इस्लामियों ने सारा पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या वो मुस्लिम ही हैं और कुछ ने कहा कि ऐसा वह मूवी के लिए कर रही हैं। एक महिला यूजर ने लिखा, “मुस्लिम होकर ये सब करते हो शर्म नहीं आती क्या तुझे। कैसे गाली दूँ समझ नहीं आ रहा है।”
उल्लेखनीय है कि ये पहली बार नहीं है जब सारा अली खान को हिंदू मंदिरों में जाने या भगवान के आगे हाथ जोड़ने के लिए कट्टरपंथियों ने अपने निशाने पर लिया हो। इससे पहले कई बार सारा के साथ ये हुआ है। सारा चूँकि सैफ अली खान और अमृता सिंह की बेटी हैं तो वह दोनों धर्मों को फॉलो करती है। लेकिन कट्टरपंथियों को ये बातें रास नहीं आतीं। पिछली बार उन्हें गणपति के साथ फोटो डालने पर ट्रोल किया गया था और गंंदी-गंदी गालियाँ दी गई थीं।
देश के अलग-अलग हिस्सों में ‘किसान आंदोलन’ के नाम पर केंद्र सरकार विरोधी आंदोलन चला रहे प्रदर्शनकारियों की गुंडई अब बढ़ती ही जा रही है। राजस्थान के श्रीगंगानगर स्थित पदमपुर में भाजपा कार्यसमिति की बैठक में कुछ किसान प्रदर्शनकारी पहुँच गए और एक महिला के साथ बदसलूकी की। उधर पंजाब के राजपुरा में एक भाजपा पार्षद की पिटाई की गई। उन पर पत्थरों से हमला किया गया।
पदमपुर की बात करें तो यहाँ की बैठक में भाजपा के जिला प्रभारी को ही जाने से प्रदर्शनकारियों ने रोक दिया। इस दौरान वो लगातार भाजपा नेताओं और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करते रहे। एक महिला नेता को धक्का देकर उनके कपड़े खींचने की कोशिश की गई। जब उन्हें बचाने के लिए कुछ भाजपा कार्यकर्ता आगे आए तो उनकी लाठी-डंडों से पिटाई की गई। ये प्रदर्शनकारी केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध करते हुए भाजपा की बैठक स्थल पर आ धमके थे।
किसान संगठनों के संयुक्त मोर्चा और वामपंथी दलों ने मिल कर इस तरह की हरकतें की। पहले इन लोगों ने लोकतांत्रिक प्रदर्शन की बात कही, लेकिन कुछ देर बाद इतने उग्र हो गए कि हिंसा पर उतारू हो गए। प्रदर्शनकारी युवकों ने काला झंडा ले रखा था। महिला कार्यकर्ता को अंदर घुसने से रोका गया, धक्का दिया गया, हाथ पकड़ कर खींचे गए और कपड़े खोलने की कोशिश हुई। इस दौरान लगातार गाली-गलौज की भाषा का उपयोग भी किया जा रहा था।
#WATCH | Punjab: A stone was thrown at BJP leader Bhupesh Aggarwal as he was being assisted by Police in Rajpura.
Farmers had gheraoed a BJP worker’s residence in Rajpura where Aggarwal was attending a meeting yesterday. pic.twitter.com/TrBDGnyrUz
उक्त महिला कार्यकर्ता को बचाने में कई भाजपा नेता घायल हुए। जिला प्रभारी व नोखा विधायक बिहारीलाल विश्नोई पुलिस संरक्षण में बैठक में पहुँचे थे, लेकिन उनके साथ भी धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने भी हिंसा को देखते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं को बैठक में जाने से रोक दिया। बाद में पिछले दरवाजे से उन्हें भीतर भेजा गया। करीब एक घंटे तक ये व्यवधान जारी रहा, तब कहीं जाकर बैठक शुरू हो सकी।
राजपुरा की घटना की बात करें तो यहाँ एक भाजपा पार्षद की जम कर न सिर्फ पिटाई की गई, बल्कि उनके कपड़े भी फाड़ डाले गए। अनाज मंडी के पीछे भारत विकास परिषद भवन में भाजपा की बैठक थी, जिसकी सूचना पर ये ‘किसान’ प्रदर्शनकारी वहाँ पहुँचे थे। अन्य भाजपा नेताओं को भी किसी तरह वहाँ से निकाला गया। दो भाजपा नेताओं को लात-घूसे मारे गए। भाजपा ने जन-प्रतिनिधियों पर हमले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की माँग की है।
वहीं किसान संगठनों का कहना है कि भाजपा नेताओं की बैठकों का बहिष्कार किया गया है क्योंकि दिल्ली बार्डर पर भाजपा सरकार के अड़ियल रुख की वजह से कई किसानों की मौत हो चुकी है। इन संगठनों ने भाजपा की बैठक को ‘जले पर नमक छिड़कना’ जैसा बताया। भाजपा की प्रेसवार्ता की खबर सुन लायंस क्लब में भी ये प्रदर्शनकारी पहुँच गए। भाजपा का कहना है कि पुलिस को सूचित किए जाने के बावजूद सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं किए गए थे।
राजपुरा में भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेश अग्रवाल तक को नहीं छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारी 500 की संख्या में थे। उन्होंने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों से मिले होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें जानबूझ कर गलत साइड में भेजा गया। उन्होंने कहा कि उनका जीवन खतरे में था, लेकिन पुलिस जानबूझ कर बैठी रही। वहीं पुलिस का कहना है कि उसने 100 जवान लगा रखे थे। किसान संगठनों ने संसद के बाहर भी प्रदर्शन की योजना बना रखी है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के काकोरी से ‘आतंक निरोधी दस्ता (ATS)’ ने अलकायदा के दो आतंकियों को गिरफ्तार किया, जो बम बनाने में दक्ष थे। इधर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि वो उत्तर प्रदेश की पुलिस पर भरोसा नहीं करते। उन्होंने उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को धमकाते हुए कहा कि पंचायत चुनाव में गड़बड़ी करने वालों की सूची बनी हुई है और उनकी सरकार आते ही सबके खिलाफ कार्रवाई होगी।
अखिलेश यादव ने अलकायदा आतंकियों की गिरफ़्तारी पर उन्होंने कहा कि वो न तो यूपी पुलिस और न ही भाजपा की सरकार पर भरोसा कर सकते हैं। बता दें कि मैंगो बेल्ट काकोरी के एक मकान से ATS ने मसरुद्दीन और मिनहाज अहमद नामक दो आतंकियों को दबोचा। ये आतंकी देश के कई हिस्सों में बम ब्लास्ट की योजना बना रहे थे, जिसमें मानव-बम से हमले भी शामिल थे। जहाँ अहमद दुबग्गा का निवासी है, मसरुद्दीन मड़ियाँव में रहता था।
ADG (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि उनके पास से बड़ी संख्या में विस्फोटक सामग्रियाँ बरामद हुई हैं। इस गिरोह के लोग कानपुर में भी मौजूद हैं, जो स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के आसपास देश को दहलाने की साजिश में लगे थे। उत्तर प्रदेश में अलकायदा के सबसे बड़े सरगना उमर हलमंडी के इशारे पर ये सब हो रहा था। दोनों के साथियों की गिरफ़्तारी के लिए जगह-जगह ATS की छापेमारी जारी है।
दोनों आतंकियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद यूपी पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है। अहमद के अब्बा उसी इलाके में एक मोटर वर्कशॉप चलाते हैं और उसका परिवार 15 वर्षों से वहाँ रह रहा था। इन आतंकियों के पास से IED से लैस दो प्रेशर कूकर बम और एक पिस्टल मिली, जिसे जब्त कर लिया गया है। उत्तर प्रदेश के एयरपोर्ट्स, हाइवेज और बस स्टेशनों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
#UttarPradesh | #ATS arrested 2 people from #Kakori on alleged terror activities. Akhilesh Yadav (Leader Samajwadi Party) says he does not trust actions of UP police & #BJP Govt.
इससे पहले राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने पश्चिम बंगाल और केरल में अलकायदा के मॉड्यूल का खुलासा किया था। केरल के एर्नाकुलम और पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से इन आतंकियों की गिरफ़्तारी हुई थी। ये लोग कोच्चि नौसेना बेस और शिपयार्ड्स को निशाना बनाने वाले थे। बिहार पुलिस भी लखनऊ में अलकायदा आतंकियों की गिरफ़्तारी के बाद अलर्ट पर है। देश के कई हिस्सों में अलकायदा के स्लीपर सेल मौजूद हैं, इनकी फंडिंग पर रोक लगा कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करना मुख्य चुनौती है।
एक भाजपा सांसद के अलावा कई अन्य भाजपा नेता इन आतंकियों के निशाने पर थे। आसपास के घरों में इन आतंकियों के साथियों के ठिकाने हो सकते हैं, इसीलिए उनकी भी तलाशी हो रही है। सीरियल ब्लास्ट की साजिश पाकिस्तान में रची गई थी और अफगानिस्तान में इस पर ‘रिसर्च’ हुआ था। आसपास के 500 मीटर के दायरे में सारे घरों को खाली करा लिया गया। जल्द ही कई और खुलासे होने की संभावना है।
महाराष्ट्र के मुंबई की अंधेरी की रहने वाली 28 वर्षीय मॉडल ने बॉलीवुड की नौ हस्तियों के खिलाफ बांद्रा थाने में रेप और छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराने के बाद अब जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने आरोपितों को गिरफ्तार करने की माँग की है।
मॉडल ने फिल्म अभिनेता-निर्माता जैकी भगनानी, फोटोग्राफर कॉलस्टन जूलियन, टैलेंट मैनेजमेंट कंपनी क्वान एंटरटेनमेंट के संस्थापक अनिर्बान ब्लाह और टी-सीरीज के कृष्ण कुमार पर रेप औऱ छेड़छाड़ का आरोप लगाया था।
पीड़िता ने मिड-डे को बताया है कि आरोपितों ने इंस्टाग्राम फर्जी अकाउंट बनाकर उसे जान से मारने की धमकी दी। मॉडल ने कहा, “मैंने सैकड़ों फर्जी खातों को ब्लॉक कर दिया है औऱ कइयों की रिपोर्ट भी की है। पीड़िता ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट पर जानकारी दी कि उसे धमकी देने वाले आरोपितों के कुछ अकाउंट @bitchurdead887, @ terimaak231__ व @bulletzngunzz हैं।”
मॉडल ने कहा, “मुझे अपना फेसबुक अकाउंट डिलीट करना पड़ा औऱ 2 साल तक इंस्टाग्राम से दूर रही, लेकिन आरोपितों ने गैंगस्टाकिंग करना नहीं छोड़ा।”
मॉडल द्वारा ब्लॉक किए इंस्टाग्राम अकाउंट (साभार: मिड डे)
28 वर्षीय मॉडल ने कहा, “मैंने जाँच अधिकारी को इन हाई-प्रोफाइल पुरुषों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद भेजी जा रही जान से मारने की धमकी के बारे में बताया। उन्होंने मुझे नया केस दर्ज कराने के लिए नजदीकी पुलिस स्टेशन जाने को कहा। लेकिन, मैं वहाँ इसलिए नहीं गई क्योंकि पहला केस दर्ज करने में मुझे हफ्तों लग गए और अब तक किसी भी आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया गया है।”
पीड़िता ने आगे कहा, “इन आरोपितों के अलावा दुनिया में मेरा कोई दूसरा दुश्मन नहीं है। एक आरोपित अनिर्बान ब्लाह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत के लिए सत्र अदालत में भी याचिका दायर की थी, जिसे 5 जुलाई 2021 को खारिज कर दिया गया था। पुलिस ने अभी तक पुलिस ने किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया है। मुझे नहीं पता कि जाँच किस दिशा में जा रही है।”
इस केस में अन्य आरोपितों में निखिल कामत, शील गुप्ता, अजीत ठाकुर, गुरजोत सिंह और विष्णु इंदुरी शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ बीते 26 मई 2021 एफआईआर दर्ज की गई थी।
ब्लाह की जमानत का विरोध किया
बांद्रा पुलिस के सहायक पुलिस निरीक्षक और इस केस के जाँच अधिकारी सागर निकमने कहा, “अनिर्बान ब्लाह की जमानत केवल इसलिए खारिज कर दी गई, क्योंकि पुलिस ने आरोपित के आवेदन पर आपत्ति जताई थी। हम आरोपी को पकड़ने से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं।”
अधिकारी निकम ने कहा, “ब्लाह मुंबई में नहीं है। वह हैदराबाद में कहीं है। हमने उन्हें ईमेल के जरिए नोटिस भेजा है। अब तक, हमने मामले में पाँच आरोपियों के बयान दर्ज किए हैं।”
क्या है मामला
28 वर्षीय मॉडल ने जाने-माने फोटोग्राफर कॉलस्टन जूलियन के अलावा एक प्रसिद्ध फिल्म निर्माता के बेटे, एक बॉलीवुड टैलेंट मैनेजर समेत आठ लोगों के खिलाफ बांद्र पुलिस में मई के महीने में रेप की शिकायत दर्ज कराई थी। रेप केस की पुष्टि मुंबई पुलिस के प्रवक्ता डिप्टी पुलिस कमिश्नर चैतन्य सिरिप्रोलू ने की थी।
मॉडल अपर्णा ने 12 अप्रैल 2021 को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ये आरोप लगाया था कि एक प्रोजेक्ट पर काम करने के दौरान उसे शारीरिक और भावनात्मक रूप से प्रताड़ित किया गया था। उसने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को इस मामले में पत्र लिखकर आरोपित फोटोग्राफर के खिलाफ यौन उत्पीड़न और मारपीट का केस दर्ज करने की माँग की थी। बांद्रा पुलिस ने 26 मई को मामले में एफआईआर दर्ज की थी। मॉडल ने अपनी शिकायत में कहा था कि फोटोग्राफर जूलियन ने उसका फायदा उठाते हुए 2014 से 2018 के बीच बांद्रा में रेप किया था।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनकी सरकार ने राज्य को लेकर लोगों के नजरिए को बदला है और बिना किसी भेदभाव के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के तहत लोगों तक अपनी योजनाएँ पहुँचाई है। उन्होंने कानून-व्यवस्था ठीक होने और प्रदेश को दंगों से मुक्त करने को भी अपनी उपलब्धि बताई। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि यूपी में पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक भाजपा ही भाजपा है।
‘टाइम्स नेटवर्क’ की ग्रुप एडिटर (राजनीति) नविका कुमार को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वो लोग अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं, जिनके दर्शन ही उत्तर प्रदेश के लोगों को पिछले डेढ़ साल से नहीं हुआ है। एक महिला के साथ दुर्व्यवहार के वीडियो पर उन्होंने कहा कि इस घटना पर सरकार ने कठोर कार्रवाई की है और कानून से खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि कुछ बयानबाजों की राजनीति ही ट्विटर से चलती है।
पश्चिम बंगाल चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चुनाव 5 राज्यों में हुए थे, जिसमें असम में भाजपा की वापसी हुई, पुडुचेरी में भाजपा ने सत्ता पाई और बंगाल में सीटों में बड़ी बढ़ोतरी हुई। उन्होंने कहा कि चुनाव भाजपा नहीं हारी है, बल्कि वो हारे हैं जिनका वहाँ वजूद मिट गया है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता भाजपा में संभावनाएँ देखती है। सीएम योगी ने कहा कि कुछ परिस्थितियों के कारण पार्टी वहाँ सत्ता में नहीं आ पाई।
उन्होंने उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि भाजपा का प्रदर्शन उज्जवल रहेगा और यूपी में भाजपा ही सत्ता में लौटेगी। ‘नई जनसंख्या नीति’ पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हर 10 वर्ष पर जनसंख्या नीति आई है। इस बार गरीबी उन्मूलन से लेकर सभी को शिक्षा-स्वास्थ्य-रोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ कृषि और जल संसाधन, जलवायु संरक्षण जैसे मुद्दों पर भी योजनाएँ आई हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि यूपी विधानसभा में 36 घंटों तक संयुक्त राष्ट्र के उस प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी, जिसमें पर्यावरण संरक्षण पर बात हुई। नई जनसंख्या नीति पर उन्होंने कहा कि उन क्षेत्रों पर सरकार का फोकस होगा, जहाँ अब भी आबादी ज्यादा बढ़ रही है। उन इलाकों को चिह्नित कर वहाँ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। धर्मांतरण गिरोह पर उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले एक गिरोह पर सरकार ने शिकंजा कसा, जिसे लोगों ने ध्रुवीकरण से जोड़ा। गिरोह के मौलानाओं की गिरफ़्तारी पर उन्होंने जानकारी दी कि ये लोग प्रदेश के सुरक्षा प्रतिष्ठानों और VVIPs को निशाना बनाना चाहते थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शासन की नीति है कि सबका विकास होने के साथ-साथ सभी को सुरक्षा भी दी जाए, इसीलिए सुरक्षा से खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि किसी को भ्रष्टाचार और बेईमानी भी नहीं करने दिया जाएगा। मुस्लिम समाज के खिलाफ सरकारी फैसले के विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा कि संकीर्ण सोच वाले इस तरह का वक्तव्य देते हैं, जबकि सच्चाई ये है कि सरकार सभी राज्य वासियों के जीवन में खुशहाली लाने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हमेशा 24 करोड़ लोगों की सुरक्षा व समृद्धि के बारे में सोचती है। जनसंख्या नियंत्रण पर आने वाले कानून के ड्राफ्ट के बारे में उन्होंने कहा कि ये जनसंख्या नीति से अलग है। उन्होंने बताया कि इस पर अभी काम चल रहा है। सीएम योगी ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए एक सकारात्मक सोच के साथ अभियान शुरू हुआ है, ताकि लोगों को संसाधनों का भरपूर लाभ दिलाया जा सके।
उन्होंने दो बच्चों के जन्म के बीच अंतराल रखने की बात करते हुए कहा कि मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए छोटे परिवार की संरचना को बढ़ावा दिया जा रहा है। सलमान खुर्शीद की आपत्ति पर उन्होंने कहा कि उन्हें खुद से पूछना चाहिए कि क्या वो मानवता का अपमान नहीं कर रहे हैं? राम मंदिर पर उन्होंने कहा कि हमारे संकल्प पूरे हो चुके हैं और उसके बलिदानियों के लिए सड़कों के निर्माण के लिए विभाग को निर्णय लेने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन में बलिदान हुए निर्दोषों को सम्मान देना गलत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे ध्रुवीकरण से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। लोनी में एक मुस्लिम बुजुर्ग की दाढ़ी नोचने और उसे ‘जय श्री राम’ से जोड़ने वाली घटना को लेकर राहुल गाँधी ने टिप्पणी की थी। सीएम योगी ने कहा कि इस घटना में आरोपित व पीड़ित एक ही समुदाय से थे, लेकिन इस घटना को सांप्रदायिक रंग दिया गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न मुद्दों पर की बात
उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी हमेशा अपने बयानों से खुद हास्यास्पद स्थिति में पहुँच जाते हैं, इसीलिए लोग उन्हें गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने राहुल गाँधी पर उत्तर प्रदेश के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने उस अमेठी और उत्तर प्रदेश के लोगों को केरल में अपमानित किया, जिसने उनके परिवार को कई बार जिताया और बड़े-बड़े पदों तक पहुँचाया। योगी ने कहा कि राहुल गाँधी को बयान देने से पहले घटना की सत्यता की जानकारी ले लेनी चाहिए।
आम आदमी पार्टी (AAP) व कॉन्ग्रेस द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के प्रति उनकी आस्था में कोई संदेह नहीं कर सकता, लेकिन राहुल-प्रियंका जैसे लोग इस पर बात करते हैं तो हँसी आती है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में इसी कॉन्ग्रेस की सरकार ने श्रीराम के अस्तित्व को नकारा था, वही लोग आज राम का अस्तित्व राजनीतिक स्वार्थ के कारण मान रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण का कार्य जो ट्रस्ट कर रहा है, उसने एक-एक तथ्य सबके सामने रख दिए हैं, जिसके बाद प्रश्न की कोई गुंजाइश ही नहीं रहती है। कोरोना प्रबंधन पर उन्होंने AAP पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी के कई अस्पतालों में दिल्ली से मरीज आए थे, जिन्हें दिल्ली सरकार सुविधाएँ उपलब्ध नहीं करा पाई। उन्होंने आँकड़े गिनाते हुए कहा कि यूपी लगातार कोरोना के खिलाफ कार्यक्रम चला रहा है और टेस्टिंग क्षमता शून्य से 4 लाख तक पहुँचाई गई है।