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महिलाओं के शरीर पर ॐ और कमल निशान, दावा मुस्लिम पुरुषों की है लालसा: Reddit पर चल रहा ‘सेक्स जिहाद’

दिल्ली पुलिस ने ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म गिटहब (GitHub) पर संचालित सुल्ली डील्स नामक एप्लीकेशन के खिलाफ गुरुवार (09 जुलाई 2021) को एफआईआर दर्ज की। इस एप्लीकेशन के माध्यम से मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों और उनकी सोशल मीडिया जानकारियों को बिना अनुमति के इकट्ठा किया जा रहा था और इन जानकारियों को नीलामी के लिए रखा जा रहा था। सोशल मीडिया पर सुल्ली डील्स (Sulli Deals) के वायरल होने के बाद यह आरोप लगाया गया कि इसे हिंदुओं के द्वारा बनाया गया है, जबकि यह अभी तक पता नहीं चला है कि इस एप्लीकेशन को किसने बनाया है।

हालाँकि इस बीच सोशल मीडिया यूजर्स ने लेफ्ट-लिबरल प्रभुत्व वाले न्यूज और डिस्कशन प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर कई ऐसे सब-रेडिट दिखाई दिए जहाँ पोर्नोग्राफिक और न्यूड तस्वीरें शेयर की गई थीं। इनके बारे में यह दावा किया जा रहा था कि यह तस्वीरें उन हिन्दू महिलाओं की हैं जो मुस्लिम पुरुषों की इच्छा रखती हैं।

प्लेटफॉर्म पर कई ऐसे सब-रेडिट थे जिनके नाम बेहद आपत्तिजनक हैं। इनमें हिन्दू महिलाओं की तस्वीरें साझा करने का दावा किया जा रहा है। इनमें से कुछ सब-रेडिट हैं, r/dharmikrandis, r/Hinduslutsmuclimcock, r/Muslimbullvshindusluts, r/SanskariSluts, r/hindubitchmuslimbull। इस प्लेटफॉर्म में शेयर की जा रही महिलाओं के शरीर पर हिंदुओं के पवित्र चिन्ह ‘ॐ’ और कमल के फूल को अंकित किया गया था। साथ ही मुस्लिम बताए जाने वाले पुरुषों पर इस्लामिक चिन्ह अंकित किए गए थे।

रेडिट में शेयर की गई तस्वीरों के साथ दिए गए कैप्शन

चूँकि इन सब-रेडिट में पोर्नोग्राफिक कंटेन्ट शेयर किया गया है अतः हम उन्हें यहाँ नहीं दिखा सकते हैं। इसके अलावा प्लेटफॉर्म में लॉगइन करने की जरूरत भी होती है। इन समूहों में पॉर्न साइट्स और सोशल मीडिया से उठाई गई तस्वीरों को शेयर किया जा रहा है। साथ ही कई तस्वीरों को एडिट किया गया है। कई सेलिब्रिटी की तस्वीरें भी इन सब-रेडिट में दिखाई दे रही हैं। हालाँकि इन सेलिब्रिटी के अलावा बाकी महिलाओं के बारे में यह जानकारी नहीं है कि क्या वाकई में वे महिलाएँ हिन्दू ही हैं। लेकिन दावा यही किया जा रहा है कि ये सभी हिन्दू महिलाएँ हैं जो मुस्लिम पुरुषों की लालसा में हैं। इन सब-रेडिट को देखकर यही लगता है कि ये मुस्लिम पुरुषों की हिन्दू महिलाओं के प्रति यौन उत्कंठा का परिणाम है।

इन सब-रेडिट में कई ऐसे कैप्शन दिए गए हैं जिनमें हिन्दू रानियों के विषय में अस्वीकार्य बातें कही गई हैं। अपलोड की गई तस्वीरों के साथ यह लिखा हुआ है कि भारत में इस्लामिक आक्रमण के दौरान हिन्दू रानियाँ अपनी इच्छा से खुद को मुस्लिम आक्रान्ताओं को सौंप देती थीं, क्योंकि ये आक्रांता सेक्सुअली अधिक सक्षम होते थे। इस प्लेटफॉर्म पर मुस्लिम बताए जा रहे पुरुषों की यौन उत्कंठा और कुछ नहीं बल्कि हेट सेक्स है। यह साफ है कि वो हिन्दू महिलाओं के साथ सिर्फ हिन्दू घृणा के चलते सेक्स करना चाहते हैं न कि प्रेम के चलते।

हेट सेक्स को एक ऐसे सेक्स के रूप में परिभाषित किया जा सकता है, जिसमें दो लोगों में शारीरिक संबंध तो हों लेकिन कोई संवेदनात्मक संबंध न हो और दोनों में से किसी एक के अंदर दूसरे के लिए घृणा का भाव हो। कई मामलों में इस प्रकार के संबंध बलात्कार, हत्या और एसिड अटैक के कारण बनते हैं।

ज्ञात हो कि क्लबहाउस पर कथित सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स की एक चर्चा 09 जून 2021 को ट्विटर पर वायरल हुई थी। इसमें वक्ता ‘संघियों’ के साथ ‘हेट सेक्स’ को नॉर्मल बता रहा था, क्योंकि महिलाएँ ‘हॉट’ होती हैं। क्लबहाउस पर ‘सेक्स विद योर एक्स’ शीर्षक पर एक चर्चा हुई थी, जिसमें ‘डू यू ऑनली डेट हॉट पीपुल’ टॉपिक पर बोलते हुए एक वक्ता नीरज कदंबूर ने उन महिलाओं पर बेहद आपत्तिजनक बात कही, जो उसकी राजनैतिक विचारधारा से मेल नहीं रखती हैं। Squineon नाम के एक ट्विटर यूजर ने ऑडियो शेयर करते हुए इसे ‘सेक्स जिहाद’ नाम दिया था और बातचीत में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की थी। इस मामले में विवाद उठने के बाद यह कहते हुआ हेट सेक्स का बचाव किया गया था यह भी सहमति से हो सकता है और इसमें कुछ भी बुरा नहीं है।

‘धर्म बदलो, गोमाँस खाओ, उर्दू पढ़ो’: नहीं मानी तो किशोरी की बेटी की तालिब ने कर दी हत्या, 6 साल पहले हिंदू बन की थी शादी

मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक ऐसा घिनौना मामला सामने आया है, जो बताने के लिए काफी है कि लव जिहाद कितना सुनियोजित और इसका उद्देश्य कितना खतरनाक है। छतरपुर जिले में तालिब ने हिंदू बनकर एक लड़की से शादी की। उसके बाद तालिब और उसका परिवार लड़की पर इस्लाम में धर्मांतरण करने, गोमाँस खाने और उर्दू सीखने के लिए दबाव बनाने लगा। जब लड़की नहीं मानी तो उसे क्रूरतापूर्वक प्रताड़ित किया गया और अंतत: उसकी हत्या कर दी गई। युवती के पिता ने छतरपुर के पुलिस अधीक्षक से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया, उसके बाद पुलिस हरकत में आई है।

युवती के पिता किशोरी लाल अहिरवार ने बताया कि सिविल लाइन्स पुलिस स्टेशन क्षेत्र का निवासी तालिब खुद को हिंदू बताता था। उसने हिंदू बनकर उनकी बेटी से शादी की थी। अहिरवार ने बताया कि शादी के बाद तालिब का असली चेहरा सामने आ गया और वह उनकी बेटी को धर्मांतरण के लिए प्रताड़ित करने लगा।

उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले उनकी बेटी ने फोन कर जान बचाने की गुहार लगाई थी, लेकिन जब तक वे पहुँचते तब तक उसकी हत्या कर दी गई थी। अहिरवार ने बताया, “उसने (बेटी ने) फोन पर कहा था कि पापा इन लोगों से मुझे बचा लीजिए, ये लोग मुझे मार डालेंगे। उसी दिन से मैं अपनी बेटी से मिलने के लिए तड़प रहा हूँ।” उन्होंने आगे बताया, “जब मैं बेटी के ससुराल गया तो पता चला कि घर में ताला बंद कर सभी लोग भाग गए हैं। मोहल्ले के लोगों ने मुझे बताया कि आपकी बेटी की मौत हो गई है।”

युवती के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने 2015 में तब्बू बने तालिब से शादी की थी और उसके दो बच्चे भी हैं। उन्होंने बताया कि शादी के बाद उनकी बेटी पर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया जाता था। ससुराल पक्ष के लोग न सिर्फ धर्म बदलने, बल्कि गोमाँस खाने और उर्दू पढ़ने के लिए मजबूर करते थे। इसके लिए उनकी बेटी को तरह-तरह से प्रताड़ित करते थे और जब नहीं मानी तो उसकी हत्या कर दी।

किशोरी लाल ने इस मामले में पुलिस पर लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि वह पिछले दो दिन से सिविल लाइन के टीआई राजेश बंजारी से इस मामले में मदद माँग रहे हैं, लेकिन वह खामोश बने रहे। किसी ने उनकी मदद नहीं की। अंतत: उन्हें पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में आवेदन देना पड़ा, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।

मामला लव जिहाद से जुड़ा था, इसलिए पुलिस अधिकारी गंभीर हो गए। सिटी एसपी लोकेंद्र सिंह ने मामले की जाँच के लिए एक टीम गठित की है और आरोपियों गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ऑपइंडिया ने पुलिस अधीक्षक से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। वही हाल सिविल लाइन्स थाना के पुलिस अधिकारियों का भी रहा। बार-बार कॉल करने के बावजूद पुलिस ने कॉल उठाने की जहमत नहीं की।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में लव जिहाद से संबंधित कानून इसी वर्ष मार्च में लाया गया था। इस कानून के शादी अथवा किसी अन्य कपटपूर्ण तरीके से किये या कराए गए धर्मांतरण के मामले में अधिकतम 10 साल की कैद एवं भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

पानीपत से लेकर सतना तक धोखे की वही कहानी: कहीं गुलाब तो कहीं राकेश बन मुस्लिम युवकों ने महिलाओं को फँसाया

लव जिहाद के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। एक मामला हरियाणा के पानीपत का है जहाँ शादीशुदा मुस्लिम युवक ने गुलाब नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाई और एक युवती को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया। वहीं मध्य प्रदेश के सतना में मोहम्मद रफी ने राकेश बनकर एक महिला का बलात्कार किया और उसका धर्म परिवर्तन करा दिया।

सतना के कोलगंवा थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत दर्ज कराने वाली 35 वर्षीय पीड़िता ने आरोप लगाया है कि मोहम्मद रफी ने खुद को राकेश कुशवाहा बता कर प्रेम जाल में फँसाया और वर्षों तक उसके साथ बलात्कार करता रहा। आरोपित रफी ने धमकाकर उसका घर भी बेच दिया।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपित जबरन उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा और विरोध करने पर उसे और उसकी 13 वर्षीय बेटी को जान से मारने की धमकी देता रहा। इसके अलावा रफी ने राशन कार्ड में भी पीड़िता और उसकी बेटी का नाम बदलकर अपने मजहब के अनुसार करवा दिया। पीड़िता के मुताबिक आरोपित लगातार शादी का प्रलोभन देता रहा, लेकिन शादी नहीं की। पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है और उसके विरुद्ध आईपीसी की धारा 376, 419 और 506 एवं मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021, की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश में लव जिहाद के मामलों को रोकने के लिए मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 लागू हो चुका है। इस कानून के तहत किसी भी रूप में धर्मांतरण करने और लव जिहाद के अपराध में सख्त से सख्त सजा का प्रावधान किया गया है।

वहीं पानीपत में लव जिहाद की शिकार हुई लड़की के पिता ने घटना की जानकारी देते हुए बताया है कि उनके पड़ोस में एक मुस्लिम युवक रहता था जिसके साथ कुछ दिनों पहले उनका झगड़ा हुआ था। झगड़े के बाद उस युवक ने धमकी दी थी कि वह लड़की की शादी नहीं होने देगा। पीड़िता के पिता ने बताया कि 1 जुलाई को उनकी बेटी की मँगनी हुई थी और 14 जुलाई को शादी होनी थी।

जानकारी के मुताबिक मुस्लिम युवक शादीशुदा था। उसने फेसबुक पर गुलाब नाम से आईडी बनाई और पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। पीड़िता के पिता ने यह भी जानकारी दी कि आरोपित अपने साथ मँगनी में मिले गहने और 12,000 रुपए भी साथ ले गया। इस मामले में डीएसपी सतीश ने कहा कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की जाँच की जा रही है।

वृंदावन में परिक्रमा के दौरान गायब हुई युवती: धर्म परिवर्तन के लिए अगवा करने की आशंका, इस्लाम प्रचारक अहमद खान पर शक

उत्तर प्रदेश के वृंदावन में परिक्रमा के दौरान एक युवती के गायब होने का मामला सामने आया है। युवती के परिजनों ने पड़ोस में रहने वाले 22 वर्षीय अहमद खान पर युवती को धर्मांतरण की नीयत से अपहरण करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। परिजनों ने युवती के साथ किसी अनहोनी की आशंका भी जाहिर की है। पुलिस युवक-युवती की तलाश के लिए परिक्रमा मार्ग के सीसीटीवी फुटेज खँगालने में जुटी है।

सुरीर थाना के हरनोल गाँव रहने वाली 21 वर्षीया युवती अक्सर अपने परिजनों के साथ परिक्रमा के लिए वृंदावन आया करती थी। युवती सोमवार (5 जुलाई 2021) को भी अपनी माँ के साथ परिक्रमा के लिए आई थी और लेकिन गायब हो गई। युवती के परिजनों का आरोप है कि पड़ोस में रहने वाला युवक उनकी बेटी को धर्म परिवर्तन कर इस्लाम अपनाने के लिए उकसाता था। इसी उद्देश्य से उसने अपने साथियों के साथ युवती का अपहरण किया है।

युवती के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि युवक-युवती पहले से एक-दूसरे को जानते हैं। उनका कहना है कि युवक उनके पड़ोस में ही रहकर मजहबी प्रचार करता रहा है। पुलिस में दी गई तहरीर में युवती के पिता ने कहा है कि युवती अपने साथ 22,000 रुपये नगद, जेवरात, आधार कार्ड और शैक्षिक दस्तावेज भी ले गई है।

पुलिस अधीक्षक (शहर) मार्तण्ड प्रकाश सिंह के अनुसार, “युवती के पिता के अनुसार मामला सोमवार का है, युवती अपनी माँ के साथ वृन्दावन की परिक्रमा लगाने आई थी और जब परिक्रमा समाप्त होने वाली थी तभी उनके गाँव का एक युवक अपने कुछ साथियों के साथ आया और युवती को जबरदस्ती कार में बैठाकर ले गया।” सिंह ने कहा कि परिवार का कहना है कि वह उनकी बेटी पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाल रहा था।

गौरतलब है कि ऐसे ही एक मामले में धर्मांतरण कराकर निकाह कराने वाले वकील इकबाल मलिक का बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने सोमवार (5 जुलाई 2021) का लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। इकबाल धर्म परिवर्तन और निकाह (इस्लामी विवाह) के लिए कोर्ट स्थित अपने चैंबर का उपयोग करते थे।

‘बिना शर्त बात या बुलेट’: राकेश टिकैत ने अब कहा- 8 महीनों से सरकार की बात मानने के लिए नहीं बैठे हैं

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने गुरुवार (08 जुलाई 2021) को केंद्र सरकार से कहा है कि महीनों से चल रहे किसान आंदोलन को या तो बातचीत से खत्म किया जाए या गोलियों से। टिकैत ने कहा कि किसान बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन बिना किसी शर्त के।

टिकैत ने मीडिया से चर्चा के दौरान यह बात कही। टिकैत ने कहा कि सरकार चाहती है कि किसान उससे सशर्त बातचीत करे लेकिन ऐसा नहीं होगा क्योंकि किसान पिछले 8 महीनों से सरकार की बात मानने के लिए प्रदर्शन में नहीं बैठे हैं।

टिकैत ने कहा, “सरकार बातचीत के लिए शर्त रख रही है। वो कह रहे हैं कि कानूनों में संशोधन के लिए चर्चा की जा सकती है। किसान यहाँ 8 महीनों से सरकार के आदेश मानने के लिए नहीं बैठे हैं। अगर सरकार बातचीत करना चाहती है तो बिना शर्त बातचीत करे।” साथ ही कहा कि सरकार चाहे तो बातचीत से किसानों के आंदोलन को खत्म करे या गोलियों से लेकिन कृषि कानूनों के समाप्त होने तक आंदोलन खत्म नहीं होगा।

टिकैत ने यह बात केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अपील के बाद कही है। तोमर ने प्रदर्शन कर रहे किसानों से कहा था कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है, ऐसे में किसान अपना प्रदर्शन खत्म करें और बातचीत के लिए आगे आएँ। तोमर ने किसानों को यह भी आश्वासन दिया था कि कृषि उपज मंडी समितियाँ (APMC) बनी रहेंगी तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कृषि उपज की खरीद भी जारी रहेगी। साथ ही इन्हें और भी मजबूत भी किया जाएगा। तोमर ने कहा था कि किसानों से कई बार यह कहा गया है कि सरकार कृषि कानूनों को खत्म करने की बजाय उनके प्रावधानों पर चर्चा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

कृषि मंत्री तोमर ने स्पष्ट किया था कि उनकी सरकार ने किसान संघों को एक बार नहीं कई बार कहा कि वह कानूनों को खत्म करने के स्थान पर दूसरे कोई भी प्रस्ताव सरकार के पास लेकर आएँ, सरकार उस पर बातचीत करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि APMC खत्म नहीं होगी बल्कि और मजबूत होगी और सरकार इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

हालाँकि सरकार के द्वारा अनेकों बार आश्वासन दिए जाने के बाद भी सिंघू, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। हाल ही में मोदी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान शपथ लेने वाली कृषि राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने स्पष्ट तौर पर यह कहा है कि कृषि कानून किसी भी हालत में रद्द नहीं किए जाएँगे। उन्होंने यह भी कहा है कि कृषि कानून किसी भी रूप में किसान विरोधी नहीं हैं और किसान आंदोलन एक राजनैतिक प्रदर्शन मात्र है। हालाँकि उन्होंने कार्यभार सँभालते ही कहा कि वे राज्यों की यात्राएँ करेंगी और किसानों को कृषि कानूनों के लाभ से परिचित कराएँगी।

ज्ञात हो कि किसानों के साथ केंद्र सरकार 11 बार बातचीत कर चुकी है ताकि इस मुद्दे पर कोई उचित समाधान प्राप्त किया जा सके। 10 वें दौर की बातचीत के दौरान केंद्र सरकार ने यह भी प्रस्ताव रखा था कि कृषि सुधार कानूनों को डेढ़ सालों के लिए होल्ड पर रखा जा सकता है। लेकिन इसके बाद भी प्रदर्शनकारी किसान नहीं माने। पिछली बातचीत जनवरी में हुई थी जिसके बाद से अभी तक फिलहाल सरकार और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच कोई चर्चा नहीं हो सकी है।

19 साल की लड़की को अगवा कर ताहिर, सद्दाम और साजिद ने किया रेप: अलग-अलग जग​ह ले जाकर दूसरों से भी करवाया बलात्कार

राजस्थान के अलवर से सामूहिक बलात्कार का एक मामला सामने आया है। 19 वर्षीय लड़की का अपहरण करके उसके साथ 7 लोगों ने बलात्कार किया और बाद में उसे सड़क के किनारे पटककर फरार हो गए। पीड़िता के भाई ने ताहिर, सद्दाम और साजिद समेत 7 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

डीएसपी ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि अलवर के एमआईए थाना क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाले एक युवक ने 5 जुलाई 2021 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। युवक ने बताया कि 4 जुलाई को उसकी बहन रात में करीब 11:30 बजे घर से बाहर गाय बाँधने के लिए गई। उसी समय वहाँ ताहिर, सद्दाम और साजिद बैठकर शराब पी रहे थे। इसके बाद तीनों आरोपित पीड़िता का अपहरण करके ताहिर के घर ले गए, जहाँ तीनों ने बारी-बारी से पीड़िता के साथ बलात्कार किया।

युवक ने अपनी शिकायत में बताया है कि इसके बाद आरोपित उसकी बहन को बोलेरो में सांखला गाँव लेकर गए। वहाँ ताहिर के दोस्त वसीम और परवेज ने पीड़िता के साथ बलात्कार किया। हालाँकि, आरोपित यहाँ नहीं रुके। वो पीड़िता को दिवाकरी लेकर गए जहाँ चतर कुम्हार और अरबान खान ने भी पीड़िता के साथ बलात्कार किया। इसके बाद देर रात आरोपित पीड़िता को बहाला ईंट भट्टे के पास पटककर चले गए। इसके बाद पीड़िता के भाई ने थाने पहुँचकर अपहरण और गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता के भाई की शिकायत पर अपहरण और गैंगरेप का मामला दर्ज करके जाँच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया है कि सीआरपीसी की धारा 161 के तहत पीड़िता के बयान दर्ज कराए गए हैं और मेडिकल भी कराया गया है। इसके अलावा पीड़िता से धारा 164 के तहत भी बयान दर्ज कराए जाएंगे।

हालाँकि, अलवर में बलात्कार का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले 10 दिनों के दौरान अलवर में करीब 8 बलात्कार के मामले सामने आ चुके हैं। अलवर जिले में ही पिछले दो वर्षों से एक 20 वर्षीय लड़की से कथित तौर पर लगातार गैंगरेप किए जाने की शर्मनाक वारदात सामने आई थी। इस वारदात की शुरुआत अप्रैल 2019 में हुई थी। इसके बाद पीड़िता ने मई 2019 में अलवर के ही मालाखेड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन उस दौरान पुलिस ने न मामले में शिकायत दर्ज की और ना ही किसी तरह की कोई कार्रवाई की।

इसके अलावा, अलवर से ही बलात्कार की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई थी, जहाँ रेप का आरोप एक पुलिस अधिकारी पर ही लगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक महिला खड़ेली थाना में अपने पति के खिलाफ FIR लिखवाने गई थी। इस दौरान वहाँ तैनात सब-इंस्पेक्टर ने थाना परिसर में ही उसके साथ रेप किया।

सोलन का 122 फुट ऊँचा शिव मंदिर, जहाँ पत्थरों को थपथपाने पर आती है डमरू की आवाज

भारत के मंदिर उसकी अमूल्य धरोहर हैं। यहाँ गलियों में, चौराहों पर, नगर-कस्बों में, गाँवों में कई ऐसे मंदिर हैं जो उस क्षेत्र के लोगों के लिए इसलिए विशेष हैं, क्योंकि उनका एक इतिहास है और उनसे जुड़ी कहानियाँ उन लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुकी हैं। ऐसा ही एक मंदिर हिमाचल प्रदेश के सोलन में स्थित है। यह मंदिर है जटोली शिव मंदिर। यह मंदिर भगवान शिव के कुछ सबसे ऊँचे मंदिरों में से एक है।

मान्यताएँ

सोलन स्थित जटोली शिव मंदिर के विषय में मान्यता है कि भगवान शिव ने इस स्थान पर अल्प विश्राम किया था। स्थानीय लोग मानते हैं कि भगवान शिव अपनी यात्रा के दौरान इस स्थान पर आए थे और यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता से मोहित होकर कुछ दिनों तक रुके भी थे। वर्तमान में इस स्थान को महत्व दिलाने का श्रेय स्वामी कृष्णानन्द परमहंस को जाता है। 1950 के दशक में स्वामी कृष्णानन्द इस स्थान पर आए थे। कहा जाता है कि जटोली के लोग तब पानी की भीषण कमी से जूझ रहे थे। लोगों के इस संकट को दूर करने के लिए स्वामी कृष्णानन्द ने भगवान शिव की घोर तपस्या की और अपने त्रिशूल से प्रहार कर जमीन से पानी बाहर निकाला। तब से जटोली के लोगों को कभी पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़ा।

इसके बाद स्वामी कृष्णानन्द ने ही जटोली के इस मंदिर के निर्माण की नींव रखी। 1974 में इस मंदिर का निर्माण शुरू हुआ। हालाँकि वर्ष 1983 में स्वामी कृष्णानन्द ने समाधि ले ली, लेकिन मंदिर का निर्माण नहीं रुका। देश-दुनिया के कोने-कोने में बसे हिंदुओं ने अपने आराध्य के इस अनूठे मंदिर के निर्माण के लिए अपना सहयोग दिया। मंदिर के निर्माण में कुल मिलाकर 39 वर्ष लगे और करोड़ों रुपए खर्च हुए। मंदिर के कोने में ही स्वामी कृष्णानन्द की एक गुफा है। इस गुफा में भी एक शिवलिंग स्थापित है।

मंदिर की ऊँचाई लगभग 111 फुट है। हाल ही में इस मंदिर में 11 फुट का एक स्वर्ण कलश चढ़ाया गया जिसके कारण मंदिर की कुल ऊँचाई 122 फुट हो गई है। यह उत्तर भारत का सबसे ऊँचा और विश्व के कुछ सबसे ऊँचे शिव मंदिर में से एक है। मंदिर के चारों तरफ भगवान शिव और माता पार्वती समेत विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियाँ स्थापित हैं। मंदिर के गर्भगृह में स्फटिक मणि से निर्मित शिवलिंग स्थापित किया गया है। मंदिर की विशेषता है, निर्माण में लगाए गए पत्थर। इन पत्थरों को छूने या थपथपाने से डमरू की आवाज आती है। भले ही इस मंदिर का निर्माण आज से कुछ 45-50 साल पहले ही हुआ हो, लेकिन इस स्थान का महत्व पौराणिक है और स्वामी कृष्णानन्द परमहंस ने इसी महत्व को देखते हुए भगवान शिव की तपस्या के लिए इस स्थान को चुना।

कैसे पहुँचे?

हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शहरों में से एक सोलन का नजदीकी हवाईअड्डा शिमला में स्थित है, जो यहाँ से लगभग 45 किमी की दूरी पर है। हिमाचल प्रदेश सरकार निजी सार्वजनिक भागीदारी (PPP) के तहत सोलन में ही 1,000 करोड़ की लागत से राज्य का पहला अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा बनाने जा रही है। हालाँकि, सोलन का नजदीकी प्रमुख हवाईअड्डा चंडीगढ़ है। रेलमार्ग से सोलन तक पहुँचने के साधन फिलहाल सीमित हैं। सोलन विश्व प्रसिद्ध कालका-शिमला नैरो गेज लाइन पर स्थित है। कालका जंक्शन के माध्यम से सोलन, दिल्ली, देहरादून, कोलकाता और अन्य शहरों से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग 22 प्रमुख सड़क मार्ग है, जो सोलन से होकर गुजरता है। यह एक डिफेंस रोड है जो दिल्ली, अंबाला, चंडीगढ़ और देहरादून को चीन की सीमा से जोड़ती है। शिमला से सोलन की सड़क मार्ग से दूरी लगभग 48 किमी और चंडीगढ़ से लगभग 68 किमी है।

₹100 करोड़ की वसूली का मामला: सचिन वाजे से पूछताछ के लिए ED को मिली कोर्ट से इजाजत

मुंबई की एक विशेष अदालत ने गुरुवार (जुलाई 8, 2021) को महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ दर्ज कथित धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में बर्खास्त मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वाजे से पूछताछ करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अनुमति दे दी है।

वाजे को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने मार्च में दक्षिण मुंबई में एंटीलिया के पास विस्फोटक से लदी एसयूवी रखने और उसके बाद व्यवसायी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया था। वाजे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

कोर्ट ने ईडी को नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद वाजे से 3 दिन तक पूछताछ करने की इजाजत दी है। मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे मामले में ईडी ने अब तक पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के दो सहयोगियों (उनके निजी सचिव संजीव पलांडे और निजी सहायक कुंदन शिंदे) को गिरफ्तार किया है।

केंद्रीय एजेंसी का दावा है कि गिरफ्तार होने के बाद दोनों ने कबूल किया कि वाजे ने मुंबई में ऑर्केस्ट्रा बार मालिकों से 4.70 करोड़ रुपए एकत्र किए थे और इसे दो किश्तों में शिंदे को सौंप दिया था।

ईडी ने वाजे से पूछताछ के लिए विशेष एनआईए अदालत से अनुमति की माँग करते हुए कहा था कि वह अपराध शाखा के पूर्व सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे के साथ पलांडे और शिंदे को सामने बैठाकर पूछताछ करना चाहते हैं।

उल्लेखनीय है कि मामले में आईपीएस ऑफिसर परमबीर सिंह ने मुंबई पुलिस कमीश्नर के पद से हटाए जाने के बाद खुलासा किया था कि गृहमंत्री ने वाजे को मुंबई के बार, रेस्तरां आदि से 100 करोड़ रुपए की वसूली करने को कहा था। हालाँकि, देशमुख ने इन आरोपों को खारिज किया था, लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग के कारण केस में ईडी की एंट्री हुई और अब इसमें जाँच चल रही है।

कैबिनेट विस्तार के साथ प्रसाद, हर्षवर्धन, जावड़ेकर, निशंक… मंत्रिपरिषद से कटा पत्ता, अब आगे क्या होगा?

केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार के दौरान बुधवार (7 जुलाई, 2021) को एक के बाद एक कद्दावर नेताओं के इस्तीफे ने कल सियासी गलियारे में हलचल मचा दी। रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर, हर्षवधर्न सहित 12 मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दिया जिसके बाद सिर्फ ये सवाल उठा कि अब इन सब नेताओं का आगे क्या होगा? कुछ ने अटकलें लगाईं कि शायद इससे इनके पॉलिटिकल सफर की गति धीमी हो और कुछ ने कहा कि शायद इन्हें कोई नई जिम्मेदारी मिले।

दोनों तरह की बातों के बीच ये भी देखा गया कि मंत्रिमंडल में शामिल हुए नए चेहरों में भूपेंद्र यादव और अन्नपूर्णा देवी सहित कुछ ऐसे भी नाम हैं जो पार्टी संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारी निभा रहे थे, लेकिन अब उनको मंत्री पद दिया गया है और चूँकि भाजपा भी ‘एक व्यक्ति एक पद’ के सिद्धांत पर चलती है। तो शायद इसलिए ये कयास तेज हैं कि इस्तीफा देने वाले कुछ नेताओं को आगे संगठन में नई जिम्मेदारियाँ बाँटी जाएँ। 

कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि प्रकाश जावड़ेकर, रविशंकर प्रसाद, हर्षवर्धन जैसे प्रमुख नेताओं से इसीलिए इस्तीफा ले लिया गया ताकि नए मंत्रिमंडल के बनने के साथ इनको पार्टी संगठन में कोई अन्य महत्तवपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सके।

मालूम हो कि भाजपा महासचिव भूपेंद्र यादव को श्रम व रोजगार के अलावा वन व पर्यावरण मंत्री भी बनाया गया। वहीं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी को शिक्षा राज्यमंत्री बनाया गया है। इन दोनों नेताओं के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय सचिव विश्वेश्वर टुडु, राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव चंद्रशेखर और तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष एल मुरुगन को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है।

यहाँ आपको पार्टी संविधान के मद्देनजर संगठन की स्थिति के बारे में बता दें कि भाजपा में संसदीय बोर्ड में अध्यक्ष के अतिरिक्त 10 सदस्य होते हैं। पार्टी महासचिवों में से एक इस संसदीय बोर्ड का सचिव होता है। लेकिन, वर्तमान संसदीय बोर्ड में 7 ही सदस्य हैं। 

इनमें भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और संगठन महामंत्री बी एल संतोष शामिल हैं। संसदीय बोर्ड में भी 3 पद फिलहाल रिक्त हैं।

ऐसे ही संगठन में भूपेंद्र यादव सहित आठ महासचिव हैं, अन्नपूर्णा देवी सहित 12 उपाध्यक्ष और टुडु सहित 13 सचिव हैं। पिछले साल शुरुआत में भाजपा का अध्यक्ष बनने के बाद नड्डा ने करीब 8 महीने के बाद अपनी टीम बनाई थी। लेकिन अब पार्टी संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियाँ संभाल रहे नेताओं को मंत्री पद मिलने के बाद अब कयास लगाए जाने लगे हैं कि पार्टी संगठन में नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। 

इसके अलावा अगले साल की शुरुआत में ही उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में ये भी संभव है कि इसको मद्देनजर रखते हुए रविशंकर प्रसाद, जावड़ेकर, निशंक और हर्षवर्धन सहित कुछ नेताओं को संगठन में शामिल करके राज्यों की अहम जिम्मेदारी मिले।

राजीव गाँधी की प्रतिमा पर पेट्रोल डालकर निहंग सिख ने लगाई आग, कॉन्ग्रेस नेता पग से साफ करते दिखे मूर्ति

लुधियाना में पीरू बांदा मोहल्ला के पास एक पब्लिक पार्क में बुधवार (जुलाई 7, 2021) को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की प्रतिमा में आग लगाने के मामले में एक निहंग सिख समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।

घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया। इसमें निहंग सिख रमनदीप सिंह अपने साथी सतपाल नवी के साथ प्रतिमा पर पेट्रोल डालते और आग लगाते नजर आ रहा है। अपनी वीडियो में रमनदीप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शहर में कहीं भी उन्हें राजीव गाँधी की प्रतिमा दिखी तो वो इसी तरह उसमें आग लगा देंगे।

बता दें कि निहंग सिख ने यह हरकत कॉन्ग्रेस नेता गुरसिमरन सिंह मंड की एक घोषणा के बाद की, जिसमें उन्होंने राजीव गाँधी की और मूर्तियाँ शहर भर में लगवाने का ऐलान किया था। रमनदीप अपनी वीडियो में कहते सुनाई पड़ रहे हैं, “हम राजीव गाँधी की मौजूदा प्रतिमाओं को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं और वह (मंड) ऐसी और मूर्तियाँ और लगाने की बात कर रहा है… यह उसको जवाब है… राजीव गाँधी की हर प्रतिमा का यही हश्र होगा।”

सलेम तबरी थाना पुलिस ने इस मामले को आईपीसी की धारा आईपीसी की धारा 435 व 153ए, आईटी अधिनियम, संपत्ति अधिनियम के तहत दर्ज किया है। वहीं, कॉन्ग्रेस नेता मंड ने इस घटना के बाद भावुक होकर प्रशासन से आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। वीडियो में दिख रहा है कि मंड अपनी सिर पर बंधे पग से राजीव गाँधी के बुत को साफ कर रहे हैं और राजीव गाँधी अमर रहें के नारे लगा रहे हैं।

साभार: सुरखब टीवी की वीडियो

उल्लेखनीय है कि साल 2018 में भी एक ऐसी घटना सामने आई है। उस समय यूथ अकाली नेता अध्यक्ष गुरदीप गोशा और मीतपाल दुगरी ने राजीव गाँधी की इसी प्रतिमा पर कालिख पोत दी थी। इसके बाद कॉन्ग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर उन्हें गिरफ्तार करवाया था। उस समय गुरदीप गोशा का कहना था कि 1984 में हुए कत्लेआम के कारण उनकी ओर से यह कदम उठाया गया है।