Home Blog Page 3726

Bisexual हैं प्रियंका चोपड़ा की जेठानी सोफी टर्नर? ‘गेम ऑफ थ्रॉन्स’ की अभिनेत्री को लेकर लोगों ने लगाए कयास

प्रियंका चोपड़ा की जेठानी और हॉलीवुड अभिनेत्री सोफी टर्नर (Sophie Belinda Jonas) को लेकर सोशल मीडिया पर लोग कयास लगा रहे हैं कि कहीं वो ‘Bisexual’ (उभयलिंगी) तो नहीं हैं? 25 वर्षीय सोफी टर्नर ने इंस्टाग्राम स्टोरी में कुछ ऐसा पोस्ट किया, जिसके बाद लोगों ने इस तरह की अटकलें लगानी शुरू की। बता दें कि सोफी टर्नर ‘X-Men’ जैसी बड़ी फिल्म और ‘गेम ऑफ थ्रोंस’ जैसी लेजेंड्री सीरीज में काम कर चुकी हैं।

सोफी टर्नर के इस इंस्टाग्राम स्टोरी के बाद शुरू हुआ विवाद

इंस्टाग्राम पर शेयर की गई स्टोरी में उन्होंने लिखा, “ना तो ये समय स्ट्रेट है और न ही मैं।” साथ ही उन्होंने ‘गे प्राइड’ और ‘बाय प्राइड’ का स्टिकर भी लगाया। इस स्टोरी में कई रंगीन स्टिकर्स और Gif लगे हुए थे, जिसमें से एक इंद्रधनुष का भी था। एक स्टिकर पर ‘मूव! आई एम गे’ भी लिखा हुआ था और बायसेक्सुअल का झंडा लगा हुआ था। अब लोग कयास लगा रहे हैं कि सोफी टर्नर ने खुद को लेकर ये खुलासा किया है।

जैसा कि आप ऊपर देख सकते हैं, एक यूजर ने लिखा, “अगर सोफी टर्नर बायसेक्सुअल हैं तो ये एक बहुत बड़ी जीत है। वो काफी हॉट हैं।” एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा, “क्या हम इस फैक्ट पर बात नहीं करने जा रहे कि सोफी टर्नर जोनास बायसेक्सुअल निकली हैं?” एक अन्य यूजर ने कयास लगाया, “मुद्दा ये है कि सोफी टर्नर बायसेक्सुअल क्वीन हैं और उनके पति जो जोनास एक ‘बाय-प्रोटेक्टर’ हैं।”

‘Rolling Stone’ के कवर पेज पर आने के बाद Dark Phoenix की अभिनेत्री ने कहा था कि वो अपने पूरे जीवन के लिए सिंगल रहने के लिए पूरी तरह तैयार थीं, लेकिन जब आप सोचते हैं कि आपको सही पुरुष मिल गया है तो आप ये समझ जाते हैं। उन्होंने कहा था, “मुझे लगता है कि मैं अपनी उम्र से कहीं अधिक बड़ी हूँ। मुझे लगता है कि चीजें जानने-समझने के लिए मैंने पर्याप्त समय बिता लिया है। पर्याप्त संख्या में लड़के-लड़कियों से मिली हूँ।”

जब उनसे ‘पर्याप्त लड़कियों से मिलने’ पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया था कि वो किसी का जेंडर नहीं देखती हैं, वो आत्मा से प्यार करती हैं। उन्होंने कहा था कि सभी लोग एक्सपेरिमेंट्स करते हैं और ये उम्र बढ़ने के क्रम का हिस्सा है। बता दें कि सोफी टर्नर, भारतीय अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा के पति निक जोनास के बड़े भाई जो जोनास की पत्नी हैं। दोनों ने 2019 में शादी की थी। ‘गेम ऑफ थ्रोंस’ में उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें कई अवॉर्ड्स मिल चुके हैं।

सॉफ्टवेयर से सैटेलाइट तक, एग्रीकल्चर से एस्ट्रोनॉमी तक, वैक्सीन से VR तक दुनिया का इंजन बना भारत: CSIR की बैठक में PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (जून 4, 2021) को ‘वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (Council of Scientific and Industrial Research)’ की बैठक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सम्बोधित किया। उन्होंने CSIR की बैठक में कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी पूरी दुनिया के सामने इस सदी की सबसे बड़ी चुनौती बनकर आई है, लेकिन इतिहास इस बात का गवाह है कि जब-जब मानवता पर कोई बड़ा संकट आया है, विज्ञान ने और बेहतर भविष्य के रास्ते तैयार कर दिए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा की बीती शताब्दी का अनुभव है कि जब पहले कोई खोज दुनिया के दूसरे देशों में होती थी तो भारत को उसके लिए कई-कई साल का इंतज़ार करना पड़ता था, लेकिन आज हमारे देश के वैज्ञानिक दूसरे देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं, उतनी ही तेज गति से काम कर रहे हैं। उन्होंने ध्यान दिलाया कि किसी भी देश में साइन्स और टेक्नालॉजी उतनी ही ऊँचाइयों को छूती है, जितना बेहतर उसका इंडस्ट्री से, मार्केट से संबंध होता है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने CSIR के बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हमारे देश में CSIR साइन्स, सोसाइटी और इंडस्ट्री की इसी व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एक ‘संस्था-विषयक व्यवस्था’ का काम करता है। प्रधानमंत्री ने इसके योगदानों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी इस संस्था ने देश को कितनी ही प्रतिभाएँ दी हैं, कितने ही वैज्ञानिक दिए हैं। शांतिस्वरूप भटनागर जैसे महान वैज्ञानिक ने इस संस्था को नेतृत्व दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने CSIR की बैठक को किया सम्बोधित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत टिकाऊ विकास और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में दुनिया को रास्ता दिखा रहा है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि कैसे आज हम सॉफ्टवेयर से लेकर सैटेलाइट्स तक, दूसरे देशों के विकास को भी गति दे रहे हैं और दुनिया के विकास में प्रमुख इंजन की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज एग्रिकल्चर से एस्ट्रॉनॉमी तक, आपदा प्रबंधन से रक्षा तकनीक तक, वैक्सीन से वर्चुअल रियलिटी तक, बायोटेक्नोलॉजी से लेकर बैटरी टेक्नोलॉजीज तक, देश हर दिशा में आत्मनिर्भर और सशक्त बनना चाहता है।

बकौल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कोरोना के इस संकट ने रफ्तार भले कुछ धीमी की है लेकिन आज भी हमारा संकल्प है- ‘आत्मनिर्भर भारत, सशक्त भारत’। बता दें कि CSIR सोसायटी विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन काम करने वाली वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग का हिस्सा है। इसे देश भर के 37 लैब्स और 39 केंद्रों से संचालित किया जाता है। हर साल सोसाइटी की बैठक होती है।

₹400 का टीका, अस्पतालों को 1060 में… जनता को 1560 में: पंजाब की कॉन्ग्रेसी सरकार पर गंभीर आरोप

शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कोरोना वैक्सीन को लेकर पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, बादल ने शुक्रवार (4 जून 2021) को कहा, ”कोविड-19 का टीका उपलब्ध है, लेकिन पंजाब सरकार इसे निजी अस्पतालों को बेच रही है। कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार 400 रुपए में टीके ले रही है, लेकिन प्राइवेट अस्पतालों को 1060 रुपए में बेच रही है। वहीं, प्राइवेट अस्पताल भी अधिक कीमतों पर लोगों को वैक्सीन देकर मुनाफा कमा रहे हैं।”

सुखबीर बादल ने आगे कहा, ”अगर वे वैक्सीन की कीमतों में सुधार नहीं करते हैं या इसे मुफ्त में नहीं देते हैं, तो हम पंजाब सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट जाएँगे। अगर हम पंजाब में फिर से सरकार बनाते हैं तो इसकी जाँच करेंगे।” उन्होंने इस मामले पर अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को भी घेरा। शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि ये सब देखने के बावजूद आम आदमी पार्टी इस पर खामोश क्यों है?

बादल ने आरोप लगाया कि अकेले मोहाली में एक दिन में करीब दो करोड़ रुपए का मुनाफा कमाने के लिए 35 हजार डोज निजी संस्थानों को बेची गईं। उन्होंने कहा कि वैक्सीन को बेचकर लाभ कमाना कॉन्ग्रेस सरकार द्वारा अपनाया गया अनैतिक तरीका है।

अकाली दल के प्रमुख ने राहुल गाँधी पर भी सवाल उठाए, जो शुरू से ही केंद्र से मुफ्त टीके की माँग कर रहे हैं। बादल ने पूछा कि क्या वह आम आदमी को प्रति खुराक 1,560 रुपए देने के लिए पंजाब सरकार के कदम का समर्थन करते हैं?

गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के नाम पर अपने इस कदम से प्रति खुराक 660 रुपए का लाभ कमाया है। वहीं, प्राइवेट अस्पतालों को प्रति खुराक 500 रुपए का लाभ होता है, क्योंकि वे लोगों से टीके की एक खुराक के लिए 1,560 रुपए वसूलते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में खरीदी गई एक लाख वैक्सीन में से पंजाब सरकार ने राज्य के सभी प्राइवेट अस्पतालों को 1,060 रुपए प्रति खुराक की दर से कम से कम 20,000 वैक्सीन बेची, जिसकी कीमत 400 रुपए थी।

बता दें कि प्राइवेट अस्पताल वैक्सीन की प्रति खुराक के लिए लोगों से कम से कम 1560 रुपए वसूल रहे हैं। अभियान में शामिल अधिकारियों द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि सरकार ने टीकाकरण सीएसआर फंड के नाम से एक अलग बैंक अकाउंट बनाया है और प्राइवेट अस्पताल इस अकाउंट में ही पैसा जमा करते हैं। वहीं, वैक्सीन की खरीद में शामिल राज्य के अधिकारियों का कहना है कि प्राइवेट अस्पतालों से इकट्ठा किया गया अतिरिक्त पैसा वैक्सीन खरीदने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

Sukhbir Singh Badal says that corona vaccine is available but the Punjab govt is selling it to private hospitals

कन्नड़ सबसे घटिया भाषा: गूगल इंडिया ने माँगी माफी, कहा – एल्गोरिदम को बेहतर बनाने के लिए कर रहे काम

गूगल (Google) सर्च में कन्नड़ भाषा को सबसे भद्दी भाषा दिखाने के मामले में गूगल इंडिया ने गुरुवार (3 मई 2021) को माफी माँग ली। गूगल ने कन्नड़ भाषा में लिखे अपने माफीनामे में कहा कि सर्च का रिजल्ट कंपनी की सोच को नहीं दिखाता है। कंपनी ने कहा कि वो अपने एल्गोरिदम को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी के साथ गूगल ने कन्नड़ को सबसे गंदी भाषा बताने वाले सर्च को हटा लिया है।

दरअसल, कन्नड़ भाषा को सर्च रिजल्ट में सबसे गंदी भाषा बताने के बाद लोगों ने इसकी जमकर आलोचना की थी। कर्नाटक के कन्नड़, संस्कृति और वन मंत्री, अरविंद लिंबावली ने गूगल को कानूनी नोटिस भेजने की बात कही थी। उन्होंने इस भाषा को कन्नड़ लोगों का गौरव बताते हुए गूगल से तत्काल माफी की माँग भी की थी।

मंत्री अरविंद लिंबावली ने कहा कि कन्नड़ भाषा का अपना एक इतिहास है, जो लगभग 2,500 साल पुराना है। उन्होंने कहा कि यह भाषा सदियों से कन्नड़ लोगों का गौरव रही है।

इसके बाद गूगल इंडिया ने गलतफहमी और किसी की भावनाओं को आहत करने के मामले में माफी माँग लिया। गूगल ने ट्वीट कर लिखा, “सर्च हमेशा सही नहीं होती है। कभी-कभी, जिस तरह से इंटरनेट पर किसी कंटेंट को डिस्क्राइब किया जाता है, वह सवालों के अजीब रिजल्ट दे देता है। हम जानते हैं कि यह सही नहीं है, लेकिन जब हमें इसके बारे में जानकारी दी जाती है तो हम उसे तेजी से सुधार करने की कोशिश करते हैं। हम मुद्दों और हमारे एल्गोरिदम को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। स्वाभाविक है कि ये Google की राय को नहीं दिखाता है। हम गलतफहमी और किसी की भावनाओं को आहत करने के लिए क्षमा चाहते हैं।”

राजनेताओं और एक्टिविस्ट ने जताई थी आपत्ति

गूगल द्वारा कन्नड़ भाषा को सबसे घटिया भाषा दिखाने को लेकर 3 जून, 2021 को राजनीतिक प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं समेत कई कन्नड़ लोगों ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई थी। दरअसल, गूगल सर्च में भारत की सबसे खराब भाषा के उत्तर में कन्नड़ को दिखाया गया, जिसमें ये बताया गया कि यह दक्षिण भारत में बोली जाने वाली भाषा है, जो 40 लाख लोगों द्वारा बोली जाती है।

ऐसा लगता है कि इसका उत्तर ‘डेटकॉन्सॉलिडेशनस्क्वाड डॉट कॉम (debtconsolidationsquestions.com)’ नामक वेबसाइट के एक पेज से लिया गया है। इसमें “भारत में सबसे आसान भाषा” और “सबसे सुंदर” भाषाओं के सवालों समेत दुनिया भर की भाषाओं के सवालों के जवाबों की एक पूरी लिस्ट दी गई थी।

बहरहाल, सोशल मीडिया पर इसके सामने आने के बाद बेंगलुरु सेंट्रल से बीजेपी के सांसद पीसी मोहन ने गूगल इंडिया से माफी की माँग की थी। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मुकुंद गौड़ा ने भी गूगल इंडिया को पत्र लिखकर सर्च रिजल्ट को हटाने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की थी।

सलमान खान के डर से अपना घर बेच भागे KRK? मीका सिंह ने रिलीज किया #KRKKutta गाना, कुत्ते के भौंकने की बीट्स

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान और फिल्म समीक्षक कमाल आर खान (KRK) के बीच विवाद में पड़े गायक मीका सिंह ने KRK के ऊपर एक गाना बनाया है, जिसकी बीट उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी की। इस गाने में म्यूजिक के साथ-साथ कुत्तों के भौंकने की आवाज़ें भी आ रही हैं। इसके बाद वो सीधे KRK के मुंबई स्थित घर के बाहर पहुँचे। वहाँ जाकर उन्होंने दावा किया कि KRK ने सलमान खान के डर सर अपना घर ही बेच डाला है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि मीका सिंह KRK के घर के बाहर घूम रहे हैं। खुद मीका ने भी इस वीडियो को आगे बढ़ाया। मुंबई में KRK का घर मीका सिंह के स्टूडियो के पास ही है। KRK इन दिनों दुबई में हैं। वो वहीं से सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और वीडियो भी बना रहे हैं। मीका ने कहा कि KRK ने अपने घर से नेमप्लेट हटा दी है। उन्होंने कहा, “डरो मत, आ जाओ। मैं तुम्हें मारूँगा नहीं।”

मीका सिंह ने KRK को अपना बेटा भी करार दिया। वीडियो में मीका सिंह ने कहा, “ये उसका घर था। यहाँ पर पहले KRK लिखा हुआ था। अभी मैं ये नहीं कहूँगा कि वो मेरे डर से भाग खड़ा हुआ है या उसकी कोई व्यक्तिगत समस्या है। लेकिन, अभी उसका बोर्ड भी हटा दिया गया है। तू सारी उम्र मेरा बेटा ही रहेगा, मेरी ऐसी कोई लड़ाई नहीं है। तुम मेरे बेटे हो। तूने ये घर बेच दिया है अब और जितने घर हैं, उन्हें मत बेचना क्योंकि मेरी तेरे से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है।”

मीका सिंह ने KRK को सम्बोधित करते हुए कहा कि वो उनके घर के बाहर ‘छाती चौड़ा कर के’ खड़े हैं वो जहाँ कहेंगे, वहाँ मिलने के लिए तैयार हैं। मीका इससे पहले KRK के लिए ‘गदहा’ और ‘चूहा’ जैसे शब्दों का प्रयोग भी कर चुके हैं। वहीं KRK ने पंजाब के गायक को ‘चिरकुट और फ्लॉप गायक’ करार देते हुए आरोप लगाया था कि वो पब्लिसिटी के लिए इस मुद्दे में कूद रहे हैं। मीका ने अपने नए गाने का नाम भी ‘KRK Kutta’ रखा है।

वीडियो में मीका सिंह कहते दिख रहे हैं, “मेरे से डर मत। लेकिन, तू मेरा बेटा है। तेरे को सबक सिखाना था, इतना बड़ा सबक नहीं कि तू अपना घर बेचकर चला जा। यार.. इतना भी क्या डरना हद है, तुमने अपना घर ही बेच दिया।” बता दें कि सलमान खान के NGO पर मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के बाद KRK पर सलमान ने मानहानि का मुकदमा किया है। KRK का दावा है कि ‘राधे’ की समीक्षा सलमान खान को पसंद नहीं आई, इसलिए उन्होंने केस कर दिया।

वहीं अब KRK ने भी ऐलान किया है कि वो ‘भाई के फेवरिट क्रिटिक्स’ शीर्षक के साथ वीडियो रिलीज करेंगे। इससे पहले उन्होंने गोविंदा का समर्थन मिलने का दावा किया था, लेकिन नब्बे के दशक के सुपरस्टार ने कहा कि उन्होंने KRK का पक्ष नहीं लिया है, केआरके ने उनकी फिल्मों को लेकर भी पूर्व में भला-बुरा कहा है। इसके बाद KRK ने दावा किया कि वो अभिनेता गोविंदा नहीं, अपने एक दोस्त गोविंदा की बात कर रहे थे।

इससे पहले KRK ने लिखा था, “अगर मैं हर भौंकने वाले कुत्ते को रिप्लाई करूँगा तो तो फिर सिर्फ यही करता रहूँगा। चूँकि हर ‘नल्ला’ को पब्लिसिटी चाहिए, कुछ मीडिया वाले इतने बेचैन हैं कि वो किसी भी ‘सूअर’ का इंटरव्यू लेने को बेताब रहते हैं। ऐसे लोग, जो ‘ब्रांड KRK’ के खिलाफ बोलना चाहते हों।” उन्होंने सलमान खान के लिए लिखा, “तू कैसा बॉलीवुड का ‘गुंडा’ है भाई जो एक भी बॉलीवुड वाला तेरे समर्थन में नहीं आया?”

बच्चों पर कोरोना वैक्सीन के ट्रायल के खिलाफ दिल्ली HC में याचिका, नया नहीं है वैक्सीन के खिलाफ प्रोपेगेंडा का ये ‘खेल’

पटना स्थित अयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल मंगलवार (1 जून) को शुरू हो गया था। इसके तहत तीन बच्चों को कोवैक्सिन की पहली डोज दी गई। टीका दिए जाने के बाद ये तीनों बच्चे स्वस्थ हैं। एम्स को कुल 80 बच्चों के ट्रायल का लक्ष्य दिया गया है।

2 से 18 वर्ष के उम्र के बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का यह ट्रायल ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) द्वारा भारत बायोटेक को बच्चों पर फेज 2 और 3 के कोवैक्सिन के ट्रायल को मंजूरी दिए जाने के बाद किया जा रहा है।

बच्चों पर वैक्सीन के ट्रायल के खिलाफ कोर्ट में याचिका

वहीं 2 से 18 साल के बच्चों पर किए जा रहे वैक्सीन ट्रायल के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में शुक्रवार (4 जून) को सुनवाई है। याचिका में कोविड वैक्सीन के बच्चों पर ट्रायल को नरसंहार जैसा बताते हुए इसे तुरंत रोकने की माँग की गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, याचिकाकर्ता संजीव कुमार ने कहा कि यह याचिका हाईकोर्ट के सामने हैं इसे लेकर केंद्र और भारत बायोटेक को नोटिस भी भेजा जा चुका है। इसके बावजूद जून से ही बच्चों पर वैक्सीन के ट्रायल शुरू किए जा चुके हैं।

याचिकाकर्ता संजीव ने कहा है कि वैक्सीन का ट्रायल बच्चों पर किए जाने से उनकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इससे उनकी मानसिक सेहत पर भी असर पड़ सकता है। संजीव ने ये भी कहा है कि जिन बच्चों पर वैक्सीन का ट्रायल किया जा रहा है, उन्हें वॉलंटियर्स नहीं कहा जा सकता है। ये बच्चे इस ट्रायल के नतीजों को समझने की क्षमता नहीं रखते हैं। स्वस्थ बच्चों पर वैक्सीन का ट्रायल नरसंहार जैसा होगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 525 स्वस्थ्य वॉलंटियर्स पर इस वैक्सीन का ट्रायल किया जाएगा। उन्हें वैक्सीन की दो डोज दी जाएगी। पहली डोज देने के 28 दिन बाद दूसरी डोज दी जाएगी।

तीसरी लहर में बच्चों के सर्वाधिक प्रभावित होने की संभावना

सरकार ने बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल उन आशंकाओं को देखते हुए शुरू किया है, जिसमें कोरोना की तीसरी लहर से सबसे अधिक बच्चों के प्रभावित होने का अनुमान जताया गया है।

कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए ही सरकार 2 से 18 साल के बच्चों पर वैक्सीन का ट्रायल शुरू कर चुकी है। लेकिन बच्चों को सुरक्षित रखने के उपायों के तहत सरकार द्वारा शुरू इस वैक्सीन ट्रायल को बच्चों का नरसंहार और उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए घातक बताते हुए याचिका दायर कर दी गई है।

वैक्सीन विरोध के खेल में कॉन्ग्रेस, लेफ्ट समेत पूरा विपक्ष शामिल

कोरोना वैक्सीन का विरोध देश में नया नहीं है और कॉन्ग्रेस, लेफ्ट समेत तमाम विपक्षी दल पहले दिन से ही कोरोना वैक्सीन का विरोध करते आए हैं। ये बात और है कि शुरू में कोरोना वैक्सीन का विरोध करने वाले विपक्षी नेताओं, तथाकथित बुद्धजीवियों और कई पत्रकार बाद में खुद मुफ्त वैक्सीन की माँग की लाइन में सबसे आगे भी खड़े नजर आए हैं। ये वे लोग हैं जो आम जनता को वैक्सीन को घातक बताते हुए उसके खिलाफ भ्रम और अफवाह फैला रहे हैं, लेकिन खुद वैक्सीन लगवाने के मामले में प्राथमिकता माँग ही नहीं रहे हैं, बल्कि वैक्सीन लगवा भी रहे हैं।

कोरोना वैक्सीन के जरिए मोदी सरकार के विरोध का अवसर तलाशने वाले इन नेताओं, पत्रकारों और तथाकथित बुद्धजीवियों की लिस्ट बहुत लँबी है। फिर चाहे वो इसे भाजपा की वैक्सीन बतान वाले अखिलेश यादव हों, या कॉन्ग्रेस के रणदीप सुरजेवाला, या इसी पार्टी के मनीष तिवारी। प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए चर्चित शशि थरूर वैक्सीन को लेकर भी भ्रम फैलाने में पीछे नहीं रहे। वहीं AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी हों या एनसीपी नेता नवाब मालिक, वैक्सीन पर राजनीति करने में पीछे नहीं रहे।

कई पत्रकारों ने भी वैक्सीन पर दुष्प्रचार के जरिए अपना एजेंडा खूब चलाया, जिनमें पत्रकार संदीप चौधरी, स्वाति चतुर्वेदी जैसे नाम भी शामिल हैं। वैक्सीन का कार्टून के जरिए खूब मजाक उड़ाने वाले कार्टूनिस्ट सतीश आचार्य खुद सबसे पहले वैक्सीन लेने वालों में शामिल रहे।

यानी, कोरोना के खिलाफ सुरक्षा के लिए इन विपक्षी नेताओं को वैक्सीन तो चाहिए, लेकिन अपनी राजनीति चमकाने और मोदी सरकार के विरोध के लिए वैक्सीन के खिलाफ दुष्प्रचार और भ्रम फैलाने का खेल भी जारी रखना है।

मृत कर्मचारियों के परिवार को 5 साल का वेतन देगा रिलायंस, बच्चों को ग्रेजुएट होने तक पढ़ाएगा: इस साल मुकेश अंबानी की सैलरी Nil

कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज ने घोषणा की है कि उसके जिस भी कर्मचारी की कोरोना के कारण मौत हुई है, उसके नॉमिनी को अगले 5 साल तक की सैलरी दी जाएगी। साथ ही उसने बताया कि कोरोना पीड़ित कर्मचारियों को छुट्टियों के लिए एक अलग नीति लाई गई है। रिलायंस के जिन कोरोना पीड़ित कर्मचारियों को रुपए की जरूरत है, उन्हें अगले 3 महीने की इंटरेस्ट-फ्री सैलरी दी जा रही है।

RIL के वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर उसके किसी कर्मचारी की कोरोना के कारण मौत होती है तो इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में उसके बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा कंपनी संभालती है और साथ ही परिवार की मदद भी की जाती है। ‘रिलायंस फॅमिली सपोर्ट एंड वेलफेयर स्कीम’ के तहत अपने कर्मचारियों के बच्चों की ट्यूशन फी, हॉस्टल का खर्च और किताबों में खर्च का पूर्ण वहन करेगा। भारत के किसी भी शैक्षिक संस्थान में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने तक ये सुविधा दी जाएगी।

साथ ही मृत कर्मचारी के माता-पिता, पार्टनर और बच्चों (स्नातक तक) को अगर कोई बीमारी होती है तो उनके इलाज का खर्च भी कंपनी ही उठाएगी। कोरोना पीड़ित कर्मचारियों को तब तक छुट्टी की व्यवस्था दी गई है, जब तक वो ‘शारीरिक और मानसिक रूप से’ इससे स्वस्थ नहीं हो जाते। उनकी फुल रिकवरी और परिवार का ध्यान रखने के लिए ये सुविधा दी गई है। रिलायंस ने कहा कि सभी कर्मचारी एक टीम की तरह तब तक साथ खड़े रहेंगे, जब तक हम जीत नहीं जाते।

रिलायंस फाउंडेशन ने ये भी घोषणा की है कि अगर उसके किसी ‘ऑफ-रोल कर्मचारी (जो किसी थर्ड पार्टी के हों लेकिन रिलायंस के लिए काम कर रहे हों)’ की मौत होती है तो उसके परिजनों को भी 10 लाख रुपए सहायता के रूप में दिए जाएँगे। रिलायंस ने अपना खुद का टीकाकरण अभियान R-सुरक्षा’ लॉन्च किया है, जिसके तहत सभी कर्मचारियों व उनके परिवारों को कोरोना का टीका दिया जा रहा है।

इसके लिए तकनीक का सहारा लेकर कई इलाकों में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। कंपनी ने कहा कि केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों व नियमों का पालन करते हुए ये सब हो रहा है। उधर रिलायंस ग्रुप के मुखिया और एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी ने खुद इस 2020-21 वित्तीय वर्ष में कोई सैलरी नहीं ली है। उनका वेतन Nil, अर्थात शून्य रहा है। उन्होंने अपने कारोबार और अर्थव्यवस्था के लिए स्वेच्छा से अपना वेतन नहीं लिया।

वहीं पिछले वित्तीय वर्ष में उन्होंने 15 करोड़ रुपए की सैलरी उठाई थी। पिछले एक दशक से उनका वेतन इतना ही रहा है। हालाँकि, कंपनी के अन्य बड़े पदाधिकारियों को उनके वेतन से अधिक ही रुपए मिले। अंबानी के कजन भाइयों निखिल और हितल मेशवनी ने 24 करोड़ की सैलरी के साथ 17.28 करोड़ रुपए बतौर कमीशन उठाए। एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स को उनके प्रदर्शन के आधार पर इंक्रीमेंट मिला और उन्हें अधिक पारितोषिक मिला।

कोरोना आपदा में रिलायंस ने सरकार और लोगों का भी खूब सहयोग किया है। मुंबई में BMC के साथ मिल कर कंपनी ने रिकॉर्ड समय में डेडिकेटेड कोविड अस्पताल बना दिया। ऑक्सीजन सप्लाई के सुनिश्चित कराने के लिए खुद मुकेश अंबानी गुजरात के जामनगर प्लांट में डटे रहे। वहाँ प्रतिदिन 700 टन मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू किया गया, ताकि देश भर के अस्पतालों की ज़रूरतें पूरी की जा सकें।

‘अखिलेश भैइया के बाटे नाच-ब, अबकी बनाई अखिलेश जी के ताज-ह’ – बार बालाओं के साथ सपा नेता का डांस, खोज रही UP पुलिस

उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के समाजवादी पार्टी के नेता शैलेंद्र यादव का अपने साले की शादी में बार बालाओं के साथ अश्लील डाँस का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में वह स्टेज पर 3-4 बार बालाओं के साथ जमकर डाँस करते देखे जा सकते हैं।

सपा नेता शैलेंद्र यादव की पत्नी रेनु यादव वार्ड नंबर 17 से जिला पंचायत सदस्य हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि स्टेज पर “अखिलेश यादव जिंदाबाद 2022 में समाजवादी का झंडा यूपी में फिर लहराएँगे” गाना बज रहा था। इसी गाने पर सपा नेता बार बालाओं के साथ ठुमके लगा रहे थे। बता दें कि शैलेंद्र यादव सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष चिंता यादव के चचेरे देवर हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, शैलेंद्र यादव के साले की बारात उनके गाँव जंगल अजही के भरवर टोला से कैम्पियरगंज के बैजनाथपुर गुलरिया गाँव गई थी। शादी समारोह के आर्केस्ट्रा में वह ठुमके लगा ही रहे थे, तभी स्टेज के नीचे नाच रहे एक युवक ने कुछ कमेंट कर दिया, जिसके बाद वह स्टेज से नीचे उतर कर मारपीट करने लगते हैं। मामले का वीडियो वायरल होने के बाद अब पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।

गोरखपुर के एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया है कि कैम्पियरगंज थाना क्षेत्र में कोरोना काल में कुछ लोगों का अश्लील डाँस वायरल हुआ है, जिसके आधार पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, कोरोना प्रोटोकॉल के तहत शादी समारोहों में आर्केस्ट्रा व बार बालाओं की बुकिंग लॉकडाउन के नियमों के खिलाफ है। इसके लिए तीन दिन पहले ही एडीजी जोन ने सभी जिलों को इस तरह के सभी आयोजनों पर रोक के लिए निर्देश दिया था।

सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियाँ

सपा नेता द्वारा साले की शादी में अश्लील डाँस किए जाने के वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि उस दौरान न ही किसी के चेहरे पर मास्क था और सोशल डिस्टेंसिंग तो पूरी तरह से नदारद रही। खास बात यह है कि यूपी सरकार ने कोरोना काल में इस तरह के सभी डाँस आयोजनों पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।

‘पॉर्न स्टार को दोस्त बनाया तो लोग मुझे समझने लगे सेक्स वर्कर’: राहुल गाँधी से प्यार का इजहार करने वाली अभिनेत्री का खुलासा

पूर्व ‘मिस टीन नॉर्थ-ईस्ट’ और टीवी अभिनेत्री माहिका शर्मा ने अपनी आने वाली फिल्म ‘The Modern Culture’ में पॉर्न स्टार डैनी डी के साथ दिखने वाली हैं। उन्होंने इस फिल्म से जुड़े अनुभव शेयर करते हुए बताया कि जब उन्होंने पॉर्न स्टार Danny D के साथ काम करना शुरू किया तो लोग उन्हें भी ‘सेक्स वर्कर’ समझने लगे और उनके साथ भेदभाव होने लगा। उन्होंने बुधवार (जून 2, 2021) को ‘इंटरनेशनल सेक्स वर्कर्स डे’ पर ये खुलासा किया।

माहिका शर्मा ने सेक्स वर्कर्स को लेकर ‘सामाजिक भ्रांतियों’ पर बात की। उन्होंने बताया कि डैनी डी उनके अच्छे दोस्त हैं। उन्होंने दावा किया कि बिना किसी फैक्ट-चेक के उनके साथ भेदभाव किया गया। माहिका शर्मा ने कहा, “लोग मुझे सेक्स वर्कर समझने लगे। लेकिन, मैंने इस पर सफाई देने की बजाए अपने इस दर्द की उन सेक्स वर्कर्स से तुलना की, जो कठिन और दुःखी जीवन जी रहे हैं। मैंने उनकी मदद के लिए भी योजना बनाई।”

माहिका शर्मा मानवाधिकार के लिए भी काम करने का दावा करती रही हैं और साथ ही कई चैरिटी कार्यक्रम और NGO का हिस्सा रही हैं। महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य और सेक्स वर्कर्स के पुनर्वास के साथ भारत में वेश्यावृत्ति को ख़त्म करने के उद्देश्य से काम कर रही संस्थाओं के साथ भी वो जुड़ी हुई हैं। माहिका शर्मा ने कहा कि वो वेश्यावृत्ति को ख़त्म करना चाहती हैं और इसके लिए विभिन्न स्तर पर काम चालू है।

उन्होंने कहा, “अब जब हमारे देश में पॉर्न को भी प्रतिबंधित किया जा चुका है, फिर भी काफी एडल्ट फिल्म्स यहाँ रिलीज किए जाते हैं। स्थानीय कलाकारों की मदद से विभिन्न डिजिटल नेटवर्क्स के माध्यम से ऐसा किया जाता है। ये दुःखी कर देने वाली चीज है। हमें ऐसे मामलों से वैधानिक रूप से निपटना चाहिए।” जून 2018 में माहिका शर्मा ने कहा था कि वो पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी के साथ रात गुजारने से गुरेज नहीं करेंगी, क्योंकि वो 13 वर्ष की उम्र से ही उनके प्रति ‘सेक्सुअली आकर्षित’ हैं।

उन्होंने बताया था कि वो 13 साल की उम्र में शाहिद अफरीदी की तस्वीर अपने साथ रखती थीं और सेक्स के बारे में सोचने लगी थीं। उन्होंने कहा था कि अब उनका परिवार है, बच्चे है, लेकिन वो उनके ‘हेलो’ का इंतजार कर रही हैं। माहिका शर्मा भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को ‘नॉटी डैडी’ कह कर सम्बोधित कर चुकी हैं। अभिनन्दन वर्तमान का जब पाकिस्तान ने वीडियो जारी किया था, तब माहिका ने पाकिस्तानी क्रिकेटर सरफराज अहमद को खरी-खोटी सुनाई थी।

इतना ही नहीं, ‘FIR’ टीवी सीरियल में काम कर चुकी माहिका शर्मा ने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी के लिए भी प्यार जताया था। उन्होंने कहा था कि राहुल गाँधी में एक राजा के सभी गुण हैं और वो लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाली क्रेजी बातें करते हैं। उन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस की जीत के लिए चैत्र नवरात्र का व्रत रखने का भी दावा किया था। उन्होंने पूरे 9 दिन व्रत रखने की बात कही थी।

राकेश पंडिता की हत्या पर पत्नी-बेटे ने कहा – ‘त्राल कश्मीरी पंडितों के रहने लायक नहीं… किसी ने धोखा दिया, मिलीभगत की’

दक्षिणी कश्मीर के त्राल के नगर पार्षद बीजेपी नेता राकेश पंडिता की हत्या में किसी करीबी के धोखे देने या गाँव के ही किसी व्यक्ति द्वारा मुखबिरी की आशंका जताई जा रही है। राकेश पंडिता की बुधवार (2 जून) को तीन आतंकियों ने हत्या कर दी थी।

राकेश पंडिता की हत्या में किसी करीबी के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। राकेश पंडिता के बेटे पारस पंडिता ने कहा है कि ऐसा लगता है कि उनके पिता के साथ धोखा हुआ या किसी ने मिलीभगत करके उनकी हत्या करवाई।

किसी ने धोखा दिया या मिलीभगत की: राकेश पंडिता के बेटे पारस

12वीं में पढ़ने वाले राकेश पंडिता के बेटे पारस पंडिता ने पिता की मौत के पीछे किसी साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया और आज तक से कहा, ”जब उनकी डेथ हुई थी तो उससे पहले उन्होंने मुझे फोन किया था, अब जब मैं सोच रहा हूँ तो लग रहा है कि उन्हें पता था कि ऐसा कुछ होने वाला है।” (वीडियो लिंक में 5:11 मिनट से 5:36 मिनट) और (वीडियो में 6:05 मिनट से 6:38)

पारस ने राकेश पंडिता की हत्या को लेकर कहा, ”धोखा दिया या क्या पता किसी ने मिलीभगत की हो।”

ये पूछे जाने पर कि क्या गाँव के ही किसी व्यक्ति ने ही उनकी मुखबिरी की थी, पारस ने कहा, ”सँभावना हर एक चीज की है और इसकी जाँच एनआईए से होनी चाहिए।”

त्राल कश्मीरी पंडिता के रहने लायक नहीं: रूबी पंडिता

राकेश पंडिता की पत्नी ने कहा कि कश्मीरी पंडिता यहाँ के कट्टरपंथियों को खटकते हैं। इसीलिए उनके पति की हत्या कर दी गई। राकेश पंडिता की हत्या में सांप्रदायिक ऐंगल की बात मानते हुए उनकी पत्नी ने कहा, ”त्राल में कई लोग ऐसे थे जो कहते थे कि मुस्लिम ही अध्यक्ष बनेगा हिंदू नहीं।” (वीडियो 2:30 से 3: 25 मिनट)

रूबी पंडिता ने कहा, ”त्राल कश्मीरी पंडितों के लिए रहने लायक नहीं है, क्योंकि यहाँ के लोगों की आँखों में कश्मीरी पंडित खटकते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि कश्मीर में अन्य जगहों के मुकाबले त्राल आतंकियों का कहीं बड़ा गढ़ है।” (वीडियो में 4:18 मिनट से 5:04 मिनट)

पति की हत्या से टूट चुकीं रूबी पंडिता ने कहा कि जिन्होंने (आतंकियों) इन्हें मारा उन्हें भी गोलियों से भून दिया जाना चाहिए। जहाँ-जहाँ भी आतंकी हैं उनका सफाया होना चाहिए। (वीडियो में 4:18 मिनट से 5:00 मिनट)

पत्नी ने बताया कि 15 दिन पहले ही राकेश पंडिता के पिता की मौत हुई थी, लेकिन वह जनसेवा के लिए घर पर नहीं रुके और लोगों के बीच जाने लगे। लोगों के लिए सोचने की उनकी यही आदत कट्टरपंथियों को खटकती थी।

कौन थे राकेश पंडिता

राकेश पंडिता मूलरूप से दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल के रहने वाले थे। उनका परिवार 1990 में पलायन के बाद उनका परिवार जम्मू आ गया था। 2020 में 30 साल बाद राकेश पंडिता फिर त्राल लौटे। राकेश और उनकी पत्नी ने बीजेपी के टिकट पर स्थानीय निकाय का चुनाव लड़ा था। दोनों चुनाव जीते, पत्नी पार्षद बनीं और राकेश निकाय के चेयरमैन बने। 2 जून, 2021 की रात तीन आतंकवादियों ने राकेश पंडिता की हत्या कर दी।