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‘8 सालों से प्रताड़ना, अश्लील वीडियो कॉल, गालियाँ और झूठे केस’: संजय राउत पर आरोप, महिला ने PM को लिखा पत्र

2015 में शिवसेना संस्थापक बालासाहब ठाकरे के जीवन पर एक मराठी फिल्म बनी थी। नाम था – ‘बालकाडु’। अब इस फिल्म की निर्माता डॉक्टर स्वप्ना पाटकर ने शिवसेना संसद संजय राउत पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। स्वप्ना पेशे से साइकोलॉजिस्ट हैं। साथ ही वो ‘द रॉयल मराठी एंटरटेनमेंट’ नामक फिल्म प्रोडक्शन कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। वे 2013 में मराठी में मोटिवेशनल पुस्तक ‘जीवन फंडा’ भी लिख चुकी हैं।

अब स्वप्ना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने खुद को एक शिक्षित और सबल भारतीय महिला बताते हुए पत्र में लिखा है कि उन्हें सहानुभूति नहीं, बल्कि इंसाफ चाहिए। स्वप्ना पाटकर ने आरोप लगाया है कि शिवसेना मुखपत्र ‘सामना’ के सह-संपादक संजय राउत पिछले 8 वर्षों से अपनी पार्टी के रुतबे और सिस्टम पर पकड़ का इस्तेमाल कर न सिर्फ उन्हें गालियाँ दे रहे हैं, बल्कि उनके परिवार और रिश्तेदारों को भी प्रताड़ित कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में ‘माइंडवर्क्स ट्रेनिंग सिस्टम्स’ नामक काउंसलिंग क्लिनिक चलाने वाली डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि उन्हें अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में कई मामलों में पूछताछ के लिए बुलाया जाता है। उन्होंने लिखा है कि ‘शिवसेना भवन’ की तीसरी मंजिल पर बुला कर उनके रिश्तेदारों से मारपीट की गई और उनसे संपर्क काटने को मजबूर किया है। साथ ही सब ख़त्म करने के लिए 4 करोड़ रुपए की वसूली का प्रस्ताव रखने का आरोप भी लगाया गया है। स्वप्ना ने पत्र में लिखा है:

“पुलिस से पूछताछ करवा के भी जब संजय राउत की राक्षसी ख़ुशी को संतुष्टि नहीं मिलती तो मुझे परेशान, प्रताड़ित और बदनाम कर के मेरा चरित्र-हनन किया जाता है। वो कहते हैं कि पुलिस के पास जाओगी तो भी कुछ नहीं होगा। 2013 में मेरे ऊपर 2 बार हमला हुआ। जाँच अभी तक चल रही है। कोई आरोपित नहीं मिला। 2014 में ACP प्रफुल्ल भोंसले ने बिना कारण मेरे खिलाफ जाँच शुरू की। मुझ पर संजय राउत से फिरौती माँगने का आरोप लगाया गया। 2015 में मेरा पीछा करना शुरू किया गया। धमकियाँ मिलीं। मैं किससे बात करूँ और किससे नहीं, इस पर नियंत्रण करने की कोशिश की गई। मैं कहाँ जा रही हूँ, क्या कर रही हूँ – संजय राउत का सब पर ध्यान रहता था। मुझे रोज ईमेल भेज कर बताना होता था कि मैं कहाँ गई और किससे मिली। बात न मानने पर पुलिस का नया मामला बन जाता था।”

बता दें कि डॉक्टर स्वप्ना पाटकर मुंबई में ‘सैफरन 12’ नामक एक मल्टी क्यूनीन फैमिली रेस्तरां भी चलाती हैं। मार्च 2013 में हुए रेस्तरां के उद्घाटन में अभिनेता संजय दत्त, संगीतकार बप्पी लाहिरी, गायक सुरेश वाडेकर के अलावा दिलीप ताहिल और मुरली शर्मा जैसे वरिष्ठ चरित्र अभिनेता भी पहुँचे थे। सबसे बड़ी बात तो ये कि ‘सामना’ में वो ‘कॉर्पोरेट मंत्र’ और ‘आठवड्याचा मानुष’ नाम से कॉलम लिखा करती थीं।

अब स्वप्ना ने आरोप लगाया है कि राज्यसभा सांसद संजय राउत के इशारे पर पुलिस ने उन पर ‘धंधा करने’ का आरोप भी लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया है कि 2017 में खुद संजय राउत ने फोन पर धमकी दी और 2018 में कॉन्ट्रैक्ट पर आदमी रख कर उनका पीछा कराया गया। बकौल स्वप्ना, उनके सोशल मीडिया हैंडल्स को हैक कर कभी सुसाइड नोट तो कभी अश्लील सामग्रियाँ डाली गईं, लेकिन पुलिस ने साफ़ कह दिया कि संजय राउत के खिलाफ वो FIR दर्ज नहीं कर सकते।

उनका आरोप है कि उनके सहकर्मियों को झूठे मामलों में फँसा कर गिरफ्तार करवाया गया और उनका चरित्र प्रमाण-पत्र बनवाया गया। उन्होंने बताया कि वो ‘राष्ट्रीय महिला आयोग’ के पास भी लिखित शिकायत लेकर गई थीं, लेकिन पुलिस NCW का भी सम्मान नहीं करती है। पत्र में उन्होंने संजय राउत के लिए ‘दरिंदा’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए लिखा है कि उन्हें अब भी अश्लील वीडियो कॉल की जाती है और गालियाँ बकी जाती है।

बकौल स्वप्ना पाटकर, उन्होंने गृह मंत्री अनिल देशमुख और NCP सुप्रीमो शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले को ‘संजय राउत की हरकतों’ के बारे में बताया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने मनसुख हिरेन और पूजा चव्हाण की संदिग्ध मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर उनकी मौत होती है तो ये आत्महत्या नहीं होगी। जहाँ मनसुख हिरेन एंटीलिया केस में मृत पाए गए थे, TikTok स्टार पूजा चव्हाण की मौत के मामले में शिवसेना नेता वो महाराष्ट्र के वन मंत्री संजय राठौड़ का नाम सामने आया था।

डॉक्टर पाटकर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से कई स्क्रीनशॉट शेयर किया है, जिसमें मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को मेल भेजने के बाद आए एक्नॉलेजमेंट को देखा जा सकता है। साथ ही उन्होंने एक चैट स्क्रीनशॉट शेयर कर दावा किया कि संजय राउत उन्हें मैसेज भेजते हैं। उन्होंने मुंबई के जोन 8 के DCP को भी मेल लिखा था। उन्होंने कहा कि ट्विटर पर संजय राउत ने उन्हें ब्लॉक कर रखा हुआ है।

आगे-आगे मुख्तार अंसारी, पीछे-पीछे मीडिया: सुप्रीम कोर्ट में बीवी, विकास दुबे एनकाउंटर का दिया हवाला

बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को पंजाब की रोपड़ जेल से लेकर यूपी पुलिस बांदा के लिए रवाना हो गई है। मंगलवार (अप्रैल 6, 2021) सुबह यूपी पुलिस की टीम रोपड़ जेल पहुँची। यहाँ जेल अधिकारियों ने कड़ी सुरक्षा के बीच मुख्तार अंसारी को यूपी पुलिस की कस्टडी में सौंप दिया। तकरीबन दो बजे यूपी पुलिस की टीम मुख्तार को लेकर रोपड़ जेल के गेट नंबर 2 से बाहर निकली। जेल से बाहर निकलते हुए मुख्तार अंसारी एंबुलेंस में बैठा नजर आया। मीडिया की टीमें भी कवरेज के लिए काफिले के पीछे लगी हुईं हैं।

इस रूट से लाया जा रहा बांदा

तकरीबन 900 किलोमीटर के सफर में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से बागपत होते हुए उसे लाया जा रहा है। इसके बाद यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते इटावा और औरैया होते हुए उसे बांदा जेल लाया जाएगा। एक प्लाटून पीएसी, 10 गाड़ियों, वज्र वाहन और एंबुलेंस के काफिले के साथ यूपी पुलिस उसे बांदा ला रही है। इस बीच मुख्तार की पत्नी ने सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। उधर मुख्तार के बड़े भाई और गाजीपुर से बीएसपी सांसद अफजाल अंसारी मीडिया से बातचीत में बिफर पड़े। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुख्तार की यूपी जेल में शिफ्टिंग हो रही है।

याचिका में विकास दुबे एनकाउंटर का जिक्र

मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शा अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। पंजाब के रोपड़ से यूपी लाते समय उन्होंने मुख्तार की जान को खतरा जताया है। इस याचिका में विकास दुबे एनकाउंटर का जिक्र करते हुए कहा गया है कि शिफ्टिंग के दौरान मुख्तार की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। मुख्तार की पत्नी ने याचिका में कहा है कि उन्हें इस बात का डर है कि कहीं फर्जी एनकाउंटर ना कर दिया जाए।

बता दें कि उज्जैन से कानपुर लाते वक्त कानपुर से थोड़ा पहले विकास दुबे जिस गाड़ी में था, वह पलट गई थी। पुलिस का कहना था कि उसने हथियार छीनकर फायरिंग की कोशिश की और जवाबी कार्रवाई में गोली चलानी पड़ी थी। मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शा अंसारी ने अंदेशा जताया है कि उनके पति की फर्जी एनकाउंटर में हत्या की जा सकती है। उन्होंने कोर्ट से मुख्तार अंसारी की सुरक्षा और निष्पक्ष ट्रायल सुनिश्चित करने की माँग की है।

फेक एनकाउंटर की आशंका जताते हुए मुख्तार अंसारी की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में अपने पति की सुरक्षा की गुहार लगाई है। अफ्शा अंसारी को अंदेशा है कि पंजाब की जेल से बांदा लाते वक्त रास्ते में फर्जी मुठभेड़ की आड़ में उनके शौहर की हत्या की जा सकती है। मुख्तार की पत्नी ने अपनी याचिका में रोपड़ से बांदा लाते वक्त के पूरे सफर की वीडियोग्राफी की भी माँग की है।

मीडिया से अफजाल अंसारी की बहस

मुख्तार अंसारी को लेकर मीडिया ने जब अफजाल से सवाल पूछा तो वह झल्ला गए। अफजाल ने कहा, “मुख्तार अंसारी, मुख्तार अंसारी, मुख्तार अंसारी… बस यही मुद्दा है देश में। जो पेट में है उसे भी मुँह में ऊँगली डालकर बाहर निकाल लो।” इससे पहले अफजाल ने यूपी लाते वक्त मुख्तार के एनकाउंटर का अंदेशा जताते हुए योगी सरकार को घेरा था।

मुख्तार के लिए 10 गाड़ियों का काफिला

माफिया मुख्तार अंसारी को यूपी लाने के लिए करीब 100 लोगों की पुलिस टीम पंजाब के रोपड़ गई थी। 10 गाड़ियों के काफिले में पुलिस और पीएसी के जवानों के अलावा डॉक्टर भी शामिल हैं। उधर, यूपी पुलिस ने मुख्तार की वापसी के साथ उस पर शिकंजा और कसने की तैयारी तेज कर दी है। मुख्तार के खिलाफ चल रहे मुकदमों का ट्रायल और तेजी से करवाया जाएगा।

मुख्तार के खिलाफ अभी 15 मामले अंडरट्रायल

एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि मुख्तार के खिलाफ प्रदेश भर में 52 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 15 मामले विचाराधीन हैं। इन मुकदमों में तेज और प्रभावी पैरवी के जरिए मुख्तार को कड़ी सजा दिलवाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्तार को रूल्स फॉर गार्ड्स ऐंड स्कॉर्ट्स (1970) के प्रावधानों के तहत स्थापित प्रोटोकॉल और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के क्रम में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ यूपी लाया जाएगा।

‘कॉन्ग्रेस बचा रही मुख्तार को’

यूपी के कैबिनेट मंत्री और सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने पंजाब सरकार पर मुख्तार को बचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस सरकार के संरक्षण में मुख्तार को जेल में सभी सुविधाएँ दी जा रही थी। मुख्तार को निजी एम्बुलेंस भी पंजाब की कॉन्ग्रेस सरकार ने ही उपलब्ध करवाई थी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को अपराधी में भी सांप्रदायिकता दिखती है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था शिफ्ट करने का आदेश

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को पंजाब की जेल से यूपी की बांदा जेल भेजने का आदेश दिया था। न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्देश दिया था कि अंसारी को दो सप्ताह के भीतर यूपी को सौंप दिया जाए और फिर बांदा जेल में रखा जाए। शीर्ष अदालत ने यूपी सरकार की याचिका पर यह निर्णय दिया। याचिका में अंसारी को पंजाब से यूपी जेल में स्थानांतरित करने की माँग की गई थी।

TMC नेता के घर EVM मिलने की खबर को इंडिया टुडे ने बताया बीजेपी का ‘आरोप’, नेटिजन्स ने उठाए सवाल

पश्चिम बंगाल के तीन जिलों हुगली, हावड़ा और दक्षिण 24 परगना की 31 सीटों पर आज (6 अप्रैल 2021) वोट डाले जा रहे हैं। उससे पहले सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस के एक नेता के घर से ईवीएम (EVM) मिलने की बात सामने आई। इस मामले में चुनाव आयोग (EC) ने कार्रवाई भी की है। लेकिन, दिलचस्प यह है कि इंडिया टुडे ने इतनी बड़ी घटना को कमतर दिखाने की कोशिश करते हुए इसे ‘बीजेपी का आरोप‘ बताया।

इंडिया टुडे ने एक वीडियो रिपोर्ट में कहा, “भाजपा का आरोप है कि हावड़ा में टीएमसी नेता के घर पर ईवीएम पाए गए थे।” 2 मिनट की रिपोर्ट में, एंकर और रिपोर्टर दोहराते रहे कि बीजेपी का आरोप है कि टीएमसी के नेता के घर में ईवीएम पाए गए थे। एंकर ने इसे चार बार दोहराया जबकि रिपोर्टर ने ‘कथित’ और ‘दावा’ के रूप में अलग-अलग शब्दों का इस्तेमाल किया। दिलचस्प बात यह है कि 2 मिनट की रिपोर्ट में ईवीएम और वीवीपैट की तस्वीर एक मिनट के लिए बैकग्राउंड में दिखाई गई। एंकर इसकी पुष्टि की बजाए इसे बीजेपी का आरोप बताते रहे।

चुनाव आयोग ने पीठासीन अधिकारी को निलंबित कर दिया

रिपोर्ट के अनुसार, ईवीएम और वीवीपीएटी मशीन को टीएमसी नेता गौतम घोष के तुलसीबेरिया स्थित आवास पर पाया गया। ये घटना उलूबेरिया नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र की है, जहाँ तीसरे चरण में ही वोट डाले जा रहे हैं। चुनावी ड्यूटी में लगी कार से ईवीएम और वीवीपीएटी लेकर टीएमसी नेता के घर पर चुनाव अधिकारी तपन सरकार आया था।

ग्रामीणों द्वारा रंगे हाथों पकड़े जाने पर अधिकारी ने अपने बचाव में कहा कि चुनावी ड्यूटी के लिए मशीनों को लाते समय काफी रात हो गई थी। केंद्रीय सशस्त्र बल सो गए थे और उन्होंने बूथ खोला ही नहीं। लिहाजा उन्होंने अपने एक रिश्तेदार के घर पर रात बिताना उचित समझा। ये रिश्तेदार कोई और नहीं, टीएमसी के नेता ही थे। इस मामले में चुनाव आयोग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर अधिकारी तपन सरकार के साथ-साथ पुलिस की पूरी टुकड़ी को भी निलंबित कर दिया है।

नेटिजन्स ने रिपोर्टिंग स्टाइल पर उठाए सवाल

इंडिया टुडे ने जिस तरह से इस मामले को रिपोर्ट किया है, उस पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए हैं।

गौरतलब है कि दूसरे चरण के मतदान के बाद जब एक बीजेपी नेता की कार में ईवीएम मिला था तो मीडिया गिरोह ने खूब हल्ला मचाया था। जबकि उस मामले में यह बात सामने आई थी कि चुनाव अधिकारियों ने गाड़ी खराब होने पर लिफ्ट माँगी थी। उन्हें यह जानकारी थी कि कार किसकी है। इस मामले में आयोग ने कार्रवाई करते हुए दोबारा मतदान के आदेश दिए थे।

अमान और शादाब ने छात्रा को अगवा किया, चाकू से गोद गंगनहर में फेंक दिया: बातचीत बंद करने से था नाराज

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक छात्रा को चाकू से गोद गंगनहर में फेंकने की घटना सामने आई है। पीड़िता मसूरी थाना क्षेत्र के डासना स्थित पिलखुवा की रहने वाली है। आरोपितों में से एक अमान मलिक से छात्रा की दोस्ती थी। दो महीने पहले छात्रा ने उससे बातचीत बंद कर दी। इससे नाराज अमान ने अपने साथी शादाब के साथ मिल चाकू की नोंक पर छात्रा का अपहरण किया और फिर इस घटना को अंजाम दिया।

छात्रा जब चीखने-चिल्लाने लगी तो आसपास के लोगों ने उसकी पुकार सुनी, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। राहगीरों ने छात्रा को गंगनहर से बाहर निकाला। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। माँ की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। छात्रा के पिता नहीं हैं। चाचा ने बताया कि 2 साल पहले उसकी दोस्ती नाले पर दुकान चलाने वाले अमान मलिक से हो गई थी। 2 महीने पहले उसने अमान से बातचीत बंद कर दी थी।

इसके बाद उसने कई बार उससे बातचीत शुरू करने के लिए मिन्नतें की थी। उसने छात्रा के चक्कर लगा कर उससे फिर से बात करने को कहा, लेकिन उसने इनकार कर दिया। सोमवार (अप्रैल 5, 2021) को छात्रा बाजार गई थी। वहाँ अमान और शादाब ने उसे जबरन रोक लिया। बात करने के बहाने पहले उसे रेलवे रोड की तरफ सुनसान में लेकर गया। वहाँ दोनों 10 मिनट तक रहे और शादाब भी थोड़ी दूर पर खड़ा रहा।

जब छात्रा नहीं मानी तो अमान ने शादाब की तरफ इशारा किया, जिसने चाकू का इस्तेमाल कर उसे बाइक पर जबरन बिठाया। उसका अपहरण कर दोनों डासना गंगनहर पर लेकर गए। वहाँ जब पीड़िता ने इस हरकत का विरोध किया तो शादाब ने उसको पकड़ा और अमान ने ताबड़तोड़ चाकू से वार किए। छात्रा चिल्लाती रही और शादाब के चंगुल से छूटने की जतन में लगी रही, लेकिन अमान चाकू घोंपता रहा।

सदर अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। उसके हाथ, गर्दन और जाँघ में जख्म आए हैं। पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। छात्रा के परिजनों का कहना है कि अमान का व्यवहार और हरकतें सही नहीं थीं, जिसके कारण लगभग 1 साल पहले भी उसने अमान से बातचीत बंद कर दी थी। अमान ने उस दौरान भी उसे और उसके परिवार को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। इससे डरी-सहमी किशोरी जबरन दोस्ती में बँधी हुई थी।

भगवान बिना मंदिर, मिट्टी में दफन हैंडपंप… ओडिशा के सतभाया (7 गाँवों का समूह) को कौन निगल र​हा

ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में तटीय क्षेत्र में बसे 7 गाँव धीरे-धीरे नक्शे से गायब हो रहे हैं। 17 किलोमीटर के रास्ते पर कभी सतभाया पंचायत (सात गाँवों का समूह) थी। लेकिन अब यहाँ बस रेत की चादर, कुछ ताड़ के पेड़, आवारा पशु, मिट्टी में धँस चुका हैंड पंप और बिन भगवान की मूर्ति का एक मंदिर है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट बताती है कि मृदा अपरदन (जमीन का कटाव) के कारण ये 7 ग्राम नक्शे से गायब होते जा रहे हैं। रास्ते में बना एक मंदिर है, जहाँ कभी कई परिवार आते थे, मगर अब इस जगह प्रफुल्ल लेंका ही आते-जाते हैं। लेंका उन्हीं 571 लोगों में से हैं जिन्हें 2018 में पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन ने 12 किमी दूर बागपटिया भेज दिया था। हालाँकि, 40 साल के लेंका वापस लौट आए क्योंकि उन्हें अपनी 20 भैंसों की देखभाल करनी थी।

रिपोर्ट बताती है कि इलाके में कोई बुनियादी सुविधाएँ नहीं हैं, जिसके चलते प्रशासन ने हाल में 148 परिवारों में से 118 परिवारों के पुनर्वास के आदेश दिए हैं, वही बाकी बचे 30 परिवारों के लिए कहा है कि उनके लिए कागजी कार्रवाई होना अब भी बाकी है।

एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट बसंत कुमार राउत ने बताया कि प्रशासन, बीजू पक्का घर योजना के तहत 10 डिसिमल जमीन और डेढ़ लाख रुपए इन लोगों को घर निर्माण के लिए देगा।

बाबू मलिक नाम के स्थानीय हालातों को बयाँ करते हुए कहते हैं, “जमीन का टुकड़ा और एक घर जाहिर है हमारे लिए बहुत महत्व रखता है। हमने बहुत इंतजार किया। लेकिन हमारा जीवन, हमारा घर सब समुद्र ने ले लिया। पिछले 4 सालों में चौथी बार हम अपना घर बदल रहे हैं।‘

उल्लेखनीय है कि 2018 में पहली बार इस क्षेत्र में लोगों के पुनर्वास पर काम हुआ था। जो लोग इस दौरान छूट गए उन्हें इन ग्रामों के अलावा अन्य गाँवों में किराए पर जाकर रहना पड़ा। रिपोर्ट बताती है कि लगभग एक दशक पहले तक, खेती और मछली पालन यहाँ के लोगों की आजीविका के मुख्य स्रोत थे। लेकिन समुद्र ने तेजी से कई घरों और कृषि भूमि को निगल लिया और मिट्टी की लवणता में वृद्धि हुई, जिससे जमीन उपजाऊ नहीं रही।

पवित्र कुमार साहू कहते हैं, “जैसे ही गाँव वाले गए। मैं भी अपने परिवार को लेकर दूसरे गाँव में चला गया। स्कूल भी नई कॉलोनी में शिफ्ट हो गया क्योंकि वहाँ रहने का कोई मतलब नहीं था। हम किराए पर रहने लगे। मैं केरल चला गया और लॉकडाउन के बाद यहाँ लौटा। मुझे आना ही पड़ा। तब से मैं यहाँ अकेला हूँ। मैं मछली पकड़कर उन्हें बेचता हूँ। इससे पहले भी मैं यही करता था।”

रिपोर्ट में नेशनल सेंटर फॉर कोस्टल रिसर्च की एक स्टडी का जिक्र है। इसके मुताबिक ओडिशा ने 1990 से 2016 के बीच 550 किमी तटीय सीमा का 28 प्रतिशत खोया है। अकेले केंद्रपाड़ा की 31 किमी जमीन खत्म हुई है।

बता दें कि केंद्रपाड़ा जिले की सतभया पंचायत में हो रहे मृदा अपरदन के कारण इलाका अब रेगिस्तान होता जा रहा है। ऐसे में उनके पुनर्वास की माँग लंबे समय से सरकार से हो रही थी। 2018 के बाद अभी हाल में प्रशासन ने 118 परिवारों के पुनर्वास के निर्देश दिए हैं। पहले इस इलाके को बचाने के लिए यहाँ सदाबहार जंगल बनाने की बात हुई थी, लेकिन लगातार हो रहे क्षय के कारण इलाके में बहुत तेजी से मिट्टी का स्तर बढ़ा है। समुद्र भी नजदीक आ गया है और माँ पंचुबारही का मंदिर मिट्टी में जा चुका है। इस इलाके के हालत देख किसी प्रकार का विकास कार्य भी संभव नहीं है, इसलिए 2017 से यहाँ ऐसे कामों पर रोक है।

‘हमने हिन्दुओं से एकजुट हो BJP को वोट देने के लिए कहा होता तो 8-10 नोटिस मिल चुके होते’: बंगाल में PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (अप्रैल 6, 2021) को पश्चिम बंगाल के कूच बिहार में एक चुनावी सभा को सम्बोधित किया। बंगाल की 31 सीटों पर आज तीसरे चरण का मतदान भी चल रहा है। भाजपा के स्थापना दिवस के दिन कूच बिहार पहुँचे प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल की इस धरती ने भाजपा को विचार दिए हैं, संस्कार दिए हैं, प्रेरणा दी है, निरंतर ऊर्जा दी है। उन्होंने जनसंघ के पितृपुरुष श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी नमन किया।

पीएम मोदी ने कहा कि डॉक्टर मुखर्जी ने हमारे लिए राजनीति का रास्ता तय किया था और उन्होंने ही हमें आदर्शों को लेकर राजनीति में जीने का, जनता के लिए जूझने का और शरीर का कण-कण, समय का पल-पल जनता के लिए लगाए रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि 2 मई को जब चुनाव के नतीजे आएँगे तो बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद यहाँ विकास का अभियान और तेज किया जाएगा।

पीएम मोदी ने कहा कि बीते 2 चरणों के मतदान में दीदी का जाना तय हो चुका है। उन्होंने कहा, “मैंने सुना कि दीदी इन दिनों सवाल पूछ रही हैं कि क्या भाजपा भगवान है जो उसे पता चल गया है कि पहले 2 चरणों में BJP को बड़ी जीत मिल रही है। आदरणीय दीदी, ओ दीदी, हम तो मामूली इंसान हैं, और ईश्वर की आज्ञा से, उनके आशीर्वाद से देशसेवा में लगे हैं। चुनाव में कौन हार रहा है, कौन जीत रहा है ये पता करने के लिए भगवान को कष्ट देने की जरूरत नहीं है।”

पीएम मोदी ने कहा कि जनता जनार्दन ही भगवान का रूप होती है और जनता जनार्दन को देखकर ही पता लग जाता है कि हवा का रूख क्या है। जन सभा में आई भारी भीड़ से प्रधानमंत्री ने कहा कि आपका आशीर्वाद मेरे लिए बहुत बड़ी ताकत है और आप जो आज ये प्यार दे रहे हैं, 2 मई के बाद भाजपा सरकार बनने के बाद वो इस प्यार को ब्याज समेत इस इलाके का विकास करके लौटाएँगे। उन्होंने कहा, “दीदी, आपका गुस्सा, आपकी नाराजगी, आपका व्यवहार, आपकी वाणी, इन सबको देखकर एक बच्चा भी बता सकता है कि दीदी आप चुनाव हार चुकी हैं।”

पीएम मोदी ने याद दिलाया कि रोज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कहना पड़ रहा है कि वो नंदीग्राम जीत रही हैं, लेकिन जिस दिन उन्होंने नंदीग्राम में पोलिंग बूथ में ‘खेला’ किया, जो बातें कहीं, उसी दिन पूरे देश ने मान लिया था कि वो हार गई हैं – इसके लिए भगवान से पूछने की जरूरत नहीं। उन्होंने कहा कि जब ममता की पार्टी ने घोषणा कर दी है कि दीदी अब वाराणसी से चुनाव लड़ेंगी तो कोई भी व्यक्ति बड़ी आसानी से समझ सकता है कि TMC का सूपड़ा साफ होने जा रहा है।

उन्होंने कहा, “दीदी को राजनीति करनी होगी तो बंगाल के बाहर जाना होगा, ये उनकी ही पार्टी बोल रही है। दीदी, आप वैसे तो चुनाव आयोग को गालियाँ देती हैं, लेकिन हमने ये कहा होता कि सारे हिंदु एकजुट हो जाओ, भाजपा को वोट दो, तो हमें इलेक्शन कमीशन के 8-10 नोटिस मिल गए होते। सारे देश के एडिटोरियल हमारे खिलाफ हो गए होते। जिस चुनाव आयोग ने चुनाव कराकर आपको दो बार मुख्यमंत्री बनाया, आज आपको उस चुनाव आयोग से ही दिक्कत होने लग गई।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीजेपी की रैली में भारी संख्या में लोग आ रहे हैं, बहनें-बेटियाँ आ रही हैं, लेकिन दीदी कहती हैं आप लोग पैसे लेकर यहाँ आते हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल की ईमानदार जनता पर दीदी का ये संगीन आरोप दिखाता है कि वो चुनाव हार चुकी हैं। बकौल पीएम मोदी, टीचरों की भर्ती हो या फिर लोगों के काम, ममता बनर्जी ने सिर्फ तुष्टिकरण किया और बंगाल के सामान्य लोगों को, बंगाल के नौजवानों, यहाँ के किसानों को आपने अपने हाल पर छोड़ दिया।

पीएम मोदी ने याद दिलाया कि 10 साल तक TMC के टोलाबाज बंगाल को लूटते रहे। बता दें कि हाल ही में TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मुस्लिमों को एकजुट होकर वोट करने को कहा था। पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल का युवा एक-एक टका के लिए तरस रहा है और वहाँ 35-40 करोड़ एक महीने में आ रहा है, इसी वजह से आज बंगाल के कोने-कोने से आवाज आ रही है- ‘चलो पालटाई, चलो पालटाई’।

मंदिर के पुजारियों के साथ खिंचवाई फोटो, बिना अनुमति पूरे शहर में लगा दिए पोस्टर: कॉन्ग्रेस उम्मीदवार शफी का कारनामा

केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए मंगलवार (अप्रैल 6, 2021) को मतदान हो रहा है। इसी बीच पलक्कड़ कलपाथि में एक पोस्टर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। UDF गठबंधन में शामिल कॉन्ग्रेस पार्टी के उम्मीदवार शफी परम्बिल के जिस चुनावी पोस्टर को लेकर विवाद हो रहा है, उसमें वो मंदिर के दो पुजारियों के साथ दिख रहे हैं। ऐसे पोस्टर पूरे शहर में लगवाया गया था, जिसका अब विरोध हो रहा है।

इस पोस्टर के माध्यम से ऐसा दिखने की कोशिश की गई कि मंदिर के पुजारियों ने इस चुनाव में शफी परम्बिल को समर्थन दिया हुआ है। साथ ही उस पर कॉन्ग्रेस पार्टी का चुनाव चिह्न भी बनाया हुआ है। पलक्कड़ वही क्षेत्र है, जहाँ से ‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन भाजपा उम्मीदवार के रूप में किस्मत आजमा रहे हैं। अब श्री विशालाक्षी समिधा विश्वनाथ स्वामी मंदिर के दोनों पुजारियों ने एक वीडियो के जरिए इस पोस्टर का विरोध किया है।

ये दोनों वही पुजारी हैं, जिनके साथ की तस्वीर कॉन्ग्रेस उम्मीदवार ने लगा रखी है। शफी इस क्षेत्र से अभी भी विधायक हैं। 2011 और 2016 के विधानसभा चुनावों में 40% से अधिक वोट पाकर विधायक बने शफी परम्बिल इस बार हैट्रिक लगाने की फिराक में हैं। कोंडूरकरा के रहने वाले शफी परम्बिल केरल यूथ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष हैं। दोनों पुजारियों ने आरोप लगाया है कि विधायक ने बिना अनुमति के उनके फोटोग्राफ्स यूज किए।

उन्होंने कहा कि शहर में कई जगह बड़े फ्लेक्स बोर्ड पर लगे उन पोस्टर्स में खुद को देख कर काफी आश्चर्य हुआ। उन्होंने कहा कि बिना उनकी जानकारी के ये सब किया गया है। पुजारियों ने कहा, “हम मंदिर में आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत करते हैं। हम उन सभी के साथ बराबर व्यवहार करते हैं, क्योंकि हमारा धर्म यही कहता है। लोगों के सेवक और आचार्य के रूप में अपेक्षा होती है कि हम निष्पक्ष रहें।”

उन्होंने बताया कि उनके पास कई श्रद्धालुओं और कलपाथि के नागरिकों के फोन कॉल्स आ रहे हैं और वो पूछ रहे हैं कि क्या उन्होंने इस बार किसी राजनीतिक पार्टी का समर्थन किया है? साथ ही कई नागरिकों ने उन्हें ये भी कहा कि ये सब धर्म के विरुद्ध है। परम्बिल कभी केरल कॉन्ग्रेस के आलोचक भी रहे हैं। वहाँ कॉन्ग्रेस और मुस्लिम लीग साथ मिल कर चुनाव लड़ रही है। 2 मई को तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, असम और पश्चिम बंगाल के नतीजे आने हैं।

30 अप्रैल तक दिल्ली में नाइट कर्फ्यू: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केजरीवाल सरकार का बड़ा फैसला

देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। पहली बार 1 दिन में 1 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। देश की राजधानी में फ़िलहाल 15,000 से अधिक सक्रिय कोरोना संक्रमित मरीज हैं और ये संख्या बढ़ती ही जा रही है। इसी आलोक में AAP सरकार ने अब दिल्ली में नाइट कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया है। आज मंगलवार (अप्रैल 6, 2021) से ही रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा। फिलहाल 30 अप्रैल तक के नाइट कर्फ्यू की घोषणा की गई है। इस दौरान जरूरी और आपातकालीन सेवा के लिए आवाजाही की इजाजत होगी।

इससे पहले मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा था कि फ़िलहाल लॉकडाउन की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा था कि सरकार की परिस्थितियों पर नजर है और सार्वजनिक विचार-विमर्श के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने आदेश दिया है कि हर अस्पताल के एक तिहाई टीकाकरण केंद्र 24 घंटे चालू रहें। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में 3500 नए कोरोना मरीज सामने आए हैं और 15 मौतें हुई हैं।

दिल्ली में नाइट कर्फ्यू अप्रैल महीने की अंतिम तारीख़ तक जारी रहेगा। फिलहाल महाराष्ट्र की स्थिति सबसे ज्यादा बदतर है। मुंबई में 30 लाख प्रवासी कामगार रहते हैं। शहर में रविवार (अप्रैल 4, 2021) की रात से नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। वहाँ फरवरी से अब तक कोरोना मरीजों की संख्या 400% बढ़ी है। देश में कुल सक्रिय मामलों के 60% महाराष्ट्र में ही हैं। कुल मरने वालों में से भी 33% अकेले महाराष्ट्र से हैं।

जस्टिस एनवी रमना को राष्ट्रपति ने देश का अगला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया, 24 अप्रैल को लेंगे शपथ

जस्टिस एनवी रमना (NV Ramana) देश के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सीजेआई बोबेडे की सिफारिश को स्वीकार करते हुए उनके नाम पर मुहर लगा दी है। उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी गई है। वे देश के 48वें चीफ जस्टिस होंगे।

जस्टिस रमना 23 अप्रैल को मुख्य न्यायाधीश की शपथ लेंगे। वर्तमान में वह मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे के बाद सुप्रीम कोर्ट में सबसे वरिष्ठ जज हैं। उनका कार्यकाल 26 अगस्त 2022 तक रहेगा। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, “रामनाथ कोविंद ने जस्टिस रमना को 24 अप्रैल से अगले चीफ जस्टिस के तौर पर नियुक्त किया है। सीजेआई एसए बोबडे 23 अप्रैल को रिटायर होंगे।” 

बता दें कि जस्टिस एनवी रमना का पूरा नाम नथालपति वेंकट रमण हैं। उनका जन्म 27 अगस्त 1957 को आंध्र प्रदेश के कृष्ण जिले के पोन्नवरम गाँव में एक किसान परिवार में हुआ था। 

सुप्रीम कोर्ट में आने से पहले वह दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। उन्होंने आंध्र प्रदेश न्यायिक अकादमी के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया है।

वह सर्वप्रथम 10 फरवरी, 1983 में वकील बने थे। इसके बाद 27 जून 2000 को उन्हें आंध्र प्रदेश में स्थायी जज नियुक्त किया गया। वहाँ उन्होंने 10 मार्च 2013 से 20 मई 2013 तक कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश  का पद सँभाला।

अभी हाल में वह आंध्र प्रदेश के चीफ मिनिस्टर जगन मोहन रेड्डी की एक शिकायत के बाद चर्चा में आए थे। जस्टिस रमना पर सीएम रेड्डी ने आरोप लगाया था कि वह राजनीतिक तौर पर संवेदनशील केस में हस्तक्षेप कर रहे हैं। इस मामले में जाँच के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री की शिकायत को खारिज कर दिया था।

‘हम 11 फिदायीन हमलावर हैं, योगी आदित्यनाथ और अमित शाह को मारेंगे’: धमकी वाला मेल CRPF को भेजा गया

सीआरपीएफ के मुंबई कार्यालय को मंगलवार (अप्रैल 6, 2021) की सुबह एक ई मेल भेजा गया। रिपोर्टों के मुताबिक इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जान से मारने की धमकी दी गई है।

जानकारी के मुताबिक, मेल में धार्मिक स्थान जैसी जगह पर हमले की बात है। यह भी लिखा है कि योगी आदित्यानाथ और अमित शाह को फिदायीन हमले में मारा जाएगा। इंडिया टुडे के अनुसार, मेल में उल्लेख है कि ‘हम 11 फिदायीन हमलावर हैं”, जो योगी आदित्यनाथ और अमित शाह को मारेंगे।

बता दें कि इससे पहले योगी आदित्यनाथ को मैसेज के जरिए जान से मारने की धमकी मिली थी। मैसेज में कहा गया था कि 24 घंटे के अंदर AK-47 से उड़ा दूँगा। अगर खोज सकते हो तो मुझे खोज कर दिखाओ। उससे पूर्व, 21 नवंबर 2020 को भी यूपी 112 के हेल्पडेस्क के वाट्सएप नंबर पर एक धमकी का मैसेज मिला था। पुलिस ने छानबीन करने के बाद आरोपित को आगरा से गिरफ्तार किया था। मैसेज भेजने वाला नाबालिग था।

वहीं 21 मई 2020 को मुख्यमंत्री को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। वाट्सएप नंबर पर मिले मैसेज में कहा गया था कि मुख्यमंत्री को बम से उड़ा दूँगा। इस मामले में भी आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

इसी प्रकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को गणतंत्र दिवस पर बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उनके साथ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सरधना विधायक संगीत सोम समेत कई बड़े नेताओं को मारने की बात भी पत्र में लिखी गई थी।

पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में अनवर नाम का शख्स गिरफ्तार किया गया था। अनवर के खिलाफ विट्टल पुलिस स्टेशन पर यतीश नाम के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अनवर ने अपने संदेशों में कथित तौर पर सीएए और एनआरसी से मुसलमानों पर असर पड़ने पर वह पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को मारने की धमकी दी थी।