जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में पुलिस ने विश्वसनीय सूत्रों के आधार पर जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आतंकी इलाके में युवाओं को भड़काने का काम और गलत नैरेटिव से उन्हें प्रभावित कर हिंसा का मार्ग अपनाने को उकसाते थे। इसके अलावा यह उन्हें हथियार, गोला बारूद और अन्य संसाधन भी मुहैया करवाते थे।
समाचार एजेंसी एएनआई ने जानकारी दी कि बांदीपोरा पुलिस और अन्य सुरक्षाबलों ने संयुक्त ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया।
बांदीपोरा पुलिस और अन्य सुरक्षाबलों ने संयुक्त ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं: जम्मू-कश्मीर पुलिस pic.twitter.com/BsiJa56TcE
इनमें एक संदिग्ध का नाम अब्दुल मजीद खान है। दूसरे का नाम शौकत अहमद है। अब्दुल के पास से पुलिस को हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं। सेना की 13आरआर और बांदीपोरा पुलिस ने वुलर वेंटेज पार्क अरगाम में संयुक्त तलाशी अभियान चला कर कड़ी मशक्कत के बाद ज्वाइंट ऑपरेशन में अब्दुल को गिरफ्तार किया।
उसके पास से सुरक्षाबलों ने 1 पिस्टल, 3 लाइव हैंड ग्रेनेड और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। प्राथमिक जाँच में अब्दुल ने खुद ही अपने आपको जैश से जुड़ा बताया है। साथ ही यह भी कहा है कि वह सीमा पार कई हैंडलर्स के साथ संपर्क में था। उसका काम मासूम युवाओं को बरगला कर संगठन से जोड़ना व उन्हें हथियार मुहैया करवाना था।
अब्दुल के अलावा जैश का आतंकी शौकत अहमद मलिक भी गिरफ्तार हुआ है। वह सोपोर निवासी है। उसके पास से 1 पिस्टल, 5 हैंड ग्रेनेड और 20 जिंदा कारतूस बरामद हुई है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और मामले में पड़ताल की जा रही है। इनकी गिरफ्तारी के बाद यह भी दावा हो रहा है कि इन दोनों आरोपितो से पूछताछ के आधार पर और गिरफ्तारियाँ होने की भी संभावना है।
गौरतलब है कि इससे पहले रविवार को सुरक्षाबलों ने जम्मू कश्मीर में लश्कर ए तैयबा के 3 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना था कि खूफिया जानकारी के आधार पर ऑपरेशन चलाकर उन्होंने तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया। कथिततौर पर इनके पास से सुरक्षाबल को पिस्तौल, तीन मैगजीन और 116 गोलियों समेत संदिग्ध सामग्री, हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए थे।
केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ अब तक खालिस्तानी एजेंडा चलाए जाने की तो कई ख़बरें आई थीं, लेकिन अब पाकिस्तान का गुणगान भी शुरू हो गया है। अपने ही देश की सीमा की सुरक्षा करने वाले जवानों तक की आलोचना की जा रही है। पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने BSF पर निशाना साधते हुए पाकिस्तान की तारीफ कर डाली। खालिस्तानी अलगाववाद से जूझते रहे पंजाब की सीमा पाकिस्तान से लगती है।
इसी से इस राज्य की संवेदनशीलता का पता चलता है। मनप्रीत सिंह बादल ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) पर किसानों के साथ अभद्रता के आरोप लगाए। साथ ही उन्होंने इस्लामी मुल्क की तारीफ करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने बॉर्डर मैनेजमेंट काफी अच्छे से किया हुआ है। उन्होंने सोमवार (फरवरी 1, 2021) को आए केंद्रीय बजट की भी आलोचना करते हुए कहा कि इसमें कृषि क्षेत्र में फैली अशांति, बेरोजगारी और मध्य वर्ग की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।
कॉन्ग्रेस नेता मनप्रीत सिंह बादल ने कहा, “बजट में कृषि क्षेत्र की अशांति पर कुछ नहीं कहा गया। NDA द्वारा शुरू की गई संकट का निदान नहीं किया गया। MSP पर भी इसमें कुछ नहीं कहा गया। बजट में बेरोजगारी पर भी कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है। कोरोना महामारी की स्थिति से सही से नहीं निपट पाने के कारण बेराजगारी के आँकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। लेकिन, इस मुद्दे पर बजट में एकदम चुप हैं।”
उन्होंने अन्य विपक्षी दलों के सुर में सुर मिलाते हुए राग अलापा कि मध्य वर्ग की दिक्कतों के समाधान के लिए भी ताज़ा आम बजट में कुछ उपाय नहीं किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें समूचे उत्तर भारत को सिर्फ इसीलिए नज़रअंदाज़ किया गया है, क्योंकि यहाँ अगले कुछ महीनों में चुनाव नहीं होने हैं। पद्म पुरस्कारों पर भी उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि जिन 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, केवल वहीं के लोगों को प्राथमिकता दी गई।
पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने BSF पर उठाए सवाल, बोले- पाक ने बॉर्डर अच्छे से मैनेज कियाhttps://t.co/pa5CMEmd2A
BSF की आलोचना और पाकिस्तान की तारीफ वाले मनप्रीत बादल के बयान से मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा नाराज़ हो गए। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष ही विदेशी होगा, उस पार्टी के नेता विदेशी मुल्क की ही तो तारीफ करेंगे। उन्होंने कहा कि जो 10 वर्षों में नेता प्रतिपक्ष न बदल पाए, वो हिंदुस्तान की तारीफ थोड़े करेंगे। उन्होंने कॉन्ग्रेस नेताओं पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर टिप्पणी कर के महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाया।
बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब की कॉन्ग्रेस सरकार ने दिल्ली में गणतंत्र दिवस के दिन दंगा करने वाले तथाकथित किसानों के समर्थन में वकीलों की एक पूरी फ़ौज ही उतार दी है। पंजाब में 2022 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव को अब लगभग 1 वर्ष ही बचे हैं, ऐसे में वहाँ की सरकार ने 70 वकीलों की एक टीम को दंगाइयों का केस लड़ने के लिए लगा दिया है। इतना ही नहीं, इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।
पंजाब के जलालाबाद में अकाली दल के नेता सुखबीर बादल की गाड़ी पर हमला हुआ है। अकाली दल के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कॉन्ग्रेसियों ने हमला किया है। इस हमले के बाद अकाली और कॉन्ग्रेसी आपस में भिड़ गए। इस दौरान जमकर ईंट-पत्थर चले और कई राउंड फायरिंग की भी खबर है।
दरअसल, जलालाबाद में नगर काउंसिल का चुनाव हो रहा है। कल कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी। आज अकाली दल के प्रत्याशी का नामांकन था। नामांकन कराने के लिए खुद अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल पहुँचे। जैसे ही सुखबीर बादल का काफिला जलालाबाद कोर्ट कॉम्प्लैक्स पहुँचा, वैसे ही हंगामा शुरू हो गया।
#WATCH | Shiromani Akali Dal (SAD) president Sukhbir Singh Badal’s vehicle attacked in Jalalabad, Punjab.
हर तरफ भगदड़ मच गई। लोग बैरिकेडिंग तोड़ कर कोर्ट कॉम्प्लैक्स में दाखिल होने लगे। इस दौरान जम कर पत्थरबाजी हुई। कई राउंड फायरिंग भी हुई। इतना ही नहीं, मौके पर मौजूद सुखबीर बादल की गाड़ी पर पथराव भी किया गया। हालाँकि, जब पथराव हुआ तो वह गाड़ी में मौजूद नहीं थे। उन्हें सुरक्षा घेरे में दूसरी जगह रखा गया था।
कॉन्ग्रेस और अकाली दल के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प में दो अकाली वर्कर घायल बताए जा रहे हैं। अकाली दल का आरोप है कि कॉन्ग्रेस द्वारा उन्हें नामांकन पत्र दाखिल करने से रोकने के लिए ये बवाल किया गया है। अकाली दल के नेताओं ने कहा कि कॉन्ग्रेस के गुंडे हंगामा कर रहे हैं और नामांकन भरने से रोक रहे हैं।
#Breaking | Akali Dal chief Sukhbir Singh Badal’s (@officeofssbadal) convoy ‘attacked’ in Punjab’s Jalalabad. Akali Dal leaders allege Congress hand; say shots were fired at & some of them were injured.
फिलहाल, मौके पर पुलिस के आला अधिकारी पहुँच गए हैं और मामले को शांत कराने की कवायद में जुटे हुए हैं। अभी भी माहौल तनावपूर्ण है। अकाली दल ने सुखबीर सिंह बादल पर जानलेवा हमले की निंदा की है। साथ ही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का इस्तीफा और हाई कोर्ट के जस्टिस की अगुवाई में जाँच की माँग की है। अकाली दल ने कहा कि कॉन्ग्रेस के माफियाओं के आगे सीएम बेबस हैं और यहाँ तक कि राज्य पुलिस को गुंडों के खिलाफ कार्रवाई न करने का निर्देश दिया गया है।
गौरतलब है कि पंजाब की सियासत किसानों के इर्द-गिर्द सिमटी हुई है। पंजाब कॉन्ग्रेस इस मुद्दे पर किसानों और किसान संगठनों का सहयोग हासिल करने के मामले में शिरोमणि अकाली दल को काफी पीछे छोड़ चुकी थी। पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार ने कृषि से जुड़े कानूनों के खिलाफ विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर खुद को किसानों का हमदर्द बताने का बड़ा कदम उठाया है।
इसके अलावा कॉन्ग्रेस पार्टी किसान के समर्थन में खुल कर खड़ी है। कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब की कॉन्ग्रेस सरकार ने इन तथाकथित किसानों के समर्थन में वकीलों की एक पूरी फ़ौज ही उतार दी है।
पंजाब में 2022 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव को अब लगभग 1 वर्ष ही बचे हैं, ऐसे में वहाँ की सरकार ने 70 वकीलों की एक टीम को दंगाइयों का केस लड़ने के लिए लगा दिया है। इतना ही नहीं, इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। ऐसे में अकाली दल कैसे पीछे रहने वाली थी। खबर है कि सुखबीर बादल ने भी हाल ही में राकेश टिकैत से मुलाकात की थी।
दरअसल, पंजाब में कृषि और किसान ऐसे अहम मुद्दे हैं कि कोई भी राजनीतिक दल इन्हें नजरअंदाज कर अपना वजूद कायम रखने की कल्पना भी नहीं कर सकता है। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में किसानों के कर्ज माफी के वादे ने कॉन्ग्रेस की सत्ता में वापसी में कराई थी जबकि उससे पहले किसानों को मुफ्त बिजली वादे के बदौलत ही अकाली दल सत्ता पर काबिज होती रही है। किसानों की बढ़ती आत्महत्याओं के बीच कॉन्ग्रेस का कर्ज माफी का वादा अकाली दल की दस साल पुरानी सरकार को सत्ता से बेदखल करने में कारगर रहा था।
मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर से चोरी का मामला सामने आया है। जहाँ रात में एक चोर मंदिर परिसर से दान पेटी चुराकर भाग निकला। चोरी की यह घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। चोर जिस दानपेटी को चुराकर भागा था, वह दानपेटी कोटीतीर्थ घाट के पुल पर पड़ी मिली। उसमें से पैसे गायब थे।
इस वारदात ने मंदिर की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए है। क्योंकि मंदिर परिसर में दिन और रात सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। साथ ही सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। बावजूद इसके बदमाश दान पेटी लेकर भागने में सफल हो गए।
रात 2 से 3 बजे के आस-पास की घटना
सीसीटीवी के अनुसार घटना रात 2 से 3 बजे की बताई जा रही है। रात लगभग 2 बजे के आस-पास चोर मंदिर के मुख्य द्वार के सामने लोहे की चेन से बँधी दान पेटी को तोड़ने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है। जब दान पेटी नहीं टूटी तो चोर उसे उठा कर भाग निकला।
पुल पर मिली दान पेटी
सुबह यह दान पेटी कोटीतीर्थ घाट के पुल पर टूटी हुई मिली। जिसकी सूचना स्थानीय लोगों ने मंदिर प्रशासन को दी। घटना की जानकारी मिलते ही खंडवा कलेक्टर अनय द्विवेदी तुरंत मौके पर पहुँचे और उन्होंने मंदिर ट्रस्ट को दान पेटी की चोरी की जाँच के आदेश दिए।
दान पेटी पुल पर पड़ी होने पर पुलिस पहुँची और पड़ताल की। पेटी का ताला टूटा था और चिल्लर पड़ी थी। फिलहाल इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि दान पेटी में कितने रुपए थे। हालाँकि बताया जा रहा है कि दान पेटी में कम ही राशि होगी, क्योंकि कोरोना काल में मंदिर बंद रहने और श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन के लिए प्रवेश के लिए कतार में भेजे जाने की व्यवस्था के कारण कम ही श्रद्धालु इस दानपेटी तक पहुँच पाते हैं।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में चोरी की घटना की जानकारी जैसे ही पुलिस को लगी तो मांधाता पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी ओंकारेश्वर से बाहर का लग रहा है। क्योंकि स्थानीय लोगों से इसकी पहचान नहीं हो पाई है। मंदिर इस समय जिला प्रशासन के नियंत्रण में है और पुनासा अनुविभागीय अधिकारी इसके प्रशासक हैं। जिन्होंने पुलिस में चोरी की रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
खास बात यह है कि ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर मांधाता तहसील के तहत आता है, जबकि पिछले कुछ दिनों में मांधाता क्षेत्र में चोरी की घटनाएँ लगातार बढ़ रही है। फिलहाल पुलिस ने चोर की तलाश शुरू कर दी है। पिछले दिनों महानिर्वाणी अखाड़े की दानपेटी भी चोरी हो गई थी, जो नए पुल पर टूटी हुई मिली थी।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग परिसर
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग परिसर एक पाँच मंजिला इमारत है। जिसकी प्रथम मंजिल पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग है। दूसरी मंजिल पर भगवान महाकालेश्वर का मंदिर है, तीसरी मंजिल पर सिद्धनाथ महादेव, चौथी मंजिल पर गुप्तेश्वर महादेव और पांचवी मंजिल पर राजेश्वर महादेव का मंदिर है।
ओंकारेश्वर में अनेक मंदिर हैं नर्मदा के दोनों दक्षिणी व उत्तरी तटों पर मंदिर हैं। पूरा परिक्रमा मार्ग मंदिरों और आश्रमों से भरा हुआ है। कई मंदिरों के साथ यहाँ अमलेश्वर ज्योतिर्लिंग नर्मदा जी के दक्षिणी तट पर विराजमान हैं।
ओंकारेश्वर और अमलेश्वर दोनों शिवलिंगों को ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यहाँ पर्वतराज विंध्य ने घार तपस्या की थी और उनकी तपस्या के बाद उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना कर कहा के वे विंध्य क्षेत्र में स्थिर निवास करें उसके बाद भगवान शिव ने उनकी यह बात स्वीकार कर ली। वहाँ एक ही ओंकारलिंग दो स्वरूपों में बँटी है। इसी प्रकार से पार्थिवमूर्ति में जो ज्योति प्रतिष्ठित हुई थी, उसे ही परमेश्वर अथवा अमलेश्वर ज्योतिर्लिंग कहते हैं।
लगभग डेढ़ महीने पहले न्यूजीलैंड के रेडियो जॉकी हरनेक सिंह पर सिर्फ इसीलिए धारदार हथियारों से हमला कर दिया गया था, क्योंकि उन्होंने किसानों से अपील की थी कि वो राजनीति से प्रेरित आंदोलन को वापस ले लें। हमले के वक़्त रात का अँधेरा था, लेकिन उन्होंने अपनी टोयोटा हिलक्स गाड़ी के दरवाजे लॉक कर लिए थे और मानसिक रूप से उन्होंने परिवार को अलविदा कह दिया था। उन्हें उस रात के बारे में कुछ खास याद नहीं।
वो दिसंबर 23, 2020 का दिन था, जब उन पर रात के 10:30 में हमला किया गया। जगह थी – ऑकलैंड ड्राइववे। उन्हें बस इतना याद है कि वो जोर-जोर से अपनी गाड़ी के हॉर्न को दबा रहे थे और खिड़कियों के शीशे बदमाशों द्वारा तोड़े जा रहे थे। बाद में उन्हें किसी ने ग्लेनरोस ड्राइव पर देखा। वो अपनी गाड़ी में ड्राइविंग सीट पर पड़े हुए थे, खून से लथपथ। रेडियो विरसा के ही उनके किसी साथी ने उन्हें देखा था।
वाटल डाउन्स में हुई घटना के बाद जाँच में लगे पुलिसकर्मी
अब उनके शरीर को देख कर लगता है कि टाँकों का जाल बिछा दिया गया है। हमला ऐसे धारदार और नुकीले हथियारों से किया गया था कि उनकी उँगलियों से लेकर कुहनी तक माँस उधेड़ दिया गया। उनकी छाती और कंधे भी चीर डाले गए थे। वहाँ भी टाँके लगे हैं। हरनेक सिंह ने बताया कि डॉक्टरों ने अब उन्हें घर जाने को कह दिया है और उन्होंने कहा कि अब सब ठीक है। लेकिन, खतरा अभी टला नहीं है।
इलाज के बाद हरनेक सिंह के शरीर पर बिछा टाँकों का जाल
पुलिस ने उन्हें सावधान रहने को कहा है, क्योंकि उन पर फिर से हमला किया जा सकता है। वो शारीरिक रूप से तो अब स्वस्थ होने की ओर अग्रसर हैं, भले ही कुछ निशान हमेशा के लिए उनके शरीर पर रह जाएँ। लेकिन, मानसिक रूप से वो अब भी उस घटना को याद करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिजन और रिश्तेदार डरे हुए थे। उन्होंने हौसला दिखाने के लिए अपनी पत्नी की भी तारीफ की।
हाथ में भी हुआ था गहरा जख्म
उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी पिछले 20 वर्षों से उनके साथ रह रही हैं और उन्हें उनकी ज़रूरतों और प्रतिबद्धताओं के बारे में बखूबी पता है। लेकिन, जब उनकी पत्नी ने उन्हें 1.5 घंटे तक हमले के दिन हुई घटनाओं के बारे में बताया तो वो भी सिहर उठे। रविवार (जनवरी 21, 2021) को इस मामले में 6 लोगों पर हत्या के आरोप तय किए गए। अस्पताल में रहने के दौरान भी उन पर हमले की आशंका बनी हुई थी।
मिडिलमोर अस्पताल में 3 हफ़्तों बाद निकले हरनेक सिंह
इसीलिए, जिस कमरे में वो दाखिल थे उसके बाहर लगातार सिक्योरिटी गार्ड्स का पहरा लगाया गया था। उनके सिर से लेकर नीचे तक सैकड़ों स्टीट्चेस लगाए गए हैं। उनका दाहिना कान तो लगभग कट गया है। वहीं अकेले सिर में ही 150 टाँके हैं। उनके दिमाग के कामकाज को लेकर उनका मेमोरी टेस्ट किया गया, जिसमें वो सफल रहे। हाथों की नसों को कितना नुकसान पहुँचा है, ये कुछ दिनों बाद पता चलेगा।
इस साल उन पर ये दूसरा हमला था। जुलाई 2020 में भी उनके जन्मदिन के दिन ही ‘लव पंजाब’ रेस्टॉरेंट में उन पर हमला किया गया था। हरनेक सिंह के साथी बलविंदर ने बताया कि वो उनके भाई के समान हैं और सिख समुदाय की सामाजिक और धार्मिक स्थितियों को लेकर अक्सर चर्चा में मशगूल रहा करते थे। साथ ही वो न्यूजीलैंड के सिख समुदाय की भलाई के लिए भी प्रयासरत थे। हरनेक धार्मिक गलतफहमियों को दूर करने के लिए भी रेडियो शो में बातें किया करते थे।
किसान आंदोलन की आग में एक ओर जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध माहौल तैयार किया जा रहा है। वहीं परिणामस्वरूप कुछ लोग पिछला सब भूल कर देश के पीएम के लिए अभद्र भाषा व बीजेपी के लिए हर जगह नफरत प्रकट करते दिख रहे हैं।
हालिया घटना उत्तराखंड में एक गरुद्वारे के पास हुई। जहाँ पर बीजेपी के झंडे वाली गाड़ी को खड़ा देख एक सिख आदमी इतना भड़क गया कि उसने पहले गाड़ी से झंडा जबरन उतरवाया फिर देश के प्रधानमंत्री को ‘साला कुत्ता’ कह डाला।
इस पूरे वाकये की वी़डियो भी सोशल मीडिया पर सामने आई है। सुदर्शन न्यूज ने इसे अपने ट्विटर पर शेयर किया है। लोग इस पर कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। वीडियो में देख सकते हैं कि गाड़ी चालक बीजेपी के झंडे का बचाव कर रहा है, मगर सिख युवक तैश में आता है और अपने हाथ से ही उसे उखाड़ने की कोशिश करने लगता है।
चालक बार-बार कहता है कि झंडा हटा रहे हैं। लेकिन वह नहीं मानता और कहता है कि इसके (मोदी) के चक्कर में इतने सिख खत्म हो गए और ये झंडा लगा कर घूम रहा है।
गुरुद्वारे के बगल से गुजरी वो कार जिसमें लगा था भाजपा का झंडा तो घेर लिया उसको..
प्रधानमंत्री @narendramodi को खुलेआम दी भद्दी – भद्दी गालियां और उतारू हो गए कार सवारों को मारने पर.
गाड़ी वाला बार-बार कुछ कहने की कोशिश करता है लेकिन सिख युवक कहता है, “गुरुद्वारा सबका है, लेकिन आप उस साले का कुत्ते का (झंडा) लगा कर घूम रहे हो, हमारे घर बर्बाद हो गए इसके चक्कर में। आप हाथ हटाओ और इसे (झंडे को) तुम खोलो।”
वीडियो में सिख युवक यूपी की गाड़ी की नंबर प्लेट दिखाते हुए कहता है कि ये गुरुद्वारे के सामने आया है। बस एक बार कह दो आप ये झंडे नहीं लगाओगे। इस पर चालक तंग होकर पूछता है- मैं क्यों कहूँ ये सब…आपको तो बस अपने आप को फेमस करना था आपने कर लिया।
बता दें कि इस वीडियो के सामने आने के बाद लोग कह रहे हैं, “आंदोलनकारियो तुम किसान नही खालिस्तानियों के हाथ का खिलौना बन चुके हो। अगर इतना ही जोश था तुम्हारे भीतर, तो लाल किले के सामने जामा मस्जिद पर झंडा फहराते, तब देश भी मान जाता कि तुमने, गुरु गोविंद सिंह जी के निर्मम हत्या का बदला लिया, लेकिन तुम तो देश विरोधी ताकतों का हथियार हो।”
आंदोलनकारियो तुम किसान नही खालिस्तानियों के हाथ का खिलौना बन चुके हो..
अगर इतना ही जोश था तुम्हारे भीतर, तो लाल किले के सामने जामा मस्जिद पर झंडा फहराते, तब देश भी मान जाता कि तुमने गुरु गोविंद सिंह जी के निर्मम हत्या का बदला लिया..
वकील प्रशांत पटेल लिखते हैं, “गुरुद्वारे से निकलकर खालिस्तानी भाजपा का झंडा लगी गाड़ियों पर हमला कर रहे हैं। जिस प्रधानमंत्री नें निशान साहिब को माथे पर लगाया, उस PM को गाली दे रहे हैं। जो बोले सो निहाल कहने वाले नारा-ए-तकबीर के नारे लगा रहे हैं। क्योंकि वो भूल चुके हैं मुगलों का आतंक और 1947 का अत्याचार।”
गुरुद्वारे से निकलकर खालिस्तानी भाजपा का झंडा लगी गाड़ियों पर हमला कर रहे हैं।
जिस प्रधानमंत्री नें निशान साहिब को माथे पर लगाया, उस PM को गाली दे रहे हैं।
जो बोले सो निहाल कहने वाले नारा-ए-तकबीर के नारे लगा रहे हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आम बजट पेश करने के ठीक एक दिन बाद ही भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सरकार पर तंज कसने के प्रयास में अपने ‘व्हाट्सऐप ग्रुप्स’ से निकालकर पेट्रोल और डीजल के मूल्य को लेकर बेहद भ्रामक और फेक ‘तथ्य’ ट्वीट किए हैं।
मंगलवार (फरवरी 02, 2021) को सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्विटर पर एक फोटो शेयर की। इस फोटो में दूसरे पड़ोसी देशों, नेपाल और श्री लंका से पेट्रोल के दामों की तुलना करते हुए स्वामी ने लिखा है कि राम के देश भारत में पेट्रोल के दाम 93 रुपए, सीता के देश नेपाल में पेट्रोल 53 रुपए प्रति लीटर और रावण के देश श्री लंका में पेट्रोल 51 रुपए प्रति लीटर है।
हालाँकि, भाजपा नेता ने निश्चित तौर पर व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी से मिले ज्ञान के आधार पर ही यह तस्वीर ट्वीट की है। यह संदेह तब यकीन में बदल जाता है जब आप देखते हैं कि सुब्रमण्यम स्वामी लगातार ही आम बजट को लेकर नकारात्मक मार्केटिंग कर रहे हैं।
भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम तुलनात्मक रूप से अधिक हैं यह कोई छुपी हुई बात नहीं है। मगर इसके साथ ही, और भी ऐसे अनेक पहलू हैं, जिन्हें सामने रखा जाना आवश्यक है। जैसे कि पड़ोसी देशों की कर नीति और मौजूदा वक़्त में टैक्स के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष स्रोत का स्टेटस, जो कि कोरोना की महामारी के बीच बड़े स्तर पर प्रभावित हुए हैं।
यदि श्री लंका की बात करें तो वहाँ पर वर्तमान में पेट्रोल की कीमत ₹61 प्रति लीटर (भारतीय मुद्रा में बदलने के बाद) है। जबकि, ‘नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन’ के अनुसार, गत 19 जनवरी तक, नेपाल के ही एक शहर बिरगंज में पेट्रोल की कीमत नेपाली रुपए (NRs) में 108.50 थी। उस तारीख को, भारत के रक्सौल (भारत-नेपाल सीमा पर स्थित) में, यह मूल्य NRs 140.76 था। यानि, भारतीय मुद्रा के अनुसार, नेपाल में, ₹67.95 और भारत में ₹88.15 प्रति लीटर। इसके मुकाबले, दिल्ली में इन दिनों पेट्रोल के दाम ₹86 प्रति लीटर हैं। वहीं, डीजल के दाम भी ₹76 रुपए हैं। जबकि मुंबई जैसे शहरों में यह इससे भी अधिक है।
नेपाल में पेट्रोल मूल्य
अब इन आँकड़ों को एक ओर रखते हुए, जरा सा ध्यान भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी के सरकार विरोधी नजरिए पर देना भी जरुरी है। इस बात पर भी, कि सरकार विरोधी प्रपंचों के लिए स्वामी एक साधारण से व्हाट्सऐप संदेश को भी इतनी गंभीरता से नहीं लेते कि नेपाल और लंका के तेल के वास्तविक दामों की तुलना एक बार वर्तमान और वास्तविक मूल्य से करने के बाद ही उसे सार्वजानिक मंच पर ट्वीट करें।
नेपाल में पेट्रोल का वर्तमान मूल्य ₹67.95 प्रति लीटर है, जबकि स्वामी जिस व्हाट्सऐप सन्देश के आधार पर सत्ता विरोध का प्रपंच तैयार करना चाह रहे हैं, उसमें नेपाल में पेट्रोल का मूल्य 53 रुपए प्रति लीटर बताया गया है। वहीं, स्वामी ने श्री लंका में पेट्रोल 51 रुपए प्रति लीटर बताई है जबकि लंका में पेट्रोल का मूल्य ₹61 प्रति लीटर है। इसके अलावा, इन पड़ोसी देशों में तेल पर राज्यवार अलग-अलग टैक्स आरोपित नहीं किया जाता।
इन आँकड़ों की तुलना करने पर प्रथम दृष्ट्या तो यही साबित होता है कि सुब्रमण्यम स्वामी तथ्यों को लेकर कितने जागरूक हैं। अब यदि बात करें कि भारत अपने नागरिकों को अधिक मूल्य पर क्यों पेट्रोल बेचता है तो इसके कई कारण हैं। जिनमें से एक है भारत की आय के सीमित श्रोत, जिसका कि राजस्व ही एक बड़ा हिस्सा है। ऐसे में, केंद्र और राज्य, दोनों ही सरकारें राजस्व के लिए पेट्रोल और डीज़ल से मिलने वाले टैक्स पर काफ़ी हद तक निर्भर हैं।
इसके अलावा, कोरोना काल की ही यदि बात करें तो देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान भारत में पेट्रोल और डीज़ल की खपत घटने के कारण इसकी माँग में भी तेज़ी से गिरावट देखी गई। और आखिरकार सरकारी राजस्व में भी तेज़ी से गिरावट आई।
यह भी स्वाभाविक है कि कोरोनाकाल में देशव्यापी बंद के कारण आर्थिक गतिविधियाँ बड़े स्तर पर प्रभावित हुईं और इसका नतीजा यह हुआ कि देश की आमदनी भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। अब भारत सरकार के सामने दो में से कोई एक फैसला लेना आवश्यक है- पहला ये कि महँगाई को नजरअंदाज कर राजस्व जुटाने पर ध्यान दे, जिससे कि एक कल्याणकारी राज्य की स्थपना में निवेश किया जा सके। इसके लिए तेल के दाम बढ़ाया जाना ही एक विकल्प है और दूसरा ये कि तेल के दामों को न्यूनतम रखते हुए अन्य सभी प्रोजेक्ट्स, जो कि मूल रूप से राजस्व पर ही निर्भर हैं, उन्हें ठप्प कर दिया जाए।
इसके अलावा, एक वास्तविकता यह भी है कि जब कच्चे तेल का मूल्य कम हो और टैक्स (कर) अधिक हों, तब खुदरा मूल्य अधिक होना स्वाभाविक है। अब यदि यह टैक्स अधिक ना हो, तो कोई भी सरकार शायद ही अपने तमाम प्रोजेक्ट्स की बलि चढ़ाने का खतरा मोल लेना चाहेगी। क्या यह किया जा सकता है कि सिर्फ तेल की कीमतों से समझौता करने के लिए सरकार द्वारा एविएशन, सड़क, परिवहन, रेलवे, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, स्पेस मिशन, रक्षा, आयात-निर्यात और तमाम चीजों को स्थगित कर दिया जाए?
मगर भाजपा नेता सुब्रमन्यम स्वामी का उद्देश्य ना ही राजस्व का चिंतन हैं ना ही उन्हें किसी कल्याणकारी राज्य की स्थापना से ही फर्क पड़ता है। उनके लिए सर्वोपरी बस एक ही चीज है, वह है राष्ट्रविरोधी टार का प्रचुर आयात-निर्यात, ताकि इस नकारात्मक विचारधारा के खाद-पानी से कम से कम अन्य विपरीत राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति की जा सके।
आखिर में तथ्य कुछ भी हों, कुछ लोगों की राय श्रीराम, सीता और रावण के देशों के तेल के दाम बताने वाले विभीषण को लेकर कुछ ठीक नहीं है –
उल्लेखनीय है कि सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 2021-22 का आम बजट पेश किया। बजट के दौरान वित्त मंत्री ने डीजल और पेट्रोल पर कृषि सेस लगाने की घोषणा की। इसके अनुसार, सरकार ने डीजल पर प्रति लीटर 4 रूपए कृषि सेस और पेट्रोल पर प्रति लीटर 2.5 रूपए कृषि सेस लगाया और यह भी स्पष्ट किया कि कि इससे लोगों की जेब पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर कृषि सेस को बढ़ाने के साथ ही बेसिक एक्साइज ड्यूटी और एडीशन एक्साइज ड्यूटी के रेट को कम कर दिया गया है। इसके कारण ग्राहकों पर कृषि सेस का कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।
तमिलनाडु में एक महिला के ऊपर बर्बरता से हमले का मामला उजागर हुआ है। द कम्यून मैग के अनुसार, पीड़िता की गलती बस ये थी कि उसने एक पादरी और एक अन्य महिला को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, कन्याकुमारी जिले के पादरी जोसेफ इसिदोर (Joseph Isidore), तिरुनेलवेली जिले के पनकुडी के पास रोसमियापुरम में हरमाइन्स होम फॉर द डेस्टीट्यूट नाम के एक अनाथालय और वृद्धाश्रम का संचालन करते हैं। इसमें 30 से अधिक बेसहारा बच्चे और बुजुर्ग रहते हैं।
पादरी जोसेफ इसिदोर को किसी महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखने वाली और हमले का शिकार हुई पीड़िता की पहचान बतौर राजाम्मल (Rajammal) हुई है। वो थुथ्यनवलाई के पास मुदुमोटनमोझी कोविल स्ट्रीट की रहने वाली है। वो कई साल अनाथालय में बतौर बावर्ची काम कर चुकी है।
अफवाह पहले से थी कि ईसाई पादरी जोसेफ का एक महिला जयलक्ष्मी के साथ अफेयर है, जो वहीं कार्यरत है। लेकिन 25 जनवरी को जब दोनों एक-दूसरे के साथ थे, तभी राजाम्मल की नजर उनके कमरे में पड़ी और उन्होंने दोनों को देख लिया। पादरी और जयलक्ष्मी इसके बाद हक्का-बक्का रह गए। उन्होंने राजाम्मल से बहस शुरू कर दी और उस पर बुरी तरह हमला कर दिया।
राजाम्मल पर हुए इस अचानक हमले के कारण उसे गंभीर चोट आए। उन्हें राधापुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। कथित तौर पर राधापुर के सब इंस्पेक्टर शिव पेरुमल को महिला और पादरी के रिश्ते के बारे में पहले से पता था।
जब सब इंस्पेक्टर राजाम्मल के पास पूछताछ के लिए पहुँचे तो पीड़िता ने उन्हें बताया कि उन पर हमला किन हालातों में हुआ। उनका कहना था कि उन्होंने गरीबी और किसी का साथ न होने के कारण पूरी घटना का खुलासा नहीं किया। मगर अब उनकी शिकायत पर दोनों आरोपितों के ख़िलाफ़ मुकदमा चलाया जा रहा है।
गौरतलब है कि तमिलनाडु की यह घटना बिलकुल सिस्टर अभया के केस जैसी है। इसमें अभया ने दो पादरियों और एक नन- थॉमस कुट्टूर, जोस पूथरुकायिल, और सिस्टर सेफी को ‘आपत्तिजनक स्थिति’ में पाया था। सिस्टर अभया को देख कर तीनों ने उन पर हमला कर दिया, जिससे सिस्टर अभया बेहोश हो गईं। इसके बाद तीनों ने मिलकर उन्हें कुऍं में डाल दिया। इस केस में भी तीनों को डर था कि कहीं सिस्टर अभया किसी को बता न दें।
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम इस्तेमाल करके पुलिस को फर्जी निर्देश दिए जाने और उन पर अनुचित दबाव बनाने का मामला सामने आया है। खबर है कि लखनऊ के डॉ अब्दुल सलीम और हनीफ ने अपनी बहन के ससुराल वालों को सबक सिखाने के लिए सीएम के सलाहकार बनकर पुलिस को बेवकूफ बनाने का प्रयास किया। हालाँकि, शक होते ही पुलिस ने आरोपित को पकड़ लिया और पूछताछ में सारी जानकारी निकाली।
रायबरेली पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल पर बताया कि 22 जनवरी 2021 को थाने में एक कॉल आया, जिसने अपनी पहचान मुख्यमंत्री के सलाहकार के रूप में बताई। पुलिस पर दबाव बनाया गया कि डॉ सलीम व उनके परिजन अपनी बहन के प्रकरण में मिलने आएँगे जिसमें उनके प्रार्थना पत्र पर कठोर कार्रवाई की जाए।
इस कॉल के बाद जब पुलिस ने डॉ सलीम के भाई हनीफ की बात सुन ली और शिकायत लिख ली। तब, उसी नंबर से दोबारा कॉल आया और पुलिस पर अनुचित ढंग से दबाव बनाते हुए कहा गया कि आरोपितों को धारा 376 के तहत गिरफ्तार करके जेल भेजा जाए। वरना कोतवाली प्रभारी और विवेचक को हटा दिया जाएगा।
पुलिस पर विधि विरुद्ध, अनियमित, अनुचित, अनावश्यक दबाव बनाता देख अधिकारी को शक हुआ और पुष्टि के लिए कार्यालय में जानकारी की गई। वहाँ से पता चला कि इस संबंध में कोई फोन नहीं किया गया। बस पुलिस ने फौरन नंबर सर्विलांस पर लगाया और नंबर की डिटेल का पता लगाया।
पड़ताल में फर्जी दस्तावेजों से लिए गए नंबरों का खुलासा हुआ और उप निरीक्षक रविन्द्र सोनकर की शिकायत पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। छानबीन के बाद डॉ अब्दुल सलीम गिरफ्तार हुआ। अब उसके ख़िलाफ़ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि उसने अपने भाई अब्दुल हनीफ के साथ मिल कर षड्यंत्र रचा था। इसमें सैयद नसर नफीस उर्फ साहिल ने उनसे कहा था कि वो मुख्यमंत्री का सलाहकार बनकर उन लोगों का काम करवा देगा। बता दें कि यूपी सीएम के फर्जी सलाहकार के पास से पुलिस ने 1 मोबाइल, 2 सिम और 25 हजार रुपए बरामद किए है। वहीं एसपी ने फरार आरोपित सैयद नसर नफीस उर्फ साहिल के ऊपर 25 हजार रुपए का ईनाम भी घोषित किया है।
कर्नाटक के स्टार यश की अगली फिल्म ‘K.G.F: Chapter 2’ का रिलीज डेट घोषित होने के साथ ही फैंस अब इंतजार की एक-एक घड़ी गिनने लगे हैं। कन्नड़ सिनेमा को पैन-इंडिया स्तर पर पहुँचाने वाले इस फिल्म सीरीज के पहले भाग ने 250 करोड़ रुपए से भी अधिक की कमाई कर के तहलका मचा दिया था। अब फैंस ने पत्र लिख कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माँग की है कि ‘K.G.F: Chapter 2’ की रिलीज के दिन ‘नेशनल हॉलिडे’ घोषित किया जाए।
जानकारी दे दें कि ये फिल्म जुलाई 16 को रिलीज होने वाली है। सोशल मीडिया के माध्यम से यश के कई फैंस ने माँग की है कि इस दिन केंद्र सरकार राष्ट्रीय अवकाश घोषित करे, ताकि लोग सिनेमाघरों में बेफिक्र होकर जाएँ और फिल्म का आनंद उठा सकें। बता दें कि उस दिन शुक्रवार है, जिसके बाद लोगों के वीकेंड्स शुरू हो जाते हैं। सोशल मीडिया पर पीएम मोदी को सम्बोधित एक पत्र में एक फैन ने लिखा है:
“माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, इंतजार के बाद यश की फिल्म ‘K.G.F: Chapter 2’ जुलाई 16, 2021 को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। चूँकि लोग बेसब्री से इस फिल्म का इन्तजार कर रहे है, इस दिन को नेशनल हॉलिडे घोषित किया जाए। कृपया आप हमारे भावनाओं को समझने की कोशिश कीजिए। ये हमारे लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं है, इमोशन है। – रॉकिंग स्टार यश फैन”
इस फिल्म में संजय दत्त, रवीना टंडन और प्रकाश राज भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। खबर लिखे जाने तक फिल्म के ट्रेलर को 16.51 करोड़ बार देखा गया था। जबकि 78 लाख लोगों ने यूट्यूब पर जनवरी 7, 2021 को लॉन्च किए गए इस वीडियो को लाइक किया है। वहीं 6.84 लाख लोगों ने कमेंट्स के जरिए अपनी बात रखी है। व्यूज और लाइक्स के मामले में इसने दुनिया की कई फिल्मों को पछाड़ दिया है।
अगर आपने ‘K.G.F: Chapter 1’ देखी है तो इसका किरदारों से परिचित ही होंगे। जहाँ यश ने रॉकी नाम के गैंगस्टर का किरदार निभाया था, जिसे अपनी दिवंगत माँ को दिया वादा निभाना है, वहीं सुर्यवर्द्धन ‘कोलर गोल्ड फ़ील्ड्स’ के मालिक का नाम था। ये किरदार रमेश इंद्रा ने निभाया था। सूर्यवर्द्धन का बेटा गरुड़ा मुख्य विलेन था, जिसका किरदार रामचंद्र राजू ने अदा किया था। दिलचस्प बात ये है कि रामचंद्र इस फिल्म में रोल पाने से पहले पहले यश के बॉडीगार्ड हुआ करते थे।