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चेन मैन कमरुज्जमां को फाँसी की सजा: 16 से 75 साल की महिलाओं को बनाया शिकार, 9 की हत्या, 2 के साथ रेप

पश्चिम बंगाल के एक सीरियल किलर ने 9 महिलाओं की हत्या की और 2 के साथ दुष्कर्म किया। 38 साल के इस व्यक्ति कमरुज्जमां सरकार (Kamruzzaman Sarkar) को 7 जुलाई 2020 को हत्या और दुष्कर्म के मामले में अदालत ने फाँसी की सज़ा सुनाई है। 

कमरुज्जमां सरकार उर्फ़ चेन मैन नाम के इस व्यक्ति को पिछले साल जून महीने में 16 साल की एक लड़की के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल उसे वर्धमान की जिला अदालत ने सोमवार के दिन सुनवाई के बाद फाँसी की सज़ा का आदेश दिया।

कमरुज्जमां सरकार पर कुल 15 मामले दर्ज थे। इसमें 2 दुष्कर्म, 7 हत्या और 6 हत्या के प्रयास के मामले थे। इतना ही नहीं, वह चोरी के मामलों में भी आरोपित था। उसके अपराध की श्रृंखला साल 2013 से साल 2019 के बीच बरकरार रही। उसने जितनी लड़कियों/महिलाओं के साथ ज़्यादती की, उनकी उम्र 16 से 75 साल के बीच थी। 

सुनवाई के दौरान उसके हमले से बचने वाली कुछ महिलाओं ने कई हैरान कर देने वाली बातों का खुलासा किया। उनका कहना था कि कमरुज्जमां सरकार बिजली कर्मचारी बन कर दोपहर के वक्त घरों में दाखिल होता था और मीटर रीडिंग लेने का नाटक करता था। दोपहर का वक्त इसलिए चुनता था क्योंकि इस दौरान महिलाएँ घर पर अकेली होती हैं। महिलाओं को अकेला पाकर वह उन पर हमला कर देता था। 

सरकार अपने साथ एक साइकिल की चेन रखता था और उससे ही महिलाओं का गला घोंट देता था। इसके बाद उनके मरने की पुष्टि करने के लिए महिलाओं के सिर पर लोहे की रॉड से मारता था। जिसकी चलते पश्चिम बंगाल में लोग उसे ‘चेन मैन’ कह कर पुकारते थे। 

एक अंग्रेज़ी समाचार समूह से बात करते हुए वर्धमान के एसपी भास्कर मुखर्जी ने बताया, “वह बड़ी सावधानी से दोपहर के समय अपना शिकार चुनता था। जिस वक्त अमूमन आदमी घर पर नहीं होते थे। वह कई दिनों तक एक महिला के घर की रेकी करता था, जिससे यह तय हो जाए कि महिला घर पर अकेली ही है।”  

कमरुज्जमां सरकार का ज्योतिष में भी बहुत ज़्यादा भरोसा था। ज्योतिष ने उसे लाल रंग की चीज़ें उपयोग करने के लिए कहा था, जिसके बाद उसने लाल रंग की बाइक और हेलमेट ली थी। इसी की वजह से पिछले साल उसकी गिरफ्तारी भी संभव हो पाई थी। वह इतना अंधविश्वासी था कि ऐसी महिलाएँ जो उसके चंगुल से बच निकली थीं और उसकी लाल बाइक और हेलमेट देखी थी इसके बावजूद वह दोनों उपयोग करता था।      

पुलिस ने यह भी बताया कि कमरुज्जमां सरकार मूल रूप से मुर्शिदाबाद का रहने वाला है और वर्धमान में अपनी पत्नी और 3 बच्चों के साथ रहता था।

प्राइवेट नौकरियों में लोकल लोगों को 75% आरक्षण: हरियाणा में राज्य कैबिनेट ने दी मंजूरी

आरक्षण को लेकर हरियाणा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। हरियाणा सरकार ने प्रदेश की निजी नौकरियों में वहाँ के स्थानीय लोगों को 75 फ़ीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है। सोमवार के दिन राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्तावित अध्यादेश पर आधिकारिक रूप से सहमति जताई। 

ऐसा माना जा रहा है कि इस आदेश के पारित होने के बाद सबसे ज़्यादा लाभ राज्य के युवाओं को मिलेगा। आगामी कुछ दिनों में यह अध्यादेश मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा जाएगा। दरअसल हरियाणा के जेजेपी के नेता और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आम जनता से इस बात का वादा किया था। 

राज्य के स्थानीय लोगों को निजी क्षेत्र में 75 फ़ीसदी तक आरक्षण दिलाने का प्रस्ताव उन्होंने ही मंत्रिमंडल की बैठक में पेश किया था। जिसके बाद पूरे राज्य मंत्रिमंडल ने इस अध्यादेश को मंजूरी दी। 

इसके बाद इस अध्यादेश को मंत्रिमंडल की अगली बैठक में मंत्रिपरिषद के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। आम शब्दों में इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद 50000 से कम वेतन वाली निजी क्षेत्र की नौकरियों में राज्य के लोगों को 75 फ़ीसदी तक आरक्षण मिलेगा। इस अध्यादेश के तहत निजी समूह, सोसायटी, ट्रस्ट, लिमिटेड, लायबिलिटी पार्टनर, शिप फार्म आदि शामिल होंगे।

राज्य के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने अपने आधिकारिक ट्वीटर एकाउंट से ट्वीट करते हुए इस प्रस्ताव की जानकारी भी दी। ट्वीट में उन्होंने लिखा, “आज युवाओं के लिए ऐतिहासिक दिन है। हमारी सरकार ने हरियाणा की प्राइवेट नौकरियों में 75% हरियाणवी युवाओं की भर्ती को अनिवार्य करने के अध्यादेश के प्रारूप को कैबिनेट में मंजूरी दे दी है।”    

प्रदेश सरकार का इस मामले पर स्पष्ट कहना है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में स्थानीय दृष्टिकोण से बेरोज़गारी कम करने के लिए हरियाणा स्टेट इम्प्लॉयमेंट ऑफ़ लोकल कैंडिडेट्स 2020 के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है। 

यह आदेश प्रदेश के लगभग सारे उद्योग समूह, फर्म और रोज़गार प्रदाता पर लागू होगा, जहाँ 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। इस आदेश का लाभ लेने के लिए व्यक्ति के पास हरियाणा का निवास प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।

साथ ही इसे राज्य में सही से लागू करवाने का जिम्मा श्रम विभाग का होगा और इस दायरे में आने वाले प्रदेश के सभी निजी समूहों को सरकारी पोर्टल पर अपना पंजीयन भी करवाना होगा। पंजीयन न करवाने की सूरत में हरियाणा स्टेट इम्प्लॉयमेंट टू लोकल कैंडिडेट्स एक्ट 2020 की धारा 3 के तहत 25000 से 1 लाख रुपए तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।   

इस आदेश से संबंधित कुछ और बातें हैं जो बेहद अहम हैं: 

आदेश से संबंधित देखरेख उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के उप निदेशक स्तर के अधिकारी करेंगे।
हरियाणा में उड़ीसा और झारखंड के श्रमिक काफी संख्या में हैं, इसलिए यह ईंट और भट्ठों पर लागू नहीं होगा। 
पश्चिम बंगाल से आने वाले श्रमिकों को भी प्राथमिकता दी जाएगी क्योंकि वह निर्माण कार्य में कुशल हैं। 
हरियाणा में फिलहाल लगभग 60000 पंजीकृत निजी समूह हैं, साथ ही उनकी संख्या भी ज़्यादा है, जिनका पंजीयन हो रहा है। 
आवश्यकता पड़ने पर कर्मचारियों की जानकारी हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग से भी ली जाएगी। 
हरियाणा के मूल निवासियों और युवाओं को रोज़गार मिलने में प्राथमिकता मिलेगी। 

सैलरी माँगने पर कुत्ते से कटवाया, शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करने पर मालकिन ने की हैवानियत

सपना एक पार्लर में काम करती थी। कुछ महीनों से उसकी सैलरी नहीं दी गई थी। जब उसने अपनी सैलरी माँगी तो मालकिन रजनी सिंह ने उसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए कहा। इनकार करने पर अपने पालतू कुत्ते से हमला करवा दिया।

यह पूरी घटना दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुई है। दिल्ली के ही हॉज रानी इलाके में रहने वाली सपना लॉकडाउन शुरू होने से पहले करीब डेढ़ महीने तक रजनी सिंह के पार्लर में काम कर रही थी। जब लॉकडाउन शुरू हुआ तो अपनी सैलरी को लेकर वह कुछ दिनों तक मालकिन रजनी से संपर्क नहीं कर पाई।

बकाया सैलरी लेने के प्रयास में एक दिन सपना का संपर्क पार्लर की मालकिन रजनी से फोन पर हुआ। सैलरी देने के लिए रजनी उसे घर बुला रही थी। लेकिन कोरोना के डर से सपना अपने मालकिन के घर जाने से बच रही थी। जितनी बार भी फोन पर बात हुई, सैलरी के लिए घर आने को ही सपना से कहा गया।

11 जून के सपना अपनी मालकिन रजनी के घर बकाया सैलरी लेने जाती है। सपना के लगाए आरोप के अनुसार बकाए सैलरी की बात पर रजनी उससे शारीरिक संबंध बनाने को कहती है। जब सपना इस आपत्तिजनक बात को मानने से इनकार करती है तो रजनी अपने पालतू कुत्ते से सपना पर हमला करवा देती है।

कुत्ते से हमले के कारण सपना के चेहरे पर गहरा घाव हुआ है। इस पूरे मामले की जानकारी सपना ने पुलिस को भी फोन पर दी। लेकिन पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत लिखवाने से डर के कारण यह मामला तब लाइम लाइट में आया, जब पीड़िता ने स्थानीय विधायक सोमनाथ भारती से संपर्क किया। सोमनाथ भारती ने इसके बाद ट्वीट कर दिल्ली महिला आयोग को सूचित करते हुए एक्शन लेने की अपील की।

दिलचस्प यह है कि विधायक सोमनाथ भारती वही हैं जिन पर अपनी पत्नी पर कुत्ते से हमला करवाने का आरोप है।

‘भारतीय सेना की गश्ती चलती रहेगी’ – NSA डोभाल ने 2 घंटे में चीन को किया चित, पीछे हटने को मजबूर हुआ ड्रैगन

भारत-चीन के बीच लद्दाख के गलवान घाटी में संघर्ष से पैदा हुए तनाव की तब शांत होने की उम्मीद बढ़ गई, जब रविवार (जुलाई 5, 2020) को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से बातचीत की। इस बातचीत के बाद अचानक से चीन के तेवर ढीले पड़ गए और उसके सैनिक गलवान संघर्ष स्थल में LAC से 2 किलोमीटर पीछे जाने को मजबूर हो गए।

हालाँकि, भारत इस बार पूरी सावधानी बरत रहा है क्योंकि 1962 में भी चीन ने LAC से सेना पीछे हटाई थी और बाद में हमला कर दिया, जिसे उस समय की नेहरू सरकार भाँप नहीं पाई। इस बार भारत सतर्क है, तैयारियाँ पूरी है और अगर किसी प्रकार की कोई आकस्मात घटना होती है तो देश उससे निपटने के लिए तैयार है। गलवान वैली और पैंगोंग झील में 4 स्थानों पर चीन की ‘पीपल लिबरेशन आर्मी’ पीछे धकेल दी गई है।

इनमें से 3 स्थानों पर ड्रैगन तेज़ी से न सिर्फ़ पीछे गया है बल्कि अपने कंस्ट्रक्शंस को भी हटाया है। सिरिजाप रेंज में पैंगोंग झील के पास फिंगर 4 पर उसने अपने स्ट्रक्चर्स तोड़े हैं। भारत-चीन तनाव पर पुस्तक लिख चुके वरिष्ठ पत्रकार शिशिर गुप्ता ने’ हिंदुस्तान टाइम्स’ में प्रकाशित एक ख़बर में एक भारतीय सैन्य कमांडर के हवाले से बताया है कि किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए हमें उस क्षेत्र में पल-पल बदलती गतिविधियों पर कड़ी नज़र बनाए रखनी होगी।

भारतीय सैन्य कमांडर ने बताया कि चीन की PLA गलवान, गोगरा और हॉट स्प्रिंग्स में अपनी स्थिति के हिसाब से नुकसान में है लेकिन पैंगोंग में उन्हें पोजिशनिंग के कारण थोड़ा फायदा पहुँचा क्योंकि फिंगर 4 तक उन्होंने सड़क का निर्माण किया था। उन्होंने कहा कि तनाव घटाने की प्रक्रिया थोड़ी धीमी होगी और हर क़दम की समीक्षा की जाएगी। ज़मीनी स्तर पर दोनों सेनाओं के बीच कमांडर स्तर की वार्ताएँ चल रही हैं।

चीन और भारत के बीच गलवान में हुए संघर्ष में 20 भारतीय सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए थे और 43 चीनी सैनिकों के मारे जाने की बात कही गई थी। इसीलिए, वहाँ तनाव घटाने के लिए पहले चीनी सैनिकों को अपनी सेना हटाने को कहा गया। जैसी ही ये प्रक्रिया शुरू हुई, भारतीय सेना ने अपने उच्चाधिकारियों और फिर सरकार को अपडेट देना शुरू कर दिया। अब आते हैं इसमें अजीत डोभाल की एंट्री पर।

रविवार के दिन सबसे पहले भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे ने सीमा पर चल रहे घटनाक्रम के बारे में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सूचित किया। इसके बाद दोनों देशों के कूटनीतिज्ञों ने जमीनी स्थिति का जायजा लेने के बाद भारत के NSA अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत का खाका तैयार किया। दोनों के बीच क़रीब 2 घंटे तक ये महत्वपूर्ण बैठक चली।

हालाँकि जैसा कि उसकी आदत है, जून 15 को गलवान में हुए संघर्ष के लिए जिम्मेदार चीन ने अपने ऊपर लगे आरोपों से कन्नी काटते हुए भारत पर आरोप लगाना शुरू कर दिया। लेकिन, अनुभवी अजीत डोभाल ने ड्रैगन को घुटने टेकने को मजबूर कर दिया और कई अहम मुद्दों पर दोनों देशों में सहमति बनी। ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की ख़बर के अनुसार, डोभाल ने स्पष्ट कर दिया कि 1597 किलोमीटर लम्बी LAC सीमा पर शांति और सद्भाव के लिए भारतीय सेना की उन चारों तनाव वाले स्थलों पर पट्रोलिंग चलती रहेगी।

बता दें कि कई विशेषज्ञों का भी कहना है कि पैंगोंग झील के उत्तर में भारतीय सेना की गश्त में कोई व्यवधान न आने पाए, इसके लिए अजीत डोभाल कोशिश में लगे हुए हैं। चीन द्वारा सीमा पर की गई तैयारियों के बाद भारत ने पर्याप्त संख्या में टैंक, हैलीकॉप्टर, आर्टिलरी बंदूकें और फाइटर जेट्स के साथ हजारों सैनिकों को वहाँ तैनात किया है। पिछले 45 सालों में भारत-चीन के बीच हुए सबसे बड़े संघर्ष के बाद भारत अब पहले से ज्यादा सावधान है।

अजीत डोभाल और वांग यी की वार्ता मुख्य रूप से एलएसी पर हालात सामान्य करने और सीमा पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हुई। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि आने वाले समय में सीमा पर इस तरह की कोई घटना न हो। चीन के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किए बयान के मुताबिक़, भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच हुई बातचीत जिसके बाद तनाव सीमा पर तनाव घटाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। चीन ने साफ़ तौर पर हालात सामान्य होने की पुष्टि की है।  

भारत में चीनी राजदूत सुन वेइदॉन्ग ने भी मई के अंत में अपने बयान में कहा था है कि बीजिंग और नई दिल्ली को कभी भी आपसी रिश्तों में अंतर नहीं आने देना चाहिए और बातचीत के माध्यम से उन्हें हल करना चाहिए। NSA अजीत डोभाल, विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर और सीडीएस बिपिन रावत के लिए यह एक बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा सकती है कि कम्युनिस्ट सत्ता वाला तानाशाही देश चीन बातचीत के माध्यम से विवादों को खत्म करना चाहता है।

हिंदू मंदिर की नींव उखाड़ कर खुलेआम दी जा रही वहाँ से अजान, Video आते ही हुआ वायरल

पाकिस्तान में हिंदुओं को अपने धर्म का अनुसरण करने की कितनी आजादी है- ये बात अब किसी से छिपी नहीं है। हाल में पाक की राजधानी इस्लामाबाद को लेकर खबर आई थी कि वहाँ पहला हिंदू मंदिर बनने जा रहा है।

इसके बाद मीडिया में चहुँओर इमरान सरकार की तारीफों के पुलिंदे बाँध दिए गए। मगर, इस बीच यह भुला दिया गया कि उन कट्टरपंथियों के रहते ये कार्य संभव कैसे होगा? जिन्होंने पहले मंदिर की खबर सुनते ही इसका विरोध शुरू कर दिया।

बाद में सरकार के इस फैसले के ख़िलाफ़ फतवे जारी किए, हिंदुओं को धमकियाँ दी और बात जब इतने से नहीं बनी, तो जिस जगह पर मंदिर बनना था, वहाँ जाकर खुलेआम अजान देने लगे।

जी हाँ। सोशल मीडिया पर इस समय एक वीडियो वायरल हो रही है। वीडियो में हम देख सकते हैं कि एक मुस्लिम युवक खुली जमीन पर खड़े होकर अजान दे रहा है। वहीं, उसके आस पास खड़े लोग उसकी वीडियो बना रहे हैं और उसे सुन रहे हैं। ट्विटर पर दावा किया जा रहा है कि ये भूमि वही जगह है जिसे हिंदू मंदिर के लिए आवंटित किया गया था।

कपिल देव नाम के यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए (ट्विटर के अनुवाद के अनुसार) लिखा है कि ये सब हमारे पूर्वजों की ही गलती है कि उन्होंने विभाजन के समय अपनी धरती के साथ वफादारी नहीं निभाई और पाकिस्तान को अपना घर मान लिया।

यहाँ बता दें कि इस वीडियो के अलावा इस्लामाबाद में हिंदू मंदिर की जमीन को लेकर कुछ अन्य वीडियोज भी सामने आई है। इनमें हम देख सकते हैं कि कैसे कुछ पाकिस्तानी कट्टरपंथी मंदिर के लिए रखी नींव को उजाड़ते दिख रहे हैं और एक-एक ईंट उठाकर फेंक रहे हैं।

इसके अलावा एक अन्य वीडियो भी सोशल मीडिया में इस बीच वायरल हुई है। इस वीडियो में नजर आ रहा है कि एक युवक अपने बच्चों से हिंदुओं को मारने की धमकी दिलवा रहा है।

बच्चे को कहते सुना जा सकता है, “कान साफ! अगर इस्लामाबाद में मंदिर बना तो ये याद रखना मैं उन हिंदुओं को चुन-चुनकर मारूँगा। समझ गए? अल्लाह हाफिज।”

धोनी का पसंदीदा गाना सुन कर पता चलेगा कि हेलिकॉप्टर शॉट उस ‘रन आउट’ पर भारी क्यों पड़ता है

क्रिकेट के मैदान की बाहरी दुनिया का चर्चित नाम, हर्ष भोगले। एक बार उन्होंने किसी पार्टी में धोनी से पूछा कि उनका पसंदीदा गाना कौन सा है? धोनी ने कहा – “मैं पल दो पल का शायर हूँ।” इस जवाब को सुन कर हर्ष भोगले ने एक अनुमान लगाया जो आज की तारीख़ में हकीक़त की कसौटी पर सटीक बैठता है।

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान धोनी पर हर्ष भोगले का कोई भी जवाब उठा कर देख लीजिए। उन्होंने सालों पहले ही कह दिया था कि जिस दिन धोनी ने क्रिकेट से संन्यास लिया, वह इस 22 गज की दुनिया से बहुत दूर हो जाएँगे। 

कभी धोनी के पसंदीदा गाने और हर्ष भोगले की इस बात पर ज़रा भी संदेह हो तो, यूट्यूब पर ‘धोनी का पसंदीदा गाना’ तलाशिए। केवल दो तरह के वीडियो नज़र आएँगे, पहले जिसमें धोनी ‘मैं पल दो पल का शायर हूँ’ गाते हुए नज़र आएँगे या इस गाने का असल वर्ज़न मिलेगा। 

इस तरह का एक वीडियो है, जिसमें धोनी सेना की वर्दी में साक्षात्कार देते हुए नज़र आते हैं। उनसे आग्रह किया जाता है कि वह अपना पसंदीदा गाना गा कर सुनाए, जिस पर उनकी प्रतिक्रिया बहुत कुछ साफ़ कर देती है। धोनी कहते हैं –

“मैं गाना नहीं गाऊँगा, गाना गुनगुना दूँगा। किशोर कुमार मेरे फेवरेट हैं लेकिन यह गाना मुकेश जी का है – मैं पल दो पल का शायर हूँ। यह बेहद रेलेवेंट (प्रासंगिक) भी है अगर आप मेरे खेल को देखें तो इस गाने की जो पंक्तियाँ हैं, बोला जाता है – मैं पल दो पल का शायर हूँ। कल कोई और आएगा जो मुझसे अच्छा खेलेगा, कल दूसरे लोग आएँगे, जो आपसे बेहतर होंगे तो भविष्य में कोई याद करे या न करे, इससे बहुत फर्क नहीं पड़ता।” 

इसके बाद धोनी अपने कहे मुताबिक़ ‘मैं पल दो पल का शायर हूँ’ गुनगुनाना शुरू कर देते हैं। ऊपर लिखी हुई बात से यह ज़रूर साफ़ हो जाता है कि धोनी के लिए क्रिकेट के बाद की जिंदगी आसान नहीं है।

साल 2016 में भारत और वेस्ट इंडीज़ के बीच टी-20 वर्ल्ड कप मुकाबले के बाद प्रेस वार्ता हुई। प्रेस वार्ता के दौरान एक विदेशी पत्रकार ने धोनी से पूछा, “संन्यास को लेकर आपकी क्या योजनाएँ हैं, क्या आप इस टूर्नामेंट के बाद भी खेलना बरकरार रखेंगे?” 

धोनी ने पत्रकार को अपने पास बुलाया और सभी के सामने उनसे पूछा, “डू यू वांट मी टू रिटायर?” पत्रकार ने कहा नहीं। धोनी ने पत्रकार से फिर पूछा, “क्या मुझे दौड़ते हुए देख कर ऐसा लगता है कि मैं अनफिट हूँ?” पत्रकार ने कहा, नहीं। धोनी ने अंत में फिर पूछा, “क्या आपको लगता है कि मैं 2019 विश्वकप तक खेलता रहूँगा?” पत्रकार ने कहा हाँ, बेशक। धोनी ने कहा, “ठीक है, आपको आपके सवाल का जवाब मिल गया।”               

धोनी एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जो इतने फुर्तीले होने के बावजूद डाइव मारते हुए बहुत कम ही नज़र आए। इसकी एक वजह भी है कि धोनी दौड़ते बहुत तेज़ हैं, जहाँ रन नहीं मिलने की उम्मीद होती है धोनी वहाँ से रन चुरा लेते हैं। बाकी विकेट के पीछे की कहानियाँ तो जैसे अमर ही हैं, ऐसी कहानियाँ जिनकी मिसालें दी जाती हैं। 

लेकिन धोनी की एक दौड़ ऐसी थी जो कभी पूरी नहीं हुई, धोनी का अंतिम विश्वकप। जिसमें धोनी कुछ फ्रेम से चूक गए और रन आउट हुए। शायद पहली बार धोनी जैसे कूल कैप्टन की आँखों में दुनिया ने आँसू देखे, आखिर हर चीज़ की कीमत होती है।

धोनी के आलोचकों की एक बड़ी आबादी के लिए धोनी का वह एक रन ही क्रिकेट के मैदान का सबसे बड़ा मापदंड है। धोनी ने अपनी करियर के अंतिम कुछ महीनों में बहुत बड़े शॉट भी नहीं लगाए थे। 

लेकिन इन सारी बातों के इतर, धोनी के हिस्से में दीवानगी कभी धुँधली नहीं पड़ने वाली। खेल की दुनिया का कितना महँगा तराजू क्यों न हो, हेलिकॉप्टर शॉट का वज़न किसी भी रन आउट से ज़्यादा ही रहेगा। हर खिलाड़ी अपने देश को कुछ न कुछ देता है और लगभग वैसा ही काम धोनी ने भी किया, 22 गज की पिच पर खूब दौड़ लगाई। 

आम खिलाड़ी तो दो विकेटों के बीच ही दौड़ते हैं लेकिन धोनी विकेट के ठीक पीछे भी उतना ही दौड़े, करिश्माई किरदार की तरह। आने वाले सालों में शायद कोई धोनी से बेहतर साबित हो लेकिन धोनी तो एक ही रहने वाला है। जिसके लिए मैदान ही सपना था और आगे चल कर यही सपना उनकी दुनिया बना, जिस दुनिया को धोनी ने अपनी कोशिशों से खूब सींचा और अंतिम समय तक सींचा।   

सुशांत की आखिरी फिल्म के ट्रेलर ने तोड़े Avengers के रिकार्ड्स, जानिए ‘दिल बेचारा’ की पूरी डिटेल्स

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की अंतिम फिल्म ‘दिल बेचारा’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। सोमवार (जुलाई 7, 2020) को ‘फॉक्स स्टार हिंदी’ द्वारा रिलीज किया गया ट्रेलर पूरी दुनिया में हिट रहा है। सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म होने का कारण ‘दिल बेचारा’ से लोगों की भावनाएँ भी जुड़ी हुई हैं। अपने पहले 24 घंटे में ही ‘दिल बेचारा’ अवेंजर्स की दोनों फिल्मों ‘इंफिनिटी वॉर’ और ‘एन्डगेम’ के रेकॉर्ड्स को धराशाई कर डाला।

ख़बर लिखे जाने तक इस फिल्म के ट्रेलर को यूट्यब पर 2.2 करोड़ लोगों ने देखा है, वहीं 48 लाख लोगों ने इस ट्रेलर के लिए लाइक का बटन दबाया है। अपने पहले ही 24 घंटों में 43 लाख लाइक्स कमा कर इसने ‘अवेंजर्स: एन्डगेम’ के दोनों ट्रेलरों के 32 लाख और 29 लाख लाइक्स के रिकार्ड्स को ध्वस्त कर दिया। बता दें कि ये फिल्म 2014 की हॉलीवुड फिल्म ‘द फाल्ट इन आवर स्टार्स’ की आधिकारिक हिंदी रीमेक है।

ये जॉन ग्रीन की बेस्टसेलिंग रोमांटिक उपन्यास पर आधारित है। इसमें एक कैंसर सपोर्ट ग्रुप में एक लड़का और एक लड़की मिलते हैं, जिसके बाद दोनों के बीच प्यार पनपने लगता है। अभिनेत्री संजना संघी ने इसमें मुख्य महिला किरदार अदा किया है। उन्होंने एक ऐसी युवती का रोल निभाया है, जिसे कैंसर है और वो प्यार में नहीं पड़ना चाहती। इस फिल्म में दोनों के बीच के उतार-चढ़ाव को दिखाया गया है।

सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म ‘दिल बेचारा’ को जुलाई 24, 2020 को हॉटस्टार पर रिलीज किया जाएगा। इस फिल्म का संगीत एआर रहमान ने दिया है, जिन्होंने ट्वीट कर के फिल्म के सारे गानों के बारे में लोगों को बताया। मुकेश छाबरा द्वारा निर्देशित इस फिल्म के गानों के बोल भट्टाचार्य ने लिखा है। इससे पहले वो ‘इकतारा’ और ‘मनमर्जियाँ’ जैसे लोकप्रिय गानों के लिरिक्स लिखे हैं। इस फिल्म में सैफ अली खान ने भी कैमियो निभाया है।

बता दें कि सुशांत की आत्महत्या को लेकर कई राज़ खुलने अभी बाकी हैं। हाल ही में फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली से मुंबई पुलिस ने 3 घंटे पूछताछ की। उनकी मौत के दो हफ्ते बाद लोगों ने स्क्रीनशॉट्स शेयर कर के दावा किया था कि उनके विकिपीडिया पेज को पहले ही एडिट कर लिया गया था कि उन्होंने आज आत्महत्या कर ली है, जबकि उस समय ये ख़बर आई भी नहीं थी। लोग पूछ रहे हैं कि आख़िर वो ‘भविष्यवेत्ता’ था कौन?

दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष रहे मनोज तिवारी ने उनके परिजनों से मुलाकात के बाद इसी प्रकार की माँग की थी। बिहार के सभी दलों के नेताओं द्वारा ऐसे बयान देने का मतलब है कि उन्होंने जनता की नब्ज को पहचाना है और जनता सुशांत की मौत से सच में व्यथित है।  कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार ने भी सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले की सीबीआई जाँच कराने की माँग की थी

हॉन्गकॉन्ग में चीन के खिलाफ बढ़ता आक्रोश देखकर TikTok ने कहा अलविदा, अमेरिका भी कर रहा है चीनी ऐप बैन की तैयारी

चीन के कब्जे वाले हॉन्गकॉन्ग में चीन सरकार के खिलाफ पिछले दिनों कई विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। सैंकड़ों की तादाद में लोगों ने सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश जाहिर किया। इसी बीच खबर आई कि टिकटॉक ने हॉन्गकॉन्ग के मार्केट से बाहर निकलने के संदेश दे दिए हैं।

विदेशी मीडिया के अनुसार, सोमवार को देर शाम एक प्रवक्ता ने यह जानकारी रॉयटर्स को दी। कहा जा रहा है फेसबुक समेत अन्य टेक्नॉलजी कंपनियाँ भी अब क्षेत्र में अपना काम सस्पेंड कर रही हैं। दरअसल, यहाँ की सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के आधार पर यह फैसला लिया गया है।

मार्केट के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं के बारे में सवाल किए जाने पर टिकटॉक के प्रवक्ता ने कहा, “हाल के कुछ इवेंट्स को देखते हुए हमने हॉन्गकॉन्ग में टिकटॉक ऐप के ऑपरेशन को बंद करने का फैसला लिया है।”

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कंपनी का हवाला देते हुए कहा जा रहा है कि हॉन्गकॉन्ग का बाजार टिकटॉक के लिए एक छोटा और नुकसान वाला सौदा है। हॉन्गकॉन्ग में पिछले साल इस ऐप को 1,50,000 डाउनलोड मिले थे।

वहीं दुनियाभर में इसे 2 बिलियन डाउनलोड्स मिल चुके हैं। कंपनी ने यह फैसला इसलिए किया है क्योंकि यहाँ के हालात बिगड़े हुए हैं और यह साफ नहीं है कि यह देश पूरी तरह से चीन के हाथों आ जाएगा।

गौरतलब है कि पिछले दिनों हॉन्गकॉन्ग में चीन द्वारा थोपे जा रहे क़ानून के ख़िलाफ़ बड़ी संख्या में लोगों ने सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया था। जून माह में तो इस विरोध प्रदर्शन में लगभग 10 लाख लोग काले कपड़ो में सड़कों पर उतरे थे और बीजिंग द्वारा प्रदेश पर थोपे जा रहे कानून के खिलाफ़ सड़कें जाम की थीं।

यहाँ बता दें कि हॉन्गकॉन्ग में चीन के ख़िलाफ़ चल रहा विरोध प्रदर्शन उसी कानून के ख़िलाफ़ है। जिससे वहाँ के लोगों को गलत तरीके से फँसा कर गिरफ्तार करना उसके लिए आसान हो गया है।

चीन ने इस क़ानून का ‘परीक्षण’ भी किया है, जिसके तहत एक गिरफ्तार किया गया। इसके बाद हॉन्गकॉन्ग में लोग चीन के खिलाफ सड़कों पर विरोध के लिए उतर आए और जम पर बवाल काटा।

ऐसे में मुमकिन है कि टिकटॉक का हॉन्गकॉन्ग के मार्केट को अलविदा कहना- बाइटडांस कंपनी के इसी डर का नतीजा हो कि कहीं जिस प्रकार हॉन्गकॉन्ग में चीन के ख़िलाफ़ माहौल तैयार हो रहा है, कहीं उसकी गाज टिकटॉक पर न गिर पड़े? और भारत की तरह वहाँ भी टिकटॉक के ख़िलाफ़ एक्शन ले लिया जाए!

अमेरिका भी कर रहा TikTok बैन पर विचार

भारत द्वारा टिकटॉक समेत 59 चीनी ऐप बैन किए जाने के बाद अमेरिका भी अलर्ट हो गया है। ताजा अपडेट के मुताबिक अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने सोमवार देर रात इस संबंध में ऐलान किया।

उन्‍होंने कहा कि हम निश्चित रूप से चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहे हैं। उधर, ऑस्‍ट्रेलिया में भी चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाने की माँग तेज होती जा रही है। खबरों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में संसदीय समिति जल्द इस पर अपनी मुहर लगा सकती है।

POK में चीन के खिलाफ हल्ला बोल: अवैध कब्जा कर डैम बनाने के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, Pak को भी पड़ी गाली

जहाँ एक तरफ पाकिस्तान ख़ुद को चीन का टट्टू बना कर रख दिया है, वहीं दूसरी तरफ उसके अवैध कब्जे वाले कश्मीर (POK) में चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। POK के मुजफ्फराबाद शहर मे न सिर्फ़ चीन बल्कि पाकिस्तान के खिलाफ भी बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। बता दें कि नीलम और झेलम नदी पर पाकिस्तान द्वारा बाँध बनाए जा रहे हैं, जिसमें चीन का भारी निवेश है।

पाकिस्तान ने भारत के डर से चीन को POK के कुछ हिस्से दे रखे हैं और वहाँ के खनिज संसाधनों को भी चीन के हवाले कर दिया है, जो POK का जम कर दोहन तो कर ही रहा है, साथ ही वहाँ कई सारे प्रोजेक्ट्स भी चला रहा है। इससे स्थानीय लोगों मे आक्रोश का माहौल है। नीलम-झेलम और कोहला हाइड्रो प्लांट्स के विरोध में सोमवार (जुलाई 6, 2020) को बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और चीन व पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए।

ANI की ख़बर के अनुसार, विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि चीन द्वारा बनाए जा रहे बाँधों से वहाँ के वातावरण पर भी काफ़ी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जिसके कारण पर्यावरण संबंधी कई समस्याओं के खड़े होने की आशंका है। सोशल मीडिया पर भी पूरे दिन ट्रेंड चलता रहा, जिसे POK ही नहीं बल्कि वहाँ से बाहर के कई इलाकों के लोगों का भी भरपूर समर्थन मिला।

वहाँ के लोग इस मामले को वैश्विक स्तर पर ले जाकर बड़े संगठनों और देशों का ध्यान दिलाना चाहते हैं, ताकि चीन और पाकिस्तान के अत्याचार के खिलाफ वो उनके पक्ष मे खड़े हो सकें। प्रदर्शनकारियों का पूछा है कि इन नदियों को लेकर पाकिस्तान और चीन के बीच किस कानून या अंतरराष्ट्रीय नियम के तहत समझौते हुए? उनका आरोप है कि ये दोनों ही देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मानकों का उल्लंघन कर के नदियों पर कब्जा कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने अपील कि है कि लोगों को कोहला प्रोजेक्ट की तरफ जाना चाहिए और वहाँ जाकर इसका विरोध करना चाहिए, ताकि इसे रोका जा सके। बता दें कि इसके लिए एक चाइनीज कंपनी ने पाकिस्तान और चीन के सरकारों साथ एक त्रिपक्षीय समझौता किया था। कोहला मे 2.4 बिलियन डॉलर कि लागत से प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है, जिससे 1124 मेगावाट बिजली के उत्पादन का दावा किया जा रहा है।

ये हाइड्रोपावर प्लांट POK में झेलम नदी पर बनाया जा रहा है। इसे ‘चीन-पाकिस्तान इकॉनमिक कॉरिडोर’ के तहत विकसित किया जा रहा है। इसका निर्माण कोहला हाइड्रोपावर कम्पनी लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। या कम्पनी चीन की एक बड़ी कम्पनी ‘थ्री गोर्गेस कॉर्पोरेशन’ का ही एक अंग है और उससे ही सम्बद्ध है। पाकिस्तान में चीन ने इस तरह के कई निवेश किए हैं, जिनमें से ज्यादातर POK में हैं।

इससे पहले सितम्बर 2019 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की रैली के दौरान पीओके के युवाओं व छात्रों ने इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ नारे लगाए थे और विरोध प्रदर्शन किया था। ख़बर आई थी कि पीओके में पाकिस्तान के अवैध कब्जे के ख़िलाफ़ लोग आवाज़ उठा रहे हैं, जिसे मीडिया से दूर रखने और दबाने के लिए पाकिस्तान सरकार क्रूरतापूर्वक दमनकारी अभियान चला रही है।

30 Kg सोने की तस्करी, केरल का CM ऑफिस ही शक के घेरे में: ‘डिप्लोमेटिक इम्युनिटी’ के नाम पर हुआ खेल

केरल की कम्युनिस्ट सरकार का नाम एक बार फिर से एक बड़े स्कैंडल में आया है और इस बार सीधे मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का कार्यालय ही शक के घेरे में है। बताया गया है कि ‘डिप्लोमेटिक इम्युनिटी’ का सहारा लेकर सोने की तस्करी की गई और साथ ही एयरपोर्ट से भी इस सोने को पास कराने के लिए इसके सहारा लिया गया।

सोने की इस तस्करी में स्वप्ना सुरेश नामक अधिकारी का नाम आया है। बता दें कि दूसरे देशों के डिप्लोमेट्स को कई देश ‘इम्युनिटी’ प्रदान करते हैं, जिससे उन्हें कुछ नियम-क़ानूनों और टैक्स से छूट मिलती है।

इसमें मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के एक काफ़ी क़रीबी सहयोगी का नाम सामने आ रहा है, जिन्होंने राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के सार्वजनिक डेटा का विश्लेषण करने के लिए स्प्रिंकल्स इंक को जिम्मेदारी सौंपी थी। एम शिवशंकर नाम का यह अधिकारी मुख्यमंत्री का आईटी सेक्रेटरी है। अब वो ‘केरला स्टेट आईटी इंफ़्रास्ट्रक्चर लिमिटेड’ के स्पेस पार्क में बतौर ऑपरेशन्स मैनेजर कार्यरत स्वप्ना सुरेश को बचाने में लग गया है।

अपने डेली प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि उन्हें स्वप्ना सुरेश के आईटी विभाग के अंदर काम दिए जाने की कोई जानकारी नहीं है। साथ ही सीएम ने बताया कि ये मामला अभी तक उनके संज्ञान में आया ही नहीं है। लेकिन, उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में कोई भी दोषी सज़ा से बच नहीं सकेगा। स्वप्ना UAE कॉन्सुलेट की सदस्य रही हैं, उन पर दस्तावेजों की हेराफेरी करने का आरोप है।

आरोप है कि उन्होंने फर्जी डाक्यूमेंट्स पेश कर के गुरुवार (जुलाई 2, 2020) को ‘डिप्लोमेटिक इम्युनिटी’ का प्रयोग कर के खाड़ी देशों से 30 किलो सोने की तस्करी की। इतना सारा सोना डिप्लोमैटिक बैग में भर कर लाया गया था। इसका खुलासा 6 जुलाई को तब हुआ, जब कस्टम के अधिकारियों ने यूएई कॉन्सुलेट के एक अधिकारी सरित से पूछताछ की, जो PRO के पद पर तैनात रहा था। कहा जा रहा है कि 6 महीने पहले स्वप्ना को आईटी विभाग में इतना बड़ा पद दिए जाने के पीछे एम शिवशंकर ही है।

स्वप्ना को एक संवेदनशील स्पेस पार्क प्रोजेक्ट में काम दे दिया गया, बावजूद इसके कि उनके खिलाफ पहले से ही क्राइम ब्रांच का एक मामला चल रहा था। साथ ही इंटेलिजेंस विंग ने भी उनके खिलाफ बयान दिया था, जिसे नज़रअंदाज़ कर दिया गया। कॉन्ग्रेस और भाजपा, राज्य की दोनों ही विपक्षी दलों ने कम्युनिस्ट सरकार पर स्वप्ना को बचाने का आरोप लगाया है। हालाँकि, कस्टम अधिकारियों ने स्वप्ना के आवास पर छापेमारी की है।

सरित को भी गिरफ़्तार कर लिया गया है। केरल भाजपा अध्यक्ष के सुरेंद्रन का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय से कस्टम अधिकारियों को फोन कॉल्स किए गए ताकि जाँच रोकी जा सके। उनका कहना है कि ये फोन कॉल मुख्यमंत्री के किसी क़रीबी ने ही किया था। CM विजयन ने इसे एक ‘बेहूदा’ आरोप करार दिया। उन्होंने कहा कि संदिग्ध बैकग्राउंड वाले लोगों को सीएमओ में कोई काम दिया ही नहीं जाता है।

बता दें कि कोरोना वायरस आपदा से निपटने को लेकर चल रही ख़बरों के कारण केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पहले से ही आलोचकों के निशाने पर हैं। आरोप है कि ख़बरें प्लांट की गईं कि एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग की जा रही है, जाँच के लिए अस्पताल की व्यवस्था है और मरीजों को स्थानीय अस्पतालों के आइसोलेशन वार्डस में ले जाया जा रहा है। इसके लिए मीडिया के एक वर्ग द्वारा केरल सरकार की पीठ थपथपाई गई।