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पादरी ने कहा ‘पवित्र तेल’ जमीन पर है, लोग झुककर उसे छूने लगे… भगदड़ में 20 की मौत

तंजानिया की एक चर्च में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान अचानक से भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में 20 लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार मरने वालों की संख्या और भी बढ़ सकती है। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक है।

एएफपी की रिपोर्ट ने मोशी शहर के ज़िला आयुक्त किप्पी वारओबिया के हवाले से बताया कि तंजानिया के उत्तरी इलाके की एक चर्च के खुले मैदान में शनिवार को एक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था, जहाँ बड़ी संख्या में लोग उपदेशक बोनीफस मवामपोसा के नेतृत्व में प्रार्थना कर रहे थे, जोकि जो अरिज और शाइन मंत्रालय तंजानिया के प्रमुख रहे हैं। प्रार्थना समाप्त होने के बाद खुद को ईश्वर कहने वाले मवामपोसा ने कहा कि जमीन पर ‘पवित्र तेल’ पड़ा हुआ है। इसकी जानकारी मिलने के बाद चर्च में मौजूद लोग अपने रोग ठीक होने की आस में तेल को छूने लगे।

तेल को छूने की होड़ में देखते ही देखते भगदड़ मच गई और लोग एक दूसरे को कुचलते हुए भागने लगे। मोशी के जिला कमिश्नर किपी वारीओबा के मुताबिक इस भगदड़ में 20 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य 16 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मरने वालों में 5 बच्चे भी शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ लोगों की गंभीर स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या में अभी इजाफा हो सकता है।

वहीं अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक घटना के चश्मदीद पीटर किलेवो ने कहा कि वह दृश्य बहुत भयानक था। पीटर ने बताया कि देर रात की घटना होने के कारण लोग एक दूसरे को कोहनी से, हाथ-पैर से मारते हुए रौंदते हुए चले जा रहे थे। खबर के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में तंजानिया की चर्चों में पादरियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जोकि लोगों की गरीबी मिटाने और उनका चमत्कारी इलाज करने का दावा करते हैं।

‘प्लेसमेंट’ के बाद रैली में बुलाया और पैसे भी नहीं दिए: बेरोजगार युवक ने CM केजरीवाल की खोली पोल

अरविंद केजरीवाल दिल्ली के चुनाव प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसे आरोप लगते रहे हैं कि उनका प्रचार फिक्स होता है और उसमें लाए गए लोग भाड़े पर होते हैं। पिछले दिनों कई वीडियो भी इस तरह के सामने आए थे। मसलन, एनडीटीवी के टाउनहॉल और अन्य कार्यक्रमों में एक ही व्यक्ति उनकी बार-बार तारीफ कर रहा था और सवाल पूछ रहा था। इसके बाद लोगों ने सवाल उठाया था कि क्या दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कुछ ऐसे लोगों को रखा हुआ है, जो टीवी कार्यक्रमों के दौरान उनकी तारीफ करने का काम करते हैं। आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं को भी इस दौरान कार्यक्रम में बिठाया जाता है और वो केजरीवाल की तारीफ करते दिखते हैं। उन्हें ‘ दिल्ली का आम आदमी’ बता कर पेश किया जाता है।

अब सवाल उठा है कि क्या केजरीवाल ने अपनी रैलियों के दौरान सीटें भरने के लिए किसी स्टाफिंग कम्पनी का यूज करते हैं। स्टफिंग कम्पनी वो होती है, जो किसी काम के लिए मानव संसाधन मुहैया कराती है और इस काम के लिए उसे रुपए दिए जाते हैं। एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक शख्स कहता दिख रहा है कि उसने ‘टीम लीज’ कम्पनी की प्लेसमेंट सर्विस में नाम लिखाया था, जहाँ से उसे आम आदमी पार्टी के चुनाव प्रचार में 6 दिनों के लिए भेज दिया गया।

उक्त व्यक्ति बेरोजगार है और उसने सैलरी की उम्मीद से ऐसा किया। उसने बताया कि ‘टीम लीज’ ने कनॉट प्लेस में उसकी ड्यूटी लगाई और उसे वहाँ दोपहर के 12 बजे पहुँचने का कहा। उसने बताया कि वहाँ आने के बाद उसका वीडियो बनाया गया। उसने बताया कि उसकी अनुपस्थिति लगा दी गई, क्योंकि वो 2 घंटे लेट आया था। नीचे संलग्न किए गए वीडियो में उक्त व्यक्ति को आप अपना दुख व्यक्त करते हुए देख सकते हैं:

‘पॉलिटिकल कीड़ा’ द्वारा ट्वीट किए गए वीडियो में पीड़ित ने बताया कि उसे अब तक काम के रुपए भी नहीं दिए गए हैं। उसने बताया कि उसे अनमोल और रजत नामक लोगों ने बुलाया था। सोशल मीडिया पर लोगों ने अरविंद केजरीवाल से अपील की है कि वे जहाँ कहीं भी हों, पीड़ित के रुपए दे दें क्योंकि वो बेरोजगार है और उसने जॉब की उम्मीद में ये काम करना स्वीकार किया था।

जहाँ तक ‘टीम लीज’ की बात है, उसकी वेबसाइट पर स्पष्ट लिखा हुआ है कि वो एक ‘फॉर्च्यून 500’ कंपनी है, जिसके पास मानव संसाधन प्रचुर मात्रा में है। वहाँ 17 लाख लोग काम कर रहे हैं और रोजाना 2 लाख लोगों के लिए वैकेंसी रखी जाती है। इस कम्पनी के देश भर में 6600 जगहों पर 2 लाख एसोसिएट ट्रेनी हैं। कंपनी अभी लाखों लोगों को हायर करने वाली है, ऐसा दावा किया गया है। तो क्या अरविंद केजरीवाल ने अपनी पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान के लिए ‘टीम लीज’ की सर्विस ली है?

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जहाँ जाना है जाओ, लेकिन सड़क खाली करो: शाहीन बाग में CAA-विरोधियों के खिलाफ प्रदर्शन

दिल्ली के शाहीन बाग में CAA के विरोध में कई हफ्तों से धरना-प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारियों के बीच सड़क पर बैठने से यह रास्‍ता कई दिनों से बंद है। अब इस धरने के खिलाफ स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों की माँग है कि शाहीन बाग का रास्ता खोला जाए। शाहीन बाग के विरोध में प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है। मौके पर डीसीपी चिन्मय बिस्वास खुद मौजूद हैं।

बैरिकेड्स के एक तरफ CAA के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले जमा हैं तो दूसरी तरफ शाहीन बाग धरना का विरोध करने वाले आकर डट गए हैं। इन लोगों का कहना है कि हमें प्रदर्शन से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन सड़क खाली होनी चाहिए। चाहे तो ये लोग रामलीला मैदान, जंतर-मंतर या कहीं और प्रदर्शन करें। इन लोगों की माँग है कि धरना जल्दी से जल्दी खत्म कर सड़क खुलवाई जाए। हालाँकि लोगों की भारी भीड़ से आम लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

डीसीपी चिन्मय बिस्वाल ने कहा कि इन्हें प्रदर्शन स्थल पर जाने से मना कर दिया था। इसके बावजूद भी कुछ लोग घटना स्थल पर पहुँच गए। फिलहाल हालात न बिगड़े, इसके लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। 

उल्लेखनीय है कि शाहीन बाग में महिलाएँ और बच्चे पिछले 50 दिन से ज्यादा समय से धरने पर बैठे हैं। वो शिफ्ट बदल-बदल कर 24*7 यहाँ धरने पर बैठे रहते हैं। उनकी माँग है कि केंद्र सरकार CAA को वापस ले। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से आम जनता की परेशानियों को समझते हुए धरना खत्म कर लेने की माँग कर रही है।

हाल ही में शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने कई इश्तेहार जारी किया है, जिसमें 2 फरवरी को प्रदर्शन के 50 दिन पूरे होने के मौके पर बड़ी संख्या में लोगों से जमा होने को कहा गया है। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया है कि पिछले 50 दिनों में उनके ‘लोकतान्त्रिक और शांतिपूर्ण’ प्रदर्शन के दौरान उन्हें डराने-धमकाने और ख़तरे में डालने की कोशिश की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन लोगों के ख़िलाफ़ गलतबयानी करते हुए घृणा फैलाई जा रही है। इन सबके लिए शाहीन बाग के उपद्रवियों ने भाजपा और हिन्दू सेना को जिम्मेदार ठहराया है।

वहीं एक सभा के दौरान कॉन्ग्रेस नेता मुकेश शर्मा ने खुद कबूला था कि शाहीन बाग के ‘प्रदर्शनकारियों’ को उनका समर्थन हासिल है। शर्मा ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था, “मैं गाँव का रहने वाला हूँ। मैं जब मदद करता हूँ तो मर्दानगी से करता हूँ। मैंने तो शाहीन बाग वालों की भी मदद कर रखी है। शाहीन बाग बाले मुझे रोज फोन करते हैं।” इससे पहले AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया पर प्रदर्शनकारियों के समर्थन की बात सामने आई थी।

पथराव में 2 दलितों का सिर फूटा: झारखंड में विसर्जन जुलूस के दौरान हिंसा की 4 घटनाएँ

झारखंड में सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान अलग-अलग जगहों पर कई हिंसक घटनाएँ हुईं। इनमें से 4 घटनाएँ गौर करने लायक हैं, जिसे मीडिया ने तवज्जो नहीं दी। ख़बर आ रही है कि राज्य के विभिन्न इलाक़ों में मजहबी भीड़ ने सरस्वती पूजा के समारोहों में व्यवधान पैदा किया। जामताड़ा के विद्यासागर प्रखंड क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर समुदाय विशेष ने श्रद्धालुओं के साथ झड़प की। पारटोल व कठबरारी क्षेत्रों में विसर्जन के दौरान स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को ख़ुद विसर्जन करना पड़ा।

पारटोल गाँव में मूर्ति विसर्जन के दौरान जब जुलूस आगे बढ़ा तो समुदाय विशेष के लोगों ने गाना बजाने पर आपत्ति जताई। पुलिस ने श्रद्धालुओं को ही उलटा ‘शांतिपूर्ण’ तरीके से विसर्जन करने की सलाह दी। पुलिस ने सहयोग नहीं किया तो श्रद्धालु वहीं पर मूर्ति छोड़ कर निकल गए। मजहबी भीड़ के रोक-टोक और जबरदस्ती के बाद उपजे तनाव के बीच पुलिस ने पक्षपाती रवैया अपनाया। बाद में पुलिस ने ही मूर्ति का विसर्जन कर दिया। इधर कठबरारी गाँव में समुदाय विशेष ने अबीर-गुलाल खेलने पर आपत्ति जताई, जिसके बाद तनाव बढ़ गया।

वहाँ स्थित विद्यालय से प्रतिमा को विसर्जन हेतु शांतिपूर्वक ढंग से नीचे लाया जा रहा था लेकिन दूसरे समुदाय ने तनाव पैदा कर दिया। उन्होंने कहा कि वो मस्जिद के पास अबीर-गुलाल नहीं उड़ने देंगे। श्रद्धालुओं का आरोप है कि पुलिस ने जुलूस के आगे अपनी गाड़ी खड़ी कर के हॉर्न बजाना शुरू कर दिया। वहाँ भी लोग प्रतिमा को छोड़ कर चले गए। इसके बाद पुलिस ने विसर्जन किया।

इसी तरह हजारीबाग के लाखे से चानो नदी हेतु निकली माँ सरस्वती के विर्सजन जुलूस में शुक्रवार रात लाखे सूंडी बस्ती में विवाद के बाद पथराव हुआ। पथराव के बाद तनाव पसर गया। इसके दूसरे दिन पुलिस ने दोनों समुदायों के प्रबुद्ध जनों की बैठक बुलाई और शांति बनाए रखने की अपील की। दोनों समुदायों के लोगों ने घटना की ‘निंदा’ की और इसके बाद इतिश्री कर ली गई। पथराव मामले में देर रात तक प्राथमिकी भी दर्ज नहीं की गई थी। इससे पता चलता है कि प्रशासन ने सुरक्षा-व्यवस्था के मामले में कितना लचर रवैया अपनाया।

इसी तरह गोड्डा के बेलडीहा गाँव में दूसरे समुदाय के लोगों ने सरस्वती पूजा विसर्जन जुलूस पर पथराव किया, जिसके बाद दो युवकों का सिर फट गया और वो गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना में क़रीब आधे दर्जन अन्य लोग भी घायल हुए। गंभीर रूप से घायल दोनों युवक उत्तम पासवान और सुप्रभात पासवान दलित हैं। समुदाय विशेष ने उनके ऊपर ईंट और पत्थर चलाए। दर्जनों आक्रोशित ग्रामीणों ने इस मामले में दोषियों को गिरफ़्तार करने की माँग की।

‘नारा-ए-तकबीर’ और ‘अल्लाहु अकबर’ के साथ विसर्जन जुलूस पर पत्थरबाजी, मंदिर को भी नहीं छोड़ा

पटना में सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान पथराव, फायरिंग और बमबाजी, गुमला में भी तनाव

चीन दफनाने की जगह क्यों जलाएगा Corona Virus से मरने वालों को?

चीन में सैकड़ों लोगों की जान लेने वाले वायरस से चिंतित वहाँ के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने एक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में आयोग ने कहा है कि Coronavirus की चपेट में आने वाले लोगों का (जो इस बीमारी के कारण मारे गए हैं) पास में ही अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए। इसे लेकर आयोग ने कई तरह के दिशा-निर्देश जारी किए।

चाइना डेली न्यूज़ के मुताबिक राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने शनिवार को यह बयान जारी किया। इसमें स्पष्ट निर्देश है कि इस जानलेवा वायरस के कारण मारे गए लोगों को दफनाने की जगह उन्हें जलाया जाना चाहिए। साथ ही यह भी कहा गया कि मृत लोगों को बहुत दूर ले जाने से संक्रमण के बढ़ने और फैलने की आशंका है, इसलिए जहाँ जिनकी मृत्यु हुई है, उनका नजदीक ही अंतिम संस्कार (जला देना) किया जाना चाहिए।

अपनी वेबसाइट पर जारी किए गए नोटिस में आयोग ने कहा है कि वायरस से मृत लोगों के शवों को दफनाया नहीं जाना जाहिए और न ही इनके शवों को किसी भी प्रकार से सुरक्षित रखा जाना चाहिए।

आयोग ने चेताया है कि मृत लोगों के अंतिम संस्कार के समय किसी भी प्रकार के आयोजन की आवश्यकता नहीं है। इन सभी सावधानियों को बरतने के साथ वायरस की चपेट में आने वाले मृत लोगों के शवों को चिकित्सा टीम की देखरेख के लिए रखा जाना चाहिए।

आयोग द्वारा यह नोटिस ऐसे समय में जारी किया गया है कि जब कोरोना वायरस चीन से निकल कर विश्व के दूसरे देशों में भी अपने पैर फैला रहा है। चीन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने जब यह नोटिस जारी किया और ट्विटर पर लोगों को इसके बारे में पता चला तो सनातन धर्म में शवों को जलाने और इसके पीछे के वैज्ञानिक कारणों के बारे में लोग लिखने लगे।

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AAP ने उतारे सबसे ज्यादा दागी, 70 में से 36 पर गंभीर आपराधिक मामले: करोड़पतियों में कॉन्ग्रेस आगे

साफ-सुथरी राजनीति का वादा कर दिल्ली की सत्ता में आई आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस बार सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (ADR) के अनुसार दिल्ली विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे 672 प्रत्याशियों में से 133 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। उम्मीदवारों के हलफनामे का विश्लेषण कर एडीआर ने यह जानकारी दी है। 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 8 फरवरी को वोट डाले जाएँगे। नतीजे 11 फरवरी को आएँगे।

आप के 70 उम्मीदवारों में से 42 यानी 60% के खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं। 51 फीसदी यानी 36 आप उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। एडीआर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “विश्लेषण किए गए 672 उम्मीदवारों में से 133 (20 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में 673 उम्मीदवारों के विश्लेषण में 114 (17 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी थी।” रिपोर्ट के अनुसार 32 उम्मीदवारों ने शपथपत्र में महिलाओं के खिलाफ आपराधिक मामले का उल्लेख किया है। इनमें से एक पर बलात्कार का और चार पर हत्या के प्रयास से संबंधित मामले दर्ज हैं।

बीजेपी ने 67 उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें 26 (39%) के खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं। इनमें से 17 (25%) पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं। कॉन्ग्रेस के 66 में से 18 (27%) पर आपराधिक मामले हैं। इनमें से 13 (20%) के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं। बसपा के 66 में से 21 (18%) उम्मीदवार दागी हैं। इनमें से 10 (15%) पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं। रिपोर्ट के अनुसार 2015 के चुनाव में 71 पार्टियॉं मैदान में थी जो इस बार बढ़कर 95 हो गई है।

संस्था ने उम्मीदवारों की संपत्ति का विश्लेषण भी दिया है। हलफनामे में दिए गए ब्यौरों के मुताबिक सबसे ज्यादा 55 (83%) उम्मीदवार कॉन्ग्रेस के करोड़पति हैं। इसके बाद आप का नंबर आता है। उसके 51 (73%) और बीजेपी के 47 (70%) उम्मीदवार करोड़पति हैं। बसपा के 66 में से केवल 13 (20%) उम्मीदवार ही करोड़पति हैं।

टॉप तीन अमीर उम्मीदवारों की बात करें तो तीनों आप पार्टी से हैं। पहले नंबर पर आप के धर्मपाल लकड़ा हैं। वह मुंडका से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके पास 292 करोड़ रुपए की संपत्ति है। दूसरे नबंर पर आरके पुरम से आप की उम्मीदवार प्रमिला टोकस हैं। उनके पास 80.8 करोड़ रुपए की संपत्ति हैं। तीसरे नंबर पर राम सिंह नेताजी हैं। वह बदरपुर से उम्मीदवार हैं। उनकी संपत्ति 80 करोड़ रुपए की है।

रिपोर्ट के अनुसार विधानसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 4.34 करोड़ रुपए की है। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) की टिकट पर चुनाव लड़ रहे राजेश कुमार की कुल संपत्ति मात्र 3600 रुपए है। शालीमार बाग सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रही पूनम कौशिक छह हजार रुपए की मालिकन हैं। चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में से 148 निर्दलीय हैं। 224 उम्मीदवार गैर मान्यताप्राप्त दलों से हैं। क्षेत्रीय पार्टियों के 90 और राष्ट्रीय पार्टियों से 210 उम्मीदवार मैदान में हैं।

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‘शर्म करो पाकिस्तान, सीखो भारत से कुछ सीखो’ – Pak छात्रों ने खुलेआम इमरान सरकार को क्यों कोसा?

चीन में फैले घातक कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 304 हो गई है और इससे 14,380 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। ऐसे में भारत की सरकार अपने लोगों को चीन से बाहर निकाल रही है। लेकिन, पाकिस्तान ने चीन में रहने वाले अपने छात्रों से मुँह मोड़ रखा है। कोरोना वायरस के कारण चीन के वुहान में कई पाकिस्तानी छात्र फँसे हुए हैं, लेकिन पाक की इमरान सरकार ने उन्हें वापस नहीं लाने का फैसला किया है।

पाकिस्तान सरकार की अनदेखी से ये छात्र किस कदर बेबस हैं, इसका अंदाजा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक विडियो से समझा जा सकता है। इस विडियो में भारतीय छात्र अपनी घर-वापसी के लिए बस में बैठते दिख रहे हैं जिसे अपने फोन में रिकॉर्ड कर रहा होता है एक पाकिस्तानी छात्र और साथ ही अपनी सरकार को कोसता भी रहता है।

पाकिस्तानी पत्रकार नायला इनायत ने यह विडियो शेयर किया है, जिसमें एक छात्र अपनी सरकार को शर्म करने के लिए कहते हुए सुनाई पड़ रहा है। वीडियो में एक छात्र खुद को पाकिस्तानी छात्र बताते हुए कहता है, “ये भारतीय छात्र हैं और ये बस इन्हें लेने आई है, जो इनके दूतावास ने भेजी है। वुहान की यूनिवर्सिटी से इस बस से इन छात्रों को एयरपोर्ट ले जाया जाएगा और वहाँ से फिर इन्हें इनके घर पहुँचाया जाएगा। बांग्लादेश वाले भी आज रात यहाँ से ले जाए जाएँगे। एक हम पाकिस्तानी हैं, जो यहाँ पर फँसे हैं। जिनकी सरकार कहती है कि आप मरो या जियो, हम आपको नहीं निकालेंगे। शेम ऑन यू पाकिस्तान, सीखो भारत से कुछ सीखो।”

इसके अलावा एक अन्य वीडियो में तीन पाकिस्तानी छात्र बैठे हैं, जिन्हें पाकिस्तानी सरकार से अब कोई उम्मीद नहीं बची है और वह अब अपनी आर्मी से मदद की गुहार लगा रहे हैं। वीडियो में एक छात्र ने कहा, “कभी तो लगता है कि हम लावारिस है, हमारे पीछे कोई मुल्क ही नहीं है। चार दिनों से सरकार से अपील कर रहे हैं, लेकिन इन्होंने मना कर दिया। आर्मी से हमें उम्मीद है, हम पाकिस्तानी आर्मी से अपील करते हैं प्लीज हमें जल्द से जल्द यहाँ से निकाला जाए।”

बता दें कि कोरोना वायरस के कहर से जूझ रहे चीन के वुहान में फँसे भारतीय लोगों को एयर इंडिया की दो फ्लाइट वहाँ से एयरलिफ्ट किया गया है, वहीं पाकिस्तान सरकार ने वायरस के खतरे के डर से उन्हें चीन से निकालने से मना कर दिया है। द एक्‍सप्रेस ट्रिब्‍यून ने नेशनल हेल्‍थ सर्विस पर पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के विशेष सहायक जफर मिर्जा के हवाले से बताया है कि सरकार अपने नागरिकों को चीन के वुहान शहर से नहीं निकालेगी। तीन छात्रों वाले इस वीडियो में भी छात्रों जफर मिर्जा के बयान का हवाला दिया है।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के अलावा वहाँ के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी भी सरकार के निर्णय पर कुरान और पैगंबर मोहम्मद का उदाहरण देते हुए उसे सही ठहराते हैं।

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ससुर से करो हलाला, तभी करूँगा दोबारा निकाह: बीबी को तलाक देकर बोला शौहर आदिल खान

मध्‍य प्रदेश के ग्वालियर में तीन तलाक का मामला सामने आया है। 26 वर्षीय महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि शौहर ने तीन तलाक देकर ससुर के साथ हलाला करने का दबाव बनाया। पुलिस ने महिला के शौहर आदिल खान, ससुर आजाद खान व देवर आबिद खान के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व छेड़छाड़ का केस दर्ज कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक, पीड़िता का निकाह सीपरी बाजार झाँसी निवासी युवक से चार वर्ष पूर्व हुआ था। महिला का आरोप है कि उसका शौहर शराब के नशे का आदी है। इसका फायदा उठाकर उसके ससुर व देवर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालते थे। पुलिस को पीड़ित महिला ने बताया कि उसके शौहर और ससुर ने पहले तो निकाह के बाद से ही कार माँगना शुरू कर दिया और जब माँग पूरी नहीं हुई तो उसे और उसके ढाई साल के बच्चे से मारपीट कर झाँसी स्थित ससुराल से निकाल दिया। उसके बाद से पीड़िता मायके में रहती थी।

26 जनवरी को उसका शौहर उसके पास आया और जान से मारने की धमकी देकर शिकायत वापस लेने के लिए कहा। पीड़िता ने शिकायत वापस लेने से इनकार कर दिया तो 28 जनवरी को दोबारा आदिल और उसके ससुर मायके आए। इस दौरान आदिल ने पीड़िता के साथ मारपीट की और फिर तीन बार तलाक बोलकर रिश्ता खत्म कर दिया। साथ ही यह भी कहा कि अगर उससे दोबारा निकाह करना है तो पहले हलाला करवाना होगा। आदिल ने कहा कि वो अपने पिता से उसका निकाह कराएगा, फिर पिता से तलाक दिलाकर खुद उससे निकाह करेगा। मगर पीड़िता ने पति द्वारा तीन तलाक देने और फिर हलाला के नाम पर ससुर के साथ हमबिस्तर होने की शर्त को नहीं कबूला।

शौहर आदिल के खिलाफ मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है तो वहीं ससुर आजाद खान और देवर आबिद खान के खिलाफ छेड़छाड़ और दहेज एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है और साथ ही आरोपितों को पकड़ने की भी कोशिश की जा रही है।

औरतें हलाला को मजबूर, मर्दों के लिए बनी रहे 4 बीवियों की आजादी: जिल्लत से मुक्ति कब

शाहीन बाग की औरतें: कब माँगेंगी हलाला से, माहवारी आते ही निकाह कर देने की रवायत से आजादी

शौहर ने दिया तीन तलाक, ‘अब्बा’ ने हलाला के नाम पर किया बलात्कार: MP में शर्मनाक घटना

CAA के समर्थन में हिंदूवादी नेता रंजीत बच्चन ने की थी रैली, 1 दिन पहले ही मनाया था जन्मदिन

लखनऊ के हजरतगंज में मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले विश्व हिन्दू महासभा के अध्यक्ष रंजीत बच्चन की दिनदहाड़े सिर में गोली मार कर तब हत्या कर दी गई, जब वो मॉर्निंग वॉक पर निकले हुए थे। इस हत्या की ख़बर के सामने आते ही लोगों के जेहन में पिछले साल के कमलेश तिवारी हत्याकांड की यादें ताज़ा हो गईं। कमलेश तिवारी का गला रेत डाला गया था और उन्हें गोली भी मारी गई थी। ताज़ा वारदात की बात करें तो यूपी पुलिस की 6 टीमें जाँच में लगी हुई है, लेकिन अपराधियों का कोई सुराग अभी नहीं लगा है।

उनकी हत्या के बाद पुलिस उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स खँगालने में भी जुटी हुई है। कमलेश तिवारी हत्याकांड के 3 आरोपित हाल ही में जमानत पर बाहर निकले हैं। जिस तरह कमलेश को सोशल मीडिया के जरिए फँसाया गया, रंजीत वाले मामले में भी पुलिस इस कोण से जाँच कर रही है। उनके परिजनों व मिलने-जुलने वालों से जानकारी जुटाई जा रही है। पता चला है कि हमलावर ने अपने मुँह को शॉल से ढक रखा था। वो अपने साथ रंजीत के दो मोबाइल फोन भी ले गया है।

लखनऊ में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होने के बाद ये पहली बड़ी वारदात है, जो प्रदेश की क़ानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए नज़र आ रही है। अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने कहा है कि ये वारदात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपराधियों की सीधी चुनौती है।

हजरतगंज सर्कल के कमिश्नर अभय मिश्रा ने बताया कि हत्यारों ने रंजीत से एक कॉल करने के बहाने उनका मोबाइल फोन माँगा। इसके बाद उन्हें नजदीक से सिर में गोली मारी गई। सीसीटीवी फुटेज की भी जाँच की जा रही है। वहीं, उनके मौसेरे भाई आदित्य भी इस गोलीकांड में घायल हो गए, जिनका इलाज ट्रामा सेंटर में चल रहा है। 1 दिन पहले शनिवार (फरवरी 1, 2020) को ही उन्होंने अपना जन्मदिन मनाया था। उनके साले मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि रंजीत ने सीएए और एनआरसी के समर्थन में रैली भी आयोजित की थी।

रंजीत बच्चन बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के बहुत बड़े फैन थे। वो हिन्दू संगठन में सक्रिय होने से पहले समाजवादी पार्टी में काफ़ी दिनों तक रहे थे। साइकिलिंग के लिए विख्यात अपनी पत्नी कालिंदी निर्मल शर्मा से साथ रंजीत बच्चन ने शांति सद्भावना साइकिल यात्रा भी पूरी की थी। कालिंदी का साइकिलिंग के लिए नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। रंजीत भी साइकिल चलाने के शौक़ीन थे। उन्होंने साइकिल से ‘सद्भावना यात्रा’ पूरी करते हुए 1.32 लाख किलोमीटर की दूरी तय की थी। वो मूल रूप से गोरखपुर जिले के गोला के अहरौली पंचगाँवा के रहने वाले थे।

उन्होंने फरवरी 4, 2002 को कालिंदी निर्मल शर्मा के साथ ये यात्रा शुरू की थी। उन्होंने भारत, भूटान, बांग्लादेश, नेपाल और बर्मा के बॉर्डर एरिया को साइकिल से छान मारा था। उन्होंने कुल मिला कर एक लाख बत्तीस हजार दो सौ पचास किमी की यात्रा तय कर भारत के 28 राज्‍यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की यात्रा पूरा की थी। उनकी ये यात्रा 7 साल 10 महीने 13 दिन तक चली थी। दिसंबर 18, 2009 को एमपी इंटर कॉलेज उनकी इस यात्रा का अंतिम पड़ाव बना था।

वहीं कालिंदी निर्मल शर्मा की बात करें तो वो कुशीनगर के नेबुआ नैरंगिया के बैरवा पाट्टी की रहने वाली हैं। रंजीत गोरखपुर प्रेस क्लब में भी सक्रिय रहे हैं और वो साल 2004 के दौरान अक्सर वहाँ देखे जाते थे। उस समय वह गोरखपुर में कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करते थे और उनमें बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते थे। किन्हीं कारणों से पत्नी के साथ उनके संबंधों में दरार आ गई रही। उस मामले में एक केस भी चल रहा था।

वहीं रंजीत पहले समाजवादी पार्टी से भी जुड़े रहे हैं। ततकालीन सपा सरकार ने ही उन्हें राजधानी की ओसीआर बिल्डिंग में फ्लैट आवंटित किया था। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इस हत्याकांड के बाद योगी सरकार को घेरा है। सपा ने आरोप लगाया कि लोगों का पुलिस पर विश्वास ख़त्म हो गया है और लखनऊ में दहशत का माहौल है, इसलिए योगी आदित्यनाथ को इस्तीफा दे देना चाहिए। सपा ने योगी सरकार को ‘निकम्मी’ करार दिया।

कहा जा रहा है कि आज रंजीत और उनकी पत्नी अलग-अलग मॉर्निंग वाक के लिए निकले थे। उनकी हत्या के बाद घर पर समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। वहीं कॉन्ग्रेस पार्टी ने इस हत्याकांड पर मुख्यमंत्री को घेरते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ अब सिर्फ़ भाषण मंत्री बन कर रह गए हैं।

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MP: स्कूल में CAA-NRC पर चर्चा से भड़का NSUI, कॉन्ग्रेस छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने की तोड़फोड़

मध्य प्रदेश में मंडला के एक प्राइवेट स्कूल भारत ज्योति में NSUI (National Students Union of India) के कार्यकर्ताओं द्वारा तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया है। स्कूल के नौवीं कक्षा में शिक्षक द्वारा नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) पर चर्चा करने पर कॉन्ग्रेस छात्र संगठन के कार्यकताओं ने तोड़फोड़ और हंगामा किया।

घटना 31 जनवरी की बताई जा रही है, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इनके खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं की है। स्कूल के प्रबंधन ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि एनएसयूआई के कार्यकर्ता परिसर में पहुँचे और कक्षा 9 के शिक्षक से मिलने के लिए प्रवेश करने की अनुमति माँगी।

शिकायत में आगे कहा गया कि जब प्रबंधन ने उन्हें प्रवेश देने से मना कर दिया, तो कार्यकर्ताओं ने गालियाँ दीं और तोड़फोड़ की। इसका वीडियो भी सामने आया है। इसमें NSUI कार्यकर्ता टिफिन बॉक्स को भी लात मारते हुए नजर आए। NSUI नेता अक्कू ठाकुर ने शिक्षक पर ‘मुस्लिम विरोधी मानसिकता’ होने का आरोप लगाते हुए कहा, “शिक्षक ने पूछा कि क्या कक्षा में कोई मुस्लिम छात्र हैं। एक लड़की थी लेकिन वो चुप रही। शिक्षक ने तब छात्रों को बताया कि मुस्लिमों को अच्छे के लिए देश से बाहर निकाला जा रहा है। लड़की ने बाद में अपने अभिभावकों को इसके बारे में बताया और वे हमारे संपर्क में आए।”

NSUI कार्यकर्ता ने आगे कहा, “यहाँ तक ​कि बुजुर्ग भी CAA या NRC के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं। अगर आप इस तरह से छात्रों को पढ़ाते हैं तो वो विभाजनकारी मानसिकता के साथ बड़े होंगे।” NSUI कार्यकर्ता से जब स्कूल में तोड़फोड़ के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए स्कूल प्रबंधन की आलोचना करते हुए कहा, “आमतौर पर हम ऐसे काम नहीं करते हैं लेकिन जब नहीं सुनी जाती तो हम क्या करेंगे।”

हालाँकि स्कूल प्रशासन ने पुलिस से इसकी शिकायत करते हुए सुरक्षा की माँग की है और साथ ही कहा कि शिक्षक बच्चों के साथ CAA और NRC पर सामान्य चर्चा कर रहीं थीं। इस घटना को लेकर ABVP ने जिला अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें NSUI के खिलाफ कार्रवाई करने की माँग की गई। जिला एबीवीपी के संयोजक मंगलेश चक्रवर्ती ने कहा, “एक छात्र ने उत्सुकतावश एक प्रश्न पूछा था। यह कानून संसद द्वारा पारित किया गया है, इसके बारे में बात करने में क्या गलत है। यह किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं है। अगर प्रशासन NSUI कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है, तो हम सड़कों पर उतरेंगे।”

वहीं मध्य प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कॉन्ग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने सवाल किया है, “कमलनाथ जी क्या मध्यप्रदेश में कानून का राज बिल्कुल समाप्त करने का ठाना है कॉन्ग्रेस ने? CAA के विरोध के नाम पर ये कैसा उपद्रव? इन गुंडों पर सख्त कार्रवाई होगी या नहीं?”

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