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बंगाल में छिपा है JMB का सरगना मोहम्मद सलाउद्दीन: कैफे पर हमले में सुनाई गई थी सजा-ए-मौत

आतंकी संगठन जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) का सरगना कुख्यात आतंकी मोहम्मद सलाउद्दीन उर्फ सालेहान पश्चिम बंगाल में छिपा हुआ है। मीडिया रिपोर्टों में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) के सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी गई है। सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ महीनों से वह बांग्लादेश सीमा से सटे पश्चिम बंगाल के किसी जिले में छिपा हुआ है। NIA की टीम उत्तर 24 परगना, नदिया, मुर्शिदाबाद, मालदह, उत्तर दिनाजपुर, कूचबिहार जिलों में उसकी तलाश कर रही है।

सलाहुद्दीन को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में 2016 में होली आर्टिसन कैफे में हुए धमाके में मौत की सजा सुनाई गई थी। वह बोधगया और खागड़ागढ़ धमाकों में भी वांछित है। तीन मौकों पर वह एजेसियों को झॉंसा दे चुका है।

NIA के एक अधिकारी ने बताया कि सलाउद्दीन ने तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल में जाकर जेएमबी का प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने बताया कि जाँच के दौरान अगस्त 2018 में खागड़ागढ़ में हुए विस्फोट मामले के मुख्य आरोपित जहीदुल इस्लाम को गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ में सलाउद्दीन के भारत में छिपे होने की बात पता चली थी। उसने बताया कि सलाउद्दीन भारत के दक्षिणी राज्यों में कहीं छुपा हुआ है।

NIA को जाँच के दौरान पता चला कि सलाउद्दीन कूचबिहार, उत्तरी दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद और नादिया गाँवों में छिपा हुआ है, जो कि भारत-बांग्लादेश सीमा क्षेत्र में हैं। जाँच एजेंसी ने बताया कि सलाउद्दीन कूचबिहार के गीतालदाहा गाँव में धर्म प्रचारक के रूप में रह रहा था। मगर पुलिस के छापा मारने के एक दिन पहले ही वह वहाँ से फरार हो गया। इसके बाद उसके मुर्शिदाबाद जिले के मुकीमनगर गाँव में रहने की सूचना मिली, लेकिन इस बार भी वो जाँच एजेंसी को चकमा देने में कामयाब रहा। NIA ने पिछले हफ्ते कूचबिहार के चांगरबंधा गाँव में छापा मारा था, लेकिन संदिग्ध वहाँ भी नहीं मिला। हालाँकि इस दौरान जाँच एजेंसी ने उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के मुताबिक बांग्लादेशी व्यापारी, जो कि अब सऊदी अरब में बस गए हैं, वो जेएमबी को फंडिंग देते हैं। ये बांग्लादेशी व्यापारी ही इस आतंकी संगठन को हथियार और गोला-बारूद खरीदने के लिए पैसा देते हैं और उनके साथ संपर्क स्थापित करने के लिए ये लोग ओनियन ब्राउजर का इस्तेमाल करते हैं।

ढाका के कैफे पर एक जुलाई 2016 को हुए हमले में 22 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें एक भारतीय सहित 18 विदेशी थे। कैफे पर करीब 10 घंटे तक आतंकवादियों ने कब्जा जमाए रखा था। इस मामले में पिछले साल ढाका की अदालत ने 7 आतंकियों को मौत की सजा सुनाई थी। सलाउद्दीन और उसके साथियों को जब सजा सुनाई जा रही थी तो उनमें से कुछ ने अदालत में ही अल्लाहु अकबर के नारे लगाए थे।

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अल्लाहु अकबर चिल्ला भीड़ पर हमला, गर्लफ्रेंड को माँ-बाप का सिर कलम करने के लिए उकसा रहा था आतंकी

दक्षिण लंदन में रविवार (फरवरी 2, 2020) को एक आतंकी ने ‘अल्लाहु अकबर’ चिल्लाते हुए भीड़ पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए। आतंकी की पहचान 20 साल के सुदेश अम्मान के तौर पर की गई। इसके बाद उसे पुलिस ने मार गिराया।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उसे पिछले हफ्ते ही जेल से रिहा किया गया था। हालॉंकि उसकी समय पूर्व रिहाई को लेकर एक थिंक टैंक ने चिंता जताई थी। उस पर तरह-तरह से इस्लामिक कट्टरपंथ फैलाने का आरोप था। वह अपनी गर्लफ्रेंड को अपने माता-पिता एवं परिजनों का सिर कलम करने के लिए भी उकसाता था। जनवरी के अंत में जेल से छोड़े जाने के बाद से पुलिस लगातार उसकी निगरानी कर रही थी। आशंका थी कि वो किसी घटना को अंजाम दे सकता है। स्ट्रेथम हाई रोड पर चाकूबाजी के दौरान भी पुलिस की उस पर नजर थी।

स्कॉटलैंड यार्ड के अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस अब अम्मान के दक्षिण लंदन और हर्टफोर्डशायर स्थित घरों की तलाशी ले रही है। उसे मई 2018 में आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने के लिए गिरफ्तार किया गया था। नवंबर 2018 में उसे 13 मामलों में आरोपी बनाया गया था। इनमें आतंकियों की जानकारी रखने से जुड़े 6 केस और आतंकी लेखों के प्रचार से जुड़े 7 केस शामिल थे। अम्मान ने यह सभी आरोप स्वीकार लिए थे। इसके बाद कोर्ट ने उसे 3 साल 4 महीने की सजा सुनाई थी। डेलीमेल की खबर के अनुसार, जब अम्मान को 13 आरोपों में सजा सुनाई गई थी, उस समय वह अपनी हँसी नहीं रोक पा रहा था और बिना किसी शिकन के अपनी माँ और भाई को हाथ हिलाकर अलविदा कह रहा था।

बता दें, इस दौरान जाँच में पुलिस ने अम्मान की एक नोटबुक भी बरामद की थी। जिसमें अम्मान ने बम बनाने के तरीके लिखे हुए थे। साथ ही ये भी लिखा था कि वो शहीदों की तरह मरकर जन्नत जाना चाहता है। खबरों के मुताबिक वो अलकायदा के आतंकी सोच फैलाने के लिए उसकी मैग्जीन अपने घर के व्हॉट्सअप ग्रुप पर भेजता था। इसमें उसके 11 से 15 की उम्र वाले 3 छोटे भाई शामिल थे। इनसे वह खुद को उड़ाने की बातें साझा करता था।

अम्मान अपनी गर्लफ्रेंड को सिर कलम करने की वीडियो भेजता था। उसका मानना था कि इस्लाम के लिए सबसे बेहतर चीज इस्लामिक स्टेट है। वो अपनी गर्लफ्रेंड को सलाह देता था कि अगर वह अपने घरवालों, परिवारवालों, दोस्तों और रिश्तेदारों के कारण बम नहीं बना पाती, तो उसे उन लोगों का सिर कलम कर देना चाहिए। उसने अपनी गर्लफ्रेंड को ये भी बताया था कि वो क्विंसबुरी में आतंकी हमला करने का विचार कर रहा है। अम्मान का मानना था कि यजीदी औरतें तवायफ होती हैं और कुरान में उनका बलात्कार करने की इजाजत है।

अधिकारियों के अनुसार, अम्मान मात्र 17 साल का था जब उसने अपने घर में, अपने भाइयों से, अपने गर्लफ्रेंड से अपने मंसूबों के बारे में बताना शुरू किया। मगर उसकी संदिग्ध गतिविधियों के बारे में पुलिस को साल 2018 में भनक लगी। सुदेश अम्मान को सशस्त्र सुरक्षाबल अधिकारियों ने सबसे पहले मई, 2018 में उत्तरी लंदन में गिरफ़्तार किया था। उस पर एक आतंकी हमले की साज़िश रचने का शक़ था। 2018 में ही वो आतंकरोधी पुलिस की नज़र में आया था जब अधिकारियों को उसके द्वारा टेलीग्राम पर पोस्ट की गई कुछ पोस्ट्स के बारे में पता चला। इनमें से एक पोस्ट में एक इस्लामी झंडे पर दो बंदूकों और एक चाकू की तस्वीर थी और अरबी भाषा में लिखा था- “3 अप्रैल के लिए हथियार के साथ तैयार।”

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावर को एक सुपरमार्केट के बाहर गोली मारी गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि हमलावर ने अपने शरीर पर नकली आत्मघाती जैकेट बाँध रखी थी। उसके पास एक बड़ा सा चाकू था, जिससे वह आमजनों पर हमला कर रहा था।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इस घटना के बाद ट्वीट किया और स्थिति को नियंत्रित करने वालों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा, “इस हमले में घायल और प्रभावित लोगों के साथ पूरी संवेदना है। आपातकालीन सेवा की फ़ौरन प्रतिक्रिया के लिए उनका शुक्रिया।”

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बंगाल में TMC के गुंडों ने महिला शिक्षक के हाथ-पैर बाँधे, 30 फीट तक घसीटा: देखें Video

पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले के गंगरामपुर में एक प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका को रस्सी से बाँधकर घसीटा गया और उसकी पिटाई की गई। टीएमसी के स्थानीय नेता अमल सरकार ने अन्य लोगों के साथ मिलकर इस शर्मनाक घटना को अंजाम दिया। शिक्षिका गाँव में सड़क निर्माण के लिए जबरन अपनी जमीन पर कब्जा किए जाने का विरोध कर रही थी।

जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर तृणमूल कॉन्ग्रेस समर्थकों के एक समूह ने शिक्षिका के हाथ-पैर बाँध दिए। तीस फीट तक उसे घसीटते हुए ले गए। पिटाई करने के बाद एक घर में बंद कर दिया। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शिक्षिका का नाम स्मृतिखाना दास बताया जा रहा है और वह बीजेपी समर्थक बताई जा रही हैं।

शिक्षिका ने 5 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस इसकी जाँच कर रही है। बताया जा रहा है कि जिला टीएमसी नेतृत्व ने पार्टी नेता अमल सरकार को निष्कासित कर दिया है, जिसकी अगुवाई में ये सब हुआ था।

दरअसल, पंचायत ने हाल ही में सड़क बनाने के लिए एक परियोजना शुरू की थी, जो महिला शिक्षक के घर की भूमि से होकर गुजरेगी। स्मृतिखाना दास ने बताया कि पंचायत को सड़क के लिए उनकी जमीन का एक हिस्सा चाहिए था। पंचायत प्रशासन ने उनकी मर्जी के बिना काम शुरू किया। फिर भी वो गाँव के हित में मुआवजे के बिना 12 फीट चौड़ी सड़क के लिए आवश्यक भूमि देने के लिए तैयार थी। मगर शुक्रवार को उन्हें पता चला कि वे 24 फीट चौड़ी सड़क बनाने की योजना बना रहे हैं और आगे तक उनकी जमीन पर कब्जा लिया। इसके बाद जब शिक्षका ने मौके पर जाकर विरोध किया, तो अमल सरकार और उनके साथियों ने उन पर हमला कर दिया।

शिक्षिका ने आगे कहा कि अमल सरकार और उनके समर्थकों ने उन्हें लोहे की रॉड से मारा और फिर उसके बाद उन्होंने उनके हाथ-पैर बाँध दिए और लगभग 30 फीट तक जमीन पर घसीटते हुए ले गए। इतना ही नहीं, शिक्षिका ने आरोप लगाया कि अमल सरकार और उसके लोगों ने उनकी माँ और बहन के साथ भी मारपीट की।

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घर में घुस नाबालिग रेप पीड़िता पर फेंका तेजाब, केस वापस लेने का दबाव डाले रहे थे दिलशाद के परिजन

उत्तरप्रदेश के हापुड़ के बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के एक गाँव में सामूहिक दुष्कर्म की नाबालिग पीड़िता पर रविवार को एसिड अटैक हुआ। हमले का आरोप रेप आरोपितों में से एक के परिजनों पर है। बताया जा रहा है आरोपित पक्ष की ओर से बहुत दिन से पीड़िता के घरवालों पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा था। मगर, जब वे नहीं माने, तो उन लोगों ने घर में घुसकर लड़की पर तेजाब से हमला कर दिया। हमले का विरोध करने पर पीड़िता के माता-पिता व भाई से भी इस दौरान मारपीट हुई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने पीड़िता और उसके घायल परिजनों को अस्पताल में भर्ती करवाया, जहाँ अब उनका इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, दुष्कर्म मामले में 7 फरवरी को न्यायालय में पीड़िता का बयान दर्ज होना है। इसके कारण रेप आरोपितों में से एक के घरवाले समझौता चाहते थे। मगर, जब लड़की के घरवाले नहीं राजी हुए, तब उन्होंने ये कदम उठाया।

दैनिक जागरण के मेरठ संस्करण में प्रकाशित संबंधित खबर

पीड़िता के पिता के मुताबिक  16 जुलाई, 2019 को उनकी नाबालिग बेटी के साथ गाँव के 2 युवकों ने घर में घुसकर दुष्कर्म किया था। दोनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था, लेकिन जेल सिर्फ़ एक ही गया। जेल जाने वाले आरोपित का नाम दिलशाद है। इस मामले में उस समय पुलिस दूसरे आरोपित को गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। जिसके कारण दूसरे आरोपित के घरवाले लगातार पीड़ित पक्ष पर फैसले का दबाव बना रहे थे। कुछ मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि दिलशाद के परिजन पर भी केस वापस लेने के लिए पीड़ित परिवार पर दबाव डाल रहे थे।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार की सुबह आरोपित पक्ष के 8-10 लोग अवैध हथियार लेकर पीड़ित पक्ष के घर में घुस आए और हमला बोल दिया। मारपीट में दुष्कर्म पीड़िता की माँ, भाई और पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद आरोपितों ने दुष्कर्म पीड़िता के ऊपर तेजाब फेंक दिया। तेजाब पीड़िता के पैरों पर गिरा, जिससे उसका एक पैर बुरी तरह से झुलस गया। इसी बीच शोर की आवाज सुनकर वहाँ लोग इकट्ठा होने लगे, जिन्हें देखकर सभी आरोपित फरार हो गए।

बाद में पुलिस को इस मामले मे सूचित किया गया। एएसपी सर्वेश कुमार मिश्रा व सीओ सिटी राजेश कुमार भी मौके पर पहुँचे। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से सभी साक्ष्य जुटाए। अधिकारियों ने अस्पताल पहुँचकर पीड़िता से बातचीत कर उसका हाल जाना और घटना से संबंधित उनका बयान लिया।

पुलिस के अनुसार, घटना से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जाँच की जा रही है। जाँच में दोषी मिलने पर आरोपितों को गिरफ्तार किया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से पीड़िता के घर पर पुलिस को तैनात किया गया है। किसी भी हाल में पीड़िता व उसके स्वजन की सुरक्षा को लेकर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

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BSP विधायक शाह आलम ने संबंध बनाने के लिए युवती पर डाला दबाव, भेजे गंदे मैसेज: FIR दर्ज

BSP विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली के खिलाफ गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। उन पर एक युवती के यौन उत्पीड़न और धमकी देने का आरोप है। शाह मुबारकपुर से विधायक हैं। वे बसपा सुप्रीमो मायावती के करीबी बताए जाते हैं। मायावती के भाई आनंद के वे बिजनेस पार्टनर भी हैं। पूर्वांचल प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सीएमडी शाह पर आरोप उन्हीं की कंपनी में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी ने लगाया है।

पीड़िता का आरोप है कि विधायक कंपनी में ऊँचे ओहदे और मोटी तनख्वाह का लालच देकर उस पर नाजायज संबंध बनाने का दबाव डाल रहे थे और फिर तरक्की देने का झाँसा देकर वीडियो कॉल करने लगे। एक दिन विधायक ने जरूरी काम का बहाना बनाकर उसे अपने घर पर बुलाया। जब वो पहुँची तो वो उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगे और फिर उसके साथ दुष्कर्म करने का भी प्रयास किया, मगर पीड़िता ने उसे धक्का दे दिया। इसके बाद पीड़िता ने ऑफिस जाना बंद कर दिया और पुलिस से शिकायत करने की बात कही।

फिर विधायक ने फोन कर कहा कि दोबारा ऐसी हरकत नहीं करेंगे। पीड़िता का कहना है कि जब उन्होंने दोबारा ऑफिस जाना शुरू किया तो और भी लड़कियों का शारीरिक शोषण करने का पता चला। शाह आलम ने एक नाबालिग को भी अपना शिकार बनाया है। साथ ही कि पीड़िता ने इस बात का भी खुलासा किया कि कंपनी में जिन फ्लैटों की कीमत 1.40 करोड़ और डेढ़ करोड़ है, उसकी रजिस्ट्री महज 70 से 80 लाख में कराकर टैक्स की भी चोरी की गई है।

पीड़िता का कहना है कि शाह आलम उसे व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक क्लिप्स भेजते थे। जनवरी 2020 में शाह आलम ने एक बार फिर उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाना शुरू किया। आरोप है कि उसके मना करने पर शाह आलम ने एचआर मैनेजर को उसके पास भेजकर दबाव बनवाया। इस पर भी वह नहीं मानी तो शाह आलम ने कंपनी से निकालने की धमकी दी। इसके बाद पीड़िता ने 13 जनवरी 2020 को सीओ संतोष कुमार सिंह से लिखित शिकायत की। फिर शाह आलम ने इससे नाराज होकर 14 जनवरी को उसे नौकरी से निकाल दिया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

यूपी: बसपा प्रदेश अध्यक्ष का भाई साजिद अली ग्रामीण को गोली मार कर फरार

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बसपा सांसद रेप केस वापस लेने का बना रहे दबाव, कह रहे उन्नाव वाली जैसा हाल करूँगा: पीड़िता

जामिया के पास दिल्ली पुलिस को नहीं मिले खोखे, आधी रात फायरिंग का किया जा रहा था दावा

दिल्‍ली के जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी के गेट नंबर पॉंच के पास रविवार करीब 12 बजे फायरिंग हुई है। चश्मदीदों का दावा है कि स्कूटी पर सवार दो लोग आए और फायरिंग कर चलते बने। न्यूज एजेंसी एएनआई ने दिल्ली पुलिस के हवाले से बताया है कि मौके से खोखे नहीं मिले हैं। घटना की जॉंच की जा रही है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार घटना रविवार देर रात करीब 11: 30 बजे, जामिया के गेट नंबर 5 के पास घटी। जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी ने खुद फायरिंग की तस्दीक की। कमेटी ने बताया कि वहाँ दो स्कूटी सवार अज्ञात लोगों ने गोली चलाई। गोलीबारी में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

एडिशनल डीसीपी कुमार ज्ञानेश ने बताया, “एसएचओ जामिया नगर ने अपनी टीम के साथ जाकर इलाके की तलाशी ली। वहॉं उन्‍हें गोली के खाली राउंड नहीं मिले। इसके अलावा, कथित हमलावर किस गाड़ी से आए थे इस पर लोगों के अलग-अलग बयान हैं। कुछ का कहना कि वे एक स्कूटर पर आए थे कुछ उसे फोर व्हीलर बता रहे थे। हम जॉंच करेंगे और तदनुसार कानून के अनुसार कार्रवाई करेंगे।”

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी के विरोध में जामिया के गेट नंबर 7 पर धरने पर बैठे आंदोलनकारियों में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब गेट नंबर 5 पर गोली चलने की आवाज सुनाई दी। हालाँकि पुलिस ने इस घटना की पुष्टि नहीं की। लेकिन जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी के मीडिया समूह ने गोली चलने का दावा किया। कमेटी के मुताबिक, स्कूटी सवार दो युवकों ने फायरिंग की, जिनमें से एक ने लाल रंग की जैकेट पहनी थी। दूसरा युवक लाल रंग की स्कूटी चला रहा था।

एएनआई के अनुसार, एसीपी जगदीश यादव ने बताया कि इस मामले में छात्रों की शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 307 और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अब मौक़े पर पहुँच कर पुलिस की जाँच जारी है। इस मामले के संबंध में गेट नंबर 5 और 7 की सीसीटीवी फुटेज खँगाल रही है।

बता दें, इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई है। लेकिन, इसी बीच सोशल मीडिया में जामिया के सामने अफरा-तफरी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। अब ये वीडियो कहाँ का और कब का है ये स्पष्ट नहीं हो पाया है। लेकिन कई लोग इसे कल की घटना की वीडियो बताकर शेयर कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले भी पैदल मार्च के दौरान एक नाबालिग ने पुलिस के सामने गोली चला दी थी, जिसमें शादाब नाम का युवक घायल हुआ था। इसके बाद एक शाहीन बाग में एक अन्य युवक ने भी गोली चलाई थी। पिछले एक हफ्ते में दिल्ली में इस तरह की यह तीसरी घटना है।

रामभक्त गुलशन नाम, फेसबुक ID, पत्रकार, नारे, गोली… कितना आसान है ये सब! सवाल बहुत हैं!

शाहीन बाग में गोली चलाने वाले युवक का मायावती ‘कनेक्शन-2017’, दिल्ली पुलिस पूछताछ में जुटी

मिलिए शादाब से: जामिया का कश्मीरी छात्र जिसे गोली लगी, पढ़िए इसके जहरीले फेसबुक पोस्ट

‘कॉमरेड कन्हैया मुर्दाबाद’ के नारों से हुआ स्वागत, बिहार के लोगों को समझाने गए थे CAA और NRC

सीएए और एनआरसी के खिलाफ बिहार में चल रहे प्रोपेगेंडा के तहत गाँव-गाँव घूम रहे सीपीआई के नेताओं को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान लोगों ने सीपीआई नेताओं को काले झंडे तो दिखाए ही साथ ही काफ़िले में मौजूद कन्हैया कुमार के ख़िलाफ़ जमकर मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। इस बीच कॉमरेड कन्हैया को गाँव से बाहर निकलना भारी पड़ गया।

इन दिनों बिहार में चल रही जन-गण-मन यात्रा के तहत भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (CPI) नेता और जेएनयू के ‘काम’रेड कन्हैया कुमार गाँव में आयोजित सभाओं में जाकर लोगों को सीएए के खिलाफ भड़का रहे, भ्रमित कर रहे हैं। इसी यात्रा के दौरान रविवार को कन्हैया कुमार की एक सभा बिहार के शिवहर जिले में थी। यहाँ पहुँचे कन्हैया ने लोगों को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह सीएए को लागू कर देश को बाँटने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें वह कभी सफल नहीं होंगे। इसके बाद कन्हैया की एक सभा सीतामढ़ी के पास होनी थी।

सीएए का विरोध करने पर लोगों ने कन्हैया कुमार को दिखाए काले झंडे (साभार- दैनिक जागरण)

अपने अगले कार्यक्रम के लिए कन्हैया जैसे ही शिवहर से निकलकर सीतामढ़ी की ओर जा रहे थे, तो रास्ते में खड़े लोगों ने उनकी गाड़ी को जबरन रोकने की कोशिश की। इस बीच ग्रामीणों ने पहले तो कन्हैया को काले झंडे दिखाए और फिर जमकर कॉमरेड कन्हैया मुर्दाबाद के नारे लगाए। लेकिन पुलिस ने कन्हैया को सुरक्षा घेरे में लेकर सभा स्थल तक सुरक्षित पहुँचाया। इससे पहले कन्हैया के काफिले को शहर के अंदर पुनौरा में भी रोकने की कोशिश की गई। वहाँ भी युवाओं ने काले झंडे दिखाकर कन्हैया मुर्दाबाद के नारे लगाए।

बीते शनिवार को भी सीएए के ख़िलाफ़ चल रही प्रोपेगेंडा यात्रा के दौरान कन्हैया कुमार के काफ़िले पर छपरा में पथराव करने की कोशिश की गई थी। इस हमले में कन्हैया की गाड़ी के शीशे टूट गए थे जबकि कन्हैया बाल-बाल बच गए थे।

आपको बता दें कि देशद्रोह के आरोप में मुकदमा झेल रहे कन्हैया कुमार ने सीपीआई के टिकट पर मंत्री गिरिराज सिंह के सामने बेगूसराय से लोकसभा का चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें बुरी हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से वह अपनी जमीन तलाश करने में जुटे हुए हैं।

मोतिहारी से ​हिरासत में लिए गए कन्हैया कुमार

मोदी के कहने पर फोर्ब्स में कन्हैया का नाम, शेहला ने नए नोट पर लिख दिया- कन्हैबा बेब्फा है

विश्व हिंदू महासभा अध्यक्ष रंजीत के हत्यारे शॉल ओढ़े CCTV में कैद! पुलिस ने रखा है ₹50000 का इनाम

विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रंजीत सिंह की हत्या में यूपी पुलिस को एक अहम सुराग हाथ लगा है। यूपी पुलिस को एक CCTV कैमरे से दो संदिग्धों की तस्वीरें मिली हैं। इन तस्वीरों को एक पुख्ता सुराग के रूप में पुलिस देख रही है। वहीं इन तस्वीरों को जारी करते हुए यूपी पुलिस ने हत्यारों की पहचान कर सूचना देने वालों के लिए 50 हज़ार रुपए का इनाम रखा है।

रविवार को लखनऊ में दिन दहाड़े हुई विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष की हत्या ने यूपी पुलिस को हिला कर रख दिया है। इसके बाद से पुलिस हत्यारों की तलाश में जुट गई है। यूपी पुलिस ने तेजी दिखाते हुए रविवार को ही एक CCTV कैमरे की रिकॉर्डिंग निकलवाई, जिसमें दो संदिग्ध लोग दिखाई दे रहे हैं। इनमें से एक युवक ने शॉल भी ओढ़ रखा है। पुलिस ने 50 हजार का इनाम रखते हुए कहा है कि हत्यारों की पहचान करके बताने वाले या इस हत्याकांड में सुराग देने वालों को यह राशि दी जाएगी। पुलिस ने साफ़ किया है कि पुलिस को सूचना देने वाले की पहचान छिपाकर रखी जाएगी।

उधर यूपी पुलिस ने जल्द घटना को उजागर करने और हत्यारों को पकड़ने के लिए 9 टीमों को लगा दिया है। वहीं घटना स्थल के आस-पास के कई CCTV कैमरों को पुलिस खँगालने में लगी हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि CCTC कैमरों की मदद से जल्द ही हत्या के आरोपितों की पहचान उजागर की जा सकती है।

आपको बता दें कि लखनऊ में एक बार फिर से हिंदूवादी नेता को निशाना बनाया गया है। रविवार सुबह 6 बजे रोड़ पर टहलने के दौरान अचानक से आए बदमाशों ने विश्व हिन्दू महासभा के अध्यक्ष रंजीत बच्चन की गोली मार कर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि रणजीत सिंह हत्या के दौरान एक हत्यारे ने शॉल ओढ़ रखा था, जिसने हथियार दिखाकर मोबाइल छीनने का प्रयास किया था। गौरतलब है कि बीते साल लखनऊ में ही हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई थी।

CAA के समर्थन में हिंदूवादी नेता रंजीत बच्चन ने की थी रैली, 1 दिन पहले ही मनाया था जन्मदिन

लखनऊ के हजरतगंज में विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष की हत्या, सिर में गोली मार बाइक सवार फरार

भारतीय भैंस ने बांग्लादेश में मचाई तबाही: एक महिला की मौत, 7 घायल – भैंस के खिलाफ FIR दर्ज

भारत से बांग्लादेश की सीमा में अचानक से एक भैंस चली गई। उसने सीमा के निकटवर्ती गाँव में ग्रामीणों पर हमला बोल दिया। इस हमले में 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी बीच अस्पताल में भर्ती कराने से पहले ही एक बांग्लादेशी महिला ने दम तोड़ दिया। इस के बाद बांग्लादेश पुलिस ने भारतीय भैंस को हिरासत में लेकर उसके ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज किया है।

द डेली स्टार न्यूज़ की ख़बर के मुताबिक ओसीए ने ग्रामीणों के हवाले से बताया कि भारत से एक भैंस पुटिया सीमा क्षेत्र के निकट से प्रवेश कर गई। पुटिया गाँव को पार करने के बाद भैंस ने नजदीकी गाँव गौरंगोला में घुसकर ग्रामीणों पर हमला कर दिया। इस दौरान भैंस ने गाँव में काफी देर तक तांडव मचाया, जिसमें गाँव के करीब आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

वहीं सूचना मिलने पर पहुँची पुलिस ने सभी घायलों को कमिला के विभिन्न अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया। हालाँकि अभी तक सभी घायलों के नामों की जानकारी नहीं हो सकी है। वहीं संबंधित थाना इंचार्ज ने जानकारी देते हुए बताया कि इसी बीच गाँव गौरंगोला की 65 वर्षीय महिला सफ़िया बेगम पत्नी मुख्तार हुसैन ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

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शाहीन बाग में गोली चलाने वाले युवक का मायावती ‘कनेक्शन-2017’, दिल्ली पुलिस पूछताछ में जुटी

शाहीन बाग में दिनदहाड़े गोली चलाने वाले कपिल ने यूपी विधानसभा चुनावों में मायावती की पार्टी के लिए चुनाव प्रचार किया था। इस बात का खुलासा सुरक्षा ऐंजेसियों ने युवक की फेसबुक प्रोफाइल से स्क्रीन शॉट्स लेकर किया है।

आरोपित युवक की फेसबुक प्रोफाइल से पता चला कि युवक ने यूपी के 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में बहुजन समाज पार्टी के लिए जमकर प्रचार किया था। उसने प्रचार के साथ-साथ फेसबुक पर मायावती की तारीफ में फोटो के साथ कई सारे पोस्ट भी किए थे। एक फेसबुक पोस्ट में युवक ने ‘जय भीम’ का नारा देते हुए बसपा अध्यक्ष मायावती का फोटो भी पोस्ट किया था, जिसमें सीपी सिंह नाम के व्यक्ति को टैग किया गया था। वहीं दूसरी पोस्ट में मायावती की एक रैली के फोटो पोस्ट किया गया था तो एक तीसरी फेसबुक पोस्ट में मायावती को सबसे अधिक सीटें दिखाने वाले एग्जिट पोल की तस्वीर को पोस्ट किया गया था।

फेसबुक पोस्ट को देखकर साफ़ प्रतीत होता है कि कपिल मायावती का बड़ा प्रशंसक है, जिसने मायावती के समर्थन में यूपी के विधानसभा चुनावों में जमकर प्रचार किया था। हालाँकि पेंच यह भी है कि जून 2017 से ही आरोपित युवक कपिल का फेसबुक अकाउंट बंद है। अब इसे लेकर पुलिस लगातार उससे पूछताछ कर रही है और पुलिस को उम्मीद है कि युवक से कुछ और अहम जानकारियाँ मिल सकती हैं।

कपिल बैंसला द्वारा मायावती के समर्थन में फेसबुक पर की गई पोस्ट (साभार- अमर उजाला)

दरअसल पिछले 51 दिनों से दिल्ली के शाहीन बाग में सीएए के ख़िलाफ़ चल रहे विरोध-प्रदर्शन की आड़ में उपद्रव के बीच बीते शुक्रवार को एक युवक ने अचानक से पहुँचकर दो राउँड गोली चला दी थी, जिसके बाद वहाँ सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के दौरान युवक ने ‘जय श्री राम’ के भी नार लगाए थे। इस दौरान युवक ने कहा था कि महीनों से लोग बिना इजाजत के रोड को जाम कर धरने पर बैठे हैं, जिससे आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

दरअसल नोएडा क्षेत्र के दल्लूपुरा का रहने वाला युवक कपिल ने देशी पिस्तौल से दो राउँड फायर किए थे, जिसे पुलिस ने तत्काल गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने मौके से दो कारतूस के खाली खोके भी बरामद किए थे। वहीं इस घटना को लेकर खुफिया एजेंसियाँ भी सतर्क हो गई हैं। इसके बाद से दिल्ली पुलिस लगातार आरोपित युवक से पूछताछ कर रही है। आपको बता दें कि देश में CAA के नाम पर विरोध-प्रदर्शन की आड़ में हो रहे उपद्रव और उसके बीच हो रही बयानबाजी से आहत होकर बीते दिनों एक नाबालिग युवक ने भी जामिया इलाके में गोली चला दी थी।

वहीं 51 दिनों से धरने के चलते बंद रोड से परेशान लोगों ने रविवार को सड़क खुलवाने के लिए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग करके लोगों की भीड़ को शाहीन बाग धरने की ओर जाने से रोक दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रहा।

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