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200 पूर्व सांसदों को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस, कॉन्ग्रेस ने बताया मोदी का निष्ठुर फरमान

लोकसभा की हाउसिंग कमिटी ने सभी पूर्व सांसदों को सरकारी आवास खाली करने के लिए 7 दिनों की समय सीमा दी है। कमिटी की अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि जो पूर्व सांसद सरकारी आवास खाली करने में आनाकानी कर रहे हैं, उनके घर में बिजली और पानी की सप्लाई काट दी जाएगी। ऐसा करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, 200 ऐसे पूर्व सांसद हैं जो अभी भी सरकारी आवासों में जमे हुए हैं।

नियम के मुताबिक़, अगर कोई सांसद दोबारा नहीं चुना जाता है तो उन्हें पिछली लोकसभा भंग होने के एक महीने के भीतर सरकारी आवास खाली करना होता है। 16वीं लोकसभा भंग हुए लगभग 3 महीने हो चुके हैं लेकिन पूर्व सांसद अभी भी सरकारी आवासों में डेरा जमा कर बैठे हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू में सांसदों के लिए बने डुप्लेक्स फ्लैट्स का उद्घाटन करते हुए भी इस पर बात की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नए सांसदों को दिल्ली पहुँचने के बाद आवास खोजने में काफ़ी समस्याएँ आती हैं। उन्होंने कहा कि अब इस समस्या के समाधान के लिए कोशिश हो रही है। पीएम ने कहा, “एक सांसद होने का अर्थ है कि आप किसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और उस क्षेत्र के लोग आपसे मिलने के लिए आते रहते हैं। ऐसे लोगों के लिए भी रहने की व्यवस्था करनी पड़ती है।“

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे आनंद शर्मा ने सांसदों को सरकारी आवास खाली करने वाली नोटिस को लेकर सीधा प्रधानमंत्री पर हमला बोला है। कॉन्ग्रेस नेता ने कहा कि ‘मोदी का यह निष्ठुर फरमान’ एक तरह की मनमानी है और भेदभाव करने वाला है। उन्होंने कहा कि एक पूर्व सांसद को क्लर्क ने भी कम वेतन मिलता है, जबकि केंद्रीय सचिवों को आवास खाली करने के लिए 6 महीने का लम्बा समय दिया जाता है।

सरकार ने एक लोकसभा पैनल का गठन किया था, जिसने पूर्व सांसदों को आवास खाली करने के लिए 7 दिनों की समय सीमा निर्धारित की। इसके बाद उन्हें हाउसिंग कमिटी की तरफ से नोटिस मिला।

महिला के साथ मारपीट: AAP विधायक मनोज कुमार को 7 दिन कैद की सजा

आम आदमी पार्टी के विधायक मनोज कुमार को दिल्ली की एक अदालत ने 2014 में महिला के साथ मारपीट के जुर्म में 7 दिन कैद की सजा सुनाई। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने कहा, “विधायक एक लोकसेवक हैं, इसलिए यह उनका दायित्व है कि वह उन लोगों से निष्पक्षता और विनम्रता से मिलें जो उनके पास समस्याएँ लेकर आते हैं।”

प्रोबेशन पर छोड़े जाने की अपील ठुकराते हुए अदालत ने कहा कि विधायक को पहले भी एक अन्य मामले में दोषी ठहराया गया है और 3 महीने की कैद और 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। इसलिए, इस मामले में निवारण के लिए सजा देना जरूरी है। अदालत ने बताया कि मनोज कुमार को आईपीसी की धारा 352 के तहत 7 दिनों की साधारण कैद और 500 रुपए का जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर का स्क्रीनशॉट

दोषी द्वारा सजा के खिलाफ अपील किए जाने की बात कहने के बाद अदालत ने मनोज कुमार को 10 हजार रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही रकम की जमानत राशि पर 30 दिनों के लिए जमानत दे दी।

गौरतलब है कि, 2014 में एक महिला AAP विधायक के पास जलभराव की शिकायत लेकर गई थी। महिला का आरोप था कि विधायक ने उसके साथ अभद्रता और मारपीट भी की। इससे पहले कोंडली सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक मनोज कुमार को 2013 में हुए विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया में बाधा डालने के मामले में दोषी पाया गया था।

चंद्रमा की कक्षा में चंद्रयान-2: दो सितंबर को अगली परीक्षा, 7 को साउथ पोल पर उतरेगा

भारत ने अंतरिक्ष में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। चंद्रयान- 2 मंगलवार (अगस्त 20, 2019) को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर गया। चंद्रयान-2 मंगलवार सुबह 9.02 बजे चंद्रमा की कक्षा में पहुँचा। 23 दिन पृथ्वी के चक्कर लगाने के बाद चंद्रमा की कक्षा में पहुँचने में इसे 6 दिन लगे।

चंद्रमा की कक्षा में पहुँचने के बाद यान 13 दिन तक चक्कर लगाएगा। 7 सितंबर को वह चंद्रमा के ‘साउथ पोल’ पर उतरेगा।

चंद्रयान- 2 के चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश करने के तुरंत बाद इसरो के अध्यक्ष के सिवन ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि चंद्रयान -2 में चंद्रमा की कक्षा में भारत के चंद्रयान का प्रवेश 30 मिनट का तनावपूर्ण ऑपरेशन था। जैसे-जैसे समय निकल रहा था तनाव और चिंता बढ़ती जा रही थी, लेकिन यान के चंद्रमा कक्ष में सफलतापूर्वक प्रवेश करना राहत और खुशी की बात है। उन्होंने कहा, “हम एक बार फिर से चाँद पर जा रहे हैं।”इस यात्रा का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव दो सितंबर को आएगा।

इससे पहले सोमवार (अगस्त 19, 2019) को सिवन ने बताया था कि चाँद की कक्षा में आने के बाद चंद्रयान-2 चाँद की चार कक्षाओं से होकर गुजरेगा, जिसके बाद यह चाँद की अंतिम कक्षा में दक्षिणी ध्रुव पर करीब 100 किमी ऊपर से गुजरेगा। इसी दौरान 2 सितंबर को यान का विक्रम लैंडर ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा। विक्रम चार दिन तक 30 गुणा 100 किमी के दायरे में चाँद का चक्कर लगाएगा। इसके बाद यह चाँद के दक्षिणी ध्रुव में सतह पर 7 सितंबर को प्रवेश करेगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक, चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग इसरो के लिए इस मिशन की सबसे बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि वहां हवा नहीं चलती और गुरुत्वाकर्षण बल भी हर जगह अलग-अलग होता है।

ममता दीदी के राज में बंगाल के बच्चे ‘मिड डे मील’ के नाम पर खा रहे नून-भात

ममता बनर्जी के राज में पश्चिम बंगाल के बच्चे मिड डे मील में चावल और नमक खाने को विवश हैं। हुगली के बालिका बानी मंदिर स्कूल में छात्रों को ‘मिड डे मील’ के नाम पर नून-चावल दिया जा रहा है। इसकी सूचना मिलते ही हुगली की सांसद व बंगाल भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष लॉकेट चटर्जी ने स्कूल का औचक निरीक्षण किया और ख़बर को सही पाया।

सांसद ने देखा कि न सिर्फ़ छात्रों को नून-चावल खिलाया जा रहा है, बल्कि बोर्ड पर मेनू में भी नून-चावल लिखा हुआ है। इस प्रकरण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। स्कूल में कुल 1200 छात्र-छात्राएँ हैं, जिनमें से कक्षा पाँचवीं से आठवीं तक के 600 छात्र-छात्राओं को नमक-चावल खाने में दिया जा रहा है। चिनसुरा नगरपालिका के अध्यक्ष के अध्यक्ष टीएमसी नेता गौरीकान्त मुखर्जी उक्त स्कूल की मैनेजिंग कमिटी के अध्यक्ष हैं। भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने गौरीकान्त मुखर्जी पर सरकारी फंड्स के दुरूपयोग का आरोप लगाया है।

स्कूल में पिछ्ले एक हफ्ते से बच्चों को लंच में नमक-चावल दिया जा रहा था। स्कूल में टीचर इंचार्ज भी नहीं है, जिसके हस्ताक्षर के बाद मिड डे मील के लिए ज़रूरी सामान ख़रीदे जाते हैं। हुगली के डीएम ने कहा कि मामले की जाँच के लिए कमिटी गठित की गई है और जो भी दोषी पाए जाएँगे, उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी। राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सांसद लॉकेट चटर्जी ने कहा कि सूचना मिली थी कि छात्रों के मिड डे मील के लिए 25,000 रुपए में 5000 अंडे ख़रीदे गए हैं लेकिन फिर भी छात्रों को खाने के लिए एक भी अंडा नहीं दिया गया। स्कूल में मिड डे मील के लिए रखा 257 किलो चावल गायब हो गया है। सांसद चटर्जी ने पूछा कि किस मंत्री या नेता ने बच्चों के खाने के साथ बेईमानी की है?

तृणमूल नेता गौरीकान्त मुखर्जी ने मिड डे मील इंचार्ज के रूप में जबरन अपने विश्वस्त शिक्षक को नियुक्त कर दिया था लेकिन अन्य शिक्षकों द्वारा उच्चाधिकारियों को शिकायत करने के बाद इस प्रक्रिया को रोकना पड़ा। इस वर्ष जून में सिर्फ़ 18 दिन ही बच्चों को मिड डे मील दिया गया। मुखर्जी ने आरोप लगाया है कि कुछ शिक्षकों ने एक योजना के तहत जानबूझ कर छात्रों को नून-चावल दिया ताकि भाजपा इसे एक मुद्दा बना सके।

केरल: रेपिस्ट पादरी के खिलाफ आवाज उठाने वाली नन को बंधक बनाया, प्रार्थना करने से रोका

केरल की सिस्टर लूसी कलपूरा को कॉन्वेंट में बंधक बनाने और प्रार्थना से रोके जाने का मामला सामने आया है। घटना सोमवार की है। कलपूरा को बंधक बनाने के आरोप में कॉन्वेंट के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

रेप के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ कोच्चि में हुए प्रदर्शनों में शामिल होने के कारण सिस्टर लूसी को पिछले दिनों चर्च की गतिविधियों से दूर कर कुराविलंगद कॉन्वेंट स्कूल छोड़ने के कहा गया था। उन्होंने इसके खिलाफ रोम के कैथोलिक चर्च में अपील कर रखी है।

लूसी ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से कॉन्वेंट में नहीं थीं। रविवार को लौटी। सोमवार की सुबह जब प्रार्थना के लिए तैयार हुई तो कॉन्वेंट से निकल नहीं पाई। उसे बाहर से बंद कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस के दखल के बाद कॉन्वेंट का गेट खोला गया।

कैथोलिक क्रिश्चन सोसायटी फ्रासिस्कन क्लेरिस्ट कॉन्ग्रिगेशन (FCC) के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि संगठन से बर्खास्तगी के बाद उन्हें 17 अगस्त को कॉन्वेंट छोड़ देना चाहिए था। एफसीसी के अधिकारियों ने कलाप्पुरा की 85 वर्षीय माँ को भी फैसले से अवगत कराते हुए उन्हें वापस ले जाने के लिए कहा है।

लूसी का कहना है कि संगठन उन्हें कानूनी रूप से कॉन्वेंट छोड़ने के लिए नहीं कह सकता क्योंकि उन्होंने बर्खास्तगी फैसले के खिलाफ वेटिकन में अपील दायर कर रखी है।

गौरतलब है कि, सिस्टर लूसी ने दुष्कर्म के आरोपित बिशप के खिलाफ कार्रवाई की माँग को लेकर विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। उसके बाद FCC की उच्चस्तरीय समिति ने 11 मई को लूसी को बर्खास्त कर दिया। 7 अगस्त को उन्हें 10 दिनों के भीतर कॉन्वेंट खाली करने का फरमान सुनाया गया था।

₹354 करोड़ के बैंक घोटाले में कमलनाथ के भाँजे रतुल पुरी को ED ने गिरफ्तार किया

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भाँजे व मोजर बिअर के पूर्व कार्यकारी निदेशक रतुल पुरी को 354 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है। रतुल पुरी को सोमवार (अगस्त 19, 2019) देर रात गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से दायर 354 करोड़ रुपए के बैंक घोटाले में की गई है।

रतुल पुरी की गिरफ्तारी के बाद मोजर बिअर ने बयान जारी कर गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। कंपनी का कहना है कि उसने सभी कानून का पालन किया है।

बता दें कि, रतुल पुरी के खिलाफ शनिवार (अगस्त 17, 2019) को सीबीआई ने केस दर्ज किया था। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 354.51 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में रतुल पुरी के अलावा कंपनी मोजर बिअर इंडिया लिमिटेड (एमबीआईएल), कंपनी के प्रबंध निदेशक दीपक पुरी (रतुल के पिता), कंपनी की पूर्णकालिक निदेशक नीता पुरी (रतुल की माँ और कमलनाथ की बहन) के साथ ही कंपनी के अन्य निदेशक संजय जैन और विनीत शर्मा के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि इन पर आपराधिक षड्यंत्र रचने, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार के आरोप हैं। सेंट्रल बैंक ने एक बयान में बताया कि रतुल ने 2012 में कार्यकारी निदेशक के पद से इस्तीफा दे दिया था, जबकि उनके माता-पिता निदेशक मंडल में बने रहे। एफआईआर दर्ज होने के बाद जाँच एजेंसी ने दिल्ली में ओखला इंडस्ट्रियल एरिया स्थिर मोजर बिअर के ऑफिस और न्यू फ्रेंड्स कॉलेनी स्थित पुरी आवास समेत 6 जगहों पर छापे मारे थे।

बैंक ने अपनी शिकायत में कहा था कि कंपनी ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से अनुमति लिए बिना सहायक कंपनियों की ओर से 2051.87 करोड़ रुपए की कॉर्पोरेट गारंटी दी। एमबीआईएल ने 29 नवंबर, 2014 को अनुचित तरीके से बैंक को 354.51 करोड़ रुपए का नुकसान पहुँचाया, जिससे कंपनी को गैरकानूनी तरीके से लाभ हासिल हुआ।

J&K: शेहला रशीद को कॉन्ग्रेस नेता सलमान निजामी ने फटकारा, कहा- सैन्य प्रताड़ना का दावा झूठा

जेएनयू की पूर्व छात्र नेता शेहला रशीद के दावों की हवा कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले कॉन्ग्रेस नेता सलमान निजामी ने निकाल दी है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में सैन्य प्रताड़ना के शेहला के दावों को झूठा बताया है। इन दावों को सेना पहले ही खारिज कर चुकी है। इस बीच, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शेहला के खिलाफ जॉंच शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया पर कॉन्ग्रेस नेता सलमान निजामी ने शेहला के दावों को खारिज करते हुए लिखा, “कुछ पत्थरबाज और अलगाववादी गिरफ्तार किए गए हैं। कश्मीर में हिंसा की आशंका होने पर ऐसा होना सामान्य बात है। मैंने स्थानीय लोगों और पत्रकारों से बात की है। लोगों को डराने के लिए सार्वजनिक तौर पर युवकों को सेना द्वारा प्रताड़ित करने की कोई घटना नहीं हुई है। राजनीतिक लाभ के लिए फेक न्यूज फैलाने से बचें!”

उन्होंने लिखा, “मैं हैरान हूँ क्योंकि स्थानीय कश्मीरियों को भी इस बात की खबर नहीं है कि सेना लोगों को डराने के लिए युवकों को यातनाएँ दे रही है, तो आखिर कैसे कुछ कार्यकर्ता दिल्ली के 5 सितारा होटल में बैठकर इस संबंध में जानकारी जुटा रहे हैं? रिट्वीट्स और मीडिया हाइप के लिए कुछ भी!”

बता दें शेहला ने अपने ट्वीट पर सेना पर निशाना साधते हुए कहा था कि जम्मू-कश्मीर में सशस्त्र बल रात में घरों में प्रवेश कर रहे हैं, लड़कों को उठा रहे हैं, घरों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। उन्होंने इस दौरान दावा किया था कि शोपियाँ में चार लोगों को सेना के शिविर में पूछताछ (यातना) के लिए बुलाने के बाद उनके पास एक माइक रखा गया था ताकि पूरा इलाका उनकी चीख सुन आतंकित हो जाए।

शेहला के इन दावों को भारतीय सेना ने रविवार को निराधार बताया था। सेना ने कहा था, “असामाजिक तत्व और संगठन लोगों को भड़काने के लिए फर्जी खबरें फैला रहे हैं।” इसके बाद जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट की नेता शेहला रशीद के प्रोपगेंडा के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने याचिका दायर की।

श्रीवास्तव ने दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक को सोमवार को दी अपनी शिकायत में कहा है कि शेहला की ओर से कश्मीर पर किए गए ट्वीट पूरी तरह से गलत और मनगढ़ंत हैं।

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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल शिकायत की जाँच कर रही है।

अनुराग कश्यप ने Sacred Games में किया सिखों का अपमान: गुरुद्वारा कमिटी के अध्यक्ष का आरोप

शिरोमणि अकाली दल के नेता और दिल्ली के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने विवादित फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप पर आरोप लगाया है कि उन्होंने नेटफ्लिक्स की सेक्रेड गेम्स सीजन 2 में धार्मिक चिह्नों का अपमान करके सिखों की भावनाओं को ठेस पहुँचाया। सिरसा दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमिटी के अध्यक्ष भी हैं।

अपने एक ट्वीट में सिरसा ने अनुराग कश्यप पर निशाना साधते हुए कहा, “मैं हैरान हूँ कि बॉलीवुड लगातार हमारे धार्मिक चिह्नों को अपमानित कर रहा है! अनुराग कश्यप ने जान-बूझ कर सेक्रेड गेम्स के सीजन 2 में ऐसा दृश्य डाला है जहाँ सैफ अली खान अपना कड़ा समुद्र में फेंक देते हैं। कड़ा कोई आम जेवर नहीं है। ये सिखों का गुरूर है और गुरु साहिब का आशीर्वाद है।”

बता दें ‘कड़ा’ या ‘करा’ का महत्व सिखों के लिए इसलिए इतना है क्योंकि ये उन ‘पंज ककार’ का ही एक हिस्सा हैं जिन्हें एक सिख हमेशा धारण किए रहते हैं। बाकी चार केश, कंघा, कछेरा और कृपाण हैं। ‘पंज ककार’ की प्रथा को सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह द्वारा शुरू किया गया था। उन्होंने 1699 में सभी सिखों को इसे धारण करने का आदेश दिया था। इसलिए सिख समुदाय के लोगों का मानना है कि पाँच ककार सिर्फ़ उनके सिख होने का ही सूचक नहीं हैं, बल्कि ये ऐसा विश्वास है जो उन्हें सामूहिक रूप से एक अलग पहचान देता है और उनके सिख रहने के विश्वास को जीवित रखता है।

रही बात अब अनुराग कश्यप की तो उनके द्वारा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का काम पहली बार नहीं किया गया है। इससे पहले भी वह अपने निर्देशन में हिंदू-फोबिक कंटेंट दिखाकर लोगों के निशाने पर आ चुके हैं। अपने शो के जरिए वह भारतीय संस्कृति और खासकर हिंदुओं के ख़िलाफ़ घृणा और आपत्तिजनक सामग्री फैलाने का काम करते है। शायद इसलिए अपना कारनामों से मिलने वाली आलोचना को देखने से पहले वो ट्विटर से नौ दो ग्यारह हो गए हैं।

रुनुमा को धोखा दे मोहिदुल ने दूसरी लड़की से की निकाह, चाकू घोंप लिया बेवफाई का बदला

असम के नगाँव में सोमवार (अगस्त 20, 2019) को एक प्रेमिका ने अपने प्रेमी की चाकू घोंपकर हत्या कर दी। घटना दिन दहाड़े बारपेटा जिले के नगाँव स्थित बाउसी बनिकांता ककाती (बीबीके) कॉलेज के सामने घटी। लड़की की पहचान 19 वर्षीय रुनुमा अहमद के रूप में हुई। वह BBK कॉलेज में प्रथम वर्ष की छात्रा है। लड़के का नाम मोहिदुल था और वह अपनी स्नातक पूरी कर चुका था।

जानकारी के मुताबिक रुनुमा और मोहिदुल के बीच 7 साल से प्रेम संबंध था। लेकिन तीन दिन पहले 27 वर्षीय मोहिदुल ने किसी और लड़की से शादी कर ली। मोहिदुल की शादी की बात सुन रुनुमा सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई और पूरी वारदात को अंजाम देने का मन बनाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार लड़की ने जिस समय हत्या की उस वक्त वो कॉलेज की यूनिफॉर्म में थी। उसने लड़के को घटनास्थल पर बुलाया। जहाँ लड़का अपने दोस्त के साथ पहुँचा। दोनों कोने में खड़े होकर बात करने लगे। लेकिन थोड़ी ही देर में लड़की ने अपने बैग से चाकू निकालकर वार कर दिया। लड़का चिल्लाया तो दोस्त उसके पास भागा। उसने देखा कि लड़का खून से लथपथ नीचे पड़ा हुआ था। दोस्त ने उसे अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन बारपेटा के अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया घटना के बाद से रुनुमा फरार है।

अब मलेशिया से भी ज़हर नहीं उगल सकेगा ज़ाकिर नाइक: ‘बोलने’ पर लगा प्रतिबन्ध तो माँगी माफ़ी

मलेशिया ने ज़ाकिर नाइक के ख़िलाफ़ बड़ी कार्रवाई की है। ज़ाकिर नाइक पर मलेशिया में कहीं भी सार्वजनिक रूप से बोलने पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। अब वह मलेशिया के किसी भी राज्य में सार्वजनिक सभाओं में नहीं बोल पाएगा और न ही किसी भी जमावड़े को सम्बोधित कर सकेगा। मलेशिया की रॉयल पुलिस ने सभी राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों को इस सम्बन्ध में सूचित कर दिया है। मलेशिया की पुलिस ने कहा कि यह निर्णय ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ के हित में और ‘सामाजिक सद्भावना’ बनाए रखने के लिए लिया गया है।

ज़ाकिर नाइक ने हाल ही में हिन्दुओं के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक बयान दिया था। मलेशिया के प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने भी स्वीकार किया था कि ज़ाकिर का रेसियल बयान बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। प्रधानमंत्री महाथिर ने साफ़-साफ़ कहा था कि ज़ाकिर नाइक ने सीमा लांघी है। ज़ाकिर नाइक की भारतीय एजेंसियों को भी तलाश है। मनी लॉन्ड्रिंग से लेकर हेट स्पीच तक के मामले उसके ख़िलाफ़ चल रहे हैं। मलेशिया में अपने ख़िलाफ़ कार्रवाई से बौखलाए ज़ाकिर ने वहाँ के कई नेताओं को ही कोर्ट में घसीट लिया।

अब ज़ाकिर नाइक ने अपने बयान को लेकर माफ़ी माँगते हुए कहा है कि वह रेसिस्ट नहीं है और उसके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उसने कहा कि किसी भी व्यक्ति या समुदाय की भावना को चोट पहुँचाना इस्लाम के ख़िलाफ़ है और अगर कोई गलतफहमी हुई है तो वह माफ़ी माँगता है। उसने डर जताया कि ऐसे विवादों के कारण लोगों का इस्लाम से भरोसा उठ जाएगा। ज़ाकिर नाइक ने कहा था कि मलेशिया के हिन्दू यहाँ के पीएम महाथिर की तुलना में नरेंद्र मोदी के प्रति ज्यादा वफादार हैं।

इसके अलावा ज़ाकिर नाइक ने चीनियों को भी ‘पुराना मेहमान’ बताते हुए मलेशिया से चले जाने को कहा था। पेनांग के उपमुख्यमंत्री रामासामी ने कहा कि मलेशिया को ज़ाकिर नाइक का असली रंग समझने में समय लग गया। ज़ाकिर ने उनके ख़िलाफ़ भी कोर्ट में मामला दर्ज कराया है। नाइक को भगोड़ा बताते हुए रामासामी ने कहा कि चीनी और भारतीय कई पीढ़ियों से मलेशिया में रह रहे हैं और आज तक किसी रेसिस्ट व्यक्ति ने भी उन पर सवाल नहीं उठाए। उन्होंने ज़ाकिर नाइक को मलेशिया से बाहर भेजने की माँग की।

पेनांग के उपमुख्यमंत्री प्रोफेसर रामासामी ने ज़ाकिर नाइक को निशाने पर लिया

मलेशिया के पूर्व पुलिस प्रमुख रहीम नूर ने सरकार से माँग की थी कि ज़ाकिर नाइक का ‘परमानेंट रेजिडेंट’ समाप्त कर उसे भारत को सौंप दिया जाए, क्योंकि उसने आपराधिक कार्य किया है। ज़ाकिर नाइक ने अपने विवादित बयान में कहा था कि मलेशिया में रहने वाले हिन्दुओं को भारत में रह रहे अल्पसंख्यकों से सौ गुना ज्यादा अधिकार मिलते हैं।