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Article 370: जम्मू में धारा-144 हटते ही पटरी पर लौटी ज़िंदगी, स्कूल-कॉलेज पहुँचे छात्र

जम्मू-कश्मीर को विशेषाधिकार देने वाले अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को ख़त्म करने और इसे दो हिस्से में विभाजित कर केंद्र शासित प्रदेश बनाने के सरकार के फ़ैसले के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। शुक्रवार (9 अगस्त) की शाम को जम्मू से धारा-144 (चार से अधिक लोगों के एक साथ होने पर रोक) हटा दी गई थी। इससे पहले घाटी की स्थानीय मस्जिदों में जुम्मे की नमाज के लिए कर्फ़्यू में ढील दी गई थी।

जम्मू ज़िले की सुषमा चौहान ने बताया कि धारा-144 के आदेश को जम्मू म्यूनिसिपल से वापस ले लिया गया है। बता दें कि गत 5 अगस्त को वहाँ धारा-144 लगाई गई थी। 

आज (10 अगस्त) जम्मू की सड़कों पर आम दिनों की तरह हलचल देखने को मिली, बच्चे बसों से स्कूल जाते दिखे। फ़िलहाल, सभी गतिविधियाँ सामान्य हैं, लेकिन फिर भी प्रशासन की नज़र हालात पर लगातार बनी हुई है। इंटरनेट सेवाएँ अभी भी बंद हैं।

राज्यपाल सत्यपाल मलिक के अनुसार, श्रीनगर के लोग बकरीद मना सकें इसके लिए प्रशासन ने राज्य में सभी आवश्यक इंतज़ाम कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में दो महीने का राशन है, पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी का स्टॉक मौजूद है। जम्मू में बकरीद की तैयारियों को लेकर आज दुकानें, बाज़ार खुल गए हैं।

कुमारस्वामी थे CM, टेप में अहमद पटेल का नाम, लेकिन शेखर गुप्ता की नज़र में येदियुरप्पा दोषी

एडिटर्स गिल्ड वाले शेखर गुप्ता ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा को उस मामले में घसीटने की कोशिश की है, जिसमें कहीं उनका नाम भी नहीं है। जिस मामले में कॉन्ग्रेस नेताओं पर आरोप लगे हैं, ‘द प्रिंट’ के शेखर गुप्ता ने उसे भाजपा नेता येदियुरप्पा का स्कैंडल बता डाला। जब लोगों ने उनसे पूछा कि इस पूरी ख़बर में येदियुरप्पा का नाम कहाँ है, तो वह चुप्पी साध गए।

दरअसल, ‘न्यूज़ 18 कन्नड़’ ने एक ऑडियो टेप जारी किया है जो 6 महीने पुराना है। इस टेप में कर्नाटक के आईपीएस अधिकारी भास्कर राव किसी फराज नामक व्यक्ति से बात कर रहे हैं, ताकि वह बेंगलुरू के पुलिस कमिश्नर बन सकें। इस क्लिप में फराज कॉन्ग्रेस नेता अहमद पटेल का नाम लेकर कहता है कि वह भूपिंदर हुड्डा से मिलने में व्यस्त हैं, उनके लौटते ही वह राव की पैरवी करेगा।

इस टेप में कॉन्ग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल का भी नाम आता है। फराज इस टेप में बार बार ‘AP साहब’ का नाम लेता है और ‘राहुल जी’ से मिलने की बात भी करता है। इस ऑडियो टेप में फराज कहता है कि जेडीएस सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा और अहमद पटेल की काफ़ी अच्छी बनती है, इसीलिए अहमद पटेल के कहने से काम हो जाएगा। इस टेप में केवल कॉन्ग्रेस नेताओं का ही नाम सामने आता है लेकिन शेखर गुप्ता ने अपनी ट्वीट में न जाने कहाँ से येदियुरप्पा को ब्लेम कर दिया।

ये ऑडियो टेप असत्यापित है, अर्थात ‘न्यूज़ 18 कन्नड़’ अथवा ‘द प्रिंट’ ने इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं की है, अतः ऑपइंडिया भी इसकी पुष्टि नहीं करता। लेकिन, जिस ऑडियो टेप में कॉन्ग्रेस नेताओं की मदद से पिछले दरवाजे से कमिश्नर बनाए जाने की बात सामने आ रही है, उसमें येदियुरप्पा दोषी कैसे? यह येदियुरप्पा का स्कैंडल कैसे हुआ? यह ऑडियो टेप भी 6 महीने पुराना है, अर्थात उस समय एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री थे और राज्य में जेडीएस-कॉन्ग्रेस की गठबंधन सरकार थी।

उन्नाव रेप केस: ड्राइवर-क्लीनर के होंगे ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट, CBI को मिली इजाजत

उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार को टक्कर मारने वाले ट्रक चालक आशीष कुमार पाल और क्लीनर मोहन श्रीवास का नार्को टेस्ट और ब्रेन मैपिंग होगी। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट सुब्रत पाठक ने CBI को ड्राइवर और क्लीनर के नार्को टेस्ट, ब्रेन मैपिंग टेस्ट और ब्रेन फिंगर प्रिन्टिंग टेस्ट कराने की अनुमति दे दी है। आरोपितों की जाँच कराने की अनुमति CBI ने शुक्रवार (09 अगस्त) को माँगी थी।

ख़बर के अनुसार, CBI के डिप्टी एसपी राम सिंह ने बताया कि इस मामले की विवेचना के लिए ट्रक ड्राइवर और क्लीनर का टेस्ट कराया जाना बेहद ज़रूरी है। इसके मद्देनज़र सुनवाई करते हुए विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने यह आदेश दिया। इसके अलावा कोर्ट ने दोनों आरोपितों को 14 अगस्त तक CBI कस्टडी में भी भेज दिया है।

ग़ौरतलब है कि दुष्कर्म पीड़िता और उनके वकील 28 जुलाई को रायबरेली में एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस हादसे में पीड़िता के दो रिश्तेदार की मौत हो गई थी। इसके बाद 30 जुलाई को पीड़िता के चाचा महेश सिंह ने एक्सीडेंट के मामले में बीजेपी से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत अन्य के ख़िलाफ़ हत्या, हत्या की साज़िश, हत्या की कोशिश और जानमाल की धमकी की धाराओं में FIR दर्ज कराई थी

बता दें कि दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को कुलदीप सिंह सेंगर के ख़िलाफ़ रेप के मामले में आरोप तय किए थे।

Article 370: रूस भी भारत के साथ, कहा- संवैधानिक दायरे में मोदी सरकार का फैसला

जम्मू-कश्मीर के ताज़ा घटनाक्रम पर रूस ने पाकिस्तान को करारा झटका देते हुए भारत के क़दम का समर्थन किया है। रूस के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि जम्मू कश्मीर पर भारत द्वारा लिया गया निर्णय भारतीय संविधान के अनुरूप है।

इससे पहले इस मसले पर तालिबान ने पाकिस्तान को लताड़ा था और चीन ने भी निराश किया था। रूस के ने कहा है कि उसने भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्ते सामान्य रखने का लगातार समर्थन किया है। तथ्यों की गहन पड़ताल करने के बाद वह इस फैसले पर पहुँचा है कि भारत ने अपने संविधान के दायरे में रहते हुए फैसला किया है। साथ ही उसने दोनों देशों को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से द्विपक्षीय मसलों को सुलझाने की सलाह दी और आशा जताई कि हालत सामान्य हो जाएँगे। रूस ने कहा है, “उसे उम्मीद है कि जम्मू -कश्मीर पर ताजा निर्णय के बाद भारत और पाकिस्तान इलाके में हालात बिगड़ने नहीं देंगे।”

रूस का खुलकर साथ आना पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग करने में लगे भारत की कूटनीतिक जीत भी है। बता दें कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अहम प्रावधानों को निरस्त कर विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया है। राज्य को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का निर्णय लिया गया है। जहाँ जम्मू कश्मीर विधायिका सहित यूटी होगा वहीं लद्दाख विधायिका रहित यूटी होगा।

पाकिस्तान ने भारत के इस निर्णय पर आपत्ति जताई और वहाँ की संसद में इसे लेकर बहस भी हुई। उसने संयुक्त राष्ट्र में शिकायत करने की धमकी दी है। हालाँकि, UNSC उसकी प्रतिक्रिया पर टिप्पणी से इनकार कर चुका है।

कॉन्ग्रेस नेता गिरफ्तार: Whatsapp पर पार्टी की महिला नेताओं को भेजा पोर्न वीडियो

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो शेयर करने के आरोप में पुलिस ने स्थानीय कॉन्ग्रेस नेता पवन दुबे को गिरफ्तार कर लिया है। बिलासपुर जिले के पेंड्रा गौरेला क्षेत्र की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) प्रतिभा तिवारी ने शुक्रवार (अगस्त 9, 2019) को बताया कि जिले के पेन्ड्रा-गौरेला में कॉन्ग्रेस के जिला संयुक्त सचिव ने सोशल मीडिया व्हाट्सएप के एक ग्रुप में आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो शेयर किया था। जिसके बाद कॉन्ग्रेस की महिला नेताओं की शिकायत पर आरोपित पवन दुबे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पेंड्रा, गौरेला और मरवाही के ब्लॉक कॉन्ग्रेस के पदाधिकारियों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। इसमें महिला नेताओं के साथ ही प्रदेश कॉन्ग्रेस के बड़े नेता भी जुड़े हुए हैं। किसी भी सूचना व कार्यक्रम की जानकारी इसी ग्रुप के जरिए पदाधिकारियों को दी जाती है। पवन दुबे ने इसी ग्रुप में मंगलवार (अगस्त 6, 2019) को एक पोर्न वीडियो शेयर कर दिया। दुबे ने ग्रुप में एक युवती का अश्लील वीडियो पोस्ट किया था और ”अनुच्छेद 370 हटने के बाद आया पहला रुझान” लिखा था। इस वीडियो को देखकर महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी पदाधिकारियों के समक्ष आपत्ति जताई और आरोपित पवन दुबे को वीडियो हटाकर व्हाट्सएप ग्रुप में माफी माँगने के लिए कहा। लेकिन, न तो उसने वीडियो हटाया और न ही माफी माँगी।

दुबे द्वारा वीडियो नहीं हटाने और माफी नहीं माँगने पर ब्लॉक कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष समेत अनेक महिला नेताओं ने बुधवार (अगस्त 7, 2019) को मामले की शिकायत गौरेला थाने में दर्ज करा दी। गौरेला पुलिस ने आरोपित पवन दुबे के खिलाफ धारा 292 और आइटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि गुरुवार (अगस्त 8, 2019) को आरोपित पवन दुबे को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ शुक्रवार (अगस्त 9, 2019) को उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

ऑटो ड्राइवर माजिद ने की थी बुजुर्ग महिला वैज्ञानिक की हत्या, 9 महीने बाद फोन से सुलझी गुत्थी

नवम्बर 2018 में दिल्ली में हुए एक हत्याकांड की गुत्थी अब जाकर सुलझी है। 72 वर्षीय वैज्ञानिक रूप लता भाईदूज पर महिपालपुर स्तिथ अपने भाई के घर से लौटते वक़्त गायब हो गई थीं।

दो दिन बाद उनकी लाश सरिता विहार के पास मिली थी। करीब 9 महीने बाद उनकी हत्या की गुत्थी सुलझी है। पुलिस ने 22 वर्षीय ऑटो ड्राइवर माजिद और उसके सहयोगी गोविन्दपाल को गिरफ़्तार किया है।
रूप लता प्रह्लादपुर में माजिद के ऑटो में बैठी थीं। उनके फ़ोन को ट्रैक कर पुलिस ने हत्या की यह गुत्थी सुलझाई है।

नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर से रिटायर रूप लता की हत्या के बाद से उनका फोन गोविन्दपाल का एक सम्बन्धी इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस को पहले शक था की अंतर्राज्यीय डकैती गिरोह ने यह घटना अंजाम दी होगी। साउथ ईस्ट के एडिशनल डीएसपी कुमार ज्ञानेश ने इस मामले को सुलझाया। दरअसल, जब रूप लता ने ऑटो हायर किया, तब माजिद ने जानबूझ कर अलग रास्ता पकड़ लिया।

TOI के दिल्ली संस्करण में छपी ख़बर

रूप लता द्वारा विरोध करने पर माजिद ने कहा कि इस रास्ते से जल्दी पहुँच जाएँगे क्योंकि जाम नहीं रहता है। रास्ते में उसने एक सुनसान जगह पर गाड़ी रोकी और बुजुर्ग वैज्ञानिक के जेवरात लूट लिए। उसके बाद उसने उनकी गला दबा कर हत्या कर दी। इसके बाद माजिद ने गोविन्दपाल को बुला कर रूप लता की लाश को ठिकाने लगाया। माजिद ने मृत वैज्ञानिक का फोन गोविन्दपाल को दे कर उसे ठिकाने लगाने को कहा, लेकिन गोविन्दपाल ने वह फोन अपने एक सम्बन्धी को दे दिया। यही फोन इस ममले को सुलझाने का माध्यम बना।

टेरर फंडिंग: J&K के पूर्व विधायक राशिद इंजीनियर को एनआईए ने किया गिरफ़्तार

एनआईए ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व विधायक शेख अब्दुल राशिद उर्फ़ राशिद इंजीनियर को गिरफ़्तार किया है। टेरर फंडिंग मामले में गिरफ़्तार किए जाने वह पहले बड़े नेता है। इससे पहले एनआईए ने कई अलगाववादियों से इस मामले में कड़ी पूछताछ की थी, जिसमें उन्हें पाकिस्तान से फंड मिलने की बात सामने आई थी। इस फंड का प्रयोग भारत के ख़िलाफ़ आतंक फैलाने के लिए किया जाता था। राशिद उत्तरी जम्मू कश्मीर के लंगाते विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रहे हैं।

इस सप्ताह की शुरुआत में राशिद से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी पूछताछ की थी। ईडी राशिद के जवाबों से संतुष्ट नहीं था, जिसके कारण उनकी गिरफ़्तारी हुई। इससे पहले 2017 में भी राशिद से पूछताछ की जा चुकी है। यह दूसरी बार था जब उन्हें पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया। जाँच एजेंसियों ने जब व्यापारी ज़हूर वाताली से पूछताछ की तो राशिद का नाम सामने आया। वाताली पर कश्मीरी आतंकियों को धन मुहैया कराने का आरोप है।

एनआईए ने कई अलगाववादियों को टेरर फंडिंग मामले में अपने रडार पर रखा है और कइयों से पूछताछ की है। इन अलगाववादियों के आतंकी संगठनों जैसे कि लश्कर-ए-तैयबा, दुखरान-ए-मिल्लत और हिज्बुल मुजाहिदीन के साथ सम्बन्ध सामने आए हैं। एनआईए राशिद इंजीनियर को अदालत में पेश कर के कस्टडी की माँग करेगी। बता दें कि कारोबारी ज़हूर वाताली ने कश्मीर से लेकर गुरुग्राम तक अकूत संपत्ति अर्जित कर रखी है और एनआईए ने उसकी कई सम्पत्तियों को अटैच भी किया है।

एनआईए की जाँच में पता चला है कि ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं को बरगला कर उनसे पत्थरबाजी और भारत विरोधी प्रदर्शन करवाए। हुर्रियत व ऐसे ही अन्य संगठनों ने इस कार्य के लिए सोशल मीडिया, अखबारों और प्रेस रिलीज का सहारा लिया। अधिकारियों ने बताया कि यह सब बड़ी चालाकी से अंजाम दिया जाता था। मस्जिद में नमाज के बाद या सुरक्षा बलों की आतंकियों के साथ मुठभेड़ के बाद युवाओं को उकसा कर पत्थरबाजी कराई जाती थी।

ईडी को पता चला है कि अलगाववादियों, आतंकियों व कश्मीरी नेताओं को न सिर्फ़ पाकिस्तान में बैठे आकाओं से फंड प्राप्त हुए बल्कि पाकिस्तान उच्चायोग से सीधे उनके पास फंड पहुँचाया गया। राशिद इंजीनियर इससे पहले जम्मू कश्मीर विधानसभा में भी उत्पात मचा चुके हैं। उनकी इस हरकत के बाद उन्हें सदन से निकाल बाहर किया गया था। राशिद अपने ख़िलाफ़ सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते रहे हैं।

भूल जाओ कश्मीर: पाकिस्तान में गूॅंजा- मोदी से तू डरता है, मरियम से लड़ता है

ज्यादा अरसा बीता नहीं है जब पाकिस्तानी मीडिया प्रधानमंत्री इमरान खान के अमेरिकी दौरे पर फिदा था। लेकिन, जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 के निष्प्रभावी होते ही पाक के सिर से इमरान का खुमार उतर गया है। सड़कों पर ‘मोदी से तू डरता है, मरियम से लड़ता है’ और ‘नियाजी गो बैक’ के नारे लग रहे हैं।

पाकिस्तानी मीडिया में इमरान का मजाक उड़ाते हुए आर्टिकल प्रकाशित हो रहे हैं। इनमें कहा जा रहा है कि कश्मीर को भूलकर विपक्ष को इमरान खान का मसला संयुक्त राष्ट्र में ले जाना चाहिए और इस संकट से छुटकारा पाने की हर राजनीतिक, कूटनीतिक और रणनीतिक संभावनाओं पर विचार करना जाना चाहिए।

वैसे आर्टिकल 370 के निष्प्रभावी होने के बाद से गीदड़ भभकी देने में पाक अव्वल रहा है। खुफिया इनपुट यह भी है कि उसकी जमीन पर पल रहे आतंकी भारत में बड़े हमले को अंजाम देने की फिराक में हैं। लेकिन, नान-टमाटर के चढ़ते भाव के बीच पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) की उपाध्यक्ष मरियम नवाज की गिरफ्तारी से जनता चिढ़ गई है।

पाकिस्तानी अवाम और मीडिया के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि कश्मीर से ध्यान हटाने के लिए इमरान ने मरियम की गिरफ्तारी करवाई है। लोग सड़कों पर उतरकर उनका विरोध कर रहे हैं।

चीनी मिल भ्रष्टाचार मामले में मरियम और उनके चचेरे भाई यूसुफ अब्बास को राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने गिरफ्तार किया है। दोनों 21 अगस्त तक एनएबी की हिरासत में रहेंगे।

Article 370: सरदार जयंती पर अस्तित्व में आएगा UT जम्मू-कश्मीर और लद्दाख

आर्टिकल 370 निष्प्रभावी होने के बाद जम्मू-कश्मीर 31 अक्टूबर से दो केन्द्र शासित प्रदेशाें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित हो जाएगा। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने शुक्रवार (अगस्त 09, 2019) को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 को अपनी स्वीकृति दे दी है। 31 अक्टूबर को ही लौह पुरुष कहे जाने वाले देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती है। पटेल आधुनिक भारत के निर्माता माने जाते हैं।

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम में राज्य को दो केन्द्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने का प्रावधान है। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी, जबकि लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी।

अधिनियम के अनुसार, नवगठित केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में करगिल और लेह जिलों को शामिल किया जाएगा, जबकि मौजूदा राज्य के अन्य 12 जिले केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का हिस्सा बनेंगे। जम्मू-कश्मीर राज्य में इस समय लोकसभा की छह सीटें हैं। विभाजन के बाद केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पाँच और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में एक लोकसभा सीट होगी। दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में अब राज्यपाल की जगह उप राज्यपाल होंगे।

केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर की विधानसभा का कार्यकाल पाँच वर्ष का होगा। मौजूदा समय में वहाँ की विधानसभा का कार्यकाल छह साल का होता है। नवगठित केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभा में 107 सदस्यों का चुनाव मतदान के जरिए होगा। इनमें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की 24 सीटें शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर की मौजूदा विधानसभा में भी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लिए 24 सीटें रखी गई थीं।

अधिनियम में कहा गया है, “जब तक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को वापस नहीं पा लिया जाता और वहाँ के लोग खुद अपना प्रतिनिधि नहीं चुनते जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभा में 24 सीटें खाली रहेंगी और विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के उल्लेख के समय उनकी गिनती नहीं की जाएगी।” इस प्रकार नया केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद 83 सीटों के लिए चुनाव होगा जिनमें छह अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित होंगी।

उप राज्यपाल को यदि यह लगता है कि विधानसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व कम है तो उन्हें दो महिला सदस्यों को मनोनीत करने का अधिकार होगा। अधिसूचना में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के संयुक्त उच्च न्यायालय के रूप में काम करेगा।

उल्लेखनीय है कि संसद ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे से संबंधित अनुच्छेद 370 को हटाने वाले संकल्प और राज्य को दो हिस्सों में बांटने में वाले विधेयक को इसी सप्ताह पारित किया था। इसके बाद राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने इन पर हस्ताक्षर किए थे। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त हो गया था। राष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को विशेष अधिकार देने वाले अनुच्छेद 35ए को इससे पहले ही हटा दिया था।

आज जम्मू से धारा 144 भी हटा ली गई है और कल से जम्मू के स्कूल और कॉलेज खुल जाएँगे। जम्मू कश्मीर के डिप्टी कमिश्नर की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सरकार के आदेश के मुताबिक जम्मू से धारा 144 हटाई जा रही है और यहाँ कल यानी 10 अगस्त से स्कूल-कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान सामान्य तौर पर खोले जाएँगे।

NDTV के मालिक प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका मुंबई एयरपोर्ट पर रोके गए, जालसाजी के हैं आरोपी

समाचार चैनल NDTV के प्रमोटर्स प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय को मुंबई एयरपोर्ट पर विदेश रवाना होने से पहले ही CBI के निर्देश पर रोक लिया गया है। दोनों पर मनी लॉन्ड्रिंग और जालसाजी के आरोप हैं।

दोनों मुंबई से नैरोबी के लिए उड़ान भरने वाले थे। प्रणब एवं राधिका सीबीआई एवं प्रवर्तन निदेशलाय (ED) की जाँच का सामना कर रहे हैं। इन दोनों के साथ कुछ और लोग भी थे।

कुछ दिन पहले ही प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट/SAT-The Securities Appellate Tribunal) ने मीडिया समूह एनडीटीवी पर सेबी द्वारा लगाए गए दो करोड़ रुपए के जुर्माने को बरकरार रखने का फैसला दिया था। सेबी (SEBI) ने कंपनी पर 450 करोड़ रुपए की कर (Tax) माँग से जुड़ी सूचनाएँ सार्वजनिक करने में खामी पाए जाने के कारण समाचार चैनल एनडीटीवी (NDTV) पर जुर्माना लगाया था।

एनडीटीवी ने सेबी के जून 2015 और मार्च 2018 के आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी। दरअसल, एनडीटीवी ने आयकर विभाग द्वारा की गई 450 करोड़ रुपए की कर (Tax) माँग और कंपनी के शीर्ष कार्यकारी अधिकारियों द्वारा की गई शेयरों की बिक्री संबंधी सूचनाएँ शेयर बाजारों को देने में देरी की थी। इसी मामले में सेबी ने जुर्माना लगाया था।