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लिल्लाह! फेक न्यूज़ मैंने शेयर की, लेकिन घृणा तो मुआ ऑपइंडिया फैला रहा है: सबा नक़वी

हिन्दू विरोधी नैरेटिव बनाने, हिन्दू प्रतीकों को अपमानित करने और हिन्दूफोबिया से ग्रसित मशहूर पार्ट टाइम जर्नलिस्ट सबा नक़वी ने अपनी बौद्धिक क्षमता की नई मिसाल पेश करते हुए सोशल मीडिया को कॉमेडी सर्कस में तब्दील कर दिया है। यह पहली बार नहीं है जब किसी सत्ता विरोधी और कॉन्ग्रेस-वादी, चाहे वो पत्रकार हो, लेखक हो, या फिर सोशल मीडिया पर दिन रात सरकार की नीतियों में ‘मुस्लिम विरोधी नजरिया’ तलाशने वाला कोई कॉन्सपिरेसी थ्योरी एक्टिविस्ट हो, ने अपनी गलती स्वीकार करने की जगह उल्टा अपने पूर्वग्रहों से दूसरों पर कीचड़ उछालने का काम किया हो।

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक फर्जी खबर वायरल की जा रही थी जिसमें बताया गया कि कानपुर के बाबूपुरवा में बुधवार (जुलाई 3, 2019) रात तीन युवकों ने मिलकर एक ऑटो चालक आतिब को शौचालय में बंधक बनाकर ईंट-पत्थरों से पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया। इस मामले में आतिब ने आरोप लगाया था कि हमलावरों ने ‘जय श्री राम’ का नारा न लगाने पर उसके साथ मारपीट की।

लेकिन जब ऑपइंडिया द्वारा इस खबर का फैक्ट चेक किया गया, तो पता चला कि यहाँ एकदम गलत और झूठी खबर थी, जिसे हिन्दूफोबिया से ग्रसित सबा नक़वी जैसे मनगढंत पत्रकारों द्वारा बड़े स्तर पर वायरल किया गया। साथ ही, तमाम भ्रामक आरोपों और ‘जय श्री राम’ के नारों को ऐसी एकदम काल्पनिक घटनाओं के साथ जोड़कर एक फर्जी ‘डर का माहौल’ तैयार किया गया।

लेकिन इससे भी ज्यादा दुखद ऑपइंडिया द्वारा किए गए इस फैक्ट चेक पर सबा नक़वी की प्रतिक्रिया थी। सबा नक़वी को यह फर्जी खबर ट्ववीट करने पर लोगों द्वारा सच्चाई बताने पर उन्होंने यह तो स्वीकार किया कि उन्होंने हिन्दू-मुस्लिम सांप्रदायिक एंगल होने के कारण यह फर्जी खबर फैलाई, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने उनके इस फर्जी खबर का खंडन करने वाले ऑपइंडिया पर विश्वास ना करने की भी सलाह दी। सबा नक़वी एक्सपोज़ भी हुई, लेकिन यह भी लिखा कि ऑपइंडिया ने यह फैक्ट चेक किया है लेकिन यह एक फैक्ट चेकर नहीं बल्कि साम्रदायिक वेबसाइट है।

सबा नक़वी के हास्यास्पद ट्वीट के बाद ट्विटर यूज़र्स ने उन्हें याद दिलाया कि उन्हें सिर्फ ‘कुछ भी कहने के लिए कुछ भी कहने’ वाली आदत से बाज आना चाहिए। और सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए। सबा नक़वी को जवाब देते हुए @HittsVora ने लिखा है, “एक तरफ आप झूठी खबर फैलाने वाली फैक्ट्री (कारवाँ डेली) को यह झूठी खबर हटाने के लिए कह रही हैं और दूसरी ओर इस खबर का पर्दाफाश करने वाले ऑपइंडिया को ही झूठा बता रही हैं।”

सबा नक़वी द्वारा खुद एक सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाली फर्जी खबर को फैलाया और बदले में पकड़े जाने पर उन्हीं लोगों पर आरोप लगाया जिनके द्वारा यह सच्चाई सामने लाइ गई। देखा जाए तो इस प्रकार का दोहरापन मात्र सबा नक़वी में ही नहीं बल्कि हर दूसरे नेहरुघाटी सभ्यता में पलने वाले पत्रकार के भीतर पाया जाता है।

खुद ही मज़हबी घृणा की झूठी खबर फैलाने के बाद दूसरों को सांप्रदायिक बताने वाली सबा नक़वी जैसे सस्ती लोकप्रियता के चितेरों की आजकल सोशल मीडिया पर कोई कमी नहीं है। वास्तव में सोशल मीडिया पर इन आदर्श लिबरल्स की फर्जी सेक्युलरिज्म की दुकान कुछ इन वजहों से ही चल रही है। झूठी बातों को चिल्ला-चिल्लाकर सच साबित करना इन मीडिया गिरोहों को बहुत ही अच्छे से आता है और इनके मासूम भक्त ऐसी ही ख़बरों को सच मानकर हिन्दफोबिया से ग्रसित हो जाते हैं।

आजम खान के समधी का होटल हुआ सील, RDA ने की बड़ी कार्रवाई

समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद आजम खान के समधी पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। यहाँ अनुमति से अधिक निर्माण कराने के मामले में आजम खान के समधी का होटल सील कर दिया गया है और साथ ही कंपाउंडिंग का नक्शा भी खारिज कर दिया है।

डायमंड रोड पर स्थित आजम खान के समधी रिजवान मोहम्मद के प्लाजा होटल पर हुई आरडीए की कार्रवाई से इलाके में खलबली मच गई है। रामपुर विकास प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि होटल की इमारत को मानचित्र के विपरीत बनाया गया है, साथ ही यहाँ स्वीकृत नक्शे से भी अधिक निर्माण हुआ है, जिसकी जानकारी प्राधिकरण को भी नहीं दी गई।

खबरों के अनुसार आरडीए ने यह एक्शन तस्लीम खान की शिकायत पर लिया है। इस शिकायत के मद्देनजर ही गुरुवार (गुरुवार 4, 2019) को रामपुर विकास प्राधिकरण के सचिव बैजनाथ पुलिस फोर्स के साथ डॉयमंड रोड पहुँचे और जाँच के बाद पाया कि उन्हें सही जानकारी मिली है।

जाँच के बाद होटल के मालिक रिजवान को नोटिस जारी किया गया और कम्पाउंडिंग अर्थात समझौता करने के प्रार्थना पत्र को निरस्त करके, पूरा होटल सील कर दिया गया।

बता दें रिजवान मोहम्मद का यह प्लाजा होटल 1401 वर्ग मीटर में बना हुआ है, जिसका निर्माण सपा के सत्ता में रहने के दौरान हुआ था। होटल का उद्घाटन भी तत्कालीन नगर विकास मंत्री आजम खान द्वारा ही किया गया था।

प्लाजा होटल के मालिक और आजम खान के समधी का इस सीलिंग पर कहना है कि रामपुर में ऐसे अनगिनत होटल और भवन हैं, जो नक्शे के विपरीत हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि वह कंपाउंड/समझौता कराने के लिए भी तैयार थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया उनके मुताबिक आरडीए की यह कार्रवाई सिर्फ इसलिए की गई, क्योंकि वह आजम खान के समधी हैंं।

आप अकेले नहीं हैं जो महबूबा की बेवफाई पर ग़ालिब बन गए, दुबई के शासक भी लिख रहे हैं मार्मिक नज़्म

पिछले दिनों खबर आई थी कि दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम की छठी पत्नी 45 वर्षीय रानी हया बिंत अल हुसैन अपने बच्चों सहित जर्मनी चली गई हैं। दुबई की रानी हया बिंत हुसैन ने ब्रिटेन में राजनीतिक शरण माँगी है। बताया जा रहा है कि हया ने अब अपने पति से तलाक भी माँगा है।

"मेरी जिंदगी में अब तुम्हारी कोई जगह नहीं,
मुझे परवाह नहीं कि तुम जियो या मरो"

रानी हया को शेख की 6 पत्नियों में सबसे आकर्षक माना जाता है। वह जॉर्डन के पूर्व राजा हुसैन की बेटी हैं और अपने सामाजिक कार्यो के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने 2004 में दुबई के शासक और संयुक्त अरब अमीरात के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शेख़ मोहम्मद के साथ अम्मान में एक सादे कार्यक्रम में निकाह किया था। उस समय प्रिंसेज हया की उम्र 30 साल थी, जबकि शेख़ मोहम्मद 53 साल के थे। हया से शादी करने के बाद राशिद ने अपनी दूसरी बीवियों को लगभग छोड़ ही दिया था। वर्तमान में शेख मोहम्मद के अलग-अलग पत्नियों से कुल 23 बच्चे हैं, यानी 2 दर्जन से 1 कम।

‘बेवफा’ रानी के गम में शायर बन गए हैं शेख मकतूम

शेख मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम पत्नी की बेवफाई को लेकर अब सोशल मीडिया पर जमकर कविता और शायरी लिख रहे हैं। जिस तरह की कविताएँ शेख लिख रहे हैं, उनमें शेख के दुख के साथ ही उनका गुस्सा भी साफ देखा जा सकता है। शेख मोहम्मद ने 10 जून को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डाली थी, जिसमें उन्हें फ़रेब और धोखेबाज़ी पर कविता लिखते हुए देखा गया।

"हमें एक दर्द उठा है जो किसी दवा से कम नहीं हो सकता,
किसी भी हक़ीम के पास इसका इलाज नहीं"

उन्होंने ये कविता अरबी भाषा में लिखी हैं। इस कविता के शीर्षक का अंग्रेजी अनुवाद है- “You Lived and You Died।” कविता में शेख ने पत्नी से मिले धोखे पर गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने लिखा, “बेवफा, तुमने सबसे कीमती भरोसे को तोड़ दिया और तुम्हारा खेल अब सामने आ गया है। तुम्हारे झूठ बोलने के दिन खत्म हो गए हैं और अब ये मायने नहीं रखता है कि हम क्या थे और तुम क्या हो।” 

कविता के अंत में राशिद ने लिखा, “अब मेरी जिंदगी में तुम्हारी कोई जगह नहीं रह गई है, तुम जिसके पास जाना चाहती हो, जाओ। मुझे अब फर्क नहीं पड़ता कि तुम जिंदा हो या मर गई।”

पिछले साल दुबई शेख राशिद की बेटी राजकुमारी शेख लतीफा ने भी दुबई से भागने की असफल कोशिश की थी। लतीफा को समुद्री मार्ग पर भारत ने पकड़ लिया था और उन्हें यूएई को सौंप दिया था। उससे पहले, एक यूट्यूब वीडियो में उसने अपने पिता की आलोचना की थी और बताया था कि उन पर कितनी पाबंदियाँ लगी हुई हैं।

वैसे तो अब ये उम्मीद कम ही है कि प्रिंसेज हया दुबई फिर से वापस लौटेंगी, ऐसे में बिन राशिद अब हया से कानूनी तौर पर तलाक लेने का कदम उठा सकते हैं। शायद अब वह अपनी पत्नी को यूएई वापस लाने के लिए कोई लड़ाई नहीं लड़ेंगे।

इसे इस बात का संकेत भी माना जा रहा है कि क्षेत्र में यूएई की ताकत घटती जा रही है और वह जॉर्डन के साथ रिश्ते में प्रोपेगैंडा वॉर नहीं चाहते हैं, जहाँ हया और उनके परिवार को राष्ट्रीय आइकॉन माना जाता है।

राहुल पर किया भरोसा, उन्होंने कुछ नहीं किया इसलिए MLA पद से दिया इस्तीफा: अल्पेश ठाकोर

गुजरात में राज्यसभा की दो सीटों के लिए उपचुनाव हो रहा है। कॉन्ग्रेस ने व्हिप जारी किया है। इसके बावजूद कॉन्ग्रेस के दो विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। कॉन्ग्रेस के बागी विधायक अल्पेश ठाकोर और धवन झाला ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट किए हैं। क्रॉस वोटिंग करने के बाद दोनों विधायकों ने कॉन्ग्रेस विधायक पद से इस्तीफा दे दिया।

अल्पेश ठाकोर ने इस्तीफा देने के बाद कहा, “मैंने राहुल गाँधी पर भरोसा करके कॉन्ग्रेस पार्टी ज्वॉइन किया था, लेकिन दुर्भाग्यवश उन्होंने हमारे लिए कुछ नहीं किया। हमें बार-बार अपमानित किया गया, इसलिए मैंने कॉन्ग्रेस विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है।”

वहीं, वोटिंग करने के बाद अल्पेश ठाकोर ने कहा कि उन्होंने अंतर आत्मा की आवाज सुनकर और राष्ट्रीय नेतृत्व को ध्यान में रखकर मतदान किया है। उनका कहना है कि जो पार्टी (कॉन्ग्रेस) जन अधिकार खो चुकी है और जिस पार्टी ने उनके साथ द्रोह किया है, उसे मद्देनजर रखकर उन्होंने वोटिंग किया है।

गुजरात में दो राज्यसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए भाजपा से विदेश मंत्री एस जयशंकर और ओबीसी नेता जुगलजी ठाकोर मैदान में हैं, जबकि कॉन्ग्रेस की ओर से चंद्रिका चुड़ासमा और गौरव पांड्या उम्मीदवार हैं। बता दें कि, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह गांधीनगर और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के अमेठी सीट से लोकसभा सदस्य चुने जाने के बाद दोनों राज्यसभा सीटें खाली हुई हैं।

गौरतलब है कि, इससे पहले गुजरात कॉन्ग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष से अपील की थी कि अल्पेश ठाकोर ने पार्टी के सभी पद से इस्तीफा दिया है, तो उनका विधायक पद रद्द किया जाए और फिर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा कार्रवाई ना होने पर कॉन्ग्रेस ने गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जहाँ गुजरात हाईकोर्ट ने अल्पेश ठाकोर को विधायक पद से हटाने की गुजरात कॉन्ग्रेस की याचिका को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि ये पूरा मामला गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष को पता है और उनकी जानकारी में है, इसलिए वही इस मामले में फैसला लेंगे।

‘इस बजट से गरीब को बल मिलेगा, युवा को बेहतर कल और मध्यम वर्ग को मिलेगी प्रगति’

संसद में वित्त मंत्री द्वारा आम बजट पेश करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री ने इस बजट को न्यू इंडिया का बजट बताया है। और साथ ही उन्होंने इसे ग्रीन बजट का नाम दिया है।

उन्होंने भाषण के दौरान कहा, “यह देश को समृद्ध और जन-जन को समर्थ बनाने वाला बजट है। इस बजट से गरीब को बल मिलेगा और युवा को बेहतर कल मिलेगा। इस बजट के माध्यम से मध्यम वर्ग को प्रगति मिलेगी, विकास की रफ्तार को गति मिलेगी। इस बजट से टैक्स व्यवस्था में सरलीकरण होगा, इन्फ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण होगा।”

पीएम मोदी का कहना है कि यह बजट उद्यम और उद्यमों को मजबूत बनाएगा और महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ाएगा। यह ग्रीन बजट है, जिसमें पर्यावरण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सोलर सेक्टर पर विशेष बल दिया गया है। इस बजट में आर्थिक जगत के रिफॉर्म भी हैं, आम नागरिक के लिए ईज ऑफ लिविंग भी है और साथ ही गाँव और गरीब का कल्याण भी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुताबिक आज लोगों के जीवन में नई आकांक्षाएँ और अपेक्षाएँ हैं, यह बजट देश को विश्वास दे रहा है कि इन्हें पूरा किया जा रहा है।

बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले 5 सालों में उनकी सरकार ने गरीब, शोषित और वंचितों को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं, और अब अगले 5 साल में यही सशक्तीकरण उन्हें देश के विकास का पावर हाउस बनाएगा।

ममता सरकार का नया फरमान- सड़कों पर नहीं बनेंगे दुर्गा पूजा के पंडाल

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने दुर्गा पूजा को लेकर नया फरमान जारी किया है। इस संबंध में राज्य सचिवालय नवान्न की तरफ से गुरुवार (जुलाई 5, 2019) को राज्यभर के सभी थानों के लिए एक निर्देश जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि राज्यभर में कहीं भी दुर्गा पूजा के आयोजन सड़क पर नहीं होने चाहिए, ताकि यातायात बाधित न हो। इस निर्देश में कहा गया है कि सड़क के पास यदि दुर्गा पूजा होती है तो उसका पंडाल सड़क को घेरकर नहीं बनना चाहिए।

निर्देश में साफ तौर पर यह कहा गया है कि यदि कहीं पूजा पंडाल के कारण सड़क जाम की स्थिति या लोगों के परेशानी होनी की संभावना भी दिखती है तो ऐसी स्थिति में उक्त जगह पंडाल निर्माण की अनुमति नहीं होगी और ना ही उसे पूजा की अनुमति दी जाएगी। न केवल थानों में बल्कि राज्यभर के सभी पंजीकृत पूजा कमेटियों को भी इस निर्देश की प्रति भेजी गई है।

पिछले कई वर्षों से राज्यभर से ऐसी शिकायतें मिलती थीं कि सड़कों का अधिकतर हिस्सा घेरकर दुर्गा पूजा के आयोजन होते हैं। इसकी वजह से लोगों को यातायात में परेशानी होती है। कई उपनगरीय क्षेत्रों में तो पूरी यातायात व्यवस्था दुर्गा पूजा के पंडाल की वजह से चरमरा जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्देश जारी किया है।

गौरतलब है कि, दुर्गा पूजा में अब महज कुछ महीने ही बाकी हैं और कई पूजा कमेटियों ने महीनों पहले से पंडाल की तैयारियाँ भी शुरू कर दी हैं। राज्य के अन्य हिस्सों के साथ-साथ महानगर कोलकाता में कई बड़े पूजा पंडाल सड़क के बीचों-बीच बनते हैं। दशहरा की पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन वे सारी सड़कें पुलिस की ओर से बंद कर दी जाती है, जहाँ पंडाल बनाए जाते हैं। वहाँ से गुजरने वाली गाड़ियों को दूसरे रूट से मोड़ दिया जाता है। सैकड़ों सालों से उसी जगह पर पूजा होती आई है। ऐसे में राज्य सरकार के इस नए फरमान ने पूजा आयोजकों को परेशानी में डाल दिया है। कई लोगों ने इसे लेकर नाराजगी भी जताई है।

तमिलनाडु: मंदिर की 25 मूर्तियों को तोड़ने वाले 5 नाबालिग गिरफ़्तार

तमिलनाडु पुलिस ने 5 नाबालिग लड़कों को 25 सीमेंट की मूर्तियों को तोड़ने और तिरुवूरुर ज़िले के पेरियानायकी अम्मन मंदिर में मूर्तियाँ तोड़ने के आरोप में गिरफ़्तार किया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के अनुसार, पुलिस ने नाबालिग लड़कों को मंदिर में लोहे की छड़ें चुराने के बाद पकड़ा, जिन्हें वो शराब ख़रीदने के लिए बेचने की फ़िराक में थे। यह घटना मंदिर में होने वाले अभिषेक समारोह से पहले हुई थी।


जिन मूर्तियों को नष्ट किया गया, उनमें भगवान मुरुगन, पेरियानायकी, काल भैरव शामिल थे। वहीं, जो मूर्तियाँ क्षतिग्रस्त थीं, वे अलग-अलग जानवरों की थीं।

फ़िलहाल, नाबालिग आरोपित तंजावुर शहर के एक किशोर गृह (सुधार गृह) में हैं।

मोदी 2.0 का पहला बजट: गाँव, गरीब और किसान पर फोकस

इस साल आम चुनावों में भाजपा को जो जबर्दस्त जनादेश हासिल हुआ उसमें ग्रामीण भारत की बड़ी भूमिका रही है। यही कारण है कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में तमाम योजनाओं के केंद्र में “गाँव, गरीब और किसान” को रखा गया है। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा भी कि सरकार अपनी सभी योजनाओं में अंत्योदय को प्राथमिकता देगी। साथ ही गाँव, गरीब और किसान की खुशहाली सरकार की प्राथमिकता है।

2022 में आजादी की 75वीं वर्षगांठ पूरे होने पर जो परिवार कनेक्शन लेने के इच्छुक नहीं होंगे, उनको छोड़कर ग्रामीण भारत के सभी परिवारों को बिजली और एलपीजी कनेक्शन मुहैया कराने की प्रतिबद्धता सीतारमण ने जताई। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की दो प्रमुख योजनाओं उज्जवला और सौभाग्य के कारण ग्रामीण परिवारों के जीवन में नाटकीय बदलाव आया है और उनका जीवन आसान हुआ है। बीते पाँच साल में सात करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन और करीब-करीब शत-प्रतिशत गॉंवों में बिजली पहुँचने की बात भी वित्त मंत्री ने कही।

https://www.indiabudget.gov.in/hbudgetspeech.php

सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत सरकार का लक्ष्य 2022 तक सभी को घर मुहैया कराना है। शौचालय, बिजली और एलपीजी कनेक्शन के साथ उपलब्ध कराए जा रहे ऐसे 1.54 करोड़ घर गॉंवों में बनाए गए हैं। इस योजना के दूसरे चरण में 2022 तक 1.95 करोड़ और घर बनाए जाएँगे। यह काम कितनी तेजी से चल रही है यह बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि 2015-16 में इस तरह के घर को पूरा करने में औसतन 314 दिन लगते थे, जो अब घटकर 114 दिन हो चुका है। जल-जीवन मिशन के तहत सरकार ने 2024 तक गाँवों के हर घर तक पानी पहुँचाने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर, 2014 से अब तक 9.6 करोड़ शौचालय बनाए गए हैं। इस साल गाँधी जयंती पर देश पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा। लिहाजा, स्वच्छता अभियान के तहत अब हर गाँव में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था पर सरकार का फोकस होगा। उन्होंने बताया कि 1,25,000 किलोमीटर के रोड नेटवर्क को पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत अपग्रेड किया जाएगा। गॉंवों को बाजार से जोड़ने वाली सड़कों को भी अपग्रेड किया जाएगा।

साथ ही वित्त मंत्री ने जन-धन खाते पर महिलाओं के लिए पाँच हजार रुपए ओवरड्राफ्ट की सुविधा देने और देश के हर जिले में महिला स्वयं सहायता समूह योजना शुरू करने की भी घोषणा बजट में की है। इससे भी ग्रामीण भारत की महिलाओं के सशक्तिकरण में मदद मिलने की उम्मीद है। यही कारण है कि बजट पेश किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘ये देश को समृद्ध और जन को समर्थ बनाने वाला बजट है। इस बजट से गरीब को बल मिलेगा। युवा को बेहतर कल मिलेगा।’

बजट 2019: Zero Budget Farming से बदलेगी देश के किसानों की तस्वीर, दोगुनी होगी आय

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (जून 5, 2019) कई बड़ी घोषणाएँ की। इन घोषणाओं में रेलवे में निजी भागीदारी बढ़ाने से लेकर देश में जल्द आदर्श किराया क़ानून लागू करना तक शामिल हैं। अपनी घोषणाओं के बीच में वित्त मंत्री ने जीरो बजट फार्मिंग का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि बजट 2019 में जीरो बजट खेती को बढ़ावा मिलेगा ताकि किसानों की आय दोगुनी हो सके। अब ये कैसे होगा और जीरो बजट फार्मिंग आखिर है क्या? आइए जानते हैं।

दरअसल, जीरो बजट खेती में कीटनाशक, रासायनिक खाद और हाइब्रिड बीज या फिर किसी भी आधुनिक तकनीक/ उपाय का इस्तेमाल नहीं होता है। जीरो फार्मिंग खेती पूर्ण रूप से प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर होती है।
इस खेती में किसान सिर्फ़ प्राकृतिक खेती के लिए उनके द्वारा बनाई गई खाघ और अन्य चीजों का प्रयोग करते हैं, जिससे उन्हें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों को इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ती। देश के कई क्षेत्रों में किसानों ने इस प्रणाली के तहत खेती करना शुरू किया है, जिससे काफ़ी कम समय के अंदर यह बहुत लोकप्रिय भी हुई है।

बताया जाता है कि ऐसी खेती से उगाई गई फसल सेहत के लिए स्वास्थ्यवर्धक होती है और किसानों को खेती करने के दौरान शून्य रुपए का खर्चा आता है, जिसके कारण इसे जीरो बजट फार्मिंग का नाम दिया गया है। जिन किसानों ने इस प्रणाली को अपनाया है, आज वह इससे लाभ कमा रहे हैं। इसलिए देश भर के किसानों के बीच इसे बढ़ावा देने के लिए आज संसद में बजट पेश करने के दौरान इसका जिक्र हुआ।

बता दें इस तरह की खेती में किसान रासायनिक खाद की जगह जो खुद के द्वारा निर्मित देशी खाद का इस्तेमाल करते हैं, उसे ‘घन जीवा अमृत’ कहा जाता है। यह गोबर, गौमूत्र, चने के बेसन, गुड़, मिट्टी तथा पानी से बनाई जाती है। इसके अलावा कीटनाशकों की जगह नीम, गोबर और गौमूत्र से बना नीमास्त्र का इस्तेमाल करते हैं, जिससे फसलों में कीड़े लगने का संभावनाएँ न्यूनतम हो जाती हैं। इस खेती में संकर प्रजाति के बीजों की जगह देशी बीजों का इस्तेमाल किया जाता है।

इसके अलावा इस खेती में सिंचाई,जुताई और मड़ाई का सारा काम बैलों की मदद से किया जाता है, जिससे किसी भी प्रकार के डीजल या ईंधन से चलने वाले तकनीक का प्रयोग नहीं होता और न ही किसान की जेब पर जोर पड़ता है।

‘सेमीफाइनल में जाने के लिए सऊदी अरब देगा पाकिस्तान टीम को 250 रन उधार’

इस विश्वकप क्रिकेट मुकाबले में पाकिस्तान पर लगभग हर क्रिकेट प्रेमी की निगाह है। साल 1992 की चैंपियन पाकिस्तान आईसीसी विश्व कप-2019 के अपने अंतिम लीग मैच में आज बांग्लादेश के खिलाफ मैदान में उतरेगी। पाकिस्तान के लिए सेमीफाइनल मुकाबले में जगह बनाने की सम्भावनाएँ लगभग शून्य हैं। जो तरीके हैं, वो भी इतने आसान नहीं हैं। इस कारण पाकिस्तान की टीम को लेकर ट्विटर यूज़र्स लगातार MEME और क्रिएटिव व्यंग्य इस्तेमाल करते आ रहे हैं।

दरअसल, पाकिस्तान को अगर विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुँचना है तो उसे आज लार्ड्स स्टेडियम में बांग्लादेश के साथ होने वाले मुकाबले के दौरान एक असंभव सा दिखने वाला लक्ष्य हासिल करना होगा।

इंग्लैंड द्वारा न्यूजीलैंड को हराए जाने के बाद पाकिस्तान के लिए सेमीफाइनल में जाना काफी मुश्किल हो गया है। वह आगे तभी जा सकता है, जब वह पहले बल्लेबाजी करे और 400 का स्कोर खड़ा करे और फिर बांग्लादेश को 84 रनों पर आउट कर दे।

समीकरण यह है कि अगर पाकिस्तान टॉस हार जाता है तो वह सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो जाएगा और अगर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी लेता है तो उसे यह मैच 316 रनों से हर हाल में जीतना होगा। यह जीत का वह अंतर है, जो अब तक वनडे इतिहास में अब तक किसी भी टीम ने हासिल नहीं किया है।

देखते हैं, क्या है ट्विटर यूज़र्स की प्रतिक्रिया पाकिस्तान टीम की सेमीफाइनल तक पहुँचने की सम्भावना पर –

@GabbbarSingh ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम पर कटाक्ष करते हुए लिखा है कि पाकिस्तान को सऊदी अरब ने 250 रन उधार देने का वादा किया है।