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NIA ने किया दक्षिण भारत में बड़े आतंकी हमले की साज़िश का खुलासा, अजहरुद्दीन सहित 6 गिरफ़्तार

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने दक्षिण भारत में आतंकी हमला अंजाम देने की फिराक में लगे 6 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई तमिलनाडु के कोयम्बतूर में 7 संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी करने के बाद की गई। सभी आरोपित खूँखार वैश्विक इस्लामिक आतंकी संगठन आइएसआइएस की विचारधारा के समर्थक थे और युवाओं को बरगला कर किसी आतंकी हमले की साजिश रच रहे थे। इन सभी की उम्र 26 से 32 वर्षों के बीच है। मुख्य आरोपित मोहम्मद अजहरुद्दीन है, जो श्री लंका ईस्टर ब्लास्ट का साजिशकर्ता जहरान हाशिम का फेसबुक फ्रेंड भी है। उसे एनआइए द्वारा हिरासत में ले लिया गया है। उसे लेकर कोच्ची पहुँची जाँच एजेंसी की टीम जल्द ही उसे न्यायिक हिरासत में लेगी।

मोहम्मद अजहरुद्दीन की उम्र 32 वर्ष है। एनआईए ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा है:

“सभी आरोपित और उसके सहयोगी प्रतिबंधित आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) की विचारधारा फैला रहे थे। वे ऐसा सोशल मीडिया पर कर रहे थे ताकि कट्टर विचारधारा फैला कर युवाओं को बरगलाया जा सके और अपने संगठन में उन्हें भर्ती किया जा सके। ये सभी दक्षिण भारत में आतंकी हमला करने की साजिश रच रहे थे, ख़ासकर केरल और तमिलनाडु में।”

मोहम्मद अजहरुद्दीन ‘KhilafahGFX’ नामक फेसबुक पेज भी चलाता है, जिस पर उसने जहरान हाशिम से जुड़े कट्टरवादी पोस्ट शेयर किए थे। दो महीने पहले NIA ने ISIS से जुड़े जिस अन्य रियास अबुबकर नामक शख्स को गिरफ्तार किया था, वह श्री लंका ब्लास्ट से प्रेरित होकर केरल में आतंकी हमले करना चाहता था और इसके लिए वो सहयोगी ढूँढ रहा था। रियास की तर्ज पर ही मोहम्मद अजहरुद्दीन भी काम कर रहा था, सोशल मीडिया पर ISIS के प्रोपेगेंडा को बढ़ा रहा था। रियास की गिरफ्तारी के बाद अजहरुद्दीन की गिरफ्तारी इस मायने में बहुत महत्व रखती है। ताज़ा छापेमारी के दौरान एनआइए ने 14 मोबाइल फोन, 29 सिम कार्ड्स, 6 मेमोरी कार्ड्स, 3 लैपटॉप, 4 हार्ड डिस्क ड्राइव, 1 इन्टरनेट डॉन्गल और 13 सीडी व डीवीडी बरामद किया। इसके अलावा 300 एयर गन पेलेट और कई भड़काऊ दस्तावेज भी बरामद किए गए।

अजहरुद्दीन के साथ गिरफ्तार हुए अन्य आरोपितों के नाम हैं- अकरम सिंधा, शेख हिदायतुल्लाह, अबुबकर, सद्दाम हुसैन और शहीम शह उर्फ़ इब्राहिम। सुबह 5.30 से लाकर दोपहर तक जाँच एजेंसी द्वारा छापेमारी की गई, जिसमें कई आपत्तिजनक वस्तुएँ बरामद हुईं। अन्य सभी आरोपितों को भी जाँच एजेंसी ने हिरासत में ले लिया है, पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपितों के पूछताछ के आधार पर कोयम्बतूर पुलिस ने भी कई जगहों पर छापेमारी की है। मुख्य आरोपित अजहरुद्दीन से कुल 14 घंटे तक पूछताछ की गई।

FACT CHECK: इंग्लैंड में World Cup और भोजपुरी गाना ‘लॉलीपॉप लागेलू’, मीडिया फैला रहा झूठ

कई मीडिया पोर्टल्स ने एक वीडियो शेयर कर के यह दिखाया कि लंदन में भोजपुरी गाने ‘लॉलीपॉप लागेलु’ पर विदेशी नाचते हुए दिख रहे हैं। इस वीडियो के साथ यह बताया गया कि यह यूनाईटेड किंगडम का है और यहाँ भोजपुरी गाने पर सभी देशों के लोग नृत्य कर रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस और एबीपी न्यूज़ सहित कई मीडिया संस्थानों ने अपने वेबसाइट पर इस वीडियो के बारे में ख़बर छापी और इसे भोजपुरी गाने पर झूमते विदेशियों के रूप में दिखाया।

MenXP ने भी इस वीडियो को लन्दन का बताया और भोजपुरी गाना बजने की बात कही
इंडियन एक्सप्रेस जैसा बड़ा मीडिया संस्थान ने भी इसे भोजपुरी गाने का लन्दन में जलवा बताया
In.com की ख़बर जिसमें इस एडिटेड वीडियो को लेकर बातें की गई
‘वाह क्रिकेट’ ने भी इसे सच्चा वीडियो माना

नीचे आप एडिटेड विडियो देख सकते हैं, जिसमें ऐसा लगता है कि ये सभी भोजपुरी गाने पर नाच रहे हैं।

असल में, फैक्ट-चेक के बाद हमें पता चला कि इस वीडियो में लोग किसी भोजपुरी गाने पर नहीं झूम रहे हैं बल्कि ओरिजिनल साउंड हटा कर भोजपुरी गाने को इसमें अलग से एडिट कर के डाला गया है। यह वीडियो लन्दन का नहीं है, बल्कि जर्मनी के बर्लिन का है, जहाँ एक कार्निवाल के दौरान ये नाच चल रहा है। हाँ, इसमें भारतीय लोग भी हैं लेकिन किसी भी भोजपुरी गाने पर डांस नहीं किया जा रहा है। नीचे आप ओरिजिनल वीडियो देख सकते हैं।

जहाँ कई अन्य मीडिया संस्थान इस भ्रामक एडिट के चक्कर में फँस गए, डीएनए और न्यूज़ नेशन ने अपनी वेबसाइट पर इसका फैक्ट चेक किया और लोगों को सच्चाई से रूबरू कराया। इसी तरह हमने भी जब सोशल मीडिया पर गहनता से खंगाला तो असली सच्चाई पता चली।

AAP विधायक पर FIR: बुजुर्ग का प्लॉट हथियाने को भेजे थे गुंडे, 2016 में MLA खुद हुए थे अरेस्ट

विकासपुरी से आम आदमी पार्टी के विधायक महेंद्र यादव पर दिल्ली पुलिस ने प्लॉट कब्जा करवाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। 62 वर्षीय बुजुर्ग की शिकायत पर विधायक महेंद्र यादव के अलावा 2 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ भी शिकायत दर्ज हुई है, जिन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है। इन 2 युवकों की पहचान प्रदीप और विपिन के रूप में हुई है। इन दोनों को विधायक का करीबी बताया जा रहा है।

विधायक महेंद्र यादव पर विकास नगर इलाके में 150 स्क्वायर गज के प्लॉट पर अवैध कब्जा करने का आरोप है। लेकिन, विधायक का कहना है कि उनका इस मामले से कोई ताल्लुक नहीं है।

अमर उजाला की खबर के मुताबिक पुलिस ने बताया है कि 62 वर्षीय बुजुर्ग ओम प्रकाश शर्मा परिवार के साथ विकास नगर के गुप्ता इंक्लेव में रहते हैं। उन्होंने 2002 में दीप इंक्लेव पार्ट-2 में स्क्वायर 150 गज का एक प्लॉट खरीदा था, लेकिन 2006 में अचानक महेंद्र यादव ने उस प्लॉट को अपना प्लॉट बताना शुरू कर दिया। इसको लेकर कई बार उनके बीच विवाद भी हुआ।

महेंद्र यादव ने इस बीच प्लॉट पर कोई निर्माण कार्य भी नहीं होने दिया। 2013 में विधायक बनते ही महेंद्र यादव का दबदबा और बढ़ गया। हालाँकि, 2017 के अगस्त में ओमप्रकाश ने प्लॉट की चारदीवारी करवाने के लिए वहाँ एक छोटा कमरा बनवा दिया था, लेकिन इस रविवार (9 जून 2019) को दिन दहाड़े विधायक के इशारे पर कुछ बदमाश उस प्लॉट में घुस गए और मेन गेट का ताला तोड़ डाला और फिर उन्होंने पीछे वाली लकड़ी का दरवाजा तोड़ा।

बुजुर्ग की शिकायत पर पुलिस ने प्रदीप और विपिन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस दोनों आरोपितों से मामले की पूछताछ कर रही है। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने पिछले 6 साल के दौरान आम आदमी पार्टी के विधायकों पर 100 से अधिक मामले दर्ज किए, जिसमें कोर्ट में सुनवाई के दौरान 60 से अधिक मामले खारिज हो चुके हैं। जबकि कुछ में गिरफ्तारी भी हुई है।

आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि महेंद्र यादव वही विधायक हैं जो 2016 में सरकारी कर्मचारी पर हाथ उठाने के मामले में गिरफ्तार भी हो चुके हैं।

‘चर्च में जाने से ठीक होंगी बीमारियाँ’ – इस प्रलोभन में फँस ईसाई बने 25 आदिवासियों की अब हुई ‘घर वापसी’

झारखण्ड के गुमला में कई परिवारों ने स्वेच्छा से अपनी ‘घर वापसी’ करवाई। इन सभी लोगों ने सरना धर्म छोड़ कर ईसाई धर्म को अपना लिया था। सरना सम्प्रदाय से आने वाले इन आदिवासी परिवारों ने प्रलोभन में फँस कर अपना धर्म छोड़ कर ईसाई धर्म को अपना लिया था, लेकिन अब ये पुनः अपने पुराने धर्म में लौट आए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में हिन्दू जागरण मंच ने अहम भूमिका निभाई। प्रभात ख़बर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, गुमला जिला के भरनो प्रखंड स्थित मसिया महुआटोली गाँव के 10 परिवारों ने ग़रीबी के कारण ईसाई धर्म को अपना लिया था, ग्राम प्रधान ने इन सभी के पाँव धो कर इन्हें इनके धर्म में वापसी करवाई।

बुधवार (जून 12, 2019) को ‘घर वापसी’ की प्रक्रिया पूरी की गई। हिन्दू जागरण मंच ने इस प्रक्रिया को पूरी करने से पहले ग्राम प्रधान, पंचायत के जनप्रतिनिधियों, बुजुर्गों व युवाओं की सलाह ली। सभी से सलाह-मशविरा करने के बाद ही यह कार्य किया गया। सभी की देखरेख में गाँव में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ पर ये कार्य किए गए। इस मौके पर वक्ताओं ने लोगों को समझाते हुए कहा कि धर्म बदलना महापाप है। धर्म परिवर्तन कराने वाले अधिकतर लोग बीमारी से पीड़ित थे और उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी।

आदिवासी सरना विकास समिति और झारखंड जनजातीय सुरक्षा मंच ने भी इस पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई। देवी मंडप में पूजा करा कर और प्रक्रिया में शामिल लोगों को अंगवस्त्र दे कर उनका ‘शुद्धिकरण’ किया गया, इसके बाद ‘घर वापसी’ कराई गई। दैनिक जागरण में प्रकाशित एक ख़बर के अनुसार, धर्म में वापसी करने वाले परिवार के सदस्यों ने धर्म परिवर्तन करने का कारण बताते हुए कहा कि उनके परिवारों में मिरगी, यक्ष्मा, गठिया आदि बीमारियों से आक्रांत लोग हैं। वे लोग करीब एक दशक से इन बीमारियों से पीड़ित हैं।

उन लोगों ने बताया कि चर्च के पादरियों ने उन्हें बहलाया-फुसलाया और धर्म परिवर्तन कराने को कहा। पादरियों ने कई अन्य प्रकार के प्रलोभन देते हुए बीमारी ठीक कर देने का भी आश्वासन दिया। पादरियों ने उन्हें बताया कि ईसाई चंगाई सभा में जाने से ऐसी बीमारियाँ ठीक हो जाती हैं। जब हिन्दू जागरण मंच के लोगों को यह बात पता चली तो उन्होंने घर-घर जाकर लोगों को समझाना शुरू किया। इसके बाद इन लोगों की ‘घर वापसी’ हो सकी।

9:30 और कोई WFH नहीं: प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मंत्रियों को किया ‘टाइट’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में सभी मंत्रियों से साफ़-साफ़ कहा कि वे समय पर दफ्तर पहुँचे और घर से काम करने वाली आदत से बचें। पीएम ने उन्हें नसीहत दी कि वे लोगों के लिए एक अच्छा उदाहरण पेश करें। मीडिया में चल रही ख़बरों के अनुसार, नई सरकार के मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ मंत्रियों से कहा कि वे नए व जूनियर मंत्रियों को साथ लेकर चलें। राज्य मंत्रियों को बड़ी भूमिका देने की बात करते हुए मोदी ने कहा कि कैबिनेट मंत्रियों को उनके साथ महत्वपूर्ण फाइलें साझा करनी चाहिए। इससे उत्पादकता बढ़ेगी। पीएम ने कहा कि बेहतर कोआर्डिनेशन से बेहतर परिणाम आएँगे।

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में नए ट्रिपल तलाक बिल को मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने जम्मू और कश्मीर में छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन के विस्तार को भी अपनी मंजूरी दे दी है। इसी बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रियों से ऑफिस समय पर आने की सलाह दी। पीएम मोदी ने मंत्रियों को सांसदों से मिलने के लिए उनको अपना वक़्त देने के लिए भी कहा है। पीएम ने कहा है कि उनके राज्यों के सांसदों से वो नियमित तौर पर मिलते रहें और मिलने के लिए सांसदों को समय देते रहें। इससे उन्हें जनता की दिक्कतों का पता चलेगा और समस्याएँ सुलझाने में मदद मिलेगी।

12 जून को नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया कि मुस्लिम महिलाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार संसद सत्र में तीन तलाक़ बिल पेश करेगी। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि पुराने अध्यादेश को ही बिल के रूप में तब्दील किए जाने का निर्णय लिया गया है।

जावड़ेकर ने इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में 200 प्वाइंट रोस्टर के हिसाब से नियुक्ति के लिए सदन में बिल पेश करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने 13 प्वाइंट रोस्टर का जो फैसला दिया था, उससे अनुसूचित जाति और जनजाति के वर्ग के लोगों को नुकसान हो रहा था। इसी कारण से केंद्रीय कैबिनेट ने फैसला किया है कि 200 प्वाइंट रोस्टर बहाल करने के लिए सरकार जो अध्यादेश लाई थी, उसे अब बिल के तौर पर सदन में पेश किया जाएगा।

बंगाल: नहीं थम रही हिंसा, राज्यपाल ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

बंगाल में लोकसभा निर्वाचन खत्म हो जाने के बाद भी न रुक रही हिंसा को देखते हुए राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने सभी मुख्य राजनीतिक दलों की सर्वदलीय बैठक कल (बृहस्पतिवार) बुलाई है। बैठक का आमंत्रण पत्र चारों बड़े राजनीतिक दलों कॉन्ग्रेस, माकपा, भाजपा, और तृणमूल कॉन्ग्रेस को भेजा गया है। बैठक शाम 4 बजे होने की उम्मीद है।

भाजपा-तृणमूल की हाँ, माकपा-कॉन्ग्रेस नखरे के मूड में

हैरत की बात यह है कि भाजपा के अलावा जहाँ तृणमूल कॉन्ग्रेस भी (जिसके इस बैठक में शामिल होने को लेकर सर्वाधिक संशय किया जा सकता था) बैठक के लिए मान गए हैं, वहीं कॉन्ग्रेस और माकपा ने अभी बैठक में शामिल होने को लेकर अंतिम उत्तर नहीं दिया है (टाइम्स ऑफ़ इंडिया की खबर)। वहीं इंडिया टुडे ने इसके उलट यह दावा किया है कि तृणमूल से पार्थो चटर्जी, भाजपा से दिलीप घोष के अलावा माकपा से एसके मिश्रा और कॉन्ग्रेस से एसएन मित्रा भी बैठक में शामिल होंगे।

तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि राज्यपाल का पद संवैधानिक संस्था है, और तृणमूल उसका सम्मान करेगी। बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने भी बैठक का स्वागत करते हुए कहा कि बेहतर होता अगर ममता सरकार इसके लिए उपक्रम करती। इस मीटिंग के पहले राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर उन्हें बंगाल के हालात की सूचना दी।

राष्ट्रपति शासन की संभावना ख़ारिज?

बंगाल में राष्ट्रपति शासन की संभावना पर त्रिपाठी का कहना था कि बैठक में यह मसला नहीं उठा। बंगाल में आसन्न राष्ट्रपति शासन की सम्भावनाएँ तब तेज हो गईं थीं जब गृह मंत्रालय ने बंगाल में चल रही इस हिंसा को राज्य सरकार की नाकामी करार दिया था। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा काडर पर बंगाल में हिंसा भड़काने की कोशिश का आरोप लगाया था।

प्रियंका ने कार्यकर्ताओं को हार के लिए लताड़ा, कॉन्ग्रेसियों ने कहा वो बनें UP CM पद की दावेदार

लोकसभा चुनावों में करारी शिकस्त के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी अपने चुनावी अभियान की समीक्षा करने में जुटी हुई है। कॉन्ग्रेस महासचिव और पूर्वी यूपी की प्रभारी प्रियंका गाँधी समीक्षा बैठक कर रही हैं। इस बैठक में पार्टी के नेताओं ने एक सुर में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपित रॉबर्ट वाड्रा की पत्नी प्रियंका गाँधी को 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की माँग की है।

कॉन्ग्रेस आभार सम्मेलन में प्रियंका गाँधी की नाराजगी दिखी, “मैं यहाँ भाषण नहीं, समीक्षा कर अपनी भावनाओं को प्रकट करना चाहती हूँ। आपने समर्थन दिया, लेकिन सच्चाई कड़वी लगेगी। इस चुनाव में रायबरेली की जनता ने सोनिया गाँधी को जिताया है। इस चुनाव में सभी कार्यकर्ताओं ने दिल से काम नहीं किया। इस चुनाव में आप सब में से जिसने दिल से काम किया है उसकी जानकारी आप सबको है। जिसने दिल से काम नहीं किया उसकी जानकारी मैं करूँगी। मैंने हमेशा कहा कि चुनाव संगठन लड़ाता है। अपना मन बना लीजिए दिल से काम करना है, तो संघर्ष करना पड़ेगा।”

बैठक में हार के लिए कमजोर संगठन को जिम्मेदार माना गया जबकि पार्टी का मानना है कि भविष्य में पार्टी को गठबंधन नहीं करना चाहिए। उत्तर प्रदेश के 40 जिलों के कॉन्ग्रेस नेताओं ने पार्टी नेतृत्व से भविष्य में अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन का विकल्प चुनने से मना किया है।

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गाँधी और कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी से बुधवार को रायबरेली के गेस्ट हाउस में मिलने वाले पार्टी नेताओं ने कहा कि पार्टी को खुद अपने पैरों पर खड़े होने का प्रयास करना चाहिए। कई कॉन्ग्रेस नेताओं ने यह भी माँग की कि 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रियंका को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाया जाए।

बैठक में मौजूद पूर्व सांसद डॉ संजय सिन्हा ने संवाददाताओं से कहा, “सभी उपस्थित लोग इस बात पर एकमत थे कि हमें बिना किसी गठजोड़ के आगे बढ़ना चाहिए। हमें कॉन्ग्रेस को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने की जरूरत है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वाराणसी के पूर्व सांसद और कॉन्ग्रेस नेता राजेश मिश्रा ने कहा, “ज्यादातर नेताओं का मानना है कि संगठन के कमजोर होने की वजह से पार्टी को शिकस्त का सामना करना पड़ा। राज्यभर में पार्टी को मजबूत बनाने के लिए काम किया जा रहा है। हमने मिलकर काम करने का तय किया है ताकि संगठन को मजबूत और कारगर बनाया जा सके। अगर प्रियंका डोर-टू-डोर प्रचार की जिम्मेदारी संभालती हैं तो निश्चित रूप से राज्य में हमारी सरकार होगी।”

मीडिया के अनुसार, अमेठी में कॉन्ग्रेस की हार को लेकर राहुल और प्रियंका गाँधी को रिपोर्ट सौंप दी गई है। राहुल गाँधी अमेठी में बीजेपी नेता स्मृति ईरानी से 55,000 वोटों के मामूली अंतर से हार गए थे। यह भी कहा जा रहा है कि कुछ जिला अध्यक्ष ने उम्मीदवारों के चयन पर भी सवाल उठाए हैं।

कॉन्ग्रेस ने कहा ‘राहुल ही थे, हैं और रहेंगे अध्यक्ष’: भाजपा में ख़ुशी की लहर, 2047 तक रहेगी चिल्ल?

रवीश चचा खुद सूती कपड़े पहनकर भाजपा समर्थकों पर चाहे कितना भी भक्ति करने का आरोप लगाएँ, लेकिन उन्हें कॉन्ग्रेस के राजपरिवार के प्रति उनके सेवकों के समर्पण भाव और भक्ताई का शायद ही कोई इल्म है। कॉन्ग्रेस पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आज अध्यक्ष राहुल गाँधी की संन्यास की ख़बरों से पर्दा हटाते हुए खुलासा कर ही दिया है कि ये सब फर्जी ख़बरें हैं और दुनिया की कोई भी ताकत राहुल गाँधी से अध्यक्ष का पद नहीं छीन सकती है। उन्होंने पूरी चौड़ाई में आज पब्लिक के बीच आकर ये घोषणा कर ही डाली कि राहुल गाँधी पार्टी अध्यक्ष थे, हैं और हमेशा अध्यक्ष ही बने रहेंगे।

रणदीप सुरजेवाला ने जैसे ही आज अपना बयान दिया दिया; अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और हिन्द महासागर में कुछ छोटे-बड़े चक्रवातों ने जन्म लिया। कुछ सूत्रों का तो यह भी कहना है कि युवा अध्यक्ष राहुल गाँधी के बारे में हुई इस ऐतिहासिक घोषणा के बाद इटली के पास एड्रियाटिक सागर में भी जबरदस्त ज्वार-भाटा देखने को मिला है। हालाँकि, गोदी मीडिया ने इसमें इटली का जिक्र होने के कारण छुपाकर रखा। इसके बाद यूनेस्को ने भी संकेत दिए हैं कि वो भी राहुल गाँधी को सदी का बेस्ट अध्यक्ष का खिताब देने पर विचार कर रहे हैं।

‘सरकारें आएँगी-जाएँगी लेकिन राहुल गाँधी अध्यक्ष बने रहने चाहिए’

राहुल गाँधी के बारे में हुई इस भविष्यवाणी के बाद कॉन्ग्रेस में मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं ने भी एक स्वर में इस बात को दोहराते हुए कहा- “सरकारें आएँगी-जाएँगी लेकिन राहुल गाँधी अध्यक्ष ही बने रहने चाहिए।”और सबने ध्वनि मत से इस बात का समर्थन भी किया। हालाँकि राहुल गाँधी के नेतृत्व क्षमता से प्रभावित होकर उनके भविष्य के बारे में हाल ही में कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने भी भविष्यवाणी करते हुए कहा था कि “राहुल जी सदृश दूसरा मूर्ख मिलना मुश्किल, उनकी जगह कोई ले ही नहीं सकता

भाजपा कार्यकर्ताओं ने बाँटी मिठाइयाँ

कॉन्ग्रेस द्वारा राहुल गाँधी के भविष्य को लेकर की गई इस घोषणा से भाजपा के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला है। हर गली-मोहल्ले में भाजपा कार्यकर्ताओं ने घूम-घूमकर मिठाइयाँ बाँटी और सड़कों पर जमकर नागिन डाँस भी किया। हालाँकि, अमित शाह ने कार्यकर्ताओं के इस जश्न में खलल डालते हुए कह दिया कि यह मात्र एक अफवाह है क्योंकि राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष रहेंगे ना कि भाजपा के, और चुपके से नरेंद्र मोदी की ओर देखते हुए उन्होंने कहा- “यही तो मास्टरस्ट्रोक है।

फूट-फूटकर नाचे भाजपा कार्यकर्त्ता, नागिन डांस की एक झलक

इसके बाद कार्यकारिणी मीटिंग में अमित शाह यह कहते हुए भी सुने गए कि अब जबकि 2047 तक राहुल गाँधी ने कॉन्ग्रेस का चिरकालीन अध्यक्ष बने रहने का फैसला कर ही लिया है तो अब वो अगले चुनाव से पहले-पहले युगांडा में भी भाजपा का बहुमत साबित करने पर विचार कर सकते हैं। अपने इस दावे की पुष्टि उन्होंने युगांडा के 2 विधायकों से बात करवाकर दी।

यूगांडा की EVM का जायजा लेते हुए अमित शाह

राहुल गाँधी के इस आजीवन अध्यक्ष बने रहने की भीष्म प्रतीज्ञा से रोजगार के आँकड़ों में तुरंत एक बार फिर तीव्र उछाल आया। जब इसके पीछे कारण पता किया गया तो खुलासा हुआ कि यह रोजगार कॉन्ग्रेस के लिए 2047 तक सस्ते और घटिया चुटकुले सुनाकर नए कुणाल कामरा तैयार किए जाने की प्रक्रिया भी चालू की जा चुकी है।

वामपंथी CM पी विजयन के खिलाफ पोस्ट लिखने के लिए 119 पर केस, मीडिया गिरोह मौन

केरल की मौजूदा सरकार ने अब तक 119 व्यक्तियों पर सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के खिलाफ कुछ भी आपत्तिजनक लिखने के लिए केस किया है। यह कोई मनगढंत आँकड़ा नहीं है बल्कि केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने मंगलवार (जून 11, 2019) को राज्य विधानसभा में खुद बताया कि सरकार में आने के बाद से अब तक 119 लोगों पर सोशल मीडिया पर सीएम को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट लिखने के लिए मामला दर्ज हुआ है।

गौरतलब है कि यहाँ मीडिया के किसी भी धड़े को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में नज़र नहीं आई और न ही कोई हो हल्ला हुआ। सब कुछ ऐसा रहा जैसे कुछ हुआ ही नहीं या ‘हुआ तो हुआ’। क्या मीडिया गिरोह के किसी भी सदस्य ने इस पर आपको बताया कि केरल में आपातकाल आ गया है वहाँ सोशल मीडिया पर कुछ भी सत्ता के खिलाफ लिखने पर केस दर्ज़ हो जा रहा है।

मीडिया का समुदाय विशेष जो बात बे बात पर आपातकाल लाता रहता है वह विशेष धड़े ने इसे चुपचाप गुज़र जाने दिया। बता दें कि अभी हाल के ही दिनों में फेसबुक पर योगी आदित्यनाथ के खिलाफ एक बकवास वीडियो के आधार पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई और पूरा गिरोह उसे मजे लेकर शेयर-कमेंट करता पाया गया और जब इस पर बेहद ख़राब शब्दों के साथ इसे इस तरह पेश करने वाले द वायर से जुड़े पत्रकार प्रशान्त कन्नौजिया की गिरफ़्तारी हुई तो गिरोह के सम्मानित और बदनाम सदस्य तुरंत ही सोशल मीडिया से लेकर ट्विटर पर बवाल काटने लगे और अगले ही दिन सुप्रीम कोर्ट तक मामले को ले गए।

संयोग से एक तरफ जहाँ विजयन अभिव्यक्ति का गला घोटने की जिस समय घोषणा कर रहे थे लगभग उसी समय मंगलवार को ही इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को सोशल मीडिया पर पोस्ट के लिए गिरफ्तारी पर फटकार लगाई है।

यहाँ एक बार फिर से इस पूरे मीडिया गिरोह का दोहरा चेहरा आपके सामने है, जो अपने गालियों और आपत्तिजनक टिप्पणियों पर अभिव्यक्ति के नाम पर पूरी छूट चाहते हैं वहीं ऐसे ही कॉमरेडों के गढ़ केरल में या कोलकाता में जब अभिव्यक्ति का गला घोंटा जाता है तो यह बगले ताकते नज़र आते हैं।

इमरान ने गाय इसलिए काटी कि होली पर सांप्रदायिक तनाव भड़के, दिल्ली पुलिस ने दबोचा

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आज इमरान नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया जिसने बताया कि होली के दिन वह अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर दो समुदायों के बीच तनाव भड़काने की फ़िराक़ में था। इमरान का ताल्लुक एक व्यवसायी परिवार से है और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उसके परिवार के लोग गाय और भैंसों की खरीद-बिक्री का व्यापार करते हैं।

होली के दिन इमरान ने अपने तीन और दोस्तों, परवेज, लुकमान और इंशालाहम, के साथ मिलकर गाय काटी थी और इसका मकसद यह था की साम्प्रदायिक तनाव बढ़े। पुलिस द्वारा पूछने पर इमरान ने कबूला कि उसने होली के दिन हर्ष विहार इलाक़े में एक गाय काटी थी। इमरान आपराधिक रिकॉर्ड वाला व्यक्ति है।

इससे पहले, होली की सुबह (23 मार्च, 2019) पुलिस को कुछ महिलाओं ने हर्ष विहार इलाक़े में कटे हुए जानवरों के बारे में पुलिस को सूचित किया था। उन महिलाओं ने बताया कि खेत में जानवरों के कटे हुए अंग फैले हुए थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने वहाँ चौकसी बढ़ा दी थी और जाँच शुरू कर दी गई थी।