"अतिक्रमण को जायज़ ठहराना मंदिर की प्रॉपर्टी के साथ छेड़छाड़ जैसा है और इस तरह का कोई भी कार्य जिसमें मंदिर की जरूरत के अलावा उसमें किसी तरह की तोड़फोड़ की जाए तो यह हिन्दू भावनाओं को भड़काने जैसा होगा।"
"धरना तो समाप्त कर दिया, लेकिन आंदोलन अभी भी जारी है। जहाँ तक सवाल आयुर्वेद विभाग के संस्कृत प्रोफेसर पद के लिए फिरोज खान के आवेदन का है तो यह उनका निजी विषय है, और अगर प्रशासन उनकी नियुक्ति करता है तो यह प्रशासन का विषय है। लेकिन संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में..."
"मुझे पता है कि 10-11 विधायक अजित पवार के साथ हैं। लेकिन बागी विधायकों को मेरी चेतावनी है। मैंने अपने भतीजे अजित के फ़ैसले का समर्थन नहीं किया है। अगर विधायक उससे हाथ मिलाते हैं तो उन्हें दल-बदल विरोधी क़ानून याद रखना चाहिए। वे अपनी सदस्यता खो सकते हैं।"
शिवसेना ने भी अपने विधायकों को काफ़ी दिनों तक ठाकरे परिवार के निवास मातोश्री के पास ही स्थित एक होटल में रखा था। उन विधायकों को आधार कार्ड के साथ तलब किया गया था। अब कॉन्ग्रेस के विधायक भी जयपुर के रिसोर्ट में जाएँगे।
महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन हट गया और देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। अजित पवार एनसीपी के एक धड़े के साथ भाजपा से जा मिले और डिप्टी सीएम बने। कब, क्या और कैसे हुआ, पल-पल की कहानी।
"अभी लोकतंत्र की हत्या हो गई? जब शिवसेना स्वार्थ भाव से प्रेरित होकर 30 साल की दोस्ती तोड़कर अपने घोर विरोधियों का दामन थाम ले तो ये लोकतंत्र की हत्या नहीं है क्या?"
शुक्रवार की रात तक एनसीपी और कॉन्ग्रेस के समर्थन से शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने की बात कही जा रही थी और ख़ुद शरद पवार ने कहा था कि उद्धव के नाम पर सहमति बन गई है। लेकिन सुबह महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन का अंत भी हो गया और...
महाराष्ट्र की राजनीति ने आज कइयों को हँसने का मौका दिया। राज्य में बदले राजनीतिक समीकरण के कारण ट्विटर पर कई चुटकुलों और मीम ने अपनी जगह बनाई, जमकर शेयर किए गए।
"सदन में वो (फडणवीस और अजित पवार) बहुमत पेश नहीं कर पाएँगे, हम फिर से सरकार बनाने का प्रयास करेंगे। सरकार का नेतृत्व शिवसेना के पास हो ऐसा हमारा प्रयास होगा। बहुमत साबित होने तक हम साथ रहेंगे।"
कला संकाय में वैकेंसी नहीं है, केवल एक पद आयुर्वेद विभाग में खाली है। संभवतः वहाँ उन्हें चुन लिया जाएगा। इसके बाद फ़िरोज़ ख़ान SVDV से त्यागपत्र दे देंगे, क्योंकि उनकी जॉइनिंग वाइस चांसलर ऑफ़िस में हो चुकी है।