मीडिया हलचल

वो मीडिया हाउस जिसके लिए लादेन था पिता-पति, विवेकानंद को लिखा – सिगार पीने वाला

लादेन को एक 'पिता-पति' बताने वाले 'दी क्विंट' को स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन पर यह बताने की सबसे ज्यादा जरूरत महसूस हुई कि वह एक ‘सिगार पीने वाले सन्यासी’ थे।

राजदीप गिरोह का वैचारिक दोगलापन: संसद हमले को ‘महान दिन’ कहने वाले कैपिटल हिल हंगामे से हलकान

जब ऐसे दो चेहरे वाले लोग यूएस की संसद के बाहर हुए हंगामे पर सदमे में जाने का नाटक करते हैं, तो यह सिर्फ़ उनके पाखंडी चेहरे की हकीकत दिखाता है।

देवी-देवताओं को कोई मुनव्वर गाली दे तो चुप रहें, वरना भास्कर गुंडा कहेगा

'भास्कर' चाहता है कि देवी-देवताओं को गाली देना कोई 'मुनव्वर' अपना करियर ऑप्शन बना ले और आप सुनते रहें। विरोध नहीं करें। ऐसा करेंगे तो यह गुंडई होगी।

नींद से जागो आरफा खानम शेरवानी! भक्त तो बस हलाला-शिर्क पढ़ ही रहे हैं, कई मुस्लिम वही कर रहे हैं

हिंदू इस्लाम को बदनाम नहीं कर रहे हैं। इसकी मट्टी पलीद उसी कट्टरपंथ ने की है जिसकी कठपुतली बनकर आरफा 'ज्ञानवाचक' बनती हैं।

अप्रिय रवीश कुमार! एक ‘शांतिपूर्ण आंदोलन’ 53 लोगों की जान ले चुका है, अभी कितने बाकी हैं?

व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी के कुलपति रवीश कुमार ने अपने नए प्राइम टाइम वीडियो में आरोप लगाया है कि किसानों के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को बदनाम किया जा रहा है।

लव जिहाद पर हिंदू चुप रहें, क्योंकि सागरिका घोष ऐसा ही चाहती हैं, उन्होंने तुर्किश शो भी देखी है

ग्रूमिंग जिहाद के नाम पर हिंदू महिलाओं के भयावह अनुभव को सागरिका घोष मुस्लिम दामादों के प्रति 'मानसिक उन्माद' बताकर खारिज कर देती हैं।

दीप्रिंट वालो! ‘लव जिहाद’ हिन्दू राष्ट्र का आधार नहीं, हिन्दू बच्चियों को धोखेबाज मुस्लिमों से बचाने का प्रयास है

लव जिहाद कोई काल्पनिक राक्षस नहीं है। ये वीभत्स हकीकत है। मेरठ में हुआ प्रिया का केस शायद जैनब ने पढ़ा ही नहीं या निकिता के साथ जो तौसीफ ने किया उससे वो आजतक अंजान हैं।

हिन्दू एकता के लिए कपिल मिश्रा की पहल से घबराया वामपंथी मीडिया, Scroll ने लव जिहाद और मिशनरियों का किया बचाव

लोगों में एकता की पहल करना समाजसेवा है। 'लव जिहाद' के खिलाफ आवाज़ उठाना महिला अधिकारों की लड़ाई है। गोरक्षा पशु अधिकार की सुरक्षा है। वामपंथी इन्हीं अधिकारों के लिए लड़ने का दावा करते हैं तो फिर इनसे नफरत क्यों?

‘हिंदुओं को सबक सिखाने’ और ‘देश की गर्दन काटने’ वालों को TheWire क्यों कह रहा – एक्टिविस्ट, स्कॉलर?

दिल्ली दंगों और भीमा-कोरेगाँव के कई आरोपित आज जेल में हैं। 'The Wire' ने एक सूची बना कर इन सभी को निर्दोष बताने की कोशिश की है।

चंदा बाबू जैसों के डर का नाम है जंगलराज, आँकड़ों की लीपापोती से नहीं धुलेगा लालू का ये दाग

जंगलराज जैसे नाम आँकड़ों पर नहीं, लोगों के भीतर अपराध को ले कर जगे डर के कारण मिलते हैं। जब पुलिस केस दर्ज न करे, केस दर्ज करने पर आपकी हालत चंदा बाबू जैसी हो जाए, तो वो डेटा में नहीं लिखा जाता।

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