कंगना रनौत 'महिला-विरोधी' हैं, क्योंकि वो बलात्कारियों का समर्थन नहीं करतीं। वामपंथी गैंग नाराज़ है, क्योंकि वो चाहता है कि कंगना अँग्रेजों के तलवे चाटे और महाभारत को 'मिथक' बताएँ। न्यूज़लॉन्ड्री निर्भया की माँ को उपदेश देकर कह रहा है ये 'न्याय' नहीं बल्कि 'बदला' है।
भारत की कथित सेक्युलर मीडिया, वामपंथी-लिबरल गैंग इंटरनेट शटडाउन को प्रोपेगेंडा की चाशनी में इस कदर लपेट कर परोसता है कि जैसे अभिव्यक्ति की आजादी पर पहरा बिठा दिया गया हो। लेकिन, एक वैश्विक रिपोर्ट बताती है कि इंटरनेट की आजादी के मामले में भारत पाकिस्तान, चीन जैसे पड़ोसियों से ही नहीं रूस जैसे विकसित देशों से भी काफी आगे है।
साबित हो चुका है कि अक्षत ABVP का कार्यकर्ता नहीं। 'इंडिया टुडे' की पत्रकार वामपंथियों के साथ कानाफूसी और सेटिंग करते देखी गईं। कँवल की थेथरई का आलम ये है कि वो सीधा कह रहे कि वो सवालों के जवाब नहीं देंगे। फ़र्ज़ी स्टिंग को 'पाथ ब्रेकिंग' बताने के पीछे का सच।
2029 में मोदी चौथी बार PM बनेंगे और फिर राष्ट्रपति। भारत हिन्दू राष्ट्र बन जाएगा। दक्षिण भारत विद्रोह कर देगा, नॉर्थ-ईस्ट हाथ से निकल जाएगा और कश्मीर चला जाएगा। राजदीप ने झूठ और कल्पना के सहारे 'डर' तैयार किया है। इस मीठे ज़हर से बच कर रहिए।
JNU उपद्रव के बाद मीडिया द्वारा खुद को विक्टिम दिखाना। पुलिस-प्रशासन को विलेन बता, सोशल मीडिया पर लिखना। अगर यही सारे पत्रकार नक्सलियों द्वारा गला रेत लाश टाँगने की रिपोर्टिंग करने गए होते तो खबर गायब हो जाती और प्राइम टाइम होता अर्द्धसैनिक बल वाले सरदार की गाली और रिपोर्टरों की चाशनी में लिपटे प्रोपेगेंडा पर।
न्यूजलॉन्ड्री के एक पूर्व कर्मचारी ने CEO अभिनंदन सेखरी के बारे में कहा कि हिन्दुओं पर हुए अपराधों को दबाना, मुसलमानों पर हुए अपराधों में 'हिन्दू कनेक्शन' निकालना, सहकर्मियों को गाली देना, चिल्लाना और आम आदमी पार्टी के लिए अजेंडा चलाना, सेखरी का SoP है।
मोहित की जान की क़ीमत नहीं है क्योंकि वो 'योगी की पुलिस' का हिस्सा हैं। वहीं सुलेमान UPSC की तैयारी करने वाला एक 'आदर्श' छात्र है, जो किसी क़ानून के पारित होने के बाद उसे पढ़ कर नोट्स नहीं बनाता बल्कि देशी कट्टा लहराते हुए आगजनी करने निकल पड़ता है। मीडिया का हीरो कौन?
हर उस आदमी को गोदी मीडिया, आईटी सेल, व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी बोल देते हैं, जो उनके पाखंड की पोल खोलने की जुर्रत करता है। मुझे भरोसा है कि रवीश जी सबका नाम किसी कॉपी में लिखकर रख रहे होंगे कि जब राहुल गाँधी प्रधानमंत्री बनेंगे तो उनसे बोलकर सबको जेल भिजवाएँगे।
अब्दुल गिर जाता है, उसकी आँखों के सामने स्कूल जाती रजिया का चेहरा घूमता है, उसके माता-पिता की तस्वीर नाचती है, उसकी आँख बंद होने लगती है, लोग उसके ऊपर लात रख कर भाग रहे होते हैं। भीड़ छँटने के बाद अब्दुल मरा हुआ पाया जाता है।