मीडिया

मीडिया से जुड़ी ख़बरों पर नज़र

ट्विटर, मुस्लिम

‘भीम-मीम’ ट्विटर पॉलिटिक्स: ‘दलित’ दिलीप मंडल के बाद मुस्लिम संपादक शाहिद सिद्दीकी ने मॉंगा Blue Tick

दिलीप सी मंडल ने आरोप लगाया था कि ट्विटर दलितों को ब्लू टिक नहीं देता है। इसके बाद कथित दलित कार्यकर्ता और वामपंथी गिरोह सक्रिय हो गया और मंडल जी को ब्लू टिक मिल गया। अब इसी नुस्खे के साथ शाहिद सिद्दीकी ब्लू टिक मॉंग रहे हैं।
रवीश, एनडीटीवी, पाकिस्तानी आतंकी और पाक सेना

जब पत्रकार निष्पक्षता का चोला ओढ़े वही काम करते हैं जैसे पाक सेना के लिए वहाँ के आतंकी

पाकिस्तानी सरकार के पास 'अच्छे आतंकी' हैं, जो उनके भारत-विरोधी अजेंडे को सेना के शह पर अंजाम देती है जो सेना स्वयं खुल्लमखुल्ला नहीं कर सकती। वैसे ही एनडीटीवी जैसों के पास 'निष्पक्ष' पत्रकार हैं जो 'निजी राय' के नाम पर कॉन्ग्रेस के लिए भाजपा-विरोधी अजेंडा चलाते हैं।
राम मंदिर, वामपंथी मीडिया

वो 8 मीडिया पोर्टल्स जिन्होंने राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट को ही घेरा, हिन्दू देवताओं का उड़ाया मजाक

राम मंदिर पर हद दर्जे की नकारात्मकता फैलाई गई। आपको जानना ज़रूरी है कि इस फ़ैसले को लेकर कैसी-कैसी वाहियात और डरावनी बातें कही गईं। इन 8 मीडिया पोर्टल्स को पहचान लीजिए और उन्होंने कैसे हिन्दुओं को बदनाम करने का प्रयास किया, यह भी देख लीजिए।
निधि राजदान

NDTV की एंकर फैला रही थी फेक न्यूज़, वो भी भारत विरोधी… रक्षा विशेषज्ञ ने लगाई क्लास

पाकिस्तान के समर्थन में प्रोपेगंडा NDTV के लिए नया नहीं है। हाल ही में पाकिस्तान ने एनडीटीवी की ही एक फुटेज को अपने भारत-विरोधी एजेंडा को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया था। निधि ने अपने चैनल के 'काम' को आगे बढ़ाते हुए...
निधि राजदान

कश्मीरियों को नमाज नहीं पढ़ने दिया जा रहा: NDTV की निधि राजदान और Pak चैनलों ने फैलाया झूठ

श्रीनगर के डीएम शाहिद चौधरी ने ख़ुद कई ऐसे फोटो शेयर किए, जिसमें लोग दरगाह के पास इकट्ठे होकर ईद-उल-मिलाद मनाते दिख रहे हैं। इन लोगों ने वहाँ नमाज पढ़ी। इन फोटोग्राफ्स से निधि के झूठ का पर्दाफाश हो गया।
निधि राजदान

कश्मीर पर पाक प्रायोजित कार्यक्रम में शामिल हुईं NDTV की निधि राजदान, आतंकी संगठन ने कहा- शाबाश

जेकेएलएफ ने इस कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि निधि राजदान के रूप में मंच पर एक 'कश्मीरी आवाज़' भी मौजूद था। जेकेएलएफ यासीन मलिक का संगठन है, जो अभी तिहाड़ जेल में बंद है।
भगवान राम

वामपंथियो! अयोध्या तो झाँकी है ब्रो, अभी तो और जलना बाकी है! उनके नाम जिनकी जली है… बहुत ज्यादा!

बाबरी मस्जिद का टूटना भले ही भारतीय कानून की दृष्टि में एक आपराधिक घटना है, लेकिन हिन्दुओं के इतिहास के हिसाब से यह उस आस्था के साथ न्याय है जिसके मंदिर की दीवार पर मस्जिद खड़ी की गई थी। इसलिए फैसले से नाखुश लोगों के लिए इतिहास 1528 से शुरू होता है, लेकिन हिन्दुओं के लिए तब से जब पहले मुसलमान आतंकी ने इस धरती को कलुषित किया।
नेशनल हेराल्ड, राम मंदिर

ख़ून-ख़राबे से बने मंदिर में भगवान भले आ जाएँ, पूजा करने कौन जाएगा: कॉन्ग्रेसी मुखपत्र का प्रोपगेंडा

सुजाता ने 'नेशनल हेराल्ड' में लिखा कि आडवाणी के साथ जब भी कुछ बुरा होता है तो उन्हें ख़ूब ख़ुशी होती है। साथ ही वो नरेंद्र मोदी पर आडवाणी के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाना भी नहीं भूलीं।
नेशनल हेराल्ड

कॉन्ग्रेसी मुखपत्र को खटका ‘अयोध्या में रामलला विराजमान’, फैसले को पाकिस्तानी कोर्ट के आदेश जैसा बताया

लेख में कहा गया है कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दूरगामी असर होगा। समय के साथ यह देखने को मिलेगा। लेखक ने 'उम्मीद' जताई है कि भारत के लिए यह उतना घातक नहीं हो, जिस तरह वह फैसला पाकिस्तान के लिए साबित हुआ।
अयोध्या, राम मंदिर

‘HINDU STHAN’ के नाम से किसने छापी फ्रंट पेज खबर, किसने सिर्फ ‘श्रीराम’ को दी जगह: अखबारों में आज

Stan (अगर H को साइलेंट कर दें तो, जो कि टेलिग्राफ के संपादक की मंशा भी थी, तभी उसने इसे ब्रेक करके हेडलाइन बनाई) का अर्थ शैतान होता है। खैर... शायद इन्हें नहीं पता लेकिन ये हेडलाइन बनाते-बनाते खुद हेडलाइन बन जाएँगे, JNU से गायब होते वामपंथियों की तरह।
इत्ती इज्जत मेरे अक्खे खानदान को नई दिया होगा तुम लोग, जितना मुझे एक घंटे में दे दिया

‘हिन्दू फासिस्ट’ से लिबरल-दुलारी हुई शिव सेना, उद्धव बने आँख के तारे: ‘मीडिया गिरोह’ ने जमकर उड़ेला प्यार

सागरिका घोष की ख़ुशी ट्विटर पर बल्लियों उछल कर बाहर आ रही थी। वे शायद वह समय भूल गईं जब उनके लिबरल गैंग ने इन्हीं उद्धव ठाकरे के पिता को हत्यारा, फासिस्ट और न जाने क्या-क्या कहा था। अभिसार शर्मा की तो ख़ुशी इतनी ज़्यादा थी शायद कि विह्वल होकर उनके मुखण्डल से शब्द ही नहीं फूटे। सो......
जयराम रमेश और शोएब दानियाल

हिन्दूफ़ोबिया के वीर: शोएब दानियाल के लिए साधु आतंकी, जयराम रमेश के लिए निहत्थों पर गोलीबारी बड़ी बहादुरी

यह सोचे जाने की ज़रूरत है कि सौ करोड़ से ज्यादा की आबादी के धर्म को गाली देने की हिम्मत कहाँ से आती है? ऐसी आस्था जिसने न मज़हबी हिंसा की, न जबरिया मतांतरण, उससे शोएब दानियाल जैसों की दुश्मनी क्या है?

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