मीडिया

मीडिया से जुड़ी ख़बरों पर नज़र

राणा अयूब

हिन्दू ब्राह्मणों को निशाना बनाने के लिए पाकिस्तान ने की ‘मुस्लिम जर्नलिस्ट राणा अयूब’ की तारीफ

पाकिस्तान द्वारा जारी वीडियो में आगे कहा गया है- "भारत में ब्राह्मण हिंदुओं के इतिहास को देखते हुए, 'CJ पोस्ट' राणा अयूब की जान की सुरक्षा को लेकर आशंकित है।" ब्राह्मण और हिन्दुओं से घृणा, पाकिस्तान और उसकी राणा अयूब जैसी बहनों के लिए कोई नया विषय नहीं है।
रवीश कुमार

कुछ तो परीक्षा, चुनाव में भी इंटरनेट पर लगा देते हैं पहरा, यहाँ तो प्राइम टाइम में प्रोपेगेंडा की आजादी

भारत की कथित सेक्युलर मीडिया, वामपंथी-लिबरल गैंग इंटरनेट शटडाउन को प्रोपेगेंडा की चाशनी में इस कदर लपेट कर परोसता है कि जैसे अभिव्यक्ति की आजादी पर पहरा बिठा दिया गया हो। लेकिन, एक वैश्विक रिपोर्ट बताती है कि इंटरनेट की आजादी के मामले में भारत पाकिस्तान, चीन जैसे पड़ोसियों से ही नहीं रूस जैसे विकसित देशों से भी काफी आगे है।
दी क्विंट

पकड़े जाने पर ‘The Quint’ ने डिलीट किया ‘बिना कागज़ के बेबस मुस्लिम ड्राइवर’ का फर्जी वीडियो

फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने दी क्विंट के इस प्रोपेगैंडा को ध्वस्त करते हुए वेबसाइट को चैलेंज भी किया था कि वह साबित करें कि यह एक फेक और सोची समझी घृणा फैलाने के मकसद से जारी किया गया स्क्रिप्टेड वीडियो नहीं है या फिर इसे डिलीट कर दें।
विवेक अग्निहोत्री, द क्विंट

‘पीड़ित’ मुस्लिम ड्राइवर निकला बॉलीवुड एक्टर: फ़िल्म निर्देशक ने खोली The Quint के ‘ड्रामे’ की पोल

अग्निहोत्री ने बताया कि 'द क्विंट' ने इस पूरे ड्रामे की साज़िश पहले ही रच ली थी। अर्थात, एक स्क्रिप्ट तैयार कर के एक जूनियर आर्टिस्ट को कैब ड्राइवर बनाकर NRC के नाम पर उससे अभिनय करवाया गया और दर्शकों को इसे सच बता कर परोस दिया गया। ये सब कुछ एक ड्रामा है।
राहुल कंवल

इंडिया टुडे समूह की ‘बेकार’ पत्रकारिता के 5 नमूने जिसे वो ‘महान’ खबरों के नाम से परोस चुके हैं

आज हम आपके सामने इंडिया टुडे की पत्रकारिता की पोल खोलने के लिए उनकी 5 ऐसी खबरें लेकर आए हैं। जब इस समूह ने अपने पाठक और दर्शक को सूचना देने के नाम पर या तो मजाक उड़ाया या फिर फेक न्यूज़ और व्यंग्य को खबर बताया।

NDTV पत्रकार की दलील: स्कूली छात्रों को CAA के बारे में बताना राजनीति है, क्योंकि इसे बड़े लोग नहीं समझ सके

नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन को लेकर प्रोग्राम किया गया और उसमें स्कूल के छात्रों को ले जाया गया तो NDTV के पत्रकार सोहित राकेश मिश्रा ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्कूल में छात्रों को नागरिकता कानून के बारे में बताना राजनीति है, क्योंकि इसे अभी तक बड़े लोग नहीं समझ सके हैं।
राजदीप सरदेसाई, स्टिंग ऑपरेशन

…जब 14 साल पहले राजदीप सरदेसाई ने फर्जी स्टिंग ऑपरेशन से एक डॉक्टर की जिंदगी कर दी थी बर्बाद

बात 2006 की है। नए-नए खुले IBN7 और CNN-IBN को किसी सनसनीखेज स्टोरी की तलाश थी। राजदीप उसके चीफ एडिटर थे। TRP के लिए इन्होंने रिपोर्टर जमशेद खान से एक फर्जी स्टिंग करवाया डॉ अग्रवाल का। खबर यह बनाई कि डॉक्टर भीख माँगने वाले गिरोह के लिए बच्चों का हाथ-पैर काटते हैं। जाँच में ऐसा कुछ नहीं निकला लेकिन...
इंडिया टुडे, राहुल कँवल

फ़र्ज़ी स्टिंग वाली ‘इंडिया टुडे’ के झूठ का वजन भारी हो गया है, सवालों से कब तक भागते फिरेंगे कँवल?

साबित हो चुका है कि अक्षत ABVP का कार्यकर्ता नहीं। 'इंडिया टुडे' की पत्रकार वामपंथियों के साथ कानाफूसी और सेटिंग करते देखी गईं। कँवल की थेथरई का आलम ये है कि वो सीधा कह रहे कि वो सवालों के जवाब नहीं देंगे। फ़र्ज़ी स्टिंग को 'पाथ ब्रेकिंग' बताने के पीछे का सच।

‘The Wire’ की पत्रकार आरफा खानम को लोगों ने समझाया जर्मनी-भारत का फर्क, कहा- हिटलर के विरोध के बाद…

“1930 के नाजी जर्मनी और वर्तमान समय के भारत के बीच क्या अंतर है?” 'The Wire' की पत्रकार आरफा खानम शेरवानी ने ट्विटर पर पूछा ये सवाल तो सोशल मीडिया यूजर ने उन्हें ठीक से समझाया, यहाँ पढ़ें कुछ जवाब....
इंडिया टुडे पत्रकार तनुश्री पांडेय

रिपब्लिक के पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की कर चुकी है वामपंथियों को कोचिंग देने वाली ‘इंडिया टुडे’ की तनुश्री

'इंडिया टुडे' की पत्रकार तनुश्री पांडेय वामपंथी छात्रों के साथ खुसुर-पुसुर करते हुए दिखी थीं। उन्होंने छात्रों को सिखाया था कि उन्हें कैमरे के सामने क्या बोलना है? इसी तनुश्री ने नवंबर 2019 में वामपंथियों के साथ मिल कर रिपब्लिक, ज़ी न्यूज़ और सुदर्शन चैनल के पत्रकारों के साथ बदतमीजी की थी।
फड़-फड़ फड़ाता प्रोपेगेंडा

प्रोपेगेंडा का Outlook: जब मोदी घृणा से कीबोर्ड तड़-तड़ाए तो पन्ने फड़-फड़ फड़फड़ाए

इस प्रोपेगेंडा के असर क्या होंगे यह गर्भ में नहीं है। सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक लोग इनके प्रोपेगेंडा का गुर्दा छील रहे हैं। छीलते रहेंगे। छीलने की रफ्तार जब चरम पर पहुँचेगी तो धुक-धुक धुका रहे इन संस्थानों की फड़-फड़ फड़ाहट खुद-ब-खुद दफन हो जाएगी।
इंडिया टुडे

JNU छात्रसंघ उपाध्यक्ष के साथ कानाफूसी कर के क्या सेटिंग कर रही है इंडिया टुडे की पत्रकार, वीडियो वायरल

इस वीडियो में कुछ बातें जो इंडिया टुडे की रिपोर्टर को कहते सुनी जा सकती हैं, उनमें सर्वर और चेहरे पहचाने जाने के बारे में बातें हैं। युवक इंडिया टुडे की रिपोर्टर से कह रहा है कि CCTV चल नहीं रहा था तो चेहरा पहचान नहीं पाए लेकिन वीसी ने तो कहा सर्वर सेम है, और मेल जा रहे थे।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

142,038फैंसलाइक करें
34,779फॉलोवर्सफॉलो करें
158,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements