मीडिया

मीडिया से जुड़ी ख़बरों पर नज़र

कॉन्ग्रेस, नेशनल हेराल्ड, ट्रंप का भारत दौरा

ट्रंप ने लिखा- मेरे अच्छे दोस्त मोदी, कॉन्ग्रेसी मुखपत्र नेशनल हेराल्ड ने देश को ही बता दिया- Shit Hole

साबरमती आश्रम में जब ट्रंप पीएम मोदी और भारत की शान में कसीदे पढ़े रहे थे, उससे पहले नेशनल हेराल्ड ने एक लेख छाप देश को नीचा दिखाने की पूरी कोशिश की। इसके मुताबिक, भारत पहला गरीब देश है जिसकी यात्रा पर अमेरिकी राष्ट्रपति आए हैं।
ओवैसी, पाकिस्तान जिंदाबाद

‘दी क्विंट’ ने किया आमूल्या लियोना का फैक्ट चेक, ताकि लोग ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारों को भूल जाएँ

अमूल्या लियोना का पक्षधर बनकर 'द क्विंट' ने एक फैक्ट चेक किया है। जिसमें बताया है कि किस तरह ट्विटर पर लोग इस पुराने वीडियो को शेयर कर रहे हैं और यूजर्स में भ्रम की स्थिति फैला रहे हैं। जबकि स्पष्ट है कि यहाँ भ्रम की स्थिति नहीं फैलाई जा रही?
सद्गुरु जग्गी वासुदेव

शिशु के लिंग के हिसाब से बदलता है माँ के दूध का गुण: सद्गुरु का मजाक उड़ाने वालों की रिसर्च ने खोली पोल

सद्गुरु ने कहा कि मॉं के दूध की प्रकृति शिशु के लिंग के हिसाब से बदलती है। वैज्ञानिक अध्ययनों से भी इसकी पुष्टि हो चुकी है। लेकिन, पहले ऑल्टन्यूज़ की संस्थापक और फिर महिला कॉन्ग्रेस तथा अन्य वामपंथियों ने उनके इस बयान का मजाक उड़ाया।
जामिया लाइब्रेरी कांड

जामिया के PhD दंगाई के हाथ में वॉलेट नहीं पत्थर ही था: AltNews के झूठ की पोल खोलता Video

प्रोपेगेंडा पोर्टल 'ऑल्टन्यूज़' ने दावा किया था कि विडियो में दिख रहे छात्र के हाथ में पत्थर नहीं, वॉलेट है। नए विडियो ने उसे फिर से झूठा साबित किया है। इस विडियो में अन्य छात्रों के हाथ में भी पत्थर दिख रहे हैं।
रवीश कुमार, जामिया लाइब्रेरी हिंसा

रवीश कुमार नहीं समझ पा रहे जामिया की लाइब्रेरी में क्यों भागे ‘छात्र’: बताने की कृपा करें

रवीश समेत कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस डंडे क्यों मार रही है? भाई, हाथ में पत्थर ले कर घूमने वाले और बसों में आग लगाने वाले छात्र नहीं, फसादी होते हैं। उनसे अपराधियों की तरह ही निपटना चाहिए।
शेखर गुप्ता-दी प्रिंट

Oops Sorry शेखर गुप्ता! वित्त मंत्री ने बताया द प्रिंट की रिपोर्ट को फर्जी, कहा- नहीं दिए ऐसे बयान

'दी प्रिंट' की इस खबर में बताया गया था कि वित्त मंत्री ने मुंबई के उद्योगपतियों का अपमान किया है। इसके बाद वित्त मंत्री के व्यवहार पर ज्ञान देते हुए दी प्रिंट ने लिखा है कि निर्मला सीतारमण लोगों की खिंचाई करने के लिए जानी जाती हैं, खासतौर पर जब वो किसी मुद्दे पर हाशिए पर हों।
आदिल अहमद डार

पुलवामा आतंकी था धोनी का फैन, बेचारे के शरीर का एक टुकड़ा भी नहीं मिला: HT ने लगभग दी श्रद्धांजलि!

मीडिया के लोग आतंकवादियों के एक 'आम आदमी' से आतंकवादी बनने की घटना का बेहद फ़िल्मी तरीके से महिमामंडन करते नजर आते हैं। आतंकवादियों से अलग यह अपना एक अलग किस्म का बौद्धिक जिहाद चला रहे होते हैं, जिनका पहला संघर्ष सामान्य विवेक और तर्क क्षमता से नजर आता है।
एनडीटीवी

NDTV का प्रोपेगेंडा: बीजेपी को दागदार बताने के लिए ग्राफ में 39% को 81% से बड़ा दिखाया

जो ग्राफिक एनडीटीवी ने दिखाया उसमें पॉंच पार्टियों की तुलना की गई थी। इन दलों में सबसे कम 39 फीसदी बीजेपी सांसद दागी हैं। लेकिन ग्राफ बीजेपी का सबसे बड़ा दिखाया गया ताकि उसके सबसे ज्यादा दागदार होना का भ्रम पैदा किया जा सके।
राजदीप सरदेसाई डांस

AAP की जीत पर स्टूडियो में नाचता है राजदीप, मोदी की जीत पर लड्डू खिलाने वाले की छिनती है नौकरी

विचारधारा के आधार पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। इसके कारण संपादकीय टीम में एक डर का माहौल है। जो लोग भी बीजेपी के समर्थक समझे जाते हैं उनमें से ज़्यादातर ने सोशल मीडिया पर कुछ भी लिखना बंद कर दिया है। जबकि वामपंथी, कॉन्ग्रेसी और आम आदमी पार्टी समर्थक माने जाने वालों पर ऐसी कोई पाबंदी लागू नहीं है।
एग्जिट पोल

जानिए कैसे ‘निकाला’ जाता है एग्जिट पोल, और क्यों होते हैं ये अक्सर गलत

जानकारी न हो तो ठगने में आसानी रहती है। ये गणित तीन पार्टी वाले चुनाव तक चलता है, मगर कई पार्टियों के बीच होने वाले चुनावों में नहीं, ऐसा बताए बिना अगर विश्लेषण सुनाए जाएँ तभी तो लोग देखेंगे-सुनेंगे! अगर पता हो कि इसके नाकाम होने की ही संभावना ज्यादा है तो भला न्यूज़ बेचने वाले पर भरोसा कौन करेगा?
एमके वेणु, द वायर

‘आत्मा’ से बात कर के ‘The Wire’ के संस्थापक ने कहा- केजरीवाल को 3% अतिरिक्त वोट मिले

लोगों ने एमके वेणु से पूछा कि क्या उन्होंने किसी पूर्व सीएम की आत्मा से बात कर के अरविन्द केजरीवाल की तारीफ कर दी? हालाँकि, 'द वायर' इन्हीं कारणों से जाना जाता है। भाजपा के विरोध में हवा बनाने के लिए वो कुछ भी कर सकता है। दिल्ली का कोई पूर्व सीएम जिन्दा ही नहीं हैं।
गुंजा कपूर

राजनीतिक विश्लेषक गुंजा कपूर के साथ शाहीन बाग में बदसलूकी, Video वायरल

इससे पहले भी कई और महिलाओं ने अलग धर्म होने के बावजूद वहाँ बुर्का पहन एकजुटता दिखाई थी। इसलिए, सवाल उठता है कि जब उन महिलाओं पर ऊँगली नहीं उठी, तो गुंजा से सवाल क्यों? जाहिर है, उनकी राजनीतिक विचारधारा के कारण। इन्हें डर है कि गुंजा प्रदर्शन स्थल से कई ऐसी चीजों को रिकॉर्ड करके दुनिया के सामने पेश कर देंगी, जिससे उनकी फजीहत...

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