विचार

उत्तर-पूर्वी राज्यों में संघर्ष पुराना, आंतरिक सीमा विवाद सुलझाने में यहाँ अड़ी हैं पेंच: हिंसा रोकने के हों ठोस उपाय  

असम के मुख्यमंत्री नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस के सबसे महत्वपूर्ण नेता हैं। उनके और साथ ही अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के लिए यह अवसर है कि दशकों से चल रहे आंतरिक सीमा विवाद का हल निकालने की दिशा में तेज़ी से कदम उठाएँ।

जाति है कि जाती नहीं… यूपी में अब विकास दुबे और फूलन देवी भी नायक? चुनावी मेंढक कर रहे अपराधियों का गुणगान

किसी को ब्राह्मण के नाम पर विकास दुबे और श्रीप्रकाश शुक्ला तो किसी को निषाद के नाम पर फूलन देवी याद आ रही है। वोट के लिए जातिवाद में अपराधियों को ही नायक क्यों बनाया जाता है?

‘कारगिल कमेटी’ पर कॉन्ग्रेस की कुण्डली: लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा राजनीतिक दृष्टिकोण का न हो मोहताज

हमें ध्यान में रखना होगा कि जिस लोकतंत्र पर हम गर्व करते हैं उसकी सुरक्षा तभी तक संभव है जबतक राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय किसी राजनीतिक दृष्टिकोण का मोहताज नहीं है।

रूठे कॉन्ग्रेसियों के लिए मौसम अच्छा… पर सचिन पायलट न सिद्धू हैं और न राजस्थान की आबोहवा पंजाब जैसी

पंजाब में सिद्धू की लड़ाई पार्टी के भीतर अपना 'कद' हासिल करने की थी, जबकि राजस्थान में पायलट अपना 'हक' हासिल करने की लड़ाई लड़ रहे हैं।

कीचड़ मलती ‘गोरी’ पत्रकार या श्मशानों से लाइव रिपोर्टिंग… समाज/मदद के नाम पर शुद्ध धंधा है पत्रकारिता

श्मशानों से लाइव रिपोर्टिंग और जलती चिताओं की तस्वीरें छापकर यह बताने की कोशिश की जाती है कि स्थिति काफी खराब है और सरकार नाकाम है।

जिस भास्कर में स्टाफ मर्जी से ‘सूसू-पॉटी’ नहीं कर सकते, वहाँ ‘पाठकों की मर्जी’ कॉर्पोरेट शब्दों की चाशनी है बस

"भास्कर में चलेगी पाठकों की मर्जी" - इस वाक्य में ईमानदारी नहीं है। पाठक निरीह है, शब्दों का अफीम देकर उसे मानसिक तौर पर निर्जीव मत बनाइए।

16 अगस्त को ममता बनर्जी मना रहीं ‘खेला होबे दिवस’, 1946 की इसी तारीख को मुस्लिम लीग ने लॉन्च किया था ‘डायरेक्ट एक्शन डे’

16 अगस्त 1946 को हिंदुओं का कत्लेआम शुरू हुआ था, उसी तारीख को 'खेला होबे दिवस' मना क्या संदेश देना चाहती हैं ममता बनर्जी?

वामपंथी मीडिया से लेकर सरकारें गिराने वाली विदेशी एजेंसियों के निशाने पर भारत: जानिए कितना सुनियोजित है प्रोजेक्ट पेगासस षडयंत्र

पेगासस का खुलासा करने वाली संस्था फॉरबिडेन स्टोरीज को उन लोगों और संस्थाओं से दान मिलते हैं, जो सरकारों को अस्थिर करने का काम करती हैं।

पंजाब कॉन्ग्रेस का एक ‘कैप्टन’-4 पहरेदार, असल में कौन सरदार: सिद्धू VS अमरिंदर में साफ न हो जाए ‘हाथ’

सिद्धू को पंजाब कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष बनाने से अंदरूनी विवाद कुछ दिनों के लिए भले शांत हो जाए, लेकिन दो पावर सेंटर होने से भविष्य में संकट और गहरा होगा।

सुरसा की तरह बढ़ती आबादी, मजहबी कुतर्कों से नहीं टलेगा खतरा: योगी सरकार के इस कदम पर बात करनी ही होगी

बढ़ती जनसंख्या के आर्थिक और राजनीतिक आयाम आज भी वही हैं जो पहले थे। यह समझने की आवश्यकता है कि इससे पैदा होनेवाले प्रश्न और खतरों को और पीछे नहीं फेंक सकते।

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