विचार

शाहीन बाग वालों ने पोस्टर से मंशा बता दी: हिन्दू स्त्रियों पर है इनका ध्यान, पहले कन्वर्जन फिर…

पहले काली माँ के हिजाब से टेस्टिंग हुई। फिर देखा कि किसी हिन्दू को फर्क नहीं पड़ा, तो उन्होंने अब आम हिन्दू स्त्री को हिजाब में दिखाया, बिन्दी के साथ। संदेश साफ है कि हिन्दुओं के प्रतीकों को तोड़ा जाएगा, उनकी स्त्रियों को कन्वर्ट किया जाएगा, और फिर उन्हें इसी काले बोरे में निकलना होगा।

दिल्ली में शिक्षा क्रांति के दावे ऊँचे, हकीकत फीकी: 500 स्कूल नहीं खुले, कमरे गिनवा रही केजरीवाल सरकार

केजरीवाल सत्ता में आए थे 500 नए स्कूल खोलने का वादा कर। लेकिन, न स्कूल खुले। न नामांकन बढ़ा। न परिणाम सुधरे और न शिक्षक बहाल हुए। गिने-चुने स्कूलों में करोड़ों लुटाकर उसका ढोल पीट सरकार ने पॉंच साल गुजार लिए।

CAA विरोध में हिन्दूघृणा वाले 30 पोस्टर: अजीत भारती की राय | Ajeet Bharti on Hinduphobic Posters in CAA Protest

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में हिन्दूघृणा के कई पोस्टर और नारे लगाए गए। इसमें...

AAP की शिक्षा क्रांति! 12वीं में घट गए बच्चे, 10वीं के नतीजे 13 साल में सबसे बदतर

दिल्ली में जिस शिक्षा क्रांति के केजरीवाल सरकार दावे कर रही, वह खूबसूरत तस्वीरों की आड़ में कई ऐसे तथ्य छुपाए हुए है जो मुख्यधारा की चर्चा से गायब हैं या लोग इससे अनजान हैं। सच्चाई यह है कि गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा आज भी स्वप्न ही है।

फ़र्ज़ी स्टिंग वाली ‘इंडिया टुडे’ के झूठ का वजन भारी हो गया है, सवालों से कब तक भागते फिरेंगे कँवल?

साबित हो चुका है कि अक्षत ABVP का कार्यकर्ता नहीं। 'इंडिया टुडे' की पत्रकार वामपंथियों के साथ कानाफूसी और सेटिंग करते देखी गईं। कँवल की थेथरई का आलम ये है कि वो सीधा कह रहे कि वो सवालों के जवाब नहीं देंगे। फ़र्ज़ी स्टिंग को 'पाथ ब्रेकिंग' बताने के पीछे का सच।

‘जिन्ना वाली आज़ादी’ बेटी ने भी नहीं की कबूल, अपने ही Pak में बुरी मौत मरा ‘कायदे आजम’

जिस महिला के अब्बा 'बाबा-ए-क़ौम' हो वह अपने परिवार के साथ पाकिस्तान नहीं जाती। क्यों? जानने के लिए 'जिन्ना की आज़ादी' का नारा लगाने वालों को जानना चाहिए कि अपने ही बनाए पाकिस्तान में 'कायदे आजम' कौन सी मौत मरे थे।

60 सालों तक कॉन्ग्रेस को सत्ता तो जनता समझदार… मोदी को चुना तो ‘मासूम’ या बेवकूफ: वाह चिदंबरम जी वाह!

जब तक जनता ने चिदंबरम की पार्टी की योजनाओं और झूठे वादों को बिना कोई सवाल किए, बिना कोई जाँच-पड़ताल किए आँख मूँदकर माना, तो समझदार... लेकिन जैसे ही जनता ने सच्चाई को देख-समझकर, देश हित को जान कर फैसला लेना शुरू किया वो बेवकूफ! तिहाड़ी से आने के बाद शायद...

₹575 करोड़ Pak को और पानी भी: गृहमंत्री और कैबिनेट के खिलाफ जाकर जब नेहरू ने लिया था वो फैसला

उस समय के कैबिनेट मंत्री मोरारजी देसाई ने तो विपक्षी दलों को भी इस संधि के खिलाफ एकसाथ होने की सलाह दे डाली थी। तत्कालीन गृहमंत्री गोविन्द बल्लभ पन्त भी पाकिस्तान को दी जाने वाली इस आर्थिक राशि से नाखुश थे। वो चाहते थे कि इस आर्थिक राशि का उस धन के साथ सामन्जस्य बैठाया जाए, जो हिन्दू शरणार्थी पाकिस्तान में छोड़ कर आ चुके थे।

छपाक कैसा होता होगा? कोई चंदा बाबू से पूछे…

'छपाक' और उससे जुड़े हंगामे का शोर ज़्यादा है। देखिएगा, कहीं नक्कारखाने में तूती की आवाज़ की तरह शहाबुद्दीन 'छपाक' के एसिड अटैक भुला ना दिए जाएँ।

‘आपके संघर्ष, आपकी लड़ाई सब बेकार अगर हिन्दुओं से घृणा न करें’ – रंगोली चंदेल ने खोली गिरोह की गाँठें

"यदि हम हिंदुओं से घृणा नहीं करते हैं, अपनी सरकार को या सुरक्षा बलों को खलनायक नहीं बताते, तो यहाँ आपको सराहा नहीं जाएगा। सराहा तब जाएगा जब आप देश के भविष्य के बारे में निराशावादी हों, पाकिस्तान से और उसके आतंकियों से प्यार करें... इसलिए क्षमा करें मुझे ऐसे प्यार की जरूरत नहीं।"

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