विचार

कॉन्ग्रेस औंधे मुँह गिरने को तत्पर, मोदी को कोसने के सिवा नहीं बचा कोई काम

इस सवाल का जवाब कॉन्ग्रेस बखूबी जानती है कि मोदी ने जिस कुशलता के साथ अपने कार्यकाल को पूरा किया है, वो कॉन्ग्रेस से 70 सालों में नहीं हो सका। राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस पार्टी का गिरता स्तर पता नहीं कब क्या नया बखेड़ा खड़ा कर दे, इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता।

ISIS से मुक्त हुई यज़ीदी लड़कियाँ, जलाए बुरखे; ISIS लक्षण है, बीमारी नहीं

अपना बुरखा उतार कर जलाते हुए इस यज़ीदी युवती के चेहरे पर जो राहत, जो catharsis दिख रही है, वह इंसानी सभ्यता के लिए शर्मिंदगी का सबब है।

‘इस्लामोफोबिया’ और मल्टीकल्चरलिज़्म के मुखौटे के पीछे छिपी कड़वी सच्चाई है न्यूज़ीलैंड का नरसंहार

विकसित देशों में इमीग्रेशन आज एक बड़ी समस्या बन चुका है। किसी देश में बाहर से आकर बसने वाले अपने साथ अपनी संस्कृति, खानपान, भाषा, पहनावा, उपासना पद्धति और रहन सहन का हर वो तरीका लेकर आते हैं जो उस देश से भिन्न होता है जहाँ वे जाते हैं।

क्राइस्टचर्च में 50 लोगों की जान लेने वाला हेडमास्टर का बेटा नहीं, उसे कहिए आतंकी: वामपंथी मीडिया गिरोह

सत्य यही है कि बंदूक लेकर टहलने वाले किसी भी बाप, बेटे, दामाद या जीजा को सिर्फ इसलिए जस्टिफाय नहीं किया जा सकता क्योंकि उसकी बिटिया आठ साल की है जिसे सफ़ेद कबूतरों का उड़ना देखना अच्छा लगता है।

भारत के सोलर और वृक्षारोपण से धरती पर बढ़ी हरियाली, ट्रम्प अपना ठेंगा रख सकते हैं अपने पास

भारत आज पेड़ लगाने के मामले में विश्व के सभी रिकॉर्ड तोड़ रहा है। केवल 24 घंटों में ही भारत में 5 करोड़ पेड़ लगाए जाते हैं। हाल ही में NASA की रिसर्च और नेचर सस्टेनेबिलिटी में छपे लेख के अनुसार आज के समय की तस्वीर और 1990 के मध्य के समय की तस्वीर को साथ देखा गया

आचार संहिता उल्लंघन के नाम पर चुनाव चिह्नों के इस्तेमाल पर रोक की बात हास्यास्पद

चुनाव आयोग में एक अजीबो-गरीब शिक़ायत आंध्र प्रदेश में चित्तूर ज़िले से की गई है जहाँ रामाकुप्पम मंडल में तेलगू देशम पार्टी (TDP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि हर सरकारी दफ़्तर से जल्द से जल्द छत वाले पंखे हटवाए जाएँ।

30 साल में यह पहला ऐसा चुनाव है, जब PM के अलावा कोई और PM का उम्मीदवार नहीं

ऐसे में सिर्फ एक व्यक्ति बचता है जो अभी प्रधानमंत्री है, और आगे भी हर हाल में प्रधानमंत्री बनना चाहता है। जिसके पास न अब सत्ता और षड्यंत्रों के अनुभवों की कमी है, न संसाधनों की, न समर्थकों की, न ऊर्जा की, न मुद्दों की और न ही दिलेरी की।

नेहरू ने जिस ड्रैगन को दूध पिलाया, आज वह भारत पर ही आग उगल रहा है

नेहरू ने सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता ठुकरा कर 'दोस्त' चीन का नाम सुझाया। सेनाधिकारियों ने चीन के मंसूबे बताए तो उल्टा उन्हें ही झिड़क दिया। अंबेडकर की बातों को नज़रअंदाज़ किया। सरदार पटेल की राय भी नहीं मानी। आज भारत उसके दंश झेल रहा।

राहुल और हथियार दलाल के ख़ुलासे को बौखलाए मीडिया गिरोह ने दबाया, चलाई बेकार और बकवास ख़बरें, देखें सैम्पल

भाजपा के ग्राम प्रधान के साले के ससुर के किसी बयान को उठा कर भाजपा के झूठ के रूप में प्रचारित कर एक-एक घंटे का शो कर लेने वाली तथाकथित पत्रकारों की इस जमात ने राहुल-भंडारी कनेक्शन पर आँखें मूँद ली। इन्हे साँप सूंघ गया।

एंटी-बिहारी-यूपी भाषण देकर आपने तालियाँ बटोरी लेकिन यह कॉन्ग्रेस की कब्र खोद डालेगी राहुल G

राहुल गाँधी की दादी से लेकर पिताजी तक के राजनीतिक दंभ को बिहार और यूपी ने ही चकनाचूर किया है। लेकिन विदेशी पढ़ाई के कारण शायद राहुल को इन ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी नहीं होगी। सामाजिक समस्याओं का राजनीतिकरण शाह बानो की तरह कहीं कॉन्ग्रेस की कब्र न खोद दे इस बार!

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