प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 1947 से पहले की पीढ़ी को राष्ट्र के लिए बलिदान देने का मौका मिला था, हमारी पीढ़ी को राष्ट्र के निर्माण में लगने और जीने का मौका मिला है।
बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10वीं बार स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया। इस पारंपरिक संबोधन के जरिए ही उन्होंने 2024 की लड़ाई की लकीर भी खींच दी है।
महादलित श्रीकांत पासवान के अंतिम संस्कार पर बवाल करने वालों के नाम पुलिस ने नहीं बताए हैं। विरोध करने वाले लोगों की पहचान 'अन्य समुदाय' के तौर पर सोशल मीडिया में बताई है।
सरकार ने अभ्युदय कोचिंग निःशुल्क प्रारम्भ की ताकि छात्र किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में अपनी बेहतर तैयारी कर सकें। 70,000 से अधिक ई-पेज का कंटेंट ऑनलाइन पोर्टल पर चढ़ाया जा चुका है।
प्रधानमंत्री और पत्नी को लेकर लालू प्रसाद यादव का ताजा बयान उनका चुटीला अंदाज नहीं। उनका अनुभव है। उनके वे राजनीतिक प्रयोग हैं जो उन्होंने परिवार के नाम पर किए हैं।