भारत सहित दुनिया के लोकतंत्रों को सबसे बड़ा खतरा इस समय चीन की अधिनायकवादी व्यवस्था से नहीं बल्कि अपने ही भीतर बसे इन तत्वों से है जो सड़कों पर आकर भीड़ की लाठी से देश को हाँकना चाहते हैं।
आप किसी साधु की तस्वीर डालते हैं। ट्विटर-फेसबुक उसे कट्टर बताते हुए सेंसर कर दें। आप वेद-पुराणों से उद्धरण डालते हैं। उन्हें अन्धविश्वास की केटेगरी में रख दिया जाए। खुश मत होइए, भारत में ये दिन जल्द ही देखने को मिल सकता है।
कॉन्ग्रेस को शाहरुख याद नहीं है। लेकिन, जामिया में गोली चलाने वाले नाबालिग का चेहरा दिखाने से उसे गुरेज नहीं। क्यों? सिर्फ इसलिए कि वह नाबालिग एक हिंदू था।