राजनैतिक मुद्दे

कॉन्ग्रेस का कोढ़ है धर्मांतरण, रोकने को देर से बने कानून कितने दुरुस्त?

जिस विषय में संविधान निर्माताओं को 1949 से पता था, उस पर कानून बनाने में इतनी देर आखिर क्यों? नियम बनने शुरू भी हुए हैं तो क्या ये काफी हैं, या हमें बहुत देर से और बहुत थोड़ा देकर बहलाया जा रहा है?

नड्डा 100 दिन के दौरे पर, गाँधी परिवार छुट्टी पर: बाद में मत रोना कि EVM हैक हो गया…

कोरोना काल में भाजपा के अधिकतर कार्यकर्ताओं को सेवा कार्य में लगाया गया था। अब संगठन मजबूत किया जा रहा। गाँधी परिवार आराम फरमा रहा, रिसॉर्ट्स में।

‘मुस्लिमों ने मुस्लिम उम्मीदवारों और इस्लामी पार्टियों को कभी वोट नहीं दिया’ – आँकड़े और पटेल दोनों को झुठला रहे योगेंद्र यादव

योगेंद्र यादव ने कहा कि मुस्लिमों ने कभी भी मुस्लिम पार्टियों को वोट नहीं दिया और न ही अपने प्रतिनिधित्व के लिए मुस्लिम नेताओं का सहारा लिया।

जो भर्ती घोटाले का आरोपित, वही बना नीतीश का शिक्षा मंत्री, ऐसे में मुंगेर गोलीकांड की होगी जाँच? अनंत सिंह फिर बोलेंगे…

मेवालाल चौधरी को मंत्री बनाने वाली बिहार की जदयू सरकार मुंगेर में दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान हुए गोलीकांड की जाँच कराएगी?

बिहार को बढ़ना है तो धर्मांतरण, कट्टरपंथ और वामपंथ के कैंसर को हराना ही होगा…

बाढ़, बदहाली और बेरोजगारी की पहचान के साथ घिसट रहे बिहार के सामने असल चुनौती वामपंथ, कट्टरपंथ और ईसाई धर्मांतरण की है।

शिवाजी की प्रशंसा वाली किताब ‘शिवबवनी’ पर पाबंदी में गाँधी जी भूमिका: गोडसे Vs गाँधी की एक कहानी यह भी

52 छंदों का अमूल्य संग्रह ‘शिवबवनी’ जिसमें शिवाजी की प्रशंसा की गई है, गाँधी जी ने इस पर पाबंदी लगाने में भी अहम भूमिका निभाई।

नीतीश ‘हार’ कर भी पंजाब-महाराष्ट्र के कारण बने ‘विजेता’… लेकिन सोनिया का तो ‘चिराग’ ही बुझ गया

बिहार चुनाव में माँ-बेटे की कॉन्ग्रेस पार्टी 27 में से 8 सीटें गवाँ 19 में सिमट गई। वास्तव में बिहार के नए जनादेश ने यह संदेश दे दिया कि...

चंदा बाबू जैसों के डर का नाम है जंगलराज, आँकड़ों की लीपापोती से नहीं धुलेगा लालू का ये दाग

जंगलराज जैसे नाम आँकड़ों पर नहीं, लोगों के भीतर अपराध को ले कर जगे डर के कारण मिलते हैं। जब पुलिस केस दर्ज न करे, केस दर्ज करने पर आपकी हालत चंदा बाबू जैसी हो जाए, तो वो डेटा में नहीं लिखा जाता।

नीतीश को बिहार का सीएम बनाने के पीछे भाजपा की कौन-सी मजबूरी है?

कहा जाता है कि भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा के पास भाजपा बिहार के नेता यह समस्या ले कर गए थे कि नीतीश को मुख्यमंत्री न बनाया जाए। नड्डा ने विचार करने के बाद अमित शाह से चर्चा की, अमित शाह भी सहमत दिखे। फिर बात....

बिहार ने जातिवादी राजनीति का खेल खेलने वालों की कब्र खोदी, मगर वाम आतंकियों का मजबूत होना चिंताजनक

आखिर अस्सी-नब्बे के दशक में जो लोगों को अपने उपनाम छुपाने पड़े थे, वो किसे याद नहीं? एक कथित सेक्युलर चैनल के ईनामी पत्रकार भी तो अपना नाम 'कुमार' तक ही बताते हैं, पूरा नाम नहीं बताते ना? क्यों छुपाना पड़ा था, ये याद तो आता है!

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