राजनैतिक मुद्दे

सीताराम को बाथरूम में किया बंद, सिंधिया को नहीं दिया समय: सोनिया गाँधी ने ‘यूज एंड थ्रो’ से 22 साल चलाया कॉन्ग्रेस

सोनिया गाँधी फ़िलहाल कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष हैं। उनके कार्यकाल में कॉन्ग्रेस के कई बड़े नेताओं को किनारे लगाया गया। जानिए कैसे...ये परंपरा यूँ तो इससे भी पुरानी है, लेकिन तब नेहरू, इंदिरा और राजीव के लिए ऐसा होता था, उसके बाद सोनिया और अब राहुल के लिए यही हो रहा है।

किसानों का ‘भारत बंद’: यह शाहीन बाग मॉडल का ही बदला रूप है, आखिर क्यों सरकार को इसे देशद्रोह मानना चाहिए

हम मोदी सरकार के पिछले 6 वर्षों को याद करें तो इस दौरान कई ऐसी परिस्थितियाँ सामने आई, जिसे फर्जी तरीके से गढ़ा गया था। चाहे वो राफेल रोना होना हो या जज लोया की मौत और उसके साथ लगाए गए झूठे इल्जाम। इतना ही नहीं....

तीस हजार बाबरी बाकी है, और हम उसे ले कर रहेंगे

हर राष्ट्र में कानून बहुसंख्यकों के हिसाब से होता है और अल्पसंख्यकों को उसी दायरे के अनुकूल बनना पड़ता है। यहाँ हमेशा उल्टा होता आया है क्योंकि सर्वसमावेशन और सहिष्णुता की बात सिर्फ हिन्दुओं की ही जिम्मेदारी बन गई है।

रोशनी एक्ट मतलब जम्मू का ‘इस्लामीकरण’: रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारत में बसाने की साजिश

रोशनी एक्ट को असंवैधानिक घोषित कर दिया गया। इस भूमि घोटाले और जम्मू संभाग के इस्लामीकरण की जेहादी साजिश की जाँच CBI को...

प्यारे हिन्दुओ! बच्चों को सिखाना कि 400 साल पहले कुछ आतंकियों ने हमारे मंदिर पर पूरी मस्जिद ही रख दी थी

बाबरी मस्जिद में किसी ने मूर्तियाँ रखी तो इतिहास और भूगोल गिन रहे हो, अयोध्या में राम जन्मभूमि पर कोई पूरी मस्जिद रख गया, उसका क्या?

अब ‘नए जिन्ना’ के साथ खुल कर ‘इलू-इलू’ करेंगे ‘कार वाले साहब’? GHMC चुनाव के बाद BJP के लिए खुला दक्षिण का रास्ता

हैदराबाद निकाय चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया है कि हिंदी पट्टी से बाहर निकल कर उत्तर-पूर्व में दबदबा बनाने वाली बीजेपी अब बंगाल और दक्षिण में एंट्री ले रही है।

हैदराबाद में केवल ओवैसी को घेरने गई है BJP या कोई और है निशाना: नड्डा, योगी और शाह के उतरने का कुछ अलग ही...

हैदराबाद के सहारे भाजपा को दक्षिण में मिलेगी एंट्री? GHMC के चुनाव में भाजपा ने नड्डा, योगी और शाह को क्यों उतारा? समझिए, इस दिलचस्प चुनाव का पूरा गणित।

कॉन्ग्रेस का कोढ़ है धर्मांतरण, रोकने को देर से बने कानून कितने दुरुस्त?

जिस विषय में संविधान निर्माताओं को 1949 से पता था, उस पर कानून बनाने में इतनी देर आखिर क्यों? नियम बनने शुरू भी हुए हैं तो क्या ये काफी हैं, या हमें बहुत देर से और बहुत थोड़ा देकर बहलाया जा रहा है?

नड्डा 100 दिन के दौरे पर, गाँधी परिवार छुट्टी पर: बाद में मत रोना कि EVM हैक हो गया…

कोरोना काल में भाजपा के अधिकतर कार्यकर्ताओं को सेवा कार्य में लगाया गया था। अब संगठन मजबूत किया जा रहा। गाँधी परिवार आराम फरमा रहा, रिसॉर्ट्स में।

‘मुस्लिमों ने मुस्लिम उम्मीदवारों और इस्लामी पार्टियों को कभी वोट नहीं दिया’ – आँकड़े और पटेल दोनों को झुठला रहे योगेंद्र यादव

योगेंद्र यादव ने कहा कि मुस्लिमों ने कभी भी मुस्लिम पार्टियों को वोट नहीं दिया और न ही अपने प्रतिनिधित्व के लिए मुस्लिम नेताओं का सहारा लिया।

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