इन चुनावों में राजीव गाँधी यकायक मुद्दा बन गए- चुनावी भी, चर्चा का भी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भ्रष्टाचारी कहा, शेखर गुप्ता ने ‘डैशिंग, बाल-बच्चों वाला, युवा प्रधानमंत्री’, और सैम पित्रोदा के अनुसार उनकी जिंदगी में अर्थ ही राजीव गाँधी के भारत में कंधे पर कम्प्यूटर ढो कर लाने से आया।
इससे भी ज्यादा बीबीसी ने प्रियंका की तारीफ़ों के पुल बांधे हैं। प्रियंका ने आज तक अपनी लोकप्रियता साबित नहीं की है, एक भी चुनाव नहीं जीता है, अपनी देखरेख में पार्टी को भी एक भी चुनाव नहीं जितवाया है, फिर भी बीबीसी उन्हें चमत्कारिक और लोकप्रिय बताता है।
मंत्री मोहिंद्रा ने सिद्धू पर पीठ में छुरा घोपने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह बेवक़्त बयान देते जा रहे हैं। उन्होंने सिद्धू के बारे में कहा कि वो सिर्फ़ 2 सालों से ही कॉन्ग्रेस में हैं और अपना नियम झाड़ते हुए अपना अजेंडा लागू करना चाह रहे हैं।
"ये अधिकारीगण मायावती से शिष्टाचार मुलाक़ात के लिए पहुँच रहे हैं। इनमें से अधिकतर ऐसे हैं, जिन्होंने उनके मुख्यमंत्रित्व काल में काम किया था। इनमें से कुछ का सम्बन्ध बहुजन समाज से है। ये अधिकारी बहन जी को मौजूदा स्थितियों से अवगत भी करा रहे हैं।"
अमर पटनायक ने कहा कि उनकी पार्टी उस दल या गठबंधन को समर्थन दे सकती है, जो केंद्र में सरकार बनाएगी और उनके राज्य की भलाई के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा क वो उस पार्टी के साथ गठबंधन करेंगे, जो राज्य की पुरानी माँगों और विवादित मुद्दों को निपटाएगी।
जानिए राज्य-वार सीटों के आँकड़ें, जिससे यह पता लग सके कि बीजेपी को किस राज्य में कितनी सीटें मिलने की उम्मीद है। एक्सिस एग्जिट पोल के अनुसार गुजरात, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा और राजस्थान में...
राजीव गाँधी की हत्या मामले के षड्यंत्रकारियों के खिलाफ टाडा एक्ट के तहत मुकदमा चला था। सभी 26 आरोपियों को चेन्नै की टाडा अदालत ने 1998 में मृत्युदंड दिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट में केवल चार मुख्य आरोपियों के लिए मृत्युदंड कायम रखा गया।
शरद पवार ने चंद्रबाबू नायडू से बैठक के दौरान उन्हें झटका दिया। नायडू ने राहुल गाँधी, सीताराम येचुरी, अरविन्द केजरीवाल और अभिसेक सिंघवी से मुलाक़ात की है। वह सोनिया और ममता से भी मिलेंगे।उधर मायावती ने सोनिया गाँधी से मुलाक़ात रद्द कर दी है।
"अगर चुनाव परिणाम एग्जिट पोल की तरह ही आते हैं, तो इसका मतलब पिछले साल तीन राज्यों के विधानसभा के चुनाव में कॉन्ग्रेस जहाँ-जहाँ जीती थी, वह एक साजिश थी। तीन राज्यों में कॉन्ग्रेस की जीत के साथ ये भरोसा दिलाने की कोशिश की गई कि ईवीएम सही है।"
नीलसन के निदेशक ने यह बताया कि वह मान कर चल रहे थे कि भाजपा का वोट शेयर बढ़ने वाला है ही नहीं- इसलिए उन्होंने उन सभी लोगों के जवाबों को ख़ारिज कर दिया, जिन्होंने यह कहा कि उन्होंने पिछली बार तो भाजपा को वोट नहीं दिया था मगर इस बार दे रहे हैं।