पुलिस ने इन्हें रुकने का इशारा किया तो बाइक सवारों ने गोलियाँ बरसानी शुरू कर दी। पुलिस ने बार-बार चारों को सरेंडर करने के लिए कहा पर उन्होंने गोलियाँ बरसानी जारी रखीं।
अस्पताल के अन्य स्टाफ अब्बासुद्दीन की हरकत से खफा हो गए। उन्होंने मामले की तहरीर में पुलिस में दी है। आरोपित पर कड़ी कार्रवाई न होने पर उन्होंने काम बंद करने की चेतावनी भी दी है।
रात को बच्ची को CT स्कैन के लिए ले जाया गया। इसके थोड़ी देर बाद ही लड़की को रोती हुई वहाँ से बाहर आते हुए देखा गया। लड़की ने एक अन्य मरीज के परिजनों से मदद माँगी।
पंजाब में उग्रवाद तब भी अपने चरम पर रहा। वहाँ जून 1987 में राष्ट्रपति शासन की घोषणा करनी पड़ी जो फरवरी 1992 तक रहा। 1990 के दशक में सिख आतंकवादियों ने पुलिसकर्मियों और नेताओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया।